Category: Mumbai News

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  • मुंबई के रानी बाग में बनेगा देश का पहला इंटरनैशनल वॉटर एक्वेरियम

    मुंबई के रानी बाग में बनेगा देश का पहला इंटरनैशनल वॉटर एक्वेरियम

    Under Water Aquarium : मुंबई के रानी बाग में देश का पहला अंतर्राष्ट्रीय वॉटर टनल एक्वेरियम बनने जा रहा है। बीएमसी इस पर 60 करोड़ रुपये खर्च करेगी। 5000 वर्ग मीटर में बनने वाले इस एक्वेरियम में देशी-विदेशी मछलियों की 50 प्रजातियां होंगी।

    मुंबई: देश का पहला अंतर्राष्ट्रीय स्तर का वॉटर टनल एक्वेरियम मुंबई के भायखला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले प्राणी उद्यान (रानी बाग) में बनाने जा रही है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) इसको लेकर 60 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके लिए मार्च 2024 में बीएमसी ने टेंडर जारी किया था, जिसे अब फाइनल कर दिया गया है।

    भायखला के वीरमाता जीजाबाई भोसले प्राणी उद्यान (रानी बाग) के एक अधिकारी ने बताया कि यह एक्वेरियम पेंग्विन कक्ष के सामने 5000 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। इसमें देशी-विदेशी मछलियों की लगभग 50 प्रजातियों को रखा जाएगा।

    2026 तक होगा तैयार

    एक्वेरियम में बच्चों के लिए पॉप ऑफ विंडो बनाया जाएगा। अधिकारी के अनुसार मई, 2025 के आख़िरी तक एक्वेरियम का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, कि हमें उम्मीद है कि अप्रैल, 2026 तक एक्वेरियम बन कर तैयार हो जाएगा।

    कैसा रहेगा एक्वेरियम ?

    अधिकारी ने कहा कि यह एक्वेरियम ऐसा बनाया जाएगा जिसमें प्रवेश करते समय आप को लगेगा कि जैसे आप समुद्र में उतर रहे हैं। ऊपर टनल में मछलियां तैरती हुई नज़र आएंगी। पर्यटकों को मछलियों के साथ उनके जलीय जीवन का भी अनुभव होगा।

    दो भागों में होगा खास

    यह एक्वेरियम टनल गोलाकार शेप में दो भागों में बनाया जाएगा। जिसका एक भाग 14 मीटर लंबा होगा, इसमें कोरल फिश रखी जाएंगी। जबकि, दूसरा 36 मीटर की दूरी पर बनेगा और इसमें विभिन्न प्रकार की फिश और गहरे समुद्र के जलीय जीवन देखने को मिलेंगे।

    आधुनिक सुविधाओं का खयाल

    इन दोनों टनल को जोड़ने में एक और घुमावदार प्रवेश मार्ग बनेगा। विशेष रूप से बच्चों को 360 डिग्री घूमने और मछली को करीब से देखने के लिए एक पॉपअप विंडो उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी क्षमता करीब 10 लाख लीटर पानी की होगी। अधिकारी ने बताया कि अंडरग्राउंड एक्वेरियम की ऊंचाई 4 मीटर से ऊपर होगी। इसमें फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी गेट, वेंटिलेशन, एयर कंडीशनर, कूलिंग, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी।

    उद्धव सरकार की पहल

    बता दें कि पहले यह वर्ली में बनने वाला था, उद्धव ठाकरे सरकार में पर्यावरण मंत्री रहते हुए आदित्य ठाकरे ने वर्ली में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्वेरियम बनाने की घोषणा की थी। राज्य में एकनाथ शिंदे सरकार बनने के बाद एक्वेरियम प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया। जिसके बाद फिर इसे रानीबाग शिफ्ट कर दिया गया है।

    क्या होंगी विशेषताएं ?

    • 5000 वर्ग मीटर में बनेगा एक्वेरियम
    • 60 करोड़ रुपये ख़र्च करेगी बीएमसी
    • 02 भागों वाली होगी टनल शेप
    • 14 मीटर लंबा होगा पहला भाग
    • 36 मीटर की दूरी पर दूसरा भाग
    • 10 लाख लीटर पानी की होगी क्षमता
    • 50 प्रजातियां दुर्लभ फिशेज की होंगी
    • 360 डिग्री घूमने की होगी व्यवस्था
    • 2026 के अप्रैल में होगा बनकर तैयार
  • Mumbai: सोमवार को मध्य रेल की सेवाएं पड़ सकती है ठप्प

    Mumbai: सोमवार को मध्य रेल की सेवाएं पड़ सकती है ठप्प

    मोटरमैन के विरोध प्रदर्शन से सोमवार को मध्य रेल की सेवाएं बाधित हो सकती है। सरकार द्वारा निगरानी को लेकर अतिरिक्त कैमरा लगाए जा रहे हैं। जो एआई तकनीक के जरिए लोको पायलट के इशारों पर नजर रखेगा।

    मुंबई- मध्य रेलवे की मुंबई लोकल ट्रेन सेवाएं सोमवार को बुरी तरह से प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। ट्रेन चालक मोटरमेन रेल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्यूटी बढ़ा कर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही लोको पायलट के ड्राइविंग कैब में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) नामक एक नई प्रणाली के तहत कैमरे लगाए जाने के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। यह नई तकनीक एआई सॉफ्टवेयर तकनीक पर काम करती है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    ADAS कैसे काम करता है?

    ADAS एक ऐसी तकनीक है जो वाहन के आस-पास की निगरानी करने और संभावित खतरों का पता लगाने के लिए सेंसर, कैमरे और अन्य तकनीकों का उपयोग करके ड्राइविंग के विभिन्न पहलुओं, सुरक्षा को बढ़ाने, कार्यभार को कम करने और समग्र ड्राइविंग अनुभव को बेहतर बनाने में ड्राइवरों की सहायता करती है। इसमें चेतावनी दी जाती है या सुधारात्मक कार्रवाई भी करती है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    मुंबई CSMT पर सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (CRMS) द्वारा नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि ट्रेन मोटरमैन रविवार सुबह से “नियम के अनुसार काम करेंगे।” जबकि मध्य रेलवे (Central Railway) के अधिकारियों ने कहा कि वे यूनियन के साथ बातचीत कर रहे हैं, अगर मुद्दे हल नहीं हुए तो यात्रियों को सोमवार सुबह से इसका असर महसूस हो सकता है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    चेतावनी भरा पत्र

    CRMS लोको रनिंग स्टाफ के अनिल दुबे द्वारा मुंबई सेन्ट्रल रेलवे के डिवीजनल रेलवे मैनेजर को एक चेतावनी पत्र भेजी गई है। पत्र में इस बात पर आपत्ति जताई गई है कि चालक के कैब में कैमरे लगाए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मोटरमैन संकेत दे रहा है या नहीं? संकेत लेना और संकेत देना ट्रेन चलाने में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त व्यावसायिक सुरक्षा अभ्यास है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण संकेतकों की ओर इशारा करके और मौखिक रूप से उनकी स्थिति बताकर गलतियों से बचना है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    अनावश्यक संदेह

    सीआरएमएस लोको रनिंग स्टाफ शाखा ने पाया, कि मोटरमैन के ठीक सामने कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि यह देखा जा सके कि वह हाथ के इशारों के साथ संकेत दे रहा है या नहीं? जबकि मोटरमैन कैब में बैठकर ट्रेन चलाता है। दुबे ने कहा, “नौकरी की एकल-व्यक्ति प्रकृति के कारण, हाथ के इशारों से संकेत देना संभव नहीं है और इससे ट्रेन संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। कैमरे लगाने से ईमानदारी और निष्ठा से काम करने वाले कैडर को अनावश्यक रूप से संदेह के घेरे में लाया जा रहा है।” (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    एकाग्रता भंग होने का खतरा

    उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यपूर्ण है कि लंबे समय से लंबित मोटरमैन की शिकायतों का समाधान करने के बजाय प्रशासन अन्य अनावश्यक चीजों पर पैसा खर्च कर रही है। उक्त व्यस्त परिस्थितियों में काम करते समय अकेले मोटरमैन के लिए हाथ के इशारों से सिग्नल बताना संभव नहीं है, क्योंकि कैब में पावती देने के लिए कोई मौजूद नहीं होता। बिना किसी पावती के बार-बार हाथ के इशारों से सिग्नल बताने से मोटरमैन की एकाग्रता भंग हो सकती है।” (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    विरोध प्रदर्शन की संभावना

    दुबे ने कहा कि मोटरमैन को एक ही दिशा में सभी लाइनों के बीच अपनी लाइन के सिग्नलों की पहचान करते समय अविभाजित एकाग्रता देते हुए, पटरियों और ओवरहेड उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, तटस्थ खंडों पर बातचीत करते हुए, सभी स्थायी और अस्थायी गति प्रतिबंधों का पालन करते हुए, सभी गेज और लैंपों पर कड़ी नजर रखते हुए – यात्रियों के साथ विवादों और अतिचारियों के कारण उत्पन्न तनाव के बीच – प्रत्येक स्टेशन पर ईएमयू लोकल ट्रेन के ठहराव पर ट्रेन को ठीक उसी स्थान पर रोकना पड़ता है, जहां भीड़ बढ़ने के कारण ब्रेक पावर बदल दिया जाता है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि मोटरमैन यूनियन के साथ बातचीत पहले से ही चल रही है और जल्द ही विरोध प्रदर्शन पूरा होने की संभावना है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

  • महाराष्ट्र भर में 21 मई को ऑटोरिक्शा युनियन करेंगी हड़ताल

    महाराष्ट्र भर में 21 मई को ऑटोरिक्शा युनियन करेंगी हड़ताल

    महाराष्ट्र ऑटो रिक्शा यूनियनों ने ई-बाइक टैक्सी की मंजूरी के खिलाफ 21 मई को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यह विरोध प्रदर्शन महाराष्ट्र भर के सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) के सामने किया जाएगा।

    मुंबई: महाराष्ट्र ऑटो रिक्शा चालक-मालक संघ की संयुक्त कार्रवाई समिति ने महाराष्ट्र की राज्य सरकार द्वारा ई-बाइक टैक्सियों को हाल ही में दी गई मंजूरी का विरोध करते हुए 21 मई, 2025 को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यह विरोध प्रदर्शन महाराष्ट्र भर के सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) के सामने किया जाएगा। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    मिली जानकारी के मुताबिक 27 अप्रैल को संयुक्त कार्रवाई समिति की बैठक के दौरान आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया था। राज्य भर के 15 लाख से अधिक ऑटो-रिक्शा चालकों का प्रतिनिधित्व करने वाली समिति ने सरकार के इस कदम को उनकी आजीविका और आमदनी के लिए सीधे तौर पर खतरा बताया है। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    बेरोजगार युवाओं को मिलेगा मौका

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार ने अप्रैल 2025 में ई-बाइक टैक्सियों की सेवा शुरु करने को लेकर मंजूरी दे दी। बताया गया, कि इस पहल का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करते हुए किफायती, पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देना है। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    दैनिक आय के लिए खतरा

    हालांकि, रिक्शा यूनियनों का तर्क है कि अनुमोदन प्रक्रिया एकतरफा रहा और इसमें उन हितधारकों के साथ पर्याप्त परामर्श का अभाव भी रहा। इस साझेदारी में सीधे तौर पर ऑटोरिक्शा कारोबार और उनकी आमदनी पर प्रभाव पडेगा। एक वरिष्ठ यूनियन नेता ने कहा, कि “हजारों परिवार आजीविका चलाने के लिए ऑटो-रिक्शा पर निर्भर हैं। पर्याप्त परामर्श के बिना ई-बाइक टैक्सी की शुरूआत उनकी दैनिक आय के लिए सीधा खतरा है।” (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    कॉम्पिटिशन का खतरा

    ऑटोरिक्शा यूनियनों को डर है कि नई सेवा के शुरू करने से अनियमित कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, जिस वजह से मौजूदा रिक्शा चालकों की आय पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा। युनियन की तरफ से ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए कल्याणकारी नीतियों पर सरकार के अनदेखी पर भी चिंता व्यक्त की गई है और मांग की है कि इसके बजाय मौजूदा सहायता प्रणालियों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    सुरक्षा नीतियों पर विचार

    यूनियन के एक नेता ने कहा, “हमारी आजीविका को नुकसान पहुंचाने वाली नई सेवा शुरू करने के बजाय, राज्य सरकार को रिक्शा चालकों की सुरक्षा के लिए मौजूदा नीतियों को मजबूत करना चाहिए, जो दशकों से सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ की हड्डी रहे हैं।” (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

    परिवहन विभाग ने क्या कहा?

    परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बचाव करते हुए कहा कि ई-बाइक टैक्सी विशेष रूप से अकेले यात्रा करने वालों के लिए अधिक सुरक्षित और अधिक लागत से प्रभावी विकल्प के रूप में काम करेगा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा उपायों को लागू किया जाएगा, जिसमें मानसून के मौसम के दौरान सुरक्षा कवर और सवारियों और महिला यात्रियों के बीच गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए भौतिक अवरोध शामिल रहने वाले हैं। (Autorickshaw unions will strike across Maharashtra on May 21)

  • Mumbai: बेटी का यौन शोषण, आरोपी पिता को मिली 20 साल की सजा…

    Mumbai: बेटी का यौन शोषण, आरोपी पिता को मिली 20 साल की सजा…

    मुंबई शहर से एक ऐसी खबर प्रकाशित हो रही है जिसमें पिता और बेटी के रिश्ते को ही तार-तार कर दिया। बेटी ने बचपन में ही अपनी मां का साया खो दिया तो पिता ने 5 साल की बच्ची को ही अपनी हवस का शिकार बना दिया।

    मुंबई- हमारे देश की संस्कृति और सभ्यता को न जाने किसकी नजर लग गई है। हैवानियत इतनी बढ़ गई है, कि आये दिन यहां रिश्तों को तार-तार किया जा रहा है। महिलाओं के अलावा मासूम बच्चे भी अब अपने ही घरों में सुरक्षित नही है। मर्यादाओं को लांघना अब आम होता जा रहा है। लगता तो ऐसे है जैसे इंसानियत ही खत्म होने के कगार पर है और दूसरी तरफ कोई किसी की मदद भी करने से गुरेज करने लगता है। आज एक पिता ही अपनी मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाने लग गया और चाची तमाशबीन बनी रही। (Mumbai Daughter sexually abused, accused father gets 20 years imprisonment)

    बलातकारी पिता गिरफ्तार

    घटना में एक 5 साल की बच्ची को उसी का पिता बलात्कार पे बलात्कार करता रहा, जब बच्ची को पीड़ा होने लगी और अपनी चाची से इस बारे में बताया तो उसने भी मासूम की मदद नही की और उसके साथ जुल्म होने दिया। ऐसा लगातार 3 सालों तक चलता रहा आखिरकार पुलिस ने 3 बच्चियों के बलात्कारी पिता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। विडम्बना यह है कि पिता की गिरफ्तारी के बाद से अब तीनो बच्चियां अनाथ की जिंदगी बिता रहीं हैं। उनकी मां का पहले ही देहांत हो गया था। जिसके बाद पिता ने ही अपनी बेटी को हवस का शिकार बनाने लगा।

    अदालत ने क्या कहा?

    विशेष POCSO अदालत ने तीन लड़कियों के पिता को जनवरी 2017 से जनवरी 2020 तक अपनी सबसे बड़ी बेटी, नाबालिग का बार-बार यौन शोषण करने के आरोप में 20 साल कैद की सजा सुनाई है। पीड़िता पाँच साल की थी जब उसकी माँ का निधन हो गया। पुलिस ने पीड़िता की चाची पर भी घटना की रिपोर्ट न करने का आरोप लगाया, जबकि पीड़िता ने मदद के लिए उनसे संपर्क किया था। हालाँकि, अदालत ने ठोस सबूतों के अभाव में चाची को बरी कर दिया।

    बच्चियां हुई अनाथ

    न्यायाधीश ने कहा, “पीड़िता ने कम उम्र से ही बार-बार यौन उत्पीड़न सहा है, जब उसे यह भी नहीं पता था कि सेक्स क्या होता है।” न्यायाधीश ने कहा, “इसके अलावा, मेडिकल साक्ष्य भी घृणित कृत्य की पुष्टि करते हैं।” हालाँकि, अदालत ने आजीवन कारावास की अधिकतम सजा देने से इनकार कर दिया। इसमें तर्क देते हुए कहा, कि “अगर आरोपी अपने बची हुई पुरी जिंदगी जेल में ही बंद रहेगा तो पीड़िता और उसकी दो छोटी बहनों का क्या होगा? कारण तीनों ही नाबालिग बच्चियां अकेली रह जाएंगी।” (Mumbai Daughter sexually abused, accused father gets 20 years imprisonment)

  • पुणे का युवक कर रहा था भाजपा नेता पंकजा मुंडे से अश्लील बात, मुंबई मे गिरफ्तार

    पुणे का युवक कर रहा था भाजपा नेता पंकजा मुंडे से अश्लील बात, मुंबई मे गिरफ्तार

    Pankaja Munde : महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने पुणे से 25 वर्षीय अमोल काले नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर भाजपा नेता पंकजा मुंडे को अश्लील कॉल और मैसेज भेजने का आरोप है। तकनीकी जांच के बाद भोसरी से पकड़े गए आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

    मुंबई : महाराष्ट्र साइबर पुलिस पुणे के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। 25 साल का यह युवक भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे को अश्लील कॉल कर रहा था। इतना ही नहीं उसने पंकजा मुंडे को कई अभद्र मैसेज भी भेजे। पुलिस ने बताया कि आरोपी युवक की पहचान महाराष्ट्र के भोसरी का रहने वाला अमोल काले के रूप में हुई है।

    पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से युवक पंकजा मुंडे को फोन पर कॉल और मैसेज के जरिए परेशान कर रहा था। इतना ही नहीं युवक भाजपा नेता के साथ अश्लील एवं अभद्र भाषा का उपयोग कर रहा था। इस घटना ने साइबर अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    तकनीकि जांच

    मामले की जानकारी देते हुए साइबर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंकजा मुंडे के कार्यालय ने अश्लील कॉल और मैसेज की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्यास संहिता (BNS) की धारा 78 (महिलाओं के खिलाफ अश्लील व्यवहार) और धारा 79 (महिलाओं की गरिमा का अपमान) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और कॉल करने वाले का स्थान ट्रेस किया, जो पुणे के भोसरी क्षेत्र में मिला।

    पुणे से लाकर मुंबई में गिरफ्तारी

    पुणे पुलिस के भोसरी स्टेशन के अधिकारियों के सहयोग से साइबर पुलिस ने आरोपी अमोल काले को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में काले ने पंकजा मुंडे को कॉल करने और मैसेज भेजने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे नोटिस देकर मुंबई लाया गया, जहां औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।

    अपराध के पीछे की हकीकत

    काले को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में गहन जांच कर रही है ताकि आरोपी के इरादों और इस कृत्य के पीछे की मंशा का पता लगाया जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमोल काले मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले के परली का रहने वाला है और वर्तमान में पुणे में रहकर पढ़ाई कर रहा है।

    साइबर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कॉल और मैसेज में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था, जिससे पंकजा मुंडे को मानसिक रूप से परेशानी हुई। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि काले का यह व्यवहार व्यक्तिगत रंजिश से प्रेरित था या किसी अन्य कारण से प्रेरित था।

  • Mumbai: बोरीवली में चला संयुक्त अतिक्रमण विरोधी अभियान, 80 अनधिकृत झुग्गी-झोपड़ियों का सफाया

    Mumbai: बोरीवली में चला संयुक्त अतिक्रमण विरोधी अभियान, 80 अनधिकृत झुग्गी-झोपड़ियों का सफाया

    इंजीनियरिंग विभाग के एसएसई की देखरेख में बोरीवली रेलवे परिसर के आसपास 80 अनधिकृत झुग्गी-झोपड़ियों को तोड़ दिया गया। इन्हीं में दो झोपड़ियों से निर्माण कार्य में इस्तेमाल आने वाले लोहे के पतरे और बांस जैसी सामग्री बरामद की गई। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)

    मुंबई- गुरुवार को बोरीवली रेलवे परिसर के आसपास एक महत्वपूर्ण अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर अधिकारियों ने बोरीवली के पूर्वी हिस्से से 34/18 किलोमीटर मार्कर और 35/05 के बीच 80 अनधिकृत झुग्गी झोपड़ियों को सफलतापूर्वक तोड़कर हटा दिया है। इस बीच, पूर्वी हिस्से से लगभग 43 अनधिकृत झुग्गियों को हटाया गया। यह अभियान रेलवे के मुंबई डिवीजन द्वारा पूर्व नियोजित पहल का हिस्सा था ऐसा अधिकारियों ने जानकारी दी। इस अभियान में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और मुंबई सिटी पुलिस के समन्वित प्रयास से सफल बनाया गया। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)

    किसकी देखरेख में हुई कार्यवाही?

    पश्चिम रेलवे की इंजीनियरिंग विभाग के एसएसई (वर्क्स/लैंड) की देखरेख में मजदूरों की सहायता से तोड़फोड़ किया गया। दो बड़ी झोपड़ियों से निर्माण कार्य में इस्तेमाल आने वाले लोहे के पतरे और बांस जैसी सामग्री बरामद की गई। वर्क्स इंस्पेक्टर (आईओडब्ल्यू) द्वारा अभियान के तहत तोडफोड में बरामद सामग्रियों को इकठ्ठा कर विभागीय गोदाम में जमा कर दिया गया। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)

    संयुक्त अभियान

    यह अभियान कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया गया। इस अभियान में आरपीएफ, जीआरपी, मुंबई पुलिस, महाराष्ट्र सुरक्षा बल और होमगार्ड के अधिकारियों सहित कुल 110 कर्मी शामिल थे। संयुक्त अभियान होने की वजह से कानून और व्यवस्था से जुड़ी कोई भी समस्या सामने नहीं आई। अधिकारियों ने बताया कि इन अतिक्रमणों को हटाना रेलवे की जमीन की सुरक्षा तथा पूरे नेटवर्क में रेलवे परिचालन की सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए चल रहे प्रयास का हिस्सा है। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)

  • Mumbai: ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश, कस्टम अधिकारी एवं दो पुलिसकर्मियों सहित 10 गिरफ्तार

    Mumbai: ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश, कस्टम अधिकारी एवं दो पुलिसकर्मियों सहित 10 गिरफ्तार

    पुलिस की एक विशेष टीम ने एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। जिसमें एक कस्टम अधिकारी सहित दो अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल रहे हैं। पुलिस ने लाखों रूपये के ड्रग्स के साथ अबतक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। (Mumbai Drug syndicate busted, 10 arrested including custom officer and two policemen)

    मुंबई : नवी मुंबई पुलिस की विशेष जांच दल (Special Investigation Team) एसआईटी ने बड़े ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। जिसमें दो पुलिसकर्मियों सहित एक कस्टम अधिकारी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अबतक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर लगभग 73 लाख रुपये के प्रतिबंधित सामग्री और अन्य संपत्ति जब्त किया है। इसके साथ ही पुलिस ने विदेश में बसे चिखर भाई का इस सिंडिकेट के पीछे हाथ होने की आशंका जताई है। (Mumbai Drug syndicate busted, 10 arrested including custom officer and two policemen)

    नवी मुंबई के क्राइम ब्रांच (Navi Mumbai Crime Branch) के पुलिस उपायुक्त अमित काले ने बुधवार को बताया कि 14 अप्रैल को एक गुप्त सूचना के आधार पर नेरुल पुलिस स्टेशन की टीम ने 22 वर्षीय आशीष गवरे और 23 वर्षीय अहमद आल्गी को 2.76 लाख रुपये के 17.19 ग्राम ड्रग के साथ गिरफ्तार किया है। इन दोनों से पूछताछ के बाद 28 वर्षीय सुजीत बंगेरा की गिरफ्तारी हुई। बंगेरा अमेरिका और थाईलैंड से ड्रग्स मंगवाने का काम करता था। (Mumbai Drug syndicate busted, 10 arrested including custom officer and two policemen)

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    मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स की तस्करी

    जानकारी यह भी मिली कि मुंबई एयरपोर्ट (Mumbai Airport) से पार्सल को हरी झंडी देने वाला कस्टम अधिकारी भी इनसे मिला हुआ था। कस्टम अधिकारी प्रशांत गौर की मदद से इस पार्सल को एयरपोर्ट पर मंजूरी मिल जाती थी। इसलिए बंगेरा की निशानदेही पर पुलिस ने कस्टम अधिकारी प्रशांत गौर को भी गिरफ्तार कर लिया। इन सभी से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि 56 वर्षीय कमल चांदवानी विदेश से आए ड्रग पार्सल को रिसीव कर सुजीत बंगेरा को सौंपता था। इसलिए पुलिस ने कमल चांदवानी को भी गिरफ्तार कर लिया। (Mumbai Drug syndicate busted, 10 arrested including custom officer and two policemen)

    पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी

    इस मामले में गिरफ्तार चांदवानी से पूछताछ में पता चला कि वह पुलिस का नकली आईडी कार्ड दिखा कर जांच एंजेंसियों को धोखा दिया करता था। इस मामले की छानबीन में पता चला कि खारघर पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिसकर्मी सचिन भालेराव और एंटी-नारकोटिक्स यूनिट से जुड़े संजय फुलखर इनकी मदद करते थे, इसलिए पुलिस ने इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि इनमें से एक पुलिसकर्मी ने चंदवानी की मदद करने तथा उसकी गिरफ्तारी को रोकने का वादा किया था और इसके ऐवज में उसने 6 लाख रुपये लिए थे। 37 वर्षीय अंकित पटेल और 39 वर्षीय रिंकुदकुमार पटेल को ‘टीथर’ (USDT) से क्रिप्टोकरेंसी स्टेबलकॉइन को नकदी में बदलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। (Mumbai Drug syndicate busted, 10 arrested including custom officer and two policemen)

    पुलिस उपायुक्त ने विदेश में बसे चिखर भाई का इस सिंडिकेट के पीछे हाथ होने की आशंका जताई है। पुलिस ने गांजा, हाइड्रोपोनिक गांजा, कोकीन की कुल कीमत 16.43 लाख रुपये, 7 लाख रुपये की कार, 14.12 लाख रुपये की अन्य संपत्ति और अन्य सामान जब्त किए हैं। पुलिस द्वारा जब्त सामान की कुल कीमत 73 लाख रुपये आंकी जा रही है। (Mumbai Drug syndicate busted, 10 arrested including custom officer and two policemen)

  • मुंबई BMC का वृक्ष संजीवनी अभियान, मालाड़ के स्कूली बच्चों ने ली ट्रेनिंग

    मुंबई BMC का वृक्ष संजीवनी अभियान, मालाड़ के स्कूली बच्चों ने ली ट्रेनिंग

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका पेड़ों के संरक्षण के लिए ‘वृक्ष पुनरुद्धार अभियान 2.0’ चला रहा है। जिसमें मालाड़ मनपा पी उत्तर विभाग अंतर्गत बिल्लाबोंग स्कूल के बच्चों को वृक्ष पुनरुद्धार को लेकर शिक्षा दी गई। साथ ही ‘वृक्ष संजीवनी अभियान 2.0’ की सूक्ष्म योजना एवं ‘वृक्ष कायाकल्प अभियान 2.0’ नागरिकों के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है।

    मुंबई- पर्यावरण की दृष्टि से, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के उद्यान विभाग ने वृक्ष संजीवनी अभियान के तहत सड़कों पर पेड़ों के चारों ओर बनाए गए सीमेंट कंक्रीट के ढांचे को हटाने और फेरीवालों द्वारा व्यक्तिगत उपयोग और व्यवसाय के लिए लगाए गए छोटे पेड़ों को हटाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पेड़ों पर लगी बड़ी-बड़ी कीलों और विज्ञापन बोर्डों को हटाने की प्रक्रिया हर साल की जाती है।

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    बृहन्मुंबई महानगर पालिका 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर ‘वृक्ष पुनरोद्धार अभियान’ क्रियान्वित कर दिया है। विश्व पृथ्वी दिवस 1970 से हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता रहा है। इस अवसर पर दुनिया भर में विभिन्न पर्यावरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अतिरिक्त नगलर आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अमित सैनी के मार्गदर्शन में बृहन्मुंबई महानगर पालिका के 24 विभागों द्वारा बीएमसी की सीमा में वृक्षों के संरक्षण के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्कूलों और कॉलेजों के सहयोग से मनपा का ‘वृक्ष संजीवनी अभियान 2.0’ चलाया जा रहा है। ऐसी जानकारी बृहन्मुंबई महानगर पालिका के पार्क अधीक्षक जितेन्द्र परदेशी ने दी।

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    इस बारे में जानकारी देते हुए पार्क अधीक्षक जितेन्द्र परदेशी ने बताया, कि वृक्ष पुनरोद्धार अभियान के दौरान पेड़ों के आसपास लगे कंक्रीट को हटाकर उसकी जगह लाल मिट्टी डालने तथा पेड़ों से कीलें, पोस्टर, बैनर और केबल हटाने का प्रयास किया जाता है, ताकि पेड़ खुलकर सांस ले सकें।

    वृक्ष कायाकल्प अभियान

    कीलें, पोस्टर, बिजली की लाइटें, केबल आदि पेड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और पेड़ के तने को सड़ने का कारण बन सकते हैं, जिससे पेड़ गिर सकता है या मर सकता है। इसके अलावा, जड़ों के चारों ओर कंक्रीट डालने से जड़ों की वृद्धि रुक ​​जाती है और मिट्टी में पानी के अवशोषण की कमी के कारण पेड़ मर सकता है। इसी कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने पेड़ों के संरक्षण के लिए 30 अप्रैल 2025 तक ‘वृक्ष कायाकल्प अभियान 2.0’ अभियान शुरू किया है।

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    कार्यक्रम का आयोजन

    इस अभियान के तहत आज 29 अप्रैल को मालाड़ पश्चिम के पी उत्तर विभाग अंतर्गत बिल्लाबोंग स्कूल के विद्यार्थियों, जनकल्याण नगर, भूमि पार्क, एएलएम के शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त भागीदारी से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सहायक उद्यान अधीक्षक योगेन्द्र सिंह कछवा ने बताया कि शिक्षा सहायक प्रमोद इंगले ने स्वयं प्रदर्शन कर लोगों को जागरूक किया। इसके अंतर्गत कीलें, पोस्टर, बिजली की लाइटें, केबल आदि से पेड़ों को नुकसान पहुंचता है तथा पेड़ के तने के सड़ने और पेड़ के गिरने या मरने की आशंका रहती है। इसके अलावा, जड़ों के चारों ओर कंक्रीट डालने से जड़ों की वृद्धि रुक ​​जाती है और ऐसी संभावना है कि मिट्टी में पानी के अवशोषण की कमी के कारण पेड़ मर जाएगा, ऐसा पार्क ने चेतावनी दी है।

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    वृक्षारोपण

    इसके अलावा, भूमिपार्क खेल मैदान में महाराष्ट्र वृक्ष के रूप में विख्यात ‘तम्हाण’ प्रजाति के 10 पेड़ लगाए गए। उन्होंने यह भी बताया कि उद्यान अधीक्षक जितेन्द्र परदेशी स्वयं ‘वृक्ष संजीवनी अभियान 2.0’ की योजना बनाते हैं और उसमें भाग लेते हैं, इसलिए यह अभियान हर साल सफल हो रहा है और आमजन की स्वस्फूर्त भागीदारी बढ़ रही है।

  • मुंबई के ईडी ऑफिस में लगी आग, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर हुए खाक

    मुंबई के ईडी ऑफिस में लगी आग, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर हुए खाक

    मुंबई मे ईडी कार्यालय पूरा जलकर खाक हो गया है। गनीमत रही की किसी भी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नही हुआ है। हालांकि कार्यालय में रखे सभी दस्तावेज और फर्नीचर जलकर खाक हो गए।

    Mumbai ED Office Fire: रविवार सुबह दक्षिण मुंबई के बैलार्ड एस्टेट इलाके में स्थित प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के कार्यालय में भीषण आग लग गई है। मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है, हालांकि आग काफी विकराल रूप ले लिया था और कई मंजिलों को प्रभावित कर दिया। देखें इससे जुड़ी तस्वीर.. (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    Mumbai ed office fire broken news image
    मुंबई ईडी कार्यालय आगजनी की तस्वीर

    फायर ब्रिगेड का राहत कार्य

    घटना 27 अप्रैल 2025 को तड़के 2:31 बजे के आसपास होने की जानकारी प्राप्त हो रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    सब जलकर खाक

    मिली जानकारी के अनुसार, आग बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर के अलावा ऊपरी चार मंजिलों और अटारी मंजिल पर फैल गई थी। मुख्य रूप से कार्यालयों में रखे लकड़ी के फर्नीचर, दस्तावेज़ और अन्य सामग्री आग की चपेट में आ गए और सब जलकर खाक हो गया। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    फायर कर्मचारियों की मुश्किल

    चौथी मंजिल पर धुएं का अत्यधिक जमाव हो गया था, जिससे फायर कर्मचारियों को बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। आम रास्तों और बालकनी में रखे फर्नीचर के कारण राहत कार्य में अतिरिक्त कठिनाइयां हुई। ऐसी जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि वेंटिलेशन के लिए इमारत की खिड़कियों के शीशे तोड़ने पड़े। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    आग ने लिया विक्राल रुप

    मुंबई फायर ब्रिगेड ने शुरुआत की देर रात म 2:46 बजे आग को लेवल-I की श्रेणी में बताया। बाद में आग की गंभीरता को देखते हुए 3:30 बजे के आसपास इसे लेवल-II और फिर 4:17 बजे लेवल-III घोषित कर दी गई थी। अधिकारिक जानकारी के मुताबिक राहत कार्य में 12 फायर इंजन, 7 जंबो टैंकर, 2 एडवांस्ड वॉटर टैंकर टेंडर, 1 एरियल लैडर प्लेटफॉर्म, 1 टर्नटेबल लैडर, 2 ब्रेथिंग एपरेटस वैन, 1 कंट्रोल पोस्ट, 1 रेस्क्यू वैन और 108 एम्बुलेंस सहित कई संसाधन तैनात किए गए थे। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    जांच जारी ..

    फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि करीब 11:47 बजे तक सभी ओर से आग को नियंत्रित कर लिया गया। घटना स्थल पर सीनियर अधिकारियों सहित सीएफओ (चीफ फायर ऑफिसर) भी मौजूद थे और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे थे। सौभाग्य से, इस हादसे में किसी के घायल होने या जानमाल के बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, ईडी कार्यालय में हुए दस्तावेज़ी नुकसान का आकलन अभी जारी है। आग लगने के कारणों की जांच भी प्रारंभ कर दी गई है। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

  • सिर्फ तीन तलाक पर रोक है, तलाक-ए-अहसन पर नहीं। मुस्लिम व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर रद्द

    सिर्फ तीन तलाक पर रोक है, तलाक-ए-अहसन पर नहीं। मुस्लिम व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर रद्द

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट करते हुए मुस्लिम व्यक्ति और उसके परिवार पर दर्ज FIR को रद्द कर दिया, कि तलाक-ए-अहसन 2019 के एकसाथ तत्काल तीन तलाक पर लगे प्रतिबंधित अधिनियम का उल्लंघन नहीं है। इसलिए ऐसे मामलों पर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती।

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 केवल तत्काल तीन तलाक को ही अपराध की श्रेणी में लाता है। इस तरह के तलाक को तलाक-ए-बिद्दत या ट्रिपल तलाक भी कहा जाता है। कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत तलाक-ए-अहसन जैसे अन्य वैध इस्लामी तलाक के तरीकों को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया है। इस फैसले के तहत, हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके माता-पिता के खिलाफ दर्ज की गई FIR को रद्द कर दिया। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    क्या है तलाक-ए-अहसन?

    यह निर्णय उस मामले में आया जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके माता-पिता पर 2019 के कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि व्यक्ति ने तलाक-ए-अहसन की प्रक्रिया अपनाई थी। तलाक-ए-अहसन के तहत एक बार तलाक कहा जाता है, जिसके बाद महिला को इद्दत या तीन महीने की प्रतीक्षा अवधि से गुजरना पड़ता है। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    कानून का दुरुपयोग

    खबरों के मुताबिक, न्यायमूर्ति विभा कंकनवाड़ी और न्यायमूर्ति संजय देशमुख की पीठ ने कहा, “जब तथ्यों को स्वीकार किया गया है और कानून को ध्यान में रखा गया है, तो यह स्पष्ट है कि प्रतिबंध केवल तलाक-ए-बिद्दत पर है, न कि तलाक-ए-अहसन पर। ऐसे में यदि आरोपियों को मुकदमे का सामना करने को कहा जाए तो यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।” (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    महिला का आरोप

    पति-पत्नी की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। कुछ महीनों तक साथ रहने के बाद वैवाहिक मतभेद उत्पन्न हुए। दिसंबर 2023 में पति ने तलाक-ए-अहसन के तहत एक बार तलाक बोला और गवाहों की उपस्थिति में नोटिस भेजा। 90 दिन की इद्दत अवधि के दौरान पति-पत्नी ने पुनः साथ नहीं रहना शुरू किया, जिससे तलाक प्रभावी हो गया। हालांकि, पत्नी ने बाद में भुसावल बाजार पेठ पुलिस स्टेशन (जलगांव) में एफआईआर दर्ज कराते हुए दावा किया कि यह तलाक 2019 के अधिनियम के अंतर्गत अवैध है। उसने यह भी आरोप लगाया कि ससुरालवालों ने भी इसमें भूमिका निभाई। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    कोर्ट का निर्णय

    कोर्ट ने कहा कि 2019 का कानून केवल तलाक-ए-बिद्दत पर लागू होता है, न कि तलाक-ए-अहसन पर। तलाक-ए-अहसन मुस्लिम पर्सनल लॉ में एक मान्य प्रक्रिया है, जिसमें सुलह की संभावना बनी रहती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ससुरालवालों पर एफआईआर करना उचित नहीं है क्योंकि तलाक का निर्णय पति द्वारा अकेले लिया गया होता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 34 (साझा आपराधिक मंशा) को भी इस मामले में लागू नहीं माना गया। आखिरकार हाईकोर्ट ने एफआईआर और भुसावल कोर्ट में लंबित आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)