मुंबई के गोवंडी स्थित कब्रिस्तान की तस्वीर
मुंबई के गोवंडी इलाके में कब्रिस्तान का मिट्टी घोटाला को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। यहां की मिट्टी को लेकर मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
इस्माईल शेख
मुंबई- गोवंडी के कब्रिस्तानों की मिट्टी का जायजा लेने के लिए सरकारी एजेंसियों को कोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए हैं। आपको बता दें कि यहां स्थानीय लोगों के लिए दो कब्रिस्तान मौजूद है इन दोनों स्थानों पर ताला लगा दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक कब्रिस्तान में नए शव दफन करने के लिए जगह नहीं है। पुराने दफन शवों को गले में काफी ज्यादा का समय लग रहा है जिस कारण नए शवों की एंट्री बंद कर दी गई है।

लाखों की आबादी वाला गोवंडी का इलाका जहां बड़ी संख्या मे मुस्लिम समुदाय के लोग रहते है। वहां लोग अपने परिजनों का शव कांधे पर लिए दरबदर भटक रहे है। देवनार और रफी नगर के नाम पर यहां 2 कब्रिस्तान है। जहाँ इनदिनों ताला लगा दिया गया है। शवों को यहां दफ़न करने से रोक दिया गया है। जिसके पीछे की वजह कब्रिस्तान मै जगह नही होना बताया जारहा है वहीं कब्रिस्तान मैं दफनाये गए शव सही वक्त पर मिट्टी में नही मिलने के कारण कब्र को दोबारा उसमे शव दफनाने पर रोक लगाई गई है।
आपको जानकारी देते हुए बता दे, कि एक शव को दफनाने के बाद लगभग 6 से 8 महीनों में वह शरीर गर्ल कर मिट्टी हो जाता है। उसके कुछ दिनों बाद उसी कबर को दोबारा खनकर उसमें नए शव को दफना दिया जाता है। यह निरंतर सभी कब्रिस्तान में जारी है। जिस कारण मुंबई में जगह की कमतरता आभार नहीं होता। लेकिन गोवंडी के कब्रिस्तानों में एक नया ही मामला पेश आ रहा है। यहां दफनाये गए शवों को गलने में और भी ज्यादा का समय लग रहा है। जिसकी वजह से यहां की मिट्टी पर घोटाला होने के आरोप नागरिकों द्वारा लगाए जा रहे हैं।
कब्रिस्तान का मिट्टी घोटाला
गोवंडी के स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान के कामों में और मिट्टी डलवाने में घोटाला होने का आरोप लगाया है। लंबे समय से यह के लोग शासन प्रशासन के साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को कब्रिस्तान मे होने वाले घोटाले से अवगत कराते रहे है। उसके बाद भी किसी तरह की करवाई नही की गई और आज यहां के लोगों के लिए कब्रिस्तानों में ताला लगा दिया गया है। इसको लेकर सामाजिक संस्था ‘सिटिजन फोरम’ ने मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। मानवाधिकार आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट को मिट्टी की जांच का आदेश करते हुए रिपोर्ट मांगी है।
Discover more from Indian fasttrack news
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




