मुंबई में शिवसेना (UBT) महिला कार्यकर्ताओं ने सिंदूर लेकर इंडिया-पाक एशिया कप मैच के खिलाफ प्रदर्शन किया। उद्धव ठाकरे और ओवैसी ने भी सरकार पर निशाना साधा।
डिजिटल डेस्क
मुंबई: एशिया कप 2025 में होने वाले इंडिया-पाकिस्तान क्रिकेट मैच से ठीक पहले रविवार को शिवसेना (UBT) की महिला कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आईं। कार्यकर्ताओं ने सिंदूर हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नाराज़गी जताई।
उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान
शनिवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साफ कहा था कि महिला कार्यकर्ता महाराष्ट्र की सड़कों पर उतरेंगी और हर घर से सिंदूर इकट्ठा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजेंगी।
ठाकरे ने सवाल उठाया –
“प्रधानमंत्री ने कहा था कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते। तो फिर खून और क्रिकेट साथ कैसे बह सकते हैं? युद्ध और क्रिकेट एक साथ कैसे हो सकते हैं? देशभक्ति का बिज़नेस सिर्फ पैसों के लिए किया जा रहा है।”
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का हमला
इधर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए कि पाकिस्तान से मैच खेलकर कितना पैसा मिलेगा और यह पैसों की कमाई पाहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 भारतीय नागरिकों की जान से ज्यादा कीमती है क्या?
ओवैसी ने सवाल किया कि –
“क्या असम और यूपी के मुख्यमंत्री के पास इतना भी अधिकार नहीं कि वे पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से मना कर सकें? पाकिस्तान ने हमारे 26 नागरिकों का धर्म पूछा और फिर उन्हें गोली मार दी।”
केंद्र सरकार का रुख
विपक्ष की मांगों के बावजूद केंद्र सरकार ने साफ कहा कि भारतीय टीम किसी भी मल्टी-नेशन टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से पीछे नहीं हटेगी। इसलिए आज का मैच दुबई में तय कार्यक्रम के अनुसार हो रहा है।
पृष्ठभूमि – क्यों हो रहा है विरोध?
- मई 2025 में हुए पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक रिश्तों में तनाव चरम पर है।
- इस हमले में 26 निर्दोष भारतीय नागरिक मारे गए थे।
- इसके बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए, जिनमें पाकिस्तान से व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों पर रोक भी शामिल है।
- अब क्रिकेट मैच को लेकर विरोध जताते हुए विपक्ष कह रहा है कि यह कदम सरकार की अपनी कही बातों के उलट है।
लोगों की प्रतिक्रिया
मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कई जगहों पर महिलाएं हाथों में सिंदूर की डिब्बियां और तिरंगा लेकर नारेबाज़ी करती दिखीं। उनका कहना था कि जब तक पाकिस्तान के साथ आतंकवाद का मुद्दा है, तब तक क्रिकेट मैच नहीं होना चाहिए।

