Adani Electricity Power Theft अभियान से FY 2025-26 में AT&C Loss 4.46% पर आया। 5,897 केस, 486 FIR और करोड़ों की बिजली चोरी का खुलासा।
मुंबई: मुंबई में बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए Adani Electricity की ओर से चलाए गए बड़े अभियान का असर अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। कंपनी ने दावा किया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसके Aggregate Technical and Commercial (AT&C) Losses घटकर 4.46 प्रतिशत रह गए हैं, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 4.70 प्रतिशत थे। कंपनी का कहना है कि यह देश के सबसे कम AT&C Loss वाले बिजली वितरण (Discom) नेटवर्क में शामिल होने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। यह जानकारी कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में दी गई है।
बिजली चोरी रोकने की इस कार्रवाई का सीधा फायदा नियमित रूप से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को मिलने की बात कही गई है। बिजली चोरी कम होने से वितरण व्यवस्था पर वित्तीय दबाव घटता है और लंबे समय में नेटवर्क की विश्वसनीयता तथा परिचालन क्षमता बेहतर होती है।
36,720 छापे, 5,897 बिजली चोरी के मामले दर्ज
Adani Electricity के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उसकी विजिलेंस टीम ने पूरे नेटवर्क में 36,720 बड़े निरीक्षण (Mass Raids) किए। इस दौरान:
- 5,897 बिजली चोरी के मामले दर्ज किए गए।
- 486 FIR दर्ज कराई गईं।
- 79.25 टन अवैध बिजली के तार और उपकरण जब्त किए गए।
- 19.82 मिलियन यूनिट बिजली चोरी पकड़ी गई।
- चोरी की गई बिजली का अनुमानित मूल्य 43.39 करोड़ रुपये आंका गया।
कंपनी के मुताबिक इस वर्ष सुबह-सुबह, देर रात और छुट्टियों के दौरान की गई विशेष छापेमारी में भी करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई, जिससे कई संगठित बिजली चोरी के मामलों का पता चला।

मालाड और गोरेगांव में करोड़ों रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई
अभियान के दौरान मुंबई के कई इलाकों में बड़े मामले सामने आए।
- 7 नवंबर 2025 को मालाड (पश्चिम) के स्वास्तिक कंपाउंड, चिंचोली बंदर रोड पर मोल्डिंग यूनिट में सीधे बिजली कनेक्शन के जरिए चोरी पकड़ी गई। कंपनी ने इसकी अनुमानित कीमत 1.63 करोड़ रुपये बताई।
- 4 जुलाई 2025 को गोरेगांव (पश्चिम) के मोतीलाल नगर में मोल्डिंग गतिविधि के लिए की जा रही बिजली चोरी का मामला सामने आया, जिसकी कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई।
- जून 2025 में मालाड (पूर्व) में भी लगभग 48.73 लाख रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई।
बिजली चोरी क्यों बनती है बड़ी समस्या?
बिजली विशेषज्ञों के अनुसार बिजली चोरी केवल राजस्व का नुकसान नहीं करती बल्कि पूरे वितरण नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव डालती है।
इसके कारण:
- ट्रांसफॉर्मर पर ओवरलोड बढ़ता है।
- केबल फेल होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
- बार-बार बिजली बाधित होने की संभावना रहती है।
- वितरण कंपनियों की रखरखाव लागत बढ़ती है।
विशेष रूप से घनी आबादी और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में जहां नए नेटवर्क का विस्तार करना मुश्किल होता है, वहां अवैध कनेक्शन पूरी व्यवस्था को प्रभावित करते हैं।
बिजली चोरी पर क्या कहता है कानून?
भारत में बिजली चोरी Electricity Act, 2003 की धारा 135 के तहत दंडनीय अपराध है।
यदि आरोप साबित होता है तो आरोपी को:
- जुर्माना,
- तीन वर्ष तक की जेल,
- या दोनों सजा मिल सकती है।
कंपनी ने कहा है कि वह पुलिस के साथ मिलकर नियमित अभियान चलाती रहेगी ताकि बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
Adani Electricity का क्या कहना है?
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि बिजली चोरी का बोझ अंततः ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ता है। इसी कारण कंपनी भविष्य में भी बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान जारी रखेगी। उनका कहना है कि AT&C Loss में आई कमी इसी सख्त कार्रवाई का परिणाम है और इससे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने में मदद मिलेगी।
Adani Electricity के ताजा आंकड़े बताते हैं कि बिजली चोरी के खिलाफ लगातार कार्रवाई का असर वितरण व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। हालांकि कंपनी के दावे स्वतंत्र सरकारी ऑडिट नहीं हैं, लेकिन आधिकारिक बयान के अनुसार बड़े पैमाने पर छापेमारी, FIR और अवैध कनेक्शन हटाने से AT&C Loss में कमी आई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह सुधार लगातार बना रहता है या नहीं।
Official / Relevant Links
- Ministry of Power: https://powermin.gov.in
- National Portal of India – Electricity Act, 2003: https://www.indiacode.nic.in
- Adani Electricity: https://www.adanielectricity.com
FAQ Section
Q1. AT&C Loss क्या होता है?
AT&C (Aggregate Technical and Commercial) Loss बिजली वितरण के दौरान होने वाले तकनीकी नुकसान और वसूली न हो पाने वाले नुकसान का संयुक्त आंकड़ा है।
Q2. Adani Electricity का AT&C Loss कितना हुआ है?
कंपनी के अनुसार FY 2025-26 में यह घटकर 4.46% रहा।
Q3. कितने बिजली चोरी के मामले पकड़े गए?
कंपनी ने 5,897 बिजली चोरी के मामले दर्ज करने की जानकारी दी है।
Q4. कितनी FIR दर्ज हुई?
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 486 FIR दर्ज कराई गईं।
Q5. बिजली चोरी करने पर क्या सजा हो सकती है?
Electricity Act, 2003 की धारा 135 के तहत जुर्माना, तीन साल तक की जेल या दोनों हो सकते हैं।

