मुंबई में बिल्डर ने दिया कम कारपेट एरिया, फ्लैट मालिकों को ₹6.64 लाख लौटाने का आदेश

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मुंबई मालाड के बिल्डर को कम कारपेट एरिया देने पर ₹6.64 लाख मुआवजा, 9% ब्याज, मानसिक परेशानी और मुकदमेबाजी खर्च देने का आदेश।

मुंबई: मालाड पश्चिम में agreement में तय carpet area से कम फ्लैट देने के मामले में महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने Sion के बिल्डर Chinnappan Anthony, proprietor of M/s Milan Builders and Developers, को फ्लैट मालिकों को ₹6,64,640 मुआवजा 9 प्रतिशत ब्याज के साथ देने का आदेश दिया है। इसके अलावा प्रत्येक शिकायतकर्ता को ₹50,000 मानसिक परेशानी और ₹25,000 मुकदमेबाजी खर्च भी देना होगा।

560 की जगह मिला 518.46 वर्गफुट area

मामला मालाड पश्चिम के Shree Balaji Ashirwad प्रोजेक्ट का है। प्रोजेक्ट का पता नहर नगर रोड, भंडारवाड़ा मार्ग, Smt. KG Mittal Institute of Management के सामने, नेवी कॉलोनी के पास, मालाड पश्चिम, मुंबई – 400064 बताया गया है। यह इलाका लिंक रोड कॉरिडोर और पश्चिमी उपनगरों से जुड़ा हुआ है तथा आसपास बैंक, ATM और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

शिकायतकर्ता के 11 जनवरी 2016 के registered Agreement for Sale में फ्लैट का carpet area 560 वर्गफुट तय था। नवंबर 2016 में possession मिलने के बाद registered architect से measurement कराई गई, जिसमें area 518.46 वर्गफुट निकला।

यानी agreement में तय area से 41.54 वर्गफुट, करीब 7.42 प्रतिशत कम जगह मिली।

शिकायतकर्ता ने ₹16,000 प्रति वर्गफुट के आधार पर नुकसान की गणना की, जिससे ₹6,64,640 की राशि बनी।

बिल्डर की दलील नहीं मानी

Developer ने architect की measurement पर सवाल उठाते हुए complaint का विरोध किया। उसने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता landowner है, इसलिए उसे consumer नहीं माना जाना चाहिए।

आयोग ने दोनों दलीलों को खारिज कर दिया। उसके मुताबिक developer ने architect की report को चुनौती देने के लिए कोई स्वतंत्र expert measurement पेश नहीं की। वहीं development arrangement के तहत constructed flat पाने वाला landowner भी structural deficiency और statutory non-compliance के मामलों में consumer हो सकता है।

आयोग ने कहा कि agreement में तय carpet area को purchaser की लिखित सहमति या उचित consideration adjustment के बिना कम करना सेवा में कमी और unfair trade practice है।

Full OC और society formation पर भी आदेश

मामले में building का पूर्ण Occupation Certificate (OC) नहीं होने और cooperative housing society का गठन नहीं किए जाने की शिकायत भी की गई थी। आयोग ने इन statutory obligations को continuing nature का माना और developer को संबंधित authorities के साथ जरूरी formalities पूरी करने का निर्देश दिया।

इसी वजह से developer की यह दलील भी नहीं चली कि शिकायत पुरानी होने के कारण limitation से बाहर है। हालांकि हर पुराने property dispute में यही नियम लागू नहीं होता; complaint की तारीख और cause of action के आधार पर limitation तय होती है।

Flat मालिकों के लिए क्या मायने?

इस फैसले से साफ है कि flat खरीदते समय Agreement for Sale में दर्ज carpet area को ध्यान से जांचना जरूरी है। Possession के बाद area में अंतर मिले तो independent architect से measurement कराकर report सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। Buyer को OC, sanctioned plan, society formation और conveyance की स्थिति भी जांचनी चाहिए।

यह फैसला यह भी नहीं कहता कि हर carpet-area dispute में ₹6.64 लाख compensation मिलेगा। इस मामले में रकम 41.54 वर्गफुट की कमी और ₹16,000 प्रति वर्गफुट के valuation basis पर तय हुई।

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