Category: Northeast

  • मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    • नितीश कुमार के वोटरों में नाराजगी
    • नायडू के वोटर्स में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय
    • दिसंबर में बिहार राज्य का विधानसभा चुनाव
    • राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
    • वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश

    मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं। government moving towards mid term elections

    बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग

    वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं। government moving towards mid term elections

    वक्फ संशोधन कानून का असर

    केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है। government moving towards mid term elections

    इसे भी पढ़े:- एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    विधानसभा चुनाव

    ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं। government moving towards mid term elections

    राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

    उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है। government moving towards mid term elections

  • हैदराबाद और मुंबई के 13 स्थानों पर ईडी की रेड, सरकारी अधिकारियों की अब खैर नहीं

    हैदराबाद और मुंबई के 13 स्थानों पर ईडी की रेड, सरकारी अधिकारियों की अब खैर नहीं

    Hyderabad Mumbai ED Raid: ईडी ने हैदराबाद मुंबई और के 13 ठिकानों पर छापामारी करते हुए अबतक 32 करोड़ रुपए से अधिक के बेहिसाब संपत्ति जब्त की है। वसई विरार शहर महानगरपालिका के डिप्टी डायरेक्टर वाई.एस. रेड्डी के कई ठिकानों पर रेड हुई है। ED raids 13 places in Hyderabad and Mumbai, now government officials are in trouble

    मुंबई/हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को वसई विरार शहर महानगर पालिका से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों में रेड कर करोड़ों रुपये के अचल संपत्तियों का खुलासा किया है। डिपार्टमेंट ने कथित अवैध भूमि विकास और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के तहत मुंबई और हैदराबाद के 13 ठिकानों पर छापेमारी के बाद 32 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब संपत्ति जब्त की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत 14 और 15 मई को की गई छापेमारी में 9.04 करोड़ रुपए नकद और लगभग 23.25 करोड़ रुपए मूल्य के हीरे जड़ित आभूषण और सोना बरामद किया गया है। कालाबाजारी के खिलाफ काफी सारे ऐसे दस्तावेज अधिकारियों के हाथ लगे हैं जिससे इनके अपराधों को साबित करना अधिकारियों के लिए आसान बन गया है। ED raids 13 places in Hyderabad and Mumbai, now government officials are in trouble

    डिप्टी डायरेक्टर के घर छापा

    जब्त की गई संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा 8.6 करोड़ रुपये नकद और 23.25 करोड़ रुपए मूल्य के आभूषण और सोना वसई विरार शहर महानगर पालिका (vvcmc) के नगर नियोजन डिप्टी डायरेक्टर वाई.एस. रेड्डी के मुंबई और हैदराबाद स्थित आवासों से बरामद किया गया है। जांचकर्ताओं ने ऐसे डॉक्यूमेंट्स भी बरामद किए हैं जिनसे वसई विरार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण घोटाले का खुलासा हो सकता है, जिसे कथित तौर पर वीवीएमसी अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था। ED raids 13 places in Hyderabad and Mumbai, now government officials are in trouble

    सरकारी मंजूरी का गैरफायदा

    यह मामला वसई विरार शहर महानगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में सरकारी और निजी जमीन पर 2009 से रेसिडेंशियल और कमर्शियल गालों के अवैध निर्माण से संबंधित है। ईडी के अनुसार, महानगर पालिका ने विकास योजना के तहत एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और एक डंपिंग ग्राउंड को मंजूरी दी थी। समय के साथ, यहां 41 अवैध इमारतें बन गईं। ईडी का कहना है कि इमारतों का निर्माण इस बात को ध्यान में रखते हुए किया गया था कि उन्हें आखिर में विकास कार्य के लिए ध्वस्त कर दिया जाएगा। बिल्डरों ने आम जनता को गुमराह किया और धोखाधड़ी करते हुए करोड़ों अरबों रुपये का हेराफेरी कर डाली। ED raids 13 places in Hyderabad and Mumbai, now government officials are in trouble

    सभी इमारतें हुई ध्वस्त

    ईडी की जांच में नगरपालिका के दो अधिकारियों सीताराम गुप्ता और अरुण गुप्ता के अलावा अन्य लोगों का नाम भी शामिल है। उनका आरोप है कि इमारतों का निर्माण भ्रष्ट महानगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ था, जिन्होंने अवैध निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने महानगर पालिका के टाउन प्लानिंग के उप निदेशक वाई एस रेड्डी के प्रॉपर्टी को भी जब्त कर लिया है और हीरे के आभूषण और बुलियन के साथ 8.6 करोड़ रुपए जब्त किया। पिछले साल 8 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 41 अवैध इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। जब निवासियों ने रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो शीर्ष अदालत ने इनकार कर दिया और 20 फरवरी को सभी इमारतों को गिरा दिया गया। ED raids 13 places in Hyderabad and Mumbai, now government officials are in trouble

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • Maharashtra: परली में आंदोलन, संजय राउत का हमला, PM मोदी मुंबई दौरे पर।

    Maharashtra: परली में आंदोलन, संजय राउत का हमला, PM मोदी मुंबई दौरे पर।

    Narendra Modi in Mumbai: पीएम मोदी की मुंबई यात्रा पर टिप्पणी करते हुए शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने उम्मीद जताई कि PM यहां के विकास को लेकर घोषणा करेंगे। उन्होंने परली में कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सरकार की आलोचना की। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई- 
    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई दौरे पर हैं। ऐसे में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने इस पर राज्य मे विकास और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। राउत ने कहा, कि “देखते हैं कि मोदी धारावी के लिए कोई घोषणा करते हैं या नहीं। यदि मोदी मुंबई के विकास के लिए आ रहे हैं तो उनका स्वागत है।” इस दौरान बड़ा खुलासा करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि “बालासाहेब ठाकरे ही वह व्यक्ति थे जो मोदी के पक्ष में मजबूती से खड़े रहे।” राउत ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी के जल्द ही मणिपुर जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही राउत ने महाराष्ट्र के बीड जिले में परली आंदोलन को लेकर कानून व्यवस्था पर राज्य सरकार की आलोचना की। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    विरोध प्रदर्शन से कानून व्यवस्था पर चिंता

    संजय राउत ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में बीड जिले के परली में विरोध प्रदर्शन कानून व्यवस्था का मुद्दा है। लोग बड़ी संख्या पर आपत्ति जता रहे हैं। कल परली में वाल्मीकि कराड पर मकोका लगाए जाने के बाद समर्थकों ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। इस अवसर पर वाल्मीकि कराड की मां भी उपस्थित थीं। समर्थक बहुत आक्रामक लग रहे थे। इस दौरान कुछ गंभीर आरोप भी लगाए गए। अब संजय राउत ने इस पर महाराष्ट्र सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    बीजेपी भ्रष्ट लोगों बना अड्डा

    संजय राउत ने बीजेपी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी को भी पार्टी में स्वीकार करे लेती है। महायुति में कई लोग दागी हैं। बीजेपी भ्रष्ट लोगों का अड्डा बन गई है। अमित शाह गुजरात के बर्खास्त गृह मंत्री थे। मुझे शाह को दी गई मदद के बारे में भी पता है। कुछ बातें गोपनीय होती हैं। कहने की जरूरत नहीं कि किसको किससे मदद मिली। ईवीएम को आज महागठबंधन के मंच पर रखा जाना चाहिए। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    https://indian-fasttrack.com/mob-lynching-in-mumbai-dispute-over-overtake-dindoshi-police-station-malad-news

    विधायकों के साथ मीटिंग

    संजय राउत ने यह बयान पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से आज महायुति के विधायकों को निर्देश दिए जाने के बाद दिया। परली की स्थिति को देखते हुए धनंजय मुंडे परली गए। हालांकि इससे पहले उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की और उनकी अनुमति लेकर परली के लिए रवाना हो गए। वह आज नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन के लिए परली में अनुपस्थित रहेंगे। राज्य में महायुति के सभी विधायक मुंबई में हैं। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

  • Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर

    Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर

    • उद्धव ठाकरे गुट के 5 बागी नेता को पार्टी से निकाल दिया गया, चेतावनी के बावजूद नामांकन वापस नहीं लिया।
    • IPS संजय वर्मा बने महाराष्ट्र के नए DGP, अप्रैल 2028 में रिटायर होंगे
    • गलत और एकतरफा जानकारी देने के आरोप में भारत सरकार ने विकिपीडिया को भेजा नोटिस।
    • केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज, कर्नाटक पुलिस के ADGP को धमकाने का आरोप
    • अजमेर दरगाह को हिंदू मंदिर बताने के मामले में हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी
    • असम में 2 हाथियों के शव बरामद, बिजली के झटके से मौत होने की आशंका
    • बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में पुलिस के हाथ लगा एक और हथियार, एक पिस्टल और तीन कारतूस की अभी भी तलाश
    • त्रिपुरा में घुसपैठ, 5 लोगों में 3 भारतीय और 2 बांग्लादेशी गिरफ्तार
    • जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत
    • DTC बस ने दो को कुचला, एक पुलिस कांस्टेबल और राहगीर की मौत

    न्यूज़ डेस्क
    देश की राजनीति से लेकर क्राईम, हादसे, तबादले से लेकर सीमावर्ती भागों में घुसपैठ की 10 बड़ी खबर हम कवर करने जा रहे हैं। जो निम्नलिखित है। आईये अब हम इसपर नज़र डालते हैं। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

    उद्धव ठाकरे गुट के 5 बागी नेता को पार्टी से निकाल दिया गया, चेतावनी के बावजूद नामांकन वापस नहीं लिया।

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    महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को पार्टी के पांच बागी नेताओं को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट से बाहर निकल दिया। पांचों नेता टिकट नहीं मिलने के कारण अपनी ही पार्टी और गठबंधन दल के उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे है। पार्टी ने उन्हें पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। लेकिन पार्टी के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए बगावत पर उतर आए थे। उद्धव ठाकरे गुट के इन नेताओं में भिवंडी के पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे समेत विश्वास नांदेकर, चंद्रकांत घुगुल, संजय अवारी और प्रसाद ठाकरे शामिल हैं। जिन्हें पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

    IPS संजय वर्मा बने महाराष्ट्र के नए DGP, अप्रैल 2028 में रिटायर होंगे

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    मंगलवार को 1990 बैच के IPS अधिकारी संजय वर्मा को महाराष्ट्र का नया DGP बनाया गया है। वर्तमान में IPS अधिकारी संजय वर्मा डीजी कानून और तकनीकी के पद पर कार्यरत हैं। IPS अधिकारी संजय वर्मा अप्रैल 2028 में रिटायर होने वाले है। महाराष्ट्र चुनाव 2024 से पहले चुनाव आयोग ने राज्य के कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले की शिकायत पर पूर्व DGP रश्मि शुक्ला के तबादले का आदेश दिया था। उन्हें हटाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से महाराष्ट्र कैडर के तीन सीनियर IPS अधिकारियों के नाम मांगे थे, जिनमें संजय वर्मा का नाम भी शामिल था। बाकी दो सीनियर IPS अधिकारियों में संजीव कुमार सिंघल और उनके बैचमेट रितेश कुमार का नाम भी शामिल था। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

    गलत और एकतरफा जानकारी देने के आरोप में भारत सरकार ने विकिपीडिया को भेजा नोटिस।

    Indian government and Wikipedia news update

    भारत सरकार ने मंगलवार को विकिपीडिया को नोटिस भेजकर कुछ शिकायतों पर जवाब मांगा है। विकिपीडिया पर एकतरफा और गलत जानकारी देने का आरोप है। सरकार ने सवाल पूछा है, कि विकिपीडिया को पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट की जगह कंटेंट पब्लिशर्स वेबसाइट क्यों नहीं माना जाना चाहिए? हालांकि, इसका भारत सरकार की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं हुआ है। विकिपीडिया की तरफ से भी अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

    केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज, कर्नाटक पुलिस के ADGP को धमकाने का आरोप

    Central minister HD Kumar swami News Update

    भारी उद्योग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ बेंगलुरु के संजय नगर पुलिस स्टेशन में मंगलवार को FIR दर्ज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और उनके बेटे निखिल पर कर्नाटक पुलिस के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP) एम. चंद्रशेखर को अवैध खनन घोटाले मामले की जांच के दौरान धमकी देने के आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि कुमारस्वामी और उनके बेटे निखिल ने मामले की जांच में बाधा डालने की कोशिश की। कुमारस्वामी 2006 से 2008 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे हैं। इस दौरान उन पर 550 एकड़ की खनन जमीन को पट्टे पर गैरकानूनी तरीके से मंजूरी देने का आरोप है। मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

    अजमेर दरगाह को हिंदू मंदिर बताने के मामले में हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी

    Rashtriya Hindu Sena news update

    हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता को सोमवार रात 8 बजे फोन कॉल पर जान से मारने की धमकी मिली है। कॉलर ने विष्णु को अजमेर कोर्ट में 23 सितंबर को दायर मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह को हिंदू मंदिर बताने वाली याचिका वापस लेने को कहा है। धमकी मिलने के बाद विष्णु ने क्रिश्चयन गंज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

    असम में 2 हाथियों के शव बरामद, बिजली के झटके से मौत होने की आशंका

    Asam News update

    असम के पश्चिम कामरूप जिले के पखारापारा इलाके में मंगलवार सुबह खेत में दो हाथियों के शव मिले हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों नर हाथी 10 साल से कम उम्र के हैं। खेत में लगी बिजली की तारों के झटके लगने के कारण हाथियों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हाथियों के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सकेगा। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

    बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में पुलिस के हाथ लगा एक और हथियार, एक पिस्टल और तीन कारतूस की अभी भी तलाश

    Baba Siddiqui Murder case news update

    बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में सोमवार को मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपी रूपेश मोहोल के पुणे वाले घर से एक और पिस्टल बरामद किया है। इस केस में बरामद यह पांचवां हथियार है। क्राइम ब्रांच को इस मामले में अभी भी एक और हथियार और तीन कारतूस की तलाश है। इसके लिए क्राइम ब्रांच ने मुंबई कोर्ट से रूपेश मोहोल समेत अन्य चार आरोपी अमित कुमार, शिवम कोहाड़, करण साल्वे और सुजीत सिंह की रिमांड मांगी है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

    त्रिपुरा में घुसपैठ, 5 लोगों में 3 भारतीय और 2 बांग्लादेशी गिरफ्तार

    Tripura news update

    त्रिपुरा के सबरूम जिले के जलकुंबा गांव में सोमवार को अवैध तरीके से बांग्लादेश की सीमा से घुसपैठ करते 5 लोग पकड़े गए हैं। इसमें 2 बांग्लादेशी और 3 भारतीय नागरिक शामिल हैं। पूछताछ में तीनों भारतीय नागरिकों ने बताया कि वे बांग्लादेश अपने रिश्तेदारों से मिलने गए थे, लेकिन बांग्लादेश में चल रही हिंसा के कारण वही फंसे रह गए। अब बांग्लादेश में स्थिति शांत होने के कारण वे लोग वापस लौट रहे थे। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

    जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत

    Jammu And Kashmir Army News Update

    जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के कालाकोट क्षेत्र में बडोग के पास 63 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) का वाहन सोमवार रात दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस हादसे में एक सेना के जवान की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य घायल हुआ है। घायल जवान का कालाकोट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में इलाज चल रहा है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

    DTC बस ने दो को कुचला, एक पुलिस कांस्टेबल और राहगीर की मौत

    Dehli DTC Bus Accident news update

    दिल्ली में सोमवार देर रात DTC की बस ने पुलिस कांस्टेबल और राहगीर को कुचल दिया। इस घटना में दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि घटना रिंग रोड के मोनेस्ट्री मार्केट के पास हुई है। बस डिवाइडर से भी टकरा गई थी। 27 वर्षीय मृतक पुलिस कांस्टेबल का नाम विक्टर है, पुलिस कांस्टेबल नागालैंड का रहने वाला था। वो जून 2023 से सिविल लाइंस थाने में तैनात था। दूसरे मृतक की पहचान की जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)

  • कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया ने दोस्त के 300 टुकड़े किए: लाश के सामने बॉयफ्रेंड से बनाए संबंध

    कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया ने दोस्त के 300 टुकड़े किए: लाश के सामने बॉयफ्रेंड से बनाए संबंध

    2008 में पूरे मुंबई शहर को सिहरा देने वाली घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया ने अपने ही दोस्त के किए 300 टुकड़े, लाश के सामने बॉयफ्रेंड से बनाए संबंध और किया शॉपिंग, एक कॉल डिटेल से खुला राज़ ..

    • मृतक नीरज ग्रोवर बालाजी प्रोडक्शन हाउस में कास्टिंग का काम किया करता था और मारिया से प्यार करता था।
    • मारिया मोनिका सुसाइराज, कन्नड़ एक्ट्रेस जो हिंदी फिल्मों में किस्मत आजमाने मुंबई पहुंची थीं।
    • लेफ्टिनेंट जेरोम मैथ्यू, मारिया के बॉयफ्रेंड, जिनसे उसकी सगाई होने वाली थी।
    • गिरफ्तारी के दौरान ली गई मारिया सुसाइराज की तस्वीर में मारिया हंसती हुई नजर आई थीं।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    आज हम आपको मायानगरी मुंबई से फ़िल्मी दुनिया से जुड़ी एक ऐसी सच्चाई से रूबरू कराने जा रहे हैं। जिसमें नाम और पैसा कमाने के चक्कर में अपने ही दोस्त की हत्या कर दी जाती है और हत्या के बाद लाश के आगे शारीरिक संबंध बनाया जा रहा है और इनके बाद लाश के टुकडे कर, शॉपिंग की खरीददारी भी की जाती है। इसमें आरोपी कोई पूराना बदमाश नही है, जिसका काम इस तरह की घटनाओं को अंजाम देना हो। बल्कि इस घटना को अंजाम देने वाली एक खुबसूरत और नाजुक कही जाने वाली अभिनेत्री और उसका ब्वॉयफ्रेंड है। जिन दोनों को बाद में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

    फोन कॉल ने खोला हत्याकांड का राज़ ..

    प्रोटेस्ट के दौरान ली गई कास्टिंग डायरेक्टर विकास गुप्ता की तस्वीर।

    बालाजी प्रोडक्शन हाउस में कास्टिंग का काम करने वाले 26 साल के नीरज ग्रोवर एक रोज अचानक गुमशुदा हो गए। वो अपनी गर्लफ्रेंड और कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया सुसाइराज की घर की शिफ्ट करने में मदद कर रहे थे, लेकिन घर की शिफ्टिंग के बाद उन्हें किसी ने नहीं देखा। पुलिस में इसकी शिकायत के बाद कई दिन और हफ्ते बीतने के बाद भी नीरज की कोई खबर नहीं मिली। नीरज को ढूंढने के लिए पूरे शहर भर में पोस्टर चिपकवाए गए, लेकिन नतीजा शून्य रहा। आखिरकार पुलिस को नीरज की लोकेशन की जानकारी एक मोबाइल नेटवर्क टावर से मिली। उस एक कॉल ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।

    मामले में पहली गिरफ्तारी हुई एक्ट्रेस मारिया सुसाइराज की, फिर जो खुलासे हुए, उसे सुनकर हर कोई सिहर उठा। नीरज की हत्या हुई थी, उनकी लाश के सामने हत्यारों ने शारीरिक संबंध बनाए और फिर चंद घंटों बाद उनकी लाश के 300 टुकड़े कर दिए। मुंबई शहर के साथ इसकी खबर पूरे देश भर में फैल गई। लोग सोच में पड़ गए कि इतनी खुबसूरत ऐक्ट्रेस को हत्या करने की क्या जरूरत पड़ गई और हत्या के बाद लाश के सामने शारीरिक संबंध? लोग मानने को तैयार नहीं थे।

    कौन है मारिया मोनिका सुसाइराज ?

    मैसूर के क्रिश्चियन परिवार में जन्मीं मारिया मोनिका सुसाइराज बचपन से ही नाच-गाने में अव्वल थीं। पिता कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे, जबकि चाचा नगर पालिका के कर्मचारी थे। हर बार स्कूल के कल्चरल प्रोग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मारिया ने हीरोइन बनने का ख्वाब देखा था, लेकिन परिवार वाले इसके खिलाफ थे। जब घरवाले शादी का दबाव बनाने लगे तो, मारिया ने अपने परिवार का घर छोड़ दिया और बेंगलुरु आकर बस गईं।

    मारिया का बेंगलूर से मुंबई का सफर..

    बेंगलूर में लगातार प्रोड्यूसर्स के दफ्तरों के चक्कर काटते हुए मारिया को कन्नड़ सिनेमा में जगह मिल गई। कुछ छोटे-मोटे रोल के बाद मारिया को साल 2002 में कन्नड़ सिनेमा में बड़ा ब्रेक मिला। उन्हें बतौर लीड फिल्म जूट में काम मिला। फिल्म के लिए उन्हें सराहना तो मिली, लेकिन फिल्म फ्लॉप रही। इस एक काम के बाद उन्हें चंद और फिल्मों में छोटी-मोटी भूमिकाएं मिलने लगीं, लेकिन मारिया रीजनल सिनेमों में नहीं बल्कि पूरे भारत में पहचान बनाना चाहती थीं। जब कन्नड़ सिनेमा में उन्हें काम मिलना कम हुआ, तो मारिया ने मुंबई का रुख किया।

    नीरज से कैसे हुई मुताबिक?

    मारिया अक्सर ऑडिशन देने मुंबई आया करती थीं। एक दिन ऑडिशन के सिलसिले में मारिया की मुलाकात नीरज ग्रोवर से हुई। नीरज ग्रोवर की मुंबई में अच्छी पकड़ थी। नीरज ग्रोवर, शाहरुख खान द्वारा होस्ट किए जाने वाले शो ‘क्या आप पांचवी पास से तेज हैं’ और ‘कहानी हमारे महाभारत की’ जैसे शोज का हिस्सा रह चुके थे। साल 2008 में वो एकता कपूर के पॉपुलर प्रोडक्शन हाउस “बालाजी टेलीफिल्म्स” से जुड़कर काम कर रहे थे।
    ऑडिशन के दौरान हुई मुलाकात के बाद नीरज और मारिया ने नंबर एक्सचेंज किए और फिर दोनों की बात होने लगी। नीरज ने मारिया से कहा कि वो बेहद खूबसूरत हैं और उन्हें काम ढूंढने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जवाब में मारिया ने कहा कि उनकी मुंबई में कोई पहचान नहीं है, जिसकी वज़ह से उन्हें काम नहीं मिल रहा है।

    नीरज ने की मारिया की मदद ..

    मारिया की बात सुनकर नीरज ने उन्हें मदद का आश्वासन दिया और उनका बालाजी टेलीफिल्म्स में ऑडिशन अरेंज करवाया। वो इन्हीं ऑडिशन के लिए अक्सर मुंबई आया करती थीं। समय के साथ मारिया, नीरज से ज्यादा घुलने-मिलने लगी थीं, जबकि वो पहले ही मैसूर के रहनेवाले जेरोम मैथ्यू के साथ लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में थीं, जिनसे उनकी सगाई भी होने वाली थी। जेरोम इंडियन आर्मी में थे और उस समय पुणे में पोस्टेड थे।

    मारिया ने नीरज से छुपाई बात ..

    बड़ी हीरोइन बनने और काम मिलने का ख्वाब देखने वालीं मारिया ने नीरज को ये बताना जरूरी नहीं समझा कि वो पहले से रिलेशनशिप में हैं। समय के साथ दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगीं और एक रोज मारिया ने मुंबई शिफ्ट होने का फैसला कर लिया। जब मारिया मुंबई पहुंचीं, तो नीरज ने उन्हें अपने घर में जगह दी।
    दोनों की दोस्ती के कई महीने हो चुके थे, लेकिन नीरज की तरफ से मारिया को कोई काम नहीं मिल रहा था। नीरज ने अपने दोस्तों को बताया था कि कन्नड़ एक्सेंट के कारण मारिया के ऑडिशन रिजेक्ट हो जाते थे, लेकिन मारिया को ठेस न पहुंचे, इसलिए वो अक्सर उनके सामने काम न मिलने के नए-नए बहाने बना दिया करते थे।

    नीरज के खिलाफ धोखेबाजी का शक ..

    नीरज के घर में रहते हुए मारिया की उनके दोस्तों से भी अच्छी दोस्ती हो गई थी। वो अक्सर नीरज के दोस्तों से पूछा करती थीं कि कहीं नीरज उन्हें धोखा तो नहीं दे रहे? कहीं ये कास्टिंग काउच की तरह तो नहीं है? दोस्त अक्सर मारिया को समझाते थे कि नीरज उन्हें काम दिलाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस बीच जब भी मारिया अपने बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू से बात करती थीं, तो नीरज का जिक्र होने पर बस यही कहा करती थीं कि नीरज उनसे एकतरफा प्यार करते हैं और वो उन्हें दोस्त मानती हैं। हालांकि, ये एक झूठी कहानी थी।

    करीब एक हफ्ते तक नीरज के साथ लिव-इन में रहने के बाद मारिया ने मलाड के धीरज सॉलिटियर अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 201 किराए पर ले लिया। 7 मई 2008, मारिया को नीरज का फ्लैट छोड़कर मलाड स्थित फ्लैट में शिफ्ट होना था। मारिया के जाने के बाद रात को नीरज ने अपने दोस्तों से कहा कि मारिया की शिफ्टिंग में मदद करवाने जा रहे हैं। करीब 10 बजे वो घर से निकल गए।

    अगली सुबह नीरज के दोस्त ने उनके नंबर पर कॉल किया, तो कॉल मारिया ने रिसीव किया। मारिया ने उनके दोस्त लाल को बताया कि नीरज रात 1:30 बजे घर से निकल चुके थे और हड़बड़ी में फोन उनके फ्लैट में छोड़ गए हैं। कुछ घंटे और बीते, लेकिन नीरज न फ्लैट पर आए और न फोन लेने पहुंचे। नीरज से बात न होने पर उनके परिवार और काम से जुड़े लोग उनके दोस्त लाल को कॉल कर रहे थे, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।

    आखिरकार, लाल 8 मई की शाम मारिया के फ्लैट पहुंचे। जब उन्होंने मारिया से पूछा कि वो किसके साथ निकले हैं, तो वो कोई जवाब नहीं दे सकीं। आखिरकार दोनों ने सोच-विचार करने के बाद मलाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नीरज का फोन जब्त कर उनकी तलाश शुरू कर दी। मामले में उनके करीबियों से पूछताछ हुई, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी। 2 दिनों बाद उनके परिवारवाले भी कानपुर से मुंबई आ गए। गुमशुदगी को दो हफ्ते बीत गए, लेकिन नीरज की कोई खबर नहीं थी। उनके परिवारवालों ने उनके पोस्टर छपवाए, जिसमें पता बताने वाले को ईनाम देने की घोषणा की गई, लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हो सका।

    ऐक्ट्रेस से बनी हत्यारन ..

    2 हफ्ते बीते ही थे कि पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों के कॉल रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए। रिकॉर्ड से सामने आया कि 8 मई की शाम को नीरज के फोन पर एक कॉल आया था, जिसे चंद सेकेंड के लिए रिसीव किया गया था। मोबाइल नेटवर्क टावर के रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस का पहला शक, मारिया सुसाइराज पर गया, क्योंकि शिकायत से पहले तक नीरज का मोबाइल मारिया के ही पास था।

    कॉल पर क्या हो रहे थे बातें?

    पुलिस ने मारिया को शक हुए बिना उनके खिलाफ छानबीन शुरू कर दी। जब मारिया के कॉल रिकॉर्ड निकाले गए, तो नतीजे चौंका देने वाले थे। 8 मई- 20 मई तक मारिया और उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू के बीच 1 हजार कॉल हुए थे। ये कोई आम बात नहीं थी। कॉल रिकॉर्ड और जेरोम के उस रात मुंबई में ही होने से पुलिस का मारिया पर शक और पुख्ता हो गया। इस सिलसिले में मारिया और उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू को पूछताछ के लिए बुलाया गया। मारिया ने बयान में वही कहानी बताई, जो उन्होंने पहले बताई थी, वहीं जेरोम ने कहा कि वो आर्मी ट्रेनिंग के सिलसिले में मुंबई आया हुआ था। पुलिस ने आर्मी सेंटर से जेरोम के बयान को कन्फर्म नहीं किया, हालांकि उन्होंने शक की बिना पर जांच जारी रखी। जब मारिया की बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ की गई, तो उसने चौंका देने वाला खुलासा किया।

    सिक्योरिटी गार्ड ने किया खुलासा ..

    सिक्योरिटी गार्ड ने मालाड़ पुलिस को बताया कि 8 मई की शाम को मारिया और उनका बॉयफ्रेंड मैथ्यू कुछ बैग में भारी सामान ले जाते दिखे थे। इस बात से पुलिस का शक यकीन में बदल गया। सबूत इकट्ठा करते ही पुलिस ने सबसे पहले मारिया की गिरफ्तारी की।
    मारिया लगातार अपने बयान बदलती रही, लेकिन जब सख्ती की गई तो वो टूट गई। मारिया ने जो खुलासे किए, वो सुनकर हर कोई हैरान था।

    मारिया ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया, कि 8 मई को ही नीरज ग्रोवर की हत्या कर दी गई थी। दरअसल, मारिया ने 7 मई को नीरज को शिफ्टिंग में मदद करने बुलाया था। दोनों घर में क्वालिटी टाइम बिता रहे थे कि तभी मारिया के बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू का कॉल आया। जब मैथ्यू ने कॉल पर पीछे से आ रही नीरज की आवाज सुनी तो वो भड़क गए, क्योंकि उन्हें लगता था कि नीरज के इरादे मारिया के लिए ठीक नहीं है। जेरोम मैथ्यू को गुस्सा होते देख, मारिया ने उन्हें समझाया कि वो दोस्त होने के नाते सिर्फ मदद करने आया है। डिनर के बाद वो उसे चलता कर देंगी। जवाब में जेरोम ने कहा कि अगर नीरज उनके साथ रुका तो ठीक नहीं होगा।

    अगले दिन 8 मई को मारिया के फ्लैट की डोरबेल बज रही थी। चंद सेकेंड तक मारिया दरवाजे पर नहीं पहुंचीं, तो बार-बार डोरबेल बजाई जाने लगी। हड़बड़ाहट में जब उन्होंने दरवाजा खोला तो देखा कि जेरोम दरवाजे पर खड़ा था। उन्हें देखते ही मारिया डर गईं, क्योंकि उस समय नीरज उनके घर पर ही था। जेरोम फ्लैट के अंदर घुस आया। मारिया ने उन्हें बेडरूम में जाने से रोका, लेकिन जेरोम ने उन्हें धक्का दे दिया। जैसे ही जेरोम कमरे में दाखिल हुए तो देखा कि नीरज उनके बिस्तर पर थे। ये देखते ही उन्होंने नीरज को पीटना शुरू कर दिया।

    मारिया ने रोकने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहीं। जेरोम झगड़े के बीच किचन से चाकू ले आया, जिससे उन्होंने नीरज पर कई वार किए। जेरोम के कपड़े खून से सन चुके थे, कमरे में हर तरफ खून के छींटे थे और धीरे-धीरे नीरज की सांसें थम रही थीं। नीरज की मौत होते ही मारिया ने झटपट कमरे की सफाई शुरू कर दी। खून को साफ किया, चादर-पर्दे बदले और डेडबॉडी से खून पूरी तरह साफ कर दिया। कुछ घंटे तक नीरज की लाश उनके कमरे में ही रही। इस दौरान मारिया और जेरोम ने कई बार उसी कमरे में शारीरिक संबंध बनाए, जहां लाश थी। कुछ समय बाद दोनों नजदीकी शॉपिंग मॉल गए, जहां से उन्होंने पॉलीबैग और धारदार चाकू खरीदे।

    हत्याकांड के खुलासे में फोन कॉल ..

    घर लौटकर दोनों ने मिलकर लाश के 300 टुकड़े किए। शाम करीब 4 बजे दोनों सभी टुकड़ों को लेकर आमगांव की तरफ निकले। रास्ते से पेट्रोल खरीदा और सुनसान जगह ढूंढकर बैग में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जिस समय दोनों लाश के टुकड़े ठिकाने लगाने निकले थे, उस समय नीरज का फोन मारिया की जींस की जेब में था। रास्ते में नीरज का फोन बजा, तो नंबर देखने के लिए मारिया ने जेब से फोन निकाला था, जिस समय गलती से उनसे कॉल रिसीव हो गया। वो एक कॉल ही इस हत्याकांड में अहम कड़ी साबित हुआ।

    हत्याकांड का खुलासा होने के बाद मारिया को सबूत छिपाने और हत्या करने में भागीदार होने पर 3 साल की सजा हुई, जबकि जेरोम मैथ्यू को 10 साल की सजा हुई। मारिया को महज 3 साल की सजा होने के खिलाफ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग विरोध में उतरे और मारिया की सजा बढ़ाने की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने फैसला नहीं बदला। रिपोर्ट्स ये भी रहीं कि मारिया को बिग बॉस 5 का ऑफर मिला था, हालांकि वो शो का हिस्सा नहीं बनीं।
    जेल से निकलने के बाद मारिया पर मुंबई और गुजरात समेत कई शहरों में करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में शिकायत दर्ज हुई हैं। और इस तरह मारिया ने देशभर में पहचान तो बनाई, लेकिन उसका कारण उनका अभिनय नहीं ये हत्याकांड रहा है।

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    इस्माईल शेख
    मुम्बई- 
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  • आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    • मोदी कराएंगे अपनी मर्जी का चुनाव।
    • मोदी के सामने आरएसएस हुआ बौना।
    • चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?

    आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस,
    आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)

  • देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    पांच राज्यो में चुनावी बिगुल बज गया है। अखाड़े में बड़े बड़े पहलवानो की नूरा कुश्ती देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम में सभी प्रमुख राजनिगिक दलों ने अपने पहलवानो की घोषणा कर दिय है। रेफरी के रूप में जनता तैयार है। पर अब प्रश्न ये उठता है, कि सभी उम्मीदवारो और नेताओं के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच क्यों नही करता है चुनाव आयोग।

    चुनाव आयोग के कार्य ..

    सभी के पास कितने काले धन है? उम्मीदवारो ने सम्पत्ति की कितनी जानकारी दिया है और इनके नेता के पास कितना धन है। इस विषय पर चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है। ये कितने बड़े अपराधी है? कितने केस है? कितने विचाराधीन है? इसकी जानकारी न रखता है न ही जानकारी देता है।

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    चुनाव आयोग,
    चुनाव आयोग की प्रतिकारात्मक फ़ाईल तस्वीर

    इसी बीच चुनाव आयोग की ओर से घोषणा
    की गई है, कि राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मतदान बूथों के पास लगाए गई शिविरों के निकट अनावश्यक भीड़ इकट्ठा नहीं होने देंगे ताकि दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों और अभ्यर्थियों के मध्य टकराव और तनाव से बचा जा सके। आचार संहिता की धाराओं प्रशासन भरपूर इस्तेमाल करने जा रहा है।

    Election Commission of India

    लेकिन, आप को बता दें, दिन पर दिन भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। कितना भी पत्रकार लिखता है। फिर भी नेताओ, मंत्रियों और चुनाव आयोग को कोई फर्क नही पड़ता है। चुनाव में धन-बल की आजमाइस जोरो पर चलती है। हत्याएं होती है। अपहरण होते है। इस पर भी चुनाव के पास समय नही होता है। देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

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