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  • कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारियों के चलते बढ़ता अवैध निर्माण का ग्राफ।

    कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारियों के चलते बढ़ता अवैध निर्माण का ग्राफ।

    • उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे के आदेश की उड़ रही धज्जियां।
    • डी. ओ. अभय जगताप की रिश्वतखोरी
    • के चलते पोइसर के अवैध निर्माण बरकरार।
    • अभियंता प्रमोद ब्रम्हानकर ने वार्ड क्रमांक:२३, के अवैध निर्माणों को बचाने का लिया ठेका।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महानगर पालिका आर/ दक्षिण विभाग के कार्यक्षेत्र कांदिवली (पूर्व) वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल के बगल में आपो. मस्जिद स्थित ठेकेदार प्रदीप चौधरी द्वारा भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी क्रमानुसार वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल क्रॉस रोड, इंद्रा चौक, अपोजिट सत्तार चाल स्थित अवैध निर्माणकर्ता शुक्ला द्वारा भूतल संरचना (दो व्यापारिक दुकानों) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।
    इसी तर्ज पर ठेकेदार शंकर झा द्वारा वार्ड क्रमांक:२३, रामधनी राजभर, चाल नं.२, पोइसर, गांवदेवी रोड स्थित भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।

    मनपा कानून क्या कहता है?

    उक्त अनधिकृत निर्माण कार्यो पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम, १८८८ की धारा ३५१(१A) के मुताबिक नोटिस देने का प्रावधान है, लेकिन डी. ओ. अभय जगताप ने नोटिस न देकर परिमंडल- ७, की उपायुक्त, डॉ. भाग्यश्री कापसे और वार्ड ऑफिसर ललित तलेकर के नाम पर उक्त अवैध निर्माणकर्ता व ठेकेदारों से लाखों रुपयों की वसूली करके उक्त तीनों अनधिकृत निर्माण कार्यों को अभी तक बरकरार रखा है।

    कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारी

    वर्तमान सहाय्यक आयुक्त (प्रभारी) ने उक्त अवैध निर्माणों को लेकर कार्यवाही का आदेश सहाय्यक अभियंता (प्रभारी) प्रमोद ब्रह्मणकर को दिया है। अब ऐसे में कार्यवाही करने की बजाय सहाय्यक अभियंता ने उक्त अवैध निर्माणों को बचाने का ठेका ले लिया है। अवैध निर्माणों को जिस तरह डी.ओ. अभय जगताप और प्रमोद ब्रम्हानकर जैसे अभियंता खुले आम संरक्षण दे रहे है, तो क्या इनके ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए? भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अवैध निर्माण का दंश झेल रहे लोगों का सवाल खड़ा हो रहा है।

    सहायक आयुक्त की क्या है जिम्मेदारी?

    हालांकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी की छवि को धूमिल होने से बचाने की जिम्मेदारी इस समय के सहाय्यक आयुक्त की होती है। यह जिम्मेदारी निभाने में ये कितने सफल होते हैं, यह उक्त अवैध निर्माणों पर की जाने वाली कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। मनपा आर/ दक्षिण के इस इमारत बांधकाम विभाग का आलम यह है कि यहाँ गरीब कोई भी व्यक्ति या कोई विधवा महिला अपने मकान की रिपेरिंग भी करता या करती है, तो उस पर मनपा का हथौड़ा अगले ही दिन चल जाता है। जबकि बड़े ठेकेदारों के वहाँ मनपाकर्मी जी हुजूरी करते नजर आते हैं। कार्यवाही के नाम पर नोटिस तो निकाल दी जाती है, पर कार्यवाही नहीं होती है। मनपा कर्मियों का यह दोगला पन मनपा की इज़्ज़त तार तार कर रहा है। पर इन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इनकी जेबे गर्म होने से मतलब है।

  • Play Good Cricket, Give Fans Entertainment: Rabada Urges Test Teams Outside the Big Three

    Play Good Cricket, Give Fans Entertainment: Rabada Urges Test Teams Outside the Big Three

    In a recent statement, South African cricket sensation Kagiso Rabada has called upon Test teams outside the Big Three – England, Australia, and India – to focus on playing good cricket and providing entertainment to the fans. Rabada, known for his fiery pace and exceptional bowling skills, believes that all teams, regardless of their cricketing stature, have a responsibility to showcase their talent and contribute to the overall growth of the sport.

    In a cricketing landscape dominated by the Big Three, Rabada’s plea comes as a reminder that every team has the potential to make a significant impact. The young speedster emphasized that it is essential for teams to break free from the shadow of the established powerhouses and create their own legacy.

    “Cricket is a game loved by millions of fans worldwide. It is our duty as players to give them the best possible experience. We need to play fearless cricket, take risks, and entertain the crowd,” Rabada stated during a press conference.

    Rabada’s call for action comes at a time when the cricketing world is witnessing a growing disparity between the Big Three and the rest. While teams like England, Australia, and India enjoy extensive resources, exposure, and fan support, others often struggle to compete on an equal footing. Rabada believes that by playing good cricket and captivating the audience, these teams can bridge the gap and make their mark.

    “We have seen examples of teams outside the Big Three achieving great success. Look at the recent performances of New Zealand and West Indies. They have shown the world that talent knows no boundaries,” Rabada added.

    The South African pacer urged cricket boards and administrators to invest in the development of talent and provide opportunities for players from non-traditional cricketing nations. He emphasized the importance of nurturing young talent, improving infrastructure, and creating a sustainable pathway for aspiring cricketers.

    “We need to ensure that cricket grows beyond the traditional powerhouses. It is crucial to identify and support talent from all corners of the world. Only then can we truly globalize the sport and create a level playing field,” Rabada emphasized.

    कैसे होंगे देश के सांसद ..? Election 2024

    Rabada’s statement has garnered support from cricketing enthusiasts and players alike. Many believe that his call to action will encourage teams outside the Big Three to strive for excellence and inspire future generations of cricketers.

    As the cricketing world evolves, Rabada’s words serve as a reminder that the spirit of the game should prevail above all else. Regardless of a team’s ranking or resources, the focus should always be on playing good cricket and providing fans with an unforgettable experience.

    In conclusion, Kagiso Rabada’s plea to Test teams outside the Big Three to play good cricket and give fans entertainment resonates with the cricketing community. It is a call for unity, growth, and inclusivity in the sport. As teams embrace this vision, the world of cricket can look forward to a more vibrant and diverse future.

  • होर्डिंग मामले में जीआरपी की भूमिका सन्देहास्पद

    होर्डिंग मामले में जीआरपी की भूमिका सन्देहास्पद

    पंतनगर पुलिस ने किया केस दर्ज। राज्य सरकार क्या दोषियों को हटाती है, या पुरस्कृत किया जाता है? मनपा ने नोटिस देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। जबाब जीआरपी को देना है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    दो दिन पूर्व घाटकोपर में गिरी होर्डिंग पर जीआरपी संदेह के घेरे में दिखाई पड़ रही है। जीआरपी में 6 सहायक पुलिस आयुक्त है जो स्टेशनों पर तैनात है वही दूसरी ओर एक पुलिस निरीक्षक शहाजी निकम को सहायक पुलिस आयुक्त का चार्ज देकर किस नियम के आधार पर आयुक्त कार्यालय में बैठाया गया है? इस पर संदेह जताया जा रहा है। ये वही निकम है जिसने होर्डिंग को परमिशन दिया है।

    Indian fasttrack news Network

    किसी जूनियर अधिकारी को वरिष्ठ अधिकारी के पद पर बैठाने के लिए पुलिस महासंचालक भी जवाबदार है। पुलिस आयुक्त रेलवे रविन्द्र शिस्वे ने इस पर ध्यान क्यों नही दिया? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो होर्डिंग पेट्रोलपंप पर गिरा है। करीब 7 महीने पूर्व ही उसका निर्माण किया गया है। जो पूरी तरह अवैध है। ये राज्य सरकार की जगह है जो जीआरपी के तांबे में था। शहाजी निकम एक वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के पद पर कई वर्षों से तैनात है। वह सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर कैसे बिठाए गए थे ? ये बड़ा प्रश्न है।

    जीआरपी,,
    दुर्घटना की तस्वीर

    जीआरपी क्या करेंगे नागरिकों की सुरक्षा?

    वहीं 6 एसीपी जो पहले से नियुक्त है इनको चार्ज क्यों नही दिया गया। निरीह लोगो के जान से खेलने का शौक किसको है? जीआरपी आजकल अपनी सुरक्षा में लगी हुई है। यात्रियों और नागरिकों की सुरक्षा क्या करेंगे? करीब 14 लोगो की मौत और सैकड़ो लोग घायल हो गए। पंतनगर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। राज्य सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है? दोषियों को हटाती है, या पुरस्कृत किया जाता है? मनपा ने नोटिस देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। जबाब जीआरपी को देना है।

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  • इस पॉप स्टार ने अपनाया इस्लाम, अब बनवा रहा है मस्जिद तो विरोध में उतरे लोग

    इस पॉप स्टार ने अपनाया इस्लाम, अब बनवा रहा है मस्जिद तो विरोध में उतरे लोग

    दक्षिण कोरिया के पूर्व पॉप स्टार दाऊद किम के यूट्यूब चैनल पर 55 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर पिछले दिनों बताया, कि वह दक्षिण कोरिया में मुसलमानों के नमाज पढ़ने के लिए और ज्यादा मस्जिदें बनाना चाहते हैं। अपने फैन्स से इस प्रोजेक्ट के लिए चंदा देने को भी कहा। वहां के लोग मस्जिद बनाने का कर रहे हैं विरोध।

    न्यूज़ डेस्क (indian fasttrack news network)
    देश विदेश-
    दक्षिण कोरिया के पूर्व पॉप स्टार (K-Pop Star) एवं यूट्यूबर दाऊद किम इंचियोन में मस्जिद बनाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों के काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। दाऊद किम ने वर्ष 2020 में इस्लाम अपना लिया, जिससे पहले उन्हें के-पॉप स्टार जे किम के नाम से जाना जाता था।

    दाऊद किम के यूट्यूब चैनल पर 55 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर पिछले दिनों बताया, कि वह दक्षिण कोरिया में मुसलमानों के नमाज पढ़ने के लिए और ज्यादा मस्जिदें बनाना चाहते हैं। उन्होंने अपने फैन्स से इस प्रोजेक्ट के लिए चंदा देने को भी कहा। (Daud Kim @jaehanKim66 YouTube Channel Korea Now)

    दक्षिण कोरिया में कितने है मुसलमान ?

    द-कोरिया हेराल्ड के अनुसार, दाऊद किम ने इंचियोन में मस्जिद बनाने के लिए जमीन भी खरीद ली है, जो दक्षिण कोरिया के सोल राजधानी क्षेत्र का हिस्सा है। हालांक इस प्रोजेक्ट में उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें लैंड कॉन्ट्रैक्ट, प्रशासनिक बाधाएं, धोखाधड़ी के आरोप और स्थानीय लोगों का विरोध शामिल है। दक्षिण कोरिया में वर्ष 2015 में हुई जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, यहां की 5 करोड़ आबादी में से लगभग 56% अधार्मिक हैं, प्रोटेस्टेंट 19% हैं, इसके बाद कोरियाई बौद्ध (15.5%) और कैथोलिक (8%) हैं। यहां करीब डेढ़ प्रतिशत मुस्लिम भी रहते है, जिनमें से करीब सवा लाख लोग मजदूर हैं, जो मुख्य रूप से यहां उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और पाकिस्तान के मूल निवासी हैं, जबकि 30,000 छात्र और यहां कारोबारी हैं।

    दक्षिण कोरिया,

    मस्जिद बनाने का क्यों हो रहा है विरोध ?

    दाऊद किम द्वारा सार्वजनिक रूप से मस्जिद के लिए इंचियोन में जमीन खरीदने की घोषणा करने के बावजूद, जमीन के पिछले मालिक ने कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का अनुरोध किया। इस जमीन के पिछले मालिक ने दक्षिण कोरिया की स्थानीय समाचार चैनल योनहाप न्यूज़टीवी को बताया, ‘मैंने रियल एस्टेट एजेंट से अनुबंध समाप्त करने के लिए कहा है।’

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    दरअसल इस मस्जिद को लेकर वहां के कुछ स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। उन्हें डर है, कि यहां पर मस्जिद बनने से उनकी प्रॉपर्टी की कीमत गिर जाएगी। द-कोरिया हेराल्ड के अनुसार, किम की प्रस्तावित मस्जिद स्थल के पास गैर-मुस्लिम कोरियाई निवासी इस योजना के सख्त खिलाफ हैं। येओंगजोंग निवासियों के लिए एक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर अपनी आपत्तियां पोस्ट की गईं, जिसमें कहा गया कि मस्जिद योजना ‘इलाके में घरों की कीमतें कम कर देंगी।’

    दाऊद किम की इस मस्जिद परियोजना में स्थानीय लोगों के विरोध के बाद अब प्रशासनिक बाधाएं भी खड़ी हो गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, कि धार्मिक सभा स्थल बनाने के लिए पूर्व-आवश्यक अनुमति नहीं ली गई।

  • Global Warming: धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है–सुप्रीमकोर्ट

    Global Warming: धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है–सुप्रीमकोर्ट

    • जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों? पुरा देश क्यों नहीं?
    • Global Warming पर सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहाँ ?
    • अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही है जिम्मेदार..
    • क्या हर बात के लिए न्यायालयों पर ही आश्रित रहें?
    • शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं ?

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    Global Warming आज धरती, पर्यावरण खतरे में है।ग्लोबल वार्मिंग के खतरे वैज्ञानिकों की चेतावनी के बावजूद जंगल काटे जा रहे हैं। हसदेव जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों आंदोलित हैं। पूरा देश क्यों नहीं? हसदेव के लाखों पेड़ मात्र एक व्यक्ति के लिए काटे जा रहे हैं, जो पूरे देश के लिए खतरे की घंटी है। मुंबई में समुद्र तट से 500 मीटर दूर ही निर्माण का कानून बना है, लेकिन महानगर पालिका के भ्रष्ट अधिकारियों को मुंबई और मुंबईकरों की तनिक भी चिंता नहीं है। बीएमसी के उच्च जिम्मेदार अधिकारी और राज्य सरकार आंखें मूंदे हुए हैं।

    मुंबई में मनपा की खाली जमीनों का अधिकारी और नेता सौदा कर अपनी जेबें भर रहे हैं। चुनाव का पर्व भूमाफियाओं और बीएमसी अधिकारियों के लिए अवैध निर्माण का सुनहरा मौका देता है कालाधन अर्जित करने का। पत्रकार अपनी भूमिका निभाते हैं। फोटो सहित गैरकानूनी निर्माण की घटना प्रकाशित करते हैं। बीएमसी आयुक्त, शहरी विकास मंत्री सहित सभी जिम्मेदार चुप रहते हैं। कोई कार्रवाई नहीं होती। अवैध निर्माण में पुलिस, विधायक, सांसद और कार्पोरेटरों का भी सहयोग होता है। सभी अपने हिस्से का कमीशन लेकर अनदेखा अनसुना कर देते हैं। Global Warming

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    Global Warming News

    अहमदाबाद से लेकर सुदूर साउथ में भी अवैध रूप से जंगल, सरकारी जमीन, चारागाह, तालाब सब पर कब्जा किया जाता है। कुछ समय पूर्व रामटेक की घटना का स्मरण होगा ही। उत्तराखंड में खुद सरकार प्रकृति के विरुद्ध निर्माण कर रही है, जिससे जोशी मठ को खतरा हो गया है। उसका अस्तित्व मिटने की कगार पर है। उत्तराखंड की त्रासदी याद होगी जब नदी की सीमा में चार चार महल के होटल ताश के पत्तों की तरह ढहकर नदी की धार में बह गए थे। Global Warming

    अवैध निर्माण मात्र ग्रामप्रधानों, विधायकों, सांसदों और पुलिस जवाबदेह होती है। उत्तर प्रदेश में जिन माफियाओं के होटल रेस्टोरेंट भव्य अट्टालिकाएं योगी ने बुलडोज कराई उसके गैर कानूनी तरीके से निर्माण के समय कौन कौन अधिकारी, विधायक, सांसद थे उनका पता लगाकर साथ में उनके घर भी बुलडोजर से गिराना चाहिए था लेकिन सरकारें ऐसा नहीं करेंगी। जब कोई संपत्ति ढहाई या तोड़ी जाती है तो देश की संपत्ति का नुकसान होता है। Global Warming

    गैरकानूनी निर्माण ढहाने या तोड़ने की जगह गरीबों का आशियाना और सरकारी दफ्तर बैंक को दे देना चाहिए। सारे बैंक की अपनी बिल्डिंग नहीं है। उनसे भाड़ा सरकार ले सकती थी। यह सकारात्मकता होती लेकिन हमारी सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहां? अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही जिम्मेदार होता है। अवैध निर्माण न गिराकर अधिकारियों विधायकों सांसदों के शीश महल जब्त कर सरकारी उपक्रमों और निर्धन बिना पक्की छत वाले गरीबों को दे देना ही सकारात्मक कदम होगा। Global Warming

    Global Warming,

    धरती के पर्यावरण की रक्षा वृक्ष ही करते हैं।अब अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए वहां झोपड़ियां बनाकर सदियों से रहने और जंगल से ही अपनी रोजी रोटी कमाने वाले गरीबों को क्यों उजाड़ा जाए, एक धनवान के लिए जैसा कि हसदेव जंगल के लाखों पेड़ों को काटकर खत्म किया जा रहा है। याद रहे सुप्रीमकोर्ट ने सही कहा, धरती सिर्फ मनुष्यों के लिए नहीं हैं। यहां विभिन्न तरह के पशु पक्षी और अन्य जीव भी रहते हैं। वे जंगल और खाली जमीन पर ही आश्रित रहते हैं। पहले लोग अपने धोर लेकर सुबह जंगल जाते थे। पशुओं को जंगल में चारा मिलता है। चारागाह खत्म पशुओं का चारा खत्म। Global Warming

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    क्या हर बात के लिए हम न्यायालयों पर ही आश्रित रहें? शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं है। अवैध निर्माण के लिए राजनीति का वोट बैंक प्रमुख होता है। इसीलिए जासंबिखकार अवैध निर्माण कराए जाते हैं।जैसे लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही बीएमसी के जिम्मेदार भूमाफियाओं से साठ गांठ कर उनसे करोड़ों रुपए वसूली कर अपने सरकारी आकाओं तक पहुंचाते रहते हैं जिससे कभी अवैध बांधकाम नहीं टूटते।

  • कैसे होंगे देश के सांसद ..? Election 2024

    कैसे होंगे देश के सांसद ..? Election 2024

    • ए.डी.आर. की रिपोर्ट…!
    • कैसी राजनीति बना दी गयी है भारत की..!
    • अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के…!
    • दुर्भाग्य ही है यह..! कौन कहेगा भारत…

    सुरेंद्र राजभर/ मंसूर शेख
    मुंबई-
    ए.डी.आर. की रिपोर्ट पढ़ने पर सिंगापुर के प्रधानमंत्री का संसद में दिया गया भाषण अक्षरशः सत्य प्रमाणित होता है। उन्होंने कहा था, नेहरू के देश में संसद अपराधियों का गढ़ बन गया है। कैसी राजनीति बना दी गई है भारत की जिसमें अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के होते चले आ रहे हैं। देश का दुर्भाग्य ही है यह। कौन कहेगा भारत राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर जैन और सिख गुरुओं का है? कौन कहेगा संतों, ऋषियों, महर्षियों, ज्ञानियों, विज्ञानियों का देश है यह भारत? स्वार्थलिप सत्तासुख भोग करने, देश को लूटने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल अपराधियों को टिकट देंगे। कौन कह सकता है यह वही देश है जहां वेद, शास्त्र, उपनिषद, पुराण लिखे गए? कौन कहेगा कि दुनिया को अशिक्षा के अंधकार से निकालने के लिए ज्ञान विज्ञान का परिचय देने वाला देश है भारत? कौन कहेगा कि यही वह पवित्र भारत की भूमि है जहां गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन का व्यामोह दूर कर कर्तव्य पथ पर लाने के लिए ज्ञान दिया था? कौन कहेगा कि आज का भारत ही सीता, सावित्री, अनुसूया, गार्गी जैसी सती नारियों का देश है? कौन कहेगा आजादी के लिए आंदोलन करने वाले सत्य, अहिंसा के पुजारी गांधी जैसे महात्मा का यह देश है? कौन कहेगा यह अमर क्रांतिकारियों सुभाषचंद्र बोस, शहीदे आजम भगत सिंह, लाहिरी, चंद्रशेखर आजाद, रोशन सिंह, असफाक उलाह खान और सरहदी गांधी का यह देश है? कौन कहेगा रामायण के अमर गायक महर्षि बाल्मीकि, रामचरित मानस के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास, रघुवंशम महाकाव्य के महाकवि कालीदास, मीरा, सुर जायसी, कबीर, रहीम, संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम की धरती है यह? कौन कहेगा आजादी की मशाल जलाने वाले, अंग्रेज की छाती में बंदूक की गोलियां उतारने वाले मंगल पांडेय का भारत है यह? कौन कहेगा गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर और वंदे मातरम के गायक बंकिम चंद्र की तपोभूमि है भारत?

    शर्म आती है आधुनिक राजनीति में…!

    आधुनिक राजनीति में अपराधियों के राजनीतीकरण करने पर शर्म आती है। उन्हें माननीय बनाने पर, कोफ्त होती है देश की नासमझ जनता की सोच पर जो सच्चे और झूठे, साधु और शैतान, सज्जन और दुर्जन में अंतर न कर पाने की मूढ़ स्थिति पर। कौन कहता है भारत का लोकतंत्र परिपक्व हो चुका है? देश की जनता जागरूक हो चुकी है? वह अपना हित अहित सोच ही नहीं सकती!

    गलती जनता की है जो मुट्ठीभर अन्न और चंद सिक्कों के बदले अपना अमूल्य वोट बेच देती है…! अनपढ़ जनता भेड़ की तरह झुंड, विवेकहीन होती है। तभी अपात्र नेता चुनती और भोगती है। दरअसल पार्टियों में इतना अधिक सत्तामोह है कि कोई भी दागी प्रत्याशी को खड़ा करने में परहेज नहीं करता। ऐसे में जनता का दायित्व है दलबदलु अपराधी और धनवान लोगों को वोट ही न दें।

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    ए डी आर की रिपोर्ट..

    पहले फेज का चुनाव 19 अप्रैल को है जिसमें 19 राज्यों के 102 सीटों पर चुनाव होंगे।
    ए डी आर की रिपोर्ट के अनुसार कुल 102 सीटों के लिए 1618 उम्मीदवार खड़े हैं। जिनमें 16% यानी 252 प्रत्याशियों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। जिसमें हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे संगीन मामले हैं। 19 ऐसे हैं जिन पर हत्या की कोशिश। 15 पर महिलाओं के साथ रेप और 35 पर भड़काऊ भाषण देकर देश में दंगे फैलाने की कोशिश के मामले दर्ज हैं। अपराधी मानसिकता के लोगों को टिकट देने में कोई भी दल पीछे नहीं है। क्योंकि उनकी जीत 200% पक्की मानी जाती है। जिनमे ए आई डी एम के ने 36% , बी एस पी ने 13% , आर एल डी ने 100% , टी एम सी ने 40% , कांग्रेस ने 34% , डी एम के ने 59% , एस पी ने 43% , बी जे पी ने 36% अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को टिकट दिए हैं। ऐसे कुल केवल एक फेज में 1625 लोग हैं जिनमें 28% धनवान भी शामिल हैं। 10% लोगों पर गंभीर अपराध, और 42 सीटें तो ऐसी हैं जहां तीन और इससे अधिक दागी उम्मीदवार खड़े हैं। 7 हत्या के मामले 19 हत्या की कोशिश और 15 तो ऐसे हैं जिन्हें कोर्ट दोषी करार दे चुका है।

    सांसद,

    याद हो कि सुप्रीमकोर्ट ने दागी या आपराधिक मामलों में लिप्त उम्मीदवार बनाए जाने पर रोक लगाने के लिए संसद से कानून बनाने को कहा था, लेकिन सत्ता लोलूप दलों ने कानून नहीं बनाया। जनता को सोचना और निर्णय करना होगा कि पहले फेज में जब इतने अपराधी उम्मीदवार खड़े हैं तो शेष छः में कितने होंगे और अगर ये चुनकर सांसद के तौर पर संसद में पहुंचे तो कैसा और किसके भले का कानून बनाएंगे? याद रहे कि अपराधी और धनवान जनता की समस्याओं पर सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें डर लगता रहेगा कि सवाल पूछा तो एन आई ए, आई टी, सी बी आई और ई डी जैसी सरकारी एजेंसियां उनके पीछे लगा दी जाएगी। जिससे उनकी काली कमाई का कच्चा चिट्ठा खुल जायेगा और वे संसद की जगह जेल में होंगे।

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    कैसे करें जनता अपने सांसद का चयन ?

    इन्हीं अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के माननीय बनने से ही उनसे संबंधित गुर्गों सहित लाखों केस कोर्ट में पेंडिंग पड़े रहते हैं। जिसमें दोष न्यायालयों का दिया जाता है। कारण चुनाव जीत कर वह जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला माननीय सांसद बन चुका होगा।
    आप लोगों से हम कहना चाहते हैं, कि “हे जनता जनार्दन अपना और अपने देश का भविष्य तुम्हें अपने एक वोट से लिखना है। ऐसे दागी और धनवान लोग ही नहीं दलबदलुओं की जमानत जब्त कराकर उन्हें उनकी सही जगह जेल में भेजें। इसी में जनता और राष्ट्र का भला होगा।”

  • विरार में सीवेज प्लांट की सफाई कर रहे चार लोगों की दम घुटने से मौत

    विरार में सीवेज प्लांट की सफाई कर रहे चार लोगों की दम घुटने से मौत

    महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में जहरीली गैस के कारण चार लोगों की मौत से मातम का माहौल फैल गया है। चारो सफाई कर्मचारी बीना सेफ्टी उपकरणों के सीवेज प्लांट में सफाई करने उतर गए थे।

    आसिफ अंसारी
    महाराष्ट्र/पालघर: 
    मुंबई से सटे पालघर जिले के विरार में एक आवासीय टाउनशिप के भीतर एक निजी सीवेज प्लांट की सफाई करते समय कथित तौर पर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई है। दो अन्य कर्मचारी जो उन्हें ढूंढने के लिए प्लांट के पास गए, उन्होंने बेचैनी की शिकायत पर इलाज की जरूरत पड़ी। घटना के बाद, रखरखाव एजेंसी के पर्यवेक्षक महादेव कुपाटे के लापरवाही से मौत के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मरने वालों की उम्र 24 से 30 साल के आसपास बताई जा रही है।

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    विरार में दम घुटने से 4 लोगों की मौत

    प्रारंभिक जांच से पता चला कि सभी कर्मचारी वसई के रहने वाले थे और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवेज प्लांट में प्रवेश कर गए थे। बता दें कि यहां सीवेज को साफ किया जाता है ताकि यह पर्यावरण के लिए हानिकारक या खतरनाक न हो। लेकिन सफाई के समय जहरीली गैस से चार लोगों की मौत ने इलाके मे मातम का माहौल फैल गया है।

    विरार,

    मिली जानकारी के मुताबिक, अर्नाला पुलिस और वसई-विरार नगर निगम के अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से शवों को निकाला। मृतकों की पहचान 28 वर्षीय शुभम पारकर, 27 वर्षीय अमोल गथल, 24 वर्षीय निखिल गथल और 29 वर्षीय सागर तेंदुलकर के रूप में की गई, जिन्होंने अस्पताल पहुंचने पर दम तोड़ दिया। मौके से बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है और पुलिस घटना की जांच कर रही है।

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  • सरकारी दस्तावेजों का नकली ऑनलाईन पोर्टल के साथ एक गिरफ्तार

    सरकारी दस्तावेजों का नकली ऑनलाईन पोर्टल के साथ एक गिरफ्तार

    • मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में ऑनलाईन पोर्टल के जरिए भारतीत मतदान कार्ड, पॅनकार्ड, आधारकार्ड, रेशनकार्ड बनाने वाले नकली सेंटर का खुलासा
    • बताता अपने आप को मालवनी पुलिस का खासमखास
    • सरकारी दस्तावेजों का नकली ऑनलाईन पोर्टल

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में ऑनलाइन पोर्टल के जरिए नकली सरकारी दस्तावेज तैयार किए जाने का खुलासा हुआ है। बताया जाता है कि गिरफ्तार 30 वर्षीय आरोपी मोहसीन मोहमद रफी शेख खुद को मालवनी पुलिस का खासमखास बताया करता था और मालवनी पुलिस थाने के पूर्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शेखर भालेराव के साथ अपनी तस्वीर खिंच कर दिवार पर टांग रखी थी। (Mumbai Malad Malvani Aadhar Card Center Crime News)

    मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव ने बताया, कि एम.एस. कन्सलटंट, शॉप न.381, गायकवाडनगर, मालवनी मे बनावटी सरकारी दस्तावेज बनाकर उसके एवज में पैसे लेने की सूचना मिली थी। सहायक पुलिस निरीक्षक निलेश साळुंखे की निगरानी में छापा मारा गया तो वहां ऑनलाइन पोर्टल के जरिए नकली सरकारी दस्तावेज बनाते हुए आरोपी को देखा गया। (Mumbai Malad Malvani Aadhar Card Center Crime News)

    सरकारी,
    मालवनी पुलिस स्टेशन के पूर्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शेखर भालेराव के साथ नकली सरकारी दस्तावेजों के मामले में गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर

    सरकारी दस्तावेजों का नकली ऑनलाईन पोर्टल

    पुलिस ने बताया कि पंचों के समक्ष पोर्टल की जांच की गई तो पाया गया कि आरोपी मतदान कार्ड, पेनकार्ड, आधारकार्ड, रेशनकार्ड, ड्रायव्हिंग लायसन्स, आयुशमान कार्ड आदी भारतीय नकली सरकारी दस्तावेज बनाने के लिए पेड़ एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर रहा था। उस एप्लीकेशन की जांच मे देखा गया कि एप्लीकेशन के भीतर जाकर नकली जानकारी भरकर आने वाले बारकोड स्कैन कर पैसों का पेमेंट करने पर एप्लीकेशन मे टाईप की हुई जानकारी के मुताबिक सरकारी आधार कार्ड, पेनकार्ड, राशनकार्ड, मतदान पहचान पत्र, ड्रायव्हिंग लायसन्स, आयुशमान कार्ड आदी बनकर तैयार हो जाता है। (Mumbai Malad Malvani Aadhar Card Center Crime News)

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    मालवनी पुलिस थाने में गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 476/2024 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465, 467, 468 471 के तहत मामला दर्ज मौके से एक कम्प्यूटर, किबोर्ड, माउस, प्रिंटर, राउटर और बनावटी सरकारी दस्तावेजों के साथ मालवनी, म्हाडा के रहने वाले 30 वर्षीय आरोपी मोहसीन मोहमद रफी शेख को गिरफ्तार किया गया है। मामले और भी गिरफ्तार की आशंका के साथ मालवनी पुलिस तहकीकात कर रही है। (Mumbai Malad Malvani Aadhar Card Center Crime News)

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  • लाखों की रिश्वत से बन रहा है अवैध निर्माण

    लाखों की रिश्वत से बन रहा है अवैध निर्माण

    गोरेगांव पूर्व इलाके में लाखों रूपये की रिश्वत लेकर मनपा पी/दक्षिण विभाग के अधिकारी अवैध निर्माण करा रहे हैं। देखें पहले और अब की तस्वीर ..

    मन्सूर शेख
    मुंबई-
    गोरेगांव मनपा पी/ दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव की देखरेख में गोरेगांव मुलुंड लिंक रोड़, सहारा होटल के पास, वार्ड क्रमांक 51, गोरेगांव (पूर्व) स्थित लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट का अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसकी लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध निर्माण को नज़रंदाज़ करना मनपा अधिकारियों के भ्रष्टाचार को यहां खुले में उजागर कर रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

    लाखों रूपये की रिश्वत ..

    बता दें कि “मोबील वन कार केयर शोप” का मालिक लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट में अपने कमर्शियल गाले को मनपा की अनुमति लिए बिना और नाही किसी जानकार इंजीनियर की देखरेख में, खुद ही कडीया, बेगारी लगाकर एक महले का अवैध निर्माण कर रहा है। यहां घटिया बिल्डिंग मटेरियल की जानकारी मनपा अधिकारियों को दी जा रही है। लेकिन मनपा अधिकारियों द्वारा नज़रंदाज़ किए जाने से शिकायतकर्ताओं द्वारा रिश्वत खोरी का गुमान लगाया जा रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

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    क्या होना चाहिए?

    आप को जानकारी देते हुए बता दें, कि ऐसे अवैध निर्माणों पर मनपा नियमानुसार स्टॉप वर्क नोटिस जारी कर 24 घंटो के भीतर तोड़क कार्यवाही की जानी चाहिए और तोड़क कार्यवाही में सरकारी यंत्रणा को आए खर्च के पैसे अवैध निर्माणकर्ता से वसूले जाने चाहिए। लेकिन मनपा पी/दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव, इमारत बांध काम विभाग के सहायक अभियंता अमोल बोंमने और एरिया मुकादम जय रिश्वत के लाखों रूपये लेकर शांत बैठ गए हैं। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

    रिश्वत,
    अवैध निर्माण की तस्वीर

    क्या है कानून?

    सरकारी फरमान के मुताबिक, किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर कार्यवाही नही करने की स्थिति में वार्ड के सहायक आयुक्त को दोषी ठहराया जाने और दंडित किये जाने का प्रावधान है। तब पर भी सहायक आयुक्त संजय जाधव द्वारा द्वारा शिकायतों पर ध्यान नही देना उनके भ्रष्ट होने का सबूत पेश करती है। यह भी बता दें कि इन अवैध निर्माणों के चलते हमेशा से ही मुंबईकर हादसे का शिकार होते रहते हैं। जिसपर कार्यवाही करना इन मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है। इस कार्य के एवज़ मे जनता के पैसों से इनको पगार दिया जाता है। लेकिन भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी इमानदारी की पगार के साथ रिश्वतखोरी भी करना चाहते हैं। ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी को तुरंत पद से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

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  • आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    • मोदी कराएंगे अपनी मर्जी का चुनाव।
    • मोदी के सामने आरएसएस हुआ बौना।
    • चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?

    आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस,
    आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)