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Mumbai Airport पर तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश से उड़ानें प्रभावित हुईं। 8 फ्लाइटें सूरत डायवर्ट हुईं, 1,255 यात्री सुरक्षित रहे।
मुंबई : मुंबई एयरपोर्ट पर मंगलवार 29 सितंबर की शाम खराब मौसम ने हवाई परिचालन को प्रभावित कर दिया। गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश के बीच मुंबई आने वाली कई उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर मोड़ना पड़ा। इनमें सूरत डायवर्ट की गई 8 उड़ानों में कुल 1,255 यात्री सवार थे। सभी विमानों ने सूरत एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। वहीं, व्यापक स्तर पर मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों की देरी और कुछ उड़ानों के रद्द होने की भी जानकारी सामने आई है।
मंगलवार शाम करीब 6:50 बजे से मुंबई जाने वाली उड़ानों के डायवर्जन का सिलसिला शुरू हुआ। सबसे पहले तिरुचिरापल्ली से मुंबई जा रही IndiGo की फ्लाइट 6E-2017 सूरत पहुंची। इसमें 182 यात्री सवार थे। इसके कुछ ही मिनट बाद दिल्ली से मुंबई जा रही IndiGo की फ्लाइट 6E-864 को भी सूरत डायवर्ट किया गया। इस विमान में 122 यात्री थे।
इसके बाद दिल्ली से मुंबई जा रही Air India की फ्लाइट AI-2941 सूरत पहुंची। इस विमान में 186 यात्री सवार थे। चेन्नई से मुंबई जा रही IndiGo की फ्लाइट 6E-5104 और गोवा से मुंबई जा रही Air India की फ्लाइट AI-2746 को भी सूरत भेजा गया। AI-2746 में 135 यात्री सवार थे।
बेंगलुरु से मुंबई जा रही IndiGo की फ्लाइट 6E-5255 करीब 7:47 बजे सूरत पहुंची। इसमें 135 यात्री थे। इसके लगभग तीन मिनट बाद चेन्नई से मुंबई जा रही Air India की फ्लाइट AI-640 ने सूरत में लैंडिंग की। इसमें 112 यात्री सवार थे। सबसे आखिर में भोपाल से मुंबई जा रही IndiGo की फ्लाइट 6E-5312 करीब 8 बजे सूरत पहुंची। इस विमान में 204 यात्री सवार थे।
इस तरह सूरत डायवर्ट की गई इन 8 उड़ानों में कुल 1,255 यात्री थे। सूरत एयरपोर्ट पर सभी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और यात्रियों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गईं। सूरत एयरपोर्ट के निदेशक आनंद नारायण शर्मा ने भी इन उड़ानों के डायवर्जन और सुरक्षित लैंडिंग की पुष्टि की थी।
सिर्फ सूरत ही नहीं, दूसरे एयरपोर्ट भी बने वैकल्पिक ठिकाने
मुंबई में मौसम बिगड़ने के बाद सूरत के अलावा दूसरे एयरपोर्ट का भी इस्तेमाल वैकल्पिक लैंडिंग के लिए किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कम-से-कम 11 से 12 मुंबई आने वाली उड़ानों के डायवर्जन की स्थिति सामने आई, हालांकि अलग-अलग समय पर जारी आंकड़ों में अंतर रहा। एक अपडेट में 8 उड़ानों के सूरत और 4 उड़ानों के वडोदरा पहुंचने की जानकारी दी गई। वडोदरा पहुंचने वाली उड़ानों में Air India की AI 2447, AI 599, AI 1780 और IndiGo की 6E 329 शामिल थीं।
वहीं एक अन्य अपडेट में 11 उड़ानों के डायवर्ट होने की जानकारी सामने आई, जिनमें 6 उड़ानों को सूरत और 3 को अहमदाबाद भेजे जाने का विवरण दिया गया। इनमें IndiGo की 6E864, 6E2017 और 6E5104, Air India की AI2941, AI640 और AI2746 शामिल थीं। अहमदाबाद के लिए QP1150, 6E5259 और 6E5163 को डायवर्ट किए जाने की जानकारी दी गई।
इस अंतर की वजह से डायवर्ट हुई कुल उड़ानों की संख्या को लेकर अलग-अलग समय पर अलग आंकड़े सामने आए। हालांकि इतना स्पष्ट है कि मुंबई के खराब मौसम का असर कई मुंबई-बाउंड उड़ानों पर पड़ा और उन्हें सुरक्षित रूप से वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारा गया।
213 उड़ानों में देरी, 16 रद्द होने की भी जानकारी
मौसम का असर सिर्फ डायवर्ट हुई उड़ानों तक सीमित नहीं रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मुंबई एयरपोर्ट पर 213 उड़ानों में देरी हुई, जबकि 16 उड़ानें रद्द हुईं। डायवर्जन के कारण सूरत और दूसरे वैकल्पिक एयरपोर्ट पर भी यात्रियों और विमानों की अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी।
मुंबई में क्यों बिगड़ा मौसम?
मंगलवार शाम मुंबई के कई हिस्सों में अचानक बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखा गया। मुलुंड, कुर्ला और अंधेरी समेत कई इलाकों में बारिश हुई और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी। अंधेरी क्षेत्र में जलभराव के कारण आवाजाही प्रभावित होने की जानकारी सामने आई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुंबई-पवई पूर्वानुमान में 29 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ बारिश या गरज-चमक की संभावना दर्ज थी। 30 सितंबर के लिए भी एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक का पूर्वानुमान दिया गया था।
हवाई परिचालन पर मौसम का सीधा असर पड़ा। तेज हवाओं, बिजली चमकने और गरज-चमक जैसी परिस्थितियों में मुंबई में विमानों की लैंडिंग प्रभावित होने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आने वाली उड़ानों को वैकल्पिक एयरपोर्ट की ओर भेजा। सभी डायवर्ट विमान सुरक्षित उतरे।
सूरत और वडोदरा में यात्रियों के लिए क्या इंतजाम?
डायवर्ट किए गए विमानों के यात्रियों को वैकल्पिक एयरपोर्ट पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। सूरत और वडोदरा में यात्रियों के लिए पीने के पानी और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई। वडोदरा में पहुंचे कुछ विमानों के यात्रियों को तत्काल विमान से बाहर नहीं उतारा गया था और आगे की उड़ान के लिए मौसम तथा परिचालन की स्थिति का इंतजार किया जा रहा था।
अब यात्रियों को मुंबई कब पहुंचाया जाएगा?
डायवर्ट किए गए विमानों की मुंबई वापसी वहां के मौसम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से मिलने वाली अनुमति पर निर्भर रही। मौसम सामान्य होने और मुंबई एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद विमानों को मुंबई भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी थी। इसलिए जिन यात्रियों की उड़ान प्रभावित हुई है, उनके लिए वास्तविक यात्रा समय एयरलाइन और फ्लाइट स्टेटस के अनुसार बदल सकता है।
मुंबई में 30 सितंबर को भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। ऐसे में मुंबई से उड़ान भरने या मुंबई पहुंचने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट का ताजा स्टेटस जांचना महत्वपूर्ण है। मौसम की स्थिति के अनुसार देरी, रूट में बदलाव या डायवर्जन जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है।
मंगलवार की घटना में राहत की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि डायवर्ट की गई उड़ानों की लैंडिंग सुरक्षित रही और किसी यात्री के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई। अब यात्रियों की आगे की यात्रा और उड़ानों के सामान्य संचालन की स्थिति मुंबई के मौसम तथा एयर ट्रैफिक की स्थिति पर निर्भर करेगी।
आंध्र प्रदेश के नरसारावपेट में 33 वर्षीय महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और मोमबत्ती निकाली गई। जानिए डॉक्टरों ने क्या बताया।
नरसारावपेट: आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले में डॉक्टरों के सामने एक बेहद असामान्य मामला आया है। नरसारावपेट के एक निजी अस्पताल में 33 वर्षीय महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई। यानी महिला के पेट में कुल 20 असामान्य वस्तुएं मिलीं। खबर के अनुसार, समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप के बाद महिला की हालत स्थिर बताई गई है।
यह मामला केवल हैरान करने वाली घटना नहीं है। मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे और नुकीले सामान पेट या पाचन तंत्र में फंसने पर गंभीर परेशानी पैदा कर सकते हैं।
महिला को दर्द की शिकायत के बाद परिवार अस्पताल लेकर पहुंचा था। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट में बड़ी संख्या में गैर-खाद्य वस्तुएं होने की जानकारी मिली।
नरसारावपेट के Maathasree Hospital के सर्जिकल विशेषज्ञ डॉ. पी. रामचंद्र रेड्डी ने इस मामले की जानकारी दी। डॉक्टरों की टीम ने लैप्रोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिए वस्तुओं को बाहर निकाला।
एक पेन का कैप नहीं था, नोक से दर्द की आशंका
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, निकाले गए पेन में से एक का कैप नहीं था। डॉक्टरों को आशंका थी कि पेन की खुली नोक के कारण अंदर चोट या दर्द की स्थिति पैदा हुई हो सकती है।
हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में यह पुष्टि नहीं हुई है कि पेन की नोक ने पेट की दीवार को नुकसान पहुंचाया था या नहीं।
पेन और चम्मच जैसी चीजें पेट में कितनी खतरनाक हो सकती हैं?
मेडिकल गाइडलाइंस के अनुसार, कोई भी निगली गई वस्तु एक जैसी नहीं होती। इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि वस्तु:
कितनी लंबी है
नुकीली है या नहीं
पाचन तंत्र के किस हिस्से में मौजूद है
मरीज को दर्द, उल्टी या अन्य लक्षण हैं या नहीं
American Society for Gastrointestinal Endoscopy की गाइडलाइंस के अनुसार, लंबे और sharp-pointed objects पाचन तंत्र में जटिलताएं पैदा कर सकते हैं। नुकीली वस्तुओं से अंदरूनी चोट या perforation यानी पाचन तंत्र में छेद होने का जोखिम हो सकता है।
लंबी वस्तुओं को भी पेट से आगे पाचन तंत्र में निकलने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, इस मामले में निकाले गए लकड़ी के चम्मचों की वास्तविक लंबाई सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह भी जरूरी है कि हर व्यक्ति द्वारा निगली गई वस्तु के लिए ऑपरेशन जरूरी नहीं होता। डॉक्टर वस्तु के आकार, स्थिति और मरीज की हालत के आधार पर इलाज का फैसला करते हैं।
कुछ खबरों में इस तरह के व्यवहार को Pica जैसी स्थिति से जोड़कर देखा गया है। Pica एक ऐसी चिकित्सकीय स्थिति हो सकती है, जिसमें व्यक्ति लगातार गैर-खाद्य वस्तुएं खाने लगता है।
लेकिन इस महिला के मामले में Pica का कोई सार्वजनिक रूप से पुष्टि किया गया निदान सामने नहीं आया है। इसलिए केवल पेट में पेन और अन्य वस्तुएं मिलने के आधार पर महिला को Pica syndrome से पीड़ित नहींं माना जा सकता।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
किसी व्यक्ति द्वारा गलती से या जानबूझकर कोई गैर-खाद्य वस्तु निगलने की स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए। विशेष रूप से नुकीली या लंबी वस्तु निगलने पर मेडिकल जांच जरूरी हो सकती है।
पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी या अन्य गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना महत्वपूर्ण है।
डॉक्टरों के अनुसार, किसी भी संदिग्ध मामले में घर पर इलाज करने या वस्तु को जबरन बाहर निकालने की कोशिश करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना चाहिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेट से सभी वस्तुएं निकालने के बाद महिला की हालत में सुधार बताया गया है और वह चिकित्सकीय निगरानी में रह रही है।
नरसारावपेट की यह घटना एक असामान्य मेडिकल केस के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चेतावनी भी है। लंबे या नुकीले सामान निगलने से पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। वहीं, किसी व्यक्ति में बार-बार गैर-खाद्य वस्तुएं निगलने जैसा व्यवहार दिखाई दे तो उसे केवल अजीब आदत मानकर नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
तमिलनाडु में 3 फ्री LPG सिलेंडर और महिलाओं की फ्री बस यात्रा का बड़ा ऐलान। जानें किसे मिलेगा फायदा, कब से लागू होगा, कितना लाभ मिलेगा और 6 की जगह 3 क्यों? भी?
तमिलनाडु: राज्य में महिलाओं और कम आय वाले परिवारों के लिए सरकार ने दो बड़े ऐलान किए हैं। Annapoorani Super Six के तहत हर साल 3 LPG सिलेंडर की कीमत का पैसा दिया जाएगा, जबकि Vetri Payanam के तहत महिलाओं की फ्री बस यात्रा का दायरा बढ़ाया जाएगा। अब सवाल है कि इन योजनाओं का फायदा किसे मिलेगा, पैसा कैसे मिलेगा और कब से ये व्यवस्था लागू होगी?
3 LPG सिलेंडर का ऐलान, लेकिन सबसे पहले ये समझिए कि ‘फ्री’ कैसे मिलेगा
मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay (Thalapathi) ने विधानसभा में बताया कि Annapoorani Super Six योजना के तहत eligible परिवारों को हर साल 3 LPG सिलेंडर की कीमत का पैसा दिया जाएगा। योजना जनवरी 2027 में Pongal के आसपास शुरू करने की बात कही गई है और करीब 1.30 करोड़ परिवारों को इसका फायदा मिलने का अनुमान है। सरकार ने इसके लिए सालाना करीब ₹4,000 करोड़ खर्च का अनुमान बताया है।
इस योजना में cylinder की booking सामान्य तरीके से LPG distributor के जरिए होगी। यानी beneficiary पहले cylinder खरीदेगा और उसकी eligible रकम बाद में linked bank account में DBT के जरिए पहुंचाई जाएगी।
यही वजह है कि इसे सिर्फ “घर बैठे मुफ्त cylinder” समझना सही नहीं होगा। असली फायदा cylinder की कीमत की reimbursement के रूप में मिलेगा।
किस परिवार को 3 LPG सिलेंडर का फायदा मिलेगा?
फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक सालाना पारिवारिक income ₹2.5 लाख तक वाले परिवार इस योजना के दायरे में होंगे। इसके अलावा small और marginal farmers तथा परिवार में दिव्यांग सदस्य वाले households को भी target किया गया है। अलग-अलग जानकारी में संभावित beneficiary संख्या करीब 1.30 करोड़ से 1.34 करोड़ के बीच बताई गई है।
सरकार की detailed implementation guidelines आने के बाद ही यह पूरी तरह clear होगा कि income verification, LPG connection, bank account और beneficiary identification की final प्रक्रिया क्या होगी।
एक बड़ा सवाल: 6 सिलेंडर का वादा था, फिर 3 ही क्यों?
यहीं से इस पूरे ऐलान की सबसे बड़ी चर्चा शुरू होती है।
TVK के 2026 governing mandate में eligible परिवारों के लिए हर साल 6 free LPG cylinders का वादा दर्ज है।
लेकिन विधानसभा में मौजूदा घोषणा पहले चरण में 3 cylinders की है। इसी अंतर को लेकर BJP ने सरकार पर चुनावी वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया है।
यानी अभी तस्वीर साफ है:
चुनावी वादा
मौजूदा ऐलान
हर साल 6 LPG cylinders
पहले चरण में 3 LPG cylinders
ज्यादा व्यापक coverage
income और category के आधार पर eligibility
—
शुरुआत Pongal 2027 से
फिलहाल सरकार की तरफ से बाकी 3 cylinders के लिए कोई अलग confirmed rollout date सामने नहीं आई है। इसलिए इसे “बाद में 6 पूरे हो जाएंगे” कहना अभी जल्दबाजी होगी।
महिलाओं के लिए Free Bus Travel भी बड़ा बदलने वाला है
LPG के ऐलान के साथ महिलाओं की free bus यात्रा को भी बड़े स्तर पर expand किया गया है।
Vetri Payanam नाम से expanded व्यवस्था 2 अक्टूबर 2026 से लागू करने की घोषणा हुई है। इसके बाद महिलाओं को पहले से covered ordinary buses के अलावा कई दूसरी government bus categories में भी free travel मिलेगा।
इसमें metropolitan और urban areas की Express, LSS और Deluxe government buses शामिल की गई हैं।
इसके अलावा ordinary-fare mofussil और hill-route buses को भी दायरे में लाया गया है। इससे अलग-अलग जिलों के बीच यात्रा करने वाली महिलाओं को भी बड़ा फायदा मिल सकता है।
कितनी बसें होंगी और कितनी महिलाओं को फायदा मिल सकता है?
Expanded scheme के तहत कुल 12,334 buses में महिलाओं को free travel की सुविधा मिलने की जानकारी सामने आई है।
इसमें पहले से चल रही 7,710 ordinary city buses के साथ 2,302 Express, LSS और Deluxe buses, 2,047 ordinary-fare mofussil buses और 275 hill buses शामिल हैं।
इस विस्तार से रोजाना 1.15 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के लाभ लेने का अनुमान बताया गया है।
क्या Free Bus के लिए income limit होगी?
नहीं। घोषित व्यवस्था में महिलाओं के लिए income ceiling नहीं रखी गई है।
यात्राओं की संख्या पर भी कोई limit नहीं बताई गई है। यानी eligible category की महिला एक महीने में कितनी बार बस से सफर करती है, उसके आधार पर कोई तय trip limit नहीं होगी। transgender persons को भी इस free travel facility में शामिल किया गया है।
इसका मतलब यह हुआ कि LPG योजना और bus scheme की eligibility एक जैसी नहीं है। LPG benefit targeted families के लिए है, जबकि expanded free bus travel में income-based restriction नहीं रखी गई है।
LPG के मामले में सरकार ने सालाना करीब ₹4,000 करोड़ का expenditure अनुमानित किया है।
Bus travel के expanded programme पर सालाना करीब ₹6,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
दोनों योजनाओं के बताए गए annual expenditure को साथ देखें तो इनका reported financial size करीब ₹10,000 करोड़ सालाना बैठता है।
लेकिन किसी individual परिवार को मिलने वाली वास्तविक LPG राहत उसके eligible cylinders और उस समय लागू reimbursement amount पर निर्भर करेगी।
बस की तरफ देखें तो रोज काम, पढ़ाई, इलाज या दूसरे जरूरी कामों के लिए travel करने वाली महिलाओं के लिए किराए की बचत सीधे household budget में फर्क डाल सकती है।
महिलाओं के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा सिर्फ किराया बचना नहीं है
Free bus travel का असर उन महिलाओं पर ज्यादा दिखाई दे सकता है जिन्हें रोज काम, पढ़ाई, hospital, market या दूसरे जरूरी कामों के लिए public transport पर depend रहना पड़ता है।
अगर हर यात्रा पर किराए की चिंता कम होती है तो नौकरी या काम की जगह तक जाने, बच्चों की पढ़ाई से जुड़े काम, medical visits और दूसरे जरूरी सफर के लिए public transport इस्तेमाल करना आसान हो सकता है।
LPG सहायता का असर घर की kitchen budget पर पड़ेगा। महंगे refill के कारण cylinder इस्तेमाल कम करने वाले परिवारों के लिए तीन refills की कीमत वापस मिलना खास तौर पर राहत दे सकता है।
लेकिन यहां भी एक practical सवाल रहेगा।
अगर beneficiary को cylinder खरीदते समय पहले पूरा पैसा देना है और बाद में DBT मिलता है, तो कम cash वाले परिवारों के लिए reimbursement मिलने तक का gap कितना रहेगा, यह implementation rules आने के बाद ही साफ होगा।
सरकार पर कितना financial pressure आएगा?
Tamil Nadu के 2026-27 budget में राज्य का GSDP करीब ₹40.67 लाख करोड़ अनुमानित है। इसी budget में revenue deficit ₹55,775 करोड़ और fiscal deficit ₹1,21,819 करोड़ यानी GSDP का 3% रखा गया है।
ऐसे में welfare schemes पर होने वाला लगातार खर्च आने वाले वर्षों में सरकार के लिए एक बड़ा financial management issue रहेगा।
इसका मतलब यह नहीं कि दोनों योजनाएं तुरंत financial crisis पैदा करती हैं। लेकिन इनकी long-term sustainability इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य की revenue growth और बाकी खर्च किस तरह manage होते हैं।
एक तरफ LPG refill का खर्च कम होगा तो दूसरी तरफ public transport पर रोज का खर्च घटेगा।
किसी low-income household में ये दोनों राहत एक साथ मिलने पर महीने के दूसरे जरूरी खर्चों के लिए पैसा बच सकता है।
महिलाओं के लिए free travel का दायरा city buses से आगे बढ़कर Express, LSS, Deluxe और कुछ inter-district ordinary-fare routes तक पहुंचने से job, education और healthcare से जुड़ी mobility आसान हो सकती है।
वहीं LPG assistance का मकसद cooking fuel के बढ़ते खर्च से राहत देना है।
यानी दोनों announcements का असर घर के दो अलग खर्चों पर पड़ने वाला है—एक kitchen budget और दूसरा travel budget।
अभी किन बातों का इंतजार है?
LPG योजना जनवरी 2027 में Pongal के आसपास शुरू होने की घोषणा हुई है, जबकि expanded bus travel 2 अक्टूबर 2026 से लागू होना है।
LPG के मामले में detailed implementation rules सामने आने के बाद ये बातें ज्यादा स्पष्ट होंगी:
beneficiary की final verification कैसे होगी?
LPG connection और bank account का linkage किस तरह check होगा?
reimbursement किस तारीख या प्रक्रिया के बाद मिलेगा?
एक परिवार में multiple connections होने पर क्या नियम होगा?
₹2.5 लाख income की verification किस आधार पर होगी?
पहले phase के 3 cylinders के बाद बाकी 3 cylinders पर सरकार का अगला फैसला क्या होगा?
फिलहाल इतना साफ है कि Tamil Nadu में महिलाओं के लिए free travel का दायरा 2 अक्टूबर से काफी बढ़ने वाला है, जबकि eligible परिवारों को 3 LPG cylinders की कीमत की सहायता Pongal 2027 से मिलने की तैयारी है।
मुंबई में Domino’s के 3 आउटलेट्स के लाइसेंस FDA ने सस्पेंड किए हैं। महाराष्ट्र में 104 chain restaurants की जांच में 5 लाइसेंस सस्पेंड हुए। जानिए जांच में क्या मिला।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में Domino’s Pizza को लेकर अभी-अभी बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने food safety और hygiene से जुड़ी गड़बड़ियों के चलते मुंबई के 3 Domino’s outlets के food business licences suspend कर दिए हैं। महाराष्ट्र में Domino’s के कुल 4 outlets पर कार्रवाई हुई है। इनमें मुंबई के Vile Parle West, Borivali West और R-City Mall, Ghatkopar West के outlets शामिल हैं, जबकि चौथा outlet Satara जिले के Malkapur में है। FDA की यह कार्रवाई 10 जुलाई से 11 अगस्त 2026 के बीच चले special inspection drive के दौरान हुई।
इस special drive में सिर्फ Domino’s नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में बड़े restaurant chains के 104 establishments की जांच की गई। FDA के मुताबिक इस कार्रवाई में दो establishments को तुरंत business रोकने का आदेश दिया गया, 95 improvement notices जारी किए गए और 5 food-business licences suspend किए गए। जांच में Domino’s के साथ KFC, Pizza Hut, McDonald’s, Subway, Burger King, Starbucks और Monginis जैसे brands भी शामिल थे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—Domino’s के इन outlets में FDA को आखिर ऐसा क्या मिला कि licence तक suspend करना पड़ा? क्या ग्राहकों की safety पर कोई सीधा खतरा सामने आया? और इन outlets को दोबारा कब खोला जा सकेगा?
मुंबई के किन Domino’s outlets पर हुआ action?
FDA के मुताबिक मुंबई में तीन Domino’s outlets के licences suspend किए गए हैं। ये हैं:
Vile Parle West
Borivali West
R-City Mall, Ghatkopar West
इन तीनों outlets को Jubilant FoodWorks operate करता है। इसके अलावा Satara जिले के Malkapur में मौजूद एक और Domino’s outlet पर भी licence suspension हुआ है।
Vile Parle West में पानी, storage और pest control पर सवाल
Vile Parle West outlet की inspection में FDA ने potable water testing, food storage, pest control और hygiene facilities से जुड़ी कमियां पाईं।
FDA ने frozen और दूसरे food products के temperature storage और monitoring को बेहतर करने के निर्देश दिए। Food और non-food items की proper segregation, rodents और pests की entry रोकने और food handlers के लिए adequate hand-washing तथा hygiene facilities उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
Kitchen के back door, flooring और chilling room में repairs की जरूरत भी सामने आई।
यानी यहां मामला सिर्फ kitchen की सफाई तक सीमित नहीं था। Food कैसे store हो रहा है, उसका temperature maintain हो रहा है या नहीं, पानी की testing हुई है या नहीं और pests को रोकने के इंतजाम हैं या नहीं—ये सब भी FDA की जांच का हिस्सा रहे।
Borivali में किन चीजों की थी कमी?
Borivali West वाले Domino’s outlet में FDA ने food storage, temperature monitoring, food testing, cleanliness और pest control से जुड़े deficiencies report किए।
Raw और cooked food को अलग रखने के साथ vegetarian और non-vegetarian food की proper segregation पर भी corrective measures बताए गए। Equipment और utensils की regular sanitisation तथा food-preparation area की cleanliness को लेकर भी सुधार की जरूरत बताई गई।
Ghatkopar के R-City Mall outlet में क्या हुआ ?
R-City Mall, Ghatkopar West के Domino’s outlet में FDA ने cleanliness और sanitation के साथ कई operational records की कमी भी flag की।
Inspection में proper Cleaning and Sanitation Schedule, pest-control records, food storage में temperature control और FIFO/FEFO practices से जुड़े gaps सामने आए।
FDA ने food-contact materials के food-grade certificates, equipment calibration, preventive maintenance, food और water testing तथा food-safety records को लेकर भी deficiencies बताईं।
FDA ने कहा —food safety सिर्फ साफ kitchen दिखने का नाम नहीं है। Food कब आया, किस temperature पर रखा गया, कौन-सा stock पहले इस्तेमाल होना चाहिए, pest control कब हुआ और equipment की maintenance कब हुई—इन सबका record भी जरूरी है।
Malkapur, Satara में भी Domino’s outlet पर licence suspension
मुंबई के बाहर Satara जिले के Malkapur में मौजूद Domino’s outlet का licence भी suspend किया गया है।
FDA ने यहां basic facilities, infrastructure, equipment, cleanliness और pest control में deficiencies बताईं। Storage systems में सुधार और food products की laboratory testing तथा records maintain करने जैसे corrective measures बताए गए।
इस special inspection drive में Pizza Hut से जुड़े outlets पर भी action हुआ।
Satara के Karad में Sapphire Foods India द्वारा operate किए जाने वाले fast-food outlets में pizza preparation के दौरान vegetarian और non-vegetarian food की segregation, अलग ovens और अलग pans जैसे मुद्दे सामने आए। Sauces और pizza toppings की packing तथा expiry-date labelling को लेकर भी corrective measures बताए गए।
इसके अलावा Akola में Sapphire Foods के एक outlet के खिलाफ frozen paneer और suspected substandard food items को लेकर भी FDA action की रिपोर्ट है।
इससे यह साफ होता है कि FDA की कार्रवाई सिर्फ Domino’s के खिलाफ नहीं है। बड़ी restaurant chains में food preparation, storage, labelling, hygiene और segregation को लेकर व्यापक inspection चल रही है।
Amravati में Domino’s के expired dough balls भी मिले
इस पूरे crackdown के बीच Amravati से भी Domino’s से जुड़ी एक finding सामने आई।
एक outlet की inspection में 32 expired dough balls मिलने की रिपोर्ट है। लेकिन यहां एक जरूरी distinction है—इस outlet का licence suspend किए जाने की जानकारी नहीं है।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि महाराष्ट्र के हर Domino’s outlet पर licence suspension हुआ है। अभी confirmed action चार specific Domino’s outlets पर है—तीन मुंबई में और एक Satara में।
क्या Domino’s का खाना unsafe साबित हुआ?
FDA ने food-safety और hygiene violations पाए हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि इन outlets का हर pizza unsafe था या वहां खाना खाने से customers को food poisoning हुई।
इन चार outlets को किसी specific food-poisoning outbreak से जोड़ने वाली कोई confirmed जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
इसलिए “Domino’s का खाना जहरीला था” या “FDA ने food poisoning साबित कर दी” जैसे claims facts से आगे होंगे।
सही बात यह है कि FDA की inspection में prescribed food-safety और hygiene compliance में कमियां मिलीं और regulatory action licence suspension तक पहुंचा।
Licence suspend होने के बाद अब क्या होगा?
अब इन outlets के लिए अगला बड़ा step corrective action और re-inspection होगा।
जिन कमियों को FDA ने inspection में flag किया है, उन्हें दूर करना होगा। जब तक जरूरी compliance पूरा नहीं होता और authorities से clearance नहीं मिलता, suspended outlets के operations पर रोक रहेगी।
अगर आपने इन outlets से खाना order किया है तो क्या करें?
इस खबर के बाद customers को panic करने की जरूरत नहीं है।
अगर आपने इन outlets से हाल में order किया है और food quality या hygiene को लेकर कोई genuine concern है, तो:
Bill या order ID संभालकर रखें।
Outlet का नाम और location note करें।
Food या packaging में कोई suspicious चीज दिखे तो clear photo/video रखें।
जरूरत पड़ने पर FSSAI के complaint mechanism का इस्तेमाल करें।
Complaint करते समय available evidence जरूर दें।
सिर्फ social media पर आरोप लगाने के बजाय evidence के साथ official complaint करना ज्यादा useful रहेगा।
महाराष्ट्र में food-safety crackdown पहले से तेज
Domino’s पर यह action किसी isolated inspection का हिस्सा नहीं दिखता। महाराष्ट्र FDA पिछले कुछ समय से food establishments पर लगातार enforcement कर रहा है।
इसके पहले FDA ने Mumbai में 25 मई से 31 जुलाई के बीच 3,137 food establishments की inspection के दौरान 764 improvement notices और 165 licence suspensions की जानकारी दी है।
इससे एक broader picture सामने आती है—अब food-safety checking सिर्फ छोटे restaurants या roadside food joints तक सीमित नहीं है। Organised restaurant chains, warehouses, hotels और दूसरे बड़े food businesses भी regulatory scrutiny में हैं।
देश के दूसरे शहरों से भी आ रही हैं ऐसी खबरें
महाराष्ट्र की इस कार्रवाई के बीच देश के दूसरे हिस्सों में भी food-safety enforcement तेज होने की खबरें सामने आ रही हैं।
Bengaluru में food-storage और hygiene से जुड़े alleged violations को लेकर quick-commerce warehouse पर कार्रवाई की खबर आई है। वहीं hotels और institutional kitchens में भी inspections के दौरान expired food, improper storage और pest-control से जुड़े issues report हुए हैं।
यानी food-safety का सवाल अब सिर्फ restaurant की kitchen तक सीमित नहीं रह गया है। Warehouse से लेकर restaurant और institutional kitchen तक पूरी food supply chain scrutiny में आ रही है।
अब Domino’s से सबसे बड़ा सवाल क्या है?
FDA की इस कार्रवाई के बाद सवाल सिर्फ उन चार outlets का नहीं रहेगा।
Domino’s का India network बड़ा है। ऐसे में अब देखना होगा कि company अपने बाकी outlets के food-safety compliance को लेकर क्या कदम उठाती है।
क्या दूसरे outlets का internal audit होगा?
क्या suspended outlets के staff की retraining की जाएगी?
क्या food storage और temperature-monitoring systems को दोबारा review किया जाएगा?
क्या pest control और sanitation compliance की जांच पूरे network में होगी?
और सबसे अहम—इन suspended outlets की re-inspection कब होगी और licence कब वापस मिल सकता है?
आम ग्राहक के लिए सबसे बड़ी बात
इस पूरी कार्रवाई का असर consumer trust पर पड़ना स्वाभाविक है। बड़े brand से खाना लेते समय customer मानकर चलता है कि kitchen, storage और food-handling systems भी organised होंगे।
लेकिन regulatory inspection में deficiencies मिलना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि पूरे brand का food unsafe है। इसी तरह किसी एक outlet की finding को पूरे network पर लागू करना भी सही नहीं होगा।
असल मुद्दा यह है कि food safety हर outlet पर consistently maintain होनी चाहिए और उसका compliance भी properly documented होना चाहिए।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि Domino’s इन outlets में बताई गई कमियों को कितनी जल्दी दूर करता है और FDA की अगली inspection में क्या फैसला आता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जानें किन राज्यों में अलर्ट है और अगले 72 घंटे क्यों महत्वपूर्ण हैं।
नई दिल्ली / मुंबई: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बना Deep Depression अब मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से ओडिशा, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, कर्नाटक, झारखंड और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। IMD ने लोगों से केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
देशभर में क्यों बिगड़ा मौसम?
जुलाई के अंतिम सप्ताह में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) मजबूत होकर Deep Depression में बदल गया है। यही सिस्टम अब मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है और इसके कारण कई राज्यों में लगातार बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि यह सिस्टम अपने साथ बड़ी मात्रा में नमी लेकर आगे बढ़ रहा है। यही वजह है कि मध्य भारत, पश्चिम भारत और उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे सिस्टम के दौरान कुछ स्थानों पर कम समय में अत्यधिक वर्षा हो सकती है, जिससे शहरी जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
IMD के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग स्तर की चेतावनी जारी की गई है।
रेड अलर्ट वाले प्रमुख क्षेत्र
सबसे गंभीर स्थिति फिलहाल इन क्षेत्रों में बताई गई है—
ओडिशा
छत्तीसगढ़
विदर्भ (महाराष्ट्र)
इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन को सतर्क रहने और स्थानीय स्तर पर आवश्यक तैयारियां रखने की सलाह दी गई है।
ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्र
मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
मध्य प्रदेश
गुजरात
राजस्थान
दिल्ली-एनसीआर
कर्नाटक
झारखंड
तेलंगाना के कुछ हिस्से
महाराष्ट्र के कई अन्य जिले
इन इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
IMD Weather Alert : अगले 72 घंटे क्यों हैं महत्वपूर्ण? जानिए किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा और क्या बरतें सावधानी
अगले 3 दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले 48 से 72 घंटे देश के कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। Deep Depression पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से पूर्व, मध्य, पश्चिम और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में कम समय में अत्यधिक वर्षा होने से स्थानीय स्तर पर बाढ़, जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है।
राज्यवार मौसम अपडेट
राज्य
स्थिति
संभावित असर
ओडिशा
रेड अलर्ट
अत्यधिक भारी बारिश, निचले इलाकों में जलभराव
छत्तीसगढ़
रेड अलर्ट
कई जिलों में तेज बारिश, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है
विदर्भ (महाराष्ट्र)
रेड अलर्ट
भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना
मध्य प्रदेश
ऑरेंज अलर्ट
कई जिलों में तेज बारिश
गुजरात
ऑरेंज अलर्ट
भारी बारिश और कुछ स्थानों पर जलभराव
दिल्ली-एनसीआर
येलो/ऑरेंज चेतावनी
गरज-चमक, तेज बारिश, ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका
राजस्थान
ऑरेंज अलर्ट
पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश
झारखंड
ऑरेंज अलर्ट
गरज-चमक के साथ वर्षा
कर्नाटक
भारी बारिश की संभावना
कई जिलों में मानसून सक्रिय
पूर्वोत्तर भारत
भारी वर्षा
लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
क्या स्कूल बंद होंगे?
फिलहाल पूरे महाराष्ट्र या पूरे देश में स्कूल बंद करने का कोई आदेश नहीं है। हालांकि, यदि किसी जिले में मौसम गंभीर होता है, तो स्थानीय प्रशासन अलग से छुट्टी या अन्य निर्देश जारी कर सकता है।
कुछ राज्यों में जिला प्रशासन स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर निर्णय ले सकता है। अभिभावकों को अपने जिले के प्रशासन और शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।
फिलहाल देशभर में रेल और हवाई सेवाओं के व्यापक स्तर पर बंद होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर देरी संभव है।
मुंबईवासियों के लिए क्या महत्वपूर्ण है?
मुंबई में फिलहाल लगातार रुक-रुक कर बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि बारिश की तीव्रता बढ़ती है तो:
निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।
सड़क यातायात धीमा पड़ सकता है।
समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
समुद्र किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा सकती है।
यात्रा से पहले IMD, BMC और स्थानीय प्रशासन के अपडेट देखना उचित रहेगा।
किसानों के लिए सलाह
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को सलाह दी जाती है कि:
खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें।
फसल कटाई मौसम सामान्य होने पर करें।
कृषि विभाग की स्थानीय सलाह का पालन करें।
पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
मछुआरों के लिए IMD की चेतावनी
मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। खराब मौसम और ऊंची लहरों के कारण समुद्री गतिविधियां जोखिमपूर्ण हो सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सक्रिय मानसून और Deep Depression के कारण अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में वर्षा जारी रह सकती है। हालांकि, प्रत्येक जिले की स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय IMD बुलेटिन और जिला प्रशासन के निर्देश सबसे महत्वपूर्ण माने जाने चाहिए।
देश में मानसून फिर से पूरी तरह सक्रिय हो गया है। Deep Depression के कारण पूर्वी, मध्य और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में सबसे अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, जबकि मुंबई सहित कोंकण क्षेत्र में भी रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक अपडेट के आधार पर ही निर्णय लें।
1. IMD ने किन राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है?
महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, कर्नाटक और अन्य कई राज्यों के लिए विभिन्न स्तर की चेतावनी जारी की गई है।
2. क्या मुंबई में रेड अलर्ट है?
उपलब्ध ताज़ा जानकारी के अनुसार मुंबई में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विदर्भ क्षेत्र के लिए अधिक गंभीर चेतावनी जारी की गई है। स्थानीय IMD अपडेट देखते रहें।
3. क्या स्कूल बंद रहेंगे?
देशभर में स्कूल बंद करने का कोई सार्वभौमिक आदेश नहीं है। निर्णय संबंधित राज्य या जिला प्रशासन लेगा।
4. Deep Depression क्या है?
यह कम दबाव वाली मौसम प्रणाली का अधिक शक्तिशाली रूप होता है, जो भारी बारिश और तेज हवाओं का कारण बन सकता है।
5. सबसे विश्वसनीय मौसम अपडेट कहां देखें?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय प्रशासन की सलाह सबसे विश्वसनीय स्रोत हैं।
OPPO Reno Land के जरिए OPPO India ने Reno16 Series को नए अनुभव के साथ पेश किया। मुंबई और बेंगलुरु में AI, क्रिएटर्स और यूथ कल्चर का अनोखा संगम।
मुंबई: स्मार्टफोन लॉन्च अब सिर्फ स्टेज, स्पेसिफिकेशन और प्रेजेंटेशन तक सीमित नहीं रह गए हैं। OPPO India ने अपने नए एक्सपीरिएंशियल प्लेटफॉर्म OPPO Reno Land के जरिए Reno16 Series को बिल्कुल अलग अंदाज़ में पेश किया है। कंपनी का कहना है कि यह पहल आज के युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जहां टेक्नोलॉजी, क्रिएटिविटी, म्यूजिक, फैशन, फिटनेस और कम्युनिटी एक ही जगह पर जुड़ते हैं।
2 जुलाई से 12 जुलाई 2026 के बीच मुंबई के मालाड और बेंगलुरु के इंदिरा नगर में आयोजित Reno Land में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। यहां आने वाले विजिटर्स को Reno16 Series के AI फीचर्स, कैमरा इनोवेशन और कनेक्टेड डिवाइस इकोसिस्टम का अनुभव इंटरैक्टिव तरीके से कराया गया।
OPPO ने Reno Land को पारंपरिक लॉन्च इवेंट से अलग बनाया। यहां अलग-अलग थीम वाले अनुभव ज़ोन तैयार किए गए, जिनमें शामिल थे:
Fit Check Alley
Pop Cam Studio
AI Remix Collage Café
Bubble Wrap Zone
IoT Experience Zone
इन सभी ज़ोन का उद्देश्य केवल फीचर्स दिखाना नहीं था, बल्कि लोगों को Reno16 Series की AI तकनीक और कैमरा क्षमताओं का वास्तविक अनुभव देना था।
AI और कैमरा फीचर्स पर रहा खास फोकस
Reno16 Series में कंपनी ने AI आधारित कई नए फीचर्स पेश किए हैं। इनमें AI Remix Collage, AI Snap Key, AI Portrait Camera, AI Editing Toolkit और स्मार्ट कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स शामिल हैं। OPPO का दावा है कि यह डिवाइस केवल स्मार्टफोन नहीं बल्कि क्रिएटिविटी और कंटेंट क्रिएशन के लिए एक ऑल-इन-वन प्लेटफॉर्म है।
सेलेब्रिटीज और लाइव परफॉर्मेंस ने बढ़ाया आकर्षण
इवेंट में सोशल मीडिया पर्सनैलिटी Orry और अभिनेत्री Avneet Kaur ने हिस्सा लिया। इसके अलावा OutStation, Kings United Dance Crew, Danish & Crew और पंजाबी कलाकारों की लाइव परफॉर्मेंस ने भी माहौल को खास बनाया।
Reno Land में आने वाले लोगों के लिए कई इंटरैक्टिव एक्टिविटीज भी आयोजित की गईं। इनमें:
Reno16 Treasure Hunt
Flash Mob Performances
Interactive AI Experience
Live Creator Sessions
जैसी गतिविधियों ने विजिटर्स को पूरे इवेंट में सक्रिय रूप से शामिल रखा।
फिटनेस, म्यूजिक और कैफे कल्चर का भी मिला संगम
OPPO ने Reno Land को केवल टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रखा।
कंपनी ने:
Rove Run Club
Daud Run Club
के साथ Community Runs आयोजित किए।
वहीं Distil और DJ Suggahunny के साथ Coffee Raves आयोजित कर म्यूजिक और कैफे कल्चर को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया।
100 से ज्यादा क्रिएटर्स हुए शामिल
OPPO ने इस अभियान में 100 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स और कॉलेज क्रिएटर्स को शामिल किया। इन क्रिएटर्स ने Reno16 Series का अनुभव लेकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया, जिससे यह अभियान ऑफलाइन के साथ-साथ डिजिटल दुनिया में भी चर्चा का विषय बना।
कंपनी का कहना है कि Reno Land का उद्देश्य केवल नया स्मार्टफोन लॉन्च करना नहीं बल्कि युवाओं के लिए ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना है जहां वे टेक्नोलॉजी के साथ खुद को जोड़ सकें। OPPO के अनुसार Reno16 Series व्यक्तिगत अभिव्यक्ति (Self Expression), क्रिएटिविटी और कम्युनिटी एक्सपीरियंस को बढ़ावा देने की सोच के साथ विकसित की गई है।
OPPO India ने Reno16 Series के लॉन्च को पारंपरिक इवेंट से आगे बढ़ाकर एक अनुभव आधारित आयोजन में बदलने की कोशिश की है। OPPO Reno Land के जरिए कंपनी ने AI तकनीक, कंटेंट क्रिएशन, फिटनेस, म्यूजिक और युवा संस्कृति को एक मंच पर लाकर अपने ब्रांड की नई रणनीति पेश की है। आने वाले समय में अन्य स्मार्टफोन कंपनियां भी इसी तरह के अनुभव-आधारित लॉन्च मॉडल अपनाती दिखाई दे सकती हैं।
Q1. OPPO Reno Land क्या है? यह OPPO India का नया experiential platform है, जहां स्मार्टफोन लॉन्च को इंटरैक्टिव अनुभव में बदला गया है।
Q2. Reno Land किन शहरों में आयोजित किया गया? मुंबई (मलाड) और बेंगलुरु (इंदिरा नगर) में 2 से 12 जुलाई 2026 के बीच इसका आयोजन हुआ।
Q3. Reno Land में कौन-कौन से अनुभव दिए गए? AI Remix Collage Café, Pop Cam Studio, Fit Check Alley, Bubble Wrap Zone और IoT Zone सहित कई इंटरैक्टिव अनुभव उपलब्ध थे।
Q4. इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए? Orry, Avneet Kaur, Kings United Dance Crew सहित 100 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स और कई कलाकारों ने हिस्सा लिया।
Q5. OPPO Reno16 Series की खासियत क्या है? AI Portrait Camera, AI Snap Key, AI Editing Toolkit, AI Remix Collage और उन्नत कैमरा व कनेक्टिविटी फीचर्स इसकी प्रमुख खूबियां हैं।
Explore free Skill India courses with certificates, government schemes, online platforms, salaries, and career opportunities in India.
India’s job market is changing rapidly. Today, companies are hiring candidates based on practical Skill rather than only degrees. Because of this shift, free Skill development courses in India are becoming one of the most searched career opportunities among students, freshers, women, unemployed youth, and working professionals.
The Indian government, private EdTech platforms, and global learning portals now provide free online courses with certificates India students can access from home. These programs cover digital marketing, IT, healthcare, spoken English, retail, finance, coding, construction, beauty, hospitality, agriculture, and many more industries.
This complete guide explains the best free Skill India courses in 2025, including government schemes, online learning platforms, certificate value, salaries after training, registration process, scam alerts, and career opportunities after course completion.
Why Skill Development Courses Are Important in India
Traditional education alone is no longer enough in many industries. Employers now prefer candidates who already have practical Skill training.
Free Skill development courses help candidates:
Improve employability
Learn job-ready abilities
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Start freelancing careers
Apply for government and private jobs
Build income opportunities from home
Additionally, India’s digital economy, startup ecosystem, manufacturing sector, healthcare industry, and service businesses are creating strong demand for trained workers.
As a result, Skill India free courses continue growing in popularity across urban and rural India.
What Are Free Skill Development Courses in India
Free Skill development courses are training programs funded either by:
Government schemes
Educational institutions
Private EdTech companies
Corporate Skill initiatives
These courses usually provide:
Video training
Live classes
Practical assignments
Assessments
Digital certificates
Some programs are completely online, while others include classroom training through authorised centres.
Many government and online Skill development programs are completely free. However, some platforms charge optional certification fees.
Which free Skill course is best in India?
Digital marketing, IT, healthcare, coding, and communication Skill courses currently show strong demand.
Is PMKVY certification valid?
Yes. PMKVY certification is government-recognised and linked with NSDC standards.
Can students join Skill India free courses?
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Which Skill course gives the highest salary?
Technology-related Skill programs like software development, data analytics, and cybersecurity generally offer higher salaries.
Can I do Skill courses online from home?
Yes. Many platforms now provide fully online Skill development courses India wide.
Conclusion
Free Skill development courses in India are creating powerful opportunities for students, freshers, women, unemployed youth, and working professionals who want practical career growth.
Government schemes like PMKVY, SIDH, DDU-GKY, and SWAYAM continue expanding access to affordable Skill education across India. At the same time, platforms like Google Skillshop, Simplilearn SkillUp, and Great Learning help learners build industry-relevant digital capabilities.
Instead of collecting random certificates, focus on Skill programs connected with real job demand. Consistent learning, project building, and practical application remain the strongest path toward long-term career growth in India’s evolving employment market.
E Shram Card Benefits 2026: ₹2 lakh insurance, ₹3,000 pension, PM-JAY access, eligibility, claim process, payment status, and latest updates.
What Is the E Shram Card in 2026?
The E Shram Card is a national identity card launched by the Ministry of Labour and Employment for unorganised sector workers across India. It helps the government create a centralized database of labourers, gig workers, daily wage earners, construction workers, domestic workers, street vendors, agricultural workers, and platform workers.
The scheme operates through the official e-Shram Portal.
Every registered worker receives:
A 12-digit UAN (Universal Account Number)
Access to government welfare schemes
Accident insurance benefits
Social security support
Future DBT-linked scheme eligibility
As of 2026, more than 31 crore workers have already registered under the E Shram portal.
In 2026, the Indian government is focusing heavily on labour welfare digitisation. The E Shram database is becoming the foundation for future benefits including:
Health insurance
Pension programs
Skill development
Housing schemes
Emergency financial support
Gig worker welfare programs
Workers registered on the portal are expected to receive priority access whenever new welfare schemes are launched.
Workers can also retrieve the card using Aadhaar-linked verification.
Download by UAN Number
The UAN number can also be used for card retrieval.
How to Check E Shram Card Payment Status
Workers searching for payment updates should:
Method 1
Check linked bank account balance.
Method 2
Visit:
PFMS portal
State labour welfare websites
Method 3
Contact labour department helplines.
How to Check E Shram Card Balance
There is no separate “E Shram wallet balance.”
Workers should check:
DBT transactions
Bank SMS alerts
Passbook entries
E Shram Card New Updates 2026
Gig Workers Included
Platform workers including:
Ola drivers
Uber drivers
Swiggy delivery partners
Zomato riders
Amazon logistics workers
are receiving increased government focus in 2026.
PM-JAY Expansion
The government announced expanded healthcare access for workers under welfare integrations.
Digital Labour Database Expansion
The E Shram system is becoming India’s largest labour welfare database.
This may influence:
Employment programs
Insurance distribution
Emergency support systems
Skill development opportunities
State-Wise E Shram Benefits
Maharashtra
Workers in Maharashtra may receive additional labour welfare support through state labour boards.
Uttar Pradesh
Uttar Pradesh has previously announced welfare support for registered workers during emergencies.
Tamil Nadu
Tamil Nadu workers actively search for Tamil-language E Shram information due to strong labour participation.
West Bengal
West Bengal labour welfare systems may integrate with E Shram data in future phases.
Rajasthan
Rajasthan construction workers often use E Shram registration alongside labour board registration.
Common E Shram Problems and Solutions
OTP Not Received
Solutions
Wait for network refresh
Recheck Aadhaar-linked mobile number
Retry after 10 minutes
Aadhaar Mobile Number Not Linked
Workers must update mobile linkage through Aadhaar service centers.
Registration Rejected
Possible reasons:
Incorrect Aadhaar details
Duplicate registration
Wrong occupation data
Existing EPFO/ESIC records
UAN Number Not Generated
Usually caused by:
Server issues
Incomplete registration
Failed Aadhaar authentication
E Shram Card Helpline Number
Workers can contact:
14434
1800-889-6811
for official support.
Important Tips for E Shram Workers
Registration is completely free
Never pay agents large fees
Use only official portals
Keep Aadhaar and bank details updated
Avoid fake YouTube claims
Save UAN number safely
Frequently Asked Questions
What are the benefits of E Shram Card in 2026?
Workers receive accident insurance, pension access, welfare scheme integration, and future social security benefits.
Is E Shram Card registration free?
Yes. Registration is completely free through the official portal and CSC centers.
Does E Shram Card give monthly money?
No guaranteed monthly cash payment exists for all workers.
How much insurance does E Shram Card provide?
Up to ₹2 lakh accidental insurance coverage.
Can gig workers apply for E Shram Card?
Yes. Many platform workers are now eligible.
Can pregnant women apply for E Shram Card?
Yes, eligible women workers can register.
What documents are required?
Aadhaar card, mobile number, and bank details are required.
What is UAN in E Shram Card?
UAN stands for Universal Account Number — a unique 12-digit worker identification number.
How can I download my E Shram Card?
Visit the official portal and login using Aadhaar or mobile verification.
Is E Shram linked with Ayushman Bharat?
Government integration efforts are ongoing for eligible workers.
Conclusion
The E Shram Card has become one of India’s most important labour welfare initiatives. In 2026, the scheme is evolving beyond simple worker registration and moving toward a larger social security ecosystem for unorganised workers.
The biggest benefits include:
₹2 lakh accident insurance
Pension access through PM-SYM
Future welfare scheme eligibility
Health and housing integration opportunities
Government-recognised worker identity
However, workers must also understand the reality behind the scheme. The E Shram Card is not a guaranteed monthly cash payment program. Instead, it acts as a gateway to multiple welfare systems that may expand significantly in the coming years.
For workers in India’s unorganised sector, registering on the official portal is still one of the smartest steps toward future social security protection.
This article is published for educational and informational purposes only.
We are not affiliated with the Government of India or any government authority.
Readers are advised to verify official information through government portals before making decisions.
The Ayushman Card has become one of the most important healthcare benefits for millions of Indian families. Under the Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (PM-JAY), eligible families can receive up to ₹5 lakh per year for cashless treatment at empanelled hospitals across India.
In 2026, the online application process is much faster and easier. You can now apply through the official portal, mobile app, CSC center, or hospital-based Ayushman Mitra service.
This guide explains everything in a simple step-by-step format, including eligibility, required documents, application methods, status check, card download process, hospital usage, and solutions for common problems.
Ayushman Bharat Digital Mission introduced the ABHA Card system.
Ayushman Card
ABHA Card
Health insurance benefit
Digital health ID
₹5 lakh treatment coverage
Medical record storage
PMJAY scheme based
ABDM platform based
Official Ayushman Card Helpline Numbers
National Helpline
14555
Alternate Helpline
1800-111-565
Senior Citizen Support
1800-110-770
Frequently Asked Questions
How to apply for Ayushman Card online in 2026?
Visit beneficiary.nha.gov.in, log in using OTP, complete e-KYC, and download your card.
Can I apply using mobile phone?
Yes, you can apply using the official Ayushman App.
Is Ayushman Card valid in private hospitals?
Yes, it is valid at empanelled private hospitals.
How to check eligibility?
Use Aadhaar number or mobile number on the beneficiary portal.
What is Ayushman Vaya Vandana Card?
It is a special healthcare card for senior citizens aged 70 years and above.
Can I use the card in another state?
Yes, PMJAY provides nationwide portability.
What if my name is missing?
Visit CSC center or file grievance through the official portal.
Is Aadhaar mandatory?
Yes, Aadhaar verification is usually required.
Conclusion
The Ayushman Card application process in 2026 is simpler, faster, and more accessible than before. Whether you apply through the official portal, mobile app, CSC center, or hospital, the process can usually be completed within minutes if your documents are ready.
Always use official government portals and trusted sources while applying. Keep your Aadhaar details updated and complete e-KYC carefully to avoid rejection.
Disclaimer: This article is for informational purposes only. Please verify all updates through official government portals before applying.
NEET Paper Leak मामले में CBI ने लातूर के RCC संचालक को गिरफ्तार किया। मोबाइल में पेपर मिलने से जांच में बड़ा खुलासा हुआ।
मुंबई: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET UG Examination Paper Leak मामले में अब महाराष्ट्र का लातूर भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने लातूर के चर्चित ‘रेणुकाई करिअर सेंटर’ (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।
CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लीक हुआ NEET पेपर सीधे उनके मोबाइल फोन में मिला था। इसी खुलासे के बाद पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।
NEET Paper Leak में कैसे हुआ बड़ा खुलासा?
CBI अधिकारियों के अनुसार, शिवराज मोटेगावकर को 17 मई 2026 की शाम पुणे से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी NEET पेपर लीक करने वाले संगठित नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।
जांच में जो बातें सामने आईं, वे बेहद गंभीर मानी जा रही हैं:
परीक्षा से पहले ही प्रश्न और उत्तर हासिल किए गए
23 अप्रैल 2026 को पेपर आरोपी तक पहुंच चुका था
मोबाइल फोन में लीक प्रश्नों के डिजिटल सबूत मिले
परीक्षा के बाद डेटा डिलीट करने की कोशिश की गई
लाभार्थी छात्रों के नाम बताने से आरोपी ने कथित तौर पर बचने की कोशिश की
CBI ने 14 मई को लातूर स्थित आरोपी के घर पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में NEET UG परीक्षा के प्रश्न और संबंधित सामग्री बरामद हुई।
जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल ट्रेल इस पूरे नेटवर्क की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकती है। फिलहाल मोबाइल डेटा रिकवरी और चैट हिस्ट्री की जांच जारी है।
कौन हैं शिवराज मोटेगावकर?
शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर लातूर के शिक्षा क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं। वे Renukai Career Center (RCC) से जुड़े हुए थे।
लातूर लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। ऐसे में इस मामले ने राज्य के कोचिंग सेक्टर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
CBI ने आरोपी पर कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
भारतीय न्याय संहिता (BNS)
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act)
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर:
धोखाधड़ी
आपराधिक साजिश
राष्ट्रीय परीक्षा में गड़बड़ी
जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
क्या छात्रों तक पहुंचा था लीक पेपर?
CBI को शक है कि लीक प्रश्न कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाए गए थे। हालांकि अब तक लाभार्थियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:
कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा
इसके बदले कितने पैसे लिए गए
क्या दूसरे राज्यों तक भी नेटवर्क फैला था
Maharashtra Coaching Network भी जांच के दायरे में
इस मामले के बाद महाराष्ट्र के कई निजी कोचिंग नेटवर्क भी जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं। विशेष रूप से मेडिकल एंट्रेंस कोचिंग से जुड़े संस्थानों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
मुंबई और पुणे में भी कुछ डिजिटल कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।
NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। ऐसे में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों और अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है।
सोशल मीडिया पर कई लोग परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
FAQ
Q1. NEET Paper Leak मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
CBI ने लातूर के RCC संचालक शिवराज मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।
Q2. जांच में सबसे बड़ा सबूत क्या मिला?
आरोपी के मोबाइल फोन में कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र से जुड़े डिजिटल सबूत मिले।
Q3. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
उन्हें पुणे से गिरफ्तार किया गया।
Q4. क्या छात्रों को भी पेपर पहुंचाया गया था?
CBI को संदेह है कि पेपर कई छात्रों तक पहुंचाया गया था, जांच जारी है।
Q5. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।
NEET Paper Leak मामले में लातूर कनेक्शन सामने आने के बाद जांच अब और गंभीर हो गई है। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच एजेंसियों को बड़ा आधार दिया है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल देशभर के छात्र और अभिभावक इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।