Category: Mumbai News

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  • भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    • डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर की लालच से अवैध निर्माणों को मिल रहा संरक्षण (BMC Corruption)
    • ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी कर रहा मनपा का पी/ नॉर्थ,वार्ड का मुकादम विट्ठल राठौड़
    • क्या मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल पी/ नॉर्थ, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारीयों पर आईपीसी १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे?

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे बड़ी नगर पालिका मानी जाती है। किंतु वर्तमान में उसके अधिकारी और कर्मचारी ही काली कमाई की लालच में मनपा की साख में बट्टा लगा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार मुंबई मनपा के सभी वार्डो में अवैध निर्माणों के भ्रष्टाचारो (Corruption) का खेल जारी है। जिसमें अधिकारी और ठेकेदार मिलकर मलाई खा रहे हैं। लेकिन मालाड़ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का पी/ नॉर्थ, वार्ड इससे दो कदम और आगे निकल चुका है। यहां न केवल अभियंता (Engineer) बल्कि मुकादम भी डीओ (Designated Officer) और वार्ड के सहआयुक्त (Assistant Commissioner) के लिए अवैध निर्माण (Illegal construction) को बचाने के लिए बिचौलिए का काम करता है। इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है।

    भ्रष्ट BMC के उच्च अधिकारी ..

    Corruption,
    अवैध निर्माण की तस्वीर
    Bmc,

    वहीं मनपा पी/ नॉर्थ वार्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते उसके कार्यक्षेत्र में भूमाफियाओं और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बड़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। जिस पर अंकुश लगा पाना अब पी/ नॉर्थ, वार्ड के वश में नहीं है ऐसा माना जा रहा है। वहीं स्थानीय नागरिकों, समाजसेवको व शिकायतकर्ताओं की माने तो मनपा परिमंडल -४ के उपायुक्त (Deputy Municipal Commissioner) विश्वास शंकरवार की ईमानदार छवि अब नोटो के बंडलों पर बिक चुकी है। जबकि उपायुक्त विश्वास शंकरवार अवैध निर्माणों पर मनपा नियमों के तहत उसकी जांच कर कार्रवाई करने की बजाय स्वयं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता को भुला बैठे हैं।

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    इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है। यहां के गली नंबर -२, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई ४०००९५. स्थित रिक्त भूखंड पर अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू ने १२ व्यापारिक गाले और मकान की चॉल बना डाली है। स्थानीय नागरिक बताते हैं, कि उपायुक्त विश्वास शंकरवार की इसी भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर वाली छवि के कारण ही पी/ नॉर्थ वार्ड में अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बढ़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। अब ऐसे में उपायुक्त विश्वास शंकरवार की तरफ से उक्त अवैध निर्माण पर कारवाई का न होना ही जिसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    हालांकि ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लु द्वारा बिना किसी खौफ के धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में डीओ. राजन प्रभु और सहाय्यक आयुक्त किरण दिघावकर की तरफ से बरती जा रही लापरवाही या सेटिंग उक्त अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। वहीं इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत मुकादम विट्ठल राठौड़ की माने तो मनपा (BMC) का पी/नॉर्थ, वार्ड ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी करने में व्यस्त नजर आ रहा है तथा उसके अवैध निर्माणों को संरक्षण देने में सक्षम अधिकारियों ने पूरी सहमति जताई है।

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    स्थानीय नागरिकों की माने तो सहाय्यक अभियंता अनिल पुणतांबेकर की कार्यप्रणाली भी सिर्फ अवैध निर्माणों से मिलने वाली काली कमाई (Black Money) के हिस्सेदारी पर ही निर्भर है ना की अवैध निर्माणों के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने में है। यदि लोकसेवक (Public Servant) होने के नाते जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है तो वह लोकसेवक भारतीय दंड संहिता (IPC) १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के अनुसार अपराधी होता है।मनपा पी/नार्थ वार्ड से विगत वर्षों मे अवैध निर्माण से कितनी काली कमाई किया होइसका अनुमान लगाया जाना यदि असंभव नहीं तो दुष्कर अवश्य है।
    क्या बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में एक भी जिम्मेदार व ईमानदार अधिकारी नही है? जो भ्रष्ट एवं रिश्वतखोर अधिकारियों के भ्रष्टाचार (Corruption) की जांच कराकर दंडित करने की कार्रवाई करा सकें?

  • मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की ट्रैफिक पुलिस की इन दिनों चांदी ही चांदी नजर आ रही है। यहां भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करते हुए यातायात पुलिस दिखाई पड़ रही हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    आजकल मुंबई शहर की वाहतूक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पूरे मुंबई की यातायात पूरी तरह जाम जैसी स्थिति बन गयी है। इसका कारण है ट्रैफिक का कोई नियम कानून है ही नही। इसका करण भी है। पुलिस विभाग पूरी तरह लापरवाह हो गयी है। नो पार्किंग में भी अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिस पर कोई शिकायत करता है तो पुलिस उससे उल्टा प्रश्न करती है, कि तुमको क्या परेशानी है? इसके बाद नो इंट्री में भी शुल्क लेकर गाड़िया चलाई जाती है। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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    ट्रैफिक पुलिस की मनमानी ..

    ट्रैफिक पुलिस,
    पुलिस के रिश्वतखोरी की फाइल तस्वीर

    मुंबई ट्रेफिक पुलिस महाराष्ट्र (Maharashtra) के भाजपा एकनाथ शिंदे गठबंधन की सरकार (Government) में भ्रष्टाचार (Corruption) की चरम सीमा पर पहुँच गए हैं। क्या लोगों को कानून व्यवस्था (Law and order) से महरूम कराना एक सरकारी कर्मचारी (Public Servant) को शोभा देता है। वो भी किस लिए? काली कमाई (Black money) के लिए। जिसपर नजर पड़ी तो आप अंदर भी हो जाओगे।
    इसके बाद अगर कोई गाड़ी वाला भूल से साइड पार्किंग (Parking) करके खड़ा रहता है, तो उससे लंबे चौड़े डिमांड किये जाते है। अगर गाड़ी मालिक या चालक पैसे देने से मना करता है, तो उसके साथ बदतमीजी भी अच्छे पैमाने पर की जाती है। फिर उसपर फर्जी केस बनाया जाता है। उसका लाइसेंस गाड़ी का पेपर लेकर उसको ट्रैफिक चौकी में बुलाकर उसकी अच्छी खात्री की जाती है। ये कौन सा नियम है? कौन सा कानून है? इस विषय पर अधिकारी कब ध्यान देंगे? कब ऐसे पुलिस वालों पर कार्रवाई करेंगे? (Mumbai Traffic police Corruption News)
    अजब तेरा जलवा, गजब तेरी छाया।
    पुलिस वालों की जेब मे माया ही माया।
    ये कब सुधरेंगे ये तो सरकार ही बताएगी। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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  • Mumbai: महिला पुलिस कांस्टेबल से छेड़छाड़ में नाबालिग गिरफ्तार

    Mumbai: महिला पुलिस कांस्टेबल से छेड़छाड़ में नाबालिग गिरफ्तार

    विक्रोली में हिंदू संगठनों के पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हथियार बंद पुलिस बल, दंगा नियंत्रण बल, होम गार्ड की अतिरिक्त जनशक्ति को विक्रोली पश्चिम में संवेदनशील बिंदुओं पर तैनात किया गया है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    विक्रोली मे शुक्रवार की एक घटना के बाद से ही यहां का वातावरण तनावपूर्ण हो गया है। पार्कसाइट पुलिस ने शुक्रवार रात 30 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के आरोप में एक नाबालिग को पकड़ा है। पीडीत महिला स्थानीय शस्त्र इकाई से जुड़ी एक कांस्टेबल है।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। विक्रोली की रहने वाली कांस्टेबल अपने चचेरे भाई और दोस्त के साथ रात के खाने के लिए अपने चाचा के घर की ओर जा रही थी, तभी एक अज्ञात व्यक्ति पीछे से आया और उसे छूने लगा। उसके दोस्त और चचेरे भाई ने तुरंत उस व्यक्ति को पकड़ लिया, लेकिन बाइक पर सवार दो लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया, उसे थप्पड़ मारा और तुरंत वहां से चले जाने को कहा।

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    महिला पुलिस,
    विक्रोली मे अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती

    घटना के बाद महिला ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कराया। मुंबई परिमंडल-7 के पुलिस उपायुक्त पुरूषोत्तम कराड ने कहा, “अपराधी को ट्रैक करने के लिए टीमों का गठन किया गया था।” उन्होंने कहा, “हमने एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में संदिग्ध को देखा।”

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    महिला पुलिस कांस्टेबल ..

    फुटेज के आधार पर पुलिस ने शनिवार को विक्रोली में रहने वाले एक नाबालिग को पकड़ लिया। उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बीच, घटना की खबर चिंगारी की तरह फैल गई, जिसमें कई लोगों ने दावा किया कि महिला के साथ छेड़छाड़ करने वाला आरोपी ईद के जुलूस का हिस्सा था। शनिवार सुबह हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर दोषी की गिरफ्तारी की मांग की। 

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    मुंबई पुलिस ने निवारक उपाय के रूप में, स्थानीय हथियार बंद पुलिस बल, दंगा नियंत्रण बल, होम गार्ड की अतिरिक्त जनशक्ति को विक्रोली पश्चिम में संवेदनशील बिंदुओं पर तैनात किया गया।समाचार लिखे जाने तक पुलिस बाइक सवार लोगों का पता लगाने में भी कामयाब रही। उन्हें मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। अपराध के खिलाफ नाबालिग लड़के के साथ 3 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।

  • पिछले चार सालों से रद्द परीक्षा की फीस वापस नहीं की जा रही है।

    पिछले चार सालों से रद्द परीक्षा की फीस वापस नहीं की जा रही है।

    • जिला परिषद भर्ती 2019 रद्द, भर्ती प्रक्रिया के उम्मीदवार असमंजस में,
    • किससे करें परीक्षा फीस वापसी की अपील?
    • Maharashtra Government Job

    इस्माइल शेख
    मुंबई
    – पिछले दिनों साल 2019 जिला परिषद की भर्ती रद्द कर दी गई थी। उस पद के लिए लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। उस समय उम्मीदवारों द्वारा भरा गया परीक्षा शुल्क हलाकि ग्रामीण विकास विभाग ने चार साल बाद फीस वापस करने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए जारी लिंक में उम्मीदवारों को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब तकनीकी दिक्कतों से परेशान अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि फीस वापसी के लिए किसके पास अपील करें। इसके लिए प्रतियोगिता परीक्षा समन्वय समिति ने ग्रामीण विकास मंत्री गिरीश महाजन को पत्र लिखकर सवाल उठाए हैं। (Maharashtra Government Job News)

    मार्च 2019 में जिला परिषद के अंतर्गत 13 हजार 521 पदों पर सीधी सेवा भर्ती की घोषणा की गई थी। उसके लिए 12 लाख 72 हजार 319 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। अब इस भर्ती प्रक्रिया के रद्द होने से उस परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की फीस वापसी का सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि, राज्य सरकार ने शुल्क की राशि जिला परिषदों को दे दी है। इस बीच, जिला परिषद की ओर से अभ्यर्थियों के लिए जानकारी भरने के लिए एक वेबसाइट खोली गई है। (Maharashtra Government Job News)

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    Government Job,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    Government Job वास्तव में क्या है समस्या ?

    पहले जिला परिषद की इस वेबसाइट पर केवल उपयोगकर्ता का नाम दर्ज करने पर लॉगइन करने की सुविधा थी। हालाँकि, कई लोगों को अपना आधार नंबर दर्ज करके लॉगइन करने की सुविधा दी गई क्योंकि उन्हें अपना उपयोगकर्ता नाम नहीं पता था। तो अब आधार नंबर डालकर लॉगइन करने के बाद फीस रिफंड आवेदन भरना होगा। आवेदन जमा करते समय मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करना होता है, लेकिन मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त नहीं होने के कारण लाखों उम्मीदवारों का आवेदन जमा नहीं हो पाया है। सवाल यह उठा है कि कुछ उम्मीदवारों का विवरण आधार नंबर डालने के बाद भी नहीं आया है, उनका क्या? (Maharashtra Government Job News)

    क्या हैं मांगें…

    ओटीपी न मिलना, आवेदन जमा न होना जैसी कई तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। लॉगइन करने के बाद उम्मीदवार द्वारा भरे गए सभी आवेदनों की कुल सूची लॉगइन के बाद पेज पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे उम्मीदवार को पूरी फीस रिफंड तुरंत मिल जाएगी। यदि वेबसाइट के माध्यम से शुल्क वापसी ठीक से नहीं की जाती है, तो ग्रामीण विकास विभाग को प्रत्येक जिला परिषद को स्थानीय स्तर पर शुल्क वापसी के लिए एक और तरीका प्रदान करना चाहिए। (Maharashtra Government Job News)

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    इस संबंध में प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति के अध्यक्ष राहुल कावठेकर ने कहा, कि जिला परिषद की भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों से ली गयी हजारों रुपये की फीस का हिस्सा उन्हें नहीं मिले तो वे क्या करें? सरकार को इन उम्मीदवारों को राहत देनी चाहिए जो पहले ही अपनी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण नौकरी के लिए परीक्षा दे रहे हैं। (Maharashtra Government Job News)

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    अभ्यर्थियों में असमंजस

    एक उम्मीदवार ने 2019 में विभिन्न जिलों के लिए 10 पदों के लिए करीब ढाई हजार रुपये से लेकर सात-आठ हजार रुपये तक फीस का भुगतान किया है। ऐसे में स्थिति यह उत्पन्न हो गई है, कि उन्हें लॉगइन में केवल पांच आवेदन ही दिख रहे हैं, जिसका मतलब है कि उम्मीदवार को अन्य पदों के लिए रिफंड शुल्क नहीं मिलेगा। (Maharashtra Government Job News)

  • MUMBAI: रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता पखवाड़ा का ड्रामा

    MUMBAI: रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता पखवाड़ा का ड्रामा

    स्वच्छता अभियान के तहत पखवाड़ा का ड्रामा कर कल्याण रेलवे स्टेशन पर अधिकारी एवं कर्मचारी सरकारी पैसों का बंटाधार कर रहे हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – मध्यरेल के पांचों मंडलो में इस समय स्वच्छता पखवाड़ा का दिखावा जोर-शोर से चल रहा है। सारे अधिकारी अपने मंडलो में फोटो खिंचवाकर वाह-वाही लूट रहे है। जो कार्य नित्य करना है वो कार्य वर्ष में पखवाड़ा मनाकर यात्रियों को खुलेआम मूर्ख बनाकर अधिकारी अपनी झोली भरने का कार्य कर रहे है।

    मुंबई के सभी लोकल स्टेशनों पर शौचालय इतने गंदे है, कि यात्रियों को उसके दुर्गंध से ही बेहोशी आने लगती है शिकायत करने पर कोई कार्यवाही तक नही होती। कोई सुनने वाला नही है। महिला शौचालयों में भारी लूटपाट की जाती है। क्या इस पर कोई कार्रवाई अभी तक की गई है? अगर की गई है उसकी जानकारी क्यों नहीं दी जाती है। रेलवे अधिकारियों को चुल्लू भर पानी मे डूब मरना चाहिए।

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    स्वच्छता,

    स्वच्छता पखवाड़ा ..

    ये जो पखवाड़ा बाजी करते है स्वच्छता प्रतिदिन होना चाहिए। जो नही किया जाता। केवल सफाई करने वाले ठेकेदारों से हफ्ता वसूली बड़े पैमाने पर चल रहा है और स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा और वो भी केवल चिन्हित गाड़ियों और स्थानों पर इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकती है।

    कल्याण स्टेशन पर तो महिलाओ के लिए शौचालय की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है जो कि मध्यरेल के महाप्रबंधक नरेश लालवानी ने आदेश भी जारी किया है। फिर भी कोई कार्य शुरू नही किया गया है। अभी टेंडरिंग प्रोसेस में है। कल्याण स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर महिलाये परेशान रहती है।

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  • Mumbai: लोकल ट्रेन में विवादास्पद बेली डांस पर छिड़ी बहस, मध्य रेलवे डीआरएम ने जनता से की अपील

    Mumbai: लोकल ट्रेन में विवादास्पद बेली डांस पर छिड़ी बहस, मध्य रेलवे डीआरएम ने जनता से की अपील

    कुछ यात्रियों ने इसे मनोरंजन के रूप में देखा, जबकि अन्य ने इसका पुरजोर विरोध किया और कलाकार के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। (Mumbai Local Train Viral Video)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली मुंबई (Mumbai) की लोकल ट्रेनें (Local Train) एक बार फिर एक वायरल वीडियो (Viral Video) की वजह से चर्चा का केंद्र बन गई हैं। इस बार, वीडियो में एक महिला को चलती लोकल ट्रेन के अंदर बेली डांस (Belly Dance) करते हुए दिख रही है, जिससे लोगों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।

    Mumbai लोकल ट्रेन ..

    हालांकि मुंबई की लोकल ट्रेनों में ‘वायरल वीडियो’ कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस विशेष घटना ने सांस्कृतिक धारणाओं, सार्वजनिक व्यवहार और सार्वजनिक परिवहन (Public Transportation) पर मर्यादा बनाए रखने में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राय को विभाजित कर दिया है।

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    कुछ यात्रियों ने इसे हानिरहित मनोरंजन के रूप में देखा, जबकि अन्य ने इसका पुरजोर विरोध किया और कलाकार के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।

    हालाँकि, इस घटना की सटीक तारीख और स्थान स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CST) और सैंडहर्स्ट रोड के स्टेशनों के बीच मध्य रेलवे (Central Railway) के उपनगरीय खंड पर हुआ शूट किया गया है।

    नीचे वीडियो देखें

    वीडियो सोशल मीडिया पर मुख्य रूप से ट्विटर उपयोगकर्ता @mumbaimatterz के सौजन्य से पहुंचा। इसने तुरंत ध्यान आकर्षित किया, कैप्शन के साथ, “मनोरंजन… अब मुंबई लोकल ट्रेन के अंदर बेली डांसिंग। ऐसा लगता है कि #मुंबईलोकल ट्रेनें प्रतिभा दिखाने के लिए सबसे अच्छी जगह हैं।” इस पोस्ट ने प्रतिक्रियाओं और चर्चाओं की झड़ी लगा दी।

    मध्य रेलवे (Central Railway) मुंबई मंडल के डीआरएम (Divisional Railway Manager) ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए यात्रियों से ट्रेन यात्रा के दौरान ऐसी गतिविधियों और स्टंट से बचने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा, कि “रेलगाड़ियाँ सार्वजनिक परिवहन के लिए हैं, ऐसे प्रदर्शनों के लिए नहीं।”

    Mumbai, लोकल ट्रेन,
    मुंबई लोकल ट्रेन के भीतर डांस करते हुए लड़की की तस्वीर

    जनता के बीच राय व्यापक रूप से भिन्न थी। उदयकुमार जे नायर ने संदेह व्यक्त किया, सुझाव दिया कि कलाकार ध्यान आकर्षित करना चाहता था और वीडियो के पीछे लोगों की भूमिका पर सवाल उठाया। धीवर पारलकर ने प्रत्येक डिब्बे में पुलिस की मौजूदगी की सीमाओं की ओर इशारा किया और इस तरह के व्यवहार को हतोत्साहित करने के लिए यात्रियों की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।

    एक अन्य चिंतित उपयोगकर्ता, मकरंद ने सम्मानजनक और सुरक्षित आवागमन के माहौल की वकालत करते हुए, सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखने के लिए @Central_Railway और @RPFCR द्वारा त्वरित और सख्त कार्रवाई का आह्वान किया।

    इसके विपरीत, एक ट्वीटर उपयोगकर्ता (Twitter User), अभिजीत पाटकी ने विनोदपूर्वक कहा कि यदि इस तरह के प्रदर्शन विरार या कल्याण जाने वाली ट्रेनों में होते हैं, तो जगह तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। भावेश पंड्या ने ‘ट्वीट’ (Twitter) पर मज़ाकिया अंदाज में सुझाव दिया कि रेलवे की नियमित देरी से मनोरंजन की अचानक शुरुआत को समझा जा सकता है।

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    जॉयदीप रॉय ने डांस बार की तुलना में ट्रेन मनोरंजन (Entertainment) की सामर्थ्य पर प्रकाश डालते हुए कीमत की तुलना की। अंत में, एक अन्य ट्वीटर उपयोगकर्ता सुधीश ने बेली डांस (Belly Dance) को अश्लील और अभद्र बताने पर सवाल उठाया, यह तर्क देते हुए कि इसे सार्वजनिक कार्यक्रमों और फिल्मों में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है, और सवाल किया कि कुछ व्यक्तियों को संस्कृति और धर्म के संरक्षक के रूप में किसने नियुक्त कर किया।

  • बाजारों में बिक रहा है जानलेवा बनावटी राई तेल और सींग तेल (मीठा तेल)

    बाजारों में बिक रहा है जानलेवा बनावटी राई तेल और सींग तेल (मीठा तेल)

    • क्राइम ब्रांच यूनिट 1 की टीम ने ‘ गौतम एग्रो इण्डिया ‘ कंपनी में बनावटी तेल बनाते रंगेहाथ पकड़ा।
    • केशव राई तेल- गुजरात सींग तेल- सौराष्ट्र सींग तेल और सोना सींग तेल।
    • कॉसमॉस नामक केमिकल मिलाकर खाने का तेल तैयार किया जाता है।

    वी.बी.माणिक
    मुंबई-
    महानगर में कुछ ऐसे लघु उद्योग हैं जो लोगों के स्वास्थ्य की परवाह किए बिना अपने लाभ के लिए नकली सरसों और सींग का तेल बनाते हैं। उसको बनाने के लिए वह केमिकल का सहारा लेते हैं। उन्हें इस बात की चिंता नहीं कि देश के नागरिक उनका उपयोग करके कई शारीरिक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं किंतु उन्हें तो अधिक से अधिक पैसा कमा कर अपनी तिजोरी भरनी होती है ऐसे ही एक कारखाने को नवी मुंबई की क्राइम ब्रांच यूनिट नंबर-1 ने खुलासा किया है।

    अपने मुखबिरों से सूचना पाकर क्राइम ब्रांच की यूनिट -1 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक आबासाहेब पाटिल की टीम ने उस कंपनी में छापा मार कर, उस कंपनी में सरसों और सींग का तेल बनाते रंगे हाथ पकड़ा तो काम करने वाले लोगों ने बताया कि यह लघु उद्योग ‘गौतम एग्रो इंडिया’ के नाम से चलाया जाता है तथा इसका मालिक विशाल सेठ है। पुलिस के पूछने पर कामगारों ने बताया कि टैंकरों से ‘सुपर पाम’ नाम का तेल आता है जिसे वह 10 से 20 टन क्षमता वाली 8 से 10 टंकियों में रखते हैं।

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    केमिकल,
    पुलिस की रेड की तस्वीर

    केमिकल से तैयार किया जाता है खाने का तेल

    इन्हीं टंकियों में सींग तेल के लिए एक सुपर केमिकल नामक थिनर मिलाया जाता है ताकि तेल गाढ़ा न हो। उसके बाद 4 से 5 टन सींग तेल बनाने के लिए डेढ़ से दो किलोग्राम कॉसमॉस नामक केमिकल का उपयोग किया जाता है। फिर उसे टंकी में ही अच्छी तरह मिला देते हैं और तेल को दूसरी यूनिट में भेज कर उसकी पैकिंग कर दी जाती है। सींग तेल के ब्राडों में उन्होंने बताया कि गुजरात सींग तेल, सौराष्ट्र सींग तेल और सोना सींग तेल कहा जाता है।

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    पुलिस ने बताया है कि इसी तरह उसी सुपर पाम तेल में एक केमिकल मिलाया जाता है, जिसके एक बाॅटल मिलाने पर ही, लगभग चार से पांच टन राई का तेल तैयार हो जाता है। फिर इसे ‘केशव राई तेल’ के ब्रांड वाली पैकिंग में पैक किया जाता है। क्राइम ब्रांच ने उक्त कारखाने को सील कर दिया है और तेल बनाने में उपयोग किये जाने वाले केमिकल्स एवं सुपर पाम ऑयल का सैम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोग शाला में भेज दिया है। मामला दर्ज कर पुलिस उस कंपनी की गहन जांच करने में जुट गई है।

  • अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    • महाराष्ट्र सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महासमुद्र जैसी है मुंबई की महानगर पालिका ! यहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जो पकड़ा गया चोर, नही कार्यवाही हुई तो वह ईमानदार। यही सिलसिला दशकों से चल रहा है। सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जा कर मकान और इमारतें बनवाने, मनपा अधिकारियों द्वारा संरक्षण देकर धन कमाने का काम अवैध गति से चलता रहता है।

    एक ऐसे ही भ्रष्टाचार के प्रमाणित होने के मामले में बम्बई हाईकोर्ट (Bombay High court) ने सोमवार को अवैध निर्माणों को लेकर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय से अवैध निर्माण हो रहे हैं, लेकिन अब इस रवैये को बदलने का वक्त आ गया है, कि इस तरह के ढांचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, कि ‘क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का कोई समाधान है?’ हाईकोर्ट ने कहा, “अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा।”

    अवैध निर्माणों पर Bombay HC ने लिया संज्ञान..

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति कमल खाटा की खंड पीठ ने कहा, कि एक अदालत के रूप में वह अब यह संदेश देना चाहती है, कि इस तरह के अवैध निर्माण नहीं होने दिये जाएंगे। पीठ ने पिछले महीने नवीं मुंबई में चार मंजिला एक अनधिकृत आवासीय इमारत के मुद्दे का स्वत: संज्ञान लिया था। इमारत के 29 फ्लैट में से 23 में लोग रह रहे हैं। पांच में ताला लगा हुआ है जबकि एक खाली है।

    Bombay,
    Bombay high court के भीतर की तस्वीर

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    बम्बई उच्च न्यायालय ने चिंता जताते हुए कहा, कि 23 फ्लैटों को लेने वाले लोगों को यह कहते हुए इसे खरीदने के लिए मनाया गया कि कुछ नहीं होगा। हाईकोर्ट ने कहा, अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा। पीठ ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा, कि स्थिति की गंभीरता इतनी है कि इमारत में बिजली और पानी का कनेक्शन अवैध रूप से लिया गया है।

    मा.न्यायालय ने कहा बिना देर किए कार्रवाई होनी चाहिए। न्यायपीठ ने कहा, कि कई बार लोग दीवानी अदालतों का रुख करते हैं और नगर निकाय अधिकारियों की प्रस्तावित कठोर कार्रवाई के खिलाफ स्थगन आदेश जारी करने का अनुरोध करते हैं। न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, इसे रोके जाने की जरूरत है। हमारा मानना है, कि हमें बगैर कोई देर किये कार्रवाई करनी होगी। “मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि हमारी जानकारी रहने पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।” ऐसी चीजें अधिकतर निचली अदालतों के चलते होती हैं। धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो जाती हैं।

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    न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, हमें खुद से कुछ कड़े सवाल करने होंगे। इस नवी मुंबई की इमारत के मामले में नियमों का घोर उल्लंघन हुआ है।हाईकोर्ट ने कहा कि वह महाराष्ट्र सरकार से यह जवाब चाहता है, कि क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का उसके पास किसी तरह का समाधान है अदालत ने कहा, ‘हम उस स्थिति पर विचार नहीं कर सकते, जहां सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो गई है।’

    पीठ ने अदालत के अधिकारी को जमीन और चार मंजिला इमारत का कब्जा लेने का निर्देश दिया तथा बिल्डर और इमारत के 23 फ्लैट में रह रहे लोगों को नोटिस जारी करने का आदेश किया है। पीठ ने नवीं मुंबई स्थित इमारत के मामले की सुनवाई की अगली तारीख 4 अक्टूबर मुकर्रर की है।

  • महाराष्ट्र: गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी: एकनाथ शिंदे

    महाराष्ट्र: गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी: एकनाथ शिंदे

    • Ganesh utsav 2023: एक Permission
    • मुख्यमंत्री अध्यक्षता में अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
    • आने वाले वर्षों के लिए बेहतर योजना…
    • जमीन नाममात्र का किराया रु. 100/

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऐसी अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से उन उत्कृष्ट गणेशोत्सव मंडलों को राहत मिली है जिन्होंने सभी नियमों, कानूनों का पालन किया है और पिछले दस वर्षों में कोई शिकायत नहीं थी। साथ ही वे आने वाले वर्षों के लिए बेहतर योजना बना सकेंगे। (Ganesh utsav 2023 Permission)

    Ganesh utsav 2023 एक Permission ..

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वश्रेष्ठ गणेशोत्सव मंडलों को प्रोत्साहित करने के लिए अगले पांच साल के लिए एक बार अनुमति देने की मांग की गई। इस दौरान एक याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा दिये गये निर्देश की ओर भी ध्यान दिलाया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देश के अनुरूप नगर विकास विभाग ने सरकारी निर्णय की घोषणा कर दी है। इस निर्णय के अनुसार, सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को 19 सितंबर, 2023 से शुरू होने वाले गणेशोत्सव में अगले पांच वर्षों के लिए सरकारी नियमों और कानूनों का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ गणेशोत्सव मंडलों को अनुमति देने के लिए कार्रवाई करनी होगी। (Ganesh utsav 2023 Permission)

    Ganesh utsav, Permission, 2023
    महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी की तैयारी की तस्वीर

    नियमानुसार ..

    महानगरपालिकाएं, नगरपरिषदों व ग्राम पंचायतों की जमीन नाममात्र का किराया रु. 100/ गणेशोत्सव या अन्य उत्सव मंडलों से जमा कराएंगी। साथ ही, उत्सव मंडलों को त्योहार के लिए समय-समय पर निर्धारित सरकारी निर्णयों और आदेशों के अनुसार नियम और शर्तों का पालन करना होगा। बोर्डों को स्थानीय पुलिस स्टेशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा और ऑनलाइन माध्यम से संबंधित स्थानीय निकायों को अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। (Ganesh utsav 2023 Permission)

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  • सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    • जाति प्रमाणपत्र के लिए राष्ट्रीय दस्तावेज होने जरूरी….!
    • न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने हेतु सरकार ने दी मंजूरी

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा में मराठा कुनबी समुदाय, कुनबी मराठा समुदाय को जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें कई कागजात साक्ष्य के रूप में मान्य होंगे, निजाम काल के अनिवार्य साक्ष्य, वंशावली, शैक्षिक साक्ष्य, राजस्व साक्ष्य, निजाम काल में किए गए समझौते, निजाम काल के संस्थानों द्वारा दिए गए चार्टर, राष्ट्रीय दस्तावेज होने ज़रूरी होंगे। इसमें निजाम शाही के समय के प्रमाण सरकारी कागजातों में होंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। (Maratha Arakshan News)

    मिलेगा जाति प्रमाणपत्र ..

    सरकारी निर्णय संख्या MASU -2023/P.No.03/16A दिनांक 07/सितंबर 2023, मैडम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मंत्रालय,मुंबई के अनुसार महाराष्ट्र सरकार शिक्षा एवम समाज कल्याण विभाग, सरकारी निर्णय दिनांक 13 अक्तूबर 1967, महाराष्ट्र अनुसूचित जाति, जनजाति, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, जाति प्रमाणपत्र जारी करने और सत्यापन का विनियमन अधिनियम, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक कार्य, खेल और विशेष सहायता विभाग के निर्णय दिनांक 1 जून 2004, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय ईवीएम विशेष सहायता विभाग दिनांक 1 सितंबर 2012, महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की अधिसूचना 5 परिपत्र दिनांक 28 फरवरी 2018, क्रमांक दिनांक 29 मई 2023, पिछड़ावर्ग और विशेष पिछड़ावर्ग जातिप्रमानपत्र जारी और सत्यापन का बिनयनम अधिनियम 2000 के अनुसार किया जाता है। (Maratha Arakshan News)

    जाति प्रमाणपत्र, Maratha Arakshan,
    मराठा आरक्षण पर प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

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    13 अक्तूबर 1967 निर्णय संख्या 1 के तहत उल्लखित राज्य में अन्य पिछड़ावर्ग की सूचीनुसार (अ) (स) 83 पर कुनबी जाति का उल्लेख है। सरकारी निर्णय 2004 को जारी किया गया, उसके द्वारा मराठा कुनबी के समान कुनबी मराठा को (ए) (न) 83 पर कुनबी जाति के समान जाति के रूप में शामिल किया गया है। यह भी कहा गया, कि सक्षम प्राधिकारी पुराने अभिलेखों साक्ष्यों के आधार पर जांच कर प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लेना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

    समिति गठित करने का निर्णय..

    सरकार की पहल पर न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने के लिए सरकार ने मंजूरी दी है। समिति के अन्य सदस्य मुख्य सचिव राजस्व, प्रधानसचिव विधि एवम न्याय, अतिरिक्त मुख्यसचिव संबंधित जिलों के कलेक्टर, विभागीय आयुक्त औरंगाबाद।
    आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक विभागो के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रमुख सचिव को बैठक में आमंत्रित किया जाना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

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