Category: Northeast

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  • Nagaland News: नागालैंड में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही, Mon में कम से कम 8 लोगों की मौत; सरकार ने राहत का किया ऐलान

    Nagaland News: नागालैंड में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही, Mon में कम से कम 8 लोगों की मौत; सरकार ने राहत का किया ऐलान

    Nagaland News: Mon जिले में भारी बारिश और भूस्खलन से कम से कम 8 लोगों की मौत और 12 घायल। सरकार ने राहत और आर्थिक सहायता का ऐलान किया।

    Mon Landslide News: नागालैंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच Mon जिले में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। Mon Town के Defence Colony इलाके में हुए बड़े भूस्खलन में कम से कम 8 लोगों की मौत और 12 लोगों के घायल होने की खबर है। कई घर मलबे में दब गए, जबकि राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं।

    Mon में भूस्खलन से कई घर प्रभावित

    नागालैंड के Mon जिले में 19 जुलाई 2026 को लगातार बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। सरकारी जानकारी के अनुसार, Mon Town के Walo Ward और Defence Colony इलाके में स्थिति बेहद गंभीर रही। कई मकान मलबे और पानी की चपेट में आए तथा सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ।

    प्रशासन, SDRF, पुलिस, सेना और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं। शुरुआती अभियान के दौरान कई शव बरामद किए गए और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास जारी रहा।

    लगातार बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

    Mon जिले के अलावा नागालैंड के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश के कारण फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और सड़क अवरोध की स्थिति बनी। कई इलाकों में सड़कें बंद हुईं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

    राज्य सरकार ने लोगों से भूस्खलन संभावित ढलानों, नदी किनारे और अन्य जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों को असुरक्षित क्षेत्रों में वापस नहीं लौटने और आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।

    मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाके का दौरा किया

    नागालैंड के मुख्यमंत्री Neiphiu Rio ने Mon Town के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और राहत कार्यों में लगे बचाव दलों, प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने तत्काल राहत के लिए स्थानीय संगठनों को 10 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने vulnerable इलाकों में निर्माण और भवन नियमों का पालन करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

    मृतकों और घायलों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता

    राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 4 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 74,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

    इसके अलावा प्रभावित परिवारों को भोजन, अस्थायी आश्रय और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। बाद के अपडेट में Mon जिले में प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त राहत राशि जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

    कई जिलों में मौसम का असर

    भारी बारिश का असर केवल Mon जिले तक सीमित नहीं रहा। नागालैंड के कई अन्य जिलों में भी भूस्खलन, जलभराव और सड़क संपर्क बाधित होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

    राज्य में मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एडवाइजरी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

    Nagaland Landslide Latest Update: प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे:

    • भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें।
    • नदी किनारे और कमजोर ढलानों के पास न जाएं।
    • अनावश्यक यात्रा से बचें।
    • सोशल मीडिया पर अफवाहों और अपुष्ट खबरों को साझा न करें।
    • केवल प्रशासन और आधिकारिक आपदा प्रबंधन एजेंसियों की जानकारी पर भरोसा करें।

    नागालैंड में लगातार बारिश के बाद Mon जिले में हुई तबाही ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को सामने ला दिया है। राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और सड़क संपर्क बहाल करने की बड़ी चुनौती है। सरकार ने आर्थिक सहायता और राहत उपायों का ऐलान किया है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    Indian FastTrack लगातार इस खबर से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए हुए है।

  • MI IPL 2026 Schedule: 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का पूरा मैच शेड्यूल जारी

    MI IPL 2026 Schedule: 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का पूरा मैच शेड्यूल जारी

    Mumbai Indians IPL 2026 full schedule: MI के सभी मैच, dates, timings और venues की पूरी लिस्ट। Hardik Pandya की कप्तानी में MI का पूरा fixture देखें।

    मुंबई: Mumbai Indians (MI) ने IPL 2026 के लिए अपनी पूरी तैयारी कर ली है।
    5 बार की चैंपियन टीम इस बार Hardik Pandya की कप्तानी में मैदान में उतरेगी और इतिहास रचने की कोशिश करेगी।

    🏆 MI का IPL इतिहास और पिछला सीजन

    मुंबई इंडियंस IPL की सबसे सफल टीमों में से एक है, जिसने 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में खिताब जीता है।
    पिछले सीजन में टीम प्लेऑफ तक पहुंची थी, लेकिन Shreyas Iyer की शानदार पारी ने उन्हें बाहर कर दिया।

    🗓️ MI IPL 2026 Full Match Schedule (Dates, Time, Venue)

    March 29
    MI vs Kolkata Knight Riders – Mumbai – 7:30 PM

    April 4
    Delhi Capitals vs MI – Delhi – 3:30 PM

    April 7
    Rajasthan Royals vs MI – Guwahati – 7:30 PM

    April 12
    MI vs Royal Challengers Bengaluru – Mumbai – 7:30 PM

    April 16
    MI vs Punjab Kings – Mumbai – 7:30 PM

    April 20
    Gujarat Titans vs MI – Ahmedabad – 7:30 PM

    April 23
    MI vs Chennai Super Kings – Mumbai – 7:30 PM

    April 29
    MI vs Sunrisers Hyderabad – Mumbai – 7:30 PM

    May 2
    CSK vs MI – Chennai – 7:30 PM

    May 4
    MI vs Lucknow Super Giants – Mumbai – 7:30 PM

    May 10
    RCB vs MI – Raipur – 7:30 PM

    May 14
    PBKS vs MI – Dharamshala – 7:30 PM

    May 20
    KKR vs MI – Kolkata – 7:30 PM

    May 24
    MI vs RR – Mumbai – 3:30 PM

    🔥 सीजन का पहला मुकाबला

    मुंबई इंडियंस अपना पहला मैच 29 मार्च को KKR के खिलाफ मुंबई में खेलेगी। यह मुकाबला सीजन का हाई-वोल्टेज मैच माना जा रहा है।

    🏟️ होम ग्राउंड पर मजबूत रिकॉर्ड

    MI अपने होम ग्राउंड मुंबई में कई अहम मुकाबले खेलेगी, जहां टीम का रिकॉर्ड हमेशा मजबूत रहा है और फैंस का जबरदस्त सपोर्ट मिलता है।

    🌐 कहां देखें और अपडेट


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. MI का पहला मैच कब है?
    29 मार्च को KKR के खिलाफ।

    Q2. MI के कितने होम मैच हैं?
    कई अहम मैच मुंबई में खेले जाएंगे, जो टीम के लिए फायदेमंद हैं।

    Q3. MI का कप्तान कौन है?
    Hardik Pandya IPL 2026 में टीम की कप्तानी कर रहे हैं।

    Q4. MI ने कितनी बार IPL जीता है?
    5 बार (2013, 2015, 2017, 2019, 2020)।

  • Petrol-Diesel Panic? कंपनियों ने कहा – कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

    Petrol-Diesel Panic? कंपनियों ने कहा – कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

    India में petrol diesel shortage की अफवाहों पर IOC, BPCL और HPCL का बड़ा बयान। Fuel supply पूरी तरह stable, panic buying से बचने की अपील। जानिए latest fuel price और पूरा अपडेट।

    नई दिल्ली: भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर चल रही अफवाहों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ा बयान जारी किया है। Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने साफ कहा है कि देश में fuel shortage जैसी कोई स्थिति नहीं है

    कंपनियों ने अफवाहों को बताया गलत

    IOC ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें “भ्रामक” हैं और इससे लोगों में बेवजह चिंता पैदा हो रही है। BPCL ने इन रिपोर्ट्स को “completely unfounded” बताया और कहा कि भारत के पास petrol, diesel, crude oil और ATF का पर्याप्त स्टॉक है। HPCL ने भी कहा कि petrol, diesel और LPG की सप्लाई पूरी तरह stable है।

    West Asia तनाव के बीच भी सप्लाई मजबूत

    यह बयान ऐसे समय आया है जब West Asia में युद्ध चौथे हफ्ते में है और Strait of Hormuz से गुजरने वाले oil tankers की आवाजाही सीमित हो गई है। इसके बावजूद भारत में fuel supply पर कोई असर नहीं पड़ा है।

    Panic Buying से बचने की अपील

    तेल कंपनियों ने लोगों से खास अपील की है कि वे panic buying न करें। कंपनियों के मुताबिक, ऐसी अफवाहें सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं और अनावश्यक दबाव बना सकती हैं।

    Fuel Prices में नहीं हुआ बड़ा बदलाव

    26 मार्च के हिसाब से:

    • दिल्ली: Petrol ₹94.77 / Diesel ₹87.67
    • मुंबई: Petrol ₹103.50 / Diesel ₹90.03

    Regular petrol और diesel की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    हालांकि, पिछले हफ्ते premium petrol की कीमत करीब ₹2 प्रति लीटर और industrial diesel की कीमत ₹22 प्रति लीटर बढ़ाई गई थी।

    Premium Fuel का असर बहुत कम

    कंपनियों के अनुसार premium petrol का इस्तेमाल कुल उपभोक्ताओं के 5% से भी कम लोग करते हैं, इसलिए इसका आम जनता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।

    Diversified Sourcing से मजबूत सप्लाई

    भारत 40 से ज्यादा देशों से crude oil खरीदता है, जिसमें Russia और Iran जैसे देश भी शामिल हैं। इसी diversified sourcing की वजह से supply stable बनी हुई है और कीमतों को नियंत्रित रखा जा सका है।

    सरकारी जानकारी और अपडेट


    FAQ

    Q1. क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी है?
    नहीं, तेल कंपनियों ने साफ किया है कि कोई shortage नहीं है।

    Q2. क्या fuel prices बढ़ने वाले हैं?
    अभी regular petrol और diesel की कीमतें स्थिर हैं।

    Q3. Panic buying क्यों नहीं करनी चाहिए?
    इससे supply chain पर दबाव पड़ता है और artificial shortage बन सकता है।

    Q4. West Asia war का भारत पर असर पड़ेगा?
    अभी तक भारत की diversified sourcing के कारण कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

  • Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    कैनरा बैंक ने 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका है ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड और बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का। आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: अगर आप हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। Canara Bank ने पूरे भारत में 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है।
    यह मौका सिर्फ एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक सुनहरा गेटवे है बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत का।

    आवेदन की तारीखें और ज़रूरी डिटेल

    इवेंटतारीख
    आवेदन शुरू होने की तारीख23 सितंबर 2025
    आवेदन की आखिरी तारीख12 अक्टूबर 2025
    NATS पोर्टल रजिस्ट्रेशन शुरू22 सितंबर 2025

    आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन मोड में किया जाएगा।

    कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती के मुख्य पॉइंट्स

    • कुल पद: 3500
    • पोस्ट का नाम: Graduate Apprentice
    • सैलरी (स्टाइपेंड): ₹15,000 प्रति माह
    • जॉब लोकेशन: पूरे भारत में
    • आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष
    • शैक्षणिक योग्यता: किसी भी विषय में ग्रेजुएशन (1 जनवरी 2022 के बाद और 1 सितंबर 2025 से पहले पास होना चाहिए)

    राज्यवार वैकेंसी डिटेल

    राज्यसीटें
    कर्नाटक591
    उत्तर प्रदेश410
    तमिलनाडु394
    आंध्र प्रदेश242
    केरल243
    महाराष्ट्र201
    पश्चिम बंगाल150
    तेलंगाना132
    बिहार119
    हरियाणा111
    मध्य प्रदेश111
    कुल3500

    उम्मीदवार सिर्फ एक राज्य के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    योग्यता और पात्रता शर्तें

    • उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए।
    • जिन्होंने पहले से कोई अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग की है या जिनके पास एक साल से अधिक का जॉब अनुभव है, वे पात्र नहीं हैं।
    • आयु सीमा (1 सितंबर 2025 तक):
    • न्यूनतम: 20 वर्ष
    • अधिकतम: 28 वर्ष

    आयु में छूट (Relaxation)

    • SC/ST: 5 साल
    • OBC (NCL): 3 साल
    • PwBD: 10 साल
    • विधवा/तलाकशुदा महिलाएं: 35-40 वर्ष तक (कैटेगरी अनुसार)

    स्टाइपेंड और ट्रेनिंग बेनिफिट्स

    कैनरा बैंक के अप्रेंटिस को हर महीने ₹15,000 का स्टाइपेंड मिलेगा।

    • ₹10,500 बैंक की तरफ से सीधे अकाउंट में
    • ₹4,500 सरकार की तरफ से Direct Benefit Transfer (DBT) के ज़रिए

    यह राशि एक साल की ट्रेनिंग अवधि के लिए तय की गई है।

    ध्यान दें — अप्रेंटिस को किसी प्रकार का HRA, DA या अन्य भत्ता नहीं मिलेगा, लेकिन बैंकिंग सेक्टर की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और अनुभव सबसे बड़ा लाभ है।

    चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा।

    प्रक्रिया इस प्रकार है:

    1. मेरिट लिस्ट: उम्मीदवार के 12वीं (HSC) या डिप्लोमा के मार्क्स के आधार पर बनाई जाएगी।
    2. टाई-ब्रेकर: समान प्रतिशत वाले उम्मीदवारों में उम्र अधिक वाले को वरीयता दी जाएगी।
    3. न्यूनतम अंक:
    • सामान्य वर्ग – 60%
    • SC/ST/PwBD – 55%
    1. डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और लोकल लैंग्वेज टेस्ट
    • जिस राज्य के लिए आवेदन किया है, उसी राज्य की भाषा में टेस्ट होगा (अगर 10वीं/12वीं में भाषा पढ़ी हो तो छूट)।
    1. मेडिकल फिटनेस: अंतिम चयन से पहले मेडिकल टेस्ट पास करना ज़रूरी।

    आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

    आवेदन से पहले तैयार रखें:

    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • सिग्नेचर
    • बाएं हाथ का अंगूठा निशान
    • हस्तलिखित घोषणा (Declaration)
    • ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
    • शैक्षणिक दस्तावेज़

    आवेदन के स्टेप्स:

    1. NATS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (https://nats.education.gov.in)
    2. प्रोफाइल 100% पूरी करें और एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
    3. कैनरा बैंक की वेबसाइट पर जाएं – [canarabank.com → Careers → Recruitment]
    4. “Engagement of Graduate Apprentices 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    5. “New Registration” पर जाकर बेसिक जानकारी भरें।
    6. आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
    7. ₹500 फीस ऑनलाइन पे करें (General/OBC/EWS के लिए)।
    8. फाइनल सबमिट कर आवेदन प्रिंट निकाल लें।

    आवेदन शुल्क (Application Fees)

    कैटेगरीफीस
    SC/ST/PwBDNIL
    General/OBC/EWS₹500/-

    FAQ

    1- कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं?
    आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    2- इस भर्ती के लिए परीक्षा होगी या नहीं?
    नहीं, चयन मेरिट (12वीं/डिप्लोमा मार्क्स) के आधार पर होगा।

    3- क्या अप्रेंटिस को परमानेंट नौकरी मिलेगी?
    यह एक साल का अप्रेंटिस प्रोग्राम है, लेकिन प्रदर्शन अच्छा होने पर भविष्य में स्थायी अवसरों की संभावना बढ़ सकती है।

    4- स्टाइपेंड कितना मिलेगा?
    कुल ₹15,000 प्रति माह — जिसमें ₹10,500 बैंक और ₹4,500 सरकार की तरफ से मिलेगा।

    5- कौन आवेदन नहीं कर सकता?
    जिनके पास पहले से एक साल से ज़्यादा का जॉब अनुभव है या जिन्होंने पहले अप्रेंटिसशिप की है, वे आवेदन नहीं कर सकते।

  • APPSC JE Recruitment 2025: अरुणाचल प्रदेश में जूनियर इंजीनियर की 413 वैकेंसी, सैलरी ₹1,12,400 तक – अभी करें अप्लाई

    APPSC JE Recruitment 2025: अरुणाचल प्रदेश में जूनियर इंजीनियर की 413 वैकेंसी, सैलरी ₹1,12,400 तक – अभी करें अप्लाई

    अरुणाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (APPSC) ने जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती 2025 के लिए 413 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। ऑनलाइन आवेदन 18 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2025 तक चलेंगे। जानें योग्यता, सैलरी, आवेदन प्रक्रिया और एग्ज़ाम डिटेल्स।

    मुख्य बातें (Highlights)

    • भर्ती संस्था: अरुणाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (APPSC)
    • पद का नाम: जूनियर इंजीनियर (JE – Civil, Mechanical, Electrical, IT, Electronics)
    • कुल वैकेंसी: 413
    • सैलरी/पे स्केल: ₹35,400 – ₹1,12,400/- (लेवल-6 पे मैट्रिक्स)
    • जॉब लोकेशन: अरुणाचल प्रदेश
    • आवेदन शुरू: 18 सितंबर 2025
    • आवेदन की आखिरी तारीख: 10 अक्टूबर 2025
    • आवेदन मोड: ऑनलाइन (https://appsc.gov.in/)
    • लिखित परीक्षा की संभावित तारीख: 11 जनवरी 2026
    APPSC-JE-Recruitment-2025-413-Junior-Engineer-Vacancies-Salary-up-to-112400-Apply-Now

    APPSC JE Vacancy 2025 ब्रेकडाउन

    पोस्ट का नामविभागकुल पद
    JE (Civil)PWD, RWD, UD & Housing, PHE & WS, WRD, Hydro Power301
    JE (Mech/Elect)PHE & Water Supply, Power, Hydro Power90
    JE (Computer/IT)Power, Hydro Power15
    JE (Electronics & Telecom)Power, Hydro Power07
    कुल413

    APPSC JE Recruitment 2025: योग्यता (Eligibility Criteria)

    • शैक्षणिक योग्यता (Education):
    • 3 साल का डिप्लोमा या B.E./B.Tech डिग्री मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से।
    • मान्य ब्रांच: सिविल, एग्रीकल्चर, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, कंप्यूटर, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स & टेलीकॉम।
    • फाइनल ईयर/सेमेस्टर के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते इंटरव्यू से पहले डिग्री/डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।
    • उम्र सीमा (Age Limit – 10/10/2025 तक):
    • न्यूनतम: 18 साल
    • अधिकतम: 35 साल
    • APST, PwBD और गवर्नमेंट कर्मचारियों को नियम अनुसार छूट।
    • अनुभव (Experience):
    • फ्रेशर्स भी आवेदन कर सकते हैं।

    APPSC JE Salary 2025: सैलरी और बेनिफिट्स

    • बेसिक पे: ₹35,400/- से शुरुआत।
    • अधिकतम पे: ₹1,12,400/-
    • अन्य भत्ते (Allowances):
    • DA (महंगाई भत्ता)
    • HRA (हाउस रेंट अलाउंस)
    • TA (ट्रांसपोर्ट अलाउंस)
    • अतिरिक्त सुविधाएँ:
    • NPS पेंशन, मेडिकल, लीव बेनिफिट्स, जॉब सिक्योरिटी।

    कुल मिलाकर इन-हैंड सैलरी ₹50,000 – ₹70,000 (पोस्टिंग पर निर्भर)।

    APPSC JE Selection Process 2025

    • स्टेज 1: लिखित परीक्षा (450 Marks)
    • पेपर 1: जनरल इंग्लिश, जनरल स्टडीज़ & एप्टीट्यूड – 150 Marks
    • पेपर 2: टेक्निकल पेपर (इंजीनियरिंग डिसिप्लिन) – 300 Marks
    • नेगेटिव मार्किंग: 1/4th मार्क्स कटेगा हर गलत उत्तर पर।
    • स्टेज 2: इंटरव्यू (Viva-Voce)
    • 50 Marks
    • फाइनल मेरिट = लिखित + इंटरव्यू

    APPSC JE Recruitment 2025: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

    1. APPSC वेबसाइट पर One Time Registration (OTR) करें।
    2. User ID और पासवर्ड से लॉगिन करें।
    3. “JUNIOR ENGINEER COMMON RECRUITMENT EXAMINATION – 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    4. आवेदन फॉर्म भरें और सही डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • सिग्नेचर
    • शैक्षणिक सर्टिफिकेट्स
    • 10वीं सर्टिफिकेट (Age Proof)
    • APST/PwBD सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
    1. ऑनलाइन फीस पेमेंट करें।
    2. सबमिट करने के बाद प्रिंटआउट निकालें।

    Application Fees

    • APST उम्मीदवार: ₹150/-
    • जनरल उम्मीदवार: ₹200/-
    • PwBD उम्मीदवार: शुल्क माफ

    महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates)

    • आवेदन शुरू: 18 सितंबर 2025
    • आखिरी तारीख: 10 अक्टूबर 2025 (शाम 5 बजे तक)
    • लिखित परीक्षा: 11 जनवरी 2026 (Tentative)
  • कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    दुनिया की निगाहों में भारत की गवाही और भारत के बीच हुए लगातार आतंकी हमलों पर विदेश नीति और संसद में खड़े होकर छपरी और टपरी जैसे भाषण कि “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” और पाकिस्तानी हमले पर ट्रम्प का सीजफायर। भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत ही नहीं दे पा रहा।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    संसद का मानसून सत्र चल रहा। बिहार में वोट काटने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा। रोहिंग्या बांग्लादेश और नेपाली के नाम पर लाखों नाम काट डाले गए। blo लोगों के घर जाकर सत्यापन करने की जगह ऑफिस में बैठकर फॉर्म में नाम लिखकर खुद ही वोटर के हस्ताक्षर कर रहे। विपक्षी उनके वोटरों के नाम काटने के आरोप लगाए। पत्रकार अजीत अंजुम ने मोबाइल द्वारा चुनाव आयोग के खेल को सबूत सहित सार्वजनिक किया तो उनपर एफआईआर कर दी गई यानी सच दिखाने का दंड दिया गया।

    लोकतंत्र का हिस्सा

    संसद में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में सत्ता विपक्ष में वाक्युद्ध चल ही रहा था, कि सीजफायर की भी बात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 बार कहे गये वक्तव्य, कि “हमने ट्रेड की धमकी देकर युद्ध रुकवा दी।” पर विपक्ष ने हमला बोला। यही जीवंत लोकतंत्र है। ट्रंप ने खुद अपने एक्स हैंडल पर शाम 5.35 पर सीजफायर की घोषणा की। भारत की तरफ से नहीं। संसद में सत्ता ने उत्तर नहीं दिया। विपक्ष मांग करता रहा कि पीएम आकर कहें कि ट्रंप ने वॉर नहीं रुकवाई। रक्षामंत्री ने कहा पीओके लेना हमारा मकसद नहीं फिर भाजपा ने बार बार कांग्रेस और नेहरू पर आरोप क्यों लगाए?

    संसद में होती है गुंडो की भाषा

    पहलगाम में कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी आए और धर्म पूछकर मारा जिसके प्रमाण नहीं। संसद के मानसून सत्र के समय ही  सेना ने घोषित किया कि मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए। इससे पूर्व जिन कथित आतंकियों के स्क्रेच जारी किए गए गवाह ने उसे गलत कहा। अहम बात यह कि सत्ता के दंभ में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” क्या ऐसे स्पीकर और राज्यसभा के सभापति सदन की मर्यादा बचाने की कोशिश करेंगे? “मुझसे निपट लो।” क्यों भाई पीएम हो क्या? ऐसी भाषा किसी गली का गुंडा या फिर माफिया ही बोल सकता है। लेकिन विपक्ष को टोकने वाले सत्ता की असंसदीय भाषा की अनसुनी करते हुए पद की गरिमा खो चुके हैं।

    जवाब देने से क्यों भागती है मोदी सरकार?

    मोदी सरकार वर्तमान में अपने से संबंधित बात पर चर्चा करने से भागती है। मोदी दिल्ली में ही है लेकिन सदन में आ नहीं सकते। ऐसा मणिपुर मामले में किया था। अंतिम समय में आए भी तो क्या कुछ कहा दुनिया जानती है। प्रधानमंत्री होने के नाते कभी मणिपुर गए ही नहीं। इसी तरह उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम भी नहीं गए। यह सही है कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 27 भारतीयों को जान गंवानी पड़ी। विपक्ष सवाल पूछता रहा, सवा सौ किलोमीटर दूर पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे आए? लोगों से कथित रूप से धर्म पूछा। पेंट खुलवाकर देखा कौन सा धर्म है। बीजेपी के मंत्रियों में तनिक भी विधवा हुई महिलाओं के प्रति सम्मान भाव नहीं देखा गया। बड़ी बेशर्मी से कहा गया, महिलाओं में वीरांगना भाव नहीं था। एक ने तो कर्नल सोफिया के लिए आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। यही है इनका सेना के प्रति सम्मान भाव।

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    कांग्रेस पर सवाल उठाने का नतीजा

    अब सेशन में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जवाब हो रहे हैं। इसी बीच उन दरिंदे आतंकवादियों को सेना द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही गई। यहां टाइमिंग का सवाल जरूर उठता है। विपक्ष के प्रधान की पुलवामा में उपयुक्त आरडीएक्स कहां से आया सत्ता के पास कोई उत्तर है ही नहीं। कांग्रेस फोबिया से पीड़ित बीजेपी सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया। मुंबई आतंकी हमले का आरोप लगाकर अपने आरोप ढकने और जायज़ ठहराने की नाकाम कोशिश की। जिस पर प्रियंका गांधी ने आड़े हाथों लेते हुए जवाब दिया। मुंबई हमले के सारे आतंकियों को भून दिया गया। एक जीवित आतंकी कसाब को पकड़कर फांसी दी गई। जिसे दुनिया ने देखा और भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी दिखाई दी। आतंकवाद की सर्वत्र आलोचना की गई।

    इस्तीफे देने का दायित्व

    यही नहीं कांग्रेस में दायित्वबोध जवाबदेही होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और गृहमंत्री ने खुद को दोषी समझकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन यह भूल गई प्रियंका कि बीजेपी में दायित्व बोध जवाबदेही और इस्तीफा देने की समझ है ही नही। अगर  नैतिकता होती तो मणिपुर मामले में इस्तीफा दिया गया होता। उरी, पठानकोट और पुलवामा की असफलता पर इस्तीफे की झड़ी लग गई होती। प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन से इस्तीफा मांगने वाले क्यों नहीं अपने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते?

    सरकार ने दिया सेना को धोखा

    इस्तीफा तो विदेश मंत्री को भी देना चाहिए था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के पूर्व पाकिस्तान को सूचना दे दी, जिससे हमारे विमान मार गिराए गए। पीएम मोदी से इस गलत बयानी और प्रचार पर इस्तीफा मांगते कि उन्होंने दावा किया था सेना को खुली छूट दी है समय और स्थान सेना तय करे जबकि फौजी अधिकारियों ने बार बार मोदी के दावे की पोल खोली है। यही नहीं एयर मार्शल भी कह चुके हैं कि “जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो वादा क्यों करते हो?”

    कांग्रेस और मोदी में अंतर?

    आज तक सत्ता का कोई भी उन मारे गए पर्यटकों के घर जाने की जरूरत नहीं समझी जब कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जाकर उनके जख्मों पर मरहम लगा चुके हैं। राहुल गांधी की राजनीति सर्व ग्राही है। इसीलिए वे मणिपुर जाकर पीड़ितों के ज़ख्म सहला चुके हैं उनके विपरीत पीएम मोदी शहीदों के नाम पर वोट ही नहीं मांगे बल्कि कानून नियम के विरुद्ध सेना की वर्दी पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय लेते हुए अपनी फोटो डालकर पोस्टर चिपकवा चुके हैं। पाकिस्तान के दो टुकड़े करने और 95 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश इंदिरा गांधी ने कभी भी नहीं की।

    टैक्स का बोझ सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार

    दरअसल हिंदू-मुस्लिम कर चुनाव आयोग द्वारा छल कपट और गलत काम कराकर चुनाव जीतना ही मोदी का एकमात्र लक्ष्य है। फर्जी वोटर बढ़वाकर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली चुनाव जीतने के बाद बिहार में वोटरों को बाहर करने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा है। मोदी सरकार अपने 11 साल के शासन में किए गए कार्य पर वोट मांगने की हिम्मत कर ही नहीं सकते। क्योंकि किसान, मजदूर, युवाओं, छात्रों, गृहिणियों के जीवन को दूभर बना दिया है। टैक्स का इतना भार दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। सुविधा के नाम पर सर्वत्र भ्रष्टाचार ही हुआ है।

    प्रशासन का गलत इस्तेमाल

    सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न सकें। परीक्षा में अनियमितता के विरोध में छात्र हितों के खातिर जब शिक्षक दिल्ली में रैली कर रहे थे तब पुलिस द्वारा शिक्षकों को घसीट कर बस में जबरन बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ा गया। इस कार्य में दिल्ली पुलिस सिद्धहस्त है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी से न्याय मांगने महिला पहलवान जब दिल्ली के जंतर मंतर पर रैली निकाले हुए धरने पर बैठी थी तब भी अमित शाह के आदेश पर उन्हें घसीटा और बसों में जबरन लादकर दूर ले जाकर छोड़ा गया था।

    विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने दावा?

    दिल्ली पुलिस वही है जो हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा के घर आग लगने से जली झुलसी नोटो की गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जांच करना तो बड़ी दूर की बात, जिस राष्ट्र में शिक्षकों को अपमानित किया जाए। उन्हें घसीटकर बसों में ठूंसा जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चालीस पचास लाख रुपयों में बेचा जाए। सड़कें पहली ही बरसात में बहने लगें। पुल बनते समय या उदघाटन के पहले ही जल समाधि लेने लगें। ये सारे करतूतें भ्रष्टाचार सामने दिखता ही नहीं बल्कि चीख-चीख कर बोलता भी है। उस देश को वहां की सरकार जो विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने का दावा करे, जहां की अस्सी करोड़ जनता को गरीबी रेखा से नीचे रखने का षडयंत्र रचा जाए, क्या कहा जा सकता है?

    विदेशनीति पर सवाल?

    ऐसी विदेशनीति को क्या कहा जाए कि अरबों रुपए जनता के पैसे फूंककर विश्व की यात्रा की जाए। लेकिन पाकिस्तान युद्ध के समय दुनिया का एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आए। अमेरिका का राष्ट्रपति धमकी देता रहे। राष्ट्र को अपमानित करता रहे लेकिन सत्ता में हिम्मत नहीं जो कह सके ट्रंप झूठ बोल रहा है। उसी ट्रंप ने रूस से तेल खरीदना बंद करा दे जबकि हमारा पड़ोसी चीन अमेरिका के आंखों में आँखें डालकर जवाब देता हो। सबसे विश्वसनीय देश रूस को भी दूर कर दे ऐसी विदेशनीति जो अमेरिका की गोद में बैठी हो क्या कहा जाएगा?

    दुनिया की निगाहों में भारत?

    भारत ने डेलिगेशन भेजे बताने के लिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला करके 27 बेकसूरों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके लिए जीरो टॉलरेंस अपनाकर हमने पाकिस्तानी आतंकवादियों के अड्डों पर सीमित हमले कर सौ आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कोई राष्ट्र यकीन नहीं कर रहा। क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं जैसा कि मणिशंकर ने कहा है जिसका अर्थ दुनिया समझती है भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत नहीं दे पा रहा। मुंबई हमले में कसाब को जिंदा सबूत दिखाया गया था। यानी पाकिस्तानी आतंकवाद की गुहार कोई सुनने के लिए तैयार नहीं उलटे ट्रंप हम पर 25% टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 100% पेनल्टी लगाने की घोषणा कर दी। संसद में भले दावा किया गया हो कि पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। दुनिया की निगाहों में भारत झूठ बोल रहा।

  • 12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    Free Computer Training Scheme: डिजिटल भारत मिशन के तहत भारत सरकार ने फ्रि कंप्यूटर कोर्स के साथ 15 हजार रुपये के आर्थिक मदद देने ऐलान कर दिया है। यह स्कॉलरशिप 12वीं पास युवाओं के लिए आरक्षित कर दी गई है। आईये जानते हैं कैसे और कहां करें आवेदन?

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    भारत सरकार ने डिजिटल भारत मिशन को आगे बढ़ाते हुए 12वीं पास युवाओं के लिए एक बेहद लाभकारी योजना की शुरुआत की है। फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना 2025 के अंतर्गत अब युवाओं को मुफ्त में कंप्यूटर कोर्स करने का अवसर मिलेगा, साथ ही 15000 रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    बेसिक से एडवांस

    इस योजना के माध्यम से छात्र न केवल बेसिक से लेकर एडवांस कंप्यूटर स्किल्स सीख सकेंगे, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। यह मदद सीधे छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाऐंगे ताकि वे कोर्स के दौरान आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें।

    किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?

    फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना का लाभ केवल उन्हीं युवाओं को मिलेगा जो भारत के नागरिक होंगे। जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और जिनकी उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होगी। इसके साथ ही, परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आवेदक ने पहले से किसी संस्थान से कंप्यूटर कोर्स नहीं किया होना चाहिए।

    कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

    इस योजना के अंतर्गत युवाओं को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, इंटरनेट का उपयोग, डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा, टाइपिंग, ईमेलिंग और सरकारी पोर्टल्स पर कार्य करना सिखाया जाएगा। कोर्स की अवधि 3 से 6 महीने की होगी और यह पूरी तरह से सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा कराया जाएगा।

    आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?

    इच्छुक उम्मीदवार अपने राज्य की स्किल डेवलपमेंट या श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर “Free Computer Training Scheme” दर्शाया गया होगा। उसी पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन करें। इसी के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे – आधार कार्ड, 12वीं की मार्कशीट, फोटो, बैंक पासबुक आदि अपलोड करें और आवेदन सबमिट कर दें। कुछ राज्यों में यह सुविधा CSC केंद्रों पर भी उपलब्ध हो चुकी है।

    योजना के प्रमुख लाभ

    योजना के तहत युवाओं को न केवल मुफ्त कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि कोर्स पूरा करने के बाद एक सरकारी प्रमाणपत्र भी मिलेगा। साथ ही 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट भी मुहैया कराया जाएगा, जिससे युवाओं को करियर की दिशा में बेहतर अवसर मिल सकें।

    किन राज्यों में शुरू हुई यह योजना?

    यह योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम में लागू हो चुकी है। अन्य राज्यों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है।

    युवाओं को रोजगार में लाभ

    इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली ट्रेनिंग से छात्र सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों में रोजगार के लिए तैयार होंगे। डिजिटल इंडिया, CSC केंद्र, बैंकिंग, बीमा, डेटा एंट्री और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में इन युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।

    युवाओं का अनुभव और आत्मविश्वास

    कई युवाओं ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से उन्हें न केवल टेक्निकल स्किल्स मिलीं बल्कि नौकरी पाने में भी आसानी हुई। कुछ छात्रों को स्थानीय कंपनियों में 10000 रुपये से 15000 रुपये प्रति माह की शुरुआती नौकरी भी मिली है।

  • आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई मे ड्रग्स की तस्करी

    आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई मे ड्रग्स की तस्करी

    ज्यादा पैसों की लालच में बिहार का कपड़ा व्यापारी मुंबई के मालवनी में ड्रग्स की तस्करी करते गिरफ्तार। बताया कि आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से लाया था ड्रग्स .. Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी पुलिस ने लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये के गांजा नामक नशीले पदार्थ के साथ बिहार के कपड़ा व्यापारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि 48 वर्षीय परवेज़ अहमद अमिरुद्दीन सैय्यद लगभग 6 किलो 398 ग्राम गांजा लेकर मालवनी में किसी को बेचने आया था। पुलिस को उसके हाल-चाल पर संदेह हुआ तो आरोपी के लाले पड़ गए। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai

    पुलिस का संदेश और खुल गया राज

    मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र रघुनाथ नागरकर ने बताया, कि शुक्रवार 4 जुलाई को मालवनी गेट नंबर 1 के पास लगभग शाम 4 बजे के करीब जनकल्याण नगर के रोड़ पर जब पुलिस हमेशा की तरह गश्त लगा रही थी, तो पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे को इस व्यक्ति पर संदेह हुआ, वह अपनी थैली में कुछ लिपट कर यहां वहां घूम रहा था। पहले तो पुलिस ने इग्नोर किया। लेकिन जब गाड़ी घुमाकर वापस उसकी तरफ देखा तो उसे पसीने छूटने लगे। ताबड़तोड़ पुलिस को पूरा यकीन हो गया, कि हो न हो लेकिन कुछ तो गडबड है। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai

    गांजे की महक ने खोले राज

    जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे ने बताया, कि जब हमने उसे बुलाकर पूछताछ की तो वो हडबडाने लगा और जब सामान की तलाशी ली तो कहने लगा साहब ये खाद है। ये खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस ने कहा, कि गांजा और उसकी महक तुरंत पहचान में आ गई। हमने इसकी सूचना पुलिस निरीक्षक रकमजी को दी और पुलिस थाने ला कर पूछताछ की तो सारा हकीकत सामने आ गया। हांडे ने बताया कि पुलिस निरीक्षक रकमजी मार्गदर्शन में अपराध दर्ज किया। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai

    कहां से लाया था ड्रग्स?

    पुलिस ने जब थाने लेजाकर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी बिहार का रहने वाला है और वहां भोजपुर जिले के संदेश तालुका में कपड़े का व्यापार करता है। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में उसने आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई में गांजा बेचने के लिए आया था। पुलिस अब यह पता करने मे जुटी है कि इस आरोपी से मुंबई में कितने लोगों का संपर्क था और क्या इसने इससे पहले भी ऐसी तस्करी की है। पुलिस आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम भी जाने की तैयारी कर रही है। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai

  • मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    • नितीश कुमार के वोटरों में नाराजगी
    • नायडू के वोटर्स में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय
    • दिसंबर में बिहार राज्य का विधानसभा चुनाव
    • राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
    • वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश

    मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं। government moving towards mid term elections

    बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग

    वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं।

    वक्फ संशोधन कानून का असर

    केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है। government moving towards mid term elections

    इसे भी पढ़े:- एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    विधानसभा चुनाव

    ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं।

    राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

    उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है। government moving towards mid term elections

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)