Category: West India

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  • पत्नी से रेप करने वाले दोस्त को पति ने दी दर्दनाक मौत!

    पत्नी से रेप करने वाले दोस्त को पति ने दी दर्दनाक मौत!

    Badlapur Murder: पीड़ित महिला ने अपनी आपबीती जब पति को सुनाई तो पति के लिए बर्दाश्त से बाहर हो गया और उसने अपने दोस्त को घर बुलाया और खुब शराब पीलाकर उसे दर्दनाक मौत दे दी।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    महाराष्ट्र के बदलापुर में एक हैरान कर देने वाली वारदात ने लोगों लोगों सोचने पर मजबूर कर दिया। जहां एक शख्स ने अपने पत्नी के लिए अपने ही दोस्त को दर्दनाक मौत देकर उसका काम तमाम कर दिया। मृतक ने अपने दोस्त की पत्नी को डरा धमकाकर कई बार उसके साथ बलात्कार किया था। जब इसका पता पीड़िता महिला के पति को चला तो उसने अपने दोस्त की इस तरीके से हत्या कर दी लोग़ों के होश उड़ गए। पुलिस ने बताया, कि हत्या के आरोप से बचने के लिए आरोपी ने हादसा बताने का नाटक किया और दावा किया कि बाथरूम में गिरने की वजह से उसकी मौत हो हुई है। (Husband gives painful death to friend who raped his wife Badlapur Murder)

    जानकारी के मुताबिक, मृतक का नाम सुशांत बताया गया है जिसकी हत्या के मामले में पुलिस ने नरेश भगत को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि बदलापुर के शिरगांव इलाके में रहने वाले नरेश भगत और सुशांत पहले से एक दूसरे के दोस्त थे। जानकारी मिली है, कि कथित तौर पर सुशांत ने नरेश को जान से मारने की धमकी देकर उसकी पत्नी के साथ कई बार दुष्कर्म किया। (Husband gives painful death to friend who raped his wife Badlapur Murder)

    कई बार किया बलात्कार

    मृतक पर आरोप लगाया गया है, कि उसने इस बात को लेकर किसी को बताने पर उसके पति यानी नरेश को जान से मारने की धमकी दी। अपने पति की सलामती के लिए पीड़ित महिला ने किसी को नहीं बताया। इसके बाद सुशांत ने कई बार नरेश की पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। हालाँकि, जब वह इस प्रताड़ना को सहन नहीं कर सकी तो उसने सारी बात अपने पति नरेश को बताई। दोस्त की इस घिनौनी हरकत से नरेश सदमें में आ गया। इसके बाद उसने सुशांत की हत्या की योजना बनाई। इस हत्या कांड के बाद से ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। (Husband gives painful death to friend who raped his wife Badlapur Murder)

    कैसे की हत्या?

    पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, कि नरेश ने 10 जनवरी को सुशांत को अपने घर बुलाया और उसे शराब पिलाई। शराब की पार्टी देर रात तक चली। नशे में होने की बात कहते हुए नरेश ने सुशांत को अपने ही रात में रुकने के लिए मना लिया। इसके बाद रात में नरेश ने सुशांत के सिर पर हथौड़े से वार कर दिया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। (Husband gives painful death to friend who raped his wife Badlapur Murder)

    पुलिस की पूछताछ

    इसके बाद नरेश ने लोगों को झूठ बोला कि सुशांत बहुत ज्यादा शराब पीने के कारण बाथरूम में फिसल गया और उसके सिर पर गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। मामला पुलिस तक गया। शुरुआत में नरेश के बयान के आधार पर पुलिस ने इस मामले में दुर्घटनावश मौत का केस दर्ज किया। (Husband gives painful death to friend who raped his wife Badlapur Murder)

    पोस्टमार्टम से हुआ खुलासा

    हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि सुशांत की मौत एक्सीडेंटल डेथ नहीं बल्कि सिर पर किसी भारी वस्तु से किया गए वार की वजह से हुई है। जिसके बाद पुलिस ने नरेश को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। उससे पुलिस की पूछताछ में दोस्त की हत्या की बात कबूल कर ली। फ़िलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। किसी भी मामले में कानून को अपने हाथ मे लेना भी जुर्म है। (Husband gives painful death to friend who raped his wife Badlapur Murder)

  • Mumbai: रानीबाग के पार्किंग शुल्क में छह गुना का इजाफा!

    Mumbai: रानीबाग के पार्किंग शुल्क में छह गुना का इजाफा!

    मुंबई के रानीबाग चिडियाघर में आने वाले वाहनों की पार्किंग को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने छह गुना शुल्क बढ़ा दिया है। पर्यटकों के जेबों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    भायखला (पूर्व), वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान और प्राणी संग्रहालय (रानीबाग) में वाहनों की पार्किंग शुल्क में बीएमसी ने बड़ा इजाफा कर दिया है। जनवरी से लागू किए गए नए पार्किंग शुल्क ने कार और बाइक सवारों को हैरान कर दिया है। कारों के लिए शुल्क चार गुना और दोपहिया वाहनों के लिए छह गुना बढ़ा दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि इस बडे हुए पार्किंग शुल्क से पर्यटकों को अपनी गाड़ी पार्किंग के लिए होनेवाली दिक्कतों में कमी आएगी और उनके सहूलियत पर भी असर पडेगा। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    कितना होगा पार्किंग का शुल्क?

    अब यहां आने वाले पर्यटकों को मोटर साइकिल के लिए प्रति तीन घंटे तक का शुल्क 30 रुपए और मोटर कार के लिए 80 रुपए होगा। इसके अलावा, बसों के लिए 120 से 150 रुपये तक का शुल्क तय किया गया है। तीन घंटे के बाद अतिरिक्त शुल्क 10 रुपए, 30 रुपए और 40 से 50 रुपए प्रति घंटा होगा। पहले यह शुल्क बाइक के लिए 5 रुपए, कार के लिए 20 रुपए और बस के लिए 100 रुपए हुआ करता था। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    सस्ता उपयोग पर रोक

    चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, पार्किंग शुल्क में वृद्धि का मुख्य उद्देश्य आसपास के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को यहां के पार्किंग स्थल का सस्ता उपयोग करने से रोकना है। ‘पहले 5 रुपए और 20 रुपए की कम दरों की वजह से स्थानीय लोग पूरे दिन यहां गाड़ियां खड़ी कर देते थे। नए शुल्क से इस पर रोक लगेगी, ऐसा एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    बेहतर होगा, पर्यटकों को अनुभव

    रानीबाग, मुंबई के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। हर साल हजारों पर्यटकों, खासतौर पर बच्चों को यह चिड़ियाघर आकर्षित करता है। यहां के हम्बोल्ट पेंग्विन और बाघ जैसे प्राणियों का आकर्षण लोगों के बीच अच्छा-खासा लोकप्रिय है। हालांकि, बढ़े हुए गाड़ी पार्किंग शुल्क के कारण पर्यटक खासे नाराज हैं। एक स्थानीय पर्यटक ने शिकायत करते हुए कहा, कि “हम बच्चों को यहां घुमाने लाते हैं, लेकिन अब पार्किंग का खर्च ही टिकट के बराबर हो गया है।” वहीं चिड़ियाघर प्रशासन का दावा है कि शुल्क बढ़ा है, लेकिन यह अभी भी क्षेत्र के अन्य पार्किंग स्थलों की तुलना में कम है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए उठाया गया है। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    खास जानकारी

    रानी बाग एक उद्यान और डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय वाला एक चिड़ियाघर है। यह हर दिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। कुछ लोग आरामदायक जूते पहनने और पानी की बोतल लाने की सलाह देते हैं। जानवरों को खिलाने या परेशान करने की अनुशंसा नहीं की जाती है। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    प्रवेश शुल्क का विवरण 

    वयस्क: 12-59 आयु वर्ग के लोगों के लिए 50 रुपये।
    बच्चे: 3-12 आयु वर्ग के लोगों के लिए 25 रुपये।
    वरिष्ठ नागरिक: 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए निःशुल्क।
    वैध विकलांगता प्रमाण पत्र वाले लोग: वैध विकलांगता प्रमाण पत्र वाले लोगों के लिए निःशुल्क।

    चार लोगों जैसे माता, पिता और दो बच्चों के परिवार के लिए 100 रुपया। प्रत्येक अतिरिक्त बच्चे के लिए अतिरिक्त 25 रुपया का शुल्क लिया जाएगा। जीजामाता उद्यान में पेंगुइन टिकट 100 रुपये। 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए रानी बाग टिकट का किराया 15 रुपये। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

  • एक महिने की शादी और पति निकला बच्चे का बाप। लडके के साथ उसके परिवार पर मुकदमा दर्ज

    एक महिने की शादी और पति निकला बच्चे का बाप। लडके के साथ उसके परिवार पर मुकदमा दर्ज

    मुंबई पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ उसकी पत्नी की शिकायत पर विवाहेतर संबंध रखने, दूसरी महिला से बच्चा पैदा करने को लेकर महिला के पति और उसके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। (One month of marriage and the husband turns out to be the father of the child. Case filed against the boy and his family)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    पुलिस ने एक व्यक्ति और उसके माता-पिता खिलाफ उसकी 30 वर्षीय पत्नी को धोखा देने के आरोप में मामला दर्ज किया है, जिसने उस पर एक अन्य महिला के साथ विवाहेतर संबंध रखने का आरोप लगाया है, जिसके साथ उसका एक बच्चा भी है और जब रिश्ते के बारे में पता चला तो पीड़ित के गहने छिन लिए और उसे घर से बाहर निकाल दिया। (One month of marriage and the husband turns out to be the father of the child. Case filed against the boy and his family)

    वर्ली पुलिस के मुताबिक, महिला साउथ मुंबई की रहने वाली है। उसने अपने पति और उसके माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज की, जिसके आधार पर पुलिस ने उन पर भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और उसके पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा एक महिला के प्रति क्रूरता से संबंधित प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। (One month of marriage and the husband turns out to be the father of the child. Case filed against the boy and his family)

    सोने के गहने क्यों छीने?

    पुलिस को दिए अपने बयान में महिला ने अपने पति और ससुराल वालों पर उसके माता-पिता द्वारा दिए गए सोने के गहने छीनने का भी आरोप लगाया है। (One month of marriage and the husband turns out to be the father of the child. Case filed against the boy and his family)

    एक महिने पहले ही हुई थी शादी

    महिला के अनुसार, उसने दोनों परिवारों की सहमति से 14 जून, 2024 को आरोपी व्यक्ति से शादी हुई थी और समारोह के दौरान, उसके माता-पिता ने उसे सोने के आभूषण दिए थे। महिला ने पुलिस बताया, कि “शादी के बाद, मैं अपने ससुराल पुणे गई। करीब एक महीने बाद मैं अपने मायके आ गई और 20 दिन तक अपने मायके में रही। जब मैं वापस लौटी तो मुझे एहसास हुआ कि उन्होंने मेरे माता-पिता द्वारा दिए गए सभी सोने के गहने छिपा दिए हैं। जब मैंने इसके बारे में पूछा, तो मेरे पति ने मुझे बताया कि वे उसके थे। जबकि मेरे माता-पिता ने शादी के लिए कई सालों से पैसा जमा कर मेरे लिए सोने के गहने खरीदे थे और शादी वक्त उन्होंने मुझे पहनाकर विदा किया था और अब ये उसी गहने को अपना बताकर मुझे धोखा दे रहा है।” (One month of marriage and the husband turns out to be the father of the child. Case filed against the boy and his family)

    शारीरिक संबंध

    महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति को एक अन्य महिला का फोन आया और उसने उसे यह कहते हुए सुना कि “उनके बीच कोई शारीरिक संबंध नहीं था।” हालाँकि, जब वह फोन पर बात कर रहा था तब उसने आपत्ति जताई, तो दोनों के बीच बहस हो गई। तभी से उसे शक होने लगा कि उसका किसी गैर महिला के साथ शारीरिक संबंध है। (One month of marriage and the husband turns out to be the father of the child. Case filed against the boy and his family)

    दोस्त का बहाना

    जैसे-जैसे पीड़ित महिला का संदेह बढ़ता गया, दंपति ने अपने माता-पिता को चर्चा में शामिल किया, जिसके दौरान उसके पति ने दावा किया कि यह सब पीड़ित महिला की कल्पना थी और वह एक दोस्त से बात कर रहा था जो कभी-कभी उसे चिढ़ाने के लिए महिला की आवाज का इस्तेमाल करता है। (One month of marriage and the husband turns out to be the father of the child. Case filed against the boy and his family)

    मेसेज से हुआ खुलासा

    हालाँकि, कुछ दिनों बाद महिला अपने पति के फोन तक पहुंचने में कामयाब रही और व्हाट्सएप चैट को डाटा रिकवर कर लिया। तो सारा माजरा सामने आ गया। व्हाट्सएप चैट के रिकॉर्ड को देखकर महिला दंग रह गई। उसने पूराने रिकार्ड मे अपने पति के साथ एक अन्य महिला के मेसेज पढ़ा जिसके बाद यह पक्का हो गया कि उसका उस महिला के साथ शारीरिक संबंध थे। (One month of marriage and the husband turns out to be the father of the child. Case filed against the boy and his family)

    अवैध संबंध को कबूल किया

    पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया, कि जब उसने इस बात को लेकर अपने पति का सामना किया, तो उसने इस संबंध को कबूल कर लिया और कहा कि वह पिछले चार सालों से दूसरी महिला के साथ रिश्ते में था। एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि मोबाइल के मेसेज से यह भी पता चला कि उस महिला के दो बच्चे थे, और छोटा बच्चा शिकायतकर्ता के पति का बच्चा था। (One month of marriage and the husband turns out to be the father of the child. Case filed against the boy and his family)

    महिला को घर से बाहर निकाल दिया।

    महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा, कि “जब मैंने उससे पूछा कि उसने मुझसे शादी क्यों की, तो उसने कहा कि वह दोनों रिश्तों को संभाल सकता है, जिसके कारण तीखी बहस हुई। इसके बाद मेरे पति और ससुराल वालों ने मुझे घर से बाहर निकाल दिया, जिसके बाद मैं मुंबई आ गई।” महिला ने आगे बताया कि उसके पति और ससुराल वालों ने बाद में उसे फोन किया और धमकी दी, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। (One month of marriage and the husband turns out to be the father of the child. Case filed against the boy and his family)

  • गेमिंग ऐप के जरिए दोस्ती, नाबालिग लड़की से बलात्कार

    गेमिंग ऐप के जरिए दोस्ती, नाबालिग लड़की से बलात्कार

    ऑनलाइन गेमिंग युवा पीढ़ी के सर चढ़ कर बोल रहा है। ऑनलाइन गेम खेलते हुए कई अंजाने बच्चे दोस्ती कर बैठते है। जबकि उन्हें पता भी नही होता सामने वाला किस मंशा में आप से दोस्ती बढ़ा रहा है?

    महाराष्ट्र– ऑनलाइन गेम ‘फ्री फायर‘ के जरिए हुई दोस्ती को लेकर गढ़चिरौली पहुंच गया और अकेली नाबालिग लड़की के घर में घुसकर रात भर दुष्कर्म किया। यह चौंकाने वाली घटना 12 जनवरी को सामने आई। नागरिकों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान नासिक के मालेगाव का रहनेवाला 22 वर्षीय मोहम्मद सऊद राजू शमसुद्दीन अंसारी के रूप में हुई है।

    क्या है मामला ?

    गढ़चिरौली के अहेरी की रहने वाली 14 वर्षीय लड़की की मुलाकात ऑनलाइन गेम ‘फ्री फायर’ खेलते समय आरोपी लड़के के साथ हुई थी। इसके बाद दोनों में रोजाना चैटिंग होने लगी। इसके बाद वे फोन पर बात भी करने लगे। दोस्ती प्यार में बदल गई। इसका फायदा उठाकर आरोपी युवक 11 जनवरी को नासिक से अहेरी पहुंच गया। लड़की के माता-पिता उस समय काम के सिलसिले में शहर से बाहर गए हुए थे।

    इस दौरान वह लड़की के घर पर रुका और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बीच सुबह जैसे ही कुछ लोगों को पता चला कि एक अज्ञात युवक पीड़िता के घर पर है, नागरिकों ने उसे लड़की के घर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। लड़की के बयान के आधार पर कानूनी धाराओं के साथ लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया।

    इस घटना ने अहेरी के माता-पिता को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी मोहम्मद सऊद अंसारी को 13 जनवरी को अहेरी सत्र न्यायालय में पेश किया गया। इस समय न्यायालय ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस निरीक्षक स्वप्निल इज्जपवार ने बताया कि आगे की जांच जारी है।

    सोशल मीडिया पर परिचितों के माध्यम से दुर्व्यवहार की घटनाएं अक्सर शहरी क्षेत्रों में देखने को मिलती हैं। हालांकि, गढ़चिरौली के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसके फैलने की तस्वीर सामने आ रही है। अहेरी में हुई घटना ने माता-पिता को झकझोर कर रख दिया है। इससे पहले ऑनलाइन गेमिंग के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। इस बीच, बुजुर्गों से बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी के ऐसे ही मामले सामने आए थे। लेकिन अब इस माध्यम से नाबालिग लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाया जा रहा है। इनमें से कुछ ही मामले सुलझ पाते हैं, जबकि कई मामलों में अभिभावक सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण शिकायत करने के लिए आगे भी नहीं आते। इसलिए प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को मोबाइल देते समय उन पर नजर रखें।

  • मुंबई में 500 के नकली नोटों की छपाई, पुलिस ने किया 4 लोगों को गिरफ्तार

    मुंबई में 500 के नकली नोटों की छपाई, पुलिस ने किया 4 लोगों को गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने 500 रुपये के नकली नोट छापकर वितरित करने वाले गैंग का खुलासा किया है। साधारण तरीके से इन नोटों को कोई पहचान नही पाएगा। हाइटेक तरिके से बनाए जाने वाले इस नकली नोटों के गिरोह का भायखला पुलिस ने भांडाफोड़ किया है। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)

    इस्माईल शेख
    मुंबई– आरबीआई लगातार अपने गाइडलाइन में कहता आ रहा है कि नकली नोटों से सावधान रहें। लेकिन जाली नोट के साथ सबसे बड़ी दिक्कत ये होती है कि इसे पहचानना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि जालसाज टेक्नोलॉजी की मदद से हूबहू असली नोटों से मिलते जुलते नकली नोट बना रहे हैं। भायखला पुलिस ने जिस गिरोह का पर्दाफाश किया है उनके पास से पुलिस ने भारतीय चलन के नकली नोट बनाने के हाइटेक उपकरण भी बरामद किया है। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)

    भायखला पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव ने जानकारी देते हुए बताया, कि पुलिस थाने के डिटेक्शन ऑफिसर को उनके मुखबिरों से इसकी जानकारी प्राप्त हुई थी। मुखबिरों ने बताया कि भायखला पूर्व मे प्रसाद पान बिड़ी जनरल स्टोर के पास कुछ लोग भारतीय चलन के नकली नोट बेचने के लिए आने वाले है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर दो टीमों का गठन किया गया और घटना स्थल पर जाल बिछाकर दो पंचों के समक्ष 3 लोगों को पकड़ा और उनकी तलाशी ली गई। तलाशी में उनके पास से 500 रुपये के 200 नकली नोट बरामद हुए। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)

    पालघर मे नोट छापने की फैक्ट्री

    पुलिस ने बताया, कि मौके से आरोपियों को हिरासत में लेकर गु.र.क्र. 12/2025 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 178, 179, 180, 181, 182, 3(5) के तहत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ मे उमरान उर्फ आसिफ बलबले ने बताया कि खलील अंसारी और नीरज वेखंडे ये दोनों पालघर जिले के वाडा मे नकली नोट बनाकर इन लोगों को बाजार मे वितरित करने के लिए भेजते हैं। इसकी जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर क्राइम डिटेक्शन की टीम ने वाडा में लगातार दो दिनों तक जांच पड़ताल की। वहां के लोगों की मदद और तांत्रिक विश्लेषण के बाद नीरज वेखंडे को पुलिस ने धर दबोचा। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)

    कैसे बनाया जाता है नकली नोट ?

    नीरज से पूछताछ मे उस जगह का पता चला जहां बनावटी नोट तैयार किया जाता था। वहां खलील अंसारी भी पकड़ा गया। मौके पर से पंचनामा कर पुलिस ने नकली नोट बनाने के साहित्य हस्तगत कर लिए। इसमे एक लैपटॉप, चार्जर, माऊस, कलर प्रिंटर, चांदी के कलर का लेमिनेशन मशीन, ए4 साइज़ के 1367 बटर पेपर (इस प्रत्येक पेपर के एक तरफ 500 रुपये के 4 नोट छपे थे), जाली नोटों के बीच अंग्रेजी अक्षर में लिखा RBI वाला तार, 8/10 का दो स्क्रीन प्रिंटिंग करने वाला डाय, छोटे-बडे 6 रबर, लकड़ी से बनाया हुआ स्क्रीन प्रिंटिंग रोलर, ए4 साइज़ लेमिनेशन फिल्मस, जाली नोट डिटेक्टर (यू वी लाइट मशीन), वाटर मार्क ट्रेसिंग पेपर जिसपर अंग्रेजी अक्षर में 500 छापा गया था, बनावटी नोट सुखाने के लिए इलेक्ट्रिक सिगडी, लोहा और स्टिल के 20 स्टेशनरी कटर, 50 नग सादा बटर पेपर, 15 फुट लंबा तंगूस का धागा आदी साहित्य सामग्री पुलिस ने अपने ताबे में लेकर इसकी और अधिच पड़ताल कर रही है। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम

    गिरफ्तार आरोपियों मे एक मुंब्रा और एक वाडा का रहने वाला है जबकि दो भायखला संत सावंता मार्ग और पंगेरी चाल के पास का रहने वाला है। इसमें 48 वर्षीय उमरान उर्फ आसिफ उमर बलबले (मुंब्रा, ठाणे जिला), 42 वर्षीय यासिन युनूस शेख (संत सावंत मार्ग, भायखला, मुंबई), 45 वर्षीय भीम प्रसादसिंग बडेला (पंगेरी चाल के पास, भायखला, मुंबई), 25 वर्षीय नीरज वेखंडे (निहाल पाडा, वाडा तालुका, पालघर जिला, महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की और अधिक तहकीकात की जा रही है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अबतक इन लोगों ने कितने नकली नोट छापे है? और कहां-कहां वितरित किए है। पुलिस ने और भी गिरफ्तारी होने की संभावना जताई है। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)

  • BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    बम्बई के सरकारी अस्पतालों में दवाओं को लेकर संकट गहरा रहा है। 120 करोड़ रूपये का बकाया नही मिलने के कारण दवाई आपूर्ति करने वाले कंपनियों ने सप्लाई पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बम्बई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है। जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    क्या है पूरा मामला?

    मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई

    बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    BMC ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

  • मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालाड़ पश्चिम के मालवनी कच्चा रोड़ से एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को लेकर भारतीय जनता पार्टी बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए लोगों की मुलभुत सुविधाओं से खिलवाड़ कर रही है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मालाड़ पश्चिम के एक छोटे से ब्रिज को लेकर राजनीती तेज हो गई है। लेकिन इस राजनीतिक खेल में अकेले भारतीय जनता पार्टी लोगों के मुलभुत सुविधाओं के साथ खेल कर रही है और दूसरी पार्टियों के स्थानीय दिग्गज नेता मुकदर्शी बने तमाशा देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये सारा खेल एवरशाइन नगर के किनारे खाली पड़ी जमीन के बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जबकि यही जमीन कभी मैंग्रोवस से भरी हुआ करती थी। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    भाजपा की दोहरी राजनीति से लोग परेशान

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना एवरशाइन नगर के निवासियों की आवाज बनकर मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर कहा जा रहा है कि इस ब्रिज पर बाइक सवारों की वजह से दुर्घटना का खतरा है। जबकि एक समाजसेवक को यह जानने की जरूरत है कि इस ब्रिज के कारण लाखों लोगों को सफर करने में सहूलियत मिलती है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो शहर में कोई भी किसी भी रोड़ और रास्ते को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठ जाएगा और दूसरी तरफ अगर इस ब्रिज को तोड़ दिया गया तो लाखों लोगों को मालवनी से बाहर निकलने के लिए लंबा और ट्रेफिक से जाम का सफर तय करना पडेगा। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    आम लोगों ने क्या कहा?

    दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को मालवनी की जनता से कोई लेना देना नही है वो अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती है। लेकिन हमारे इलाके के विधायक क्यों खामोश हैं। एक तरफ इसी ब्रिज को बनाने के लिए सरकारी खजाने का करोड़ों रूपया खर्च किया जाता है और दूसरी तरफ बेतूके कारण बता कर उसे तोड़कर आम लोगों का नुकसान किया जाता है। ये तो आम जनता के साथ सरासर अन्याय है। बता दें कि भाजपा के तेजिंदर सिंह तिवाना बेतूके कारण बताकर आंदोलन का इशारा दे रहे हैं। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    क्या है पूरा मामला?

    तेजिंदर सिंह ने बताया कि एवरशाइन नगर के निवासियों ने पुल पर अवैध रूप से बनाए गए रैंप को ध्वस्त करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को अल्टीमेटम देने का फैसला किया है। निवासियों ने इस पैदल यात्री पुल का उपयोग करने वाले दोपहिया वाहन सवारों के लिए खतरे पर चर्चा करने के लिए शनिवार शाम को एक सार्वजनिक बैठक का आयोजन किया। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    निवासियों द्वारा BMC और पुलिस को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि रैंप के कारण कई दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें से कई में वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। निवासियों ने बाइकर्स को प्रवेश की अनुमति देने वाले रैंप को ध्वस्त करने, FOB पर बाइकर्स को इसका उपयोग करने से रोकने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस को तैनात करने और बाइकर्स को पुल पर जाने से रोकने के लिए बोलार्ड लगाने की मांग की है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    विरोध प्रदर्शन की योजना

    निवासियों ने 20 जनवरी तक की समयसीमा तय की है, जिसके विफल होने पर वे एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं, जिसमें एवरशाइन नगर के निवासी और भाजपा कार्यकर्ता तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन भी शामिल है। बैठक में तिवाना ने कहा, “हमने इन अवैध रैंपों को गिराने के लिए बीएमसी और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    समाज सेवकों से अपील

    इस ब्रिज को जबरन अगर प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। तो मालवनी और मालाड़ के लाखों समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि एवरशाइन से सटे रिक्त भूखंड पर क्या होने वाला है उस पर नजर बनाए रखें। बता दें कि इसके पहले यहाँ मैंग्रोवस की घनी झाडियां हुआ करती थी। कुछ साल पहले इसी ब्रिज के अचानक गिर जाने की वजह से काफी सारे लोग घायल हुए थे। उसी समय धडल्ले से यहा अवैध मिट्टी की भरनी कर मैंग्रोवस को नष्ट कर दिया गया। इस अवैध भरनी की शिकायत पर भरनी माफिया चौरसिया के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज है। जबकि ध्यान देने बात यह है कि आज भी यहां मैंग्रोवस की झाड़ियां मौजूद है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

  • मिलेंगे 2 बिछड़े दोस्त, फडणवीस और उद्धव के सुर एक

    मिलेंगे 2 बिछड़े दोस्त, फडणवीस और उद्धव के सुर एक

    Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में नए गठबंधन की सुगबुगाहट दिख रही है। उद्धव ठाकरे के सियासी कदम और फडणवीस के बयानों से लग रहा है कि भाजपा और उद्धव सेना में कुछ खिचड़ी पक रही है। खुद फडणवीस ने कह, “सियासत…”

    Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में नए साल में नए समीकरण की संभावनाएं दिखने लगी हैं। नगर निगम और पंचायती चुनाव से पहले महाराष्ट्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। देवेंद्र फडणवीस और उद्धव के बीच कुछ तो पक रहा है। सवाल है कि क्या दो पुराने बिछड़े दोस्तों का मेल होगा? ऐसा इसलिए क्योंकि देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। खुद फडणवीस और उद्धव ने अपने बयानों से इन अटकलों को और हवा दे दी है। खुद देवेन्द्र फडणवीस ने संकेत दिया है कि उद्धव सेना और बीजेपी के बीच गठबंधन हो सकता है। फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बयानों पर अगर नजर डालें तो दोनों ही कहते हुए पाए जा रहे हैं कि “राजनीति में कुछ भी असंभ नहीं है।” (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)

    अकेले चुनाव लड़ने का फैसला

    महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को कहा कि शिवसेना (UBT) ने आगामी नगर निकाय चुनाव अकेले लड़ने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि पार्टी को यह अहसास हो गया है कि 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता तोड़कर कांग्रेस के साथ गठबंधन करना एक बड़ी भूल थी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) की हार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच, इसके प्रमुख घटक दल शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने दिन में घोषणा की थी कि वह स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ेगी।

    अलग क्यों हुए?

    उद्धव ठाकरे ने 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के साथ कई दशक पुराना गठबंधन तोड़ दिया था और दावा किया था कि भाजपा ने मुख्यमंत्री पद साझा करने का वादे को पूरा नहीं किया इसलिए वह अलग हो रहे है। उन्होंने कांग्रेस और (अविभाजित) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन किया और 2019 से 2022 तक मुख्यमंत्री रहे। (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)

    कल क्या होगा ?

    खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र में सियासी लहर तेजी से बहने लगी है। कारण कि देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे ने भविष्य में हाथ मिलाने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया है। नागपुर के एक कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से यूबीटी और बीजेपी के साथ आने की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ जवाब नहीं दिया। उन्होंने घुमाकर कहा, ‘राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है।’ फडणवीस का यह बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि उद्धव का सुर भी कुछ ऐसा ही था। जब मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूबीटी चीफ उद्धव से भी यही सवाल पूछा गया था। तो उन्होंने कहा, ‘राजनीति में कुछ भी हो सकता है। यह नहीं कह सकते कि कल क्या होगा।’ (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)

    दोनों के एक जैसे बोल

    दरअसल, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने एक इंटरव्यू में राज ठाकरे या उद्धव ठाकरे से पूछे गए एक सवाल पर सांकेतिक प्रतिक्रिया दी। फडणवीस ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे पहले हमारे मित्र थे। अब राज ठाकरे हमारे मित्र हैं।’ लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे हमारे दुश्मन नहीं हैं। राजनीति विशेषज्ञ मुख्यमंत्री के ऐसे घुमावदार बयानों को गठबंधन के संकेत के रूप में देख रहे हैं। क्योंकि राज्य में नगर निगम और पंचायती चुनाव होने जा रहे हैं। नए समीकरण को लेकर हैरानी इसलिए भी नहीं हो रही है, क्योंकि चुनाव से पहले उद्धव और फडणवीस दोनों एक-दूसरे पर हमलावर थे। मगर अब दोनों एक-दूसरे के प्रति नरमी दिखा रहे हैं। दोनों ही एक जैसी भाषा बोल रहे हैं। (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)

  • महाराष्ट्र में तेजी बढ़ रहा है ‘टकला वायरस’, खुजली के 2-3 दिनों झड़ जाते हैं बाल

    महाराष्ट्र में तेजी बढ़ रहा है ‘टकला वायरस’, खुजली के 2-3 दिनों झड़ जाते हैं बाल

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    पूरी दुनिया से लेकर हमारे भारत देश में भी चीन से पनपे एचएमपी वायरस (HMP Virus) का खौफ जारी है। इस बीच महाराष्ट्र में एक अजीबोगरीब बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। इस बीमारी में लोगों के कुछ ही दिनों में बाल झड़ जा रहे हैं। इसकी वजह से लोगों में खौफ का माहौल उत्पन्न हो रहा है। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    राज्य के बुलढाणा जिले में यहां के लोग एक गंभीर रोग से जूझ रहे हैं। दरअसल, यहां पर एक के बाद एक लोगों के बाल अचानक से झड़ते जा रहे हैं। जिले में हो रही बाल झड़ने की इस अजीब घटना से लोगो में खौफ पैदा हो गया है। इस दुर्लभ बीमारी की चपटे में पुरुष, महिलांए और बच्चे भी आ रहे हैं। इसमें सर से कुछ ही दिनों के अंदर बाल झड़ रहे हैं और गंजेपन का शिकार हो रहे हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    अब तक, बुलढाणा जिले के गांवों में फैली इस बीमारी की गिरफ्त में लगभग 30 से 40 लोग आ चुके हैं। उनका कहना है कि उनके सिर से बाल कुछ ही दिनों के अंदर झड़ रहे हैं। जिले में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी जांच में जुट गए हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    गंजेपन का शिकार

    हालांकि, इनमें भी कई मामले ऐसे हैं जहां पर लोग पूरी तरह गंजे हो रहे हैं। इस दुर्लभ बीमारी के कारण लोग काफी हैरत में पड़ गए हैं। बुलढाणा में लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इस रोग के फैलने के पीछे क्या रहस्य हो सकता है। इस अजीबोगरीब घटना के सामने आने के बाद यहां के लोग काफी डरे हुए हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    जिले में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ विभाग के अधिकारी बोंडगांव, कालवाड़ और हिंगना गांवों में पहुंच गए हैं। यहां पर उन्होंने बीमारी का कारण जानने के मरीजों की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान एक बीमार महिला ने बताया कि बीते रविवार से उसके बाल झड़ रहे हैं। उन्होंने अपने बालों को एक छोटे से बैग में एकत्रित करके रखा और उसे स्वास्थ्य अधिकारी को दिखाया। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    फैल रही बीमारी

    इसके अलावा एक युवक ने बताया कि बीते 10 दिनों से उसके बाल तेजी से झड़ने लगे हैं। उन्होंने बताया कि उनके चेहरे की दाढ़ी भी झड़ रहे हैं। इस बीमारी के बाद कई लोगों ने अपने सिर मुंडवा दिया है। स्वास्थय अधिकारियों की टीम में शामिल एक स्किनकेयर एक्सपर्ट ने बताया कि जिले के तीनों गांवों से जमा किए गए पानी के सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    इस बारे में जिला स्वास्थ्य अधिकारी अमोल गीते ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में बढ़ रहे मामलों के बाद हमने गांव में एक स्किन एक्सपर्ट और एक महामारी विशेषज्ञ को भेजा। इसके बाद पता चला कि 99 फीसदी मामलों में मरीजों को सिर की त्वचा में फंगल संक्रमण पाया गया है। इस वजह से लोगों के सर से बाल झड़ रहे हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

    पानी की होगी जांच

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हम पानी की भी जांच करेंगे। हो सकता है कहीं उसमें भारी धातुएं तो नहीं हैं? क्योंकि वे फंगल संक्रमण को बढ़ावा देती हैं। हम 2 से 4 मरीजों की त्वचा के नमूने लेंगे और उन्हें माइक्रोस्कोपी के लिए अकोला मेडिकल कॉलेज भेजेंगे। गीते ने कहा कि पानी के नमूनों की जांच और बायोप्सी की रिपोर्ट दो-तीन दिनों में आ जाएगी। बाल झड़ने के कारणों के बारे में अभी कुछ भी ठोस नहीं कहा जा सकता ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching

  • चुनाव खत्म हुआ तो विवादों में फंसी ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’, क्या हुआ 2100  का वादा?

    चुनाव खत्म हुआ तो विवादों में फंसी ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’, क्या हुआ 2100  का वादा?

    महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ अब विवादों में फंस गई है। सरकार इसमें अनियमितता को लेकर क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही है। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि चुनाव खत्म तो मामला खत्म। साथ ही राज्य के कृषि मंत्री का कहना है कि इससे किसानों की कर्जमाफी योजना प्रभावित हो रही है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में बहुचर्चित ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना‘ अब विवादों में फंस गया है। 2 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले महायुति गठबंधन ने इस योजना को लागू किया और चुनाव प्रचार में इसका भरपूर इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, चुनाव से पहले महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपए की कुल 5 किश्तें भी जमा कराई और दावा किया गया कि चुनाव जीतते ही इस योजना के लाभार्थियों को 1500 की जगह 2100 रुपए दिया जाएगा। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    2100 बना चुनावी जुमला

    राज्य की महिलाओं ने महायुति को चुनाव तो जिता दिया, लेकिन अब तक उनके खाते में 2100 रुपये की रकम नहीं आई। और तो और 1500 देने मे भी सरकार आना-कानी कर रही है। राज्य के कृषि मंत्री ने यहां तक ​​कह दिया कि लाडकी बहिन योजना की वजह से किसानों की कर्जमाफी योजना प्रभावित हो रही है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ अब विवादों में आ गई है। विधानसभा चुनाव में वादा किया गया था कि चुनाव जीतने के बाद इस योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 कर दी जाएगी। लेकिन चुनाव जीतते ही इस योजना के लाभार्थियों की जांच शुरू कर दी गई। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    कहां हुई गडबडी ?

    आरोप है कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस योजना के तहत दो बार पंजीकरण कराया और दो बार पैसे भी ले लिए। एक ही घर की 4 से 5 महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया। जिनके पास 4 पहिया वाहन हैं वे भी लाभार्थी बन गईं और जो शादी करके दूसरे राज्य में चले गए है उन लोगों ने भी इस योजना का फायदा उठा लिया। इतना ही नहीं, जिनकी सालाना आय 2.5 लाख से अधिक है वो भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब सरकारी यंत्रणा ऐसे लाभार्थियों की सूची बनाकर उन्हें इस योजना से हटा रही है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    क्रॉस वेरिफिकेशन

    अब तक 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं, जबकि सूची छांटने के बाद यह संख्या करीब 25 लाख कम हो जाएगी. वहीं, राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे का कहना है कि पात्र लाभार्थियों को क्रॉस वेरिफिकेशन प्रक्रिया से परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 2 महीनों में हमारे पास लाडकी बहिन योजना लाभार्थियों के बारे में कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनके आधार पर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। आईटी विभाग की मदद ली जा रही है। आधार कार्ड का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को इस प्रक्रिया से परेशान होने की जरूरत नहीं है। हमारा उद्देश्य है कि अधिकतम लाभार्थियों को योजना का लाभ मिले। लेकिन हमें जो शिकायतें मिली हैं, उनका समाधान करने की जरूरत है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाना और जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपए से कम है, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    विपक्ष और पक्ष दोनों ने लगाया आरोप

    महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लाडकी बहिन योजना’ को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी फायदे के लिए बिना उचित जांच के इस योजना को शुरू कर दिया गया, जिसके कारण अपात्र लाभार्थियों को भी इसका फायदा मिला। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि सरकार ने वोट पाने के लिए मानदंडों को सख्ती से लागू किए बिना लाभार्थियों को पैसे बांटे। राउत ने यह भी कहा, कि ‘वह सिर्फ चुनावी नारा था, चुनाव से पहले पैसे देकर वोट लिए गए, उसके बाद मामला खत्म हो गया।’ (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    एक ही महिला को कई योजनाओं का मिला लाभ

    वहीं, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने भी आरोप लगाया कि लड़की बहन योजना के कारण किसानों के हित की कई योजनाएं बंद हो गईं। उन्होंने अपनी ही सरकार के लाडकी बहिन योजना पर 45 हजार करोड़ और किसान कर्ज योजना पर 15 हजार करोड़ हर साल व्यर्थ में बांटने का आरोप लगाया। अब अगर हमारे मंत्रालय को और पैसा मिलेगा तो हम किसानों को किसान सम्मान योजना का लाभ दे पाएंगे। वैसे भी इस योजना का पैसा महिलाएं लेती हैं और सिर्फ प्रपंच पर खर्च करती हैं। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    उन्होंने कहा, ‘इस बात को सभी लोग जानते हैं कि हमारे घर में भी महिलाएं हैं। महिलाओं को दिया जाने वाला पैसा अब सिर्फ प्रपंच पर खर्च होता है। लड़की बहन योजना का पैसा भी इधर-उधर किया गया। बच्चों के लिए ये लो, उनके लिए वो लो। बेकार का खर्च, और कुछ नहीं.’ उनका कहना है कि जो महिलाएं मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना में सरकारी पैसा ले रही हैं, उन्हें किसान सम्मान योजना में पैसा नहीं लेना चाहिए। मुझे बताइए कि एक महिला दो सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे ले सकती है? सरकार को इस पर जीआर लाना चाहिए। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    क्या बंद हो जाएगा मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना ?

    मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना को लेकर विवादों के बीच लोगों में इस योजना को बंद किए जाने को लेकर चर्चाऐ आम होने लगी है। लोगों को अब लगने लगा है कि शायद महायुति की सरकार ने लोगों को ‘चुनावी जुमले’ जैसे वादों मे फंसा कर धोखा दिया है और अब चुनाव मे जीत हासिल करने के बाद पैसा देना बंद कर दिया है। वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि इस योजना को बंद नहीं किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को सहायता मिलती रहेगी। उन्होंने कहा, कि सरकार ने लाडकी बहिन योजना शुरू की थी, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डालने की कोशिश की। फिलहाल ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ को बंद नहीं किया गया है। हालांकि, सरकार ने संकेत दिया है कि पात्रता मानदंडों की सख्ती से जांच की जाएगी ताकि केवल पात्र लाभार्थियों को ही इसका लाभ मिल सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना का उद्देश्य सही लाभार्थियों तक पहुंचे और किसी भी तरह की अनियमितता से बचा जा सके। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)