Nagaland News: Mon जिले में भारी बारिश और भूस्खलन से कम से कम 8 लोगों की मौत और 12 घायल। सरकार ने राहत और आर्थिक सहायता का ऐलान किया।
Mon Landslide News: नागालैंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच Mon जिले में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। Mon Town के Defence Colony इलाके में हुए बड़े भूस्खलन में कम से कम 8 लोगों की मौत और 12 लोगों के घायल होने की खबर है। कई घर मलबे में दब गए, जबकि राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं।
Mon में भूस्खलन से कई घर प्रभावित
नागालैंड के Mon जिले में 19 जुलाई 2026 को लगातार बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। सरकारी जानकारी के अनुसार, Mon Town के Walo Ward और Defence Colony इलाके में स्थिति बेहद गंभीर रही। कई मकान मलबे और पानी की चपेट में आए तथा सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ।
प्रशासन, SDRF, पुलिस, सेना और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं। शुरुआती अभियान के दौरान कई शव बरामद किए गए और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास जारी रहा।
Mon जिले के अलावा नागालैंड के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश के कारण फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और सड़क अवरोध की स्थिति बनी। कई इलाकों में सड़कें बंद हुईं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
राज्य सरकार ने लोगों से भूस्खलन संभावित ढलानों, नदी किनारे और अन्य जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों को असुरक्षित क्षेत्रों में वापस नहीं लौटने और आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाके का दौरा किया
नागालैंड के मुख्यमंत्री Neiphiu Rio ने Mon Town के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और राहत कार्यों में लगे बचाव दलों, प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने तत्काल राहत के लिए स्थानीय संगठनों को 10 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने vulnerable इलाकों में निर्माण और भवन नियमों का पालन करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
मृतकों और घायलों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 4 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 74,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा प्रभावित परिवारों को भोजन, अस्थायी आश्रय और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। बाद के अपडेट में Mon जिले में प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त राहत राशि जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
कई जिलों में मौसम का असर
भारी बारिश का असर केवल Mon जिले तक सीमित नहीं रहा। नागालैंड के कई अन्य जिलों में भी भूस्खलन, जलभराव और सड़क संपर्क बाधित होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य में मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एडवाइजरी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
सोशल मीडिया पर अफवाहों और अपुष्ट खबरों को साझा न करें।
केवल प्रशासन और आधिकारिक आपदा प्रबंधन एजेंसियों की जानकारी पर भरोसा करें।
नागालैंड में लगातार बारिश के बाद Mon जिले में हुई तबाही ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को सामने ला दिया है। राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और सड़क संपर्क बहाल करने की बड़ी चुनौती है। सरकार ने आर्थिक सहायता और राहत उपायों का ऐलान किया है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
Indian FastTrack लगातार इस खबर से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए हुए है।
India में petrol diesel shortage की अफवाहों पर IOC, BPCL और HPCL का बड़ा बयान। Fuel supply पूरी तरह stable, panic buying से बचने की अपील। जानिए latest fuel price और पूरा अपडेट।
नई दिल्ली: भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर चल रही अफवाहों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ा बयान जारी किया है। Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने साफ कहा है कि देश में fuel shortage जैसी कोई स्थिति नहीं है।
⛽ कंपनियों ने अफवाहों को बताया गलत
IOC ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें “भ्रामक” हैं और इससे लोगों में बेवजह चिंता पैदा हो रही है। BPCL ने इन रिपोर्ट्स को “completely unfounded” बताया और कहा कि भारत के पास petrol, diesel, crude oil और ATF का पर्याप्त स्टॉक है। HPCL ने भी कहा कि petrol, diesel और LPG की सप्लाई पूरी तरह stable है।
🌍 West Asia तनाव के बीच भी सप्लाई मजबूत
यह बयान ऐसे समय आया है जब West Asia में युद्ध चौथे हफ्ते में है और Strait of Hormuz से गुजरने वाले oil tankers की आवाजाही सीमित हो गई है। इसके बावजूद भारत में fuel supply पर कोई असर नहीं पड़ा है।
🚫 Panic Buying से बचने की अपील
तेल कंपनियों ने लोगों से खास अपील की है कि वे panic buying न करें। कंपनियों के मुताबिक, ऐसी अफवाहें सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं और अनावश्यक दबाव बना सकती हैं।
💰 Fuel Prices में नहीं हुआ बड़ा बदलाव
26 मार्च के हिसाब से:
दिल्ली: Petrol ₹94.77 / Diesel ₹87.67
मुंबई: Petrol ₹103.50 / Diesel ₹90.03
Regular petrol और diesel की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
हालांकि, पिछले हफ्ते premium petrol की कीमत करीब ₹2 प्रति लीटर और industrial diesel की कीमत ₹22 प्रति लीटर बढ़ाई गई थी।
📊 Premium Fuel का असर बहुत कम
कंपनियों के अनुसार premium petrol का इस्तेमाल कुल उपभोक्ताओं के 5% से भी कम लोग करते हैं, इसलिए इसका आम जनता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।
भारत 40 से ज्यादा देशों से crude oil खरीदता है, जिसमें Russia और Iran जैसे देश भी शामिल हैं। इसी diversified sourcing की वजह से supply stable बनी हुई है और कीमतों को नियंत्रित रखा जा सका है।
मुंबई में लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने चार लंबी दूरी की ट्रेनों का टर्मिनल CSMT से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) शिफ्ट करने की मंजूरी दी है।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में सबसे व्यस्त कुर्ला–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) रेल कॉरिडोर की भीड़ कम करने की दिशा में रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। चार लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का टर्मिनल अब लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) किया जाएगा। इस बदलाव से लोकल ट्रेनों के लिए अतिरिक्त ट्रेन पाथ उपलब्ध होंगे और खासतौर पर पीक आवर्स में लोकल सेवाओं की समयपालन क्षमता बेहतर होने की उम्मीद है।
किन ट्रेनों का टर्मिनल बदला जाएगा
रेलवे बोर्ड ने जिन चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी दी है, उनमें शामिल हैं:
22629 दादर–तिरुनेलवेली एक्सप्रेस
16331 CSMT–तिरुवनंतपुरम (TVC) एक्सप्रेस
16351 CSMT–नागरकोइल (ईस्ट) एक्सप्रेस
16339 CSMT–नागरकोइल (वेस्ट) एक्सप्रेस
इन ट्रेनों के CSMT तक आने-जाने से कुर्ला–CSMT सेक्शन पर दबाव बढ़ता था।
क्यों जरूरी था यह फैसला
रेलवे अधिकारियों के अनुसार कुर्ला–CSMT रूट मुंबई रेल नेटवर्क का सबसे ज्यादा सैचुरेटेड सेक्शन है। इसी रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनें और लगातार चलने वाली लोकल ट्रेनें एक ही सीमित लाइन क्षमता साझा करती हैं। जब कोई मेल या एक्सप्रेस ट्रेन देरी से आती है, तो उसका सीधा असर लोकल ट्रेनों पर पड़ता है। कई बार लोकल को रोकना या धीमा करना पड़ता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।
लोकल ट्रेनों को क्या होगा फायदा
चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने से CSMT की ओर जाने वाली मेल-एक्सप्रेस मूवमेंट कम होगी। इससे:
लोकल ट्रेनों के लिए स्थिर और नियमित टाइम स्लॉट मिलेंगे
पीक आवर्स में ट्रेन रेगुलेशन कम करना पड़ेगा
देरी का “रिपल इफेक्ट” घटेगा
लोकल सेवाओं की पंक्चुअलिटी सुधरेगी
रेलवे का मानना है कि इससे बिना बड़े निर्माण कार्य के ही लोकल सिस्टम को राहत मिल सकेगी।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक मुंबई डिवीजन में लंबे समय से यह अध्ययन चल रहा था कि लंबी दूरी की ट्रेनों का बेहतर बंटवारा कैसे किया जाए। CSMT पर ज्यादा दबाव होने के कारण कुछ ट्रेनों को LTT जैसे बड़े टर्मिनल पर शिफ्ट कर ऑपरेशनल बैलेंस बनाया जा रहा है। इससे दोनों टर्मिनलों की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता का सही इस्तेमाल हो सकेगा।
कब से लागू होगा बदलाव
फिलहाल रेलवे ने केवल सैद्धांतिक मंजूरी दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेबलिंग, क्रू लिंक, प्लेटफॉर्म आवंटन और यात्रियों की सूचना व्यवस्था जैसे ऑपरेशनल इंतजाम पूरे होने के बाद ही इसकी तारीख घोषित की जाएगी। यात्रियों को समय रहते संशोधित शेड्यूल और प्लेटफॉर्म की जानकारी दी जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. कितनी ट्रेनों को LTT शिफ्ट किया जा रहा है? 👉 कुल 4 लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी मिली है।
Q2. क्या इससे लोकल यात्रियों को फायदा होगा? 👉 हां, कुर्ला–CSMT रूट पर भीड़ कम होने से लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर होगी।
Q3. बदलाव कब से लागू होगा? 👉 अभी तारीख घोषित नहीं हुई है, ऑपरेशनल तैयारी के बाद रेलवे इसकी घोषणा करेगा।
कैनरा बैंक ने 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका है ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड और बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का। आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।
डिजिटल डेस्क मुंबई: अगर आप हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। Canara Bank ने पूरे भारत में 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। यह मौका सिर्फ एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक सुनहरा गेटवे है बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत का।
प्रोफाइल 100% पूरी करें और एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
कैनरा बैंक की वेबसाइट पर जाएं – [canarabank.com → Careers → Recruitment]
“Engagement of Graduate Apprentices 2025” लिंक पर क्लिक करें।
“New Registration” पर जाकर बेसिक जानकारी भरें।
आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
₹500 फीस ऑनलाइन पे करें (General/OBC/EWS के लिए)।
फाइनल सबमिट कर आवेदन प्रिंट निकाल लें।
💵 आवेदन शुल्क (Application Fees)
कैटेगरी
फीस
SC/ST/PwBD
NIL
General/OBC/EWS
₹500/-
🤔 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1️⃣ कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं? 👉 आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।
2️⃣ इस भर्ती के लिए परीक्षा होगी या नहीं? 👉 नहीं, चयन मेरिट (12वीं/डिप्लोमा मार्क्स) के आधार पर होगा।
3️⃣ क्या अप्रेंटिस को परमानेंट नौकरी मिलेगी? 👉 यह एक साल का अप्रेंटिस प्रोग्राम है, लेकिन प्रदर्शन अच्छा होने पर भविष्य में स्थायी अवसरों की संभावना बढ़ सकती है।
4️⃣ स्टाइपेंड कितना मिलेगा? 👉 कुल ₹15,000 प्रति माह — जिसमें ₹10,500 बैंक और ₹4,500 सरकार की तरफ से मिलेगा।
5️⃣ कौन आवेदन नहीं कर सकता? 👉 जिनके पास पहले से एक साल से ज़्यादा का जॉब अनुभव है या जिन्होंने पहले अप्रेंटिसशिप की है, वे आवेदन नहीं कर सकते।
अरुणाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (APPSC) ने जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती 2025 के लिए 413 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। ऑनलाइन आवेदन 18 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2025 तक चलेंगे। जानें योग्यता, सैलरी, आवेदन प्रक्रिया और एग्ज़ाम डिटेल्स।
⭐ मुख्य बातें (Highlights)
भर्ती संस्था: अरुणाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (APPSC)
पद का नाम: जूनियर इंजीनियर (JE – Civil, Mechanical, Electrical, IT, Electronics)
महाराष्ट्र सरकार ने फैक्ट्री और दुकानों में कामकाजी घंटों को 12 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। कर्मचारियों को अब दोगुना ओवरटाइम और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई:महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला। महाराष्ट्र कैबिनेट ने एक अहम श्रम सुधार (Labour Reform) को मंजूरी दी है। अब फैक्ट्रियों और दुकानों में कर्मचारियों की दैनिक कामकाजी समय सीमा 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। इसके साथ ही कामगारों को ओवरटाइम के बदले दोगुना वेतन मिलेगा।
🏭 फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए नए नियम
पहले फैक्ट्रियों में काम का समय 9 घंटे प्रतिदिन था, जिसे अब बढ़ाकर 12 घंटे किया गया है।
6 घंटे काम करने के बाद अनिवार्य ब्रेक मिलेगा (पहले 5 घंटे बाद ब्रेक था)।
क्वार्टर में ओवरटाइम सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है।
हर कर्मचारी की लिखित सहमति के बाद ही ओवरटाइम करवाया जा सकेगा।
🏢 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर असर
दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वालों का समय 9 से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है।
जिन दुकानों में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां भी ओवरटाइम की सीमा अब 144 घंटे प्रति क्वार्टर होगी।
छोटे व्यापार (20 से कम कर्मचारी) को अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ साधारण सूचना देनी होगी।
🌍 निवेश और रोजगार पर असर
सरकार का कहना है कि इन सुधारों से Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलेगा। इससे महाराष्ट्र में निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह फैसला कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों की तरह है, जिन्होंने पहले ही ऐसे बदलाव किए हैं।
श्रम विभाग का कहना है कि इन सुधारों से महिला कर्मचारियों को भी लाभ होगा। क्योंकि अब उनके लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा मौजूद होगा और ओवरटाइम का भुगतान सुरक्षित रूप से मिलेगा।
🛡️ सुरक्षा और अधिकार सुरक्षित
सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से सुरक्षा मानकों में कोई कमी नहीं की जाएगी। बल्कि अब जब भी कर्मचारी अतिरिक्त समय तक काम करेंगे, तो उन्हें लिखित सहमति + दोगुना वेतन मिलना अनिवार्य होगा।
🗣️ सरकार का बयान
“महाराष्ट्र की निवेश क्षमता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बदलाव ज़रूरी है। यह सुधार उद्योगों और कामगारों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे,” – महाराष्ट्र सरकार के प्रवक्ता।
दुनिया की निगाहों में भारत की गवाही और भारत के बीच हुए लगातार आतंकी हमलों पर विदेश नीति और संसद में खड़े होकर छपरी और टपरी जैसे भाषण कि “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” और पाकिस्तानी हमले पर ट्रम्प का सीजफायर। भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत ही नहीं दे पा रहा।
डिजिटल डेस्क नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र चल रहा। बिहार में वोट काटने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा। रोहिंग्या बांग्लादेश और नेपाली के नाम पर लाखों नाम काट डाले गए। blo लोगों के घर जाकर सत्यापन करने की जगह ऑफिस में बैठकर फॉर्म में नाम लिखकर खुद ही वोटर के हस्ताक्षर कर रहे। विपक्षी उनके वोटरों के नाम काटने के आरोप लगाए। पत्रकार अजीत अंजुम ने मोबाइल द्वारा चुनाव आयोग के खेल को सबूत सहित सार्वजनिक किया तो उनपर एफआईआर कर दी गई यानी सच दिखाने का दंड दिया गया।
लोकतंत्र का हिस्सा
संसद में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में सत्ता विपक्ष में वाक्युद्ध चल ही रहा था, कि सीजफायर की भी बात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 बार कहे गये वक्तव्य, कि “हमने ट्रेड की धमकी देकर युद्ध रुकवा दी।” पर विपक्ष ने हमला बोला। यही जीवंत लोकतंत्र है। ट्रंप ने खुद अपने एक्स हैंडल पर शाम 5.35 पर सीजफायर की घोषणा की। भारत की तरफ से नहीं। संसद में सत्ता ने उत्तर नहीं दिया। विपक्ष मांग करता रहा कि पीएम आकर कहें कि ट्रंप ने वॉर नहीं रुकवाई। रक्षामंत्री ने कहा पीओके लेना हमारा मकसद नहीं फिर भाजपा ने बार बार कांग्रेस और नेहरू पर आरोप क्यों लगाए?
संसद में होती है गुंडो की भाषा
पहलगाम में कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी आए और धर्म पूछकर मारा जिसके प्रमाण नहीं। संसद के मानसून सत्र के समय ही सेना ने घोषित किया कि मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए। इससे पूर्व जिन कथित आतंकियों के स्क्रेच जारी किए गए गवाह ने उसे गलत कहा। अहम बात यह कि सत्ता के दंभ में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” क्या ऐसे स्पीकर और राज्यसभा के सभापति सदन की मर्यादा बचाने की कोशिश करेंगे? “मुझसे निपट लो।” क्यों भाई पीएम हो क्या? ऐसी भाषा किसी गली का गुंडा या फिर माफिया ही बोल सकता है। लेकिन विपक्ष को टोकने वाले सत्ता की असंसदीय भाषा की अनसुनी करते हुए पद की गरिमा खो चुके हैं।
मोदी सरकार वर्तमान में अपने से संबंधित बात पर चर्चा करने से भागती है। मोदी दिल्ली में ही है लेकिन सदन में आ नहीं सकते। ऐसा मणिपुर मामले में किया था। अंतिम समय में आए भी तो क्या कुछ कहा दुनिया जानती है। प्रधानमंत्री होने के नाते कभी मणिपुर गए ही नहीं। इसी तरह उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम भी नहीं गए। यह सही है कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 27 भारतीयों को जान गंवानी पड़ी। विपक्ष सवाल पूछता रहा, सवा सौ किलोमीटर दूर पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे आए? लोगों से कथित रूप से धर्म पूछा। पेंट खुलवाकर देखा कौन सा धर्म है। बीजेपी के मंत्रियों में तनिक भी विधवा हुई महिलाओं के प्रति सम्मान भाव नहीं देखा गया। बड़ी बेशर्मी से कहा गया, महिलाओं में वीरांगना भाव नहीं था। एक ने तो कर्नल सोफिया के लिए आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। यही है इनका सेना के प्रति सम्मान भाव।
कांग्रेस पर सवाल उठाने का नतीजा
अब सेशन में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जवाब हो रहे हैं। इसी बीच उन दरिंदे आतंकवादियों को सेना द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही गई। यहां टाइमिंग का सवाल जरूर उठता है। विपक्ष के प्रधान की पुलवामा में उपयुक्त आरडीएक्स कहां से आया सत्ता के पास कोई उत्तर है ही नहीं। कांग्रेस फोबिया से पीड़ित बीजेपी सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया। मुंबई आतंकी हमले का आरोप लगाकर अपने आरोप ढकने और जायज़ ठहराने की नाकाम कोशिश की। जिस पर प्रियंका गांधी ने आड़े हाथों लेते हुए जवाब दिया। मुंबई हमले के सारे आतंकियों को भून दिया गया। एक जीवित आतंकी कसाब को पकड़कर फांसी दी गई। जिसे दुनिया ने देखा और भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी दिखाई दी। आतंकवाद की सर्वत्र आलोचना की गई।
यही नहीं कांग्रेस में दायित्वबोध जवाबदेही होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और गृहमंत्री ने खुद को दोषी समझकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन यह भूल गई प्रियंका कि बीजेपी में दायित्व बोध जवाबदेही और इस्तीफा देने की समझ है ही नही। अगर नैतिकता होती तो मणिपुर मामले में इस्तीफा दिया गया होता। उरी, पठानकोट और पुलवामा की असफलता पर इस्तीफे की झड़ी लग गई होती। प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन से इस्तीफा मांगने वाले क्यों नहीं अपने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते?
सरकार ने दिया सेना को धोखा
इस्तीफा तो विदेश मंत्री को भी देना चाहिए था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के पूर्व पाकिस्तान को सूचना दे दी, जिससे हमारे विमान मार गिराए गए। पीएम मोदी से इस गलत बयानी और प्रचार पर इस्तीफा मांगते कि उन्होंने दावा किया था सेना को खुली छूट दी है समय और स्थान सेना तय करे जबकि फौजी अधिकारियों ने बार बार मोदी के दावे की पोल खोली है। यही नहीं एयर मार्शल भी कह चुके हैं कि “जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो वादा क्यों करते हो?”
आज तक सत्ता का कोई भी उन मारे गए पर्यटकों के घर जाने की जरूरत नहीं समझी जब कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जाकर उनके जख्मों पर मरहम लगा चुके हैं। राहुल गांधी की राजनीति सर्व ग्राही है। इसीलिए वे मणिपुर जाकर पीड़ितों के ज़ख्म सहला चुके हैं उनके विपरीत पीएम मोदी शहीदों के नाम पर वोट ही नहीं मांगे बल्कि कानून नियम के विरुद्ध सेना की वर्दी पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय लेते हुए अपनी फोटो डालकर पोस्टर चिपकवा चुके हैं। पाकिस्तान के दो टुकड़े करने और 95 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश इंदिरा गांधी ने कभी भी नहीं की।
टैक्स का बोझ सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार
दरअसल हिंदू-मुस्लिम कर चुनाव आयोग द्वारा छल कपट और गलत काम कराकर चुनाव जीतना ही मोदी का एकमात्र लक्ष्य है। फर्जी वोटर बढ़वाकर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली चुनाव जीतने के बाद बिहार में वोटरों को बाहर करने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा है। मोदी सरकार अपने 11 साल के शासन में किए गए कार्य पर वोट मांगने की हिम्मत कर ही नहीं सकते। क्योंकि किसान, मजदूर, युवाओं, छात्रों, गृहिणियों के जीवन को दूभर बना दिया है। टैक्स का इतना भार दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। सुविधा के नाम पर सर्वत्र भ्रष्टाचार ही हुआ है।
सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न सकें। परीक्षा में अनियमितता के विरोध में छात्र हितों के खातिर जब शिक्षक दिल्ली में रैली कर रहे थे तब पुलिस द्वारा शिक्षकों को घसीट कर बस में जबरन बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ा गया। इस कार्य में दिल्ली पुलिस सिद्धहस्त है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी से न्याय मांगने महिला पहलवान जब दिल्ली के जंतर मंतर पर रैली निकाले हुए धरने पर बैठी थी तब भी अमित शाह के आदेश पर उन्हें घसीटा और बसों में जबरन लादकर दूर ले जाकर छोड़ा गया था।
विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने दावा?
दिल्ली पुलिस वही है जो हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा के घर आग लगने से जली झुलसी नोटो की गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जांच करना तो बड़ी दूर की बात, जिस राष्ट्र में शिक्षकों को अपमानित किया जाए। उन्हें घसीटकर बसों में ठूंसा जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चालीस पचास लाख रुपयों में बेचा जाए। सड़कें पहली ही बरसात में बहने लगें। पुल बनते समय या उदघाटन के पहले ही जल समाधि लेने लगें। ये सारे करतूतें भ्रष्टाचार सामने दिखता ही नहीं बल्कि चीख-चीख कर बोलता भी है। उस देश को वहां की सरकार जो विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने का दावा करे, जहां की अस्सी करोड़ जनता को गरीबी रेखा से नीचे रखने का षडयंत्र रचा जाए, क्या कहा जा सकता है?
ऐसी विदेशनीति को क्या कहा जाए कि अरबों रुपए जनता के पैसे फूंककर विश्व की यात्रा की जाए। लेकिन पाकिस्तान युद्ध के समय दुनिया का एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आए। अमेरिका का राष्ट्रपति धमकी देता रहे। राष्ट्र को अपमानित करता रहे लेकिन सत्ता में हिम्मत नहीं जो कह सके ट्रंप झूठ बोल रहा है। उसी ट्रंप ने रूस से तेल खरीदना बंद करा दे जबकि हमारा पड़ोसी चीन अमेरिका के आंखों में आँखें डालकर जवाब देता हो। सबसे विश्वसनीय देश रूस को भी दूर कर दे ऐसी विदेशनीति जो अमेरिका की गोद में बैठी हो क्या कहा जाएगा?
दुनिया की निगाहों में भारत?
भारत ने डेलिगेशन भेजे बताने के लिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला करके 27 बेकसूरों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके लिए जीरो टॉलरेंस अपनाकर हमने पाकिस्तानी आतंकवादियों के अड्डों पर सीमित हमले कर सौ आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कोई राष्ट्र यकीन नहीं कर रहा। क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं जैसा कि मणिशंकर ने कहा है जिसका अर्थ दुनिया समझती है भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत नहीं दे पा रहा। मुंबई हमले में कसाब को जिंदा सबूत दिखाया गया था। यानी पाकिस्तानी आतंकवाद की गुहार कोई सुनने के लिए तैयार नहीं उलटे ट्रंप हम पर 25% टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 100% पेनल्टी लगाने की घोषणा कर दी। संसद में भले दावा किया गया हो कि पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। दुनिया की निगाहों में भारत झूठ बोल रहा।
Free Computer Training Scheme: डिजिटल भारत मिशन के तहत भारत सरकार ने फ्रि कंप्यूटर कोर्स के साथ 15 हजार रुपये के आर्थिक मदद देने ऐलान कर दिया है। यह स्कॉलरशिप 12वीं पास युवाओं के लिए आरक्षित कर दी गई है। आईये जानते हैं कैसे और कहां करें आवेदन?
डिजिटल डेस्क नई दिल्ली: भारत सरकार ने डिजिटल भारत मिशन को आगे बढ़ाते हुए 12वीं पास युवाओं के लिए एक बेहद लाभकारी योजना की शुरुआत की है। फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना 2025 के अंतर्गत अब युवाओं को मुफ्त में कंप्यूटर कोर्स करने का अवसर मिलेगा, साथ ही 15000 रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees
बेसिक से एडवांस
इस योजना के माध्यम से छात्र न केवल बेसिक से लेकर एडवांस कंप्यूटर स्किल्स सीख सकेंगे, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। यह मदद सीधे छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाऐंगे ताकि वे कोर्स के दौरान आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees
किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?
फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना का लाभ केवल उन्हीं युवाओं को मिलेगा जो भारत के नागरिक होंगे। जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और जिनकी उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होगी। इसके साथ ही, परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आवेदक ने पहले से किसी संस्थान से कंप्यूटर कोर्स नहीं किया होना चाहिए। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees
इस योजना के अंतर्गत युवाओं को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, इंटरनेट का उपयोग, डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा, टाइपिंग, ईमेलिंग और सरकारी पोर्टल्स पर कार्य करना सिखाया जाएगा। कोर्स की अवधि 3 से 6 महीने की होगी और यह पूरी तरह से सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा कराया जाएगा। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees
आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?
इच्छुक उम्मीदवार अपने राज्य की स्किल डेवलपमेंट या श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर “Free Computer Training Scheme” दर्शाया गया होगा। उसी पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन करें। इसी के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे – आधार कार्ड, 12वीं की मार्कशीट, फोटो, बैंक पासबुक आदि अपलोड करें और आवेदन सबमिट कर दें। कुछ राज्यों में यह सुविधा CSC केंद्रों पर भी उपलब्ध हो चुकी है।
योजना के प्रमुख लाभ
योजना के तहत युवाओं को न केवल मुफ्त कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि कोर्स पूरा करने के बाद एक सरकारी प्रमाणपत्र भी मिलेगा। साथ ही 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट भी मुहैया कराया जाएगा, जिससे युवाओं को करियर की दिशा में बेहतर अवसर मिल सकें। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees
न्यूज़ डेस्क नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पति- पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद में गुजारे- भत्ते को लेकर एक हाई प्रोफाइल केस आया। मुख्य न्यायधीश (CJI) भूषण आर. गवई की बेंच के सामने इस मुद्दे को लेकर दिलचस्प बहस हुई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़ी टिप्पणियां कर फैसला सुरक्षित रख लिया। इस दौरान CJI गवई ने महिला को नसीहत दी कि वो पढ़ी लिखी है तो उसे पति के गुजारे- भत्ते के भरोसे नहीं रहना चाहिए। खास बात ये है कि महिला अपने केस की खुद पैरवी कर रही है।
18 महीने की शादी में करोड़ों की डिमांड
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश बी.आर गवई ने महिला से पूछा, ‘आपकी क्या मांग है?’ इस पर महिला ने कहा कि बस मुंबई वाला घर और 12 करोड़ रुपये का गुजारा भत्ता चाहिए। इस पर CJI गवई ने कहा, ‘वह घर तो कल्पतरु में है। जो अच्छे बिल्डरों में से एक है और आप तो IT एक्सपर्ट हैं, आपने MBA किया है। जबकि बेंगलुरु, हैदराबाद नौकरी के क्षेत्र में आपकी डिमांड है! कभी भी आप नौकरी शुरू कर सकती हैं तो आप नौकरी भी क्यों नहीं करतीं?’ उन्होंने यह भी कहा, कि ‘आपकी शादी सिर्फ़ 18 महीने चली और अब आप एक BMW भी चाहती हैं? 18 महीने की शादी और आप हर महीने एक करोड़ चाहती हैं।’ महिला ने जवाब दिया, ‘लेकिन वो बहुत अमीर आदमी हैं। उसने मुझे सिजोफ्रेनिया का शिकार बताकर शादी रद्द करने की मांग की।’
कोर्ट ने मांगा आयटी रिटर्न
इस दौरान पति की ओर से वरिष्ठ वकील माधवी दीवान ने कहा, ‘उसे भी काम करना पड़ता है। हर चीज की मांग ऐसे नहीं पूरी की जा सकती।’ महिला ने सवाल किया, ‘क्या मैं सिजोफ्रेनिया से पीड़ित दिखती हूं ?’ CJI गवई ने कहा, ‘आयटी रिटर्न दाखिल करें। लेकिन समझ लीजिए कि आप उसके पिता की संपत्ति पर भी दावा नहीं कर सकतीं’ लंच के बाद फिर सुनवाई शुरू हुई। CJI गवई की बेंच ने पति का आयटी रिटर्न देखा। Wife demands Rs 12 crore for a house worth crores for divorce, court is also surprised
वरिष्ठ वकील दीवान ने कहा, ‘कृपया पूरी कॉपी दें। 2015-16 में आय ज्यादा है क्योंकि उस समय वो नौकरी करते थे। 2 करोड़ 50 लाख और 1 करोड़ का बोनस, प्रॉक्सी बिजनेस के भी आरोप हैं। चलिए इसे भी उदाहरण के तौर पर लेते हैं। वो बैलेंस शीट भी है। जिस फ्लैट में वह रह रही हैं, उसके अलावा। दो कार पार्किंग भी हैं। वह उससे कमाई कर सकती है।’ इस पर मुख्य न्यायाधीश गवई ने हामी भरी, ‘हां हां, मुंबई में सभी जगहों से पैसा कमाया जा सकता है।’ दीवान ने आगे कहा, ‘जिस BMW का वह सपना देख रही हैं, वह 10 साल पुरानी है और बहुत पहले ही बंद हो चुकी है।’ Wife demands Rs 12 crore for a house worth crores for divorce, court is also surprised
खुद कमाकर खाइए
CJI गवई मे महिला से कहा, ‘या तो आपको बिना किसी बोझ के फ्लैट मिलेगा या कुछ भी नहीं मिलेगा। जब आप उच्च शिक्षित हों और अपनी इच्छा से काम न करने का फैसला करें।या तो आप वो 4 करोड़ रुपये ले लें, पुणे/हैदराबाद/बेंगलुरु में कोई अच्छी नौकरी ढूंढ लें। आईटी केंद्रों में आप जैसी होनहार लोगों की मांग है।’ इस पर याचिकाकर्ता महिला ने शिकायत की, ‘मेरी नौकरी भी इन्हीं ने छुड़वा दी। मुझ पर FIR भी दर्ज करा दी।’ इस पर मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा, ‘आप FIR दे दीजिए, हम वो भी रद्द कर देंगे। हम निर्देश देंगे कि कोई भी पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं करेगा।’ इस पर पति की वकील ने बताया कि ये तो समझौते में है ही। फैसला सुरक्षित रखते हुए CJI गवई ने महिला से कहा, ‘आपको खुद मांगना नहीं चाहिए बल्कि, आपको खुदको कमाकर खाना चाहिए।’
मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी पुलिस ने लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये के गांजा नामक नशीले पदार्थ के साथ बिहार के कपड़ा व्यापारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि 48 वर्षीय परवेज़ अहमद अमिरुद्दीन सैय्यद लगभग 6 किलो 398 ग्राम गांजा लेकर मालवनी में किसी को बेचने आया था। पुलिस को उसके हाल-चाल पर संदेह हुआ तो आरोपी के लाले पड़ गए। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai
पुलिस का संदेश और खुल गया राज
मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र रघुनाथ नागरकर ने बताया, कि शुक्रवार 4 जुलाई को मालवनी गेट नंबर 1 के पास लगभग शाम 4 बजे के करीब जनकल्याण नगर के रोड़ पर जब पुलिस हमेशा की तरह गश्त लगा रही थी, तो पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे को इस व्यक्ति पर संदेह हुआ, वह अपनी थैली में कुछ लिपट कर यहां वहां घूम रहा था। पहले तो पुलिस ने इग्नोर किया। लेकिन जब गाड़ी घुमाकर वापस उसकी तरफ देखा तो उसे पसीने छूटने लगे। ताबड़तोड़ पुलिस को पूरा यकीन हो गया, कि हो न हो लेकिन कुछ तो गडबड है। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai
गांजे की महक ने खोले राज
जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे ने बताया, कि जब हमने उसे बुलाकर पूछताछ की तो वो हडबडाने लगा और जब सामान की तलाशी ली तो कहने लगा साहब ये खाद है। ये खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस ने कहा, कि गांजा और उसकी महक तुरंत पहचान में आ गई। हमने इसकी सूचना पुलिस निरीक्षक रकमजी को दी और पुलिस थाने ला कर पूछताछ की तो सारा हकीकत सामने आ गया। हांडे ने बताया कि पुलिस निरीक्षक रकमजी मार्गदर्शन में अपराध दर्ज किया। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai
पुलिस ने जब थाने लेजाकर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी बिहार का रहने वाला है और वहां भोजपुर जिले के संदेश तालुका में कपड़े का व्यापार करता है। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में उसने आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई में गांजा बेचने के लिए आया था। पुलिस अब यह पता करने मे जुटी है कि इस आरोपी से मुंबई में कितने लोगों का संपर्क था और क्या इसने इससे पहले भी ऐसी तस्करी की है। पुलिस आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम भी जाने की तैयारी कर रही है। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai