असंभव सा लगता है जब हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि मछली के दांत इंसानों जैसे कैसे हो सकते हैं? खबर अमेरिका के एक छोटे से गांव की है। Pacu fish
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) अमेरिका के ओक्लाहोमा (Oklahoma in America) में 11 साल के एक लड़के ने ऐसी मछली पकड़ी जिसे देखकर सब हैरान रह गए। लड़के ने यह मछली तालाब से पकड़ी थी और उसके दांत देखते ही वह चिल्लाने लगा। जाना क्लिंटन ( jaana clinton ) नामक महिला ने बताया, कि उनका बेटा चार्ली (Charlie) मछली को पकड़ने के बाद जोर-जोर से चिल्ला रहा था, ‘हे भगवान, यह क्या है? मॉम…मॉम!’ जाना ने कहा, कि पहले तो उन्हें लगा कि वह नौटंकी कर रहा है, लेकिन जब उन्होंने मछली को देखा तो वह भी हैरान रह गईं। चार्ली ने जो मछली पकड़ी थी उसके दांत बिल्कुल इंसानों जैसे थे। (Pacu fish)
पिरान्हा के परिवार से होती है ‘पाकु’
खबरों के मुताबिक, चार्ली ने जो मछली पकड़ी थी वह ‘पाकु फिश’ (Pacu fish) थी, जो मछलियों के उसी परिवार से आती है जिससे पिरान्हा (piranha fish) आती है। यह मछली हालांकि दक्षिण अमेरिका में पाई जाती है। ऐसे में ओक्लाहोमा (Oklahoma) के एक छोटे से तालाब में उसका होना लोगों को हैरान कर गया। चार्ली को मछली पकड़ने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा। क्योंकि वह काफी तेज थी और लगातार प्रतिरोध कर रही थी। हालांकि 11 साल के चार्ली ने मछली को पानी से बाहर निकालकर ही दम लिया। बता दें कि ‘पाकु’ (Pacu fish) को ‘द बॉल कटर’ (the ball cutter) के नाम से भी जाना जाता है।
इंसानों जैसे दांत वाली ‘पाकु’ मछली को दोबारा पानी में छोड़ना पड़ा क्योंकि जिस तालाब से यह पकड़ी गई थी उसका नियम यही था। अमेरिका में कुछ तालाब ऐसे होते हैं जहां आप खेल के तौर पर मछलियां पकड़ सकते हैं और इसके बाद मछलियों को वापस तालाब में छोड़ना पड़ता है। ‘पाकु’ (Pacu fish) के बारे में खबर फैलने के बाद ओक्लाहोमा वाइल्डलाइफ (Oklahoma Wildlife) की टीम ने मछली को तालाब से निकाला और किसी दूसरी जगह छोड़ दिया। इस पर और अधिक जानकारी देते हुए बता दें, कि पाकु मछली (Pacu fish) की लंबाई 3.5 फीट तक हो सकती है और यह 35 किलोग्राम तक वजनी हो सकती है।
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।
Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।
Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-
Step 1:एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें। Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें। Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें
आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
अपना आवासीय पता लिखें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें। Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।
एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।
Voter ID Card में पता बदलना..
क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-
Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें। Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें। Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें। Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें। Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।
यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।
Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें। Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:
एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।
Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।
इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं। इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।
Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?
इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।
NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A
अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।
आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?
एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।
मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?
एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें। Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।
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आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।
इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
देश में महिला की सुरक्षा को लेकर लगातार लोगों में खौफ का माहौल बढ़ता जा रहा है। इस पर केंद्र सरकार को अंकुश लगाने की जरूरत है। India
वी बी माणिक मुंबई- आजकल अधिकांश राज्यो में महिलाओं लडकियो पर बलात्कार दुराचार की घटनाओं में दिन पर दिन बाढ़ सी आ गयी है। जिस पर राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे है। राजस्थान, छतीसगढ़ मणिपुर, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यो में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। (India)
मणिपुर की घटना.. India
राज्य सरकारें क्या कर रही है? महिलाओं को बलात्कार कर उनको जिंदा जला दिया जा रहा है। देश में इतना बड़ा पाप हो रहा। लेकिन इस पर राजनीतिक दलों के लोग अपनी रोटिया सेक रहे है। पिछले 80 दिनों से मणिपुर जल रहा है। मणिपुर के मुख्यमंन्त्री कान में तेल डालकर कुम्भकर्ण की नींद सो रहा है। उनको पता ही नही चल रहा है कि राज्य में क्या हो रहा है। ये बड़े शर्म का विषय है।
Indian fasttrack newsमहिला सुरक्षा पर प्रतिकारात्मक तस्वीर
राजस्थान की घटना..
दूसरी ओर राजस्थान में रात में जिंदा एक 6 महीने की बच्ची को जला दिया गया। जिस पर मुख्यमंन्त्री गहलोत ने एक शब्द नही बोला। अब अपराधी ही नेता बने है। इस पर चुनाव आगोग को कड़ा नियम लागू करना चाहिए कि जिस नेता पर एक भी छोटा केस हो तो उसको चुनाव लड़ने का अधिकार समाप्त कर देना चाहिए। लोक सभा और कुछ राज्यो के विधानसभा चुनाव करीब है। क्या अपराध की घटनाओं को बढ़ाकर चुनाव का पूर्वाभ्यास किया जा रहा है? India
अब निर्दोष नागरिकों, महिलाओ की हत्या, बलात्कार, लूट, चोरी, डकैती, राहजनी और अन्य घटनाओ की बाढ़ लाकर नेता अपनी ताकत बता रहे है। प्रधानमंत्री को आज वीडियो दिखाई पड़ा अभी तक मणिपुर की घटना की जानकारी नही थी। ये कबतक चलेगा पुलिस कब सुधरेगी नेताओ की चमचागिरी पुलिस कब बन्द करेगी। आजकल महाराष्ट्र में पुलिस की हफ्ता उगाही जोरो पर चल रही है। क्योंकि इनके आका सत्ता में और विपक्ष में बैठे है। इन पुलिस वालों का कोई कुछ नही कर सकता। India
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अब तो पुलिस स्टेशनों में महिलाओं की शिकायत तक नही ली जाती है। ये छोड़िये आम नागरिकों की शिकायत नही ली जाती है। पुलिस की मानसिकता दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। केवल अपने आकाओं के आगे पीछे मंडराते रहते है। अगर पुलिस के विरुद्ध किसी ने खबर लगा दिया। तो पुलिस हनुमान जी बनकर पत्रकार के पीछे लग जाती है। ये अपने देश का दुर्भाग्य है। दिल्ली में जब निर्भया कांड हुआ था। तो महिलाओ के लिए लोकसभा में कई कानून का इम्पलीमेंट (IMPLEMENT) किया गया था। पर उसपर आजतक अमल नही किया गया। कब होगी बहन बेटियों माताओ की सुरक्षा ये जबाब जनता पूछ रही है। India
Mumbai सहाय्यक आयुक्त की सीनियरिटी के आधार पर ही उपायुक्त बनाया जाता है।
अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में सहाय्यक आयुक्त के अभी भी छः पद रिक्त।
कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा नुकसान।
सहाय्यक आयुक्तों के गलत चयन से मुंबईकरों की मुसीबतें बढ़ने लगी है।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहाय्यक आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में घोर लापरवाही ही नहीं नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। नियमावली के अनुसार सहाय्यक आयुक्त के खाली पदों पर नियुक्ति 50% लोकसेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों का होता है। शेष 50% विभागीय सिनियारिटी से परीक्षा ली जाती है। प्रशिक्षण के लिए दूसरे पदों पर रखा जाता है। जिन्हें बाद में मनपा में सहाय्यक आयुक्त नियुक्त कर दिया जाता है। Mumbai BMC News
बता दें कि मनपा में सहाय्यक आयुक्त के 33 पद में 17 पद रिक्त थे जिनमें विभाग द्वारा 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का प्रभार दे दिया गया है। जो विभागीय कोटे से बहुत अधिक है। उनकी परीक्षा और ट्रेनिंग हुई अथवा नहीं कहा नहीं जा सकता। लेकिन इन 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से जहां कार्यपद्धति से निर्णय लेने में अपरिपक्वता होगी। वहीं आयोग द्वारा चयनित किंतु बाद में नियुक्त सहाय्यक आयुक्त जूनियर हो जाएंगे क्योंकि सहाय्यक आयुक्त की सिनियारीटी के आधार पर ही उसे उपायुक्त बनाया जाता है। Mumbai BMC News
कार्यकारी अभियंताओं को नियम विरुद्ध 11 सहाय्यक आयुक्त पदों का प्रभार दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में अभी भी 6 पद सहाय्यक आयुक्त के खाली हैं। जिससे दोनो विभाग अपंग बना हुआ है। Mumbai BMC News
आयोग द्वारा चयन किए गए कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का सीधे प्रभार दिए गए लोगों के कार्य और जिम्मेदारी में बहुत फर्क होता है। जो उनकी कार्यपद्धति से साफ साफ दिखने लगा है। क्योंकि यह तो कुछ वैसा ही हुआ है जैसे किसी कंपाउंडर को डॉक्टर का प्रभार दे दिया जाए और रोगियों की चिकित्सा करने पर हालात क्या होंगे? कुछ ऐसा ही मामला कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा है। इससे नुकसान और परेशानियां मुंबईकरों की बढ़ने लगी है। क्या ये प्रभार अभी नहीं देकर आयोग से ग्यारह चयनित लोगों को सहाय्यक आयुक्त नियुक्त किए जाने के बाद ही कार्यकारी अभियंताओं को नियुक्त किया जाए। Mumbai
कल्याण के एक युवक ने नदी में छलांग लगा दी और बहाव तेज होने के कारण बह गया। लेकिन समय रहते प्रशासन ने उसे सही सलामत बचा लिया।
वी बी माणिक कल्याण– बुधवार 19 जुलाई 2023 तेज बारिश के बीच दोपहर लगभग 2:30 बजे के करीब वालधुनी जकात नाका के पास नदी के पुल से छलांग लगाने वाले युवक के बह जाने की खबर प्रशासन को मिली। युवक की खोज कर रहे अभियान के बीच पुलिस अधिकारियों ने मौके पर देखा कि युवक नदी किनारे एक झाड़ के फंदे में अटका हुआ है।
लगभग डेढ़ घंटो के अथक प्रयासों के बाद पीड़ित 20 वर्षीय आफताब नौशाद अन्सारी को सही सलामत बचा लिया गया है और उसे परिवार के हवाले करते हुए दोबारा ऐसे किसी भी तरह की हरकत नहीं करने की हिदायत दी गई है। महात्मा फुले चौक पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक होनमाने ने इसकी जानकारी दी।
Indian fasttrack newsप्रशासन द्वारा चलाए खोजबीन अभियान की तस्वीरें
पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कंट्रोल रूम में 2:30 पर घटना की जानकारी मिली तुरंत हमने कल्याण फायर ब्रिगेड को सूचित कर घटनास्थल पर रवाना हो गए। तुरंत हमने स्थानीय लोगों की मदद से युवक की खोजबीन अभियान शुरू कर दि। हमने देखा कि नदी किनारे लगे एक पेड़ की टहनी से युवक फंसा हुआ है जो वालधुनी बौद्ध भूमी फाउंडेशन जमीन पर पेड़ लगा हुआ था।
पुलिस अधिकारी ने आगे बताया, कि इस अभियान में विट मार्शल और बाकी पुलिस ऑफिसर एवं डोंबिवली महानगरपालिका आधारवाडी और ड वार्ड के फायर ब्रिगेड के साथ स्थानीय लोगों की मदद से पीड़ित युवक को सही सलामत बचा लिया गया है और उसे हिदायत देकर उसके परिवार के हवाले कर दिया गया है। बता दें कि पीड़ित 20 वर्षीय आफताब नौशाद अंसारी कल्याण पुर्व, वालधुनी, अशोकनगर मस्जिद के पास का रहने वाला है।
पुराने महानिदेशक ने आरपीएफ निरीक्षकों का काफी समय बर्बाद कर दिया और दूसरी तरफ अब नए महानिदेशक के तौर पर मनोज यादव को नियुक्त कर दिया गया है। फिलहाल RPF निरीक्षको में आंतरिक भारी रोष व्याप्त है।
वी बी माणिक मुंबई- रेल सुरक्षा बल (RPF) के नए महानिदेशक के पद पर मनोज कुमार यादव की नियुक्ति कर दी गयी है। भारत सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। ये आदेश 18 जुलाई 23 को जारी किया गया है। अब देखना होगा कि यादव टीएमएम पर क्या निर्णय लेते है। इसके पहले डीजी संजय चंदर पद भार संभाल रहे थे।
RPF निरीक्षको में आंतरिक भारी रोष..
दूसरी ओर सूत्रों से मिली खबर के अनुसार मध्य और पश्चिम रेलवे के आईजी ने एक पत्र जारी किया है। कि मंडल में नियुक्त सभी निरीक्षक दो पोस्ट का नाम भेजे जिनको मंडल के बाहर नही भेजा जाएगा। इससे निरीक्षको में आंतरिक भारी रोष व्याप्त है। जो कोई भी निरीक्षक अपनी जुबान खोल नही सकता। डीजी संजय चंदर एक शगूफा छोड़ दिया है जो किसी भी आईजी को इसकी जानकारी नही।
पिछले फरवरी से टीएमएम (TMM) की तैयारी कर रहे थे, जो आज तक नही कर पाए है। ये कौन सा रिकार्ड इकट्ठा कर रहे है और कौन सी ईमानदारी का फार्मूला तैयार बना रहे है ये किसी के समझ मे नही आ रहा है। RPF निरीक्षक ट्रांसफर का बड़ी बेचैनी से प्रतीक्षा कर रहे है। इनके बच्चों का भविष्य भी खराब कर रहे है। पर अधिकारियों को इसकी तनिक भी चिंता नही है। अब देखना होगा कि मनोज यादव क्या गुल खिलाएंगे कौन सा नया फार्मूला लेकर आते है। RPF निरीक्षको का ट्रांसफर रोकते है या टीएमएम को जारी रखते है।
मुंबई के सरकारी अस्पताल में कुछ कर्मचारियों ने मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में डायग्नोस्टिक स्कैन कराने के लिए कहा और उन्हें बताया कि अस्पताल में मरीजों के लगे कतार के कारण लंबे समय तक इंतजार करना होगा।
इस्माईल शेख मुंबई- सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लूटने का मामला सामने आ रहा है। जांच के लिए निजी लैब को रेफर करने के आरोप में टाटा मेमोरियल अस्पताल के कर्मचारियों समेत 11 लोगों को भोइवाडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। शहर में ऐसे कितने ही सरकारी अस्पताल हैं जहां ऐसी घटनाओं की जानकारी तो मिलती है। लेकिन शिकायतें दर्ज नहीं हो पाती।
भोइवाड़ा पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुभाष आनंदराव बोराटे ने बुधवार को कहा कि कैंसर रोगियों को कमीशन के लिए निजी प्रयोगशालाओं में रेफर करने के आरोप में “टाटा मेमोरियल अस्पताल” के कुछ कर्मचारियों सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। परमाणु ऊर्जा विभाग के दायरे में आने वाला यह अस्पताल उन्नत कैंसर उपचार और अनुसंधान के लिए जाना जाता है और इसमें देश भर से मरीज आते हैं।
Indian fasttrack newsमुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल की फाइल तस्वीर
पुलिस अधिकारी ने कहा, कुछ कर्मचारियों ने मरीजों को निजी इमेजिंग केंद्रों और प्रयोगशालाओं में डायग्नोस्टिक स्कैन कराने के लिए कहा, और उन्हें बताया कि अस्पताल में स्कैन के लिए लंबी प्रतीक्षा का समय लगेगा कारण यहां ज्यादा मरीज होने के कारण लोगों को कतार में समय लग रहा है। आप को बता दें, कि कैंसर पीड़ित मरीजों को इलाज की जल्दी रहती है कारण उनकी जान जब तक इलाज पूरा ना हो जाए खतरे में बनी हुई रहती है। ऐसे में उन्हें एक्स्ट्रा पैसे देकर लैब की सेवाल लेना सही लगता है। इसी का यहां फायदा उठाया जा रहा था। आरोपियों में एक सहायक प्रशासनिक अधिकारी, वार्डबॉय, आया, नौकर और सफाई कर्मचारी शामिल हैं।
मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि आरोपी गिरोह को कथित तौर पर निजी प्रयोगशालाओं से कमीशन मिला, जिनकी दरें अस्पताल की तुलना में अधिक हैं। उन्होंने कहा, इस प्रकार आरोपियों ने मरीजों के साथ-साथ सरकार को भी लाखों रुपये का चूना लगाया। उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल के एक अधिकारी द्वारा दायर शिकायत के आधार पर, 16 जुलाई को भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में एक निजी प्रयोगशाला के कर्मचारी सहित 21 लोगों के खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई और 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही मामले की और अधिक तहकीकात जांच जारी है।
एक अधिकारी ने कहा, परेल के “टाटा मेमोरियल अस्पताल” के सुरक्षा गार्डों ने एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जहां कर्मचारी कैंसर रोगियों को सरकारी सुविधा पर सब्सिडी वाले परीक्षणों से गुजरने के लिए एक निजी डायग्नोस्टिक्स सेंटर में रेफर करते थे। हाल ही में दो वार्ड बॉय को उनकी सेवाओं के लिए सेंटर के प्रबंधक से 3 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया था। यह घटना 15 जुलाई की शाम को सामने आई जब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों ने पैसे के आदान-प्रदान को देखा। यह नकदी सिर्फ एक सप्ताह की सेवाओं के लिए बकाया (Advance) थी। कथित तौर पर इसे शनिवार को दिया गया क्योंकि सप्ताह के अंत में अस्पताल की ओपीडी बंद रहती है। पुलिस के मुताबिक, मरीजों की संख्या के आधार पर कमीशन 3 लाख रुपये से 4 लाख रुपये के बीच हो जाता है।
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पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं और जांच कर रहे हैं कि क्या डॉक्टर इस रैकेट में शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा गार्डों को “इन्फिनिटी इमेजिंग सेंटर” के एक कर्मचारी और कुछ वार्ड बॉय के बीच एक सौदे के बारे में सूचना मिली थी। गार्डों ने उन दोनों का पीछा किया जो अस्पताल परिसर से बाहर चले गए और एक सरकारी अस्पताल के पास किसी का इंतजार कर रहे थे।
RPF में भय का माहौल है। कितने निरीक्षक तो अपना बोरिया बिस्तरा बाँधकर तैयार बैठे है। समझ मे नही आ रहा है, कि आरपीएफ का भविष्य कितना उज्जवल है?
वी बी माणिक मुंबई- भारतीय रेल का नया इतिहास खड़ा करने के चक्कर मे रेल सुरक्षा बल (RPF) के महानिदेशक (Director General) संजय चंदर ने एक नए फार्मूले का इजाफा किया है। जिसका नाम है ट्रांसफर मोडिफिकेशन मॉडल (टी एम एम ) इसका मतलब अभी तक किसी को समझ मे नही आया है। अभी तक कोई आईजी भी समझ नही पाए है। इस वर्ष मार्च 2023 में होने वाले निरीक्षको, उप निरीक्षको और अन्य आरपीएफ के जवानों का ट्रांसफर नही हो पाया है।
सभी रेलवे जोन में इस पर ज़ोरों शोरों से काम चल रहा है। फिर भी पूरा नही हो रहा है अधिकांश बुद्धिमान अधिकारी रात दिन मिलकर काम कर रहे है। लेकिन ट्रांसफर की लिस्ट अभी तक तैयार नही हुई है। जिनका ट्रांसफर का समय हो गया है। ऐसे सारे निरीक्षक और उनके सहकर्मी बड़ी बेचैनी से अपने आईजी ऑफिस की तरफ निगाहे लगाए बैठे है। फिर भी कोई समाचार नही मिल रहा है इन कर्मचारियों के बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
आपको बता दें कि ट्रांसफर होने के बाद कर्मचारी एवं अधिकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अपने तबादले के साथ-साथ बच्चों का उनकी स्कूलों में एडमिशन कराना है। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गयी है। नही तो ये निरीक्षक अपने परिवार को छोड़कर पोस्टिंग की जगह पर ड्यूटी करने के लिए भाग्य हो सकते हैं। अधिकारी एवं कर्मचारियों की समस्या से डीजी को कोई फर्क नही पड़ता।
मार्च से जुलाई महीना समाप्त होने के करीब है। इसके साथ ही 31 जुलाई को डीजी संजय चंदर का रिटायरमेंट है। इनको क्या फर्क पड़ने वाला है। कोई भी निरीक्षक विरोध करने की ताकत नही रखता। अगर किसी ने मुँह खोला तो सीधे निरीक्षक का ट्रांसफर जंगल मे कर दिया जायेगा। सीधे उसको चार्जशीट पकड़ा दिया जायेगा। इस समय आरपीएफ में भय का माहौल है। कितने निरीक्षक तो अपना बोरिया बिस्तरा बाँधकर तैयार बैठे है। समझ मे नही आ रहा है, कि आरपीएफ का भविष्य कितना उज्जवल है।
गोरेगांव की फिल्म सिटी में घुसा तेंदुआ। सीरियल के सेट पर घुसने से अफरा तफरी मच गई। इसी दौरान तेंदुआ ने सेट पर से एक कुत्ते को अपना शिकार बना लिया।
इस्माईल शेख मुंबई- गोरेगांव पूर्व, स्थित फिल्म सिटी में एक तेंदुए के घुसने से हड़कंप मच गया। तेंदुआ जिस समय फिल्म सिटी में घुसा, उस समय यहां एक टीवी सीरियल के सेट पर 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे। यहां अजूनी सीरियल की शूटिंग चल रही थी। तेंदुए को देख कर घबराहट के मारे यहां लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बताया कि नजारा बड़ा ही खतरनाक था।
गोरेगांव की फिल्म सिटी में घुसा तेंदुआ।
सीरियल के सेट पर अफरा तफरी और घबराहट के बीच तेंदुए ने सेट पर से एक कुत्ते को अपना शिकार बना लिया। तेंदुए के फिल्म सेट पर घुसने का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कैसे तेंदुआ अजूनी सीरियल सेट पर बेखौफ होकर घूम रहा है। इसमें नजर आ रहा है कैसे उसने सेट पर एक कुत्ते पर हमला करके मार दिया है। तेंदुए के घुसने से सेट पर दहशत का माहौल फैल गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में मुंबई के फिल्म सिटी में एक टीवी शो में अजगर घुस गया था। उससे पहले यहां एक तेंदुआ भी देखा गया था। तब उसे रेस्क्यू कर वापस जंगल में भेज दिया गया था। इस दौरान सेट पर थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना था।
गाजियाबाद कोर्ट परिसर से बरामद तेंदुए की तस्वीर
बता दें कि इस साल फरवरी में राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा की एक सोसाइटी में तेंदुआ दिखने से हड़कंप मच गया। उससे पहले दिल्ली- एनसीआर में आने वाले गाजियाबाद की कोर्ट में तेंदुआ नजर आया था। यहां तेंदुआ कोर्ट परिसर में काफी देर रहा, जिस वजह से कई देर तक लोग डर के साए में रहने को मजबूर हो गए थे। तेंदुए ने तब कोर्ट में मौजूद कई लोगों पर हमला किया। इसमें दो लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे।
अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय अबेकस और मानसिक अंकगणित और गणित परीक्षण परीक्षाओं में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होने वाले 35 छात्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को गर्व से मान्यता दी।
डिजिटल डेस्क (Indian fasttrack News Network) महाराष्ट्र- शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित विजयनगर कल्याण पूर्व में एक अग्रणी शैक्षणिक संस्थान, एडुसमार्टिंक स्मार्ट किड्स एकेडमी ने जनवरी 2023 में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय अबेकस और मानसिक अंकगणित और गणित परीक्षण परीक्षाओं में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होने वाले 35 छात्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को गर्व से मान्यता दी। ये असाधारण व्यक्ति उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के उपलक्ष्य में प्रमाण पत्र और पदक से सम्मानित किया गया।
मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के लिए 16/07/2023 को एडुसमार्टिंक स्मार्ट किड्स एकेडमी (Edusmartinc smart Academy) में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सम्मानित व्यक्तित्व श्रीमती सपना पिसल ने छात्रों को अबेकस और मानसिक अंकगणित की कला में महारत हासिल करने के लिए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और समर्पण पर बधाई देते हुए, प्रमाण पत्र और पदक वितरित किए।
निम्नलिखित छात्रों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। 1. अदविका पाटिल 2. कस्तूरी निकम 3. ध्रुव पटोले 4. अर्णव पवार 5. राशि हांडे 6. तनुष 7. ओजस पिसल 8. अरव तिवार 9. हर्ष जैन 10.एताश हेगड़े 11.अंश तिवारी 12. ऋषभ पाटील
उत्कृष्ट उपलब्धियों को गर्व से मान्यता दी।
इन प्रतिभाशाली व्यक्तियों ने असाधारण कौशल, दक्षता और अबेकस और मानसिक अंकगणित तकनीकों की गहरी समझ का प्रदर्शन किया। उनकी उपलब्धियाँ न केवल उनकी व्यक्तिगत उत्कृष्टता को दर्शाती हैं, बल्कि एडस्मार्टिंक स्मार्ट किड्स अकादमी द्वारा प्रदान किए गए कठोर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन को भी दर्शाती हैं। इसी को लेकर 35 छात्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को गर्व से मान्यता दी गई।
एडस्मार्टिंक स्मार्ट किड्स एकेडमी (Edusmartinc smart Academy) अपने छात्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करते हुए समग्र शिक्षा प्रदान करने में सबसे आगे बनी हुई है। अपने समर्पित संकाय और अत्याधुनिक संसाधनों के साथ, संस्थान छात्रों को गणित और मानसिक अंकगणित के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करता है।
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प्रमाणपत्र और पदक वितरण समारोह ने युवा प्रतिभाओं को पहचानने और उनका पोषण करने के लिए एडुसमार्टिंक स्मार्ट किड्स एकेडमी की प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में कार्य किया। संस्था गणित और मानसिक अंकगणित के प्रति प्रेम को प्रोत्साहित करने में दृढ़ता से विश्वास करती है, और ये युवा उपलब्धियां अपने साथियों के लिए रोल मॉडल के रूप में काम करती हैं।’स्मार्ट किड्स एकेडमी उज्जवल भारत के लिए स्मार्ट पीढ़ी के निर्माण के लिए तत्पर है’।