Category: Political News

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  • गद्दार पार्टी में आकर खुद्दार हो जाते हैं- भाजपा

    गद्दार पार्टी में आकर खुद्दार हो जाते हैं- भाजपा

    भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मचा दिया है। महायुति गठबंधन में और पार्टीयों से आए नेताओं के अलावा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ही निशाना बना दिया।

    न्यूज़ डेस्क
    ठाणे-
    मुंबई से सटे ठाणे जिले का उल्हासनगर विधानसभा सीट महायुति गठबंधन के लिए राजनैतिक खलबली का विषय बन गया है। यहां भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने ही महायुति गठबंधन में शामिल दलों और पार्टी में बाहर से आए नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ ही जहर उगल दिया। इसके बाद से शिंदे गुट के शिवसैनिक कार्यकर्ताओं की नाराजगी के कारण मामला बिगड़ते देख रामचंदानी ने कहा कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    चुनावी सभा में हंगामा

    उल्हासनगर में एक चुनावी सभा के दौरान भाजपा कार्यकर्ता द्वारा दिए बयान के बाद से महाराष्ट्र की सियासत गर्म हो गई है। दरअसल, उल्हासनगर से भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने कहा, कि “जिन्हें गद्दार कहा जाता है वह मुख्यमंत्री बन जाते हैं और भाजपा में आकर सब खुद्दार हो जाते हैं। बदलते समय के साथ राजनीति की परिभाषा बदल गई है।” भाजपा जिला अध्यक्ष के इस बयान से शिंदे गुट के शिवसैनिक कार्यकर्ता काफी नाराज हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा जिला अध्यक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी गई है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    माहौल बिगड़ता देख लिया यू टर्न

    हालांकि, जिला अध्यक्ष के विवादित बयान के बाद से भाजपा के बड़े नेताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, बयान के बाद माहौल गर्म होता देख भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा, उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है। बता दें कि उल्हासनगर विधानसभा सीट पर कुमार आयलानी को महायुति की ओर से चुनावी उम्मीदवार की घोषणा की गई है।मौजूदा समय में यहां से कुमार आयलानी विधायक भी है। शनिवार को विधानसभा चुनाव प्रचार के मद्देनजर भाजपा की ओर से एक सभा आयोजित की गई थी। इस सभा में भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने विवादित बयान दिया। इसके बाद से यहां माहौल गर्म हो गया है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    कब होगा चुनाव ?

    महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए राज्य में एक ही बार 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। 23 नवंबर को चुनाव आयोग परिणाम घोषित करेगा। चुनाव आयोग ने इस बार एक ही टप्पे में चुनाव कार्य निपटाने का फैसला किया है। विधानसभा चुनाव को लेकर महाविकास अघाड़ी गठबंधन का दावा है कि इस बार उनकी सरकार बन रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे (Shivsena) अजित पवार गुट (NCP)और भाजपा (BJP) की महायुति गठबंधन का दावा है कि दूसरी बार भी उनकी ही सरकार बनेगी। हालांकि पिछ्ली बार महाविकास अघाडी गठबंधन को ही जीत मिली थी। बाद में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तोड़ कर भाजपा ने सरकार बना ली। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    कौन है गद्दार ?

    हालांकि की शिवसैनकों को तोड़कर सरकार गिराने वाले एकनाथ शिंदे को गद्दार कहा जा रहा था। लेकिन भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। दूसरी तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तोड़कर आए अजित पवार को उप मुख्यमंत्री बना दिया। फिलहाल एक बार फिर महाविकास अघाडी गठबंधन में शामिल काग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट, समाजवादी पार्टी और अन्य सहयोगी दल महाराष्ट्र में सरकार बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। 23 नवंबर के बाद ही इसके परिणाम सामने आएंगे। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

  • बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ 9 लोग हुए घायल

    बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ 9 लोग हुए घायल

    मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेन पकड़ने के चक्कर में भगदड़ में 9 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे को लेकर उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेता संजय राउत ने रेल मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मोदी सरकार पर भी सवाल उठाए है।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान भगदड़ मच गई। इस भगदड़ के चलते 9 लोग घायल हो गए है। बांद्रा स्थित भाभा अस्पताल के डाक्टरों द्वारा दो लोगों की क्रिटिकल हालत बताई जा रही है। इस घटना को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भाजपा को जिम्मेदार ठहरा है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

    शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल के दौरान होने वाले रेल हादसों को याद करते हुए रेल मंत्री को घटना का जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार के दौरान बने रेल मंत्री पर सवाल करते हुए, उन्हें भी इस तरह के हादसे का जिम्मेदार ठहराया है।

    बुलेट ट्रेन की बात

    संजय राउत कहते, “जब से मोदी सरकार तीसरी बार सत्ता में आई है और रेल मंत्री को फिर से जिम्मेदारी सौंपी है, तब से देश में 25 से अधिक बड़ी रेल दुर्घटनाएं हुई हैं। जिनमें 100 से अधिक लोगों की जान गई है।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, कि “आप बुलेट ट्रेन, मेट्रो और हाई-स्पीड ट्रेनों की बात करते हैं और नितिन गडकरी हवा में बसें चलाने की बात करते हैं। लेकिन, जमीन पर हकीकत क्या है? जिस तरह से यात्री घायल हुए, क्या इसके लिए रेल मंत्री जिम्मेदार नहीं हैं?” (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

    बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस की घतना

    बता दें कि रविवार की सुबह मुंबई में बांद्रा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान मची भगदड़ में 9 लोग घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा, कि यह घटना बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर सुबह 5 बजकर 56 मिनट पर हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि गाड़ी संख्या 22921 बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन पर चढ़ने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ थी। घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत भाभा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

    Mumbai Bandra Terminus Railway Station Accident news image
    Mumbai Bandra Terminus Railway Station Accident news image

    घायलों की पहचान ..

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायलों की पहचान 40 वर्षीय शबीर अब्दुल रहमान, 28;वर्षीय परमेश्वर सुखदर गुप्ता, 30 वर्षीय रवींद्र हरिहर चूमा, 29 वर्षीय रामसेवक रवींद्र प्रसाद प्रजापति, 27 वर्षीय संजय तिलकराम कांगे, 18 वर्षीय दिव्यांशु योगेंद्र यादव, 25 वर्षीय मोहम्मद शरीफ शेख, 19 वर्षीय इंद्रजीत सहानी और 18 वर्षीय नूर मोहम्मद शेख के रूप में की गयी है। इसमें नूर मोहम्मद और इंद्रजीत सहानी की हालत गंभीर बताई जा रही है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

  • Baba Siddiqui: मर्डर केस में 5 आरोपी और गिरफ्तार

    Baba Siddiqui: मर्डर केस में 5 आरोपी और गिरफ्तार

    Baba Siddiqui Murder case: बाबा सिद्दीकी मर्डर के सिलसिले में जांच कर रही मुंबई पुलिस को आज शुक्रवार एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने पनवेल में छापेमारी करते हुए 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कहते हैं कि गिरफ्तार आरोपियों का बिश्नोई गैंग से था संपर्क

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    NCP के नेता बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में मुंबई पुलिस लगातार जांच कर गिरफ्तारी कर रही है। पुलिस ने आज इस मामले में छापेमारी करते हुए 5 और लोगों को गिरफ्तार किए है। इसके साथ ही सिद्दीकी हत्याकांड में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर अब 9 हो गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस मर्डर केस में सभी के संपर्कों को खंगाला कर जांच की जा रही है। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    मुखबिर की सूचना पर हुई छापेमारी

    मुंबई पुलिस ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर आज शुक्रवार को रायगढ़ जिले के पनवेल इलाके में छापेमारी की गई। इस ऑपरेशन में मुंबई क्राइम ब्रांच के साथ पनवेल और कर्जत यूनिटों ने भाग लिया। जिन 5 आरोपियों को दबोचा गया है, उनके नाम 32 वर्षीय नितिन गौतम सप्रे डोंबिवली का रहने वाला, 44 वर्षीय संभाजी किशन पारबी अंबरनाथ का रहने वाला, 43 वर्षीय राम फूलचंद कन्नौजिया पनवेल का रहने वाला, 37 वर्षीय प्रदीप तोंबर अंबरनाथ का रहने वाला और 33 वर्षीय चेतन दिलीप पारधी अंबरनाथ का रहने वाला बताया जा रहा है। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    हथियार पहुंचाने का आरोप

    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नितिन और राम कनौजिया बाबा सिद्दीकी ह्त्या कांड के गिरफ्तार सभी आरोपियों के मुखिया थे। इसी ग्रुप ने गोली चलाने वाले आरोपियों को हथियार पहुंचाए थे। पुलिस की तरफ से ऐसा बताया गया है कि ये दोनों, शूटर धर्मराज कश्यप और शिवकुमार के साथ भी टच में थे। कर्जत में आरोपियों के साथ 2 महीने तक रहे भी थे। इन्होंने आरोपियों को पैसे और लोकल मदद दिलवाने में मदद कराई थी। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    संपर्क और अपराध का खुलासा

    सूत्रों का कहना है कि पकड़े गए पांचों आरोपी जीशान अख्तर और शुभम लोनकर के टच में भी थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी नितिन के खिलाफ इस केस के अलावा और भी 3 अपराधिक मामले दर्ज है। इसके खिलाफ मर्डर, हाफ मर्डर, और आर्म्स एक्ट शामिल हैं। वहीं राम कुमार पर भी कुछ आरोप दर्ज हैं। इन लोगों ने सितंबर के आसपास आरोपियों को हथियार सप्लाई किए थे। जिसके बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेन शूटर्स ने कई दिन की रेकी करने के बाद हत्याकांड को अंजाम दे दिया। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

  • Maharashtra Election : महायुती में महासंग्राम? गरमाया वोट जिहाद

    Maharashtra Election : महायुती में महासंग्राम? गरमाया वोट जिहाद

    Maharashtra Election : महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी पारा गरमाया गया है। एक ओर जहां सीट शेयरिंग को लेकर सत्ता पक्ष की महायुती के दोनों खेमों में बातचीत चल रही है। वहीं अब वोट जिहाद वाले देवेंद्र फडणवीस के बयान के मद्देनजर महायुती में खटपट की आहट सुनाई दे रही है।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। साल के आखिर में होने वाले चुनाव से पहले ही सत्ता पक्ष की महायुती सरकार में खटपट की आहट सुनाई दे रही है। वोट जिहाद के बयान पर महायुती में आपसी मतभेद की लकीरें खिंचती दिख रही हैं। देवेंद्र फडणवीस के वोट जिहाद वाले बयान से सियासी पारा ऐसा चढ़ा कि विरोधी तो हमला कर ही रहे हैं। अब अपने भी पवार बंधू तेवर दिखा रहे हैं। महायुती में जहां भाजपा वोट जिहाद की बात कर रही है, वहीं अजित पवार वाली राष्ट्रपति कांग्रेस पार्टी (NCP) मुस्लिमों को टिकट देने की बात कह रही है। इसे लेकर अब महायुती पर विरोधी भी हमलावर हो रहे हैं। महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना और अजित पवार वाली एनसीपी शामिल है।

    वोट जिहाद का बवाल…

    महाराष्ट्र में वोट जिहाद का विवाद कहां से उत्पन्न हुआ? वोट जिहाद वाले बयान से ही महायुती में विवाद की खबरों को बल मिल रहा है। भाजपा नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणसीव ने लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए वोट जिहाद को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 14 सीटों पर ‘वोट जिहाद’ देखा गया।’ कोल्हापुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि एक विशेष समुदाय के लोगों ने हिंदुत्व उम्मीदवारों को हराने के लिए सामूहिक रूप से मतदान किया। 14 निर्वाचन क्षेत्रों में वोट जिहाद का पैटर्न देखा गया। हालांकि, उन्होंने किसी शख्स या समुदाय का नाम नहीं लिया। लेकिन इस बयान के बाद से महाराष्ट्र के राजनीतिक गरमा गई है।

    अजित पवार की राजनीति

    देवेंद्र फडणवीस के इसी बयान पर महाराष्ट्र की सियासत में बवाल मचा है। वोट जिहाद वाले बयान के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने एक ऐसा ऐलान किया, जिसके बाद से महायुती में खटपट की खबरों को बल मिल रहा है। बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस के वोट जिहाद वाले बयान के बाद उनकी सहयोगी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजीत पवार ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में अपने खाते की सीटों में से 10 प्रतिशत सीटें मुस्लिम उम्मीदवारों को देगी। अजित पवार ने कहा, कि ‘हमें नया समाज बनाना है। आने वाले विधानसभा में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की तरफ से माइनॉरिटी को 10 फीसदी सीट देंगे।’ ऐसा उन्होंने ऐलान किया।

    विपक्ष को मिला मौका

    देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के बयान को अब मतभेद के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी पार्टियों ने इसे सियासी कैच के तौर पर लपक लिया है और अब महायुति में महासंग्राम का दावा कर रहे हैं। उद्धव गुट के शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा, कि ‘इस समय महयुती में नूरा कुश्ती चल रही है। देवेंद्र फडणवीस जैसे बड़े नेता बोलते हैं कि वोट जिहाद हुआ है। मुसलमानों पर टिप्पणी करते हैं। वहीं दूसरी तरफ उनके साथी अजीत पवार बोलते हैं कि वो चुनाव में मुस्लिमों को 10 प्रतिशत टिकट देंगे। ये लोग देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। लोगों को बाट रहे हैं। इनको पता चल गया है कि इनकी सरकार जा रही है। इसलिए यह सब बयानबाजी हो रही है। यह सब प्लानिंग कर रहे हैं। लेकिन विधान सभा चुनाव में इनकी प्लानिंग कुछ काम नहीं आने वाली है।

    गुजरातियों का वोट जिहाद ..

    उद्धव ठाकरे गुट शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी देवेंद्र फडणवीस के बयान को लेकर हमला बोला है। उन्होंने पूछा है, कि ‘क्या होता है वोट जिहाद? हिंदू, मुस्लिम, जैन, पारसी सभी इस देश के नागरिक हैं। अगर आपको वोट करता है तो चलता है। अगर वो जिहाद है तो आप लोग मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक कानून क्यों लाए? आपको और बाकी समाज के लोग वोट देते हैं, तो उन्हें क्या कहेंगे, महाराष्ट्र में गुजरात के लोग बीजेपी को वोट देते हैं तो क्या उसे गुजरातियों का वोट जिहाद कहेंगे? भाजपा के लोग इस देश को फिर एक बार तोड़ना चाहते है, लेकिन ये गांधी का देश है।’

  • भारत से अलग हुए बांग्लादेश की क्या है कहानी ?

    भारत से अलग हुए बांग्लादेश की क्या है कहानी ?

    भारत का पड़ोसी बना बांग्लादेश 1971 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत से अलग करके बांग्लादेश बनाया। भारत के कई राज्य को मिलाकर बांगलादेश की स्थापना।

    The world History (न्यूज़ डेस्क)
    भारत-
    पाकिस्तान और बांग्लादेश का एक अजब कहानी है जो धर्म के नाम पर दोनों देश बने। भारत देश से हिंदू और मुस्लिम के नाम पर बांग्लादेश और पाकिस्तान को बनाया गया था।
    1947 में पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू और जिन्ना की मिलीभगत से दो देश बनाए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के दो अलग-अलग प्रधानमंत्री हो सकें। 1947 में भारत और पाकिस्तान अलग होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू भारत के प्रधानमंत्री बने और जिन्ना पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने से पहले, उनकी मृत्यु हो गई।

    The world History

    16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान की सेना के भारत के सामने आत्मसमर्पण करने के साथ ही ये संघर्ष खत्म हुआ। 16 दिसंबर को बांग्लादेश में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1947 में भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली तो इसके दो टुकड़े भी हुए। मोहम्मद अली जिन्ना की मांग के मुताबिक मुस्लिम बहुल आबादी के लिए अलग राष्ट्र पाकिस्तान बना
    1947 के समय में भी बंगाल राज्य में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा बंगाल खाड़ी स्थित कई गांवों को मिलाकर अलग से बंगाल देश बनाने की मांग की थी मगर उस समय बंगाल भारत का राज्य हुआ करता था।

    भारत के बंगाल राज्य को अलग करने के लिए बांग्लादेशी कट्टरपंथियों ने भी मांग उठाई। उस समय मांग में कहा जा रहा था, कि जिस राज्य में ज्यादा मुसलमान है उसे मुस्लिम देश घोषित कर देना चाहिए। उसी समय भारत और पाकिस्तान का बटवारा हुआ था। उसके कुछ साल बाद 1971 में इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश को एक अलग देश बना दिया।

    बांग्लादेश भारत से अलग क्यों हुआ?

    बांग्लादेश का स्वतंत्रता संग्राम 1971 में हुआ था। इसे ‘मुक्ति संग्राम’ भी कहते हैं। यह युद्ध वर्ष 1971 में 25 मार्च से 16 दिसम्बर तक चला था। इस रक्तरंजित युद्ध के माध्यम सेे बांलादेश ने पाकिस्तान से स्वाधीनता प्राप्त की। 16 दिसम्बर सन् 1971 को बांग्लादेश बना।

    पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बनने के बाद बांग्लादेश को भारत से आर्थिक मदद भी दे रही थी। भारत में आम जनता से पैसे की टैक्स वसूली करके बांग्लादेश को इंदिरा गांधी मदद करती रही जो आज भी मदद किया जा रहा है।

    बांग्लादेश के कट्टरपंथी की क्या देन हैं?

    1971 में भारत और बांग्लादेश बनने के बाद में लाखों हिंदू बांग्लादेश से भारत चले आए। कुछ हिंदू वहां पर रह गए थे जिन्होंने अपना जमीन घर मकान नहीं छोड़ा उसी बांग्लादेश में रह गए।

    बांग्लादेश बनने के बाद वहां सबसे ज्यादा माफियागिरी, गुंडागर्दी होता रहा। वहां के रह रहे हिंदुओं को हमेशा धर्म बदलने की हेतु धमकी देना मारपीट करना यही बांग्लादेशियों का कारण रहा है। वहां की आम जनता में इसी प्रकार से उतार-चढ़ाव चल रहा हैं।

    5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में क्या हुआ?

    5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी इस्तीफा दे दी उसके बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क उठा मिडिया ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक कई मासूम लोगों की हत्याऐं हुई। उसमें सबसे ज्यादा हिंदुओं को मारा गया बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी नेता भी मारे गए। उसके बाद बांग्लादेश में काफी हिंसा भड़क गई लगभग 240 लोग मारे गए।

    बांग्लादेश के राजधानी ढाका में क्या हुआ?

    बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद उनके कार्यालय को जला दिया गया। तोड़फोड़ किया गया। शेख हसीना वहां से कैसे भी भाग कर भारत में अपनी प्राण बचाई ली है। बांग्लादेशी कट्टर उग्रवादी आतंकवादियों ने पूरे बांग्लादेश के सैकड़ो, हजारों हिंदुओं की दुकान जला दिए, लूट लिया। सैकड़ो हिंदू महिलाओं की हत्या करना मौलाना की धमकी हिंदू देश छोड़े याँ इस्लाम धर्म अपना लें। कट्टरपंथी बांग्लादेशियों ने हिंदुओं को धमकी दे रहे हैं। आज भी बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की हाहाकार और आगजनी जैसी हालत है। बांग्लादेश कट्टरपंथी आतंकवादियों के विरोध में बांग्लादेश की कट्टरपंथियों पर सख्त कार्रवाई के लिए अब तक दुनिया के किसी भी देश ने कोई कदम नहीं उठाया।

    भारत बांग्लादेश बटवारे में शेख हसीना के पिता..

    बांग्लादेश में कट्टरपंथी विचार धारा पूर्व व प्रथम राष्ट्रपति शेख मुजीबर रहमान की देन है। शेख हसीना के पिता मुजीबर रहमान ने 1971 में पूर्व इंदिरा गांधी से मिलकर बांग्लादेश का स्थापना किया था। आज शेख हसीना उसी कदम पर अपने स्वार्थ के लिए राजनैतिक बदलाव करते हुए विरोध का शिकार हुई है। इस समय बांगलादेश के लोग प्रधानमंत्री शेख हसीना को मारने के लिए गली गली ढूंढ रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शेख हसीना अपनी प्राण बचाने के लिए भारत में शरण ले रखी है।

    The world History

    शेख हसीना के पिता कट्टरपंथी थे। आज वही कट्टरपंथी लोगों ने शेख हसीना को मार भगाया। जैसा को तैसा। शेख हसीना के पिता भारत से विद्रोह करके भारत से अलग होकर बांग्लादेश बनाया था और आज वही कट्टरपंथी बने वहां के लोगों ने आज उसी की बेटी को मार भगाया। बांग्लादेश भारत की जमीन है। मगर बांग्लादेश में रह रहे कट्टरपंथी वह उनकी सोच है मगर भारत की संपत्ति थी। और आज वही कट्टरपंथी सोच बांग्लादेश के और भी लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है।

    लोगों पर अन्याय कर रहे हैं, बलात्कार कर रहे हैं, दुकान लूट रहे हैं, घर लूट रहे हैं।

    पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने पाकिस्तान बनाया। नेहरू की बेटी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बनाया। कट्टरपंथियों के कारण दो देश बने जो धर्म का नाम हिंदू और मुस्लिम देश। मगर इतिहास यही रही है, कि इतिहास के सच्चाई को कोई बताते नहीं हैं। शेख हसीना के पिता बांग्लादेश का प्रथम पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबर रहमान व भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा भारत अलग बांग्लादेश बनाया गया था। अब आज बांग्लादेश में उन्हीं कट्टरपंथियों की देन है जो आज कट्टरपंथी बांग्लादेश को जला रहे हैं। लोगों पर अन्याय कर रहे हैं, बलात्कार कर रहे हैं, दुकान लूट रहे हैं, घर लूट रहे हैं। किसी भी देश का धर्म, जाति या समाज के नाम पर कट्टरपंथी चरम सीमा पर पहुँच जाए, तो उसका खात्मा किया जाना चाहिए ना कि देश छोड़ कर भाग जाना चाहिए।

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  • उत्तर प्रदेश में योगी का नारा.. महिलाएं बेसहारा.

    उत्तर प्रदेश में योगी का नारा.. महिलाएं बेसहारा.

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    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से अराजकता की नई तस्वीर सामने आ रही है। योगी जी के राज में यहां अवैध रूप से जमीन कब्जा करने के लिए वकीलों को गुंडागर्दी करते विडियो रिकार्ड किया गया। महिलाओं की सुरक्षा चोरी लेकर पुलिस प्रशासन निकम्मी साबित हुई। (Yogi’s slogan in Uttar Pradesh is women are destitute)

    वी.बी. माणिक
    उत्तर प्रदेश/प्रयागराज
    – अब योगी जी का महिलाओ की सुरक्षा का नारा खोखला साबित होता जा रहा है। महिलाएं अपने घर मे भी सुरक्षित नहीं रह गयी है। कल प्रयागराज के गंगापार सरायइनायत के रेठिया गाँव में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडों और वकीलों के करीब 25 से 30 लोग एक सोनी परिवार के घर मे घुसकर महिलाओ और बच्चों के साथ अश्लील हरकत और जमकर मारपीट किया। इसकी जानकारी सरायइनायत थाने के थानाध्यक्ष पंकज राय को दिया गया। जिस पर अभी तक कोई भी केस दर्ज नही किया गया और न ही घटना स्थल पर पुलिस गयी। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)

    इस विषय पर पुलिस के कमिश्नर रोनित शर्मा को फोन किया गया तो शर्मा ने फोन नही उठाया। एसपी गंगापार अभिषेक भारती ने फोन पर कार्रवाई का आश्वसन देकर मौन हो गए। लेकिन कार्रवाई कुछ नही किया। इसके बाद डीजी लखनऊ को फोन किया तो फोन नही उठाया। कल पूरे दिन प्रयाराज जिला कचहरी में हड़ताल जारी रहा। वकीलों में दो ग्रुप हो गया था। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)

    योगी,
    पुलिस थाने के बाहर न्याय के लिए इंतजार करता पीड़ित परिवार की तस्वीर

    योगी आदित्य के राज में अराजकता का माहौल

    अब उत्तरप्रदेश में वकील वकालत कम गुंडागर्दी ज्यादा करने लगे है। क्योंकि प्रशासन इन गुंडों पर कार्रवाई करने से डरता है। योगी महिलाओ की सुरक्षा और भूमाफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात करते है। पर यहां पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह निर्लज्ज और कामचोर है। केवल लोगों से अवैध वसूली में व्यस्त रहता है। योगी का शिकायत सेल भी पूरी तरह निष्क्रिय है। योगी सरकार को भी अखिलेश सरकार की हवा लगी है। यहां गुंडा राज कायम है। यहां महिलाओ को अकेले घर मे छोड़ने लायक नही है। क्योंकि कब गुंडे घर मे घुस जाएंगे इसकी कोई गारंटी नही है। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)

    https://indian-fasttrack.com/2024/02/26/mumbai-firing-in-malad-east-dindoshi-area

    एसीपी थरवई सीपी सिंह तो पूरा लापरवाह है। ऐसा लगता है, कि ये केवल पुलिस विभाग में वसूली के लिए भर्ती हुआ है। दूसरी ओर प्रयागराज के जिला कचहरी में वकील कम वकील के भेष में गुंडे माफिया और वसूली मास्टर ज्यादा है। इस पर उच्चन्यायालय उत्तरप्रदेश कब संज्ञान लेगा ? कब इनका रजिस्ट्रेशन नंबर रदद् करेगा ? न्यायपालिका का डर धीरे धीरे कम होता जा रहा है। पुलिस फर्जी केस बनाने में ज्यादा व्यस्त है। गरीब और मध्य्यम वर्ग के लोगो को अब योगी राज में न्याय मिलना मुश्किल हो गया है। लोगो मे भारी भय व्याप्त है। पीड़ित परिवार केस दर्ज करने को लेकर समय का इंतजार कर रहा है। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)

  • मुंबई के प्राचीन मंडपेश्वर गुफा का सरकार करेगी विकास

    मुंबई के प्राचीन मंडपेश्वर गुफा का सरकार करेगी विकास

    मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के विकास एवं रखरखाव संबंधित उपाय योजना पर सांसद गोपाल शेट्टी ने पुरातत्व विभाग महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत से की चर्चा।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – संसद सत्र के दौरान पुरातत्व विभाग महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत से उत्तर मुंबई के भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बोरीवली पश्चिम स्थित प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के विकास कार्य संबंधित निवेदन पत्र दिया। साथ ही इस प्राचीन ऐतिहासिक गुफा के रखरखाव पर ठोस चर्चा की।

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    सांसद गोपाल शेट्टी ने जानकारी देते हुए बताया, कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक यदूबीर सिंह रावत को उन्होंने वर्तमान चल रहे मंडपेश्वर गुफा के विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इस कार्य में आ रही अड़चनों के निराकरण की भी चर्चा की। उन्होंने कहा, कि प्राचीन मंडपेश्वर गुफा में पीने के पानी और शौचालय की समस्या है। इसकी सुविधा और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चर्चा हुई है।

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    प्राचीन मंडपेश्वर गुफा का सौंदर्यकरण ..

    प्राचीन मंडपेश्वर गुफा,
    सांसद गोपाल शेट्टी के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक यदूबीर सिंह रावत की तस्वीर ..

    सांसद गोपाल शेट्टी ने बताया, कि प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के रखरखाव और देखभाल संबंधीत उपाय योजना पर भी हमें काम करने की जरूरत है। जिसके लिए हमनें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग महानिदेशक रावत जी से चर्चा की है। साथ ही उन्हें वर्तमान गुफा के सौंदर्यकरण के चल रहे कार्य की जानकारी देते हुए, इस कार्य को तीव्र गति से पूर्ण करने की विनती की गई है। गोपाल शेट्टी ने बताया, कि “महानिदेशक श्री यदूबीर सिंह रावत ने इस मुलाकात के दौरान सकारात्मक एवं प्रतिभाव उत्तर दिए हैं।”

  • Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, Manoj Jarange का Mumbai

    Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, Manoj Jarange का Mumbai

    Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, मनोज जरांगे का मुंबई तक विरोध मार्च शुरू। यात्रा के दौरान नवी मुंबई में वाहनों पर प्रतिबंध।

    विशेष संवाददाता
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में एक बार फिर मराठा आरक्षण का मुद्दा गर्म हो रहा है। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा औरंगाबाद के जालना ज़िले से बड़ी संख्या में समर्थकों को लेकर मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई की तरफ़ कूच की है। हज़ारों की संख्या में लोग हाथों में भगवा झंडे लिए और साथ में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति लिए हुए पुणे के रांजणगांव तक पहुंचे हैं। इसके बाद मराठा पुणे के जुन्नर से निकले और अब ये सभी लोग आज लोनावाला पहुँचेंगे। मनोज जारँगे पाटिल की अगुवाई में 20 जनवरी को जालना से सरकार के खिलाफ विरोध मोर्चा मैं यह पूरी भीड़ शामिल हजारों की तादाद में लोग मुंबई के रास्ते में निकले हैं । इनके 26 जनवरी तक मुंबई पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सरकार मराठा आरक्षण के लिए निकले इस जत्थे को मुंबई आने से रोकने की पूरी कोशिश में जुटी है और मराठा नेताओं से लगातार बात कर रही है। सरकार मराठा नेताओं से अनुरोध कर रही है वे मुंबई में प्रदर्शन के लिए ना आएं, इसका जनमानस पर प्रभाव पड़ेगा।

    मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जारांगे का मार्च 25 जनवरी को नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर कार्यालय की हद मे आ रहा है। इसको ध्यान मे रखते हुए, 25 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे से 26 जनवरी को रात 11:00 बजे तक सभी प्रकार के भारी वाहनों के लिए शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा मार्च गुजरने वाले, शहर की सभी सड़कों पर वाहनों की पार्किंग पर रोक लगा दी गई है।

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    Maratha Reservation,

    मनोज जरांगे पाटील ने महायुति सरकार द्वारा रखे गए तीन खंड वाले प्रस्ताव (Maratha Reservation) को खारिज कर दिया है। छत्रपति संभाजीनगर संभागीय आयुक्त मधुकरराजे आर्दड और कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडेय रांजनगांव गणपति स्थित मोर्चे में ढाई घंटे के प्रतीक्षा के बाद मनोज जरांगे पाटील से मुलाकात की सुबह चार बजे शुरू हुई चर्चा के डेढ़ घंटे तक उनसे मुंबई आने से बचने का आग्रह किया गया। हालाँकि, पाटिल अपनी बात पर अड़े रहे। इस चर्चा में मनोज जारांगे पाटिल ने साफ तौर पर कहा, कि “जिन 54 लाख लोगों का कुनबी रिकॉर्ड मिला है, उन्हें और उनके आश्रितों को भी जाति प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा, कि “सर्वेक्षण कार्य जारी रखें। क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई के साथ अदालती लड़ाई जारी रहेगी। लेकिन उससे पहले सरकार हमें आरक्षण दे।”

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    Maratha Reservation: सवा लाख से अधिक गणनाकार मंगलवार से शुरू..

    मराठा आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय में महाराष्ट्र सरकार की उपचारात्मक याचिका के समर्थन में राज्यभर में मंगलवार को सवा लाख से अधिक गणनाकारों एवं अधिकारियों की मदद से अनिवार्य सर्वेक्षण शुरू हो गया है। राज्य के राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने सोमवार को कहा, कि “गणनाकारों को इस प्रक्रिया को त्रुटिहीन रखने का निर्देश दिया गया है और यह प्रक्रिया 31 जनवरी तक चलेगी।” उन्होंने एक बयान में कहा, “अधीक्षकों और अधिकारियों समेत सवा लाख से अधिक गणनाकारों को यह कार्य करने के लिए नियुक्त किया गया है। उनका प्रशिक्षण पूरा हो गया है। राज्य के सभी 36 जिलों, 27 नगर पालिकाओं और सात छावनी बोर्ड में सर्वेक्षण शुरू है जो 31 जनवरी तक चलेगा।”

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे से मुंबई की ओर नहीं बढ़ने की अपील की और इस बात पर जोर दिया कि मुद्दे पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग काम कर रहा है।

  • देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    पांच राज्यो में चुनावी बिगुल बज गया है। अखाड़े में बड़े बड़े पहलवानो की नूरा कुश्ती देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम में सभी प्रमुख राजनिगिक दलों ने अपने पहलवानो की घोषणा कर दिय है। रेफरी के रूप में जनता तैयार है। पर अब प्रश्न ये उठता है, कि सभी उम्मीदवारो और नेताओं के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच क्यों नही करता है चुनाव आयोग।

    चुनाव आयोग के कार्य ..

    सभी के पास कितने काले धन है? उम्मीदवारो ने सम्पत्ति की कितनी जानकारी दिया है और इनके नेता के पास कितना धन है। इस विषय पर चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है। ये कितने बड़े अपराधी है? कितने केस है? कितने विचाराधीन है? इसकी जानकारी न रखता है न ही जानकारी देता है।

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    चुनाव आयोग,
    चुनाव आयोग की प्रतिकारात्मक फ़ाईल तस्वीर

    इसी बीच चुनाव आयोग की ओर से घोषणा
    की गई है, कि राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मतदान बूथों के पास लगाए गई शिविरों के निकट अनावश्यक भीड़ इकट्ठा नहीं होने देंगे ताकि दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों और अभ्यर्थियों के मध्य टकराव और तनाव से बचा जा सके। आचार संहिता की धाराओं प्रशासन भरपूर इस्तेमाल करने जा रहा है।

    Election Commission of India

    लेकिन, आप को बता दें, दिन पर दिन भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। कितना भी पत्रकार लिखता है। फिर भी नेताओ, मंत्रियों और चुनाव आयोग को कोई फर्क नही पड़ता है। चुनाव में धन-बल की आजमाइस जोरो पर चलती है। हत्याएं होती है। अपहरण होते है। इस पर भी चुनाव के पास समय नही होता है। देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

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  • कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    शोहरतगढ़ को शोहरत की बुलंद उंचाईयों तक लेजाने की इच्छा जाहिर करने वाले अपना दल पार्टी के विधायक हकीकत में अपने समर्थकों को ही चूना लगा रहे हैं।

    वी बी माणिक
    लखनऊ
    – उत्तर प्रदेश, सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ निर्वाचित अपनादल के विधायक सुधरने को तैयार नही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में जगह हासिल करने के बाद से ही इनके तेवर बदल गए हैं। गरीबों का पैसा चुनाव के समय डकार कर बैठे विनय आज तक देने को तैयार नही है। जिन लोगो ने अपना खून पसीना बहाकर और नगद उधारी के तौर पर पैसे दिए हैं वो त्राहि-त्राहि कर रहे है। एक ग्राम प्रधान का भी करीब पच्चीस लाख लेकर बैठे है।

    योगी आदित्यनाथ की सरकार ..

    समाजवादी पार्टी से हाथ झटक कर भाजपा के सहारे उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में जगह हासिल करने वाली अपनादल की सुप्रीमो एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी क्या बेईमानो, लुटेरों की पार्टी है? जो गरीबों का खून पीने का काम करती है। बड़ा दुर्भाग्य है ये गरीब पुलिस में शिकायत भी दर्ज नही करवा पा रहे है। विनय वर्मा द्वारा इनको खुली धमकी दी जाती है, कि तुमको जो करते बने कर लो हम पैसा नही देंगे। पत्रकार ने अनुप्रिया पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया। उनसे मुलाकात नही हो सका है।

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    योगी आदित्यनाथ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपना दल पार्टी की मुखिया अनुप्रिया पटेल की तस्वीर

    राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसी पार्टीयो के समर्थन से सरकार चला रहे है। योगी जी घोषणाएं अच्छी-अच्छी कर रहे है पर जो उनकी सरकार में कुछ लुटेरे विधायक बैठे है। उन पर कार्रवाई कब होगी ? कब गरीबो का पैसा मिलेगा ? यही कारण है ठग लुटेरे नेता योगी जी से सहयोग माँगकर चुनाव जीतकर जनता को गुमराह करए है। इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकता है।

    वैसे भी अपना दल पार्टी का नारा है ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिसदारी’ इसका विधायक विनय वर्मा भरपूर फायदा उठा रहे हैं। लोगों को इनके इरादों को समझने में समय लग गया। नहीं तो धोखा और नुकसान नहीं होता। बता दें कि लोग कहते हैं, कि ये विनय वर्मा अपनी जरूरत के वक़्त हाथ जोड़कर मदद मांग रहे थे। अभी वही उधार के पैसे वापस करने के बजाय सत्ता का रौब झाड़ते हुए धमका रहे हैं। ये राजनीति का गंदा चहरा है। जो इनसे धोखा खाने वालों को देखने को मिल रहा है।

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