मालाड पूर्व की नन्ही भरतनाट्यम डांसर इशान्वी इनामदार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवॉर्ड जीतकर मुंबई का नाम रोशन किया। उद्धव सेना विधायक सुनील प्रभु ने घर जाकर उसका सम्मान किया।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: मालाड पूर्व शिवधाम कॉम्प्लेक्स की रहने वाली इशान्वी इनामदार ने छोटी उम्र में भरतनाट्यम डांस में कमाल की कामयाबी हासिल की है। 6 साल की इशान्वी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लेवल पर डांस प्रतियोगिताओं में अवॉर्ड जीतकर सबको गर्व महसूस कराया है।
उद्धव सेना विधायक सुनील प्रभु ने किया सम्मान
इशान्वी की इस सफलता को देखते हुए उद्धव सेना नेता और दिंडोशी के विधायक, पूर्व महापौर सुनील प्रभु ने उनके घर जाकर सम्मान किया। उन्होंने इशान्वी को शाल, पुष्पगुच्छ, नटराज की मूर्ति और मिठाई भेंट की और उसके परिवार से मुलाकात कर खूब सराहना की।
गुरु और परिवार का सहयोग
प्रभु ने कहा कि – “इशान्वी की प्रतिभा से सिर्फ उसका परिवार ही नहीं बल्कि पूरी दिंडोशी विधानसभा और नृत्यसंस्था का मान बढ़ा है। आने वाले समय में वह दुनिया के मंच पर दिंडोशी और मुंबई का नाम रोशन करेगी।”
इस मौके पर स्थानीय शाखा प्रमुख सुभाष धानुका, युवा उपशाखा अधिकारी मंगेश चव्हाण, शिवसेना के पूर्व सचिव किरण वाडीवकर, इशान्वी के माता-पिता सोनाली और संजय, दादी अलका जोशी और नृत्यसंस्था Instep School of Dance & Music की संस्थापिका प्रीती रे मौजूद थीं।
इशान्वी की ट्रेनिंग उसकी गुरु राधिका कुलकर्णी और संध्या हरी के मार्गदर्शन में हुई है। 3 साल 6 महीने की उम्र से भरतनाट्यम सीख रही इशान्वी ने लगातार मेहनत और निष्ठा से अपना खास मुकाम बनाया है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां
अप्रैल 2025 में मुंबई में हुई अखिल भारतीय राष्ट्रीय नृत्य स्पर्धा और नृत्यभावम महोत्सव में इशान्वी ने प्रथम स्थान हासिल किया।
जून 2024 में गोवा में हुए भारत नृत्य महोत्सव – अंतरराष्ट्रीय डांस कॉम्पिटिशन में उसने द्वितीय स्थान प्राप्त कर भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया।
शिक्षा और भविष्य
इशान्वी इस समय विबग्योर हाई स्कूल, मालाड (पूर्व), कक्षा पहली की छात्रा है। छोटी उम्र में ही उसने डांस की दुनिया में अपनी पहचान बना ली है और अब सभी की उम्मीदें हैं कि आने वाले वक्त में वह भारत की प्रतिनिधि बनकर बड़े मंचों पर चमकेगी।
गड़चिरोली पुलिस ने भामरागढ़ इलाके से एक खूंखार नक्सली को गिरफ्तार किया। आरोपी शंकर भीमा महाका 2022 में सड़क निर्माण के 19 वाहन जलाने की वारदात में शामिल था और तडगांव जंगल में तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था।
डिजिटल डेस्क गड़चिरोली:महाराष्ट्र पुलिस ने नक्सल प्रभावित भामरागढ़ उपविभाग के तिराकामेटा गांव के जंगल इलाके से एक खूंखार माओवादी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शंकर भीमा महाका (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गड़चिरोली जिले के परायणार गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, यह माओवादी भामरागढ़ दलम से जुड़ा हुआ है और इलाके में तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था।
2022 की बड़ी वारदात से जुड़ा आरोपी
शंकर भीमा महाका कोई साधारण नक्सली नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह 21 जनवरी 2022 की उस बड़ी घटना में शामिल था जिसमें नक्सलियों ने सड़क निर्माण के लिए काम कर रहे 19 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। यह हमला गड़चिरोली में नक्सलियों की ताकत और उनके आतंकी इरादों को साफ दिखाता था।
इस घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में थी। अब उसकी गिरफ्तारी को गड़चिरोली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
शनिवार को पुलिस की एक टीम ने तडगांव जंगल के इलाके में पेट्रोलिंग शुरू की थी। इसी दौरान उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति जंगल में घूमता नजर आया।
पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की।
पहचान करने पर पता चला कि यह शख्स शंकर भीमा महाका है।
पुलिस को शक है कि वह इलाके की टोह ले रहा था और आगे किसी बड़े हमले या तोड़फोड़ की तैयारी कर रहा था।
नक्सलियों की “तोड़फोड़ की रणनीति”
गड़चिरोली और आसपास के इलाके लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं। नक्सली अक्सर सड़क निर्माण, पुल निर्माण, और सरकारी विकास प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाते हैं ताकि स्थानीय लोगों तक सुविधाएं न पहुंच सकें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शंकर महाका जैसे नक्सली इलाके में सर्वे और रेकी (reconnaissance) करते हैं और फिर अपनी टीम को बुलाकर हमला कराते हैं।
नक्सलियों का नेटवर्क और दबाव
गड़चिरोली के भामरागढ़, एटापल्ली और कोरची इलाकों में नक्सलियों का मजबूत नेटवर्क बताया जाता है।
स्थानीय युवाओं को डर और लालच देकर नक्सली अपने संगठन में शामिल करते हैं।
विकास कार्यों का विरोध करके वे सरकार और जनता के बीच दूरी पैदा करते हैं।
आदिवासी इलाकों में वे अपने प्रभाव को बचाए रखने के लिए हिंसा और डर का सहारा लेते हैं।
शंकर महाका जैसे नक्सली इस नेटवर्क का अहम हिस्सा होते हैं।
गड़चिरोली पुलिस और नक्सलियों के बीच पिछले कुछ सालों में कई मुठभेड़ें हुई हैं। पुलिस ने लगातार ऑपरेशन प्रहार जैसे अभियान चलाकर नक्सलियों पर दबाव बनाया है।
कई टॉप नक्सली कमांडर मुठभेड़ों में मारे गए।
कई बार नक्सली संगठन को भारी नुकसान भी हुआ।
लेकिन जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर नक्सली आज भी सक्रिय रहते हैं।
शंकर महाका की गिरफ्तारी क्यों अहम है?
इस गिरफ्तारी के कई मायने हैं:
2022 की वारदात का आरोपी पुलिस के हाथ लगा।
उसकी गिरफ्तारी से नक्सलियों की कई साजिशें सामने आ सकती हैं।
पुलिस को अब उसके नेटवर्क और संपर्कों के बारे में भी अहम सुराग मिल सकते हैं।
इलाके में विकास कार्यों की सुरक्षा को लेकर राहत मिलेगी।
गड़चिरोली महाराष्ट्र का सबसे नक्सल प्रभावित जिला माना जाता है। यहां का जंगल इलाका, पहाड़ी और दुर्गम भूगोल नक्सलियों को छिपने और ऑपरेशन चलाने के लिए मदद करता है।
1980 के दशक में आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से नक्सलियों ने गड़चिरोली में कदम रखा।
धीरे-धीरे उन्होंने आदिवासी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का फायदा उठाकर नक्सली खुद को “गरीबों और आदिवासियों के मसीहा” के तौर पर पेश करते हैं।
लेकिन समय के साथ यह साफ हो गया कि नक्सली सिर्फ हिंसा, खून-खराबा और विकास विरोध की राजनीति करते हैं।
गड़चिरोली पुलिस बनाम नक्सली संघर्ष की टाइमलाइन
2009: गड़चिरोली में नक्सलियों ने पुलिस की बस पर हमला किया, जिसमें 17 जवान शहीद हुए।
2013: एटापल्ली इलाके में नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला किया, कई बड़े नेता मारे गए।
2018: पुलिस ने एटापल्ली और भामरागढ़ में बड़ी मुठभेड़ों में दर्जनों नक्सलियों को मार गिराया।
2022: शंकर महाका जैसे नक्सलियों ने सड़क निर्माण रोकने के लिए 19 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
2023-24: ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने कई नक्सली कैडर को खत्म किया और दर्जनों को गिरफ्तार किया।
गड़चिरोली की मौजूदा स्थिति
आज भी गड़चिरोली, खासकर भामरागढ़, एटापल्ली, कोरची और धानोरा इलाकों में नक्सलियों का दबदबा है।
यहां नक्सली ठेकेदारों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम लोगों पर दबाव डालते हैं।
कई बार वे स्कूल जलाते हैं, सड़कें और पुल तोड़ते हैं ताकि सरकारी योजनाएं न पहुंच सकें।
लेकिन पुलिस और सरकार लगातार विकास और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर काम कर रही है।
जनता की बदलती सोच
जहां पहले लोग नक्सलियों से डरकर चुप रहते थे, वहीं अब धीरे-धीरे लोग पुलिस पर भरोसा करने लगे हैं।
शिक्षा और सड़क की पहुंच बढ़ने से लोग समझने लगे हैं कि नक्सली सिर्फ विकास के दुश्मन हैं।
अब कई आदिवासी परिवार अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए शहर भेज रहे हैं।
पुलिस भी “जनसंवाद अभियान” चलाकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश कर रही है।
इलाके के लोगों की प्रतिक्रिया
गांव के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जब तक नक्सली इलाके में रहेंगे, विकास रुकता रहेगा और लोग डर में जीते रहेंगे।
पुलिस का कहना है कि शंकर महाका की गिरफ्तारी से इलाके के लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वे धीरे-धीरे नक्सलियों के खिलाफ खड़े होंगे।
आगे क्या होगा?
गिरफ्तार नक्सली से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। संभावना है कि वह कई और नक्सलियों के नाम और उनके ठिकानों की जानकारी दे सकता है।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस आने वाले दिनों में और ऑपरेशन्स चलाएगी और नक्सली नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश करेगी।
मुंबई में शिवसेना (UBT) महिला कार्यकर्ताओं ने सिंदूर लेकर इंडिया-पाक एशिया कप मैच के खिलाफ प्रदर्शन किया। उद्धव ठाकरे और ओवैसी ने भी सरकार पर निशाना साधा।
डिजिटल डेस्क मुंबई:एशिया कप 2025 में होने वाले इंडिया-पाकिस्तान क्रिकेट मैच से ठीक पहले रविवार को शिवसेना (UBT) की महिला कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आईं। कार्यकर्ताओं ने सिंदूर हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नाराज़गी जताई।
उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान
शनिवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साफ कहा था कि महिला कार्यकर्ता महाराष्ट्र की सड़कों पर उतरेंगी और हर घर से सिंदूर इकट्ठा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजेंगी।
ठाकरे ने सवाल उठाया – “प्रधानमंत्री ने कहा था कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते। तो फिर खून और क्रिकेट साथ कैसे बह सकते हैं? युद्ध और क्रिकेट एक साथ कैसे हो सकते हैं? देशभक्ति का बिज़नेस सिर्फ पैसों के लिए किया जा रहा है।”
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का हमला
इधर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए कि पाकिस्तान से मैच खेलकर कितना पैसा मिलेगा और यह पैसों की कमाई पाहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 भारतीय नागरिकों की जान से ज्यादा कीमती है क्या?
ओवैसी ने सवाल किया कि – “क्या असम और यूपी के मुख्यमंत्री के पास इतना भी अधिकार नहीं कि वे पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से मना कर सकें? पाकिस्तान ने हमारे 26 नागरिकों का धर्म पूछा और फिर उन्हें गोली मार दी।”
विपक्ष की मांगों के बावजूद केंद्र सरकार ने साफ कहा कि भारतीय टीम किसी भी मल्टी-नेशन टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से पीछे नहीं हटेगी। इसलिए आज का मैच दुबई में तय कार्यक्रम के अनुसार हो रहा है।
पृष्ठभूमि – क्यों हो रहा है विरोध?
मई 2025 में हुए पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक रिश्तों में तनाव चरम पर है।
इस हमले में 26 निर्दोष भारतीय नागरिक मारे गए थे।
इसके बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए, जिनमें पाकिस्तान से व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों पर रोक भी शामिल है।
अब क्रिकेट मैच को लेकर विरोध जताते हुए विपक्ष कह रहा है कि यह कदम सरकार की अपनी कही बातों के उलट है।
लोगों की प्रतिक्रिया
मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कई जगहों पर महिलाएं हाथों में सिंदूर की डिब्बियां और तिरंगा लेकर नारेबाज़ी करती दिखीं। उनका कहना था कि जब तक पाकिस्तान के साथ आतंकवाद का मुद्दा है, तब तक क्रिकेट मैच नहीं होना चाहिए।
मुंबई के Nhava Sheva Port पर DRI ने “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत 28 कंटेनर जब्त किए। पाकिस्तान से आए 800 मीट्रिक टन ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स की कीमत ₹12 करोड़, दो गिरफ्तार।
डिजिटल डेस्क मुंबई: डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) मुंबई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 28 कंटेनर जब्त किए हैं। इन कंटेनरों में पाकिस्तान से आए करीब 800 मीट्रिक टन ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स भरे थे, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹12 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई Nhava Sheva Port पर “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत की गई।
पाकिस्तान से आयात पर सख्त बैन
गौरतलब है कि सरकार ने 2 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से आने वाले सभी सामानों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। इसके बावजूद कुछ भारतीय इंपोर्टर्स ने कानून तोड़ने की कोशिश की और पाकिस्तान से माल आयात किया।
ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स को UAE ओरिजिन बताकर भारत लाने की कोशिश हुई।
जांच में DRI को सबूत मिले कि यह माल पाकिस्तान से ही आया था।
इसमें शामिल लोगों ने शिपिंग डॉक्यूमेंट्स से लेकर इनवॉइस तक सब फर्जी बनाए।
कैसे पकड़ा गया पूरा खेल?
जांच एजेंसियों ने पता लगाया कि यह पूरा रैकेट एक इंटरनेशनल नेटवर्क के जरिए चल रहा था। इसमें पाकिस्तानी, भारतीय और UAE के कारोबारी शामिल थे।
ड्राय डेट्स केस: दुबई का एक सप्लायर (भारतीय मूल का) पाकिस्तान से डेट्स मंगवाता था। फिर फर्जी इनवॉइस बनाकर उन्हें UAE का बताता और भारत भेजता। इस शख्स को DRI ने गिरफ्तार कर लिया है।
कॉस्मेटिक्स केस: इसमें एक भारतीय कस्टम ब्रोकर की गिरफ्तारी हुई है, जिसने माल की गलत डिक्लेरेशन कराई और पाकिस्तान से आए कॉस्मेटिक्स को UAE का दिखाया।
यह पहला मामला नहीं है। जुलाई 2025 में भी DRI ने इसी “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत 39 कंटेनर जब्त किए थे। उस वक्त करीब 1,115 मीट्रिक टन माल की कीमत लगभग ₹9 करोड़ निकली थी और उस मामले में भी एक इंपोर्टर गिरफ्तार हुआ था।
यह साफ दिखाता है कि बैन के बावजूद कुछ इंपोर्टर्स सरकार की नीतियों को दरकिनार कर अवैध व्यापार कर रहे हैं।
क्यों है यह नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा?
अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक स्मगलिंग केस नहीं है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।
इस तरह के आयात से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचता है।
पैसों का लेन-देन सीधे भारत से पाकिस्तान तक जाता है।
ऐसे नेटवर्क्स का इस्तेमाल आतंकवाद की फंडिंग तक हो सकता है।
यानी यह सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी नहीं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा खतरा भी है।
DRI का सख्त संदेश
DRI का कहना है कि “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” इसी लिए चलाया गया है ताकि किसी भी तरह के गैरकानूनी माल को रोका जा सके। एजेंसी ने साफ कहा कि भारत की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा।
लगातार इंटेलिजेंस इनपुट्स पर नज़र रखी जा रही है।
इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन से ऐसे नेटवर्क्स को तोड़ा जा रहा है।
गलत डॉक्यूमेंट्स और फर्जी ट्रांजैक्शन करने वाले इंपोर्टर्स के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है।
मुंबई DRT-III में नेशनल लोक अदालत के दौरान 122 मामले निपटाए गए और ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हुई। इस प्रक्रिया में बैंक अफसरों, वकीलों और स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई।
मुंबई:डेब्ट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल-III (DRT-III) में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस लोक अदालत में कुल 122 मामलों का निपटारा किया गया और बैंकों को करीब ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हासिल हुई।
ये लोक अदालत स्रीकला सुरेश, इंचार्ज प्रेसीडिंग ऑफिसर के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण माहौल में किया गया।
पैनल और मेंबर्स की अहम भूमिका
कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व प्रेसीडिंग ऑफिसर वी.एन. लोथे पाटिल ने की। उनके साथ पैनल में सुधांशु एस. साहू (डिप्टी जनरल मैनेजर, केनरा बैंक) और एडवोकेट सुनील हम्ब्रे मौजूद थे।
इनके सहयोग से कई जटिल मामले आसानी से सुलझे, जिससे बैंक और उधारकर्ताओं दोनों को राहत मिली।
122 मामले निपटाए गए, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी
इस लोक अदालत में बैंकों के लंबे समय से पेंडिंग पड़े केसों का समाधान हुआ। इसमें अधिकतर मामले लोन रिकवरी और सेटलमेंट से जुड़े थे।
122 मामलों के समाधान के बाद ₹34.69 करोड़ की राशि रिकवर हुई। इसे बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
DRT-III मुंबई के रजिस्ट्रार संजय जायसवाल ने सभी अफसरों, स्टाफ और लिटिगेंट्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की।
उन्होंने खासतौर से स्टाफ मेंबर्स का नाम लेकर आभार जताया –
लोक अदालत को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये एक ऐसा मंच है, जहां लंबे समय से पेंडिंग केस जल्दी और आपसी सहमति से सुलझाए जाते हैं। इससे अदालतों पर केसों का बोझ कम होता है और आम लोगों व बैंकों दोनों को राहत मिलती है।
मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां बैंकिंग ट्रांजैक्शन और लोन से जुड़े विवाद बहुत आम हैं, वहां इस तरह की पहल बेहद कारगर साबित होती है।
मुंबई DRT-III की इस लोक अदालत ने दिखा दिया कि अगर सही माहौल और सहयोग मिले तो जटिल से जटिल केस भी आसानी से सुलझ सकते हैं। इस बार का नतीजा ₹34.69 करोड़ की रिकवरी के साथ काफी सकारात्मक रहा। उम्मीद है कि आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे और बैंकिंग सेक्टर में पेंडिंग केसों का बोझ कम होगा।
बीएमसी ने मुंबई के एम/ईस्ट वार्ड में झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर दोबारा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। डेडलाइन 30 सितंबर तय।
मुंबई: शहर के झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एम/ईस्ट वार्ड (मानखुर्द, देवनार और गोवंडी) इलाके में 26 स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है।
🔹 पिछली बार क्यों अटका था मामला?
बीएमसी ने 10 मई को पहली बार 64 नगर पालिका प्लॉट्स पर पुनर्विकास का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते 17 प्लॉट होल्ड पर रखे गए। बचे हुए 47 प्लॉट्स पर सिर्फ 29 प्रोजेक्ट्स को ही 100 ऑफर मिले। सबसे बड़ी समस्या ये रही कि 8 प्लॉट्स के लिए केवल 1-1 डेवलपर ने ही बोली लगाई थी।
🔹 अब नया फोकस एम/ईस्ट वार्ड पर
इस बार बीएमसी ने खास तौर पर मानखुर्द, देवनार और गोवंडी जैसे इलाकों पर फोकस किया है। ये इलाका कम आय वर्ग और भारी अतिक्रमण के लिए जाना जाता है। नई योजना के तहत करीब 8.37 लाख वर्गमीटर जमीन और लगभग 49,000 झोपड़ी संरचनाओं को रीडेवलपमेंट में शामिल किया जाएगा।
🔹 डेडलाइन और प्रक्रिया
EOI डॉक्यूमेंट उपलब्ध होगा: 15 सितंबर से
अंतिम तारीख: 30 सितंबर
जिम्मेदारी ठेकेदारों की:
झोपड़ी सर्वे
प्लानिंग
परमिट्स
टेनेमेंट निर्माण
मेंटेनेंस
सभी प्रोजेक्ट्स को DCPR-2034 की रेगुलेशन 33(10) के तहत लागू किया जाएगा।
पहले आए ऑफर्स ज्यादातर अंधेरी, बोरीवली और वर्ली जैसे पश्चिमी इलाकों के लिए थे। जबकि पूर्वी उपनगर जैसे मुलुंड और एम/ईस्ट वार्ड के लिए डेवलपर्स की दिलचस्पी बेहद कम रही। इसीलिए बीएमसी ने अब फिर से खास तौर पर इन इलाकों पर जोर दिया है।
पालघर पुलिस ने वसई के राम रहीम नगर में होने वाली डकैती की साजिश नाकाम कर दी। 11 आरोपी हथियारों के साथ पकड़े गए, जिनमें कई पर हत्या और लूट के गंभीर मामले दर्ज हैं।
पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक डकैती की साजिश नाकाम कर दी। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 बदमाश वसई के राम रहीम नगर (एवरशाइन सिटी) में एक बंगले को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।
पुलिस ने समय रहते छापा मारकर 11 आरोपियों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया।
👮♂️ अपराधियों का लंबा रिकॉर्ड
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए कई आरोपी हत्याकांड, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और नशे से जुड़े मामलों में पहले से वांछित हैं। ये मामले मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों से जब्त किया:
एक देसी रिवॉल्वर
4 जिंदा कारतूस
चॉपर
चाकू, कैंची और हथौड़ा
मिर्च पाउडर
🚓 पुलिस का जाल और गिरफ्तारी
यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच सेल-2, वसई और वालिव, माणिकपुर और अचोले पुलिस की टीम ने मिलकर की। पुलिस ने सूचना के आधार पर फैब्रिकेशन शॉप के पास ट्रैप बिछाया और सभी आरोपियों को दबोच लिया।
इसी दौरान लातूर जिले में पुलिस ने एटीएम लूट करने वाले इंटरस्टेट गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने उदगीर इलाके में गैस कटर से एटीएम तोड़कर कैश चुराया था।
पुलिस ने गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, नकली नंबर प्लेट, एक लाख रुपये नकद और हथियार जब्त किए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान, हरियाणा और भोपाल के रहने वाले अपराधियों के रूप में हुई है। पुलिस को शक है कि यह गैंग कई राज्यों में वारदात कर चुका है।
🔫 मुंबई में हफ्ता वसूली का आरोपी पकड़ा गया
मुंबई के बांद्रा इलाके में पुलिस ने 25 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर को रिवॉल्वर और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं।
लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से साफ है कि महाराष्ट्र पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर ढील देने के मूड में नहीं है। पालघर, लातूर और मुंबई में हुई गिरफ्तारियां पुलिस की तत्परता को दिखाती हैं।
नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।
इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।
अजीत पवार ने दिलाया भरोसा
बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:
“हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”
भारत सरकार और दूतावास से संपर्क
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।
दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।
हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे
नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।
पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।
भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।
स्थानीय स्तर पर हालात
जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे। नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।
महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।
मुंबई डिवीजन में सेंट्रल रेलवे ने 7 लाख से ज्यादा बिना टिकट यात्रियों से ₹30 करोड़ वसूले हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में रेलवे ने कुल ₹100 करोड़ से अधिक जुर्माना वसूला।
मुंबई:सेंट्रल रेलवे ने बिना टिकट और अवैध रूप से यात्रा करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे की टिकट चेकिंग टीमों ने वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से अगस्त 2025) के बीच 17.19 लाख यात्रियों को पकड़ा और उनसे रिकॉर्ड ₹100.50 करोड़ का जुर्माना वसूला।
केवल मुंबई डिवीजन की बात करें तो, यहां 7.03 लाख यात्रियों को पकड़कर करीब ₹29.17 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।
अगस्त 2025 में दिखा सख्ती का असर
अगस्त 2025 में रेलवे की चेकिंग टीमों ने अकेले महीने भर में 2.76 लाख यात्रियों को पकड़ा, जबकि अगस्त 2024 में यह संख्या 2.34 लाख थी। यानी इसमें 18% की बढ़ोतरी हुई है।
इस दौरान अगस्त 2025 में कुल ₹13.78 करोड़ का जुर्माना वसूला गया, जो अगस्त 2024 के ₹8.85 करोड़ से 55% ज्यादा है।
डिवीजनवार आंकड़े (अप्रैल-अगस्त 2025)
रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सभी डिवीजनों में कार्रवाई की। इसमें वसूली का आंकड़ा इस प्रकार है:
सेंट्रल रेलवे ने बताया कि बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाई जाती हैं। इसमें शामिल हैं:
स्टेशन चेक
एम्बुश चेक
फोर्ट्रेस चेक
इंटेंसिव चेक
मेगा टिकट चेकिंग ड्राइव
ये अभियान मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर, स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे लोकल ट्रेनों में भी चलाए जाते हैं।
टिकट फ्रॉड पर रोक: QR कोड बुकिंग बंद
रेलवे ने यह भी कदम उठाया कि UTS मोबाइल ऐप के जरिए स्टैटिक QR कोड से टिकट बुकिंग को बंद कर दिया गया है। वजह यह थी कि कई यात्री इस सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा था।
अब इस फैसले से पेपरलेस टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग पर रोक लग गई है।
रेलवे की अपील
सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट खरीदकर ही यात्रा करें। बिना टिकट यात्रा करने पर न केवल जुर्माना लगता है बल्कि बार-बार पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी जारी रहेगी।
पनवेल में खूनी गैंगवार, कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर गोल्डन मैन और उसके साथियों का तलवार-दरांती से हमला। पुलिस ने 14 पर केस दर्ज किया, दहशत का माहौल।
पनवेल (नवी मुंबई), 10 सितंबर 2025 – मुंबई से लगे पनवेल शहर में गैंगवार और खूनी संघर्ष की घटनाओं ने पुलिस और नागरिकों को चिंता में डाल दिया है। शनिवार को हुई एक सनसनीखेज वारदात में इलाके के कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में गोल्डन मैन के नाम से कुख्यात अनिकेत म्हात्रे और उसके साथियों ने तलवार, कोयता, हॉकी स्टिक और बंदूक का इस्तेमाल किया। घटना में राजकुमार म्हात्रे गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पनवेल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गैंगवार की गूंज: पनवेल में पुणे जैसी वारदात
पनवेल को मुंबई का प्रवेश द्वार कहा जाता है, लेकिन अब यह शहर गैंगवार और क्रिमिनल लड़ाई का अड्डा बनता दिख रहा है। पिछले हफ्ते पुणे में जिस तरह दो गिरोहों के बीच खून-खराबा हुआ था, ठीक वैसा ही घटनाक्रम पनवेल में दोहराया गया।
शनिवार को पनवेल के खुटारी गांव में कुख्यात राजकुमार म्हात्रे पर हमला हुआ। इसके अगले ही दिन, यानी रविवार को, कोपरखैराने सेक्टर-19 में दो गुटों के बीच सशस्त्र झड़प हुई। पुलिस ने इस झगड़े के बाद तत्काल कार्रवाई की और संदिग्धों को हिरासत में लिया।
दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पनवेल में क्रिमिनल दो गुट – राजेश जेजुरकर और गोरख म्हात्रे – के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। शनिवार को यह विवाद हिंसा में बदल गया।
दोनों गुटों के गुंडों ने लाठियों, तलवारों और अन्य धारदार हथियारों से एक-दूसरे पर हमला किया।
झगड़े में राजेश जेजुरकर और आकाश नवघाने गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राजकुमार म्हात्रे पर हमला: गोल्डन मैन की एंट्री
इसी बीच सबसे बड़ा धमाका हुआ – जब कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर हमला हुआ। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक:
अनिकेत म्हात्रे उर्फ़ गोल्डन मैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजकुमार पर हमला किया।
तलवार, कोयता, बंदूक और हॉकी स्टिक जैसे खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
हमला इतना जबरदस्त था कि राजकुमार को गंभीर चोटें आईं।
हमला करने के बाद गोल्डन मैन ने हवा में फायरिंग भी की, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
राजकुमार को खून से लथपथ हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
पनवेल पुलिस ने इस घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए अनिकेत म्हात्रे उर्फ़ गोल्डन मैन समेत 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस को अब तक गोल्डन मैन और उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी नहीं मिली है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं।
इलाके में दहशत का माहौल
हमले और गैंगवार की इन घटनाओं से पनवेल इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार बढ़ते गैंगवॉर से सड़क पर निकलना भी असुरक्षित महसूस हो रहा है।
एक निवासी ने कहा – “यहां हर सप्ताह कोई न कोई गैंगवार हो रही है। पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन कुछ दिनों बाद वही लोग फिर से हथियार लेकर सड़कों पर दिखाई देते हैं।”
पुलिस की चुनौती: संगठित अपराध का सफाया
पनवेल, नवी मुंबई और ठाणे बेल्ट लंबे समय से गुंडागर्दी और क्रिमिनल्स गिरोह के लिए कुख्यात रहे हैं। अब जबकि गोल्डन मैन और राजकुमार म्हात्रे जैसे नाम सामने आ रहे हैं, पुलिस के लिए संगठित अपराध का सफाया करना बड़ी चुनौती बन गया है।
पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।