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महाराष्ट्र की राजनीति में क्या बड़ा बदलाव होने जा रहा है? ऐसी राजनैतिक गलियारों में गरमागरम खुसफुसाहट होने लगी है। हालही में पुरानी शिवसेना को अखंड शिवसेना के निर्माण के लिए सभी प्रमुख नेताओं को हाथ मिलाने का आग्रह पूर्व गृहमंत्री और बालासाहेब ठाकरे के खासमखास नेता ने पेशकश की है। ‘Akhand Shiv Sena’: Balasaheb’s close aide urges Uddhav, Raj, Eknath to join hands and form alliance.
मंत्रालयप्रतिनिधि मुंबई: महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनैतिक दल शिवसेना को एकबार फिर समेटते हुए अखंड शिवसेना बनाने की खुसफुसाहट राजनैतिक हलचल बना हुआ है। यहां राज्य के पूर्व गृहमंत्री जिन्होंने उद्धव बालासाहेब ठाकरे, एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे को एक होकर हाथ मिलाने और गठबंधन करने का आग्रह किया है। यह वही नेता हैं, जो कभी स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के खासमखास हुआ करते थे। इन्होंने शिवसेना के एक प्रमुख मोर्चे की स्थापना की जो आज भी राज्य के भुमिपुत्रों के लिए काम करता है।
यह वही नेता हैं जो स्वर्गीय बालासाहेब से प्रेरित होकर वे शिवसेना में शामिल हुए थे। बाद में स्थानीय लोकाधिकार समिति की स्थापना की, जो शिवसेना का एक मोर्चा है जो भूमिपुत्रों के लिए काम करता है। राज्य के मराठी माणूस का इस समिति को इतना प्रतिसाद मिला कि देखते ही देखते लाखों की संख्या में इससे लोग जुड़ने लगे। इसी स्थानीय लोकाधिकार के कारण मराठी माणूस को बँक मे नौकरी मिलना आसान हो गया। इसी समिति के माध्यम से शिवसेना को बढावा मिला और अच्छे कार्यकर्ता भी प्राप्त हुए, इनमे अरविंद सावंत और भाई पोतनीड जैसे कई नेता उभरकर सामने आये।
अखंड शिवसेना का निर्माण
इसी कारण स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने 1996-97 में पहली बार युती की सरकार बनाई और उन्हें गृहराज्यमंत्री के पद से नवाजा। आज उन्होंने एकबार फिर पुरानी शिवसेना के दिग्गज नेताओं को साथ लाने और हाथ मिलाकर ‘अखंड शिवसेना’ के निर्माण के लिए तीनों नेताओं को गठबंधन में आने का आग्रह किया है।
राज्य में नगर निगम चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य में सत्ता पक्ष भाजपा के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना गठबंधन में होने के बावजूद कहीं साथ तो कहीं अलग होकर चुनाव लड़ने की अटकलें लग रहे हैं। वहीं बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सत्ता पर हमेशा से काबिज़ रहनेवाली उद्धव की शिवसेना गुटबाजी के कारण कमजोर दिखाई पड़ने लगी है। राज ठाकरे भी कभी शिवसेना का बड़ा चेहरा हुआ करते थे। लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते उन्होंने ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना‘ का निर्माण किया और शिवसेना के कई दिग्गज नेताओं को अपने ले गये। बाद में उन्होंने एक मजबूत नेतृत्व कायम किया। लेकिन समय के चलते आज महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना भी कमजोर साबित हो रही है। ऐसे में स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के करीबी नेता का इन तीनों दिग्गज नेताओं को गठबंधन के लिए एकत्रित करना, ‘अखंड शिवसेना’ के उदय की संभावना प्रबल कर रहा है ऐसा राजनैतिक विशेषज्ञों द्वारा विश्वास जताया जा रहा है।
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसे गैर कानूनी करार दिया है। जबकि स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सरकारी ई-सेवा केंद्रों में विभिन्न शैक्षणिक प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के लिए सौ रुपए और पांच सौ रुपए के स्टाम्प पेपर मांगने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, जबकि स्टाम्प पेपर की मांग को रद्द कर दिया गया है तो अनावश्यक लोगों से अधिकारी स्टाम्प पेपर कैसे मांग सकते हैं?
गैरकानूनी है स्टाम्प पेपर की मांग
उन्होंने स्टाम्प पेपर की मांग करने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसको गैर कानूनी करार दिया है। बावनकुले ने इस संबंध में राज्य के सभी विभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को पत्र भी जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि नागरिकों को अनावश्यक परेशान करने वाले अधिकारियों को माफ नहीं किया जाएगा।
बावनकुले ने कहा कि दो महीने पहले ही विद्यार्थियों, अभिभावकों, पक्षकारों और किसानों को जाति पड़ताल प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, रहिवासी प्रमाणपत्र, नॉन क्रिमी लेयर सर्टिफिकेट, राष्ट्रीयता प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र के लिए स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है। इससे सरकारी कार्यालयों में प्रमाणपत्र और न्यायालय में शपथपत्र जमा करने के लिए स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं होती है।
नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट क्या है?
नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों, शिक्षा और छात्रवृत्तियों में आरक्षण के लाभ लेने में मदद करता है। यह प्रमाणपत्र उन्हें प्रमाणित करता है कि वे ‘क्रीमी लेयर’ (जो अपेक्षाकृत समृद्ध हैं) में नहीं आते हैं, बल्कि वे ‘नॉन-क्रीमी लेयर’ से संबंधित हैं।
बावनकुले ने कहा, केवल कागज पर स्वयं-प्रमाणित शपथपत्र जमा करना होता है। उन्होंने कहा, कि स्टाम्प पेपर जमा नहीं करने के फैसले का आर्थिक रूप से कमजोर तबके के नागरिकों को फायदा हो रहा है। लेकिन कई जगहों पर नागरिकों से स्टाम्प पेपर मांगने की शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए अधिकारियों को स्टाम्प पेपर मांगना बंद कर देना चाहिए।
मुंबई की 96 बिल्डिंग को म्हाडा ने खतरनाक घोषित किया है। इन इमारतों में रहने वाले लगभग 2400 परिवारों को घर खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है। साथ ही सरकारी फरमान के मुताबिक मकान खाली करने वाले को सरकार प्रति माह 20,000 रुपए किराया देगी।
मुंबई: महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने मुंबई शहर की 96 सबसे पुरानी इमारतों और खतरनाक घोषित कर यहां रहने वाले 2400 परिवारों को जल्द से जल्द मकान खाली करने को कहा है। दरअसल इस कदम का मकसद बरसात से पहले किसी भी तरह के हादसे को रोकना है। इन इमारतों में रह रहे परिवारो को अपना वैकल्पिक घर ढूंढने के लिए अथॉरिटी हर महीने 20 हजार रुपए मदद करेगी। MHADA ने अपनी वेबसाइट पर सभी 96 बिल्डिंगों की लिस्ट भी जारी कर दी है। The government will give ₹20,000 per month to those who vacate their houses in Mumbai buildings
184 निवासियों को घर खाली का नोटिस
MHADA की वेबसाइट के मुताबिक इन बिल्डिंग में रह रहे 184 निवासियों को घर खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। इनमें से 3 निवासी ट्रांजिट कैंप में चले गए हैं। हालांकि, नोटिस मिलने के बावजूद 176 घर खाली नहीं किए गए हैं। किसी भी निवासी ने रहने के लिए खुद से दूसरी व्यवस्था नहीं की है। बाकी बची इमारतों में रहने वाले लोगों को भी घर खाली करने के निर्देश दे दिए हैं। अथॉरिटी के मुताबि 96 बिल्डिंग में कुल 3162 किरायेदार और निवासी हैं, जिनमें 2577 रहने वाले लोग और 585 दुकानें और ऑफिस शामिल हैं।
MHADA ने घोषणा की है कि जो भी परिवार इन इमारतों में रहते हैं, उन्हें दूसरी जगह पर किराये का घर लेने के लिए 20 हजार रुपए प्रति माह दिया जाएंगा। ये फैसला इस कारण लेना पड़ा क्योंकि अथॉरिटी के अपने ट्रांजिट कैंप में केवल 786 घर ही उपलब्ध है, जो जरूरत से काफी कम है। इस कारण लोगों को आर्थिक मदद देने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा संस्था ने 400 नए अस्थाई घर तीन साल की लीज में देने का भी निर्देश दिया है। ये घर 180 से 250 वर्ग फुट के होंगे। The government will give ₹20,000 per month to those who vacate their houses in Mumbai buildings
MHADA की यूनिट, मुंबई बिल्डिंग रिपेयर्स एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड (MBRRB) ने मॉनसून से पहले एक सर्वे किया था। इस सर्वे में 96 इमारतों को रहने के लिए सबसे असुरक्षित पाया। लोगों की जान का खतरा देखते हुए, अथॉरिटी के सीईओ और उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल ने तुरंत इन इमारतों को खाली कराने का फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की थी कि जो भी फैमिली इन इमारतों में रहते हैं उन्हें दूसरी जगह पर किराए का घर लेने के लिए 20 हजार रुपए प्रति महीने की मदद की जाएगी। The government will give ₹20,000 per month to those who vacate their houses in Mumbai buildings
राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश
मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं।
बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग
वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं।
केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है।
ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं।
उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है।
डिजिटल डेस्क बीजेपी सरकार ढोल बजाकर खुशी का इजहार करने और गर्व में भरती जा रही। कहा जा रहा की जापान को छोड़कर भारत को विश्वगुरू ने विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनाते हुए जापान को पीछे छोड़ दिया है। यह दावा सरासर गलत और भ्रामक है। भारत अभी चौथी अर्थव्यवस्था बना नहीं हैं बनने की ओर अग्रसर है। दरअसल एमएफए की तरफ से भारत और जापानी अर्थ व्यवस्था पर अंदाजा लगाया था, कि भारत जापान को 0.01 अंक आगे बढ़कर विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
इसी बात को नीति आयोग के अधिकारी के सीईओ ले उड़े और भारत द्वारा जापानी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है। अब नीति आयोग जब कह रहा हो तो बीजेपी और मोदी सरकार ने भी लपक लिया और घोषणा कर डाली लेकिन नीति आयोग के ही बड़े अर्थशास्त्री ने खुलासा करते हुए कहा है, कि “भारत अभी विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था नहीं बना है। हां बनने की राह पर अग्रसर जरूर है।” उन्होंने कहा, “चौथी अर्थव्यवस्था बनने के लिए चौथी तिमाही तक भारत को अपनी जीडीपी मेंटेन रखनी होगी। चौथी तिमाही का परिणाम निश्चित करेगा कि भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है या नहीं? चौथी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है न कि बन गया है।”
नीति आयोग के सदस्य अर्थशास्त्री का कथन बीजेपी सरकार को झकझोर कर रख दिया होगा। नीति आयोग का सीईओ चौथी अर्थब्यव्यवस्था बन चुका है भारत का सच नीति आयोग के ही सदस्य ने खोलकर बता दिया है। जिससे साफ है कि चौथी अर्थव्यवस्था बना नहीं है। हां चौथी तिमाही के अंत में भी हमें अपनी जीडीपी उसी स्तर या उससे ऊंचे स्तर पर बनाए रखना होगा। उन्होंने निष्कर्ष में कहा बने नहीं हैं बनने की राह पर अग्रसर हैं। अगर चौथी तिमाही के अंत तक हम जीडीपी बढ़ाए रख सके तो दिसंबर 2025 तक बन सकते हैं। अर्थव्यवस्था तब बढ़ती है जब वैज्ञानिक टेक्नोलॉजी बढ़ती जाए। विदेशी निवेश अधिक बढ़ाना पड़ेगा। एप्पल मोबाइल भले ही चीन से भारत में बनने लगे, लेकिन हमें यह नहीं भूलना होगा कि एप्पल मोबाइल मेड इन इंडिया के नाम पर केवल असेंबलिंग की जाती है। उसके पार्ट्स चिप आदि चीन से ही आते हैं। चीन हार्डवेयर में अमेरिका से कम नहीं है। अमेरिकी उद्योगों के लिए चीन में बनी चिप्स जैसे पार्ट्स चीन से ही आते हैं।
भले बीजेपी लग रही हो कि दुनिया में भारत का डंका बज रहा जबकि सच तो यह है कि भारत का दुनिया में डंका नहीं घंटा बज रहा है। भारत जब पाकिस्तान पर बढ़त हासिल किए हुए था तब एकाएक क्या हुआ कि भारत को सीजफायर का ऐलान करना पड़ गया। भारत को जीती हुई बाज़ी हारने को मजबूर क्यों होना पड़ा। भले आर्मी के जनरल कहा कि कितने विमान गिरे यह महत्वपूर्ण नहीं है। क्यों गिरे यह मुद्दा है और इससे हमने क्या सीखा? तीन बाते ऐसी हुई हैं जिससे भारत के डंका बजने की बात बेनकाब हो जाती है।
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री का कहना है कि भारत ने हमारे साथ गलत किया, उसे भुगतना होगा। दूसरा है जिस पाकिस्तान को आतंकवादियों का संरक्षक बताने के लिए दुनिया भर से गुहार लगाने के लिए सांसदों की टीमें भेजी गई ताकि पाकिस्तान को ब्लैक लिस्टेड कराया जा सके। वह तो हुआ ही नहीं क्योंकि हमारे डेलिगेशनो का दुनिया पर कोई भी असर नहीं हुआ है। संयुक्त राष्ट्र संघ के दो मंचों का पाकिस्तान को एक में अध्यक्ष और दूसरे में उपाध्यक्ष बना दिया गया। आप पाकिस्तान उन मंचों से बताएगा कि कौन आतंकवादी देश है। कौन आतंकवादी गीत है जिसे कौन सा देश समर्थन कर रहा है। दो अत्यंत महत्वपूर्ण पद पाकर अब पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ यह कहने का अधिकार मिल गया है कि उसके देश में बलूच आतंकी गुट है जिसे भारत का समर्थन हासिल है। भारत ही बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने के लिए हथियार और पैसा दे रहा है। दूसरी बात पाकिस्तान को अफगानिस्तानी फूटी आंखों नहीं सुहाते, जिसने पाकिस्तान के भारत युद्ध के समय भारत का समर्थन किया था।
जिन तालिबानी लड़ाकों के कारण अमेरिका जैसा शक्तिशाली राष्ट्र अपने युद्धक विमान टैक्स जैसे सारे विपाश छोड़कर भागना पड़ा है, उन तालिबानियों को पाकिस्तान के लिए खतरा बताकर उन्हें आतंकवादी घोषित कर सकेगा। यही नहीं अब पाकिस्तान भारत को ही आतंकवाद फैलाने का आरोपी बताने की हैसियत में आ चुका है। ट्रंप का यह पसितारा उसके माय बेस्ट फ्रेंड मोदी और आई मिस यू मोदी के खिलाफ गुस्से का इजहार कर भारत को निचा दिखाने वाला कदम है। कल को पाकिस्तान खाड़ी देशों को भी विश्वास दिला सकता है, कि भारत में रहने वाले मुसलमानों को भारत हिंदुत्व वाली सरकार प्रताड़ित कर रही है। मस्जिदों मुसलमानों की बस्तियों पर बुलडोजर चलाकर अन्याय किया जा रहा है। इन बातों पर छपी खबरें प्रमाण बन जाएंगी और इस्लामिक राष्ट्र भारत के खिलाफ जिहाद के तौर पर खड़े हो सकते हैं।
अमेरिका ने पहले ही एक अरब डॉलर का कर्ज पाकिस्तान को दिलाया था, जिससे पाकिस्तान अमेरिका और अब एशियाई बैंक से भी पाकिस्तान को कर्ज दिलवा चुका है। जिससे पाकिस्तान हथियार खरीदकर भारत के साथ युद्ध कर सके। भारत अब दुनिया में अकेला पड़ गया है। चीन तो भारत के विरोध में है ही। रूस जो भारत का सदाबहार मित्र रहा है वह भी पाकिस्तान स्थित अपने साझेदार पाकिस्तान के साथ बंद स्टील फैक्ट्री फिर से चालू कर पाकिस्तानी आय में वृद्धि करने में लगा हुआ है। भारत सरकार ने भारतीय वायु सेना को स्वदेशी जहाज देने का वादा किया था, जिसे समय से पूरा किया ही नहीं जा रहा। अमेरिका भारत को ब्लैकमेल लगातार करने और भारत की बेइज्जती करने में लगा है।
यह वही ट्रंप है जिसके लिए वैश्विक कानून तोड़कर पीएम मोदी ने अब की बार ट्रंप सरकार का नारा लगाया था। दोबारा चुनाव में ट्रंप हार गए तो जब मोदी अमेरिकी यात्रा पर जाने वाले थे तब ट्रंप ने कहा था मेरा बेस्ट फ्रेंड मोदी मुझसे मिलने आ रहा है। लेकिन मोदी अमेरिका जाने के बाद राष्ट्रपति वाईडन से तो भेंट किया लेकिन ट्रंप से मिलने की फॉर्मेलिटी भी नहीं दिखाई। जिसे ट्रंप ने अपना अपमान समझा जो सही भी है। एक कहे मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझसे मिलने आ रहा है दूसरा अनदेखा कर दे। औपचारिकता भी नहीं निभाए तो फ्रेंड कैसा? इसीलिए जब राष्ट्रपति पद की शपथ लेनी थी तब ट्रंप ने मोदी को बुलाया तक नहीं और जब पीएम गए उससे मिले तब ट्रंप ने कहा था आई मिस यू फ्रेंड। ये चार शब्द बड़े अर्थपूर्ण थे। व्यंग्य और दुखी हो कर कहा था ट्रंप ने। इशारा था लेकिन तब तक बहुत अधिक दरार पड़ चुकी थी। जिस कारण ट्रंप भारत को बेइज्जत करने का एक भी मौका छोड़ नहीं रहा। शायद जब तक मोदी और ट्रंप जीवित रहेंगे ट्रंप अपमान नहीं भूलेगा और गिन गिन कर बदला लेता रहेगा। पाकिस्तान को भारत पर तरजीह देकर ट्रंप ने भारत को अकेला कर दिया है।
पीओके पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे। जबकि चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है।
मुंबई: पहलगाम में आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने लिया। हमारे फाइटर विमान गिरे मुद्दा नहीं गिरे क्यों? यह मुद्दा है हमने क्या सबक लिया? विपक्ष सवाल पूछ रहा है। जनता प्रश्न कर रही है। जवाब बीजेपी सरकार देने से भाग रही है। पहलगाम जैसे हमले क्यों हुए? धारा 370 हटाए जाने पर मोदी सरकार ने कश्मीर में शांति का दावा किया था। उस दावे का क्या हुआ? उरी पठानकोट पुलवामा और अब पहलगाम के आतंकी और आर डी एक्स कहां से आया? इस बात का पता अबतक सरकार लगा नहीं पाई है। जबकि मुंबई हमले में पाकिस्तानी कसाब को जिंदा पकड़कर दुनिया के सामने सबूत पेश किए गए थे। मगर बीजेपी शासन कोई सबूत नहीं ला सकी। इससे शंका जाहिर की जाती है कहीं यह सब प्रायोजित तो नहीं था? We are busy in the rally and China is making preparations
क्या ट्रम्प को होगी 5 सालों की सजा?
ट्रम्प दसवीं बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ट्रेड की धमकी देकर वार रुकवा दी। इसी आशय का एफिडेविट ट्रम्प ने अमेरिकी कोर्ट में दिया है। अगर वह झूठ है तो ट्रम्प को अमेरिकी कोर्ट पांच साल कैद की सजा दे सकती है। लेकिन ट्रम्प जैसा घाघ व्यापारी क्यों दंडित होने का रिस्क लेगा? देश जानना चाहता है, कि सीजफायर क्यों और किस लिए किया गया? जबकि हमारी जांबाज़ सेना पाकिस्तान पर बढ़त बनाकर उसे पंगु कर चुकी थी। हमारी सेना पाकिस्तान से नहीं अमेरिका, चीन, तुर्की, अज़रबैजान से लड़ रही थी। तुर्की के ड्रोन हो या चीन के फाइटर विमान या फिर उन्नत मिसाइलें सब पर भारत की सेना ने अपना दम दिखाया। लेकिन बीजेपी के सांसद, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सेना का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। We are busy in the rally and China is making preparations
बार्डर की सुरक्षा
मोदी की फोटो डालकर सेना की जीत को मोदी की जीत बताते हुए देश को बरगलाया जा रहा।खुद मोदी कानपुर हो या पटना या कहीं और कहते फिर रहे हैं पाकिस्तान ने अगर हमला किया तो मुंहतोड़ जवाब देंगे। जबकि हमारी सेना सर्च ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तानी आतंकियों और उसके भारत में स्लीपर सेल्स को खत्म करने में लगी है। लगभग रोज ही एनकाउंटर कर रही है हमारी सेना। मोदी सरकार ने बहुत पहले दावा किया था, कि वह पाकिस्तान बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था में रे का प्रबंध कर रही, जिससे भारत में एक भी आतंकवादी नहीं घुस सकेगा। क्या हुआ उस दावे का?
विपक्ष जानना चाहता है, कि सच क्या है? लेकिन मोदी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने से भाग रही है। क्योंकि संसद में मोदी सरकार विपक्षी नेताओं के सवालों के उत्तर देने की स्थिति में नहीं होगी। किरकिरी होगी सरकार की। पार्टी के स्वार्थ की सारी गोपनीयता खुल जाएगी। एयरमार्शल पहले ही सरकार को दोषी ठहरा चुके हैं, कि वादा क्यों करती है सरकार? जब समय पर युद्धक विमान और हथियार नहीं मिल पाएंगे।
नग्नता को परिचित
सच तो यह है कि हमारी वायुसेना कमजोर कर दी गई है। जीडीपी बड़ी, लेकिन उस रेशियों में सेना का बजट नहीं बढ़ा। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी बीजेपी सरकार की पार्टी के कुलदीप सिंह सेंगर बलात्कार और हत्या के मामले में सजा काट चुके हैं। खुलेआम बीजेपी नेता हाइवे पर सेक्स करते पकड़े जा चुके हैं। विधायक के बेटे के पास तीन सौ वीडियो बीजेपी की नग्नता को परिचित करा रहे। बलिया में क्या कुछ हुआ यह बीजेपी नहीं बताएगी। बल्कि बलात्कारियों को हमेशा की तरह बचाने में लगी रहेगी। जैसा महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में सांसद को बचाकर किया गया।
चीनी के रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे
हिंदू मुस्लिम अगड़े पिछड़े करके समझ में फूट डालकर सत्ता पाने में लगी बीजेपी देश की हिफाजत के विषय में सोच ही नहीं रही। राफेल खरीदी, लेकिन सोर्स कोड नहीं लेने का नतीजा सेना को भुगतना पड़ा। डीआरडीओ राफेल में देशी मिसाइलें फिट नहीं कर सका। आने वाले खतरे से अनजान बनी बीजेपी के लिए चुनाव और जैसे भी हो जीतने से ही मतलब है। जबकि चीन पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी का विमान जे 35 से लैस करने में लगा है जिसे रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे।
पाकिस्तान के साथ झड़प में भारतीय सेना अपने बाहुबल और चतुर रणनीति से पाकिस्तान पर बढ़त बनाए हुई थी। जबकि पाकिस्तान को चीन अपने सेटलाइट से भारत के जर्रे जर्रे की लोकेशन ट्रेस कर रहा था। जब भारतीय सेना ने बढ़त बढ़ाई, तभी सीजफायर, वह भी ट्रंप की धमकियों से डरकर बीजेपी सरकार ने कर लिया। यह सेना का मनोबल गिराने वाला “दुष्कर्म” कहा जायेगा।
मोदी सरकार के पास इच्छाशक्ति और साहस के साथ रणनीति का अभाव है। सरकार एयर मार्शल के सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही? समय पर भारत में बने युद्धक विमान और बाकी हथियार की आपूर्ति नहीं करनी थी तो फिर वादे और दावे क्यों करती है बीजेपी सरकार?
चीन का खतरा
चीन भारत को चारों तरफ से घेरने और अपनी शक्ति बढ़ाने में लगा है। बांग्लादेश के साथ मिलकर चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है। लेकिन मोदी और बीजेपी केवल फुट डालकर शासन करने की कुनीति पर चल रही है।
सच तो यह है, कि जितना बोल बच्चन दे ले बीजेपी, उसे जनता और राष्ट्र की एकता और अखंडता की तनिक भी परवाह नहीं है। अपने मित्र को कारोबार दिलाने के फेर में भारत के सभी सटे हुए राष्ट्रों के साथ संबंध खराब कर ली है। बांग्लादेश जिसका उदय ही भारत की कृपा से हुआ था वहां तख्तापलट कराया गया। पाकिस्तानी आई एस आई के एजेंटों और अमेरिकी दौलत बांटकर छात्रों के आंदोलन को हाईजैक कर लिया गया। बीजेपी सरकार चुपचाप देखती रह गई। हस्तक्षेप तक करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि इंदिरा गांधी ने अमेरिकी धमकी को दरकिनार कर बांग्लादेश के रूप में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिखाए थे। We are busy in the rally and China is making preparations
चुनावी रणनीति
अटल बिहारी बाजपेई जी ने भी अमेरिकी धमकियों पाबंदियों की परवाह नहीं करते हुए इंदिरा गांधी के आदर्श पर चले और पोखरण दो कराया। धनी देशों की सेटेलाइट पता ही नहीं चला सकी थी। सवाल यह है कि कथनी छोड़ करनी कब करेंगे मोदी। रैलियों में पाकिस्तान को सबक सिखाने की चीख से आतंकवाद कम नहीं होगा। बीजेपी के मोदी भक्त सीजफायर से काफी मायूस हुए हैं। कहां मोदी द्वारा पी ओ के पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे।
हर घर सिंदूर बांटने की योजना
अब बीजेपी के कार्यकर्ता भयभीत हैं। आपदा में अवसर तलाशने वाले मोदी द्वारा हर घर सिंदूर पहुंचाने की योजना बनाकर हिंदू मतों को एकजुट करने की योजना पर तब पानी फिर गया, जब समूचे देश की भयानक प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर आने लगी। इतने प्रबल विरोध की आशा मोदी सरकार और बीजेपी को नहीं रही होगी। तभी तो दैनिक अखबारों में हर घर सिंदूर बांटने की योजना बनाकर परखा गया कि देश की जनता क्या प्रतिक्रिया देती है।
तीन दिनों तक बीजेपी देखती समझती रही लेकिन जब देख लिया कि उसकी चाल नाकाम हो चुकी है तो पल्ला झाड़ लिया और अखबारों में छपी खबर को फेक बताने लगी। अगर फेक खबर छापी गई तो मानहानि का दावा क्यों नहीं किया बीजेपी ने? गोदी मीडिया चीख चीख कर हर घर सिंदूर बांटने की घोषणा करती रही। वह तो मोदी की मीडिया है। उसपर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता। चंद महीनों बाद पाकिस्तान से फिर भारत को जूझना पड़ सकता है। सवाल है चीनी चालों का जवाब देने के लिए कितनी तैयारी है मोदी सरकार की?
FYJC 11th Admission Maharashtra: राज्य सरकार ने ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले एक ऐसा नियम लागू किया है, जो सीधे तौर पर इन-हाउस कोटे को प्रभावित कर दिया है। साथ ही केंद्र से मराठी भाषा को प्रावधान देने की अपील..
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: महाराष्ट्र के कई शहरों में कक्षा 11वीं में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बढ़ी खबर है। 11वीं के एडमिशन को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। एडमीशन प्रकृया में अब इन-हाउस कोटे को हटाकर ऑनलाइन एडमीशन के जरिए सरकार ने ज्यादा से ज्यादा छात्रों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। इसमें मैरिट के आधार पर एडमीशन प्रकृया होगी। साथ ही पोर्टल की समस्या को भी दूर कर दिया गया है।
क्या है बदलाव?
अब तक जिन छात्रों को एक ही संस्था के स्कूल से 10वीं पास करने के बाद उसी संस्था के कॉलेज में आसानी से दाखिला मिल जाता था, अब उनके सामने एक नई चुनौती आ सकती है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब इन-हाउस कोटे का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिनका स्कूल और जूनियर कॉलेज एक ही कैंपस में स्थित होगा। यानी अगर कोई संस्था अलग-अलग जगहों पर स्कूल और कॉलेज चला रही है, चाहे वह कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर क्यों न हो, तो भी उन्हें अब इन-हाउस कोटा नहीं मिलेगा। Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse
एक साथ होने चाहिए स्कूल और कॉलेज
महाराष्ट्र सरकार ने कक्षा 11वीं की ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले एक नया नियम लागू किया है, जिससे राज्य के कई जूनियर कॉलेजों में इन-हाउस कोटे से दाखिले पर असर पड़ सकता है। नए नियम के मुताबिक, अब केवल उन्हीं संस्थानों में इन-हाउस कोटा लागू होगा, जहां स्कूल और जूनियर कॉलेज एक ही परिसर (कैंपस) में स्थित हैं।
अब तक की यह व्यवस्था थी कि अगर स्कूल और कॉलेज एक ही संस्था द्वारा संचालित हैं, तो अलग-अलग कैंपस में होने पर भी इन-हाउस कोटे का लाभ उन स्कूल और कॉलेज के बच्चों को मिलता था। लेकिन अब यह सुविधा केवल उन्हीं को मिलेगी जिनका स्कूल और कॉलेज एक ही जगह है। इससे राज्य भर के कई प्रमुख कॉलेज प्रभावित हो सकते हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर स्कूल और कॉलेज चलाते हैं।
छात्रों को होगा फायदा
पुणे में बच्चों की किताबों की एक प्रदर्शनी के दौरान महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे ने कहा, “यह बदलाव छात्रों के भले के लिए किया गया है। अगर किसी संस्था को कोई आपत्ति है, तो हम उनकी बात सुनने के लिए तैयार हैं।”
मेरिट के आधार पर मिलेगा एडमिशन
मंत्री दादा भूसे ने बताया कि ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम को इस तरह से बदला गया है जिससे अब सभी छात्रों को मेरिट के आधार पर एडमीशन मिलेगा। उन्होंने कहा, कि “पहले कई बार देखा गया कि अच्छे नंबर लाने वाले छात्र प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिला नहीं ले पाते थे। अब ऐसा नहीं होगा।”
पोर्टल की परेशानी हुई दूर
मंत्री ने यह भी बताया कि ऑनलाइन आवेदन पोर्टल में 100 रुपये फीस भरने में आ रही तकनीकी परेशानी अब ठीक कर दी गई है। उन्होंने कहा,”मैंने खुद इसकी निगरानी की है। अब यह प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के चलेगी।”
अब पूरे महाराष्ट्र में लागू होगी ऑनलाइन प्रक्रिया
पहले यह ऑनलाइन एडमिशन प्रणाली मुंबई, पुणे, नागपुर और अमरावती जैसे शहरों में ही लागू थी। इस साल इसे पूरे महाराष्ट्र में लागू किया जा रहा है। मंत्री ने माना कि ग्रामीण इलाकों में छात्रों को नेटवर्क और स्मार्टफोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकार छात्रों के हित में लंबे समय के सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है।
मराठी भाषा को लेकर भेजा प्रस्ताव
भूसे ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को तीन प्रमुख सुझाव भेजे हैं। पहला, छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, दूसरा मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिले और तीसरा गैर-मराठी स्कूलों में मराठी पढ़ाना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि “CBSE द्वारा मराठी को अनिवार्य करना इसी दिशा में हमारी कोशिशों का नतीजा है।”
Mumbai News: बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या ने आरोप लगाते हुए कहा कि एनसीपी शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की वोट जिहाद की सेना ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। इस बार मैं खुद ग्राउंड पर हूँ। नहीं काटने दूंगा बकरा ..
मुंबई: बकरी ईद के मद्देनजर बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैय्या रहिवासी चालों और इमारतों का दौरा कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रविवार 25 मई को घाटकोपर स्थित मैत्री को-ऑपरेटिव सोसायटी और दामोदर पार्क का दौरा किया। इसी परिसर में बकरा ईद को लेकर पहले भी दो गुटों के बीच विवाद देखने को मिला था। अब एक बार फिर कुछ रहिवासियों का विरोध देखने को मिल रहा है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”
बकरा नहीं काटने दूंगा ..
बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या ने आरोप लगाते हुए कहा, कि “एनसीपी शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की वोट जिहाद की सेना ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। यह सब वोट जिहाद के लिए हो रहा है। अगली बार अगर कोई दहशत फैलाने के लिए ऐसा कोई काम करेगा, यानी बकरा काटेगा तो हम ऐसा नहीं होने देंगे।
उन्होंने आगे कहा, कि “पिछली बार महानगरपालिका अधिकारियों और माफिया ने पुलिस को धमकी देकर घाटकोपर में बकरा काटा था। इस बार मैं खुद ग्राउंड पर हूं। एनसीपी शरद पवार, उद्धव की सेना या राहुल गांधी की कांग्रेस का यहां पर टारगेट ही है वोट जिहाद करने का।” उन्होंने कहा, “पहलगाम हमले के बाद हमने जो जवाब दिया, वैसा ही अमेरिका में भी वोट जिहाद किया गया। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे।
इस साल बकरी ईद का त्योहार 6 या 7 जून को मनाने की संभावना है। इस त्योहार को लेकर तारीख की आधिकारिक घोषणा चांद नजर आने के बाद ही की जाएगी। बकरी ईद का अर्थ सिर्फ जानवरों की कुर्बानी मात्र से नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक अर्थ बहुत ही गहरा है। यह पर्व अल्लाह के प्रति समर्पण, त्याग और दान से जुड़ा हुआ है। इसकी मान्यता है कि बकरा ईद पर कुर्बानी के हिस्से को तीन भागों में तकसिम किया जाया है। पहला गरीब और जरूरतमंदों को, दूसरा हिस्सा मित्रों और रिश्तेदारों के लिए और तीसरी हिस्सा अपने घर-परिवार के लिए रखा जाता है। साथ ही ईद की नमाज़ से पहले जकत, फितरे का पैसा निकाला जाता है। जो ज़रूरतमंदों को देकर उनकी मदद की जाती है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर खुल्लम-खुल्ला सेक्स कांड मामले में वीडियो वायरल करने के ज़ुर्म मे 8 लेन कंट्रोल रुम के तीन कंप्यूटर ऑपरेटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। जिसमें पैसों की डिमांड पूरी नही होने के 8 दिनों बाद वीडियो वायरल करने का खुलासा हो रहा है। 28 लाख रुपये की डिमांड ..
नई दिल्ली- भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोहरलाल धाकड़ के एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कर्मचारियों ने धाकड़ को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। रुपए की मांग पूरी नहीं होने पर वीडियो लीक कर दिया गया। इस मामले में पुलिस बाकि कर्मचारियों की भी जांच कर रही है। फिलहाल 3 कंप्यूटर ऑपरेटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि उन लोगों ने नेता का डांस वाला दूसरा वीडियो लिक नही किया। Three control room employees suspended in the expressway sex scandal viral video
क्या हुआ था उस रात ?
मध्यप्रदेश की मंदसौर पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। 13 मई को भानपुरा के नीमथूर वाले पॉइंट पर सफेद कलर की बलेनो कार क्रमांक: MP-14-CC-4782 से उतरने के बाद 8 मिनट तक धाकड़ व महिला बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दिए थे। इससे पहले की दोनों कार से वापस निकल जाते, मौके पर एनएचएआई के 10 से 15 कर्मचारी पहुंच गए। दोनों से कहा कि तुम्हारी करतूत रोड पर लगे कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। रिकॉर्डिंग के कुछ अंश भी बताए। वीडियो वायरल न करने के लिए रुपए मांगे।
उस समय सौदा नहीं हुआ तो धाकड़ से मोबाइल नंबर ले लिए। 8 दिन तक रुपए को लेकर बात होती रही। धाकड़ रिकॉर्डिंग मिटाने की शर्त पर रुपए देने को तैयार था। एनएचएआई का सेंट्रल सर्वर होने से वीडियो डिलीट नहीं किया जा सकता। ऐसे में कर्मचारी सिर्फ उसे वायरल नहीं करने का कहते रहे। यह उलझन पूरे 8 दिन (13 से 20 मई) तक चली। जब बात नहीं बनी तो कर्मचारियों ने 9वें दिन पहले स्क्रीन शॉट और कुछ घंटे बाद वीडियो वायरल कर दिया।
ब्लैकमेल
28 लाख रुपये की मांग की गई थी सूत्रों के मुताबिक नही देने पर वीडियो वायरल कर दिया। इसी मामले मे युवा नेता जो कि बहुचर्चित है उनके कई कारनामे हुवे है पर उनका नाम अभी तक ओपन नही हुवा। इसपर सवाल उठ रहे हैं, कि क्या उनके नाम गुप्त रखने में भी रिश्वतखोरी की गई है? जाहिर है कि यह सत्य ही होगा तभी तो डांस वाला वीडियो वायरल नही हुवा। सूत्रों के हवाले से, पहले 5 लाख, फिर दो और आखिर में एक, नहीं देने पर वीडियो वायरल हुए हैं। कहा जा रहा है कि ब्लेकमैलिंग हुई, बात नहीं बनी तो वीडियो वायरल कर दिया गया।
इस बीच शनिवार को वीडियो का पार्ट-2 भी सामने आया है। 28 सेकंड के इस वीडियो में मनोहरलाल धाकड़ व महिला 8 लेन के बीच आपत्तिजनक स्थिति में डांस करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। संदीप पाटीदार, एरिया प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई का कहना है की मंदसौर पुलिस ने हमसे संपर्क किया है और हमने जानकारी भी दी है। कंट्रोल रूम के ऑपरेटरों वाली स्टाफ की सूची, शिफ्ट का डिटेल भी भेज दी है। जो वीडियो सामने आया है वो मोबाइल के जरिए कम्प्यूटर स्क्रीन से रिकॉर्डिंग कर बनाया गया है। उसमें जो आवाज सुनाई दे रही है उस आधार पर 3 लड़कों को सेवा से टर्मिनेट भी कर दिया गया है। पुलिस को भी यह जानकारी सौंप दी गई है। जांच में पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे।
पुलिस ने क्या कहा?
अभिषेक आनंद, एसपी, मंदसौर का कहना है की 8 लेन वीडियो के आधार पर धाकड़ के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद कार जब्त कर ली गई है। वह मौके पर नहीं मिला। महिला की शिनाख्त भी कर रहे हैं। मामले में एनएचएआई के सीसीटीवी कंट्रोल रूम इंचार्ज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि वहां से वीडियो कैसे वायरल हुआ। ड्यूटी रजिस्टर भी मांगा है कि कब-किस समय कितने कर्मचारी वहां मौजूद थे। मामले में जानकारियां एकत्र कर रहे हैं और जांच जारी है।Three control room employees suspended in the expressway sex scandal viral video
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी लाडकी बहिन योजना के तहत महिलाओं के लिए एक और खुशखबरी सामने आई है। योजना की 11वीं किस्त के पैसे आज से जारी होने की संभावना है। राज्य के वित्त मंत्री अजित पवार ने हस्ताक्षर कर दिए हैं।