Category: Crime News

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  • ड्रग्स फैक्ट्री का भांडाफोड़, डी-कंपनी से लिंक होने का अनुमान

    ड्रग्स फैक्ट्री का भांडाफोड़, डी-कंपनी से लिंक होने का अनुमान

    कर्नाटक के मैसूर में 434 करोड़ रुपये की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। इसमें डी-कंपनी की फंडिग सोर्स का अनुमान लगाया जा रहा है। मैसूर से बेंगलूर और फिर मुंबई होती थी ड्रग्स की तस्करी। मुंबई पुलिस की जांच में सामने आया कि ड्रग्स की तस्करी के लिए ‘शर्ट की फोटो’ को कोडवर्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

    मुंबई: कर्नाटक के मैसूर में 434 करोड़ रुपए की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। यह ड्रग तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। केस की जांच शुरू हुई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। मुंबई की साकीनाका पुलिस ने जांच के दौरान खुलासा किया कि किस तरह ड्रग्स की तस्करी का रैकेट काम करता था। कर्नाटक से महाराष्ट्र तक ड्रग्स की तस्करी और इंटरनेशनल स्तर तक इसकी सप्लाई होती थी। ड्रग्स सप्लायर इसके लिए अनोखा और बेहद गुप्त तरीका अपनाते थे। इस मामले को लेकर जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के डी-कंपनी का पैसा लगा हो सकता है। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

    कौन है मास्टरमाइंड?

    मुंबई पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क में ‘शर्ट की फोटो’ को कोडवर्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। जांच में सामने आया कि ड्रग्स की सप्लाई और प्रोडक्शन की प्रक्रिया दो अलग-अलग गिरोह करते थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन दोनों ही गैंग के सदस्यों को एक-दूसरे के बारे में कुछ भी पता नहीं होता था। मुंबई पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी अब इस ऑपरेशन के पीछे की पूरी चैन, फंडिंग सोर्स, मास्टरमाइंड और सप्लायर्स नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

    पुलिस के लिए मुश्किलें

    यह ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री और इसके सप्लाई की चैन पूरे ऑपरेशन की सबसे खतरनाक और शातिर ‘मॉडस ओपेरेंडी’ अपनाती थी। पुलिस ने बताया कि इस तरह की व्यवस्था से नेटवर्क की परतें खोलना बेहद मुश्किल हो गया था। हालांकि मुंबई पुलिस की हाईटेक टीम ने इसकी पर्तें खोल ही लीं। लेकिन अब भी बहोत सारे राज खुलने की आशंका जताई जा रही है। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

    बेंगलुरु में क्या होता था?

    अंधेरी पूर्व की साकीनाका पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मैसूर की फैक्ट्री में एमडी नामक ड्रग्स तैयार होती थी। यहां काम करने वालों को नहीं पता होता था कि गाड़ी में लोड करने के बाद ड्रग्स को कहां लेकर जाया जाएगा। खेप को एक दूसरे गैंग के जरिए सबसे पहले कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुंचाया जाता था। बेंगलुरु में मुंबई के गैंग का एक मेंबर पहले से मौजूद होता था। ड्रग्स सप्लाई करने और उसे लेने आने वालों को एक दूसरे को एक कोड दिखाना होता था।

    कैसे होती थी ड्रग्स की डिलीवरी?

    पुलिस ने बताया यह कोड एक टीशर्ट होती थी। जो हर बार सप्लाई के लिए अलग-अलग यूज की जाती थी। दोनों के पास सेम टीशर्ट का फोटो वॉट्सऐप किया जाता था। फिर वे एक दूसरे को वह दिखाकर खेप की सप्लाई करते थे। इस तरह खेप को बेंगलुरु से मुंबई तक लाया जाता था। मुंबई लाने के बाद इसे मुंबई के विभिन्न इलाकों में स्थानीय सप्लायर्स के जरिए सप्लाई होती थी। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

    कैसे होता था ट्रांसपोर्टेशन?

    पुलिस ने बताया कि ड्रग्स का पूरा ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम सड़क मार्ग पर आधारित था। तस्कर हवाई या ट्रेन मार्गों में होने वाली जांच से बचने के लिए रोड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस जांच में सामने आया, कि यह नेटवर्क ड्रग्स को बसों और निजी वाहनों के माध्यम से ट्रांसपोर्ट करता था। मैसूर से बेंगलुरु और फिर मुंबई तक का सफर तय कर ड्रग्स को लगेज के भीतर छिपाकर पहुंचाया जाता था। इस तरह की रणनीति से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने में तस्वीरों को काफी हद तक सफलता भी मिली।

    आईबी के अधिकारी कर रहे हैं पूछताछ

    इस मामले में अब इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की भी एंट्री कर चुकी है। सोमवार को आईबी अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों से लंबी पूछताछ की। जांच एजेंसियों को शक है कि यह ड्रग्स फैक्ट्री सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है कि इसका लिंक अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से भी हो सकता है। साकीनाका पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस ऑपरेशन के पीछे की पूरी चैन, फंडिंग सोर्स, मास्टरमाइंड और सप्लायर्स नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

  • पाकिस्तानी कनेक्शन में 2 आतंकी गिरफ्तार

    पाकिस्तानी कनेक्शन में 2 आतंकी गिरफ्तार

    एंटी टेररिस्ट स्क्वाड यानी एटीएस ने यूपी के अमरोहा और महाराष्ट्र के ठाणे जिले से अजमल अली और उसामा माज को गिरफ्तार किया है। दोनों ‘Reviving Islam’ नामक सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़े थे इस ग्रुप के 3 एडमिन सहित 400 पाकिस्तानी सदस्य बताए जा रहे हैं।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    एंटी टेररिस्ट स्क्वाड यानी ATS ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। यूपी के अमरोहा और महाराष्ट्र के ठाणे जिले से अजमल अली और उसामा माज नामक दो युवकों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये दोनों ‘Reviving Islam‘ नामक एक सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़े थे, जिसमें 400 से ज्यादा पाकिस्तानी मेंबरों में 3 एडमिन शामिल हैं। इस ग्रुप के जरिए दोनों युवक राष्ट्र विरोधी बातें और गैर-मुस्लिमों के खिलाफ कट्टरपंथी सोच फैलाते थे।

    एटीएस कर रही है जांच

    एटीएस की जांच में पता चला है कि ये युवक पाकिस्तान के नागरिकों से सोशल मीडिया के जरिए लगातार कॉन्टैक्ट में थे। इस ग्रुप में चुनी हुई सरकार को गिराने और देश में शरिया कानून लागू करने जैसी बातें होती थीं। फिलहाल, एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

    महाराष्ट्र के ठाणे में बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले एटीएस ने 2 जून को ठाणे के पडघा और बोरीवली में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। ATS ने मुंबई, ठाणे, भिवंडी और अन्य जिलों में 15 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई प्रतिबंधित संगठन सिमी (SIMI) के पूर्व पदाधिकारी और ISIS महाराष्ट्र मॉड्यूल केस के मेन एक्यूज्ड साकिब नाचन के ठिकानों समेत उसके कॉन्टैक्ट में रहे कई अन्य संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। छापेमारी सिर्फ साकिब नाचन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके कॉन्टैक्ट में रहे या उससे जुड़े अन्य संदिग्धों पर भी एजेंसी की नजर है।

    तिहाड़ जेल में कैद

    नाचन कुख्यात आतंकी अबू सुलेमान, अबू सुल्तान और मोहम्मद भाई जैसे दहशतगर्दों के सीधे कॉन्टैक्ट में था। रिपोर्ट के मुताबिक, नाचन ने ही अन्य सदस्यों को बाकी आतंकियों को शपथ दिलाई और साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई थी। फिलहाल, साकिब नाचन तिहाड़ जेल में कैद है।

  • 2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन से सिर्फ 2000 रुपये का लोन लेना 25 वर्षीय लड़की को महंगा पड़ गया। जबकि पीड़िता के मुताबिक उसने लोन का भुगतान कर दिया था। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    मुंबई: जोगेश्वरी की रहने वाली एक 25 वर्षीय लड़की के साथ बहोत बुरा हुआ है। ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनी ने उसके अंतरंग तस्वीरों को उसी की कॉन्टेक्ट लिस्ट हैक कर उसके रिश्तेदारों को फॉरवर्ड कर दिया। गनीमत रही की लड़की ने समझदारी दिखाते हुए अपने पिता को सारी हकीकत बता दी। लड़की ने दावा किया कि उसने लोन के पैसे चुका दिए, हालांकि उसमें देरी हुई। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता जोगेश्वरी की रहने वाली है। उसने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा जिसमें एक ऐप के बारे में बताया गया था जो तुरंत नकद लोन प्रदान करता है। उसने 20 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे अपने फोन पर ऐप डाउनलोड किया। इसके बाद उसने छह दिनों के लिए 2000 रुपये लोन के लिए अप्लाई किया। ऐप पर अपना बैंक खाता नंबर सहित व्यक्तिगत जानकारी अपलोड कर दी। साथ ही, आधार कार्ड की एक प्रति भी अपलोड जोड़ दी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    तस्वीरें वायरल करने की धमकी

    शिकायत के मुताबिक, इसके कुछ देर बाद ही लड़की के बैंक खाते में 1300 रुपये लोन के पैसे जमा हो गए। छह दिन बाद, लड़की को मैसेज मिला, जिसमें लोन चुकाने के लिए कहा गया। उसने जवाब दिया कि उसके पास इस समय पैसे नहीं है। उसे कुछ दिन और चाहिए लेकिन मैसेज भेजने वाले ने उसको तुरंत भुगतान करने को कहा। उसने धमकाते हुए कहा, कि ऐसा नहीं करने पर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी जाएगी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पैसे चुकाने के बाद भी वायरल कर दी तस्वीर

    पीड़िता का दावा है कि वह इस मैसेज को पढ़कर डर गई। उसको 31 जुलाई को एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिसमें तुरंत पैसों के भुगतान करने के लिए कहा गया था। पीड़िता ने उसी दिन क्यूआर कोड के माध्यम से 2000 रुपये चुका दिए। लेकिन उसी दिन शाम करीब 7 बजे पीड़िता की चाची को एक अज्ञात नंबर से उसकी मॉर्फ की गई नग्न तस्वीरें मिलीं। इसके बाद, उसके एक पुरुष मित्र को भी इसी तरह की तस्वीरें मिली। इससे लड़की डर गई और उसने अपने पिता को इस बारे में बताया, जिसके बाद दोनों ओशिवारा पुलिस का रुख किया। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    लोन एप की ठगी से कैसे बचें?

    • लोन लेने से पहले सभी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
    • ब्याज दर, पेमेंट साइकल और पेनाल्टी आदि की जानकारी ले लें।
    • लोन ऐप्स केवल गूगल प्ले स्टोर या एपल ऐप प्लेस्टोर से ही डाउनलोड करें।
    • अनजान लिंक या वाट्सएप से आए डॉट एपीके फाइल्स से बचें।
    • ऐप्स को अनावश्यक अनुमतियां जैसे कॉन्टैक्ट्स, गैलरी या कैमरा) नहीं दें।
    • ठगी का शिकार बनने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
    • लोन से संबंधित कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और स्क्रीनशॉट्स को सेव करके रखें।

    मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज साइबर अपराध जनवरी 2024 से मार्च 2025

    सालदर्ज केसहल केस धोखाधड़ी राशिजब्त राशि
    202450871253846.71 करोड़ रु82.49 करोड़ रु
    20251106188 279.83 करोड़ रु40.29 करोड़ रु

    झटपट लोन देने वाले ऐप्लिकेशन संचालक करते क्या है?

    लोन ऐप्स के जरिए पैसे देने वाली कंपनियां अक्सर अर्जदार की गोपनीय जानकारियां चुरा लेती है और उन्हीं के कॉन्टेक्ट डिटेल्स की मदद से धमकाया और परेशान किया जाता है। यहां तक की उनके रिश्तेदारों और परिवार वालों को लगातार कॉल कर परेशान किया जाता है। ऐसे में कर्जदारों के कॉन्टैक्ट्स नंबरों पर धमकी भरे मैसेज भेजने से सामाजिक अपमान का डर बढ़ जाता है। ब्लैकमेलिंग कर लोगों को इतना परेशान किया जाता है कि लोग आत्महत्या को ही अंतिम रास्ता मान लेते हैं।

    सरकार को ध्यान देने की जरुरत

    लोन ऐप्स की ब्लैकमेलिंग और उच्च ब्याज दरों के कारण कई लोग मानसिक रोगी बन जाते हैं। कुछ लोग तनाव में आत्महत्या तक कर लेते हैं। वहीं, मुंबई पुलिस के अनुसार, साइबर जागरूकता की कमी के कारण लोग अपनी समस्याएं खुलकर साझा नहीं करते, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग भी कम होने के कारण केस सामने आ नहीं पाता है। साइबर दक्ष में पुलिसकर्मियों की कमी भी है, जो साइबर अपराध को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए, साइबर डिटेक्टशन रेट दो से तीन फीसदी रही है, जबकि साइबर केस बढ़कर 243 फीसदी तक मुंबई जैसे शहर में पहुंच चुकी है। इस ओर सरकार और प्रशासन को ध्यान देने की जरुरत है।

  • धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर मुंबई में पैसों की ठगी

    धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर मुंबई में पैसों की ठगी

    महाराष्ट्र के धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर ठगी के आरोप में बोरीवली के रहनेवाले एक बिल्डर और उसकी पत्नी के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज कर पूछताछ कर रही है। पीड़ित कांदीवली पश्चिम के चारकोप के रहने वाले एक टीचर है। जिनके साथ कथित 42 लाख की ठगी हुई है।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में एक टीचर के साथ 42 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह पैसे स्कूल की नई इमारत निर्माण के लिए दी गई थी, लेकिन आरोपी बिल्डर और उसकी पत्नी ने रकम हड़प ली। इस मामले में बोरीवली पुलिस ने बिल्डर और उसकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। हालांकि, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    5 करोड़ रुपये का खर्च

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ईश्वर खैरनार चारकोप स्थित प्रियदर्शनी विद्यालय में सहायक शिक्षक हैं। वह मूल रूप से धुलिया जिले के निवासी हैं। नासिका जिले के करीब वह अपने मूल गांव धुलिया में स्कूल बनवाना चाहते थे। इस संबंध में उनकी मुलाकात बोरिवली के रहने वाले एक बिल्डर से हुई। बिल्डर ने टीचर के प्रोजेक्ट में अपना इंट्रेस्ट दिखाया, जिसके बाद उसने साइट का विजिट किया और करीब 5 करोड़ रुपये का खर्च बताया। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    ट्रस्टियों में भी ले ली जगह

    शिकायत के मुताबिक, बिल्डर ने प्रस्ताव दिया कि इमारत को पूरा करने के लिए वह अपने पहचान वालों से उन्हें आर्थिक मदद करवा देगा। लेकिन, इसके बदले में उसे और उसके पहचान वालों को स्कूल ट्रस्ट की नई कमिटी में जगह देनी होगी। एफआईआर के अनुसार, इस शर्त पर सहमति बनने के बाद खैरनार ने बिल्डर को अध्यक्ष और उसकी पत्नी को सेक्रेटरी बना दिया। इसके साथ ही बिल्डर के पहचान वाले 2 लोगों को सदस्य बनाकर सभी कागजात चैरिटी कमिशन कार्यालय में जमा करवा दिया। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    न प्रोजेक्ट शुरू किया और न दिया पैसे

    आरोप है कि इमारत के निर्माण कार्य शुरू करने के नाम पर बिल्डर ने खैरनार से 50 लाख रुपये मांगे। खैरनार और उनकी बेटी करिश्मा ने बिल्डर को 42 लाख रुपये दिए। लेकिन, पैसा मिलने के बाद बिल्डर ने न तो इमारत का निर्माण कार्य शुरू किया और न ही खैरनार को उसके पैसे वापस किए। इसके बाद खैरनार ने बोरीवली पुलिस का रुख किया, जहां केस दर्ज कर पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

  • मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपी कैसे हो गए बरी? जांच एजेंसियों के खिलाफ जनहित याचिका की तैयारी

    मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपी कैसे हो गए बरी? जांच एजेंसियों के खिलाफ जनहित याचिका की तैयारी

    महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितम्बर 2008 को हुए बम धमाके के आरोप में गिरफ्तार 7 अभियुक्तों को विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इसमें जांच एजंसियों की चूक प्रकाश में आते ही हाईकोर्ट के वकील नितिन सातपुते ने जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया है। अदालत ने यह भी कहा, “सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई है।”

    मुंबई: देश के बड़े आतंकी हमले में शुमार मालेगांव ब्लास्ट का मामला मुंबई की विशेष एनआईए अदालत में खत्म हो चुका है। आखिरकार 17 सालों बाद फैसला आता है कि गिरफ्तार 7 अभियुक्तों के खिलाफ जांच एजेंसियां सबूत पेश करने में विफल साबित हुई। जबकि सरकारी वकील अविनाश रसाल ने बताया, कि सुनवाई के दौरान कुल 324 गवाहों से पूछताछ की गई थी। जिनमें से 34 गवाह मुकर गए। अदालत ने सभी मुख्य अभियुक्त बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत 7 लोगों को बरी कर दिया। इसमें जांच एजंसियों की गलतियों के खिलाफ एडवोकेट नितिन सातपुते ने जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया है।

    अगर हेमंत करकरे होते तो, ..

    शुक्रवार को एडवोकेट नितिन सातपुते ने बताया कि “मालेगांव बम विस्फोट कांड का फैसला निराशाजनक है। शहीद हेमंत करकरे जैसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी ने उचित जाँच के बाद मामला दर्ज किया था। लेकिन बाद में क्या हुआ, यह सभी जानते हैं। अगर शहीद हेमंत करकरे आज हमारे बीच होते, और इस तरह का फैसला सामने आता, तो सही माना जाता। लेकिन इस वक्त जांच एजंसियों की गलतियों पर पूरे देश को शक हो रहा है। इसके साथ ही जिन्होंने नतीजे आने से पहले ही प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सांसद बना दिया, उसी विचारधारा के लोग आज देश और प्रदेश में सत्ता में हैं।”

    आरोपी बन गई सांसद

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    उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि “यह स्पष्ट है कि आज के परिणामों में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही जिन्होंने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सांसद बनाया और अब क्या महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी? ये भी एक बड़ा सवाल है। आज के फैसले से साफ़ हो गया है कि सबूत होने पर भी आरोपी बरी हो जाते हैं। तो क्या न्याय धर्म के आधार पर हो रहा है?” इसके साथ ही मामले को लेकर विशेष अदालत के न्यायाधीश एके लाहोटी ने सभी अभियुक्तों को निर्दोष करार देते हुए कहा, “यह एक अत्यंत गंभीर मामला है जिसमें नागरिकों की जान गई। लेकिन अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए निर्णायक सबूत पेश नही कर पाई।”

    क्या था मालेगांव बम धमाके का मामला?

    29 सितम्बर 2008 को मालेगांव के व्यस्त भिकू चौक के पास एक मोटरसाइकिल में बम धमाका हुआ था। जिस वक्त लोग पास की मस्जिद में नमाज़ के लिए इकट्ठा हो रहे थे। इस विस्फोट में 92 लोग घायल हो गए और 7 लोगों की मौत हो गई। इस आतंकी हमले में “आरडीएक्स” विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ लेकिन जांच एजेंसियां उसका स्त्रोत सिद्ध नही कर पाई। यहां तक कि 14 लोगों की गिरफ्तारी में मुख्य अभियुक्त साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी, समीर कुलकर्णी और सुधाकर द्विवेदी के खिलाफ मकोका के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनके खिलाफ साज़िश रचने से लेकर विस्फोट हासिल करने और कई लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराने जैसे गंभीर आरोप लगे थे।

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    मुकदमा खड़ा ही गलत तरीके से किया गया।

    इसमें साल 2008 में एंटी टेरेरिजम स्कॉड (ATS) ने शुरूआती जांच के दौरान कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। एटीएस ने मामले को गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) को सौपने से पहले दो चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद एनआईए ने 2016 में एक पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। लेकिन 31 जुलाई को अदालत के फैसले मे सामने आया कि सभी साक्षों और गवाहों के आधार पर जो मुकदमा खड़ा हुआ, वह अभियुक्तों का दोष साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

    सबूत ही नहीं मिला

    अदालत ने कहा, कि आरोप लगाया गया था, कि विस्फोट पुरोहित ने कश्मीर से हासिल किया था। लेकिन इसका कोई सबूत नही दिया और यह भी प्रमाणित नहीं किया कि किसी भी अभियुक्त के घर बम तैयार किया गया था। जिस मोटरसाइकिल पर विस्फोट रखा गया था, उसका साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से ठोस सबूतों के साथ संबंध सिद्ध नहीं हो सका। How did all the accused in Malegaon blast get acquitted? Preparation of PIL against the investigating agencies

    कहां हुई थी साज़िश?

    जांच एजेंसियों का कहना था कि इस घटना से पहले एक बड़ी साजिश रची गई थी। जिसके तहत इंदौर, उज्जैन, पुणे जैसे अलग-अलग जगहों पर इन सभी अभियुक्तों की बैठकें हुईं और वहीं साज़िश रची गई। लेकिन अदालत ने कहा, बैठकों के कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिले। कहा, कि भले ही अभियुक्तों के बीच कुछ आर्थिक लेन-देन के सबूत पेश किए गए, लेकिन यह साबित नहीं हो सका, कि वह पैसे किसी हिंसक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हुआ।

    सबूतों के साथ छेड़छाड़

    अदालत ने यह भी कहा, कि अभियुक्तों और उनके संबंधित लोगों के कॉल रिकार्ड निकालते समय जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके लिए जरूरी अनुमति भी नहीं ली गई। अदालत ने यह भी कहा, कि “सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई है।” अदालत ने कहा, “कुल मिलाकर सरकारी पक्ष विश्वसनीय साक्ष्य पेश करने में असफल रहा और केवल संदेह के आधार पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। भले ही यह गंभीर अपराध हो, लेकिन सबूतों के अभाव में अभियुक्तों को संदेह का लाभ देना पड़ रहा है।” ऐसा कहते हुए अदालत ने सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया।

    जांच एजेंसियों ने की आरोपियों की मदद

    उच्च न्यायलय के वकील नितिन सातपुते ने आरोप लगाते हुए कहा, की जाँच एजेंसी ने जानबूझकर जाँच में चूक की है, जानबूझकर पर्याप्त सबूत नहीं जुटाए हैं और दोषपूर्ण आरोपपत्र दायर किया है ताकि मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपियों की मदद की जा सके, उन्हें बचाया जा सके, उनकी रक्षा की जा सके। उस पुलिस अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए जिसने किसी के इशारे पर सभी आरोपियों को बचाने के लिए ठीक से जाँच नहीं की, जिसके परिणामस्वरूप विशेष अदालत के न्यायाधीश लखोटी ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। मैं इन जाँच एजेंसियों के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने जा रहा हूँ। How did all the accused in Malegaon blast get acquitted? Preparation of PIL against the investigating agencies

  • उत्तर प्रदेश बना अपराधों का प्रदेश।कहीं नहीं है कानून का शासन।

    उत्तर प्रदेश बना अपराधों का प्रदेश।कहीं नहीं है कानून का शासन।

    क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में अपराधियों का खात्मा हो गया है? या अपराधों का राज्य स्थापित हो गया है? या हंटर सिर्फ विरोधियों पर चला?

    न्यूज़ डेस्क
    नई दिल्ली:
    सत्ता जब मदान्ध हो जाती है तो वह जनसरोकार से दूर हो जाती है। भले ही उत्तरप्रदेश की योगी सरकार लाख दावे करती रहे कि उसने माफिया राज खत्म कर दिया है। अब अपराधी गुंडे गले में तख्ती लगाए कि वे सरेंडर करने आ रहे। गोली मत मारिए कहा जाए लेकिन सच तो यह है कि जाति विशेष के माफियाओं के ऊपर हाथ ही नहीं डाला गया कभी। Uttar Pradesh has become a state of crime. There is no rule of law anywhere.

    जनता के पैसों की बर्बादी

    हां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विरुद्ध सारे आपराधिक मामले वापस जरूर ले लिए। शासन का हंटर केवल विरोधियों पर चला। घर बुलडोजर से केवल विरोधियों के गिराए गए। उत्तर प्रदेश में शासन और प्रशासन का अपराधियों में तनिक भी भय नहीं है, क्योंकि सत्ता चुनावी फायदे के लिए कांवड़ यात्रियों पर जनता के पैसे बर्बाद करके हेलीकॉप्टर से फूल बरसा रही है। जिसमे प्रशासन भी शामिल है।

    कांवडियों का उत्पात

    कांवड़ियों के द्वारा उत्पात मचाए गए। ऑटो तोड़े, कार तोड़े, ड्राइवरों को पीटा, ढाबे में खाना खाकर पैसे देने के बदले तोड़फोड़ की गई। पुलिस मूक दर्शक बनी रही। शायद ऊपर से आदेश आया था। यहां तक कि खाकी वर्दी में पुलिस अधिकारी कांवड़ उठाते देखे गए। आईएएस भी अपनी आस्था का प्रदर्शन करते दिखाई दिए ताकि मुख्यमंत्री की कृपा बनी रहे।

    महिलाओं के बाथरूम मे लगे कैमरे

    शासन प्रशासन की जन उपेक्षा का ही परिणाम हुआ कि यूपी में अपराधों में वृद्धि देखी गई।यहां तक कि योगी जी के चुनाव क्षेत्र गृह जिले गोरखपुर में ही तीन सौ की जगह छः सौ पुलिस ट्रेनी महिलाओं को नरकीय स्थिति में रहने को बाध्य किया गया। उनके बाथरूम में सीसीटीवी कैमरे लगाकर वीडियो बनाए जाते रहे जिस कारण ट्रेनी लड़कियों को विरोध करने को वाद्य होना पड़ा। नीचता की हद तो तब हो गई जब कुंवारी लड़कियों के प्रेग्नेंसी टेस्ट कराए गए। गोरखपुर में ही अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया कि पुलिस वाले को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया गया।

    अराजकता की हद

    इसी में चंद अपराधों की फेहरिस्त देखिए। लखनऊ में एक लाडले को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। मृत समझ कर मरने के लिए छोड़ दिया गया। तहसील के अंदर ही पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। संत कबीर नगर में सात साल की बेटी के सामने मां की हत्या हुई। महिला की अंतड़िया निकालने वाले का हाफ एनकाउंटर किया गया। दरोगा की पिस्टल छीनकर आरोपी ने फायरिंग की।

    पुलिस की निगरानी

    कानपुर पिटाई के डर से छठी के छात्र ने खुद को फांसी लगा ली। कानपुर के टीचर ने उसकी चेन छीन ली थी। धर्मपरिवर्तन करने वाले छांगुर ने कहा जब्त की गई संपत्ति उसकी नहीं नसरीन से पूछो। लखनऊ के अंटास मॉल में पुलिस के संरक्षण में रेस्टोरेंट के लाइसेंस पर चलाया जाता है हुक्का बार। पुलिस नीचे बैठी रहती है। सीसीटीवी से 24 घंटे होती रहती है निगरानी। Uttar Pradesh has become a state of crime. There is no rule of law anywhere.

    अराजकता की दूसरी तस्वीर

    बाराबंकी में 28 साल की महिला सिपाही की हत्या कर दी गई। चेहरा जलाया गया। कौवे नोच रहे थे शव। आधी रात को घर में घुसकर किसान की लखनऊ में ही गला रेत कर हत्या की गई। डिम्पल के ड्रेस पर बोलने वाले मौलाना को अखिलेश के योद्धाओं ने कूट दिया। बीजेपी पोस्टर लगवा कर पूछ चुकी थी कि जो अपनी पत्नी की इज्जत नहीं बचा सका दूसरे की इज्जत कैसे बचाएगा?

    पुलिस का आम जनता में खौफ

    बीजेपी के संगीत सोम ने मंदिर का गेट तुड़वा दिया। अब दारोगा हेलीकॉप्टर में बैठकर की एंट्री पुलिस ने धड़पकड़ की शूटिंग की। देवरिया में नौ साल के बच्चे की तंत्र मंत्र के चक्कर में हत्या कर बगीचे में दफन किया गया इस मामले में पुलिस कांस्टेबल सहित तीन हुए गिरफ्तार। पति के साथ झगड़े के बाद पत्नी ने बुलाई पुलिस तो पति तीन मंजिले से कूद गया। पुलिस के हाथ पांव फूले। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस ने पैर पकड़ कर मांगी माफी

    बुलंदशहर हिंसा में बीजेपी विधायक सहित 38 लोगों को दोषी ठहराया गया। इंस्पेक्टर की हत्या कर चौकी फूंक दी गई थी। मुकदमा रामवीर पर सजा राजवीर को। मैनपुरी में दरोगा ने पैर पकड़कर मांगी माफी क्यों कि 17 साल बाद बेगुनाह छुटे थे राजवीर। यह है यूपी की पुलिस। बेकसूरों को भेजती है जेल और यूपी के योगी आदित्यनाथ सरकार कहतीं है अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Uttar Pradesh has become a state of crime. There is no rule of law anywhere.

  • Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी देने वाला गिरफ्तार, बिहार का रहने वाले आरोपी ने लिया ‘D’ कंपनी का नाम

    Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी देने वाला गिरफ्तार, बिहार का रहने वाले आरोपी ने लिया ‘D’ कंपनी का नाम

    Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी भरे ई- मेल भेजकर फिरौती मांगने वाले मुख्य आरोपी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई इंटरपोल की मदद से सफल हो पाई है। आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो से गिरफ्तार किया गया है।

    Mumbai: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी के बेटे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक जीशान सिद्दीकी को धमकी देने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। मुंबई पुलिस और इंटरपोल की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो से गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया है।

    कहां है त्रिनिदाद और टोबैगो ?

    पूरे वेस्टइंडीज में त्रिनिदाद छठे स्थान का सबसे बड़ा आईलैंड है। त्रिनिदाद और टोबैगो जो कैरिबियन सागर में स्थित है। यह दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्व में वेनेजुएला के तट के पास है। यहीं से मुंबई पुलिस ने इंटरपोल की मदद से बिहार के दरभंगा का रहने वाला आरोपी को डिटेंड कर गिरफ्तार किया है।

    ईमेल से मिली थी धमकी

    पुलिस के अनुसार, धमकी देने वाला बिहार के दरभंगा का रहने वाले आरोपी मोहम्मद दिलशाद मोहम्मद नावेद खुद को डी-कंपनी का सदस्य बताते हुए अप्रैल में जीशान को जान से मारने की धमकी दी थी और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। धमकी भरे ईमेल 19, 20 और 21 अप्रैल को भेजे गए थे।

    बांद्रा पुलिस का एक्शन

    इस मामले में जीशान सिद्दीकी ने बांद्रा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने बताया, कि आरोपी ने कई ईमेल भेजकर जान से मारने की धमकी दी थी और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनकी हत्या कर दी जाएगी, जैसा कि उनके पिता बाबा सिद्दीकी के साथ करने की बात कही गई थी।

    भारत के बाहर से मिली थी धमकी

    पुलिस ने शिकायत के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी थी और अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। 23 अप्रैल को यह केस मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी भारत से बाहर है, जिसके बाद 28 अप्रैल को उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया और फिर इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।

    फिरौती का था मामला

    इंटरपोल की मदद से आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो में गिरफ्तार किया गया और फिर बुधवार को भारत डिपोर्ट कर मुंबई लाया गया है। अब आरोपी से क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने धमकी देकर फिरौती वसूलने की मंशा से यह साजिश रची थी।

    हो सकते हैं कई खुलासे

    क्राइम ब्रांच का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के बाद देश में दहशत का माहौल बन गया था। उसी वक्त उनके बेटे को मिली धमकी में उनके पिता की हत्या का जिक्र किया गया था। फिलहाल, जांच जारी है और पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पीछे कोई और गिरोह या नेटवर्क तो नहीं है।

  • मुंबई स्वर्णकार संघ ने किया सीपीआरओ का अपमान

    मुंबई स्वर्णकार संघ ने किया सीपीआरओ का अपमान

    स्वर्णकारो की सबसे पुरानी संस्था अपने संस्थापक के विचारों को पीछे छोड़ कर जाने कौन से आदर्शों का पालन कर रही है। गुरूवार को हुए एक कार्यक्रम में खुद बुलाकर मुख्य अतिथि को ही अपमानित कर दिया। Mumbai Goldsmith Association insulted CPRO

    वी बी माणिक
    मुंबई:
    आज गुरुवार 31 जुलाई 2025 स्वर्गीय नाना शंकर शेठ के 160वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मध्यरेल मुख्यालय में नाना शंकर शेठ के चित्र पर माल्यार्पण कर उनकों श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम के अवसर पर मुंबई स्वर्णकार संघ के पदाधिकारी एवं उनके सदस्य उपस्थित थे। जिसमें मुख्य अथिति के स्थान पर मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला का इन स्वर्णकारों ने स्वागत ही नही किया। एक तरिके से मुख्य अतिथि को कार्यक्रम का न्योता देकर मौके पर उन्हें अपमानित किया गया। मौके पर कुछ लोगों ने बोला, कि ये लोग कौन से अहम में थे? इसका पता नही। लेकिन ऐसा नही करना चाहिए था।

    मुंबई स्वर्णकार संघ क्या काम करता है?

    आप को बता दें कि “मुंबई स्वर्णकार संघ” मुंबई शहर में सोने के दागीने बनाने वाले कारीगरों की एक पुरानी संस्था है। ये संस्था केवल उन स्वजातीय कारीगरों की है जो जाति से सोनार है। स्वर्गीय नाना ने कारीगरों के ऊपर होने वाले उत्पीड़न और उनके सुरक्षा संरक्षण हेतु इस संस्था की नीव रखी थी। लेकिन उनके स्वर्गवास हो जाने के बाद से अब उसका उल्टा हो रहा है। Mumbai Goldsmith Association insulted CPRO

    ट्रस्टियों की मनमानी

    सूत्रों के अनुसार अब मुस्लिमो और बंगालियों के अलावा न जाने किन-किन लोगों को सदस्य बनाकर आईडी दिया जाने लगा है। पहले केवल मराठी, राजस्थानी, गुजराती और उत्तर भारतीय काफ़िगरो के उत्थान हेतु कार्य किया जाता था। अब ये सब बंद होता दिखाई पड़ रहा है। इसके ट्रस्टियों में ज्ञान का अभाव है संस्था के नियम का पालन क्या होता है? इनको मालूम ही नही है। पर अब ऐसा प्रतीत होने लगा है कि वर्तमान में यहां के ट्रस्टी गण दिन पर दिन स्वर्गीय नाना के नाम को भी ये डूबाने पर उतारू है।

    ज़वेरी बाजार के स्वर्णकार कारीगर इनसे विमुख होते जा रहे है। नाना के छठवीं पीढ़ी के वंशज श्रीरंग शेठ ने माल्यार्पण कर उनको श्रधंजलि अर्पित किया। इनके साथ ज़वेरी बाजार के अन्य कारीगर एवं ट्रस्टी शामिल थे। लेकिन उनके विचारों को पीछे छोड़ दिया जा रहा है। Mumbai Goldsmith Association insulted CPRO

  • 23 वर्षीय महिला का अपहरण, चलती कार में रातभर बलात्कार कर सड़क पर फेंका

    23 वर्षीय महिला का अपहरण, चलती कार में रातभर बलात्कार कर सड़क पर फेंका

    महाराष्ट्र के पुणे जिले में लोनावाला की पहाड़ी इलाके में 23 वर्षीय एक महिला का कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ चलती कार में बलात्कार की घटना सामने आई है। रविवार को पुलिस ने इसकी जानकारी दी। 23-year-old woman kidnapped, raped overnight in a moving car and thrown on the road

    न्यूज़ डेस्क
    पुणे:
    महाराष्ट्र के पुणे जिले में लोनावाला की एक पहाड़ी कस्बे में 23 वर्षीय एक महिला का कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ चलती कार में बलात्कार की घटना प्रकाश में आ रही है। बलात्कार करने के बाद पीड़ित महिला को सड़क किनारे फेंक दिया गया। रातभर चलती रही इस बलात्कार की घटना में पुलिस ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया, कि घटना शुक्रवार और शनिवार के दरमियानी रात की है। जब महिला अपने घर जाने के लिए सड़क पर चल रही थी।

    लोकप्रिय पर्यटक स्थल

    मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित लोनावला के मावला इलाके में तुंगरली एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां एक राह चलती महिला का अपहर कर बलात्कार की घटना से इलाके में घबराहट और सनसनी फैल गई है। पुलिस ने बताया, कि घटना के सिलसिले में तुंगरली के निवासी 35 वर्षीय एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया है। महिला की शिकायत के मुताबिक, पीड़ित महिला उसी इलाके में रहती है और शुक्रवार रात को वह अपने घर जा रही थी।

    घटना की जानकारी क्या है?

    अधिकारी ने बताया, कि एक कार उसके पास रुकी और एक आदमी ने उसे जबरन अंदर खींच लिया। इसके बाद आरोपी उसे एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां चलती कार में उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया। उन्होंने बताया कि पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे तुंगरली में विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया और बार-बार यौन हमला करने के बाद उसे शनिवार तड़के सड़क किनारे फेंक दिया गया।

    उन्होंने बताया कि इसके बाद महिला ने लोनावाला सिटी पुलिस थाने में जाकर उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम) (बलात्कार) और 138 (अपहरण) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को पकड़ लिया गया है। 23-year-old woman kidnapped, raped overnight in a moving car and thrown on the road

    क्या है हकीकत?

    पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि पीड़िता के दावों की पुष्टि की जा रही है। महिला ने शुरू में दावा किया था कि तीन अज्ञात लोगों ने उसे जबरन कार में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि कार में केवल एक ही व्यक्ति था। उन्होंने बताया कि जांच से यह भी पता चला है कि आरोपी और महिला एक दूसरे को जानते थे। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

  • Mumbai: अंधेरी पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश, जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को करता था टार्गेट

    Mumbai: अंधेरी पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश, जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को करता था टार्गेट

    अंधेरी पुलिस ने एक ऐसे 50 वर्षीय बदमाश को गिरफ्तार किया है जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को टार्गेट कर उनके कीमती गहने उड़ा कर रफूचक्कर हो जाया करता था। पश्चिम बंगाल भागते हुए पुलिस ने इगतपुरी से किया गिरफ्तार। कुल 42 घटनाओं का आरोपी हुआ गिरफ्तार .. Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.

    मुंबई: राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को अपने बातों में फंसा कर उनके कीमती गहने उड़ा ले जाने वाले 50 वर्षीय मनव्वर उर्फ अब्दुल हमीद शेख को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने इगतपुरी रेलवे स्टेशन पर नाशिक पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। जैसे ही आरोपी को पता चला कि पुलिस उसे ढूंढ रही है वह पश्चिम बंगाल के लिए फरार हो चुका था। खास बात यह रही कि आरोपी अपने पास कोई मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नही करता। लेकिन मुंबई पुलिस की तकनीकी टीम एक बार फिर अनसुलझे केस को सुलझाने में कामयाब हो गई।

    कैसे बनता था शिकार ?

    अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर ने बताया, कि आए दिन राह चलते बुजुर्गों को टार्गेट करते हुए, उन्हें बातों में उलझा कर उनके किमती सामानों को लेकर फरार होने की कई शिकायतें मिल रही थी। आखरी घटना 15 जुलाई 2025 की है। बुजुर्ग महिला की शिकायत के मुताबिक लगभग 11:50 को वह अंधेरी पूर्व के तेली गली क्रॉस रोड़ पर पैदल चल रही थी, कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बातों में फंसाकर उसके 28 ग्राम वजनी सोने की चैन उसके गले से निकलवा लिया और जांच का बहाना बनाते हुए उसे बातों में उलझा कर वहां से फरार हो गया। पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो वह व्यक्ति बरसात की छतरी लिए हुए था। जिसके कारण उसका चेहरा नजर नही आ रहा था।

    कैसे हुई आरोपी की पहचान ?

    क्राईम डिटेक्शन के जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाळे ने बताया, कि छतरी के पीछे आरोपी वहां से खिसकने में कामयाब हो गया। लेकिन अगले 5 दिनों तक हमारी टीम आरोपी की शिनाख्त करते हुए बहोत सारे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो पता चला कि आरोपी पुराना शातिर है। जिसके खिलाफ पहले से लगभग 40 मामले दर्ज हैं। कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका है। जब उसके पते पर गए तो पता चला कि वह एक जगह नही कुर्ला पूर्व के कुरेशी नगर के सोनाजी चाल, नेहरू नगर के साहेबा बिल्डिंग और संगम सोसायटी इन तीनों कुर्ला पूर्व के इलाके में रहता है लेकिन जब पुलिस इसकी तलाश कर रही थी तो उसे भनक लग गई और वो फरार हो गया।

    आरोपी के खिलाफ पहले से 36 मामले दर्ज

    क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक विनोद पाटील ने बताया, कि आरोपी के खिलाफ पहले से बोरीवली, घाटकोपर, दिंडोशी, जोगेश्वरी, गांवदेवी, बांद्रा, मालाड़, समता नगर, मुंबई सेंट्रल, पंतनगर, भोइवाडा, सांताक्रूज़, दहिसर, नया नगर, ख़ार, नागपाडा और अंधेरी इलाके के पुलिस स्टेशनों और रेलवे पुलिस थानों मे 36 मामले दर्ज हैं। जिसमें मुंबई सेन्ट्रल और बांद्रा कोर्ट से कई मामलों मे गिरफ्तारी के वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में इसका पता लगाना बहुत जरूरी हो गया था। पुलिस की टीम लगातार मुखबिरों और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही थी। हमें पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल के लिए ट्रेन पकड़ चुका है। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और उनकी निगरानी मे नाशिक पुलिस से मदद ली गई।

    नासिका पुलिस ने ट्रेन का पता लगाकर इगतपुरी से आरोपी को हिरासत में लिया और फिर अंधेरी पुलिस को सौंप दिया गया। अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि चोरी के जेवरात हस्तगत कर लिए गए हैं और उसके साथ ही कुल 6 अपराध का खुलासा हुआ है। जो अंधेरी, वाकोला, सायन, बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा पुलिस स्टेशन, वसई रेलवे स्टेशन और दादर रेलवे स्टेशन पर इसने घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.