Category: Crime News

Read the latest crime news, investigations and exclusive reports from India and around the world. Stay informed with coverage on police investigations, court cases, cybercrime, fraud, murders, theft, organized crime and major law enforcement developments, only on Indian FastTrack.

  • ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025: भारत में रियल मनी गेम्स पर बैन

    ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025: भारत में रियल मनी गेम्स पर बैन

    “केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025 को मंजूरी दी। जानिए उद्योग, खिलाड़ियों और निवेश पर असर।”

    केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (RMG) को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दे दी। इस बिल का मक़सद असली पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स को प्रभावी तरीके से रोकना है। इसका सीधा असर ड्रीम11 जैसे फ़ैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप और पोकरबाज़ी जैसे कार्ड गेम प्लेटफ़ॉर्म्स पर पड़ेगा। अगर यह बिल संसद में पास हो गया तो भारत का अरबों डॉलर का यह उद्योग बड़ी मुश्किल में फँस सकता है।

    उद्योग की चुप्पी और पुराने विवाद

    फिलहाल RMG कंपनियों और उनके संगठन ने इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने साफ कहा है कि वे संसद में बिल पेश होने के बाद ही आधिकारिक बयान देंगे। पहले भी इन कंपनियों ने सरकार के टैक्स और रेगुलेशन से जुड़े फैसलों का विरोध किया था। जीएसटी बढ़ने पर भी इन फर्मों ने कई मंचों पर अपना विरोध दर्ज कराया था।

    अदालतों में कानूनी लड़ाई

    कई राज्यों में जब सरकारों ने इन गेमिंग ऐप्स पर रोक लगाई, तब कंपनियों ने अदालत का रुख किया और उन्हें राहत भी मिली। अदालतों ने साफ कहा कि “कौशल के खेल” और “भाग्य के खेल” में फर्क है। केवल किस्मत पर आधारित खेल को ही जुआ माना जाएगा। इसी तर्क के दम पर कंपनियाँ अब तक अपना बिज़नेस चला रही थीं।

    अब चुनौती क्यों बढ़ी?

    इस बार हालात अलग हैं। ऑनलाइन गेमिंग अब सीधे आईटी मंत्रालय के तहत आ चुका है और वही प्रतिबंध लागू करेगा। पहले सरकार ने 2023 में IT नियमों के तहत इन कंपनियों के लिए स्व-नियमन (Self Regulation) का ढांचा बनाने की कोशिश की थी। लेकिन किसी भी स्व-नियामक निकाय को मंज़ूरी नहीं दी गई क्योंकि सवाल उठा कि ये निकाय कंपनियों से स्वतंत्र कैसे रहेंगे।

    ई-स्पोर्ट्स को राहत

    बिल में ई-स्पोर्ट्स को छूट दी गई है। यानी वीडियो गेम टूर्नामेंट और ई-स्पोर्ट्स इवेंट में एंट्री फ़ीस ली जा सकेगी, बशर्ते उसमें असली पैसों वाले गेम शामिल न हों। इसका सीधा फायदा ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ियों और आयोजकों को मिलेगा।

    बड़ा नीति बदलाव

    सरकार का कहना है कि यह बिल एक बड़ा नीति परिवर्तन है। अब तक कंपनियाँ “कौशल बनाम भाग्य” की दलील देकर अपने गेम को वैध ठहराती रही हैं। मगर इस बिल के आने के बाद उनके बिज़नेस मॉडल पर ही सवाल खड़े हो जाएंगे।

    संभावित असर

    अगर यह बिल कानून बन गया तो लाखों यूज़र्स जो फैंटेसी स्पोर्ट्स या कार्ड गेम्स खेलते हैं, उनके पास सीमित विकल्प बचेंगे। विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा भी हिल सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे ई-स्पोर्ट्स और मनोरंजन आधारित गेम्स को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन रियल मनी गेमिंग सेक्टर में रोज़गार और निवेश पर बड़ा नकारात्मक असर पड़ेगा।

  • कांदिवली में साईंराम सेवा संस्था का सराहनीय काम, बाढ़ प्रभावितों को मिला चाय–नाश्ता

    कांदिवली में साईंराम सेवा संस्था का सराहनीय काम, बाढ़ प्रभावितों को मिला चाय–नाश्ता

    मुंबई – 19 अगस्त 2025 को हुई तेज़ बरसात ने कांदिवली इलाके के कई घरों में पानी भर दिया। नालों के आसपास रहने वाले ग़रीब परिवारों की रसोई ठप हो गई, खाने–पीने की भारी दिक्कत खड़ी हो गई। ऐसे मुश्किल वक्त में साईंराम सेवा संस्था लोगों के लिए राहत लेकर पहुँची।

    संस्था के कार्यकर्ताओं ने प्रभावित मोहल्लों में जाकर गरमागरम चाय, नाश्ता और वडापाव बाँटे। बरसात से भीगे और भूखे–प्यासे लोगों के चेहरे पर उस वक्त राहत की मुस्कान आ गई।

    Mumbai-kandivali-rain-updates

    सेवा का असली रूप

    संस्था के अध्यक्ष राजेश किसन मंजाळ ने साफ कहा कि,
    “हम सेवा करते समय किसी भी गरीब का फोटो नहीं खींचते। यह मदद उनका सम्मान बनाए रखने के लिए है, दिखावा करने के लिए नहीं।”

    साथ देने वाले कार्यकर्ता

    इस नेक काम में संस्था के अध्यक्ष राजेश किसन मंजाळ के साथ नरेंद्र जयवंत काळे, सुधीर खंडू कराळे और अन्य कार्यकर्ता भी दिनभर जुटे रहे।

    समाज के लिए संदेश

    साईंराम सेवा संस्था ने सभी नागरिकों से अपील की है कि जो लोग ग़रीब और ज़रूरतमंदों की मदद करना चाहते हैं, वे संस्था से सीधे जुड़ सकते हैं। इसमें संपर्क क्रमांक: 7039816812 दिया गया है।
    “मुसीबत के समय हाथ बढ़ाना ही सबसे बड़ी इंसानियत है।”

  • Mumbai: डिलीवरी बॉय ने डोरबेल बजाया तो फायरिंग कर दी, जांच में जुटी पुलिस

    Mumbai: डिलीवरी बॉय ने डोरबेल बजाया तो फायरिंग कर दी, जांच में जुटी पुलिस

    मेडिकल स्टोर से दवाई लेकर आए डिलीवरी बॉय को डोर बेल बजाना पड़ा भारी। गुस्साए ग्राहक ने अपनी एयर गन निकाल कर फायरिंग कर दी। घटना में हुए धमाके से आस पास के लोगों में दहशत का माहौल फैल गया। Mumbai delivery boy opened fire when someone rang the doorbell, police investigating

    मुंबई: लोअर परेल इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी नाराज़गी का इजहार करने के लिए डिलीवरी बॉय पर एयर गन से फायरिंग कर दी। हालांकि फायरिंग की घटना से आस पास के लोगों में दहशत का माहौल फैल गया। लेकिन गनीमत रही की डिलीवरी बॉय या किसी और को कोई नुकसान नहीं हुआ है। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। Mumbai delivery boy opened fire when someone rang the doorbell, police investigating

    सिर्फ दो बाज बजाया था बेल

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब डिलीवरी बॉय दवाइयों का ऑर्डर लेकर आया हुआ था। डिलीवरी बॉय ने दो बार डोरबेल बजाया, लेकिन ग्राहक तुरंत बाहर नहीं आया और जब आया भी तो अपना ऑडर लेने के बजाय जैसे ही दरवाजा खोला, वैसे ही डिलीवरी बॉय पर आरोपी ने रायफल तान दी। यह देख कर डिलीवरी बॉय घबरा गया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि बार-बार डोरबेल बजने से मुझे गुस्सा आ गया और मैने अपनी एयर राइफल निकाल कर हवा में गोली चला दी। Mumbai delivery boy opened fire when someone rang the doorbell, police investigating

    पुलिस की पूछताछ

    पुलिस ने आरोपी की पहचान 35 वर्षीय सौरभ कुमार अविनाश कुमार सिंह के रूप में की है। आरोपी लोअर परेल, शंकरराव नारम पथ के प्रकाश कॉटन बिल्डिंग का निवासी है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने एक मेडिकल स्टोर से दवाइयां मंगवाई थीं, लेकिन डिलीवरी बॉय के बार-बार घंटी बजाने पर वह गुस्से में आ गया और फायरिंग कर दी। Mumbai delivery boy opened fire when someone rang the doorbell, police investigating

    Mumbai पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस ने बताया कि फायरिंग में किसी को कोई चोट नहीं लगी है। आरोपी और कॉल करने वाले व्यक्ति को पुलिस स्टेशन ले जाकर पूछताछ की जा रही है। मुंबई की एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि इस तरह की घटनाओं में तुरंत पुलिस को सूचना दें और किसी भी प्रकार के हिंसक कदम से बचें। Mumbai delivery boy opened fire when someone rang the doorbell, police investigating

  • High Security Number Plate: एक बार फिर से समय सीमा बढ़ी, लेकिन आखिरी मौका, नहीं तो जब्त होगी गाड़ी

    High Security Number Plate: एक बार फिर से समय सीमा बढ़ी, लेकिन आखिरी मौका, नहीं तो जब्त होगी गाड़ी

    HSRP Number Plate Deadline: महाराष्ट्र परिवहन की ओर से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगवाने की समय सीमा 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। 1 दिसंबर, 2025 के बाद हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगवाने वाले वाहनों पर एयर स्पीड स्क्वॉड के जरिए कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। High Security Number Plate: Deadline extended once again, but this is the last chance, otherwise the vehicle will be confiscated

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र परिवहन की ओर से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगवाने की समय सीमा 30 नवंबर तक बढ़ा दी है। 1 दिसंबर, 2025 के बाद से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नही लगवाने वाले वाहनों पर एयर स्पीड स्क्वॉड के जरिए कार्रवाई शुरू की जाएगी। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र में 2019 से पहले सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जबकि इसको लेकर विभाग ने कई बार समय सीमा बढ़ा दी है। इस बार समय पर नियमों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। High Security Number Plate: Deadline extended once again, but this is the last chance, otherwise the vehicle will be confiscated

    पर्याप्त फिटमेंट सेंटर ही नही

    हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए रोसमार्टा नामक कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, वाहनों की संख्या और एचएसआरपी नंबर प्लेट के पंजीकरण और फीटिंग में लगने वाला समय बार-बार बढ़ाई जा चुकी है। कारण कंपनी ने नंबर प्लेट लगाने के लिए पर्याप्त फिटमेंट सेंटर अभी तक स्थापित नहीं कर पाई हैं। High Security Number Plate: Deadline extended once again, but this is the last chance, otherwise the vehicle will be confiscated

    High Security Number Plate Status

    खबर के मुताबिक, राज्य भर में अब तक केवल 28 लाख वाहन चालकों ने ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से लगभग 20 लाख वाहनों में नंबर प्लेट लग चुकी हैं। इसमें नंबर प्लेट लगाने की गति बडी धीमी प्रतीत हुई है और लगभग 70 लाख वाहनों ने अभी तक पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है। साथ ही वाहन चालकों की ओर से नंबर प्लेट लगवाने के लिए दी गई तारीख सितंबर और अक्टूबर मालूम हो रही है। चूंकि नंबर प्लेट लगवाने की वर्तमान समय सीमा 15 अगस्त को समाप्त हो गई थी, इसलिए सुरक्षा नंबर प्लेट लगवाने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही थी। High Security Number Plate: Deadline extended once again, but this is the last chance, otherwise the vehicle will be confiscated

    धीमी गति से चल रहा है काम

    पुणे में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की समीक्षा के बाद पुणे क्षेत्रीय परिवहन विभाग (आरटीओ) ने पाया कि काम धीमी गति से चल रहा है। इसलिए आरटीओ ने कंपनी को सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुणे क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी स्वप्निल भोसले ने नंबर प्लेट लगने के बाद उसे उसी दिन वाहन पोर्टल पर पंजीकृत किए जाने को कहा गया है। लोगों में सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के बारे में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये गये हैं। नंबर प्लेट लगाने के लिए आवेदन भरने हेतु साप्ताहिक बाजारों, सरकारी कार्यालयों और निजी कार्यालयों में कैंप लगाए जाने को कहा गया है। High Security Number Plate: Deadline extended once again, but this is the last chance, otherwise the vehicle will be confiscated

    आयुक्त ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

    इसके अनुसार, परिवहन विभाग ने गुरुवार को नंबर प्लेट लगवाने की समय सीमा 30 नवंबर तक बढ़ाने का फैसला किया। हालांकि, इसके बाद नंबर प्लेट न लगवाने वाले वाहनों के खिलाफ 1 दिसंबर से स्पीड स्क्वॉड के माध्यम से कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, कि कार्रवाई के समय वाहन को जब्त कर लिया जाएगा और नंबर प्लेट लगाए बिना उसे छोड़ा नहीं जाएगा। High Security Number Plate: Deadline extended once again, but this is the last chance, otherwise the vehicle will be confiscated

  • स्वतंत्रता दिवस पर DSP ने प्रदर्शनकारी को मारी लात

    स्वतंत्रता दिवस पर DSP ने प्रदर्शनकारी को मारी लात

    महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में एक प्रदर्शन कर रहें व्यक्ति को जालना के पुलिस उप अधीक्षक ने लात मारकर हिरासत में लिया। इसका फोटो वायरल होते ही मामला तूल पकड़ लिया।

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र/औरंगाबाद:
    छत्रपति संभाजी नगर के जालना में शुक्रवार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक प्रदर्शनकारी को पुलिस उपअधीक्षक (DSP) अनंत कुलकर्णी ने लात मार कर उसे हिरासत मे ले लिया। विवाद को तूल पकड़ता देख, बाद में पुलिस उपअधीक्षक ने इसको लेकर सफाई पेश की। प्रदर्शनकारी पिछले सप्ताह भर से कलेक्टर कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल कर रहा था। DSP kicked a protester on Independence Day

    आत्मदाह की कोशिश

    स्वतंत्रता दिवस के मौके पर महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे के काफिले के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाले एक प्रदर्शनकारी को लात मारते हुए पुलिस उप-अधीक्षक कैमरे में कैद हो गए। कुलकर्णी के इस कृत्य की व्यापक निंदा हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंडे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जालना गई हुई थीं। इसी दौरान, जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठे गोपाल चौधरी ने मुंडे के काफिले के सामने आत्मदाह करने की कोशिश की। हालाँकि, पुलिस ने उसे रोक लिया। DSP kicked a protester on Independence Day

    पुलिस ने क्यों किया बल का प्रयोग?

    इसके बाद, डीएसपी कुलकर्णी एक प्रदर्शनकारी को लात मारते हुए देखे गए। कुलकर्णी ने बाद में सफाई देते हुए कहा, “चौधरी पिछले कुछ दिनों से जिला कलेक्टरेट कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर था। इस दौरान पुलिस ने उन्हें कई बार समझाने की कोशिश की। इतना कुछ होने के बावजूद, 15 अगस्त को, जब मुंडे दौरे पर थीं, उन्होंने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की।” कुलकर्णी अपना बचाव करते हुए कहा, कि “जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो चौधरी ने एक महिला पुलिस अधिकारी पर मिट्टी का तेल डाल दिया। इसलिए पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने के लिए बल प्रयोग किया।” DSP kicked a protester on Independence Da

  • मुंबई पुलिस को चकमा देकर महिला कैदी फरार, जेजे अस्पताल की घटना

    मुंबई पुलिस को चकमा देकर महिला कैदी फरार, जेजे अस्पताल की घटना

    मुंबई के जेजे अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला कैदी ने पुलिस को धक्का देकर फरार हो गई है। इस घटना के बाद से कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है। शहर भर में तलाशी अभियान जारी..

    मुंबई: भायखला के जे.जे. अस्पताल से एक महिला कैदी पुलिस कांस्टेबल को धक्का देकर फरार हो गई। इस घटना के बाद से मुंबई पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जबकि महिला गर्भवती थी जिसे भारत में घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज बनवाने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था। खबर के मुताबिक गुरुवार दोपहर की इस घटना के बाद से मुंबई पुलिस ने शहर भर में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस अभिरक्षा से इस तरह कैदी के भाग जाने से कैदियों के लिए लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल की कड़ी जांच हो रही है।

    मुंबई पुलिस की महिला कारावास में थी ज़ेरबंद

    File-photo-of-absconding-Bangladeshi-accused-Rubina-Irshad-Sheikh
    फरार बांगलादेशी महिला रुबीना इरशाद शेख की फाइल तस्वीर

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 25 वर्षीय बांगलादेशी रुबीना इरशाद शेख को नवी मुंबई की वाशी पुलिस ने 7 अगस्त को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के साथ-साथ पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर उसे भायखला के महिला कारावास में ज़ेरबंद कर दिया गया था।

    जेल से लाया गया था अस्पताल

    रुबीना को 11 अगस्त को बुखार, सर्दी और त्वचा संक्रमण की शिकायत के साथ-साथ उसकी पांच महीने की गर्भावस्था से संबंधित मेडिकल जांच के लिए जेजे अस्पताल ले जाया गया। 14 अगस्त को दोपहर के समय वह अपने साथ आई पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गई। उसने एक कांस्टेबल को धक्का दिया और अस्पताल की भीड़ का फायदा उठाकर भाग गई।

    अस्पताल में डर का माहौल

    मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक लापता कैदी की तलाशी अभियान तेज कर दी गई है। जगह-जगह टीम बनाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, रुबीना को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की हर संभव कोशिश की जा रही है। इस घटना ने जेल से अस्पताल लाए जाने वाले कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। वहीं अस्पताल के मरीजों में भी डर का माहौल उत्पन्न कर दिया है।

  • भारत पर बांगलादेशी हुस्न का खतरा

    भारत पर बांगलादेशी हुस्न का खतरा

    बांग्लादेशी महिलाएं भारतीय युवाओं को अपने हुस्न के जलवे दिखाकर भारत में घुसपैठ करने में कामयाब हो रही हैं। भारत में घुसपैठ करने के लिए यह लोग धर्म को भी त्यागने के लिए तैयार हो जाते है। इसके पीछे के कई राज पर से मुंबई पुलिस ने पर्दा उठा दिया है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई-
    बांगलादेशी हुस्न का जलवा भारतीय युवाओं पर सर चढ़कर बोल रहा है। इसमें जात-पात और धर्म को दर किनारे कर शादियां तक रचाई जा रही है। ऐसे ही एक मामले में मुंबई पुलिस की क्राईम ब्रांच की टीम ने मंजू शर्मा उर्फ बांगलादेशी महिला अल्ताफ शेख और उसके भारतीय पति पुरुषोत्तम प्रसाद शर्मा को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकली दस्तावेज और इंटरनेशनल गिरोह के कई सारे सूराग पुलिस ने हासिल किया है।

    गिरफ्तार आरोपी ने खोले राज़

    मिली जानकारी के मुताबिक, बांगलादेशी भारत में घुसपैठ करने के लिए सारी हदें पार कर रहे हैं। भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए ये लोग धर्म की परवाह किए बगैर किसी से भी शादी रचाने के लिए तैयार हो जाते है। मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट की टीम ने जिस बांगलादेशी महिला अल्ताफ शेख को गिरफ्तार किया है उसने ऐसे-ऐसे राज खोले हैं जिससे एक बहोत बड़ा भांडाफोड़ होने की आशंका जताई जा रही है।

    भारत में अवैध घुसपैठ

    यह महिला बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी. पूछताछ में उसने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो वर्षों से फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार कर विदेशी नागरिकों को देश के भीतर बसाने का काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अल्ताफ ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक पहले एजेंटों के जरिये पश्चिम बंगाल में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाते हैं। इसके आधार पर आधार कार्ड तैयार कराए जाते हैं। दस्तावेज हाथ लगते ही इन घुसपैठियों को भारत के अलग-अलग शहरों की ओर रवाना कर दिया जाता है। यहां वे आम लोगों की तरह अपनी पहचान छुपाकर बसने की कोशिश करते हैं।

    प्रेम जाल का षडयंत्र

    सूत्रों के मुताबिक, प्रेम जाल बिछाकर विवाह करना इस गिरोह की खास रणनीति में शामिल है। अल्ताफ शेख ने माना कि महिला घुसपैठिए खासकर हिन्दू पुरुषों को निशाना बनाती हैं, जबकि पुरुष घुसपैठिए हिन्दू लड़कियों से शादी कर स्थायी रूप से देश में रहना चाहते हैं। कारण यहां हिंदूओं पर शक नही किया जाता।

    अल्ताफ शेख से बनी मंजू शर्मा

    अल्ताफ शेख पुलिस को बताया, कि वह पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में आई और फिर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और फिर मुंबई पहुंची। इसके बाद उसकी पुरुषोत्तम प्रसाद शर्मा से ऐसे ही मुलाकात हुई, तो उसने पुरुषोत्तम के साथ शादी रचाने का मन बना लिया। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और जल्द ही उन्होंने शादी कर ली। इसके बाद से वह मंजू शर्मा नाम पर पिछले कई सालों से मुंबई में ही रह रही थी। उसका आधार कार्ड भी पुरुषोत्तम ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से बनवाया। मुंबई क्राइम ब्रांच ने 3 अगस्त 2025 को अल्ताफ और उसके पति को गिरफ्तार किया। पुलिस को शक है कि इस रैकेट की जड़ें देश के कई अन्य राज्यों तक फैली हो सकती हैं।

    1000 बांग्लादेशियों को भेजा वापस

    पिछले तीन महीनों में मुंबई पुलिस करीब 1000 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेज चुकी है, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। मुंबई पुलिस इस तरह के मामलों की जांच पर तेजी से काम कर रही है। अल्ताफ की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस को फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह से जुड़े और भी नामों के प्रकाश में आने की उम्मीद है।

  • 1 लाख रुपये के 3 लाख देता था गैंग सभी हुए गिरफ्तार

    1 लाख रुपये के 3 लाख देता था गैंग सभी हुए गिरफ्तार

    चेंबूर इंदिरानगर की मुंबई क्राईम ब्रांच पुलिस की टीम ने एक ऐसे बदमाशों के गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो 1 लाख रुपये के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट मार्केट में चला रहे थे।

    मुंबई: चेंबूर पूर्व के इंदिरानगर स्थित मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के अधिकारियों ने नकली नोटों के साथ गिरोह के 4 लोगों को गिरफ्तार किया है जो मार्केट मे 1 लाख रुपये असली नोटों के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट देकर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। विक्रोली बस डिपो के सामने से इन चारों को एक साथ रंगे हाथ हिरासत में लिया गया है। मलाड़ के रहने वाले पुरुषोत्तम जाधव ने इसको लेकर शिकायत की थी। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    पुलिस ने किया खुलासा

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-6 के अधिकारियों ने योजना बनाकर पहले घटना स्थल पर जाल बिछाया और जब मौके पर सब पहुंच गये तो नकली ग्राहक भेजकर चारों आरोपियों को रंगे हाथ हिरासत मे लिया और तलाशी ली गई। इनके पास से “इंडियन चिल्ड्रेन बैंक” के नाम से छपे नकली नोट बरामद हुए।

    आरोपियों की पहचान

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान मोहम्मद मोहसिन अबु बिलाल चौधरी, मोहम्मद नफीज अब्दुल रऊफ खान उर्फ जावेद, सईद तबारक हुसैन सिद्दीकी उर्फ सईद बंटाय और मंजर इबने इस्माइल सोंडे के रूप में हुई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 100 और 200 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस को बरामद इन सभी नोटों पर ‘भारतीय बच्चों का बैंक’ लिखा है। इसके अलावा, एक वैगनार कार, छह मोबाइल फोन और नकद रुपए समेत कुल 6,35,725 रुपए का माल जब्त किया गया है। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    और भी खुलासे होने की संभावना

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन आरोपियों के खिलाफ मुंबई के बीकेसी, दिंडोशी, पनवेल और रायगढ़ पुलिस थानों में पहले से ही ठगी, धोखाधड़ी और गंभीर अपराधों के तहत कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 18 अगस्त तक पुलिस कस्टडी का आदेश दिया है। गिरोह के अन्य सदस्यों और इस ठगी के नेटवर्क मेें शामिल लोगों की जांच पड़ताल की जा रही है। मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    इससे पहले भी पकड़े गये थे नकली नोट

    इससे पहले, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर पुलिस ने 1 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोटों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान पुलिस ने 60 लाख रुपए के नकली नोट जब्त करते हुए 7 लोगों को हिरासत में लिया था। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

  • मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    कालबादेवी के जवेरी बाजार में हडकंप मच गया है। कई दुकानदारों के हिरे और सोने के गहने लेकर राजस्थान का डिलीवरी बॉय फरार हो चुका था। आखिरकार मुंबई पुलिस ने उसे उदयपुर से चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

    मुंबई: कालबादेवी के जवेरी बाजार से 2.9 करोड़ रुपए के हिरे और सोने के गहने चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने उदयपुर के रहने वाले 24 वर्षीय मेहुल गर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोप है, कि तीन दिन पहले ही उसने डिलीवरी बॉय के रुप में काम ज्वाइन किया था। एक साथ बड़ी डिलीवरी का जिम्मा पाते ही सोने के गहने चोरी कर राजस्थान के लिए फरार हो गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मेहुल गर्ग को 2 अगस्त को जय अंबे कूरियर सर्विसेज में डिलीवरी बॉय के रूप में काम पर रखा गया था। काम के तहत उसे दक्षिण मुंबई के जवेरी बाजार स्थित कई ज्वेलरी की दुकानों से गहनों के पार्सल उठाकर ग्राहकों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था।

    17 बैगों में भरा था सोना

    पुलिस के अनुसार, गर्ग को अपने मालिक की व्हाट्सऐप ग्रुप में पोस्ट की गई पार्सल डिटेल्स देखकर पता चला कि उसे सोने और हीरे के गहनों से भरे 17 बैग कलेक्ट करने हैं। इसकी जानकारी मिलते ही वह लालच में आ गया और उसने चोरी कर फरार होने की योजना बनाई।

    मालिक को दिया झांसा

    5 अगस्त को गर्ग ने सभी पार्सल दुकानों से उठाए और शाम 7:10 बजे अपने 29 वर्षीय मालिक साहिल कोठारी को फोन कर बताया कि उसका बैग भर चुका है और मोबाइल में सिर्फ 5% चार्जिंग बची है, जो कभी भी बंद हो सकती है। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया और वह मुंबई से भाग गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मालिक ने क्यों किया भरोसा?

    यहां यह भी सवाल उठता है कि मालिक ने इतने बड़े डील के लिए मेहुल पर क्यों भरोसा किया क्यों, कि वह तीन दिन पहले ही काम पर लगा था। इस पर पुलिस जांच में पता चला कि मेहुल गर्ग पहले भी साल 2023 से 2024 मार्च तक कोठारी के साथ काम कर चुका है। लेकिन वह उस समय नौकरी छोड़कर राजस्थान के उदयपुर में अपने गांव लौट गया था। इस वजह से उसपर पहले से भरोसा बना हुआ था। गांव जाने के कुछ दिनों बाद से ही वह लगातार कोठारी को कॉल कर फिर से नौकरी मांग रहा था। लेकिन कोठारी उसे मना करता रहा, क्योंकि फर्म में पहले से चार कर्मचारी थे। इसी बीच 2 अगस्त को एक कर्मचारी ने कुछ कारणवश नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद कोठारी ने गर्ग को वापस से काम पर रख लिया।

    उदयपुर से गिरफ्तार

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 7 अगस्त को चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। कोठारी ने खुद जांच किया और जानकारी इकट्ठा कर पुलिस को बताया। जानकारी मिलते ही पार्सल लेकर फरार आरोपी को पुलिस ने उदयपुर स्थित उसके घर से धर दबोचा, जहां उसने चोरी के गहने छुपा रखे थे। पुलिस ने उसके खिलाफ विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को अंधेरी कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे पुलिस कस्टडी में मामले की और अधिक तहकीकात के लिए भेज दिया गया है। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

  • 16 साल की लड़की का बलात्कार, 21 साल का युवक गिरफ्तार

    16 साल की लड़की का बलात्कार, 21 साल का युवक गिरफ्तार

    उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर हुए बलात्कार की घटना में पालघर जिले के विरार पुलिस ने 21 वर्षीय युवक के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है, कि पीड़िता को तस्वीरें वायरल करने की धमकी भी दी। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested

    डिजिटल डेस्क
    पालघर:
    विरार पुलिस ने उत्तर प्रदेश की एक घटना में 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। 16 वर्षीय लड़की के परिवार ने इसके खिलाफ शिकायत की थी। युवक पर आरोप है कि उसने 16 वर्षीय लड़की पर उत्तर प्रदेश के अमेठी में कथित तौर पर बलात्कार किया। इसमें विरार पुलिस ने बलात्कार और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज किया है। घटना तब हुईं जब पीड़िता उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित पैतृक गाँव कुड़वा देहरा गाँव गई हुई थी। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested

    कब हुई थी घटना?

    पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक नाबालिग के साथ उत्तर प्रदेश में अमेठी जिले के कुड़वा देहरा गाँव के 21 वर्षीय निवासी ने नाबालिग लड़की से दोस्ती की। लड़की का पैतृक गांव होने के कारण वह मुंबई से गई हुई थी। शिकायत में कहा गया है कि 17 मई, 2025 की रात, आरोपी ने अपने पुराने घर पर पीड़िता के साथ कथित तौर पर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested

    लड़की ने किया था विरोध

    शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने पहले लड़की इच्छा के विरुद्ध कथित तौर पर उसकी छाती और कमर को दबाया। जब लड़की ने इसका विरोध किया तो, कथित कृत्य के बाद, आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने विरोध किया और उसे रोका तो वह उसके साथ ली गई लड़की की तस्वीरें उसके रिश्तेदारों को दिखाकर उसे बदनाम कर देगा। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested