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इसका मतलब यह है कि कोंकण में एक महत्वपूर्ण घाट मार्ग आखिरकार यातायात के लिए खोल दिया गया है। इससे यात्रियों की यात्रा में समय और पैसों की बचत होगी। इसके साथ ही मुंबई से कोंकण और कोंकण से मुंबई की यात्रा तेज गति से संभव हो सकेगी।
15 मई 2025 को इस सुरंग में बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई और उसी दिन से यह दूसरी सुरंग आम यात्रियों के लिए खोल दी गई है। उम्मीद है कि इससे अब मुंबई से कोंकण और आगे गोवा तक यात्रा में तेजी आएगी।
आपको बता दें कि कशेड़ी घाट में सुरंग दो किलोमीटर लंबी है। साथ ही, इस सुरंग को जोड़ने वाली सड़कों सहित पूरा मार्ग लगभग नौ किलोमीटर लंबा है। दरअसल, कशेड़ी घाट की सुरंगों में आंतरिक रिसाव था।
तदनुसार, यह कार्य 15 मई, 2025 से पहले पूरा कर लिया गया है और दोनों सुरंगें अब यातायात के लिए खोल दी गई है। अब ये दोनों सुरंगें पूरी क्षमता से यातायात के लिए खुल गई हैं, क्योंकि अब मुंबई की ओर जाने वाली सुरंग की तरह ही रत्नागिरी की ओर जाने वाली सुरंग में भी बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
इसलिए कहा जा रहा है कि आने वाले समय में मुंबई से कोंकण के साथ-साथ गोवा और गोवा से मुंबई का सफर भी तेज हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि चूंकि इन सुरंगों को पूरी क्षमता के साथ आम जनता के लिए खोल दिया गया है, इसलिए यात्रियों की 40 से 45 मिनट की यात्रा अब सिर्फ पंद्रह से बीस मिनट में पूरी हो जाएगी।
डिजिटल डेस्क BJP Government: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को झूठे भ्रष्टाचार में फंसाकर सत्ता का खेल खेलने वाली बीजेपी जब सत्ता में आई तो राज्य को विकसित करने का उसका नजरिया भी सामने आने लगा है। यहां जनता को शराबी बनाकर अपनी तिजोरी भरने का पुख्ता इंतजाम कर लिया है। (Development model of BJP government)
सरकार ने 67 शराब की नई दुकानें खोलकर जनता को नशा मुक्त बनाने में लगी है। नशा यानी जीवन। जीवन से मुक्ति दिलाने के लिए शराब का सहारा ले रही है। अब जनता शराब पीकर मदमस्त रहा करेगी। उसे मंहगाई बेरोजगारी और शिक्षा की चौपट की जा रही व्यवस्था नहीं दिखेगी। छत्तीसगढ़ के विकास रचने के लिए अब 741 सरकारी शराब के ठेके चलेंगे। जिसकी कमाई से सरकार मनमाने ढंग से राजसी जिंदगी जीने की व्यवस्था कर लेगी। (Development model of BJP government)
कभी विधायकों के वेतन तो कभी भत्ते में बढ़ोत्तरी करके खुशी मनाएंगे विधायक। और चाहिए ही क्या उन्हें? बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि गरीब निम्न मध्यम वर्ग पढ़े लिखे क्योंकि शिक्षा का व्यापारीकरण कर चुकी पार्टी की सरकार जानती है कि गरीब और निम्न वर्ग पढ़ लिख लेगा तो गुलाम बनने से इनकार कर सरकार से रोजगार और अन्य अधिकार मांगने लगेगा। (Development model of BJP government)
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इसलिए न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी की कहावत को चरितार्थ करने के लिए 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का बीजेपी राज्यसरकार ने फैसला कर लिया है। ऐसा ऐतिहासिक फैसला करने का दुस्साहस केवल बीजेपी सरकार ही कर सकती है। इतनी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद करने से सरकार का खजाना भरा रहेगा। क्योंकि तब 35000 शिक्षकों को वेतन देने ही नहीं होंगे। यानी सरकार तीन का एक करके शिक्षक पदों को ही नहीं प्रधानाध्यापकों के पद भी खत्म कर देगी। (Development model of BJP government)
इस तरह से सरकार अरबों रुपए खर्च करने से पैसे बचा लेगी। क्योंकि बीजेपी नहीं चाहती कि लोग पढ़ें। वह तो जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास करती है। अनपढ़ जनता रहेगी तो ही अनपढ़ लोगों की सरकार दौड़ेगी। बीजेपी को सिर्फ सरकार चलानी है जनता की सेवा नहीं। इसीलिए बीजेपी शिक्षित लोगों को शहरी नक्सली कहती हैं कि वे जनता के अधिकार मांगते हैं। ऐसे लोग सरकार की आंखों में बहुत चुभते हैं जो सरकार के नकारेपन को सार्वजनिक करे। (Development model of BJP government)
शिवसेना के अनुसार पार्टी ने यह कदम आतंकवाद के खिलाफ़ एक कड़ा रुख अपनाते हुए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में किया है। पार्टी के युवा नेता राहुल कनाल ने इस इनामी राशि की घोषणा की है। शिवसेना के युवा नेता राहुल कनाल कुछ समय पहले कुणाल कामरा कंट्रोवर्सी मामले से चर्चे में आए हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ बयानबाज़ी को लेकर उन्होंने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ उस स्टूडियो को तोड़ दिया था। जिसमें कुणाल कमारा ने शिंदे पर कटाक्ष करने वाले वीडियो शूट किया था। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। राहुल एन कनाल शिवसेना के सोशल मीडिया प्रभारी होने के साथ यूथ विंग युवा सेना के महासचिव हैं। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde
शिवसेना ने दी यह दलील
राहुल कनाल के अनुसार यह घोषणा जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा तीन संदिग्धों की तस्वीरें जारी करने के जवाब में की गई है, जिसके लिए पुलिस ने 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। एकनाथ शिंदे ने कहा, कि हम आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ़ मजबूती से खड़े हैं। हम नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे ऐसी कोई भी जानकारी लेकर आगे आएं, जिससे इन अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने में मदद मिल सके। शिवसेना के अनुसार इनामी राशि में इज़ाफा करके, हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और पीड़ितों और उनके परिवारों को जल्द न्याय मिले। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक महाराष्ट्र से थे। शिवसेना की पहल का उद्देश्य संदिग्धों को पकड़ने में जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रयासों का समर्थन करना है। पहलगाम हमले के बाद खुद डिप्टी सीएम शिंदे श्रीनगर पहुंचे थे। वहां उन्होंने महाराष्ट्र के घायल टूरिस्ट सुबोध पाटिल से मुलाकात की थी। इसके साथ पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया था। शिवसेना ने अब कुछ मोबाइल नंबर जारी करके कहा है कि हम जनता से अपील करते हैं कि वे इस अवसर का उपयोग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में योगदान देने और हमारे राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए करें। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में एक बार फिर मराठी भाषा को लेकर विवाद होने शुरू हो गए हैं। कहीं कोई पिज्जा डिलीवरी बॉय को मराठी के नाम पर परेशान करते हुए मुफ्त का पिज़्ज़ा हथिया ले रहा है तो कहीं बीच सड़क पर एक लड़की को मराठी के नाम पर लताड़ रहा है। जबकि देश या राज्य का कानून इसका समर्थन नही करता। एक तरफ देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील कर रहा है तो दूसरी तरफ मुंबई जैसे आधुनिक शहर में जात-पात, धर्म और भाषा को लेकर लोग विवाद खड़ा कर रहे हैं। Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral
रफ्तारभरी जिंदगी
मुंबई की रफ्तारभरी ज़िंदगी में एक बार फिर भाषा बहस का मुद्दा बन गई है। हाल ही में एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें एक युवक बीच सड़क पर एक लड़की को केवल इसलिए अपशब्द कहता और डराता-धमकाता नजर आ रहा है क्योंकि वो मराठी भाषा में बात नहीं कर रही थी। दिलचस्प बात तो ये है कि ये वीडियो उस घटना के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है, जिसमें एक कपल ने पिज्जा डिलीवरी एजेंट को मराठी में बात करने की शर्त पर भुगतान देने से इनकार कर दिया और मुफ्त का पिज़्ज़ा रख लिया। Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral
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मराठी में बात करने की जबरदस्ती
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक सड़क पर खड़ी एक युवती पर सिर्फ इसलिए आग-बबूला हो जाता है क्योंकि वो मराठी में बात नहीं कर रही थी। युवक उसे आक्रामक लहजे में धमकाता है, उसकी भाषा पर सवाल उठाता है और उसके मूल राज्य के बारे में जानने की कोशिश करता है। इस पर लड़की शांत लेकिन स्पष्ट जवाब में कहती है कि मुझे मराठी नहीं आती। यह सूनते ही युवक का बर्ताव और उग्र हो जाता है, लड़की उसे कहती है कि वो महाराष्ट्र में रहती है और यहां उसका खुद का घर है। Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
वीडियो को @AshishGupta325 नाम के एक्स (पूर्व ट्विटर) यूजर ने शेयर किया था, जो अब लाखों व्यूज बटोर चुका है। बाकी यूज़र्स इस वीडियो को लेकर बुरी तरह बंट गए हैं। जहां एक यूजर ने लिखा- “मैं पुणे में खुद ऐसी स्थिति झेल चुका हूं। स्थानीय भाषा थोपना बिल्कुल गलत है।” वहीं एक और यूजर ने कहा कि “महाराष्ट्र अब बाहरी लोगों से तंग आ चुका है, चाहे वो मराठी सीख भी लें, फिर भी हम नहीं चाहते कि वे यहां रहें।” Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: महाराष्ट्र में नगरपालिका और पंचायती चुनाव की तैयारियां जोर शोर से हो रही है। कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र चुनाव आयोग से चार सप्ताह के भीतर राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसी के मद्देनजर सियासी दलों ने चुनाव को लेकर तैयारी करनी शुरू कर दी है। चुनाव की सियासी तपिश के बीच भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में अपने जिला संगठन को नए सिरे से दुरुस्त कर रही है। लेकिन इस लिस्ट में उत्तर भारतीयों को शामिल नहीं किया गया है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)
नुकसान का खतरा
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपने जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की है। बीजेपी ने महाराष्ट्र के 78 जिलों में से 58 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया जबकि 20 जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी। बीजेपी ने 58 जिलाध्यक्षों में से 19 पुराने नेताओं को फिर से मौका दिया जबकि 39 नए चेहरों को जिले की कमान सौंपी है। इसमें बीजेपी ने किसी भी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष की कमान नहीं दी। ऐसे में उत्तर भारतीयों को इग्नोर करने को लेकर बीएमसी चुनाव में नुकसान होने का डर सताने लगा है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)
भाजपा जिलाध्यक्षों की नई लिस्ट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव होने की उम्मीद जगी है। मुंबई में बीएमसी चुनाव भी होने है। ऐसे में बीजेपी ने अपने जिन 58 जिलाध्यक्ष की घोषणा की है, उसमें मुंबई रीजन के छह जिलों में से तीन जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं और तीन जिले को पेंडिंग रखा गया है। कोंकण इलाके के कुल 14 जिलाध्यक्ष हैं, जिसमें 12 के नाम घोषित किए हैं। इसमें 5 नेताओं को फिर से मौका मिला है जबकि 2 जिलाध्यक्षों के बारे में पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)
पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र के 13 जिलों में से बीजेपी ने 11 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया। इन 11 में से 4 जिलाध्यक्ष पुराने नेताओं में से बनाए गए हैं, जबकि दो जिलाध्यक्षों के नाम घोषित नहीं किए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के विदर्भ के कुल 19 जिलाध्यक्षों में से 15 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें दो पुराने चेहरों पर भरोसा जताया बाकी नए लोगों को शामिल किया गया है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)
उत्तर भारतीय को किया इग्नोर
बीजेपी ने उत्तर महाराष्ट्र इलाके के 12 जिलों में से 9 जिलाध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया। नासिक जिले में विवाद के चलते अध्यक्ष की घोषणा नहीं हुई है। उत्तर महाराष्ट्र के 4 जिलाध्यक्षों को दोबारा से मौका दिया गया है। मराठवाड़ा इलाके के 15 जिलों में से 8 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए गए हैं। जिसमें तीन पुराने चेहरों को कमान सौंपी गई है जबकि 7 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान नहीं हो सका है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)
मुंबई का हाल
मुंबई के बीएमसी चुनाव होने हैं, जिसके चलते बीजेपी ने मुंबई रीजन की ज्यादातर जिलों में बीजेपी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने उत्तर मुंबई से दीपक तावडे और उत्तर मध्य से विरेंद्र म्हात्रे का नाम घोषित किया जबकि उत्तर पूर्व मुंबई से दीपक दलवी को फिर से अवसर दिया गया है। बीजेपी ने दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिला अध्यक्ष के नाम घोषित नहीं किए हैं। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)
क्या कहते हैं कार्यकर्ता ?
बीजेपी ने मुंबई के छह जिलों में से तीन जिले के अध्यक्ष बनाए हैं, उसमें किसी भी उत्तर भारतीय नेता का नाम शामिल नहीं है। इस तरह से बीजेपी ने किसी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया है। हालांकि, दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिलाध्यक्षों की घोषणा पार्टी ने नहीं की है, ऐसे में दक्षिण मुंबई और दक्षिण मध्य मुंबई जिले से उत्तर भारतीय अध्यक्ष देने की संभावना कम ही है, लेकिन उत्तर पश्चिम मुंबई से बीजेपी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष बना सकती है। ऐसा भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)
दूसरी लिस्ट पर नजर
उत्तर भारतीय समाज की पैनी नजर बीजेपी के दूसरी जिलाध्यक्षों की लिस्ट पर टिकी है। बीजेपी अगर किसी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया तो बीएमसी चुनाव में उत्तर भारतीय की नारजगी देखने को मिल सकती है। उत्तर भारतीय वोटों की नाराजगी महानगरपालिका के चुनाव में बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों समेत बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग मुंबई में रहते हैं और इनके वोट बैंक बीजेपी के लिए हमेशा से फायदेमंद रहा है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)
मुंबई में कितने है उत्तर भारतीय वोटर्स ?
मुंबई में करीब 30 लाख उत्तर भारतीय वोटर्स हैं। 2024 के चुनाव में मुंबई में दोनों ही गठबंधनों से 14 उम्मीदवार उत्तर भारतीय मैदान में उतरे थे, जिनमें से 6 विधायक बनने में कामयाब रहे। कलीना, कुर्ला, दहिसर, चारकोप, कांदिवली-ईस्ट, बोरीवली, मागाठणे, वर्सोवा, गोरेगांव, दिंडोशी, जोगेश्वरी-पूर्व और अंधेरी ईस्ट इलाके में उत्तर भारतीय निर्णायक भूमिका अदा करते रहे हैं। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)
उत्तर भारतीयों की भूमिका
मुंबई से बाहर महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में भी बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय वोटर रहते हैं। नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण, पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, अकोला, औरंगाबाद इसमें शामिल हैं। यहां उत्तर भारतीयों के वोट नतीजों पर प्रभाव डालने वाली स्थिति में हैं। मुंबई की बीएमसी से लेकर पुणे, नागपुर, औरंगाबाद और ठाणे नगर निगम की सीटों पर उत्तर भारतीयों का प्रभाव रहा है। इस तरह मुंबई ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के अन्य कई शहरों में भी उत्तर भारतीय वोटर मुख्य भूमिका में हमेशा से रहे है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)
नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक एक मानव रोबोट पर काम कर रहे हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, कि ये रोबोट अग्रिम कतार के सैन्य मिशन का हिस्सा हो सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि डीआरडीओ के तहत एक प्रमुख प्रयोगशाला, अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर्स) एक ऐसी मशीन विकसित कर रहे है, जो सीधे मानव आदेश के तहत जटिल कार्यों को अंजाम दे सकते हैं। जिसका उद्देश्य उच्च जोखिम वाले वातावरण में सैनिकों के जोखिम को कम करना है। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)
जानकारी देते हुए, अनुसंधान एवं विकास (इंजीनियर्स) के अंतर्गत उन्नत रोबोटिक्स के लिए सिस्टम और प्रौद्योगिकी केंद्र के समूह निदेशक एस ई तलोले ने कहा कि टीम चार वर्षों से इस परियोजना में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमने ऊपरी और निचले शरीर के लिए अलग-अलग प्रोटोटाइप विकसित किए हैं और आंतरिक परीक्षणों के दौरान कुछ निश्चित कार्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है।” (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)
रोबोट कैसे काम करता है?
उन्होंने आगे कहा कि यह मानवरूपी रोबोट जंगल जैसे कठिन इलाकों में भी काम करने में सक्षम होंगे। हाल ही में पुणे में आयोजित उन्नत लेग्ड रोबोटिक्स पर राष्ट्रीय कार्यशाला में रोबोट का प्रदर्शन किया गया। वर्तमान में अपने उन्नत विकास चरण में, टीम ऑपरेटर के आदेशों को समझने और निष्पादित करने की रोबोट की क्षमता को परिष्कृत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह प्रणाली तीन प्रमुख घटकों पर निर्भर करती है: एक्ट्यूएटर जो मानव मांसपेशियों की तरह गति उत्पन्न करते हैं, सेंसर जो आसपास से वास्तविक समय का डेटा एकत्र करते हैं, और नियंत्रण प्रणाली जो इस जानकारी की व्याख्या करके कार्यों का मार्गदर्शन करती है। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)
कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?
समूह निदेशक एस ई तलोले ने कहा, “सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि रोबोट वांछित कार्यों को सुचारू रूप से कर सके, जिसके लिए संतुलन, तेजी से डेटा प्रोसेसिंग और जमीनी स्तर पर निष्पादन में महारत हासिल करना आवश्यक है।” डिजाइन टीम का नेतृत्व करने वाली वैज्ञानिक किरण अकेला ने कहा कि शोधकर्ता इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि वे 2027 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)
किन-किन कार्यों में उपयोग किया जा सकता है?
डीआरडीओ अधिकारियों ने कहा कि पैरों वाले रोबोट, द्विपाद और चौपाया दोनों, रक्षा और सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा, घरेलू सहायता, अंतरिक्ष अन्वेषण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं प्रदान करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वायत्त, कुशल पैरों वाले रोबोट बनाने में महत्वपूर्ण तकनीकी बाधाएं आती हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि मानव जैसा दिखने वाले रोबोट के ऊपरी शरीर में गोलाकार घुमावदार संयुक्त विन्यास के साथ हल्के हाथ होंगे, जो 24 डिग्री की स्वतंत्रता प्रदान करेंगे – प्रत्येक हाथ में 7, ग्रिपर में 4 और सिर में 2. (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)
रोबोट की खासियत क्या होगी ?
उन्होंने कहा कि रोबोट बंद लूप ग्रिपिंग के साथ जटिल स्वायत्त कार्यों को करने में सक्षम होंगे और वस्तुओं को मोड़ने, धकेलने, खींचने, दरवाजे खिसकाने, वाल्व खोलने और खासकर उच्च जोखिम वाले वातावरण में बाधाओं को दूर करने के लिए हेरफेर करेगा। दोनों हाथ खदानों, विस्फोटकों और तरल पदार्थों जैसी खतरनाक सामग्रियों को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करेंगे। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)
यह प्रणाली दिन हो या रात, घर के अंदर या बाहर निर्बाध रूप से काम करेगी और इसमें प्रोप्रियोसेप्टिव और एक्सटेरोसेप्टिव सेंसर, डेटा फ्यूजन क्षमताएं, सामरिक संवेदन और ऑडियो-विजुअल धारणा शामिल होगी। मानव जैसा दिखने वाला यह द्विपाद गिरने और धक्का लगने पर रिकवरी, वास्तविक समय में मानचित्र निर्माण, स्वायत्त नेविगेशन और एक साथ स्थानीयकरण और मानचित्रण (SLAM) के माध्यम से पथ नियोजन जैसी विशेषताएं शामिल करेगा, जिससे यह चुनौतीपूर्ण, उच्च जोखिम वाले वातावरण में जटिल स्वायत्त संचालन करने में सक्षम होगा। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)
मिली जानकारी के मुताबिक, भांडुप इलाके में साईं राधे नाम की बिल्डिंग में डोमिनोज़ पिज्जा के डिलीवरी बॉय रोहित लेवरे सोमवार की रात यानी 12 मई पिज्जा डिलीवर करने गया था। लेकिन कस्टमर ने उसे मराठी नहीं आने को लेकर बवाल खड़ा कर दिया और कहा कि मराठी बोलो तो ही पैसे देंगे। हालांकि कस्टमर ने पिज्जा रख लिया और पैसे देने में नाटक करने लगे। डिलीवरी बॉय ने इसका एक वीडियो भी बनाया, जिसमें एक पुरुष और महिला उससे भाषा को लेकर विवाद कर रहे हैं। (“I will pay you only if you speak in Marathi”, customer in Mumbai argues with pizza delivery boy over language: Watch VIDEO)
मुंबई: सोशल मीडिया पर आए दिन मुंबई लोकल ट्रेन की ऐसी ऐसी वीडियोज वायरल होती रहती हैं, जिसे देखकर हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि एक व्यक्ति अपने दिनचर्या वाले काम को करने के लिए किस रास्ते तक जा सकता है। मुंबई की लोकल ट्रेनें शहर की जीवन रेखा मानी जाती हैं, लेकिन इनमें होने वाली भीड़ कई बार यात्रियों के लिए खतरा बन जाता है। अब हाल ही में, एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां कुछ महिलाएं मजबूरन चलती लोकल ट्रेन के दरवाजे से लटक कर सफर करती नजर आईं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के X पर ‘Mumbai Railway Users’ नामक अकाउंट से शेयर किया गया है। इसमें कुछ महिलाएं भीड़ के कारण ट्रेन के अंदर जगह न मिलने पर दरवाजे के बाहर लटक कर यात्रा करती दिखाई दे रही हैं। बताया गया है कि यह घटना कल्याण स्टेशन से रवाना होने वाली ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेन की है, जो उस दिन करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची थी। देरी के कारण प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो गई और महिलाओं को मजबूरी में दरवाजे पर लटकना पड़ा। इसमें लटकी हुई महिला भी अंदर की भीड़ को जगह देने के लिए चिल्ला रही थी। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कोई हिल भी नहीं पा रहा था। कहीं उस महिला का हाथ छूट जाता तो मौके पर ही उसकी मौत हो जाती। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)
इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने ट्रेनों की समय पर न आने और भीड़भाड़ को ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया, वहीं कुछ ने यात्रियों की तरफ से उठाए गए जोखिम भरे कदम की आलोचना की। कई यूजर्स ने कहा कि यात्रियों को अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहिए और ऐसे खतरनाक तरीकों से बचना चाहिए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)
सतर्क रहने की है जरूरी
भारतीय रेलवे पहले भी कई बार यात्रियों को चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होने या बाहर लटकने से मना कर चुका है। यह न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। यह घटना रेलवे के लिए एक चेतावनी है कि रेलवे को महिला यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। अगर ऐसे हालात बने रहे तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)
बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में मैंग्रोव की झाडियों को नष्ट करके बनाए गए अवैध शादी हॉल (wedding hall) पर BMC ने कार्रवाई करते हुए पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। क्षेत्र के आरटीआइ कार्यकर्ता, समाजसेवक और शिकायतकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)
मुंबई: बोरीवली (पश्चिम) से एक बड़ी खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आर-मध्य और आर-दक्षिण विभाग ने बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में बड़ी कार्रवाई की है। मनपा ने सीआरजेड क्षेत्र में बने अवैध वेडिंग बैंक्वेट हॉल को तोड़ दिया है। ये हॉल, मैंग्रोव (mangrove) की झाडियों को नुकसान पहुंचाकर बनाया गया था। इस तोड़क कार्यवाही के बाद क्षेत्र के समाजसेवक एवं आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यवाही का स्वागत किया है। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)
पिछले दो सालों से क्या हो रहा था ?
आप को बता दें कि पिछले दो सालों से इन अवैध निर्माणों को हटाने की मांग हो रही थी। मनपा द्वारा नोटिस जारी करने के बाद इस अवैध निर्माण के मालिकों ने कोर्ट से स्टे ले लिया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्टे हटते ही नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे के निगरानी में अवैध बैंक्वेट हॉल पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)
एक वन अधिकारी ने बताया कि एक्सर गांव के मैंग्रोव ‘नोटिफाइड’ नहीं हैं। इसका मतलब है कि उन्हें कानूनी सुरक्षा नहीं मिली हुई थी। इसलिए उन्हें अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा आसानी से नष्ट कर दिया गया और उन पर कब्जा कर लिया गया। तोड़फोड़ के समय पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मौजूद थी। वहीं समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने राजनेताओं के समर्थन वाली विरोधी लॉबी के दबाव के बावजूद तोड़क कार्यवाही सुनिश्चित की और कानून व्यवस्था को बरकरार रखा। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)
मुंबई: कोविड महामारी के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की खिचड़ी वितरण योजना में 14.57 करोड़ रुपये की हेराफेरी मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ किला कोर्ट में मुंबई पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी रेकॉर्ड में फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी विस्तृत जांच के बाद EOW ने यह चार्जशीट दायर की है। कल्याण के रहने वाले 36 वर्षीय गोपाल पांडुरंग लवाने ने इसको लेकर शिकायत दर्ज की थी। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)
क्या है घोटाला?
श्री वैष्णवी किचन और सह्याद्री रिफ्रेशमेंट के पार्टनर गोपाल पांडुरंग लवाने की शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2020 से जुलाई 2020 के बीच कोविड संकट के दौरान आरोपियों ने खिचड़ी के 100 और 200 ग्राम वजन के पैकेटों की आपूर्ति की थी और BMC से 300 ग्राम प्रति पैकेट के हिसाब से भुगतान वसूला। इसमें आरोपियों ने 6.27 करोड़ रुपये का घपला किया। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)
आठ आरोपियों में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के सांसद गजानन किर्तिकर के सुपुत्र अमोल किर्तिकर भी शामिल हैं। बता दें कि अमोल किर्तिकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता हैं। जिन्होंने हालही में गोरेगांव पूर्व से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इसके अलावा आरोप पत्र में सुनील कदम उर्फ बाला कदम, राजीव सालुंखे, सुजीत पाटकर, संजय चंद्रकांत माशेलकर, प्रांजल माशेलकर, प्रीतम माशेलकर और सूरज चव्हाण का नाम दर्ज है। आरोपियों ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे। इसके कारण मामले में आईपीसी की धारा 465, 468, 471 (जालसाजी और दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा) भी जोड़ दी गई हैं। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)