Category: Mumbai News

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  • Mumbai: दहिसर में खूनी संघर्ष, 3 की मौत, 4 गंभीर रूप से घायल

    Mumbai: दहिसर में खूनी संघर्ष, 3 की मौत, 4 गंभीर रूप से घायल

    दहिसर पश्चिम के गणपत पाटिल नगर में रविवार को दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। MHB पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में दोनों पक्षों के झड़प के बीच तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए है।

    मुंबई: दहिसर में एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां एक ख़ूनी संघर्ष में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य घायलों का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। दहिसर पश्चिम के आईसी कॉलोनी के नजदीक लिंक रोड़ पर गणपत पाटिल नगर में रविवार को दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस मामले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि एमएचबी पुलिस स्टेशन अंतर्गत गणपत पाटिल नगर की झोपड़पट्टी में रहने वाले शेख और गुप्ता इन दोनों परिवारों के बीच 2022 में क्रॉस क्राइम दर्ज किए गए था। तभी से उनमें आपसी विवाद चल रहा है। Mumbai: Bloody clash in Dahisar, 3 dead, 4 seriously injured

    रविवार को क्या हुआ?

    रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे अरमान शेख शराब के नशे में गणपत पाटिल नगर गली नंबर 14 स्थित राम नवल गुप्ता की नारियल की दुकान के सामने गया। इस दौरान दोनों के बीच बहस हो गई। दोनों ने अपने बच्चों को बुलाया। राम नवल गुप्ता, उनके बेटे अमर गुप्ता, अरविंद गुप्ता और अमित गुप्ता एक पक्ष से आए। दूसरे पक्ष से हामिद नसीरुद्दीन शेख, उनके बेटे अरमान हामिद शेख और हसन हामिद शेख के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर दोनों के बीच धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया। इस मारपीट में राम नवल गुप्ता और अरविंद गुप्ता की मृत्यु हो गई और अमर गुप्ता और अमित गुप्ता घायल हो गए हैं। Mumbai: Bloody clash in Dahisar, 3 dead, 4 seriously injured

    शेख परिवार में एक की मौत

    वहीं, हामिद शेख की भी मौत हो गई है जबकि उनके बेटे अरमान शेख और हसन शेख घायल हो गए हैं। डीसीपी आनंद भोईटे ने कहा कि तीनों शवों को शताब्दी अस्पताल पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। दोनों की ओर से हत्या का केस दर्ज करने के प्रक्रिया चल रही है। आरोपी अभी गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। क्योंकि वह घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। Mumbai: Bloody clash in Dahisar, 3 dead, 4 seriously injured

  • BJP Government: बीजेपी सरकार के विकास का मॉडल।

    BJP Government: बीजेपी सरकार के विकास का मॉडल।

    • जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास
    • अनपढ़ जनता, अनपढ़ सरकार
    • जनता को शराबी बनाकर तिजोरी भरने का इंतजाम
    • 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का ऐतिहासिक फैसला

    डिजिटल डेस्क
    BJP Government:
    छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को झूठे भ्रष्टाचार में फंसाकर सत्ता का खेल खेलने वाली बीजेपी जब सत्ता में आई तो राज्य को विकसित करने का उसका नजरिया भी सामने आने लगा है। यहां जनता को शराबी बनाकर अपनी तिजोरी भरने का पुख्ता इंतजाम कर लिया है।

    सरकार ने 67 शराब की नई दुकानें खोलकर जनता को नशा मुक्त बनाने में लगी है। नशा यानी जीवन। जीवन से मुक्ति दिलाने के लिए शराब का सहारा ले रही है। अब जनता शराब पीकर मदमस्त रहा करेगी। उसे मंहगाई बेरोजगारी और शिक्षा की चौपट की जा रही व्यवस्था नहीं दिखेगी। छत्तीसगढ़ के विकास रचने के लिए अब 741 सरकारी शराब के ठेके चलेंगे। जिसकी कमाई से सरकार मनमाने ढंग से राजसी जिंदगी जीने की व्यवस्था कर लेगी।

    “मराठी में बोलो तो ही पैसे देंगे”, मुंबई में ग्राहक ने पिज्जा डिलीवरी बॉय से किया भाषा को लेकर विवाद: देखें VIDEO

    कभी विधायकों के वेतन तो कभी भत्ते में बढ़ोत्तरी करके खुशी मनाएंगे विधायक। और चाहिए ही क्या उन्हें?
    बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि गरीब निम्न मध्यम वर्ग पढ़े लिखे क्योंकि शिक्षा का व्यापारीकरण कर चुकी पार्टी की सरकार जानती है कि गरीब और निम्न वर्ग पढ़ लिख लेगा तो गुलाम बनने से इनकार कर सरकार से रोजगार और अन्य अधिकार मांगने लगेगा।

    इसलिए न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी की कहावत को चरितार्थ करने के लिए 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का बीजेपी राज्यसरकार ने फैसला कर लिया है। ऐसा ऐतिहासिक फैसला करने का दुस्साहस केवल बीजेपी सरकार ही कर सकती है। इतनी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद करने से सरकार का खजाना भरा रहेगा। क्योंकि तब 35000 शिक्षकों को वेतन देने ही नहीं होंगे। यानी सरकार तीन का एक करके शिक्षक पदों को ही नहीं प्रधानाध्यापकों के पद भी खत्म कर देगी।

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    इस तरह से सरकार अरबों रुपए खर्च करने से पैसे बचा लेगी। क्योंकि बीजेपी नहीं चाहती कि लोग पढ़ें। वह तो जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास करती है। अनपढ़ जनता रहेगी तो ही अनपढ़ लोगों की सरकार दौड़ेगी। बीजेपी को सिर्फ सरकार चलानी है जनता की सेवा नहीं। इसीलिए बीजेपी शिक्षित लोगों को शहरी नक्सली कहती हैं कि वे जनता के अधिकार मांगते हैं। ऐसे लोग सरकार की आंखों में बहुत चुभते हैं जो सरकार के नकारेपन को सार्वजनिक करे।

  • अब मुंबई के पुलिस थानों में बनेंगे चाइल्ड फ्रेंडली जोन

    अब मुंबई के पुलिस थानों में बनेंगे चाइल्ड फ्रेंडली जोन

    Mumbai News: मुंबई पुलिस ने 7 थानों में चाइल्ड फ्रेंडली जोन बनाए हैं। जहां पीड़ित बच्चों को सहज वातावरण मिलेगा। कार्टून, खिलौनों से सजे कमरों में प्रशिक्षित अधिकारी बच्चों से संवेदनशीलता का खयाल रखते हुए बात करेंगे। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations

    Mumbai Crime News: मुंबई पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए एक सराहनीय पहल की है। पहली बार मुंबई के 7 पुलिस स्टेशनों में चाइल्ड फ्रेंडली जोन की शुरुआत की गई है। यह ज़ोन विशेष रूप से उन बच्चों के लिए बनाए गए हैं जो किसी अपराध के शिकार हुए हैं या किसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations

    पुलिस स्टेशन का गंभीर माहौल

    मुंबई पुलिस लगातार बच्चों से जुड़े अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। हालांकि, कई बार जांच के दौरान पीड़ित बच्चों को पुलिस स्टेशन बुलाना पड़ता है। कई बार पुलिस स्टेशन का गंभीर माहौल बच्चों में डर पैदा कर देता है। जिससे वे खुलकर बात नहीं कर पाते और जांच में पुलिस वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations

    कैसे बनाया गया है बच्चों का कमरा?

    इसी को ध्यान में रखते हुए, मुंबई पुलिस अब हर पुलिस थानों में ऐसे कमरे बनाने जा रही है जो बच्चों के अनुकूल रहने वाले हैं। मुंबई पुलिस ने इसकी शुरुआत कर दी है। शुरुआती 7 अलग-अलग पुलिस थानों में चाइल्ड फ्रेंडली ज़ोन बनाए गए हैं। इन कमरों को कार्टून के चित्र, खिलौने और गेम्स के उपकरणों से सजाया गया है। यहां बच्चों को एक सुरक्षित और आरामदायक वातावरण मिलता है जिससे वे तनावमुक्त होकर पुलिस से बात कर सकेंगे। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations

    बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण

    प्रत्येक चाइल्ड फ्रेंडली ज़ोन में एक प्रशिक्षित अधिकारी तैनात किया गया है जो बच्चों से संवेदनशीलता का खयाल रखते हुए बात करेंगे। उन्हें सहज महसूस कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पुलिस को जांच में मदद मिलेगी। इस ज़ोन की एंट्री भी अलग रखी गई है ताकि बच्चों को यह जगह किसी थाने जैसी न लगे। साथ ही, आपात स्थिति के लिए बाहर एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations

    एनसीपीसीआर की गाइडलाइन क्या है?

    • हर पुलिस स्टेशन में सहायक उपनिरीक्षक स्तर से नीचे के एक अधिकारी को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (CWPO) के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए, जिसे बच्चों से संवाद और देखभाल के लिए विशेष प्रशिक्षण मिला हो।
    • विशेष किशोर पुलिस इकाइयों की बैठक भी CWPO की निगरानी में होनी चाहिए और सभी रिकॉर्ड सुव्यवस्थित रखे जाने चाहिए।
    • साथ ही, बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की जिम्मेदारी भी इन अधिकारियों की होगी।
    • CWPO और अन्य पुलिस कर्मियों को समय-समय पर POCSO, JJ Act, बाल श्रम कानून, और अन्य प्रासंगिक अधिनियमों में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।
    • CWPO को ‘Track the Missing Child’ पोर्टल के संचालन व मॉनिटरिंग का भी प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य है।

    मुंबई पुलिस की यह पहल न केवल बच्चों के अधिकारों की रक्षा करती है, बल्कि उन्हें न्याय प्रणाली का भरोसेमंद हिस्सा भी बनाती है। यह एक उदाहरण है कि संवेदनशीलता और सुरक्षा साथ-साथ कैसे चलाया जा सकता है। Now child friendly zones will be created in Mumbai police stations

  • Mumbai: सोशल मीडिया के अश्लील कंटेंट पर छात्र को क्लिक करना पड़ा भारी: देखो क्या हुआ?

    Mumbai: सोशल मीडिया के अश्लील कंटेंट पर छात्र को क्लिक करना पड़ा भारी: देखो क्या हुआ?

    Mumbai News: एक छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अश्लील कंटेंट पर क्लिक क्या कर दिया जालसाजों ने उसे ऐसा फंसाया कि उनसे बचने के लिए उसे पुलिस के पास दौड़कर जाना पड़ा। हालांकि पुलिस भी अब बस लड़के को संमझाने का काम कर रही है।

    मुंबई: अगर आप इंस्टाग्राम या किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेंट के लालच में आकर किसी लिंक पर क्लिक करते हैं, तो यह आपके लिए बहुत भारी पड़ सकता है। इसमें न सिर्फ मानसिक, बल्कि आर्थिक रूप से भी आप को तोड़ कर रख सकता है। हालांकि सरकारी सभी सुरक्षा एजेंसियां ऐसे खतरे से दूर रहने की अपील करती रहती है। लेकिन सोशल मीडिया पर आजकल जिस तरीके से अश्लीलता फैल रही है उसकी जाल से बच पाना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। इसका कारण भी हमारी ही मानसिकता है। जो अश्लीलता के पीछे अपना होश खो बैठते हैं।

    लड़के को कैसे फंसाया?

    मुंबई के भांडुप इलाके से ऐसी ही एक घटना प्रकाशमें आ रही है। यहां एक कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र ने इंस्टाग्राम (Instagram) के एक अश्लील कंटेंट पर क्लिक किया, जिसमें अश्लील फोटो और वीडियो कॉल का वादा किया गया था। इसमें एक व्हाट्सएप (WhatsApp) लिंक दिया गया था और दूसरी तरफ से लालच देने के लिए कुछ न्यूड फोटो भेज कर सब्सक्राईब करने को कहा गया जिसमें शुरुआती 2000 रुपये फीस बताया गया। इसमें बताया गया कि ग्राहक को लड़कियों की न्यूड फोटो और विडियो कॉल की सुविधा दी जाएगी। लेकिन जल्द ही यह लालच का खेल एक बड़े जाल में तब्दील हो गया।

    यूपी पुलिस का आया कॉल

    पहले उसे छोटी-छोटी फीसों के नाम पर कुल 4999 रुपये तक का भुगतान करवाया गया। जब उसने और पैसे देने से इनकार किया, तो एक नए नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को “रविंद्र सिंह, यूपी पुलिस” का अफसर बताया और छात्र को धमकाया कि उस पर एक लड़की के यौन उत्पीड़न का केस दर्ज है। डर के मारे छात्र ने अलग-अलग किश्तों में कुल 2.74 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पैसे खतम होने लगे तो लड़के को कोई रास्ता समझ नहीं आया।

    लड़के ने खुद की गलती

    जैसे ही छात्र को ठगी का एहसास हुआ, उसने भांडुप पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन पुलिस भी उस लड़के के पैसों को वापस लाने में विफल हो रही है। कारण बैंक खाता धारक ने खुद ही अपनी मरजी से पैसे ट्रांसफर किए थे। शुरुआत में लड़के ने जो पैसे ट्रांसफर किए वो इसलिए कि वह अपनी इज्जत को शर्मसार होने से बचा सके। लेकिन क्या ऐसा हुआ, नहीं। उलटे पैसे भी गए और पुलिस का सहारा लेना पड़ा। गलती तो उस लड़के की है जो अश्लीलता के लालच में जालसाजों के झांसे में फंस गया। लोगों से अपील की जाती है कि ऐसे किसी भी आपत्तिजनक सामग्री से दूर रहे, वरना पैसा ही नही और भी चीजों का नुकसान हो सकता है।

  • महाराष्ट्र सरकार ने 8 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया, शारदा राउत एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की विशेष आईजीपी नियुक्त

    महाराष्ट्र सरकार ने 8 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया, शारदा राउत एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की विशेष आईजीपी नियुक्त

    महाराष्ट्र सरकार ने राज्य ने राज्य के 8 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का ताबड़तोड़ तबादला किया है। इसमें महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारियों के फेरबदल किए गए हैं। जाने किसे कहां नियुक्त किया गया है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल में आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है, जो राज्य की पुलिस और कानून प्रवर्तन मशीनरी को मजबूत करने के अपने निरंतर प्रयासों को रेखांकित करता है। राज्य के नेतृत्व में बदलाव के बाद नौकरशाही में निरंतर बदलाव के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।

    सबसे उल्लेखनीय नियुक्तियों में से एक 2005 बैच की आईपीएस अधिकारी शारदा राउत की है, जिन्हें नवगठित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के लिए विशेष पुलिस महानिरीक्षक (IGP) नामित किया गया है। शारदा राउत पहले राज्य खुफिया विभाग (SID) में संयुक्त आयुक्त के रूप में कार्यरत थीं और हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटी हैं। उनकी नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी और मादक द्रव्यों के सेवन पर अंकुश लगाने पर गहन ध्यान केंद्रित करने का संकेत देती है।

    महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने फरवरी में एएनटीएफ को औपचारिक रूप से मंजूरी दी थी, जिसमें 346 नए पदों का सृजन किया गया था, जो राज्य भर में मादक पदार्थ विरोधी अभियान और प्रवर्तन को बढ़ाने की दिशा में एक प्रमुख नीतिगत कदम का संकेत है।

    एक अन्य महत्वपूर्ण नियुक्ति में, 2002 बैच के अधिकारी रवींद्र शिसवे, जो पहले रेलवे पुलिस, मुंबई के आयुक्त के रूप में कार्यरत थे, उन्हें शारदा राउत की जगह संयुक्त आयुक्त, एसआईडी के रूप में नियुक्त किया गया है।

    अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां निम्नलिखित है:-

    • सुप्रिया पाटिल यादव (2004 बैच), जो हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आई हैं, उन्हें महाराष्ट्र पुलिस मुख्यालय में विशेष आईजीपी (स्थापना) नियुक्त किया गया है।
    • अमरावती शहर में पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी को नागपुर में संयुक्त पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके प्रतिस्थापन की प्रतीक्षा हो रही है।
    • नागपुर के संयुक्त पुलिस आयुक्त निसार तांबोली को राजीव जैन की जगह नागपुर में राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF) का विशेष आईजीपी नियुक्त किया गया है। राजीव जैन अब तटीय सुरक्षा (समुद्री) में विशेष आईजीपी के रूप में काम करेंगे।
    • अभिषेक त्रिमुखे, अतिरिक्त सीपी (उत्तर क्षेत्र), मुंबई को राज्य पुलिस मुख्यालय में विशेष आईजीपी (प्रशासन) के रूप में स्थानांतरित किया गया है।
    • डॉ. आरती सिंह, 2006 बैच की आईपीएस अधिकारी और वर्तमान विशेष आईजीपी (प्रशासन), को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है और वे अपने अगले कार्यभार की प्रतीक्षा कर रही हैं।
  • हैदराबाद और मुंबई के 13 स्थानों पर ईडी की रेड, सरकारी अधिकारियों की अब खैर नहीं

    हैदराबाद और मुंबई के 13 स्थानों पर ईडी की रेड, सरकारी अधिकारियों की अब खैर नहीं

    Hyderabad Mumbai ED Raid: ईडी ने हैदराबाद मुंबई और के 13 ठिकानों पर छापामारी करते हुए अबतक 32 करोड़ रुपए से अधिक के बेहिसाब संपत्ति जब्त की है। वसई विरार शहर महानगरपालिका के डिप्टी डायरेक्टर वाई.एस. रेड्डी के कई ठिकानों पर रेड हुई है।

    मुंबई/हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को वसई विरार शहर महानगर पालिका से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों में रेड कर करोड़ों रुपये के अचल संपत्तियों का खुलासा किया है। डिपार्टमेंट ने कथित अवैध भूमि विकास और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के तहत मुंबई और हैदराबाद के 13 ठिकानों पर छापेमारी के बाद 32 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब संपत्ति जब्त की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत 14 और 15 मई को की गई छापेमारी में 9.04 करोड़ रुपए नकद और लगभग 23.25 करोड़ रुपए मूल्य के हीरे जड़ित आभूषण और सोना बरामद किया गया है। कालाबाजारी के खिलाफ काफी सारे ऐसे दस्तावेज अधिकारियों के हाथ लगे हैं जिससे इनके अपराधों को साबित करना अधिकारियों के लिए आसान बन गया है।

    डिप्टी डायरेक्टर के घर छापा

    जब्त की गई संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा 8.6 करोड़ रुपये नकद और 23.25 करोड़ रुपए मूल्य के आभूषण और सोना वसई विरार शहर महानगर पालिका (vvcmc) के नगर नियोजन डिप्टी डायरेक्टर वाई.एस. रेड्डी के मुंबई और हैदराबाद स्थित आवासों से बरामद किया गया है। जांचकर्ताओं ने ऐसे डॉक्यूमेंट्स भी बरामद किए हैं जिनसे वसई विरार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण घोटाले का खुलासा हो सकता है, जिसे कथित तौर पर वीवीएमसी अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था।

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    सरकारी मंजूरी का गैरफायदा

    यह मामला वसई विरार शहर महानगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में सरकारी और निजी जमीन पर 2009 से रेसिडेंशियल और कमर्शियल गालों के अवैध निर्माण से संबंधित है। ईडी के अनुसार, महानगर पालिका ने विकास योजना के तहत एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और एक डंपिंग ग्राउंड को मंजूरी दी थी। समय के साथ, यहां 41 अवैध इमारतें बन गईं। ईडी का कहना है कि इमारतों का निर्माण इस बात को ध्यान में रखते हुए किया गया था कि उन्हें आखिर में विकास कार्य के लिए ध्वस्त कर दिया जाएगा। बिल्डरों ने आम जनता को गुमराह किया और धोखाधड़ी करते हुए करोड़ों अरबों रुपये का हेराफेरी कर डाली।

    सभी इमारतें हुई ध्वस्त

    ईडी की जांच में नगरपालिका के दो अधिकारियों सीताराम गुप्ता और अरुण गुप्ता के अलावा अन्य लोगों का नाम भी शामिल है। उनका आरोप है कि इमारतों का निर्माण भ्रष्ट महानगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ था, जिन्होंने अवैध निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने महानगर पालिका के टाउन प्लानिंग के उप निदेशक वाई एस रेड्डी के प्रॉपर्टी को भी जब्त कर लिया है और हीरे के आभूषण और बुलियन के साथ 8.6 करोड़ रुपए जब्त किया। पिछले साल 8 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 41 अवैध इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। जब निवासियों ने रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो शीर्ष अदालत ने इनकार कर दिया और 20 फरवरी को सभी इमारतों को गिरा दिया गया।

  • भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

    भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

    महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के साथ अगले कुछ समय में नगरपालिका चुनाव होने जा रहे है। इस बीच बीजेपी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष घोषित कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिलाध्यक्ष के लिए उत्तर भारतीय लोगों को किनारे रखने की योजना बीजेपी के लिए कितना कारगर साबित होती है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में नगरपालिका और पंचायती चुनाव की तैयारियां जोर शोर से हो रही है। कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र चुनाव आयोग से चार सप्ताह के भीतर राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसी के मद्देनजर सियासी दलों ने चुनाव को लेकर तैयारी करनी शुरू कर दी है। चुनाव की सियासी तपिश के बीच भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में अपने जिला संगठन को नए सिरे से दुरुस्त कर रही है। लेकिन इस लिस्ट में उत्तर भारतीयों को शामिल नहीं किया गया है।

    नुकसान का खतरा

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपने जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की है। बीजेपी ने महाराष्ट्र के 78 जिलों में से 58 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया जबकि 20 जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी। बीजेपी ने 58 जिलाध्यक्षों में से 19 पुराने नेताओं को फिर से मौका दिया जबकि 39 नए चेहरों को जिले की कमान सौंपी है। इसमें बीजेपी ने किसी भी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष की कमान नहीं दी। ऐसे में उत्तर भारतीयों को इग्नोर करने को लेकर बीएमसी चुनाव में नुकसान होने का डर सताने लगा है।

    भाजपा जिलाध्यक्षों की नई लिस्ट

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव होने की उम्मीद जगी है। मुंबई में बीएमसी चुनाव भी होने है। ऐसे में बीजेपी ने अपने जिन 58 जिलाध्यक्ष की घोषणा की है, उसमें मुंबई रीजन के छह जिलों में से तीन जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं और तीन जिले को पेंडिंग रखा गया है। कोंकण इलाके के कुल 14 जिलाध्यक्ष हैं, जिसमें 12 के नाम घोषित किए हैं। इसमें 5 नेताओं को फिर से मौका मिला है जबकि 2 जिलाध्यक्षों के बारे में पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया।

    पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र के 13 जिलों में से बीजेपी ने 11 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया। इन 11 में से 4 जिलाध्यक्ष पुराने नेताओं में से बनाए गए हैं, जबकि दो जिलाध्यक्षों के नाम घोषित नहीं किए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के विदर्भ के कुल 19 जिलाध्यक्षों में से 15 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें दो पुराने चेहरों पर भरोसा जताया बाकी नए लोगों को शामिल किया गया है।

    उत्तर भारतीय को किया इग्नोर

    बीजेपी ने उत्तर महाराष्ट्र इलाके के 12 जिलों में से 9 जिलाध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया। नासिक जिले में विवाद के चलते अध्यक्ष की घोषणा नहीं हुई है। उत्तर महाराष्ट्र के 4 जिलाध्यक्षों को दोबारा से मौका दिया गया है। मराठवाड़ा इलाके के 15 जिलों में से 8 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए गए हैं। जिसमें तीन पुराने चेहरों को कमान सौंपी गई है जबकि 7 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान नहीं हो सका है।

    मुंबई का हाल

    मुंबई के बीएमसी चुनाव होने हैं, जिसके चलते बीजेपी ने मुंबई रीजन की ज्यादातर जिलों में बीजेपी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने उत्तर मुंबई से दीपक तावडे और उत्तर मध्य से विरेंद्र म्हात्रे का नाम घोषित किया जबकि उत्तर पूर्व मुंबई से दीपक दलवी को फिर से अवसर दिया गया है। बीजेपी ने दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिला अध्यक्ष के नाम घोषित नहीं किए हैं।

    क्या कहते हैं कार्यकर्ता ?

    बीजेपी ने मुंबई के छह जिलों में से तीन जिले के अध्यक्ष बनाए हैं, उसमें किसी भी उत्तर भारतीय नेता का नाम शामिल नहीं है। इस तरह से बीजेपी ने किसी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया है। हालांकि, दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिलाध्यक्षों की घोषणा पार्टी ने नहीं की है, ऐसे में दक्षिण मुंबई और दक्षिण मध्य मुंबई जिले से उत्तर भारतीय अध्यक्ष देने की संभावना कम ही है, लेकिन उत्तर पश्चिम मुंबई से बीजेपी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष बना सकती है। ऐसा भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है।

    दूसरी लिस्ट पर नजर

    उत्तर भारतीय समाज की पैनी नजर बीजेपी के दूसरी जिलाध्यक्षों की लिस्ट पर टिकी है। बीजेपी अगर किसी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया तो बीएमसी चुनाव में उत्तर भारतीय की नारजगी देखने को मिल सकती है। उत्तर भारतीय वोटों की नाराजगी महानगरपालिका के चुनाव में बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों समेत बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग मुंबई में रहते हैं और इनके वोट बैंक बीजेपी के लिए हमेशा से फायदेमंद रहा है।

    मुंबई में कितने है उत्तर भारतीय वोटर्स ?

    मुंबई में करीब 30 लाख उत्तर भारतीय वोटर्स हैं। 2024 के चुनाव में मुंबई में दोनों ही गठबंधनों से 14 उम्मीदवार उत्तर भारतीय मैदान में उतरे थे, जिनमें से 6 विधायक बनने में कामयाब रहे। कलीना, कुर्ला, दहिसर, चारकोप, कांदिवली-ईस्ट, बोरीवली, मागाठणे, वर्सोवा, गोरेगांव, दिंडोशी, जोगेश्वरी-पूर्व और अंधेरी ईस्ट इलाके में उत्तर भारतीय निर्णायक भूमिका अदा करते रहे हैं।

    उत्तर भारतीयों की भूमिका

    मुंबई से बाहर महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में भी बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय वोटर रहते हैं। नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण, पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, अकोला, औरंगाबाद इसमें शामिल हैं। यहां उत्तर भारतीयों के वोट नतीजों पर प्रभाव डालने वाली स्थिति में हैं। मुंबई की बीएमसी से लेकर पुणे, नागपुर, औरंगाबाद और ठाणे नगर निगम की सीटों पर उत्तर भारतीयों का प्रभाव रहा है। इस तरह मुंबई ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के अन्य कई शहरों में भी उत्तर भारतीय वोटर मुख्य भूमिका में हमेशा से रहे है।

  • “मराठी में बोलो तो ही पैसे देंगे”, मुंबई में ग्राहक ने पिज्जा डिलीवरी बॉय से किया भाषा को लेकर विवाद: देखें VIDEO

    “मराठी में बोलो तो ही पैसे देंगे”, मुंबई में ग्राहक ने पिज्जा डिलीवरी बॉय से किया भाषा को लेकर विवाद: देखें VIDEO

    मुंबई में एक बार फिर भाषा को लेकर विवाद का मामला सामने आया है, यहां एक कस्टमर ने एक पिज्जा डिलीवरी बॉय को मराठी नहीं आने के कारण पिज्जा के पैसे देने से इनकार कर दिया।

    मुंबई: देश में जहां एक ओर भारत आतंकवाद से लड़ रहा है तो दूसरी तरफ अंदरूनी लोग अभी भी जात-पात, धर्म और भाषा को मुद्दा बनाकर आपस में विवाद कर रहे हैं। ताजा मामला मुंबई के भांडुप से सामने आ रहा है। जहां एक ग्राहक ने डिलीवरी बॉय से पिज्जा तो ले लिया लेकिन मराठी में बोलने को कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया और तो और पैसे देने से मना कर दिया क्योंकि उसे मराठी नहीं आती।

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    पिज्जा तो ले लिया पर पैसे नही दिए

    मिली जानकारी के मुताबिक, भांडुप इलाके में साईं राधे नाम की बिल्डिंग में डोमिनोज़ पिज्जा के डिलीवरी बॉय रोहित लेवरे सोमवार की रात यानी 12 मई पिज्जा डिलीवर करने गया था। लेकिन कस्टमर ने उसे मराठी नहीं आने को लेकर बवाल खड़ा कर दिया और कहा कि मराठी बोलो तो ही पैसे देंगे। हालांकि कस्टमर ने पिज्जा रख लिया और पैसे देने में नाटक करने लगे। डिलीवरी बॉय ने इसका एक वीडियो भी बनाया, जिसमें एक पुरुष और महिला उससे भाषा को लेकर विवाद कर रहे हैं।

    कपल ने डिलीवरी बॉय से किया भाषा पर विवाद

    डिलीवरी बॉय रोहित लेवरे से महिला कस्टमर ने कहा कि पैसे चाहिए तो मराठी बोलनी पड़ेगी, वीडियो में महिला साफ-साफ कहती हुई सुनाई दे रही है, “मराठी बोलो तो ही पैसे देंगे।” वहीं, डिलीवरी बॉय कह रहा कि उसे मराठी नहीं आती जबरदस्ती क्यों कर रहे हैं। अगर आर्डर में कोई दिक्कत है तो बताओ। जबकि पूरी वीडियो में महिला हिंदी में बात समझ भी रही थी और बात भी कर रही थी। (“I will pay you only if you speak in Marathi”, customer in Mumbai argues with pizza delivery boy over language: Watch VIDEO)

    वायरल हुआ वीडियो

    डिलीवरी बॉय ने यह पूरा मामला अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो में कस्टमर कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि मराठी में ही बात करनी होगी। जिसके बाद डिलीवरी बॉय को बिना पैसे लिए ही वापस लौटना पड़ा। अब यह वीडियों सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। (“I will pay you only if you speak in Marathi”, customer in Mumbai argues with pizza delivery boy over language: Watch VIDEO)

  • Viral Video: मुंबई में भीड़ की मार, महिला ट्रेन में लटकने पर मजबूर, लोगों ने लगाई खूब लताड़

    Viral Video: मुंबई में भीड़ की मार, महिला ट्रेन में लटकने पर मजबूर, लोगों ने लगाई खूब लताड़

    Mumbai Local Train: हाल ही में, एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जहां कुछ महिलाएं चलती लोकल ट्रेन के दरवाजे से लटक कर सफर करती नजर आ रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    मुंबई: सोशल मीडिया पर आए दिन मुंबई लोकल ट्रेन की ऐसी ऐसी वीडियोज वायरल होती रहती हैं, जिसे देखकर हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि एक व्यक्ति अपने दिनचर्या वाले काम को करने के लिए किस रास्ते तक जा सकता है। मुंबई की लोकल ट्रेनें शहर की जीवन रेखा मानी जाती हैं, लेकिन इनमें होने वाली भीड़ कई बार यात्रियों के लिए खतरा बन जाता है। अब हाल ही में, एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां कुछ महिलाएं मजबूरन चलती लोकल ट्रेन के दरवाजे से लटक कर सफर करती नजर आईं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के X पर ‘Mumbai Railway Users’ नामक अकाउंट से शेयर किया गया है। इसमें कुछ महिलाएं भीड़ के कारण ट्रेन के अंदर जगह न मिलने पर दरवाजे के बाहर लटक कर यात्रा करती दिखाई दे रही हैं। बताया गया है कि यह घटना कल्याण स्टेशन से रवाना होने वाली ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेन की है, जो उस दिन करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची थी। देरी के कारण प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो गई और महिलाओं को मजबूरी में दरवाजे पर लटकना पड़ा। इसमें लटकी हुई महिला भी अंदर की भीड़ को जगह देने के लिए चिल्ला रही थी। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कोई हिल भी नहीं पा रहा था। कहीं उस महिला का हाथ छूट जाता तो मौके पर ही उसकी मौत हो जाती। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    रेलवे ने तुरंत दी प्रतिक्रिया

    वीडियो सामने आने के बाद रेलवे की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया दी गई। रेलवे सेवा के आधिकारिक अकाउंट ‘Railway Seva’ ने इस वीडियो को गंभीरता से लेते हुए मुंबई सेंट्रल रेलवे के डिविजनल मैनेजर (@Drmmumbaicr) को टैग किया और जरूरी कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को भी जांच के लिए टैग किया गया। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    लोगों ने दी मजेदार प्रतिक्रिया

    इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने ट्रेनों की समय पर न आने और भीड़भाड़ को ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया, वहीं कुछ ने यात्रियों की तरफ से उठाए गए जोखिम भरे कदम की आलोचना की। कई यूजर्स ने कहा कि यात्रियों को अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहिए और ऐसे खतरनाक तरीकों से बचना चाहिए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    सतर्क रहने की है जरूरी

    भारतीय रेलवे पहले भी कई बार यात्रियों को चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होने या बाहर लटकने से मना कर चुका है। यह न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। यह घटना रेलवे के लिए एक चेतावनी है कि रेलवे को महिला यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। अगर ऐसे हालात बने रहे तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

  • Pune: पिंपरी रेलवे स्टेशन के पास तोप के गोले मिलने से सनसनी

    Pune: पिंपरी रेलवे स्टेशन के पास तोप के गोले मिलने से सनसनी

    Maharashtra: पुणे जिले के पिंपरी रेलवे स्टेशन के नजदीक एक जंगल में पुराने तोप के गोले मिले है। पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए इन बमों को भारतीय सेना को सौंपने का फैसला किया है।

    मुंबई: भारत और पाकिस्तान हमले के बीच महाराष्ट्र के पुणे में तोप के गोले मिलने से सनसनी फैल गई। हालांकि बरामद तोप के गोले जंग रहित पूराने है। सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और बम निराेधक दस्ते ने इसकी पृष्ठी की। कहा कि खतरे की कोई बात नही है। पुणे जिले के पिंपरी रेलवे स्टेशन के नजदीक एक जंगल से पुराने तोप के 9 गोले बरामद हुए है। (Pune: Sensation due to finding cannon balls near Pimpri railway station)

    6 महिनों से पड़े थे गोले

    रेलवे पुलिस ने सोमवार को मीडिया को बताया कि पिंपरी रेलवे स्टेशन के पास जंग लगे नाै तोप के गोले मिलने की जानकारी मिली है। यह तोप के गोले करीब छह महिने से यहां पड़े होने की प्राथमिक जानकारी मिली है। इसकी सूचना मिलते ही पिंपरी सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बम का पता लगाने और निपटान करने वाले दस्ते (बीडीडीएस) के साथ मिलकर घटनास्थल पर तुरंत कार्रवाई की और तोप के गोलों को बरामद कर लिया है। (Pune: Sensation due to finding cannon balls near Pimpri railway station)

    सेना को देने का फैसला

    अधिकारी ने कहा कि इन तोप के गोलों को आगे की जांच के लिए सेना अधिकारियों को सौपे जाने की प्रक्रिया जारी है। उन्हाेंने आशा जताई कि इन गोलाें काे स्क्रैप व्यापारी लाया हाेगा। अधिकारियों ने बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले भी इसी तरह के गोले मिले हैं और इसका भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध संकट से कोई संबंध नहीं है। अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए कहा कि आयुध सक्रिय नहीं था और इससे तत्काल कोई खतरा नहीं था। पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए इन बमों को भारतीय सेना को सौंपने का फैसला किया है। (Pune: Sensation due to finding cannon balls near Pimpri railway station)