Category: Political News

Read the latest political news, election updates and in-depth reports from India and around the world. Stay informed with coverage on government policies, political parties, leaders, parliament, elections, public issues and major political developments, only on Indian FastTrack.

  • ‘इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा, चाहे कोई…’- सुप्रीम कोर्ट

    ‘इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा, चाहे कोई…’- सुप्रीम कोर्ट

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि जेपीसी ने बताया कि ट्राइबल एरिया में रहने वाले मुस्लिम बाकी हिस्सों में रहने वाले मुसलमानों की तरह इस्लाम का पालन नहीं करते।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    वक्फ संशोधन कानून, 2025 के विरोध में दाखिल याचिकाओं पर गुरुवार (22 मई, 2025) को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने बेहद अहम टिप्पणी की है। जस्टिस मसीह ने कहा कि कोई कहीं भी रहे इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा। जज ने केंद्र की उस दलील पर यह बात कही, जिसमें कहा गया कि ट्राइबल एरिया में रहने वाला अनुसूचित जनजाति का मुस्लिम समुदाय इस्लाम का उस तरह पालन नहीं करता है, जैसे देश के बाकी हिस्सों में पालन किया जाता है। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    लगातार हो रही है सुनवाई

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच लगातार तीन दिन से वक्फ कानून मामले की सुनवाई कर रही है। तीसरे दिन की सुनवाई में केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नए कानून के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के मुस्लिम समुदाय के लोगों की जमीनों को संरक्षण देना सही है। उन्होंने कहा कि ट्राइबल एरिया में रहने वाले अनुसूचित वर्ग के लोगों को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है, जो वैध कारणों से उन्हें मिला है। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    ST मुसलमानों को लेकर केंद्र की दलील

    एसजी तुषार मेहता ने कहा, “वक्फ का मतलब होता है खुदा के लिए स्थाई समर्पण। मान लीजिए मैंने अपनी जमीन बेची और पाया गया कि अनुसूचित जनजाति (ST) के शख्स के साथ धोखा हुआ है तो इस मामले में जमीन वापस की जा सकती है, लेकिन वक्फ अपरिवर्तनीय है।” उन्होंने बताया कि “जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) का कहना है कि इन ट्राइबल एरिया में रहने वाले मुस्लिम, देश के बाकी हिस्सों में रह रहे मुसलमानों की तरह इस्लाम का पालन नहीं करते हैं, उनकी अपनी सांस्कृतिक पहचान है।” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    इस्लाम पर अहम टिप्पणी

    एसजी तुषार मेहता की इस दलील पर जस्टिस एजी मसीह ने कहा, “इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा। कोई कहीं भी रहे धर्म एक ही है। अलग-अलग हिस्सों में रहने वालों की सांस्कृतिक प्रथाओं में अंतर हो सकता है।” इस पर एसजी मेहता ने कहा, “मैं बस पूछ रहा हूं कि क्या कानून पर रोक लगाने का यह कोई आधार हो सकता है?” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    वक्फ के नाम पर हड़पी जा रही जमीनें- तुषार मेहता

    सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि ट्राइबल संगठनों ने दलील दी है कि उनको प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी जमीन वक्फ के नाम पर हड़पी जा रही हैं। तुषार मेहता ने कोर्ट से सवाल करते हुए कहा, कि “क्या यह पूरी तरह से असंवैधानिक नहीं है?” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    मंगलवार से नए सीजेआई बी आर गवई की बेंच ने वक्फ संशोधन कानून को चुनौती देने के लिए दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की है। इससे पहले पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना इस मामले को देख रहे थे, लेकिन रिटायरमेंट से पहले उन्होंने मामला जस्टिस बी आर गवई की बेंच को ट्रांसफर कर दिया। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

  • Maharashtra: अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर टोल नहीं वसूला जाएगा। एक्सप्रेस हाईवे और समृद्धि महामार्ग सब फ्री

    Maharashtra: अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर टोल नहीं वसूला जाएगा। एक्सप्रेस हाईवे और समृद्धि महामार्ग सब फ्री

    महाराष्ट्र ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति पेश की गई है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर इलेक्ट्रिक कारों और बसों को टोल में 100% छूट मिलेगी। राज्य सरकार राजमार्गों पर हर 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन बनाएगी। भारी डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए सब्सिडी देगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025 की घोषणा कर दी है। इसके तहत मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग और अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक कारों व ई-बसेस को आगामी 5 वर्षों के लिए 100% टोल माफी का ऐलान कर दिया गया है। जल्द ही राज्य के सभी सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) अंतर्गत हाइवे पर भी टोल माफी लागू कर दी जाएगी। Maharashtra: Now toll will not be charged on electric vehicles. Express Highway and Samruddhi Highway all free

    महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी जीआर में कहा गया है कि टोल माफी की राशि को परिवहन विभाग PWD को पूरक प्रावधानों के माध्यम से कर देगा। यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित संचालन समिति द्वारा लिया जाएगा।

    चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण

    मुंबई-पुणे और मुंबई-नागपुर रूट पर लागू सरकार की योजना के तहत राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर 25 किमी पर एक EV चार्जिंग स्टेशन बनाना अनिवार्य किया गया है। सभी मौजूदा और नए पेट्रोल पंपों पर कम से कम एक EV चार्जिंग सुविधा होगी। इसके लिए तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और परिवहन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) किया जाएगा। एसटी के प्रत्येक बस डिपो और स्टेशन पर भी फास्ट चार्जिंग सुविधा अनिवार्य की जाएगी। यह नीति मुंबई-पुणे और मुंबई-नागपुर मार्गों के बीच सतत परिवहन मॉडल को भी प्रोत्साहित करेगी।

    इलैक्ट्रिक वाहन में तब्दील के लिए मिलेगी सब्सिडी

    नई नीति में ट्रक, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, निर्माण कार्य में उपयोग होने वाले जटिल वाहन, एंबुलेंस और कचरा परिवहन के वाहनों को भी शामिल किया गया है। इन वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए राज्य सरकार विशेष सब्सिडी प्रदान करेगी, क्योंकि ये वाहन सामान्य कारों की तुलना में 67 गुना अधिक प्रदूषण करते हैं। Maharashtra: Now toll will not be charged on electric vehicles. Express Highway and Samruddhi Highway all free

  • गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    Mumbai-BMC-cm-devendrafadnavis
    मनपा मुख्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की फाइल तस्वीर
    • मनपा आर/दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त मनीष सालवे भ्रष्टाचार में लिप्त
    • मनपा नियमों का हो रहा चीर हरण
    • मनपा नियमों की धज्जियां उड़ाने पर अमादा है जिम्मेदार अधिकारी

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किया है कि मुंबई में अब और गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा। गैरकानूनी बांधकाम के भरमार के कारण मुंबईकर जीवनोपयोगी सुविधाओं से वंचित होते हैं। लेकिन सुनता और मानता कौन है? मुख्यमंत्री का आदेश।

    जिम्मेदार अधिकारी

    कांदीवली बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/दक्षिण वार्ड के भ्रष्ट वार्ड ऑफिसर मनीष सालवे और पदनिर्देशित अधिकारी (D.O) अभय जगताप दौलत कमाने के लिए गैरकानूनी बांधकाम को संरक्षण दे रहे और उसके बदले लाखों रुपयों की वसूली हो रही है। आइए अवैध ठेकेदार जलील खान द्वारा किए जा रहे गैरकानूनी बांधकाम का जायजा लेते है।

    मनपा नियमों का चीर हरण

    कांदीवली पूर्व, सिंह ईस्टेट, रोड़ नंबर 3, नवजीवन सोसायटी ग्राउंड प्लस दो महले का कमर्शियल अवैध निर्माण

    हमने कांदिवली (पूर्व) स्थित सिंह ईस्टेट के रोड नंबर -३, में जैसे ही प्रवेश किया। नवजीवन सोसाइटी में ही ग्राउंड +२ (तीन मंजिला), के दो कमर्शियल गालों का गैरकानूनी तरीके से बांधकाम किया जा रहा है। यहां दिन के उजाले में अवैध निर्माण इतेने आराम से किया जा रहा है कि ठेकेदार को किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई दे रही है। यहां अवैध निर्माण को पूरा करने में आश्वस्त से लग रहे है मजदूर, मिस्त्री और ठेकेदार।

    भ्रष्टाचार में लिप्त

    ठेकेदार ने बताया कि आर/दक्षिण, वार्ड को वे लाखों रुपए दे चुके हैं। यहां तो एक ही फंडा चलता है, नोट दो गैरकानूनी बांधकाम करते रहो। उक्त गैरकानूनी बांधकाम का ठेकेदार है जलील खान। जिसके चेहरे पर जंग जीतने की खुशी झलक रही थी। ठेकेदार जलील खान मूंछों पर ताव देते हुए कहता है, कि “यहां का वार्ड और नेता उसके साथ है! कोई मेरी कितनी भी कंप्लेन करे, मेरा कुछ नहीं उखड़ेगा।” वाह..! मानना पडेगा गैरकानूनी बांधकाम करने वाले अवैध ठेकेदार जलील खान की हेकड़ी को। जिसके सामने वार्ड ऑफिसर मनीष सालवे या तो विवश हैं या उनकी जेबें गर्म हो चुकी हैं।

    BMC में 77% इंजीनियर पद खाली, उपमहापौर संजय घाड़ी ने मांगी तुरंत नियुक्ति

    डीएमसी पर भी उड़े छींटे

    सहायक अभियंता संतोष भेंडवडेकर ने बताया कि परिमंडल -७, के उपायुक्त (DMC) संजय कुर्हाडे बेहद प्रभावशाली अधिकारी हैं। जिनका सम्बंध राज्य के कई नेताओं से है। जिनका संरक्षण भी उन्हें प्राप्त है। यह भी ज्ञात हुआ कि अपने पद और पॉवर का नाजायज फायदा उठाते हुए उपायुक साहब ने सहायक आयुक्त मनीष सालवे और डी. ओ. अभय जगताप पर दबाव बनाकर गैरकानूनी बांधकाम कराते और संरक्षण देते हैं। लाखों में खेलते है।

    दंडात्मक कार्यवाही की पहल

    इस काले कारोबार में सहायक आयुक्त और डी. ओ. लिप्त। ये दोनों भी भ्रष्टाचार के माध्यम से खुद भी मालामाल हो रहे हैं। राज्य के मुखिया से हमारी मांग है कि निष्पक्ष पारदर्शी जांच पूरे मुंबई शहर में कराएं। अवैध बांधकाम की सूची बनवाएं। गैरकानूनी बांधकाम पर तोड़क कार्रवाई करें साथ ही भूमाफियों और ठेकेदारों को कानूनी ढंग से दंडित करने की पहल करें।

  • BJP Government: बीजेपी सरकार के विकास का मॉडल।

    BJP Government: बीजेपी सरकार के विकास का मॉडल।

    • जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास
    • अनपढ़ जनता, अनपढ़ सरकार
    • जनता को शराबी बनाकर तिजोरी भरने का इंतजाम
    • 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का ऐतिहासिक फैसला

    डिजिटल डेस्क
    BJP Government:
    छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को झूठे भ्रष्टाचार में फंसाकर सत्ता का खेल खेलने वाली बीजेपी जब सत्ता में आई तो राज्य को विकसित करने का उसका नजरिया भी सामने आने लगा है। यहां जनता को शराबी बनाकर अपनी तिजोरी भरने का पुख्ता इंतजाम कर लिया है।

    सरकार ने 67 शराब की नई दुकानें खोलकर जनता को नशा मुक्त बनाने में लगी है। नशा यानी जीवन। जीवन से मुक्ति दिलाने के लिए शराब का सहारा ले रही है। अब जनता शराब पीकर मदमस्त रहा करेगी। उसे मंहगाई बेरोजगारी और शिक्षा की चौपट की जा रही व्यवस्था नहीं दिखेगी। छत्तीसगढ़ के विकास रचने के लिए अब 741 सरकारी शराब के ठेके चलेंगे। जिसकी कमाई से सरकार मनमाने ढंग से राजसी जिंदगी जीने की व्यवस्था कर लेगी।

    “मराठी में बोलो तो ही पैसे देंगे”, मुंबई में ग्राहक ने पिज्जा डिलीवरी बॉय से किया भाषा को लेकर विवाद: देखें VIDEO

    कभी विधायकों के वेतन तो कभी भत्ते में बढ़ोत्तरी करके खुशी मनाएंगे विधायक। और चाहिए ही क्या उन्हें?
    बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि गरीब निम्न मध्यम वर्ग पढ़े लिखे क्योंकि शिक्षा का व्यापारीकरण कर चुकी पार्टी की सरकार जानती है कि गरीब और निम्न वर्ग पढ़ लिख लेगा तो गुलाम बनने से इनकार कर सरकार से रोजगार और अन्य अधिकार मांगने लगेगा।

    इसलिए न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी की कहावत को चरितार्थ करने के लिए 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का बीजेपी राज्यसरकार ने फैसला कर लिया है। ऐसा ऐतिहासिक फैसला करने का दुस्साहस केवल बीजेपी सरकार ही कर सकती है। इतनी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद करने से सरकार का खजाना भरा रहेगा। क्योंकि तब 35000 शिक्षकों को वेतन देने ही नहीं होंगे। यानी सरकार तीन का एक करके शिक्षक पदों को ही नहीं प्रधानाध्यापकों के पद भी खत्म कर देगी।

    पहलगाम हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन

    इस तरह से सरकार अरबों रुपए खर्च करने से पैसे बचा लेगी। क्योंकि बीजेपी नहीं चाहती कि लोग पढ़ें। वह तो जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास करती है। अनपढ़ जनता रहेगी तो ही अनपढ़ लोगों की सरकार दौड़ेगी। बीजेपी को सिर्फ सरकार चलानी है जनता की सेवा नहीं। इसीलिए बीजेपी शिक्षित लोगों को शहरी नक्सली कहती हैं कि वे जनता के अधिकार मांगते हैं। ऐसे लोग सरकार की आंखों में बहुत चुभते हैं जो सरकार के नकारेपन को सार्वजनिक करे।

  • पहलगाम आतंकियों की सूचना देने वाले को शिवसेना देगी 10 लाख रुपये- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

    पहलगाम आतंकियों की सूचना देने वाले को शिवसेना देगी 10 लाख रुपये- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

    Shiv Sena Reward on Pahalgam Attackers: पहलगाम आतंकी हमलावरों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 20 लाख रुपये की ईनामी घोषणा की है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना की ओर से अतिरिक्त 10 लाख रुपये की ईनामी घोषणा की गई है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना की ओर से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमलों के आतंकवादियों की सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये का अतिरिक्त इनाम देने की घोषित की है। इसके पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इन आतंकियों पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

    किसने किया ऐलान?

    शिवसेना के अनुसार पार्टी ने यह कदम आतंकवाद के खिलाफ़ एक कड़ा रुख अपनाते हुए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में किया है। पार्टी के युवा नेता राहुल कनाल ने इस इनामी राशि की घोषणा की है। शिवसेना के युवा नेता राहुल कनाल कुछ समय पहले कुणाल कामरा कंट्रोवर्सी मामले से चर्चे में आए हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ बयानबाज़ी को लेकर उन्होंने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ उस स्टूडियो को तोड़ दिया था। जिसमें कुणाल कमारा ने शिंदे पर कटाक्ष करने वाले वीडियो शूट किया था। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। राहुल एन कनाल शिवसेना के सोशल मीडिया प्रभारी होने के साथ यूथ विंग युवा सेना के महासचिव हैं।

    शिवसेना ने दी यह दलील

    राहुल कनाल के अनुसार यह घोषणा जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा तीन संदिग्धों की तस्वीरें जारी करने के जवाब में की गई है, जिसके लिए पुलिस ने 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। एकनाथ शिंदे ने कहा, कि हम आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ़ मजबूती से खड़े हैं। हम नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे ऐसी कोई भी जानकारी लेकर आगे आएं, जिससे इन अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने में मदद मिल सके। शिवसेना के अनुसार इनामी राशि में इज़ाफा करके, हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और पीड़ितों और उनके परिवारों को जल्द न्याय मिले।

    शिवसेना ने जारी किए नंबर

    पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक महाराष्ट्र से थे। शिवसेना की पहल का उद्देश्य संदिग्धों को पकड़ने में जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रयासों का समर्थन करना है। पहलगाम हमले के बाद खुद डिप्टी सीएम शिंदे श्रीनगर पहुंचे थे। वहां उन्होंने महाराष्ट्र के घायल टूरिस्ट सुबोध पाटिल से मुलाकात की थी। इसके साथ पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया था। शिवसेना ने अब कुछ मोबाइल नंबर जारी करके कहा है कि हम जनता से अपील करते हैं कि वे इस अवसर का उपयोग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में योगदान देने और हमारे राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए करें।

  • भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

    भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

    महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के साथ अगले कुछ समय में नगरपालिका चुनाव होने जा रहे है। इस बीच बीजेपी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष घोषित कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिलाध्यक्ष के लिए उत्तर भारतीय लोगों को किनारे रखने की योजना बीजेपी के लिए कितना कारगर साबित होती है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में नगरपालिका और पंचायती चुनाव की तैयारियां जोर शोर से हो रही है। कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र चुनाव आयोग से चार सप्ताह के भीतर राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसी के मद्देनजर सियासी दलों ने चुनाव को लेकर तैयारी करनी शुरू कर दी है। चुनाव की सियासी तपिश के बीच भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में अपने जिला संगठन को नए सिरे से दुरुस्त कर रही है। लेकिन इस लिस्ट में उत्तर भारतीयों को शामिल नहीं किया गया है।

    नुकसान का खतरा

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपने जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की है। बीजेपी ने महाराष्ट्र के 78 जिलों में से 58 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया जबकि 20 जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी। बीजेपी ने 58 जिलाध्यक्षों में से 19 पुराने नेताओं को फिर से मौका दिया जबकि 39 नए चेहरों को जिले की कमान सौंपी है। इसमें बीजेपी ने किसी भी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष की कमान नहीं दी। ऐसे में उत्तर भारतीयों को इग्नोर करने को लेकर बीएमसी चुनाव में नुकसान होने का डर सताने लगा है।

    भाजपा जिलाध्यक्षों की नई लिस्ट

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव होने की उम्मीद जगी है। मुंबई में बीएमसी चुनाव भी होने है। ऐसे में बीजेपी ने अपने जिन 58 जिलाध्यक्ष की घोषणा की है, उसमें मुंबई रीजन के छह जिलों में से तीन जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं और तीन जिले को पेंडिंग रखा गया है। कोंकण इलाके के कुल 14 जिलाध्यक्ष हैं, जिसमें 12 के नाम घोषित किए हैं। इसमें 5 नेताओं को फिर से मौका मिला है जबकि 2 जिलाध्यक्षों के बारे में पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया।

    पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र के 13 जिलों में से बीजेपी ने 11 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया। इन 11 में से 4 जिलाध्यक्ष पुराने नेताओं में से बनाए गए हैं, जबकि दो जिलाध्यक्षों के नाम घोषित नहीं किए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के विदर्भ के कुल 19 जिलाध्यक्षों में से 15 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें दो पुराने चेहरों पर भरोसा जताया बाकी नए लोगों को शामिल किया गया है।

    उत्तर भारतीय को किया इग्नोर

    बीजेपी ने उत्तर महाराष्ट्र इलाके के 12 जिलों में से 9 जिलाध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया। नासिक जिले में विवाद के चलते अध्यक्ष की घोषणा नहीं हुई है। उत्तर महाराष्ट्र के 4 जिलाध्यक्षों को दोबारा से मौका दिया गया है। मराठवाड़ा इलाके के 15 जिलों में से 8 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए गए हैं। जिसमें तीन पुराने चेहरों को कमान सौंपी गई है जबकि 7 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान नहीं हो सका है।

    मुंबई का हाल

    मुंबई के बीएमसी चुनाव होने हैं, जिसके चलते बीजेपी ने मुंबई रीजन की ज्यादातर जिलों में बीजेपी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने उत्तर मुंबई से दीपक तावडे और उत्तर मध्य से विरेंद्र म्हात्रे का नाम घोषित किया जबकि उत्तर पूर्व मुंबई से दीपक दलवी को फिर से अवसर दिया गया है। बीजेपी ने दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिला अध्यक्ष के नाम घोषित नहीं किए हैं।

    क्या कहते हैं कार्यकर्ता ?

    बीजेपी ने मुंबई के छह जिलों में से तीन जिले के अध्यक्ष बनाए हैं, उसमें किसी भी उत्तर भारतीय नेता का नाम शामिल नहीं है। इस तरह से बीजेपी ने किसी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया है। हालांकि, दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिलाध्यक्षों की घोषणा पार्टी ने नहीं की है, ऐसे में दक्षिण मुंबई और दक्षिण मध्य मुंबई जिले से उत्तर भारतीय अध्यक्ष देने की संभावना कम ही है, लेकिन उत्तर पश्चिम मुंबई से बीजेपी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष बना सकती है। ऐसा भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है।

    दूसरी लिस्ट पर नजर

    उत्तर भारतीय समाज की पैनी नजर बीजेपी के दूसरी जिलाध्यक्षों की लिस्ट पर टिकी है। बीजेपी अगर किसी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया तो बीएमसी चुनाव में उत्तर भारतीय की नारजगी देखने को मिल सकती है। उत्तर भारतीय वोटों की नाराजगी महानगरपालिका के चुनाव में बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों समेत बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग मुंबई में रहते हैं और इनके वोट बैंक बीजेपी के लिए हमेशा से फायदेमंद रहा है।

    मुंबई में कितने है उत्तर भारतीय वोटर्स ?

    मुंबई में करीब 30 लाख उत्तर भारतीय वोटर्स हैं। 2024 के चुनाव में मुंबई में दोनों ही गठबंधनों से 14 उम्मीदवार उत्तर भारतीय मैदान में उतरे थे, जिनमें से 6 विधायक बनने में कामयाब रहे। कलीना, कुर्ला, दहिसर, चारकोप, कांदिवली-ईस्ट, बोरीवली, मागाठणे, वर्सोवा, गोरेगांव, दिंडोशी, जोगेश्वरी-पूर्व और अंधेरी ईस्ट इलाके में उत्तर भारतीय निर्णायक भूमिका अदा करते रहे हैं।

    उत्तर भारतीयों की भूमिका

    मुंबई से बाहर महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में भी बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय वोटर रहते हैं। नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण, पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, अकोला, औरंगाबाद इसमें शामिल हैं। यहां उत्तर भारतीयों के वोट नतीजों पर प्रभाव डालने वाली स्थिति में हैं। मुंबई की बीएमसी से लेकर पुणे, नागपुर, औरंगाबाद और ठाणे नगर निगम की सीटों पर उत्तर भारतीयों का प्रभाव रहा है। इस तरह मुंबई ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के अन्य कई शहरों में भी उत्तर भारतीय वोटर मुख्य भूमिका में हमेशा से रहे है।

  • भारत के वैज्ञानिक रोबोट सैनिकों का आविष्कार कर रहे हैं। फ्रंट लाइन में होंगे ये सैनिक

    भारत के वैज्ञानिक रोबोट सैनिकों का आविष्कार कर रहे हैं। फ्रंट लाइन में होंगे ये सैनिक

    Indian-scientists-are-inventing-robot-soldiers
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक सैन्य मिशनों के लिए मानव रोबोट पर काम कर रहे हैं ताकि सैनिकों के लिए जोखिम कम किया जा सके।

    नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक एक मानव रोबोट पर काम कर रहे हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, कि ये रोबोट अग्रिम कतार के सैन्य मिशन का हिस्सा हो सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि डीआरडीओ के तहत एक प्रमुख प्रयोगशाला, अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर्स) एक ऐसी मशीन विकसित कर रहे है, जो सीधे मानव आदेश के तहत जटिल कार्यों को अंजाम दे सकते हैं। जिसका उद्देश्य उच्च जोखिम वाले वातावरण में सैनिकों के जोखिम को कम करना है।

    जानकारी देते हुए, अनुसंधान एवं विकास (इंजीनियर्स) के अंतर्गत उन्नत रोबोटिक्स के लिए सिस्टम और प्रौद्योगिकी केंद्र के समूह निदेशक एस ई तलोले ने कहा कि टीम चार वर्षों से इस परियोजना में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमने ऊपरी और निचले शरीर के लिए अलग-अलग प्रोटोटाइप विकसित किए हैं और आंतरिक परीक्षणों के दौरान कुछ निश्चित कार्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है।”

    रोबोट कैसे काम करता है?

    उन्होंने आगे कहा कि यह मानवरूपी रोबोट जंगल जैसे कठिन इलाकों में भी काम करने में सक्षम होंगे। हाल ही में पुणे में आयोजित उन्नत लेग्ड रोबोटिक्स पर राष्ट्रीय कार्यशाला में रोबोट का प्रदर्शन किया गया। वर्तमान में अपने उन्नत विकास चरण में, टीम ऑपरेटर के आदेशों को समझने और निष्पादित करने की रोबोट की क्षमता को परिष्कृत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह प्रणाली तीन प्रमुख घटकों पर निर्भर करती है: एक्ट्यूएटर जो मानव मांसपेशियों की तरह गति उत्पन्न करते हैं, सेंसर जो आसपास से वास्तविक समय का डेटा एकत्र करते हैं, और नियंत्रण प्रणाली जो इस जानकारी की व्याख्या करके कार्यों का मार्गदर्शन करती है।

    कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?

    समूह निदेशक एस ई तलोले ने कहा, “सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि रोबोट वांछित कार्यों को सुचारू रूप से कर सके, जिसके लिए संतुलन, तेजी से डेटा प्रोसेसिंग और जमीनी स्तर पर निष्पादन में महारत हासिल करना आवश्यक है।” डिजाइन टीम का नेतृत्व करने वाली वैज्ञानिक किरण अकेला ने कहा कि शोधकर्ता इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि वे 2027 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    किन-किन कार्यों में उपयोग किया जा सकता है?

    डीआरडीओ अधिकारियों ने कहा कि पैरों वाले रोबोट, द्विपाद और चौपाया दोनों, रक्षा और सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा, घरेलू सहायता, अंतरिक्ष अन्वेषण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं प्रदान करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वायत्त, कुशल पैरों वाले रोबोट बनाने में महत्वपूर्ण तकनीकी बाधाएं आती हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि मानव जैसा दिखने वाले रोबोट के ऊपरी शरीर में गोलाकार घुमावदार संयुक्त विन्यास के साथ हल्के हाथ होंगे, जो 24 डिग्री की स्वतंत्रता प्रदान करेंगे – प्रत्येक हाथ में 7, ग्रिपर में 4 और सिर में 2.

    रोबोट की खासियत क्या होगी ?

    उन्होंने कहा कि रोबोट बंद लूप ग्रिपिंग के साथ जटिल स्वायत्त कार्यों को करने में सक्षम होंगे और वस्तुओं को मोड़ने, धकेलने, खींचने, दरवाजे खिसकाने, वाल्व खोलने और खासकर उच्च जोखिम वाले वातावरण में बाधाओं को दूर करने के लिए हेरफेर करेगा। दोनों हाथ खदानों, विस्फोटकों और तरल पदार्थों जैसी खतरनाक सामग्रियों को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करेंगे।

    यह प्रणाली दिन हो या रात, घर के अंदर या बाहर निर्बाध रूप से काम करेगी और इसमें प्रोप्रियोसेप्टिव और एक्सटेरोसेप्टिव सेंसर, डेटा फ्यूजन क्षमताएं, सामरिक संवेदन और ऑडियो-विजुअल धारणा शामिल होगी। मानव जैसा दिखने वाला यह द्विपाद गिरने और धक्का लगने पर रिकवरी, वास्तविक समय में मानचित्र निर्माण, स्वायत्त नेविगेशन और एक साथ स्थानीयकरण और मानचित्रण (SLAM) के माध्यम से पथ नियोजन जैसी विशेषताएं शामिल करेगा, जिससे यह चुनौतीपूर्ण, उच्च जोखिम वाले वातावरण में जटिल स्वायत्त संचालन करने में सक्षम होगा।

  • भारत के हमले के बाद पाकिस्तान में हुआ हलचल

    भारत के हमले के बाद पाकिस्तान में हुआ हलचल

    Pakistanis army viral image
    पाकिस्तानी सेना की वायरल तस्वीर

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सेना को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। पाकिस्तान के पंजाब मे आपातकाल की घोषणा। समिति ने कहा, “आतंकी शिविरों की मौजूदगी के बहाने भारत ने अनुचित हमला करते हुए जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया।”

    नई दिल्ली: भारत ने मंगलवार की देर रात “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तानी कश्मीर के हिस्सों में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और वहां बमबारी करते हुए तबाही मचा दी। इसके बाद से पाकिस्तानी हुकुमत भारत को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है। खबर के मुताबिक हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से कहा जा रहा है कि भारत के अनुचित हमलों ने जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप निर्दोष नागरिकों की शहादत हुई और मस्जिदों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

    भारत का ऑपरेशन सिंदूर

    जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद भारत ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर जवाबी हमला कर दिया। भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में हलचल मच गई है। अब खबर है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सेना को भारत के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, “भारत के हमलों के बाद पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को उचित कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।” हालांकि, अभी इस बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पाकिस्तान बोला- हमले का जवाब देने का अधिकार

    पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने कहा, “इन अनुचित हमलों ने जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप निर्दोष नागरिकों की शहादत हुई और मस्जिदों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के अनुरूप, पाकिस्तान को अपनी संप्रभुता के घोर उल्लंघन का बदला लेने के लिए चुने हुए समय, स्थान और तरीके से जवाब देने का अधिकार है। सशस्त्र बलों को इस संबंध में उचित कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।”

    पाकिस्तान के पंजाब में आपातकाल की घोषणा

    भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। पाकिस्तानी पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने ये ऐलान किया है। इस दौरान शेक्षणिक संस्थान भी बंद रहेंगे। सरकारी बयान के अनुसार, पंजाब पुलिस सहित सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और प्रशासनिक इकाइयों को सतर्क कर दिया गया है। सभी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने के आदेश जारी किए गए हैं।

    भारत ने भड़काई आग

    पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने कहा कि भारत ने ‘हमारे क्षेत्र में आग भड़का दी है।’ समिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत को बिना उकसावे के अवैध कार्यों की गंभीरता को पहचानने और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया है।

    नीरज चोपड़ा पर टिकी देश की नजर, आज गोल्ड का बड़ा इम्तिहान

    समिति ने कहा, “आतंकी शिविरों की मौजूदगी के बहाने से भारत के अनुचित हमलों ने जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया और एयरलाइनों के लिए गंभीर खतरा पैदा किया। इसके परिणामों की जिम्मेदारी भारत की होगी।”

    प्रधानमंत्री शरीफ ने बुलाई बैठक

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्थिति पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की है। इसमें कैबिनेट मंत्रियों सहित मुख्यमंत्रियों, सभी सेनाओं के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। करीब 2 घंटे चली इस बैठक के फैसलों के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। शरीफ ने मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई है। इसके बाद वे संसद को संबोधित कर सकते हैं।

  • खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री की खुफिया एजेंसियों को जानकारी थी तो हमले से पहले सुरक्षा व्यवस्था क्यों नही की गई?

    नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को दावा किया कि गत 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले से तीन दिन पहले खुफिया रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में  कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए यह सवाल भी किया, कि इसी खुफिया रिपोर्ट के आधार पर लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई?

    कांग्रेस देगा सरकार का साथ

    उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खुफिया विफलता की बात स्वीकार की है और ऐसे में उसे 26 लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। खड़गे ने इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए हर कदम का कांग्रेस समर्थन करेगा इसके साथ ही सरकार के साथ खड़ा भी होगा।

    पहलगाम में आतंकी हमला

    बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने लगभग 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। इनमें ज्यादातर लोग पर्यटक थे। भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जु़डे आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है। खड़गे ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा, “22 अप्रैल को देश में एक बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 बेगुनाह लोग मारे गए। सरकार ने यह माना कि ये खुपफिया विफलता है और इसे सुधारने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया, “जब आपको यह (खुफिया विफलता) मालूम है तो पहले ही अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?”

    प्रधानमंत्री कश्मीर क्यों नही गए ?

    खड़गे ने इस बात पर जोर दिया, कि “जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी आपको लेनी चाहिए।” उनका कहना था, “पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ लड़ने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।” उन्होंने दावा किया, कि “मुझे यह भी सूचना मिली है, अखबारों में भी आया है कि हमले के तीन दिन पहले वहां से खुफिया रिपोर्ट मोदी जी को भेजी गई थी। इसी कारण मोदी जी ने कश्मीर जाने का कार्यक्रम रद्ध किया था।”

    सुरक्षा पर सवाल

    कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, कि जब खुफिया तंत्र के लोगों का कहना था कि प्रधानमंत्री का जाना मुनासिब नहीं है तो यही बात अपनी खुफिया एजैंसियों के लोगों को, सुरक्षा के लोगों को, पुलिस और वहां की सीमा सुरक्षा बल को क्यों नहीं बताई गई और लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई?

    प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा 19 अप्रैल को निर्धारित थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम पूर्वानुमान के कारण स्थगित कर दी गई थी। प्रधानमंत्री को दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे पुल का उद्घाटन करना था और कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी।

    गद्दार ने दागी गोली

    खड़गे ने कहा, “देश सबसे बड़ा है। इसके बाद ही पार्टी, धर्म और जाति आती है। हमने देश के लिए अपनी जान दी है। इंदिरा गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) और राजीव गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) ने देश को एक रखने के लिए बलिदान दिया है। महात्मा गांधी जी ने तो देश को आजादी दिलाई, लेकिन एक गद्दार ने उनके सीने में गोलियां दाग दी।”

    झारखंड वासियों का धन्यवाद

    कांग्रेस अध्यक्ष ने रैली में इस बात का उल्लेख भी किया कि वह पिछले वर्ष झारखंड में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सभी झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया है और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं सब को धन्यवाद देता हूं।”

    सरकारी नौकरी

    झारखंड राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुम) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता चला रही है। जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी शामिल हैं। खड़गे ने दावा किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को महीनों तनख्वाह नहीं मिलती है और प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सभी बहुत सुखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “नरेन्द्र मोदी की नीति है- पीएसयू बंद करो और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की नौकरी छीन लो। उनके अनुसार, सरकारी नौकरियों में 30 लाख पद खाली हैं, लेकिन वे भरे नहीं जा रहे।

    भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि देश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, लेकिन सच्चाई ये है, कि देश के गरीबों को कुछ नहीं मिल रहा। सिर्फ पेपर में आंकड़े दिखाने से बात नहीं बनेगी, आपको लोगों के लिए काम करना होगा।” खड़गे ने केंद्र पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह सब उस ‘नेशनल हेराल्ड‘ अखबार को कायम रखने के लिए किया गया, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    डराने के लिए ईडी का उपयोग

    उन्होंने कहा, “जनसंघ, आरएसएस के किसी नेता को नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू समेत कई कांग्रेस नेताओं को जेल में डाला गया था।अब ये लोग हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।” खड़गे ने आरोप लगाया कि ईडी जैसी एजेंसियों का विपक्षी नेताओं को डराने के लिए दुरुपयोग किया गया, लेकिन ऐसे लगभग 200 मामलों में केवल दो व्यक्तियों को ही सजा हो सकी।

    भाजपा का पलटवार

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि झारखंड के एक आदिवासी मुख्यमंत्री (हेमंत सौरेन) को गिरफ्तार कराने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका थी। भाजपा ने खरगे पर पलटवार करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना किए जाने का उद्देश्य “सुरक्षाबलों का मनोबल कम करना” है। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी ऐसे महत्वपूर्ण समय पर आई है जब “आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई निर्णायिक मोड़ पर है।”

  • पुणे का युवक कर रहा था भाजपा नेता पंकजा मुंडे से अश्लील बात, मुंबई मे गिरफ्तार

    पुणे का युवक कर रहा था भाजपा नेता पंकजा मुंडे से अश्लील बात, मुंबई मे गिरफ्तार

    Pankaja Munde : महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने पुणे से 25 वर्षीय अमोल काले नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर भाजपा नेता पंकजा मुंडे को अश्लील कॉल और मैसेज भेजने का आरोप है। तकनीकी जांच के बाद भोसरी से पकड़े गए आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

    मुंबई : महाराष्ट्र साइबर पुलिस पुणे के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। 25 साल का यह युवक भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे को अश्लील कॉल कर रहा था। इतना ही नहीं उसने पंकजा मुंडे को कई अभद्र मैसेज भी भेजे। पुलिस ने बताया कि आरोपी युवक की पहचान महाराष्ट्र के भोसरी का रहने वाला अमोल काले के रूप में हुई है।

    पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से युवक पंकजा मुंडे को फोन पर कॉल और मैसेज के जरिए परेशान कर रहा था। इतना ही नहीं युवक भाजपा नेता के साथ अश्लील एवं अभद्र भाषा का उपयोग कर रहा था। इस घटना ने साइबर अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    तकनीकि जांच

    मामले की जानकारी देते हुए साइबर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंकजा मुंडे के कार्यालय ने अश्लील कॉल और मैसेज की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्यास संहिता (BNS) की धारा 78 (महिलाओं के खिलाफ अश्लील व्यवहार) और धारा 79 (महिलाओं की गरिमा का अपमान) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और कॉल करने वाले का स्थान ट्रेस किया, जो पुणे के भोसरी क्षेत्र में मिला।

    पुणे से लाकर मुंबई में गिरफ्तारी

    पुणे पुलिस के भोसरी स्टेशन के अधिकारियों के सहयोग से साइबर पुलिस ने आरोपी अमोल काले को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में काले ने पंकजा मुंडे को कॉल करने और मैसेज भेजने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे नोटिस देकर मुंबई लाया गया, जहां औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।

    अपराध के पीछे की हकीकत

    काले को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में गहन जांच कर रही है ताकि आरोपी के इरादों और इस कृत्य के पीछे की मंशा का पता लगाया जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमोल काले मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले के परली का रहने वाला है और वर्तमान में पुणे में रहकर पढ़ाई कर रहा है।

    साइबर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कॉल और मैसेज में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था, जिससे पंकजा मुंडे को मानसिक रूप से परेशानी हुई। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि काले का यह व्यवहार व्यक्तिगत रंजिश से प्रेरित था या किसी अन्य कारण से प्रेरित था।