महाराष्ट्र सरकार ने फैक्ट्री और दुकानों में कामकाजी घंटों को 12 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। कर्मचारियों को अब दोगुना ओवरटाइम और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई:महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला। महाराष्ट्र कैबिनेट ने एक अहम श्रम सुधार (Labour Reform) को मंजूरी दी है। अब फैक्ट्रियों और दुकानों में कर्मचारियों की दैनिक कामकाजी समय सीमा 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। इसके साथ ही कामगारों को ओवरटाइम के बदले दोगुना वेतन मिलेगा।
🏭 फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए नए नियम
पहले फैक्ट्रियों में काम का समय 9 घंटे प्रतिदिन था, जिसे अब बढ़ाकर 12 घंटे किया गया है।
6 घंटे काम करने के बाद अनिवार्य ब्रेक मिलेगा (पहले 5 घंटे बाद ब्रेक था)।
क्वार्टर में ओवरटाइम सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है।
हर कर्मचारी की लिखित सहमति के बाद ही ओवरटाइम करवाया जा सकेगा।
🏢 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर असर
दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वालों का समय 9 से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है।
जिन दुकानों में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां भी ओवरटाइम की सीमा अब 144 घंटे प्रति क्वार्टर होगी।
छोटे व्यापार (20 से कम कर्मचारी) को अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ साधारण सूचना देनी होगी।
🌍 निवेश और रोजगार पर असर
सरकार का कहना है कि इन सुधारों से Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलेगा। इससे महाराष्ट्र में निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह फैसला कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों की तरह है, जिन्होंने पहले ही ऐसे बदलाव किए हैं।
श्रम विभाग का कहना है कि इन सुधारों से महिला कर्मचारियों को भी लाभ होगा। क्योंकि अब उनके लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा मौजूद होगा और ओवरटाइम का भुगतान सुरक्षित रूप से मिलेगा।
🛡️ सुरक्षा और अधिकार सुरक्षित
सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से सुरक्षा मानकों में कोई कमी नहीं की जाएगी। बल्कि अब जब भी कर्मचारी अतिरिक्त समय तक काम करेंगे, तो उन्हें लिखित सहमति + दोगुना वेतन मिलना अनिवार्य होगा।
🗣️ सरकार का बयान
“महाराष्ट्र की निवेश क्षमता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बदलाव ज़रूरी है। यह सुधार उद्योगों और कामगारों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे,” – महाराष्ट्र सरकार के प्रवक्ता।
मुंबई: बेस्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) ने घोषणा की है कि रविवार से नई एयरकंडीशंड (AC) बस सेवा रूट नंबर A-84 शुरू होगी। यह नई बस डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी चौक (म्यूज़ियम) से ओशिवरा डिपो तक चलेगी। New AC bus route A-84 in Mumbai, travel easier on Coastal Road
🌊 कोस्टल रोड से तेज़ और आरामदायक सफर
इस रूट की खासियत है कि बसें हाल ही में खोले गए धर्मवीर स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज सागरी किनारा मार्ग (कोस्टल रोड) से चलेंगी। इससे यात्रियों को साउथ मुंबई और पश्चिमी उपनगरों के बीच तेज़ और आरामदायक कनेक्शन मिलेगा। New AC bus route A-84 in Mumbai, travel easier on Coastal Road
📍 किन-किन जगहों से गुज़रेगी नई बस
नई रूट पर चलने वाली AC बसें शहर के कई महत्वपूर्ण स्थानों से होकर गुजरेंगी। इनमें शामिल हैं:
BEST की पब्लिक रिलेशन ऑफिसर सुचेता उतले ने बताया: “BEST लगातार मुंबई में AC बसों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रहा है। इस नई रूट से यात्रियों को कोस्टल रोड का कनेक्शन मिल सकेगा और सफर और भी आरामदायक हो जाएगा।” New AC bus route A-84 in Mumbai, travel easier on Coastal Road
मुंबई का स्काईलाइन दिन-ब-दिन बदल रहा है। नई-नई ऊँची इमारतें खड़ी हो रही हैं, पुरानी बिल्डिंग्स ध्वस्त की जा रही हैं। लेकिन इस विकास के पीछे एक खामोश संकट भी छिपा है—हज़ारों परिवार जो अपने ही घर का इंतज़ार कर रहे हैं।
महाराष्ट्र सोसायटीज़ वेलफेयर एसोसिएशन (महासेवा) के अध्यक्ष, सीए रमेश प्रभु का कहना है कि जब RERA लागू हुआ तो यह ऐतिहासिक कदम था, लेकिन यह नए फ्लैट खरीदारों को ध्यान में रखकर बनाया गया था।
उनके अनुसार, अब सरकार को चाहिए कि:
पुनर्विकास और पुनर्वास के लिए एक अलग ढांचा तैयार करे।
इसके लिए एक थिंक टैंक स्थापित किया जाए।
समयबद्ध मंजूरी और निगरानी के लिए एकल खिड़की प्रणाली लागू की जाए।
महाराष्ट्र की भूमिका और ज़िम्मेदारी
महाराष्ट्र हमेशा से आवास सुधारों में अग्रणी रहा है।
MOFA (Maharashtra Ownership Flats Act) ने देशभर को दिशा दी।
2012 में, केंद्र की RERA से पहले ही राज्य ने अपना आवास कानून लागू कर दिया था।
अब विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र को एक बार फिर नेतृत्व करना चाहिए और पुनर्विकास न्यायाधिकरण (Redevelopment Tribunal) की स्थापना करनी चाहिए, जिसके पास सख्त समयसीमा और प्रवर्तन की शक्ति हो।
आँकड़े बताते हैं संकट की गहराई
महाराष्ट्र में 1.25 लाख से ज़्यादा हाउसिंग सोसायटीज़ और 2 लाख अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स हैं।
इनमें से लगभग 30% सोसायटीज़ पुनर्विकास की प्रक्रिया में हैं या उसके इंतज़ार में हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट में 6,000 से अधिक केस लंबित हैं, जबकि दीवानी अदालतों में यह संख्या और ज़्यादा है।
जो परिवार अपने घर छोड़कर किराए के मकानों में रह रहे हैं, वे सिर्फ आर्थिक बोझ ही नहीं बल्कि मानसिक तनाव भी झेल रहे हैं।
किराया और खर्चा बढ़ रहा है।
कई बुज़ुर्ग परिवार हर रोज़ घर लौटने की उम्मीद में जी रहे हैं।
लंबे केस और धीमी प्रक्रिया ने कई लोगों की मानसिक शांति और सम्मान छीन लिया है।
प्रभु कहते हैं, “प्रगति अच्छी है, लेकिन अगर यह लोगों के घर और जीवन की शांति छीन ले तो इसका क्या मतलब?”
मुंबई के हर नए टॉवर के साथ यह सवाल खड़ा होता है कि कहीं कोई पुराना परिवार तो अपने घर की राह नहीं देख रहा। पुनर्विकास एक सुनहरा सपना है, लेकिन जब तक कानून में बदलाव नहीं होता और निवासियों को RERA जैसी सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक यह एक जुआ ही रहेगा। Mumbai redevelopment dispute 6,000 families stuck in High Court
Bandra Fest 2025 दुबई के Bur Dubai में धूम मचाएगा। स्ट्रीट फूड, लाइव म्यूजिक, DJs और फैमिली मज़ा के साथ मुंबई का असली स्वाद मिलेगा। Bandra Fest 2025 is going to rock Dubai
दुबई में Bandra Fest 2025: मुंबई का स्वाद, म्यूजिक और धमाल
दुबई वैसे तो हर वीकेंड किसी ना किसी फेस्टिवल से जगमगाता रहता है। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। मुंबई का सबसे चटपटा और रंगीन अंदाज़ दुबई में उतरने जा रहा है। Bandra Fest 2025 इस शनिवार, 6 सितंबर को Bur Dubai के Citymax Hotel के The Huddle में होने जा रहा है। Bandra Fest 2025 is going to rock Dubai
यह फेस्टिवल कोई साधारण इवेंट नहीं, बल्कि पूरे 13 घंटे का नॉन-स्टॉप मस्ती का पैकेज है। दोपहर 12 बजे से लेकर रात 3 बजे तक, Bur Dubai असली Bandra West की वाइब्स में डूबने वाला है।
Bandra से Bur Dubai तक: The Huddle का मुंबई मेकओवर
दुबई में होने वाले ज्यादातर पब नाइट्स का फॉर्मेट तय रहता है—एक बैंड, एक DJ और आधी रात तक सब खत्म। लेकिन Bandra Fest 2025 में ऐसा नहीं होगा।
इवेंट ऑर्गनाइज़र 24K Events ने इसे मुंबई के असली अंदाज़ में प्लान किया है।
24K Band और N2M Band स्टेज पर Goan nostalgia और मुंबई के पॉपुलर गानों का तड़का लगाएंगे।
इसके बाद DJs Roland, Nathan और Preetam माइक संभालेंगे। उनकी प्लेलिस्ट होगी—कोंकणी गाने, पुराने हिंदी हिट्स और वो पॉप ट्रैक्स जिन्हें सुनकर सब नाचने पर मजबूर हो जाएं।
यह सिर्फ एक कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि धैर्य की परीक्षा होगी—क्या आप सुबह 3 बजे तक नाचते रह सकते हैं?
फेस्ट की एक खासियत यह भी है कि इसमें दिन और रात, दोनों का अलग-अलग मज़ा है।
दिन में बच्चों के लिए फेस पेंटिंग, फ्री कैंडी और मिनी कार्निवल जैसी एक्टिविटीज़ होंगी।
लेकिन जैसे ही सूरज ढलेगा, माहौल पूरी तरह बदल जाएगा। म्यूजिक तेज़, लाइट्स डिम और भीड़ में सब साथ मिलकर 90s के बॉलीवुड गाने गाएंगे।
क्यों है यह फेस्टिवल खास?
दुबई वैसे भी फेस्टिवल्स से भरा पड़ा है—फूड फेस्ट, म्यूजिक नाइट्स, सांस्कृतिक इवेंट्स। लेकिन Bandra Fest 2025 अलग है क्योंकि:
यह चमक-धमक वाला हाई-फाई इवेंट नहीं है।
यहां छः फोर्क्स वाली “फ्यूज़न डाइनिंग” नहीं, बल्कि असली मुंबई का स्ट्रीट फूड और देसी मज़ा है।
यह एक्सपैट्स के लिए “होम का टेस्ट” है और लोकल्स के लिए मुंबई की झलक।
जो लोग Bandra की गलियों से गुज़रे हैं, वे जानते हैं कि उस एनर्जी को भूलना नामुमकिन है। वही एनर्जी इस शनिवार दुबई में उतरने वाली है। Bandra Fest 2025 is going to rock Dubai
Bandra Fest 2025 दुबई में सिर्फ एक इवेंट नहीं बल्कि मुंबई की गलियों का असली स्वाद और म्यूजिक का मेला है। फैमिली टाइम हो या फ्रेंड्स के साथ धमाल, यह फेस्ट सबके लिए कुछ खास लेकर आ रहा है।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों आरक्षण को लेकर एक बार फिर गरमा गई है। मराठा आरक्षण को लेकर सरकार के नए जीआर (Government Resolution) ने माहौल को गर्म कर दिया है। मराठा समुदाय को मनाने में सफल रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अब ओबीसी नेताओं की नाराजगी का सामना कर रहे हैं। सबसे बड़ा नाम है एनसीपी नेता और मंत्री छगन भुजबल का, जिन्होंने कैबिनेट बैठक का बहिष्कार कर दिया। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer
मराठा आंदोलन और सरकार का फैसला
मराठा आंदोलन पिछले कई महीनों से चल रहा था। कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने अनशन किया और सरकार से 8 मांगें रखीं। इनमें से 6 मांगों को सरकार ने मान लिया। सबसे अहम मांग थी मराठा-कुनबी प्रमाणपत्र को लेकर, जिस पर सरकार ने सबकमेटी के जरिए अहम फैसला लिया। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer
बुधवार को महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक थी। उससे पहले छगन भुजबल प्री-कैबिनेट मीटिंग में शामिल हुए, लेकिन मुख्य बैठक में नहीं गए। उनका कहना है कि सरकार का यह जीआर ओबीसी के अधिकारों पर असर डाल सकता है।
मराठा आंदोलन के खत्म होते ही ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मराठा समर्थकों ने खुशी जताई। वहीं ओबीसी समर्थक इस फैसले को लेकर चिंता जता रहे हैं। #MarathaReservation, #OBCReservation और #ChhaganBhujbal जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer
महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आंदोलन को शांत करने के लिए जो कदम उठाया है, उसने ओबीसी समाज में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। छगन भुजबल जैसे बड़े नेता की नाराजगी इस मुद्दे को और तूल दे सकती है। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लगातार यह भरोसा दिला रहे हैं कि किसी भी समाज के साथ अन्याय नहीं होगा। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer
❓ मराठा आरक्षण विवाद से जुड़े आम सवाल (FAQ)
Q1. मराठा आरक्षण विवाद क्यों उठा?
मराठा आरक्षण विवाद इसलिए उठा क्योंकि सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए नया जीआर (सरकारी आदेश) निकाला। इस फैसले से ओबीसी नेताओं को लग रहा है कि उनके आरक्षण पर असर पड़ सकता है।
Q2. छगन भुजबल क्यों नाराज हैं?
एनसीपी नेता और मंत्री छगन भुजबल का कहना है कि सरकार का यह कदम ओबीसी समाज के हक पर असर डाल सकता है। इसी वजह से उन्होंने कैबिनेट बैठक का बहिष्कार किया और कहा कि वे अदालत जाएंगे।
Q3. क्या छगन भुजबल ने मंत्री पद छोड़ा है?
नहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि कोई भी मंत्री कैबिनेट से बाहर नहीं गया है। भुजबल अब भी सरकार का हिस्सा हैं।
Q4. देवेंद्र फडणवीस ने इस विवाद पर क्या कहा?
फडणवीस ने कहा कि सरकार का जीआर ओबीसी पर कोई असर नहीं डालता। मराठा और ओबीसी दोनों को उनका हक मिलेगा और किसी का आरक्षण किसी और को नहीं दिया जाएगा।
मुंबई का पी/नॉर्थ वार्ड (P/North Ward) 46.67 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसके पूर्व में संजय गांधी नेशनल पार्क और पश्चिम में मढ़-मनोरी के मैंग्रोव जंगल हैं। इसमें मलाड, मालवनी, माढ़ और अक्सा जैसे प्रमुख इलाके आते हैं। यह मुंबई का सबसे ज्यादा आबादी वाला वार्ड है। 13 वर्ष पहले यानी 2011 की जनगणना के अनुसार यहां करीब 10 लाख लोगों की आबादी रिकार्ड की गई थी। इतनी घनी आबादी के बीच हर डिग्री तापमान का बढ़ना लाखों लोगों को प्रभावित करता है। Mumbai’s P/North ward: The crisis of rising temperatures and decreasing greenery
🌳 हरियाली के बावजूद बढ़ता तापमान
मानचित्र पर यह इलाका हरा-भरा दिखता है, लेकिन हकीकत अलग है।
2015 से 2024 के बीच तापमान 5°C से ज्यादा बढ़ा
42.24°C (2015) से बढ़कर 50°C (2024) तक पहुंच गया
सबसे ज्यादा असर झोपड़पट्टी और घनी आबादी वाले इलाकों में
कंक्रीट, डामर और टिन की छतों ने प्राकृतिक ठंडक देने वाले पेड़ों और खुली जमीन की जगह ले ली
🔥 सबसे ज्यादा खतरे में कौन हैं?
पी/नॉर्थ वार्ड की अनौपचारिक बस्तियां (झोपड़पट्टियां) इस संकट का सबसे बड़ा शिकार हैं।
26% घरों की छतें एस्बेस्टस और टिन की, जो तेजी से गर्म होती हैं
25% घरों में अब भी पारंपरिक ईंधन (लकड़ी आदि) से खाना बनता है
केवल 25% लोग ही अपने घरों के मालिक, बाकी किरायेदार हैं
स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली और साफ पानी तक सीमित पहुंच
मुंबई: केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मंगलवार रात जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उन्हें तुरंत सर्जरी के लिए भर्ती किया। जानकारी के मुताबिक, उनकी
मुंबई: केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मंगलवार रात जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उन्हें तुरंत सर्जरी के लिए भर्ती किया। जानकारी के मुताबिक, उनकी सर्जरी आज बुधवार को होने वाली है। हालांकि, किस प्रकार की सर्जरी होगी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। Narayan Rane admitted to hospital, doctors will do surgery
ज्येष्ठ नेते नारायण राणे साहेब यांना जसलोक रुग्णालयात दाखल केल्याची बातमी समजली. राणे साहेब तब्येतीची काळजी घ्या आणि लवकर बरे व्हा, माझ्या सदिच्छा आपल्यासोबत आहेत.#Getwellsoon@MeNarayanRane
मुंबई: बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। मलाड निवासी व्यापारी विकास गुप्ता को दो व्यक्तियों ने नकली रेलवे पुलिसकर्मी बनकर ₹10.30 लाख से ठग लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान नीलेश कालसुलकर (45) और प्रवीण शुक्ला (32) के रूप में की है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus
व्यापारी के साथ धोखाधड़ी कैसे हुई?
विकास गुप्ता, जो कपड़ों का व्यापारी है, सोमवार को गुजरात व्यापारिक यात्रा पर जा रहे थे। बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेन का इंतजार करते समय दो व्यक्ति उनके पास आए और खुद को रेलवे पुलिसकर्मी बताया।
उन्होंने व्यापारी से गंतव्य पूछकर उसका बैग चेक करने की मांग की।
बैग में कैश देखकर उन्होंने गुप्ता से पैसों का सबूत मांगा।
गुप्ता तत्काल कोई दस्तावेज़ नहीं दिखा सके और घबरा गए।
इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों नकली पुलिसकर्मियों ने ₹10.30 लाख जब्त कर लिए और चेतावनी दी कि अब यह पैसा वापस नहीं मिलेगा।
रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया – “हमने आरोपियों को नकली पुलिसकर्मी बनकर धोखाधड़ी करने और ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस अपराध में क्या असली रेलवे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।”
CCTV फुटेज से नए राज़
सूत्रों ने संकेत दिया है कि इस मामले में कुछ वरिष्ठ रेलवे पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका हो सकती है।
बांद्रा टर्मिनस और खार रोड रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज में एक महिला पुलिसकर्मी और अन्य स्टाफ बैग लेकर जाते दिखे।
यह फुटेज अब जांच का हिस्सा बन गया है।
जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस गैंग में अंदरूनी पुलिसकर्मी शामिल तो नहीं।
पिछले कुछ दिनों में वसई और मुंबई सेंट्रल में भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जहां यात्रियों से नकली पुलिसकर्मी बनकर ठगी की गई। रेलवे पुलिस ने यात्रियों को आगाह किया है कि
किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को पैसे या बैग न दिखाएं।
असली पुलिसकर्मी हमेशा अपनी आईडी कार्ड और यूनिफॉर्म में रहते हैं।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या स्टेशन पुलिस को जानकारी दें।
बढ़ता खतरा और जांच
यह घटना रेलवे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।
नकली पुलिसकर्मी आसानी से यात्रियों को शिकार बना रहे हैं।
यात्रियों का भरोसा तोड़कर वे लाखों रुपये हड़प रहे हैं।
इस मामले में अब यह जांचना बाकी है कि क्या यह संगठित गिरोह है और क्या इसमें रेलवे पुलिस का कोई अंदरूनी हाथ है।
बांद्रा टर्मिनस की यह घटना यात्रियों के लिए एक चेतावनी है कि यात्रा के दौरान सतर्क रहें और नकली पुलिसकर्मियों से सावधान रहें। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और राज़ खुल सकते हैं। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने लंबे समय से अटके विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर प्रोजेक्ट को आखिरकार हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के साथ राज्य की परिवहन और आर्थिक विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यह कॉरिडोर मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए नया लाइफलाइन साबित हो सकता है, क्योंकि यह प्रोजेक्ट मुंबई, नवी मुंबई, पालघर और रायगढ़ को सीधे जोड़ देगा। Virar-Alibaug Multimodal Corridor gets approval, work to start from 2026
प्रोजेक्ट का महत्व
यह 126.3 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मुंबई के कई बड़े आर्थिक और परिवहन केंद्रों को जोड़ेगा। इसमें शामिल हैं:
जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT)
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA)
मुंबई ट्रांस हार्बर सी लिंक (MTHL)
साथ ही यह प्रोजेक्ट कई नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे से भी जुड़ने वाला है, जिनमें शामिल हैं:
मुंबई-अहमदाबाद हाईवे (NH-48)
मुंबई-आगरा हाईवे (NH-848)
कल्याण-मुर्बड हाईवे (NH-61)
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे
मुंबई-बेंगलुरु हाईवे (NH-48)
मुंबई-गोवा हाईवे (NH-66)
BOT मॉडल पर होगा निर्माण
पहले इस प्रोजेक्ट को EPC (Engineering Procurement Construction) मॉडल पर लाने की तैयारी थी, लेकिन लागत अनुमान से अधिक बोली आने के बाद सरकार ने इसे रद्द कर दिया। अब इसे BOT (Build, Operate and Transfer) मॉडल पर बनाया जाएगा। Virar-Alibaug Multimodal Corridor gets approval, work to start from 2026
यह कॉरिडोर मुंबई और उसके आसपास के शहरों के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगा।
रोज़गार के अवसर: प्रोजेक्ट से निर्माण और संचालन दोनों चरणों में हजारों नौकरियां पैदा होंगी।
यातायात पर असर: भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और लॉजिस्टिक्स का समय कम होगा।
औद्योगिक विकास: नवी मुंबई और रायगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को नया बूस्ट मिलेगा।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि यह प्रोजेक्ट बड़ा बदलाव लाने वाला है, लेकिन चुनौतियां भी सामने हैं।
जमीन अधिग्रहण से जुड़ी कानूनी बाधाएं
प्रोजेक्ट लागत में और बढ़ोतरी की आशंका
BOT मॉडल पर निवेशकों को आकर्षित करने की चुनौती
स्थानीय लोगों का विरोध और पुनर्वास का मुद्दा
विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर मुंबई और महाराष्ट्र के लिए एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट है। अगर यह योजना तय समय पर पूरी हुई, तो मुंबई महानगर क्षेत्र को ट्रैफिक जाम, यात्रा समय और लॉजिस्टिक्स लागत से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही यह JNPT, नवी मुंबई एयरपोर्ट और MTHL जैसे प्रोजेक्ट्स से सीधे जुड़कर मुंबई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया पहचान देगा। Virar-Alibaug Multimodal Corridor gets approval, work to start from 2026
डिजिटल डेस्क मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा इन दिनों 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कानूनी विवादों का सामना कर रहे हैं। इसी बीच शिल्पा शेट्टी ने अपने सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि उनका मशहूर बांद्रा स्थित रेस्टोरेंट बास्टियन (Bastian Bandra) अब बंद हो रहा है। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores
बास्टियन बांद्रा का अंतिम दिन
शिल्पा शेट्टी ने लिखा – “यह गुरुवार एक युग का अंत है, क्योंकि हम मुंबई के सबसे आइकॉनिक डेस्टिनेशन BASTIAN BANDRA को अलविदा कह रहे हैं। यह जगह हमें अनगिनत यादें और शहर की नाइटलाइफ का जादुई अनुभव दे गई।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि मीडिया में फैलाई जा रही खबरें तथ्यों से परे हैं और इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
बास्टियन की विरासत
हालांकि बास्टियन बांद्रा अब बंद हो रहा है, लेकिन शिल्पा ने बताया कि इसका Arcane Affair Thursday Night Ritual आगे भी जारी रहेगा। अब यह Bastian At The Top नामक नए स्पेस में आयोजित होगा, जिससे बास्टियन की विरासत एक नए अध्याय में आगे बढ़ेगी। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores
असर और चर्चा
रेस्टोरेंट बंद होने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर फैंस और ग्राहकों ने अपनी भावनाएं साझा कीं। कई लोगों ने लिखा कि मुंबई की नाइटलाइफ का एक बड़ा हिस्सा अब खत्म हो गया है। वहीं, धोखाधड़ी केस ने शिल्पा और राज की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores
शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के लिए यह दौर काफी कठिन साबित हो रहा है। जहां एक ओर कानूनी केस उनकी प्रतिष्ठा पर असर डाल रहा है, वहीं दूसरी ओर उनका प्रिय रेस्टोरेंट बास्टियन भी बंद हो गया है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह मामला किस दिशा में जाता है। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores