Category: Political News

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  • उत्तर प्रदेश में योगी का नारा.. महिलाएं बेसहारा.

    उत्तर प्रदेश में योगी का नारा.. महिलाएं बेसहारा.

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    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से अराजकता की नई तस्वीर सामने आ रही है। योगी जी के राज में यहां अवैध रूप से जमीन कब्जा करने के लिए वकीलों को गुंडागर्दी करते विडियो रिकार्ड किया गया। महिलाओं की सुरक्षा चोरी लेकर पुलिस प्रशासन निकम्मी साबित हुई।

    वी.बी. माणिक
    उत्तर प्रदेश/प्रयागराज
    – अब योगी जी का महिलाओ की सुरक्षा का नारा खोखला साबित होता जा रहा है। महिलाएं अपने घर मे भी सुरक्षित नहीं रह गयी है। कल प्रयागराज के गंगापार सरायइनायत के रेठिया गाँव में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडों और वकीलों के करीब 25 से 30 लोग एक सोनी परिवार के घर मे घुसकर महिलाओ और बच्चों के साथ अश्लील हरकत और जमकर मारपीट किया। इसकी जानकारी सरायइनायत थाने के थानाध्यक्ष पंकज राय को दिया गया। जिस पर अभी तक कोई भी केस दर्ज नही किया गया और न ही घटना स्थल पर पुलिस गयी।

    इस विषय पर पुलिस के कमिश्नर रोनित शर्मा को फोन किया गया तो शर्मा ने फोन नही उठाया। एसपी गंगापार अभिषेक भारती ने फोन पर कार्रवाई का आश्वसन देकर मौन हो गए। लेकिन कार्रवाई कुछ नही किया। इसके बाद डीजी लखनऊ को फोन किया तो फोन नही उठाया। कल पूरे दिन प्रयाराज जिला कचहरी में हड़ताल जारी रहा। वकीलों में दो ग्रुप हो गया था।

    योगी,
    पुलिस थाने के बाहर न्याय के लिए इंतजार करता पीड़ित परिवार की तस्वीर

    योगी आदित्य के राज में अराजकता का माहौल

    अब उत्तरप्रदेश में वकील वकालत कम गुंडागर्दी ज्यादा करने लगे है। क्योंकि प्रशासन इन गुंडों पर कार्रवाई करने से डरता है। योगी महिलाओ की सुरक्षा और भूमाफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात करते है। पर यहां पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह निर्लज्ज और कामचोर है। केवल लोगों से अवैध वसूली में व्यस्त रहता है। योगी का शिकायत सेल भी पूरी तरह निष्क्रिय है। योगी सरकार को भी अखिलेश सरकार की हवा लगी है। यहां गुंडा राज कायम है। यहां महिलाओ को अकेले घर मे छोड़ने लायक नही है। क्योंकि कब गुंडे घर मे घुस जाएंगे इसकी कोई गारंटी नही है।

    एसीपी थरवई सीपी सिंह तो पूरा लापरवाह है। ऐसा लगता है, कि ये केवल पुलिस विभाग में वसूली के लिए भर्ती हुआ है। दूसरी ओर प्रयागराज के जिला कचहरी में वकील कम वकील के भेष में गुंडे माफिया और वसूली मास्टर ज्यादा है। इस पर उच्चन्यायालय उत्तरप्रदेश कब संज्ञान लेगा ? कब इनका रजिस्ट्रेशन नंबर रदद् करेगा ? न्यायपालिका का डर धीरे धीरे कम होता जा रहा है। पुलिस फर्जी केस बनाने में ज्यादा व्यस्त है। गरीब और मध्य्यम वर्ग के लोगो को अब योगी राज में न्याय मिलना मुश्किल हो गया है। लोगो मे भारी भय व्याप्त है। पीड़ित परिवार केस दर्ज करने को लेकर समय का इंतजार कर रहा है।

  • मुंबई के प्राचीन मंडपेश्वर गुफा का सरकार करेगी विकास

    मुंबई के प्राचीन मंडपेश्वर गुफा का सरकार करेगी विकास

    मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के विकास एवं रखरखाव संबंधित उपाय योजना पर सांसद गोपाल शेट्टी ने पुरातत्व विभाग महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत से की चर्चा।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – संसद सत्र के दौरान पुरातत्व विभाग महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत से उत्तर मुंबई के भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बोरीवली पश्चिम स्थित प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के विकास कार्य संबंधित निवेदन पत्र दिया। साथ ही इस प्राचीन ऐतिहासिक गुफा के रखरखाव पर ठोस चर्चा की।

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    सांसद गोपाल शेट्टी ने जानकारी देते हुए बताया, कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक यदूबीर सिंह रावत को उन्होंने वर्तमान चल रहे मंडपेश्वर गुफा के विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इस कार्य में आ रही अड़चनों के निराकरण की भी चर्चा की। उन्होंने कहा, कि प्राचीन मंडपेश्वर गुफा में पीने के पानी और शौचालय की समस्या है। इसकी सुविधा और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चर्चा हुई है।

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    प्राचीन मंडपेश्वर गुफा का सौंदर्यकरण ..

    प्राचीन मंडपेश्वर गुफा,
    सांसद गोपाल शेट्टी के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक यदूबीर सिंह रावत की तस्वीर ..

    सांसद गोपाल शेट्टी ने बताया, कि प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के रखरखाव और देखभाल संबंधीत उपाय योजना पर भी हमें काम करने की जरूरत है। जिसके लिए हमनें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग महानिदेशक रावत जी से चर्चा की है। साथ ही उन्हें वर्तमान गुफा के सौंदर्यकरण के चल रहे कार्य की जानकारी देते हुए, इस कार्य को तीव्र गति से पूर्ण करने की विनती की गई है। गोपाल शेट्टी ने बताया, कि “महानिदेशक श्री यदूबीर सिंह रावत ने इस मुलाकात के दौरान सकारात्मक एवं प्रतिभाव उत्तर दिए हैं।”

  • Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, Manoj Jarange का Mumbai

    Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, Manoj Jarange का Mumbai

    Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, मनोज जरांगे का मुंबई तक विरोध मार्च शुरू। यात्रा के दौरान नवी मुंबई में वाहनों पर प्रतिबंध।

    विशेष संवाददाता
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में एक बार फिर मराठा आरक्षण का मुद्दा गर्म हो रहा है। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा औरंगाबाद के जालना ज़िले से बड़ी संख्या में समर्थकों को लेकर मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई की तरफ़ कूच की है। हज़ारों की संख्या में लोग हाथों में भगवा झंडे लिए और साथ में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति लिए हुए पुणे के रांजणगांव तक पहुंचे हैं। इसके बाद मराठा पुणे के जुन्नर से निकले और अब ये सभी लोग आज लोनावाला पहुँचेंगे। मनोज जारँगे पाटिल की अगुवाई में 20 जनवरी को जालना से सरकार के खिलाफ विरोध मोर्चा मैं यह पूरी भीड़ शामिल हजारों की तादाद में लोग मुंबई के रास्ते में निकले हैं । इनके 26 जनवरी तक मुंबई पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सरकार मराठा आरक्षण के लिए निकले इस जत्थे को मुंबई आने से रोकने की पूरी कोशिश में जुटी है और मराठा नेताओं से लगातार बात कर रही है। सरकार मराठा नेताओं से अनुरोध कर रही है वे मुंबई में प्रदर्शन के लिए ना आएं, इसका जनमानस पर प्रभाव पड़ेगा।

    मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जारांगे का मार्च 25 जनवरी को नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर कार्यालय की हद मे आ रहा है। इसको ध्यान मे रखते हुए, 25 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे से 26 जनवरी को रात 11:00 बजे तक सभी प्रकार के भारी वाहनों के लिए शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा मार्च गुजरने वाले, शहर की सभी सड़कों पर वाहनों की पार्किंग पर रोक लगा दी गई है।

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    Maratha Reservation,

    मनोज जरांगे पाटील ने महायुति सरकार द्वारा रखे गए तीन खंड वाले प्रस्ताव (Maratha Reservation) को खारिज कर दिया है। छत्रपति संभाजीनगर संभागीय आयुक्त मधुकरराजे आर्दड और कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडेय रांजनगांव गणपति स्थित मोर्चे में ढाई घंटे के प्रतीक्षा के बाद मनोज जरांगे पाटील से मुलाकात की सुबह चार बजे शुरू हुई चर्चा के डेढ़ घंटे तक उनसे मुंबई आने से बचने का आग्रह किया गया। हालाँकि, पाटिल अपनी बात पर अड़े रहे। इस चर्चा में मनोज जारांगे पाटिल ने साफ तौर पर कहा, कि “जिन 54 लाख लोगों का कुनबी रिकॉर्ड मिला है, उन्हें और उनके आश्रितों को भी जाति प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा, कि “सर्वेक्षण कार्य जारी रखें। क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई के साथ अदालती लड़ाई जारी रहेगी। लेकिन उससे पहले सरकार हमें आरक्षण दे।”

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    Maratha Reservation: सवा लाख से अधिक गणनाकार मंगलवार से शुरू..

    मराठा आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय में महाराष्ट्र सरकार की उपचारात्मक याचिका के समर्थन में राज्यभर में मंगलवार को सवा लाख से अधिक गणनाकारों एवं अधिकारियों की मदद से अनिवार्य सर्वेक्षण शुरू हो गया है। राज्य के राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने सोमवार को कहा, कि “गणनाकारों को इस प्रक्रिया को त्रुटिहीन रखने का निर्देश दिया गया है और यह प्रक्रिया 31 जनवरी तक चलेगी।” उन्होंने एक बयान में कहा, “अधीक्षकों और अधिकारियों समेत सवा लाख से अधिक गणनाकारों को यह कार्य करने के लिए नियुक्त किया गया है। उनका प्रशिक्षण पूरा हो गया है। राज्य के सभी 36 जिलों, 27 नगर पालिकाओं और सात छावनी बोर्ड में सर्वेक्षण शुरू है जो 31 जनवरी तक चलेगा।”

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे से मुंबई की ओर नहीं बढ़ने की अपील की और इस बात पर जोर दिया कि मुद्दे पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग काम कर रहा है।

  • बच्चों की नींद पूरी नहीं होने का बताया कारण

    बच्चों की नींद पूरी नहीं होने का बताया कारण

    महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस ने स्कूलों के अपने समय में बदलाव करने की अपील की है, ताकि बच्चें पूरी नींद ले सकें। राज्यपाल ने कहा है कि बच्चों को सुबह जल्दी उठना पड़ता है। ऐसे में उनकी नींद पूरी नहीं हाेती है। ऐसे में उनकी नींद पूरी नहीं होती है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – स्टूडेंट्स को पूरी नींद मिले इसके लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस ने एज्युकेशन अधिकारियों से स्कूलों का समय बदलने पर विचार करने को कहा है। महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, कि कोविड के बाद से हर किसी की नींद का तरीका बदल गया है। खासकर बच्चे जो आधी रात के बाद ही सोते हैं, लेकिन उन्हें स्कूल जाने के लिए जल्दी उठना पड़ता है, जिससे उनकी नींद का न्यूनतम कोटा खत्म हो जाता है। इसका खयाल करते हुए, उन्होंने स्कूलों और शिक्षा अधिकारियों से इस पहलू पर ध्यान देने के अलावा ‘पुस्तक-रहित’ स्कूलों, ‘ई-कक्षाओं’ को बढ़ावा देने और छात्र समुदाय पर शिक्षा के बोझ को कम करने के लिए उनकी गुणवत्ता के अनुसार स्कूलों की रैंकिंग करने का आह्वान किया है।

    महाराष्ट्र के राज्यपाल ने क्या कहा ..

    राज्यपाल रमेश बैस ने यह बातें राजभवन में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न पहलुओं के शुभारंभ के मौके पर कहीं। बैस ने जब ये बातें कहीं तो कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री दीपक केसरकर, मंगल प्रभात लोढ़ा और गिरीश महाजन के अलावा प्रमुख सचिव शिक्षा रणजीत सिंह देयोल भी मौजूद थे। बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित नए स्कूल भवनों का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल और सीएम ने संयुक्त रूप से माई स्कूल, ब्यूटीफुल स्कूल, स्टोरी-टेलिंग सैटरडे, एंजॉयेबल रीडिंग, एडॉप्ट स्कूल एक्टिविटी, माई बैकयार्ड और क्लीननेस मॉनिटर जैसी पहल की शुरुआत की।

    राज्यपाल,

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    लाइब्रेरी को गोद लेने की जरूरत
    राज्यपाल ने इस बात पर भी खेद व्यक्त किया कि राज्य में सैकड़ों सार्वजनिक पुस्तकालय हैं, लेकिन अधिकांश पुराने हैं, इसलिए उन सभी को पुनर्जीवित करने और परिसर में कंप्यूटर और इंटरनेट प्रदान करके ‘लाइब्रेरी एडॉप्शन’ शुरू करने की आवश्यकता जताई है। बैस ने आग्रह करते हुए कहा, कि यह आवश्यक था क्योंकि छात्र न केवल किताबों के माध्यम से बल्कि इंटरनेट, सोशल मीडिया और अन्य स्रोतों के माध्यम से भी अपना ज्ञान प्राप्त करते हैं जो उनके आईक्यू स्तर को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसलिए शिक्षकों को भी शैक्षणिक मामलों में नए चीजों को सीखते रहना चाहिए। उन्होंने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कम शैक्षणिक होमवर्क और “खेल और रचनात्मक गतिविधियों पर जोर के साथ शिक्षा को और अधिक मनोरंजक बनाने का आह्वान किया।

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  • देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    पांच राज्यो में चुनावी बिगुल बज गया है। अखाड़े में बड़े बड़े पहलवानो की नूरा कुश्ती देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम में सभी प्रमुख राजनिगिक दलों ने अपने पहलवानो की घोषणा कर दिय है। रेफरी के रूप में जनता तैयार है। पर अब प्रश्न ये उठता है, कि सभी उम्मीदवारो और नेताओं के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच क्यों नही करता है चुनाव आयोग।

    चुनाव आयोग के कार्य ..

    सभी के पास कितने काले धन है? उम्मीदवारो ने सम्पत्ति की कितनी जानकारी दिया है और इनके नेता के पास कितना धन है। इस विषय पर चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है। ये कितने बड़े अपराधी है? कितने केस है? कितने विचाराधीन है? इसकी जानकारी न रखता है न ही जानकारी देता है।

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    चुनाव आयोग,
    चुनाव आयोग की प्रतिकारात्मक फ़ाईल तस्वीर

    इसी बीच चुनाव आयोग की ओर से घोषणा की गई है, कि राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मतदान बूथों के पास लगाए गई शिविरों के निकट अनावश्यक भीड़ इकट्ठा नहीं होने देंगे ताकि दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों और अभ्यर्थियों के मध्य टकराव और तनाव से बचा जा सके। आचार संहिता की धाराओं प्रशासन भरपूर इस्तेमाल करने जा रहा है।

    Election Commission of India

    लेकिन, आप को बता दें, दिन पर दिन भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। कितना भी पत्रकार लिखता है। फिर भी नेताओ, मंत्रियों और चुनाव आयोग को कोई फर्क नही पड़ता है। चुनाव में धन-बल की आजमाइस जोरो पर चलती है। हत्याएं होती है। अपहरण होते है। इस पर भी चुनाव के पास समय नही होता है। देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

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  • कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    शोहरतगढ़ को शोहरत की बुलंद उंचाईयों तक लेजाने की इच्छा जाहिर करने वाले अपना दल पार्टी के विधायक हकीकत में अपने समर्थकों को ही चूना लगा रहे हैं।

    वी बी माणिक
    लखनऊ
    – उत्तर प्रदेश, सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ निर्वाचित अपनादल के विधायक सुधरने को तैयार नही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में जगह हासिल करने के बाद से ही इनके तेवर बदल गए हैं। गरीबों का पैसा चुनाव के समय डकार कर बैठे विनय आज तक देने को तैयार नही है। जिन लोगो ने अपना खून पसीना बहाकर और नगद उधारी के तौर पर पैसे दिए हैं वो त्राहि-त्राहि कर रहे है। एक ग्राम प्रधान का भी करीब पच्चीस लाख लेकर बैठे है।

    योगी आदित्यनाथ की सरकार ..

    समाजवादी पार्टी से हाथ झटक कर भाजपा के सहारे उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में जगह हासिल करने वाली अपनादल की सुप्रीमो एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी क्या बेईमानो, लुटेरों की पार्टी है? जो गरीबों का खून पीने का काम करती है। बड़ा दुर्भाग्य है ये गरीब पुलिस में शिकायत भी दर्ज नही करवा पा रहे है। विनय वर्मा द्वारा इनको खुली धमकी दी जाती है, कि तुमको जो करते बने कर लो हम पैसा नही देंगे। पत्रकार ने अनुप्रिया पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया। उनसे मुलाकात नही हो सका है।

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    योगी आदित्यनाथ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपना दल पार्टी की मुखिया अनुप्रिया पटेल की तस्वीर

    राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसी पार्टीयो के समर्थन से सरकार चला रहे है। योगी जी घोषणाएं अच्छी-अच्छी कर रहे है पर जो उनकी सरकार में कुछ लुटेरे विधायक बैठे है। उन पर कार्रवाई कब होगी ? कब गरीबो का पैसा मिलेगा ? यही कारण है ठग लुटेरे नेता योगी जी से सहयोग माँगकर चुनाव जीतकर जनता को गुमराह करए है। इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकता है।

    वैसे भी अपना दल पार्टी का नारा है ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिसदारी’ इसका विधायक विनय वर्मा भरपूर फायदा उठा रहे हैं। लोगों को इनके इरादों को समझने में समय लग गया। नहीं तो धोखा और नुकसान नहीं होता। बता दें कि लोग कहते हैं, कि ये विनय वर्मा अपनी जरूरत के वक़्त हाथ जोड़कर मदद मांग रहे थे। अभी वही उधार के पैसे वापस करने के बजाय सत्ता का रौब झाड़ते हुए धमका रहे हैं। ये राजनीति का गंदा चहरा है। जो इनसे धोखा खाने वालों को देखने को मिल रहा है।

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  • विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 5 राज्यों के समीकरण | सेमीफाइनल या रिहर्सल

    विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 5 राज्यों के समीकरण | सेमीफाइनल या रिहर्सल

    देश के पांच राज्यों में 7 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक कुल चार चरणों में मतदान होंगे। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में, जबकि बाकी राज्यों में एक ही दिन वोट डाले जाएंगे। नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे। साल के ये आखिरी चुनाव सेमीफाइनल तो नहीं, लेकिन 2024 के आम चुनाव के लिए रिहर्सल जैसे जरूर हैं।

    वी बी माणिक
    नई दिल्ली
    – देश की राजनीति में सेमीफाइनल मैच का बिगुल बज चुका है। इसके तहत देश के पाँच राज्यो में सभी दलों के रण बाकुरो की टोली ताल ठोकना शुरू कर दिया है। इस चुनावी खेल में कौन पहलवान जीतेगा? कौन हारेगा? ये समय बतायेगा। इस समय जाति गणना की माँग जोरो पर चल रही है। पर अधिकांश नेता अपनी जाति के बारे में कुछ नही बोल रहे है।

    देश में महिलाओ के साथ बलात्कार की घटना में काफी बढ़ोतरी हुई है। जिस पर राज्य सरकारें चुप्पी साध कर बैठी है। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह समाप्ति की ओर बढ़ती जा रही है। रणबाँकुरों की ओर से टिकट के लिये जोर आजमाइश की जा रही है। चाहे वह कितना बड़ा अपराधी हो, इसको पार्टियां नही देख रही है। जितने दोषी राजनीतिक पार्टियां है उससे ज्यादा दोषी चुनाव आयोग है।

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    देश के पांच राज्यों में चुनाव

    मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार से देश की जनता कई माध्यमों सवाल करती आ रही है, कि क्योंकि चुनाव आयोग इस बात की जाँच क्यों नही करता कि जो भी नेता चुनाव लड़ रहा है उस के खिलाफ आपराधिक कितने केस दर्ज है? न्यायालय में कितने में दोषी पाया गया है और कितने केस विचाराधीन है? अगर है तो चुनाव लड़ने के योग्य नही है। चुनाव आयोग एकदम निष्पक्ष नही है क्योंकि चुनाव आयोग से रिटायर्ड होने के बाद ये भी किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव लड़कर या पीछे के रास्ते से लोकसभा-राज्यसभा में पहुँच जाते है। और आजीवन मलाई खाते है।

    चुनाव,
    चुनावी समीकरण को दर्शाती हुई तस्वीर

    पांचो राज्यों में कुल चार चरणों में वोटिंग होगी। सिर्फ छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होंगे बाकी राज्यों में एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। शुरुआत मिजोरम से 7 नवंबर को होगी, जबकि आखिरी चरण में तेलंगाना विधानसभा के लिए 30 नवंबर को वोट डाले जाएंगे – सभी राज्यों में मतगणना 3 नवंबर को होगी।

    Maharashtra Election : महायुती में महासंग्राम? गरमाया वोट जिहाद

    अब राजीनीतिक पार्टीयो के पहलवानो मे से ये पहलवान चुनाव जीतने के बाद पाँच वर्ष तक अपने एरिया में अपने चमचो के साथ केवल दहशत पैदा करना। पुलिस थानों को अपनी रखैल बनाकर रखना। दुकानदारों व्यापारियों और अन्य कारोबारियों से अवैध धन उगाही का काम करते है और ठेकेदारों से हर कार्य का कमीशन लेना, सरकारी दफ्तरों में वसूली करना, कर्मचारियों को धमकी देना, यही काम करते है। चुनाव आयोग इसकी जाँच क्यों नही करवाता है? बहुत गरीब वर्ग इन विधायकों द्वारा ठगी के शिकार हुए होते है इस पर कोई कार्रवाई नही होती है। अब देखना है, कि 3 दिसंबर को इस सेमीफाइनल मुकाबले का क्या रिजल्ट आता है।

    क्या 1946 में मुसलमानों ने पाकिस्तान के लिए वोट दिया था? पूरा सच जो अब तक आपसे छुपाया गया!

    चुनाव तारीखों की घोषणा तो अब हुई है, लेकिन राजनीतिक पार्टियां काफी पहले से ही चुनाव कैंपेन शुरू कर चुकी हैं। अब तक का हाल तो यही बता रहा है कि 3 राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है, जबकि तेलंगाना और मिजोरम में क्षेत्रीय दलों का दबदबा है।

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  • चुनाव लड़ने के लिए अपने ही समाज से पैसे लेकर अब उन्हीं को धमका रहा है अपनादल का विधायक

    चुनाव लड़ने के लिए अपने ही समाज से पैसे लेकर अब उन्हीं को धमका रहा है अपनादल का विधायक

    अपनादल के विधायक विनय कुमार वर्मा  स्वर्णकार समाज की लुटिया डूबा रहे है और समाज के कथित ठेकेदार वर्मा की जय जय कार कर रहे है।

    वी बी माणिक
    लखनऊ-
    उत्तरप्रदेश के शोहरतगढ़ से अपनादल अनुप्रिया पटेल गुट के विधायक विनय कुमार वर्मा ने अपने स्वर्णकार समाज के कई लोगो से चुनाव लड़ने के नाम पर उधारी के तौर पर लिए गए करोड़ो रूपये का घपला कर दिया है। जिन-जिन लोगो ने पैसा दिया है, वह अपना पैसा मांगते है, तो वर्मा धमकी देकर सीधा कहता है, “मैं पैसा नही दूंगा। जो करते बने कर लो।”

    इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान अपनादल के वर्मा ने जिससे अपने लिए चार बॉडी गार्ड लिया था। उसका भी लाखों रुपये डकार गया है। उन सभी चारो बॉडी गार्डो का भी पैसा नही दिया है। कुल 4 महीना इक्कीस दिन तक बॉडीगार्डों ने चौबीसों घंटे अपनादल के वर्मा की सुरक्षा में तैनात थे। सभी बॉडीगार्ड अपने मालिक से पैसे के लिए झगड़ा कर रहे है। मालिक ने समाज के ठेकेदारों से इसकी शिकायत किया, कि ऐसे समाज के नेता जो गरीबो का ही खून पीकर विधायक बने है।

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    अपनादल,
    अपना दल का विधायक विनय वर्मा की फाइल तस्वीर

    अपनादल का विधायक ..

    अब सुरक्षा गार्ड कंपनी का मालिक दर-दर भटक कर समाज के ठेकेदारों के सामने गुहार लगा रहा है। ऐसे विधायक को चुल्लूभर पानी मे डूब मरना चाहिए। विनय कुमार वर्मा  स्वर्णकार समाज की लुटिया डूबा रहे है और समाज के कथित ठेकेदार वर्मा की जय जय कार कर रहे है।

    क्या ऐसे लोग समाज के लिए योग्य है? क्या समाज ऐसे लोगो का सामाजिक बहिष्कार करेगा? या ऐसे विधायको का सत्कार करेगा और अवैध कारोबार को बढ़ावा देगा? इस पर समाज को विचार करना है। समाज के अंदर काफी तोश व्याप्त है। लोग अपनादल के विधायक के नाम से डर रहे है। क्या अनुप्रिया पटेल इस विधायक पर कार्रवाई करेंगी या ऐसे विधायको का सत्कार करेंगी? जो लूटपाट, बेईमानी, ठगी में माहिर हो खबर लिखने के बाद क्या कार्रवाई होगी? ये नागरिकों और समाज को जानकारी मिलनी चाहिए सुर सभी गरीबो का पैसा वापस मिलना चाहिए।

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  • महाराष्ट्र: गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी: एकनाथ शिंदे

    महाराष्ट्र: गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी: एकनाथ शिंदे

    • Ganesh utsav 2023: एक Permission
    • मुख्यमंत्री अध्यक्षता में अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
    • आने वाले वर्षों के लिए बेहतर योजना…
    • जमीन नाममात्र का किराया रु. 100/

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऐसी अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से उन उत्कृष्ट गणेशोत्सव मंडलों को राहत मिली है जिन्होंने सभी नियमों, कानूनों का पालन किया है और पिछले दस वर्षों में कोई शिकायत नहीं थी। साथ ही वे आने वाले वर्षों के लिए बेहतर योजना बना सकेंगे। (Ganesh utsav 2023 Permission)

    Ganesh utsav 2023 एक Permission ..

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वश्रेष्ठ गणेशोत्सव मंडलों को प्रोत्साहित करने के लिए अगले पांच साल के लिए एक बार अनुमति देने की मांग की गई। इस दौरान एक याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा दिये गये निर्देश की ओर भी ध्यान दिलाया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देश के अनुरूप नगर विकास विभाग ने सरकारी निर्णय की घोषणा कर दी है। इस निर्णय के अनुसार, सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को 19 सितंबर, 2023 से शुरू होने वाले गणेशोत्सव में अगले पांच वर्षों के लिए सरकारी नियमों और कानूनों का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ गणेशोत्सव मंडलों को अनुमति देने के लिए कार्रवाई करनी होगी। (Ganesh utsav 2023 Permission)

    Ganesh utsav, Permission, 2023
    महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी की तैयारी की तस्वीर

    नियमानुसार ..

    महानगरपालिकाएं, नगरपरिषदों व ग्राम पंचायतों की जमीन नाममात्र का किराया रु. 100/ गणेशोत्सव या अन्य उत्सव मंडलों से जमा कराएंगी। साथ ही, उत्सव मंडलों को त्योहार के लिए समय-समय पर निर्धारित सरकारी निर्णयों और आदेशों के अनुसार नियम और शर्तों का पालन करना होगा। बोर्डों को स्थानीय पुलिस स्टेशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा और ऑनलाइन माध्यम से संबंधित स्थानीय निकायों को अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। (Ganesh utsav 2023 Permission)

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  • सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    • जाति प्रमाणपत्र के लिए राष्ट्रीय दस्तावेज होने जरूरी….!
    • न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने हेतु सरकार ने दी मंजूरी

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा में मराठा कुनबी समुदाय, कुनबी मराठा समुदाय को जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें कई कागजात साक्ष्य के रूप में मान्य होंगे, निजाम काल के अनिवार्य साक्ष्य, वंशावली, शैक्षिक साक्ष्य, राजस्व साक्ष्य, निजाम काल में किए गए समझौते, निजाम काल के संस्थानों द्वारा दिए गए चार्टर, राष्ट्रीय दस्तावेज होने ज़रूरी होंगे। इसमें निजाम शाही के समय के प्रमाण सरकारी कागजातों में होंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। (Maratha Arakshan News)

    मिलेगा जाति प्रमाणपत्र ..

    सरकारी निर्णय संख्या MASU -2023/P.No.03/16A दिनांक 07/सितंबर 2023, मैडम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मंत्रालय,मुंबई के अनुसार महाराष्ट्र सरकार शिक्षा एवम समाज कल्याण विभाग, सरकारी निर्णय दिनांक 13 अक्तूबर 1967, महाराष्ट्र अनुसूचित जाति, जनजाति, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, जाति प्रमाणपत्र जारी करने और सत्यापन का विनियमन अधिनियम, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक कार्य, खेल और विशेष सहायता विभाग के निर्णय दिनांक 1 जून 2004, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय ईवीएम विशेष सहायता विभाग दिनांक 1 सितंबर 2012, महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की अधिसूचना 5 परिपत्र दिनांक 28 फरवरी 2018, क्रमांक दिनांक 29 मई 2023, पिछड़ावर्ग और विशेष पिछड़ावर्ग जातिप्रमानपत्र जारी और सत्यापन का बिनयनम अधिनियम 2000 के अनुसार किया जाता है। (Maratha Arakshan News)

    जाति प्रमाणपत्र, Maratha Arakshan,
    मराठा आरक्षण पर प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

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    13 अक्तूबर 1967 निर्णय संख्या 1 के तहत उल्लखित राज्य में अन्य पिछड़ावर्ग की सूचीनुसार (अ) (स) 83 पर कुनबी जाति का उल्लेख है। सरकारी निर्णय 2004 को जारी किया गया, उसके द्वारा मराठा कुनबी के समान कुनबी मराठा को (ए) (न) 83 पर कुनबी जाति के समान जाति के रूप में शामिल किया गया है। यह भी कहा गया, कि सक्षम प्राधिकारी पुराने अभिलेखों साक्ष्यों के आधार पर जांच कर प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लेना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

    समिति गठित करने का निर्णय..

    सरकार की पहल पर न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने के लिए सरकार ने मंजूरी दी है। समिति के अन्य सदस्य मुख्य सचिव राजस्व, प्रधानसचिव विधि एवम न्याय, अतिरिक्त मुख्यसचिव संबंधित जिलों के कलेक्टर, विभागीय आयुक्त औरंगाबाद।
    आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक विभागो के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रमुख सचिव को बैठक में आमंत्रित किया जाना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

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