Category: Political News

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  • बिना पैसा दिए करार रद्द कराने के लिए ग्लोबल म्यूजिक प्रा. लि. के सीईओ राजकुमार सिंह का अपहरण

    बिना पैसा दिए करार रद्द कराने के लिए ग्लोबल म्यूजिक प्रा. लि. के सीईओ राजकुमार सिंह का अपहरण

    • शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी ..
    • स्टैंप पेपर पर दस्तखत कराकर जानलेवा धमकी देकर छोड़ा विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे ने।
    • ली थी मनोज मिश्रा से अपहरण की सुपारी।

    मुंबई- नेता हो या अभिनेता, सबको आवश्यक है। किंतु यदि वे अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को निभाते हुए, अपनी संतानों को अच्छे संस्कार नहीं देते हैं तो उनकी संताने शॉर्ट कट का रास्ता अपनाकर असामाजिक व अनैतिक कार्य करने लगती है। ऐसा ही एक मामला विधायक प्रकाश सुर्वे के साथ भी घटित हुआ है, जहां उनके बेटे राज सुर्वे, उसके साथी विक्की शेट्टी सुपारी देने वाले मनोज मिश्रा व उनके 10,12 अज्ञात गुंडे टाइप साथियों के विरुद्ध म्यूजिक कंपनी के मालिक राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस थाने में प्राथमिकी नामजद एफआईआर दर्ज कराई है।

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    पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार गोरेगांव (पूर्व) में चिंतामणि क्लासिक बिल्डिंग इको हाउस के पास, विश्वेश्वर नगर रोड़ के फ्लैट नंबर 302, 303, 403 तीसरा व चौथे मजले पर’ ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन प्रा. लि. नाम की कंपनी का कार्यालय है। वहीं आरोपी मनोज मिश्रा (30) वर्ष वाय – 503, एग्जीबिशन रोड़, गन अपार्टमेंट चौक के समीप ही पटना, बिहार की भी आदिशक्ति प्रा. लि. नाम की म्यूजिक कंपनी है। मनोज मिश्रा ने उसके 1.5 करोड़ फॉलोअर्स बताया है। उसे पैसे की आवश्यकता थी अपनी आदिशक्ति कंपनी को बढ़ाने के लिए, इसलिए उसने ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन के सीईओ राजकुमार सिंह से अपनी कंपनी ‘ आदिशक्ति प्रा. लि. डिजिटल लाइसेंस पर वर्ष 2019 में ओटीटी प्लेटफार्म के संबंध में आवश्यक करार पत्र लेकर राजकुमार सिंह ने एक वर्ष का ही करार किया था।

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    अपहरण, सुपारी, शिवसेना,
    विधायक प्रकाश सुर्वे की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ फाइल तस्वीर

    अपहरण की सुपारी ..

    किंतु कंपनी का व्यवहार अच्छा रहा। इसी कारण वर्ष – 2021 में मनोज मिश्रा ने यूट्यूब चैनल के लिए 8 करोड़ रुपए एडवांस में लिया और 5 वर्ष का करारनामा लिखा, जिसका लॉकिंग पीरियड 3 वर्ष का था। यह करारनामा वर्ष – 2026 में अपने पांच वर्ष पूर्ण करता। चैनल डेवलपमेंट के लिए मनोज मिश्रा ने कंटेंट न बनाकर उक्त पैसे को अन्यत्र खर्च किया, जिससे राजकुमार सिंह को मिलने वाले नियमित लाभ में कमी आने लगी।

    शिकायत के मुताबिक यूट्यूब चैनल का कंटेंट बनाने के लिए मनोज मिश्रा ने और पैसे की मांग की, जिसे राजकुमार सिंह ने इनकार कर दिया। किंतु मनोज मिश्रा ने वर्ष -2022 से करारनामा रद्द करने के लिए राजकुमार सिंह पर दबाव डालने लगा। राजकुमार सिंह ने समझौते के लिए उससे कहा कि वह उसे जून व जुलाई 2023, में एक करोड़ रुपए उसकी कंपनी के बैंक खाते में दे चुका है। वह उसका पैसा वापस करके करार रद्द कर सकता है।किंतु मनोज मिश्रा ने ऐसा न करते हुए, पद्माकर, राज सुर्वे को करार रद्द कराने की सुपारी दे दी। दिनांक – 09/08/2023 को 10 – 15 लोग राजकुमार सिंह के कार्यालय में आए और उसे विधायक प्रकाश सुर्वे के कार्यालय में ले गए, फिर कुछ दूर स्थित एक अन्य बिल्डिंग में ले गए, जहां उसके मोबाइल पर वनराई पुलिस का फोन आया, किंतु अपहरण कर्ताओं के दबाव के कारण राजकुमार सिंह ने पुलिस को जवाब नहीं दे पाया। फिर अपहरण कर्ताओं ने राजकुमार सिंह को दहिसर स्थित एक कार्यालय में लाया गया। जहां पद्माकर, राज सुर्वे पहले से ही मौजूद था।

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    उसने जानलेवा धमकियां दी। उसके साथी विकी शेट्टी ने मनोज मिश्रा द्वारा लाए गए 100 / – के स्टैंप पेपर पर राजकुमार सिंह से जबरन करारनामा रद्द करने के लिए दस्तखत कराया और राजकुमार सिंह को जानलेवा धमकियां देते हुए, पुलिस में न जाने की ताकीद कर छोड़ दिया। फिर राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस स्टेशन जाकर मनोज मिश्रा, पद्माकर, राज सुर्वे, विकी शेट्टी व 10,12 अज्ञात लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुंबई एयरपोर्ट से फरार होने की कोशिश कर रहे मनोज मिश्रा व उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब देखना यह है कि पुलिस विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे को भी गिरफ्तार करती है या नहीं?

  • नेताओ के आरोप प्रत्यारोप पर चल रहा है देश

    नेताओ के आरोप प्रत्यारोप पर चल रहा है देश

    मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना हुई है। इस पर कार्रवाई का अभी तक नहीं होना क्या नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप पर देश चल रहा है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    आजकल के नेताओ में शर्म, लाज, हया, सब खत्म हो चुका है। कोई हिन्दू शास्त्र का तो कोई कुरान की दुहाई देकर राजनीति को पूरी तरह गंदगी में ढकेल दिया है। दिन पर दिन महिलाओं के इज्जत को तार-तार कर सभी राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जोर-शोर से चल रहा है। टीवी चैनलों पर जमकर कबूतरबाजी चलाकर टीआरपी बटोरी जा रही है।

    लेकिन मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई है। उससे केवल राज्य का ही नही पूरे देश का नाम, विश्व पटल नाम काफी खराब हुआ है। मणिपुर और राजस्थान बिहार में महिला को निर्वस्त्र कर उनके साथ दुष्कर्म करने वाले और वहाँ उपस्थित दर्शको के साथ वीडियो बनाने वालों के विरुद्ध कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए था। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री जो कुम्भकर्णीय की नींद सो रहे थे उनको सलाखों के पीछे ढकेलना चाहिए था।

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    Indian Politics ..

    Indian politics,
    प्रतिकारात्मक फ़ाईल तस्वीर

    यह खबर लिखने में हम पत्रकारों का सर शर्म से झुक जाता है। क्योंकि पत्रकारों को लिखने के अलावा कोई अधिकार नही है। यह मुद्दा अब देश की संसद में चला गया है। वहाँ भी नेता अपनी रोटी सेक रहे है। इस पर कार्रवाई की बात कोई नही कर रहा है। बड़ी विडंबना है, कि देश की संसद और विधानसभा में नेता की जगह अपराधियो ने कब्जा कर लिया है। पर इसका जबाबदार है कौन ?

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    देश की जनता अपने देश में महिलाओं को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती के रूप में देखा जाता है और पुरुष वर्ग इन्हीं का अपमान करता है। इन्हीं को शैतानो की तरह नोचता है। इन्हीं के साथ हैवानियत करता है। ऐसे लोगो को चुल्लू भर पानी मे डुब मरना चाहिए। ये जितने दरिंदे है ये सब नेताओ के चमचे है। इसलिए इन पर कार्रवाई नही हो रहा है।
    आईएएस और आईपीएस अधिकारी क्यो चुप बैठे है? देश का दुर्भाग्य है, कि खाकी पर हमेशा खादी भारी पड़ता है। कब सुधरेगा हमारा देश कब वो दिन आएगा जब बहन बेटिया अपने को सुरक्षित महसूस करेंगी और दरिंदो का सर्वनाश होगा।

  • कांग्रेस की छत्रछाया में विपक्षियों को आना ही होगा।

    कांग्रेस की छत्रछाया में विपक्षियों को आना ही होगा।

    कांग्रेस की छ

    • आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है।
    • देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    प्रायः हर प्रदेश में चंद क्षत्रप अवश्य हैं। जैसे यूपी में सपा, महाराष्ट्र में शिवसेना और राकांपा लेकिन टूट से परेशान विहार में नीतीश और लालू फेमिली, बंगाल में ममता दीदी, इसी तरह साउथ में डी एम के. और कुछ छुटपुट क्षेत्रों में दूसरे क्षत्रप। किसी में इतनी शक्ति नहीं कि अकेले बीजेपी और मोदी का मुकाबला कर सके। दूसरी ओर जहां आप पार्टी ने दिल्ली और पंजाब फतह किया। लेकिन दूसरे प्रांतों में अप्रभावी रही, जबकि कांग्रेस ने पहले बीजेपी की दौलत शोहरत के सम्मुख सीमा तने गर्व से खड़ी रही। कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश के बाद कर्नाटक में भी जीत हासिल कर सरकार बना ली। यहां समझने की जरूरत है कि देशभर के आदिवासी और दलित जनता कांग्रेस के साथ होती दिखाई दे रही है।

    लोकसभा चुनाव पूर्व तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में होने वाली विधानसभाओं में अपना परचम लहराएगी कांग्रेस। महाराष्ट्र में भले जयचंदों की कमी नहीं है। अपने अपने बासों की पीठ में छुरा भोंककर सत्तासुख ले रहे यह सुख अस्थाई है। आगामी चुनाव और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राकांपा और शिवसेना मिलकर कब्जा कर लेंगे। हरियाणा में भी कांग्रेस की जीत बड़ी होगी। कुल मिलाकर आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है। यूपी में भी कांग्रेस आश्चर्य में डाल सकती है। जो बीजेपी और मोदी के सपनों पर तुषारापार करने के लिए काफी है।

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    आदिवासी, दलित,
    कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर

    उत्तम बात यह हुई कि पटना में सभी विरोधी दलों को लगा कि राहुल गांधी ही मोदी के सर्वोत्तम विकल्प होंगे। गुजरात में राहुल को न्याय मिल नहीं सकता इस बात को बहुत पहले रेखांकित किया जा चुका है। मान लें सुप्रीमकोर्ट में भी लोकसभा चुनाव पूर्व न्याय नहीं मिला और राहुल जेल चले गए तो विपक्षी दलों को एकमत होकर प्रियंका गांधी अथवा कांग्रेस अध्यक्ष को विकल्प के रूप में सोचना होगा।

    देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।

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    चूंकि मापन्ना मल्लिकार्जुन खड़गे आदिवासी समुदाय के हैं। इसलिए देश भर के आदिवासियों और दलित उनके नाम पर एकजुट हो सकते हैं। सिर्फ उनके नाम की औपचारिक घोषणा करने की जरूरत होगी। चुनाव प्रचार में सिर्फ उनका नाम दलित आदिवासी समुदाय से जोड़ने की जरूरत होगी। यदि ऐसा हुआ और क्षत्रप मिलकर ईमानदारी से एक के सामने एक प्रत्याशी खड़ा करने की नीति का पालन करते हैं। तो आराम से विपक्षी दलों का गठबंधन 400 + सीटें जीतकर केंद्र में मोदी और बीजेपी को हटा कर नया इतिहास लिखेंगे। अभी तक दलित आदिवासी कभी भी देश का प्रधान मंत्री नहीं बना। खड़गे के रूप में आदिवासियों दलितों को अपना पीएम मिलने का स्वप्न साकार हो जाएगा।

  • राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ विभागीय आवंटन की घोषणा

    राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ विभागीय आवंटन की घोषणा

    • एनसीपी के नेता छगन भुजबल को फिर से मिला राशन विभाग।
    • अजित पवार की इंट्री, बदल गई मंत्रियों की तस्वीर।
    • वापस हुई विभागीय आवंटन की घोषणा।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल में मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव करते हुए नवनियुक्त मंत्रियों के विभागों के लिए आवंटन की घोषणा कर दी है। इसमें फिर एक बार एनसीपी के नेता छगन भुजबल को राज्य का राशन विभाग दिया गया है। राज्यपाल रमेश बैस की मंजूरी के बाद इन विभागों के आवंटन की घोषणा की गई है।

    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास सामान्य प्रशासन, शहरी विकास, सूचना और प्रौद्योगिकी, सूचना और जनसंपर्क, परिवहन, सामाजिक न्याय, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन, खनन और कोई अन्य आवंटित जो पोर्टफोलियो मे नहीं है। वह सारे विभाग मुख्यमंत्री के पास सुरक्षित है।

    उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस गृह, कानून और न्याय, जल संसाधन और लाभकारी क्षेत्र विकास, ऊर्जा, शाही शिष्टाचार विभाग संभालेंगे।

    उपमुख्यमंत्री अजित पवार वित्त और योजना विभाग संभालेंगे।

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    छगन भुजबल,
    उप मुख्यमंत्री अजित पवार और एनसीपी नेता छगन भुजबल की फाइल तस्वीर

    छगन भुजबल को फिर से मिला राशन विभाग

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद देकर राज्य की अर्थव्यवस्था सौंपी गई है, तो वही छगन भुजबल जो महा विकास आघाडी की सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग संभाल रहे थे उन्हें एक बार फिर उसी विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया है।माना जाता है कि अजीत पवार राज्य की अर्थव्यवस्था संभालने के लिए उत्तम है। तो वहीं छगन भुजबल खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग के लिए राज्य में अच्छे नेता साबित हुए हैं। इसी को लेकर शिंदे सरकार भी उन्हें नए राज्य मंत्रिमंडल में वापस से जगह दे दी है।

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    मार्वे बीच पर डूबे 5 लड़के, दो को बचाया तीन अभी भी लापता

    अन्य 26 मंत्रियों के विभाग इस प्रकार हैं :-

    छगन भुजबल – खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग।
    दिलीपराव दत्तात्रेय वलसे-पाटिल – सहकार
    राधाकृष्ण विखे-पाटिल – राजस्व, पशुपालन और डेयरी विकास विभाग।
    सुधीर सच्चिदानंद मुनगंटीवार – वानिकी, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और मत्स्य पालन विभाग।
    हसन मियांलाल मुश्रीफ – चिकित्सा शिक्षा और विशेष सहायता विभाग।
    चंद्रकांतदा बच्चू पाटिल – उच्च और तकनीकी शिक्षा, कपड़ा उद्योग और संसदीय मामले विभाग।
    विजयकुमार कृष्णराव गावित– आदिवासी विकास विभाग।
    गिरीश दत्तात्रेय महाजन– ग्राम विकास एवं पंचायत राज, पर्यटन विभाग।
    गुलाबराव पाटिल– जल आपूर्ति एवं स्वच्छता
    दादाजी दगड़ू भुसे– सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम) विभाग।
    संजय दुलीचंद राठौड़– मृदा एवं जल संरक्षण विभाग।
    धनंजय पंडितराव मुंडे – कृषि विभाग।
    सुरेशभाऊ दगड़ू खाड़े– कामगार विभाग।
    संदीपन आसाराम भुमरे– रोजगार गारंटी योजना एवं बागवान (फलोत्पादन) विभाग।
    उदय रवीन्द्र सामंत– उद्योग विभाग।
    प्रो. तानाजी जयवंत सावंत– लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग।
    रवीन्द्र दत्तात्रेय चव्हाण – सार्वजनिक कार्य विभाग (सार्वजनिक उपक्रमों को छोड़कर)।
    अब्दुल सत्तार– अल्पसंख्यक विकास एवं औकाफ, पणन विभाग।
    दीपक वसंतराव केसरकर– स्कूल शिक्षा और मराठी भाषा विभाग।
    धर्मराव बाबा भगवंतराव अत्राम – खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग।
    अतुल मोरेश्वर सावे– आवास, अन्य पिछड़ा एवं बहुजन कल्याण विभाग।
    शंभुराज शिवाजीराव देसाई– राज्य उत्पाद शुल्क विभाग।
    श्रीमती अदिति सुनील तटकरे – महिला एवं बाल विकास विभाग।
    संजय बाबूराव बनसोडे – खेल और युवा कल्याण, बंदरगाह विभाग।
    मंगलप्रभात लोढ़ा– कौशल्य विकास, उद्योजकता व नाविन्यता विभाग।
    अनिल पाटिल – राहत और पुनर्वास, आपदा प्रबंधन विभाग।

  • जिस्म का कारोबार और शिवसेना का नेता! अड्डे पर मिलीं 44 लड़कियां

    जिस्म का कारोबार और शिवसेना का नेता! अड्डे पर मिलीं 44 लड़कियां

    उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेता रत्नाकर शिंदे के खिलाफ महाराष्ट्र की पुलिस ने आरोप दर्ज कर जिस्म के कारोबार से 44 लड़कियों को किया रिहा। इसमें 4 मिली नाबालिग .. उद्धव ठाकरे ने किया सस्पेंड..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    महाराष्ट्र के बीड जिले में एक जिस्मफरोशी का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस के छापेमारी के द्वारा घटना स्थल पर जिस्म के इस कारोबार से 44 लड़कियां बरामद हुई। जिन लोगों को शिवसेना नेता द्वारा वेश्यावृत्ति के कारोबार में धकेल दिया गया था। जिनमें 4 नाबालिग लड़कियां शामिल बताई जा रही है। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे का करीबी नेता इसमें मुख्य आरोपी है। यह वेश्यावृति का धंधा एक सांस्कृतिक कला केंद्र के नाम पर चलाया जा रहा था।

    कला केंद्र के अंदर जब पुलिस पहुंची तो यहां पर शराब और शबाब का घिनौना खेल जारी था। सेक्स के लिए अड्डे में अलग से छोटे-छोटे कमरे बने हुए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर एक महिला मैनेजर और रत्नाकर का खासम खास एक पुरुष को गिरफ्तार कर लिया है। जो रत्नाकर के इशारे पर जिस्मफरोशी का कारोबार चलाया करता था। वहीं आरोपी शिवसेना का नेता और परवाना धारक महिला फरार बताई जा रहा है।

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    जिस्म का कारोबार, शिवसेना,
    शिवसेना नेता रत्नाकर शिंदे की फाइल तस्वीर

    ज़िस्म का कारोबार और शिवसेना का नेता!

    शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता रत्नाकर शिंदे के द्वारा चलाए जा रहे महालक्ष्मी कला केंद्र में यह जिस्म के कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है। बताया जाता है, कि बीड जिले के केज इलाके में महालक्ष्मी कला केंद्र है जहां सांस्कृतिक नृत्य के कार्यक्रम होते है, लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है। जिले के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस नंद कुमार ठाकुर को सूचना मिली थी कि कला केंद्र की आड़ में अवैध रूप से वेश्यावृति का काला कारोबार चलाया जा रहा है।

    यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    रातभर चलता था शराब और शबाब का घिनौना खेल

    इस केस की जिम्मेदारी सहायक पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत को दी गई थी। पंकज कुमावत ने लोकल पुलिस के बजाय एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग स्क्वाड की स्पेशल टीम तैयार की और अचानक से कलाकेंद्र पर धावा बोल दिया। पुलिस के मुताबिक यहां बियरबार बनाया गया था। जहां शराब परोसी जा रही थी। पुलिस की छापेमारी के दौरान 44 लड़कियां इस बार में मिली जो सेक्स वर्कर की तरह काम करने पर मजबूर थीं। सभी को यहां देशभर के अलग-अलग शहरों से लाकर जमा किया गया था।

    उद्धव ठाकरे की शिवसेना कर रही है मातोश्री में बैठक

    छापामारी के दौरान पुलिस ने देखा की डांस फ्लोर के पास ही कई छोटे-छोटे कमरे बने हुए थे। जब उन्हें खोला गया तो अंदर नाबालिग लड़कियां भी थीं। पुलिस ने तलाशी शुरू की तो अंदर कॉन्डम, शराब, अन्य नशीले पदार्थ मिले। जो ग्राहकों और इन लड़कियों को दिए जाते थे। लड़कियों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ रेप, पोक्सो और अन्य अलग-अलग मामलों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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    यह कला केंद्र रत्नाकर शिंदे एक अन्य महिला के साथ मिलकर चला रहा था। महिला के नाम पर ही लायसेंस है। परवाना धारक महिला के साथ मिलकर रत्नाकर शेट्टी जिस्मफरोशी के इस कारोबार को अंजाम दे रहा था। लेकिन रेड होते ही मुख्य आरोपी रत्नाकर और उसकी महिला साथ फरार हो गए। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। पुलिस ने एक महिला जो कलाकेंद्र की मैनेजर है उसे और एक अन्य पुरूष जो रत्नाकर के दिशा निर्देश पर सेक्स रेकैट चलाने के जुर्म में गिरफ्तार किया है। खबर का पता चलते ही शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे ने रत्नाकर को पार्टी और पद से बर्खास्त कर दिया है।

  • क्या एक्शन लेंगे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे?

    क्या एक्शन लेंगे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे?

    • BMC कमिश्नर इकबाल सिंह चहल का कार्यालय निरूत्तर।
    • BMC का बहुत बड़ा भ्रष्टाचार।
    • मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल के कार्यालय के माध्यम से वर्ष, 2019 और 2021 के मध्य मुंबई को और अधिक खूबसूरत बनाने के नाम पर अनेकों सड़कें कंक्रीट की बनवाई हैं। जो बेहद खराब गुणवत्ता वाली हैं, जिनके विरुद्ध अनेकानेक शिकायतें भेजी गईं लिखित रूप से लेकिन उन पर कान नहीं दिया गया। तो कानूनी कार्रवाई तो बड़ी दूर की बात है। जिससे जान पड़ता है बहुत बड़ा भ्रष्टाचार कर करोड़ों रुपए जेब में भरे गए हैं। जो मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा है।

    BMC का बहुत बड़ा भ्रष्टाचार।

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    BMC, भ्रष्टाचार,
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    शिकायतों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का जवाब नहीं देना और कोई कार्रवाई नहीं करना प्रमाण है, कि खुलकर भ्रष्टाचार किया गया है। महानगर की ये प्रमुख सड़कें हैं, जिसे मेसर्स भव्य एंटरप्राइजेज, मेसर्स प्रगति एंटरप्राइजेज, मेसर्स एम बी ब्रॉडर्स, मेसर्स एम ई इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, मेसर्स कमला, मेसर्स आर जे शाह, मेसर्स कोणार्क कंपनी, मेसर्स मुकेश, मेसर्स ए पी आई सिविल कॉन, मेसर्स मनसा कंस्ट्रक्शन, मेसर्स बिकोन, मेसर्स एच बी, मेसर्स आर के मदानी को ठेका दिया गया हैं। जिनके माध्यम से पी एन वॉर्ड, पी साउथ, के वेस्ट, के ईस्ट, एच ईस्ट, एच वेस्ट, आर नॉर्थ, आर सेंट्रल, आर साउथ इन सभी वार्डों में बनवाई गई तमाम सड़कों में खराब गुणवत्ता के मैटिरियल्स लगाए गए, जो उच्च गुणवत्ता के नहीं हैं।

    क्या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?

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    मुंबईकरों के साथ यह बहुत बड़ा छल किया गया है। जिनमे अधिकांश सड़कें मात्र दो महीने में ही टूट फूट गई। सोचिए कंक्रीट की सड़कें दो महीने भी सही सलामत नहीं रह पाएं तो इसे क्या भ्रष्टाचार का खेल नहीं कहा जाएगा? इस संबंध में तात्कालीन मनपा (BMC) आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यालय में अनेकों लिखित शिकायतें दी हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ये तमाम सड़कें उन्हीं ठेकेदारों द्वारा पुनः निर्माण उच्च क्वालिटी का कराया जाना ही मुंबईकरों के साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आशा की जा सकती है, कि वे न्यायोचित जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करेंगे? या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?

  • यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    • गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू।
    • महाराष्ट्र दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणुस का स्वाभिमान जागा।
    • बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मोदी के पैरों के नीचे से जमीन खिसक चुकी है। बौखलाहट साफ दिख रही है। लेकिन उनकी हर चाल उन्हीं पर भारी पड़ेगी। महाराष्ट्र में पहले शिंदे एंड कंपनी के भ्रष्टाचार की जांच में जेल जाना था मगर शिंदे दंडवत मुद्रा में आ गए। मुख्यमंत्री बन गए। फिर बारी आई अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल और छगनभूजबल जैसे भ्रष्टाचारियों की। इसके साथ ही महाराष्ट्र में गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो चुकी है।

    भोपाल में दो दिन पहले कहा था, सारे भ्रष्टाचारी जेल जाएंगे। राकांपा ने किया है सत्तर हजार करोड़ के घोटाले का खेल। बस अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से गद्दारी कर मोदी का चरण रज ले बैठे और उपमुख्यमंत्री बन गए। अन्य भ्रष्ट मंत्री पद की शपथ ले लिए। बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं। क्योंकि मोदी खुद बिना रीढ़ के हो चुके हैं। जिनमें स्वाभिमान शेष है,  झुकना नहीं चाहेंगे वे ही जेल जाएंगे।

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    गुजरात, महाराष्ट्र,
    महाराष्ट्र वोटिंग की फाइल तस्वीर

    गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग..

    लेकिन देश में दूसरे नंबर के सांसद देने वाले महाराष्ट्र के नागरिकों का मराठी माणूस जाग चुका है। मराठी बनाम गुजराती का भाव बढ़ रहा है। तत्कालीन रूप से भले ही मोदी की कूटनीति जीत रही हो, लेकिन जब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे तो मोदी के सिपहसालार जो सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री बन चुके हैं उन्हें और उनके भ्रष्ट गद्दार साथियों को मराठी माणूस उनकी जमानत जब्त कराकर शिक्षा देंगे।

    जिस्म का कारोबार और शिवसेना का नेता! अड्डे पर मिलीं 44 लड़कियां

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    इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में छः से ज्यादा सीटें बीजेपी को मिलने वाली नहीं है और न हीं महाराष्ट्र में कभी बीजेपी की सरकार ही बनने देंगे मराठी माणूस। गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो गई है। जिस तरह एक मई को महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणूस का स्वाभिमान जागा था। वैसे ही आज भी जाग चुका है और एक बार फिर गुजरात की हार सुनिश्चित है।

  • उद्धव ठाकरे की शिवसेना कर रही है मातोश्री में बैठक

    उद्धव ठाकरे की शिवसेना कर रही है मातोश्री में बैठक

    • महाराष्ट्र में कांग्रेस संभालेगी विपक्ष की बागडोर।
    • महा विकास आघाडी गठबंधन पर होगी चर्चा।
    • एनसीपी नेता अजित पवार ने ली उप मुख्यमंत्री की शपथ।
    • महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    शिवसेना (UBT) गुट के नेता मंगलवार को मुंबई में अपने आवास ‘मातोश्री’ में अपने नेता उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। राज्यसभा सांसद संजय राउत सहित इसके कई नेता बैठक के लिए ‘मातोश्री’ पहुंचे। जिसमें वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम, महा विकास अघाड़ी (MVA) के भविष्य और इसके तीन सहयोगी दल 2024 के लोकसभा चुनाव में कैसे जाएंगे, इस पर चर्चा होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में कांग्रेस संभालेगी विपक्ष की बागडोर।

    महाराष्ट्र में वर्तमान राजनीतिक मंथन तब शुरू हुआ जब एनसीपी के अजीत पवार और छगन भुजबल के साथ-साथ दिलीप पाटिल, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, धर्मरावबाबा अत्राम, अदिति तटकरे, संजय बंसोडे और अनिल पाटिल रविवार को एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फड़नवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में पद ग्रहण कर शामिल हो गए हैं।

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    कांग्रेश, विपक्ष,
    मातोश्री में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं की फाइल तस्वीर

    मंगलवार को महाराष्ट्र विधान भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी शुरू हो गई। यह मांग करते हुए कि महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष का नेता कांग्रेस से होगा, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने मंगलवार को कहा, कि “महा विकास अघाड़ी गठबंधन के सहयोगी 2024 का लोकसभा चुनाव एक साथ लड़ेंगे।”

    “विपक्ष का नेता उस पार्टी से होगा जिसके पास सबसे अधिक विधायक होंगे। हम एनसीपी, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट (महा विकास आघाडी) बीजेपी के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे। 2024 के लोकसभा में कांग्रेस को अच्छी संख्या में सीटें मिलेंगी। बालासाहेब थोराट ने कहा, “एमवीए है एक साथ और राज्य के लोग हमारे साथ हैं।”

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    कांग्रेस संभालेगी विपक्ष की बागडोर..

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को कहा, कि अगर कांग्रेस अपना विपक्षी नेता नियुक्त करना चाहती है, तो यह एक वैध मांग होगी क्योंकि सबसे अधिक विधायकों वाली पार्टी को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने का अधिकार मिलता है।

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    एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “जिस पार्टी के पास सबसे ज्यादा विधायक हैं, वह नेता प्रतिपक्ष पद की मांग कर सकती है। मेरी जानकारी के अनुसार, वर्तमान में कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा संख्या है और अगर वे इसके लिए मांग करते हैं तो यह वैध मांग है।”

    अजित पवार और छगन भुजबल के साथ दिलीप पाटिल, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, धर्मरावबाबा अत्राम, अदिति तटकरे, संजय बंसोडे और अनिल पाटिल रविवार को एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फड़नवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने सोमवार को अजित पवार सहित उन नौ विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया, जिन्होंने 2 जुलाई को शिंदे और फडणवीस की सरकार में मंत्री पद की शपथ ली थी।

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    उपमुख्यमंत्री अजित पवार का साथ देने वाले सभी विधायकों को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए अयोग्य ठहराया गया है। एनसीपी ने नौ विधायकों के खिलाफ महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के पास अयोग्यता याचिका दायर की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजित पवार समूह के नेता प्रफुल्ल पटेल ने सोमवार को एक संयुक्त सम्मेलन में घोषणा की कि लोकसभा सांसद सुनील तटकरे को महाराष्ट्र में पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

  • गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    • प्रचार तंत्र के आधार पर मोदी की गढ़ी गई छवि।
    • भोली भाली जनता ने मान लिया अपना नायक।
    • झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    कृत्रिम चमक वाले वास्तविकता से रहित, हिंसा अन्याय अत्याचार से पूर्ण गुजरात मॉडल, जो सदियों से विश्व व्यापार में अपना अहम स्थान बना चुका था। जिसमें मोदी का कोई हाथ नहीं था। उस धनी, व्यापारिक गुजरात को मोदी द्वारा निर्मित बताकर प्रायोजित किया गया था।
    गुजरात मॉडल से 2014 में उसी को गुजरात मॉडल बताकर पीएम उम्मीदवार बनाया गया था।

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    मोदी,
    गुजरात मॉडल के सवालों पर मोदी की एडिट तस्वीर

    प्रचार तंत्र के आधार पर गढ़ी गई छवि, जिनका नाम तक देश पहले नहीं जानता था, मोदी को भोली भाली जनता ने अपना नायक मान लिया। बीजेपी भारी बहुमत से जीती कांग्रेस के कथित वंशवाद से भारत मुक्त करने के नारे देकर कांग्रेसी घोटालों को बहु प्रचारित कर जीतकर केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। राममंदिर का मुद्दा, जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का मुद्दा फिर सबका साथ सबका विकास नारे में सबका विश्वास पर जनता ने मोदी को सिर माथे पर बिठाया। नतीजा हुआ कि बीजेपी पूरे देश में हर चुनाव चाहे विधानसभा हो या लोकसभा जीतती चली गई।

    मोदी का डूबता सूरज.

    भले बेरोजगारी को चुनावी मुद्दा बनाने, दो करोड़ लोगों को प्रति वर्ष रोजगार देने जैसे दर्जनों वादों में से कोई भी पूरा नहीं किया। धीरे- धीरे यह बात जनता को पता चलती गई जिसका परिणाम हुआ एक भी चुनाव विधानसभा का जीत पाने की स्थिति में नहीं हैं मोदी। सर्वे में लोकसभा में सरकार बनने के आसार भी धूमिल हो गए हैं।

    झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है और अब जनमानस अब मोदी को हटाने का मन बना कर अपने मन की बात सुनाना चाहती है जिसे कभी मोदी को सुनना गंवारा ही नहीं ।
    आर एस एस को चिंता में डाल दिया है। अब वह मोदी का विकल्प ढूंढ रही है। ऐसा क्यों हुआ? सोचना मोदी को है।

  • हिंदू क्यों नहीं अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते?

    हिंदू क्यों नहीं अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते?

    • बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..
    • हिंदू लड़कियां ही क्यों लव जिहाद की शिकार होती है?
    • हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।
    • आरएसएस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमों को मारते हैं।
    • गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?
    • बीजेपी के साथ वही संत है जो जानते ही नहीं कि सनातन धर्म क्या है?
    • अपराधियों को बचने के लिए दो ही रास्ते एक राजनीति दुसरा धर्म का चोला।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बीजेपी दो मुहीं नहीं तीन-तीन मुहिं चाल चलती है। एक तरफ बीजेपी के तमाम बड़े नेता अपनी बेटियों को मुस्लिम से व्याहते हैं। तो दूसरी तरफ गौवंश को लेकर मुस्लिमों की हत्या भी करते हैं। लव जिहाद की बात कर प्रताड़ित करते हैं। जहां तक लव जिहाद का मामला है इसमें हिंदू लड़की की रजामंदी रहती है। जब गोमांस खाने,शमजहब बदलने की बात होती है। तो तब हिंदू लड़कियों का इश्क और मोहब्बत फना हो जाता है।

    संभव है कुछ हिंदू लड़कियां अपहृत कर चंगुल में फंसाई जाती हैं। लेकिन उसमें भी कहीं न कहीं इशारेबाजी होती ही है। क्यों नहीं हिंदू अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते? क्यों हिंदू लड़कियां ही लव जिहाद की शिकार होती हैं? तड़क-भड़क पसंद करने वाली लड़कियां चंगुल में आसानी से फंसती हैं। इसका अर्थ है, कि हिंदू अपनी लड़कियों की परवरिश और संस्कार उपयुक्त तरीके से नहीं देते। दोषी हिंदू ही हैं।

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    बीजेपी, आरएसएस, शंकराचार्य,
    शंकराचार्य महाराज की फाइल तस्वीर

    यक्षप्रश्न है, कि केवल हिंदू पुरुष ही सहपरिवार धर्म बदलते हैं। कोई मुस्लिम या ईसाई नहीं। खासकर दलित अधिकतर धर्म बदलते देखे जाते हैं। ईसाई का एजेंट गैदरिंग करता है जिसमें ओबीसी और एस सी की महिलाएं अधिकतर जाती और ज्ञान लेती हैं। फिर ईसाई बन जाती हैं। धन का लोभ खुली जिंदगी छुआछूत का अभाव। जातियों का बंधन नहीं। हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।

    गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?

    एक तरफ आर एस एस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमो को मारते हैं। तो दूसरी तरफ कथित रूप से हिन्दुत्व की राजनीति करने वाली सरकार गोमांश निर्यात में विश्व का प्रथम राष्ट्र बनाने के लिए करोड़ों रुपए सब्सिडी देती है। देश की सबसे बड़ी गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाली चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों हैं? बीजेपी की सरकार हिंदुत्व का नाम केवल हिंदुओं को मूर्ख बनाकर वोट लेने और सत्ता में आने पर मनमानी करती है।

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    बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..

    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर नंद ने बीजेपी और आर एस एस की कलई खोल कर रख दिया है। जिन हिंदू साधु संतों को बीजेपी अपने खेमे में लाकर चुनाव में पोलराइजेशन करना चाहती है। उनमें किसी का भी कद शंकराचार्य के पैरों से अधिक नहीं है। शंकराचार्य परिपाटी ढाई हजार साल पूर्व आदि शंकर ने चलाई थी। बीजेपी के साथ वही संत हैं, जो जानते ही नहीं, कि सनातनधर्म क्या है। ऐसे लोगों का बैकग्राउंड तलाशा जाए तो अधिकांश क्रिमिनल्स होंगे। अपराधियों के बचने के लिए दो ही रास्ते हैं एक राजनीति दूसरा धर्म का चोला गेरुआ ओढ़ लो। यदि ये सच्चे संत होते तो महिला पहलवानों के यौन शोषण करने के आरोपी बृजभूषण का साथ क्यों देते? मैत्री समान विचारधारा वालों में ही होती है।