Category: Public Safety

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  • साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    भारत सरकार का सीईआरटी-इन नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करने की सलाह दे रहा है। जानें कैसे बचे मालवेयर और बॉटनेट से। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    आज के डिजिटल दौर में हर कोई इंटरनेट और स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हैकर्स अक्सर बॉटनेट (Botnet) और मालवेयर (Malware) के जरिए लोगों के मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिवाइस पर हमला करते हैं। ऐसे हमलों से न केवल आपकी पर्सनल जानकारी चोरी हो सकती है, बल्कि बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी जानकारियां भी खतरे में पड़ जाती हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करने वाली सीईआरटी-इन (CERT-In) यानी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने आम जनता के लिए खास पहल की है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    सीईआरटी-इन का “फ्री बॉट रिमूवल टूल”

    सीईआरटी-इन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.csk.gov.in से “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करें। यह टूल खास तौर पर ऐसे सॉफ़्टवेयर और प्रोग्राम को पहचानता है जो आपके डिवाइस को संक्रमित कर सकते हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इस टूल की मदद से –

    • आपके कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद हानिकारक बॉटनेट को हटाया जा सकता है।
    • डिवाइस की सिक्योरिटी को मजबूत बनाया जा सकता है।
    • ऑनलाइन लेन-देन और पर्सनल डाटा को चोरी होने से बचाया जा सकता है।

    बॉटनेट और मालवेयर क्या हैं?

    बॉटनेट ऐसे संक्रमित डिवाइसों का नेटवर्क होता है जिसे साइबर अपराधी कंट्रोल करते हैं। एक बार डिवाइस संक्रमित हो जाए, तो उसे रिमोटली इस्तेमाल कर स्पैम ईमेल भेजने, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने या बड़े स्तर पर साइबर अटैक करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
    मालवेयर यानी हानिकारक सॉफ़्टवेयर आपके डिवाइस में घुसकर आपकी जानकारी चुरा सकता है या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    कैसे बचें साइबर हमलों से?

    सीईआरटी-इन और दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को कुछ आसान साइबर सुरक्षा टिप्स भी दिए हैं:

    1. फ्री बॉट रिमूवल टूल ज़रूर डाउनलोड करें।
    2. अपने मोबाइल और कंप्यूटर में हमेशा एंटीवायरस अपडेट रखें।
    3. अनजान लिंक या संदिग्ध ईमेल पर क्लिक करने से बचें।
    4. डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग ऐप्स में हमेशा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
    5. समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें और स्ट्रॉन्ग पासवर्ड रखें।

    क्यों है जरूरी यह टूल?

    मुंबई जैसे बड़े शहरों में रोज़ हजारों लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं। साइबर फ्रॉड के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में कई मामलों में देखा गया कि लोगों के डिवाइस पर मालवेयर अटैक हुआ और उनकी बैंक अकाउंट डिटेल्स चोरी हो गईं। ऐसे में यह टूल हर नागरिक के लिए बेहद जरूरी है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    नतीजा

    भारत सरकार की यह पहल आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि हर कोई इस फ्री बॉट रिमूवल टूल को डाउनलोड कर लेता है और बुनियादी सावधानियां बरतता है, तो न केवल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रहेगा बल्कि देश की साइबर सुरक्षा भी मजबूत होगी। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

  • मनोज जारंगे आंदोलन को मिला विधायकों और सांसदों का समर्थन

    मनोज जारंगे आंदोलन को मिला विधायकों और सांसदों का समर्थन

    मराठा आरक्षण आंदोलन में मनोज जारंगे पाटिल को विधायकों और सांसदों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। मुंबई की ओर रैली से सरकार पर दबाव बढ़ा।

    महाराष्ट्र: मराठा आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे मनोज जारंगे पाटिल का आंदोलन अब और तेज़ हो गया है। “चलो मुंबई” के नारे के बाद पूरे महाराष्ट्र में मराठा समाज बड़ी संख्या में उनके साथ खड़ा हो रहा है। खास बात यह है कि पहले चुप रहने वाले विधायक और सांसद अब समर्थन जताने के लिए आगे आने लगे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    जारंगे की यह स्पष्ट चेतावनी कि “जो विधायक और सांसद मराठा समाज के साथ नहीं होंगे, उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी”, नेताओं पर दबाव डालने लगी है। नतीजा यह हुआ कि अब विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि खुले तौर पर जारंगे के आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    बीड जिले से बढ़ा समर्थन

    बीड के विधायक संदीप क्षीरसागर ने अंतरवली सराटी जाकर मनोज जारंगे से मुलाकात की और आंदोलन का समर्थन किया। इतना ही नहीं, वे मराठा युवकों के साथ रैली में भी शामिल हुए। बीड से ही सांसद बजरंग सोनवणे और माजलगांव के विधायक प्रकाश सोलंके ने भी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    वहीं, गेवराई विधायक विजयसिंह पंडित ने पहले ही सोशल मीडिया के जरिए “चलो मुंबई” का आह्वान कर दिया था और निर्वाचन क्षेत्र में बड़े-बड़े बैनर भी लगाए गए थे। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    धाराशिव और अन्य जिलों का रुख

    धाराशिव के विधायक कैलास पाटिल ने फेसबुक पोस्ट कर जारंगे के आंदोलन को जॉइन करने की अपील की है। ओमराजे निंबालकर ने भी सरकार से अपील की है कि मराठा समाज की मांगों को तुरंत सुलझाया जाए। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    राज्य के अन्य हिस्सों में भी नेताओं की ओर से समर्थन मिलने लगा है। एनसीपी (शरद पवार गुट), एनसीपी (अजित पवार गुट), शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और कांग्रेस—all पार्टियों ने आंदोलन को समर्थन दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने भी मराठा समाज की मांगों को जायज़ बताते हुए आंदोलन के पक्ष में आवाज़ उठाई। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    गाँवों से उमड़ा जनसैलाब

    सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, सामाजिक स्तर पर भी आंदोलन को भारी समर्थन मिल रहा है। महाराष्ट्र के अलग-अलग ज़िलों से मराठा समाज के लोग ट्रैक्टर, बस और गाड़ियों में भरकर मुंबई की ओर रवाना हो गए हैं। कई गांवों के युवा अपने गाँव के बैनर और झंडे लेकर जारंगे की रैली में शामिल हो रहे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    सरकार पर बढ़ता दबाव

    जारंगे के आंदोलन को मिल रहा राजनीतिक और सामाजिक समर्थन सरकार के लिए चुनौती बन गया है। नेताओं का झुकाव और जनता का बढ़ता दबाव यह साफ दिखा रहा है कि अगर सरकार ने जल्द ही ठोस समाधान नहीं निकाला, तो मुंबई में बड़ा जनसैलाब खड़ा हो सकता है। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

  • मुंबई लोकल ट्रेन में बुर्का पहनी लड़की से बदसलूकी, वीडियो वायरल | महिला बोली – ‘नक़ाब उतारकर करो नंगा नाच’

    मुंबई लोकल ट्रेन में बुर्का पहनी लड़की से बदसलूकी, वीडियो वायरल | महिला बोली – ‘नक़ाब उतारकर करो नंगा नाच’

    मुंबई लोकल ट्रेन में बुर्का पहनी लड़की को हिंदू दोस्तों के साथ देखकर महिला ने भरी ट्रेन में अपमानित किया। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पहचान, धर्म और स्वतंत्रता पर बहस छिड़ी। A burqa-clad girl was mistreated in Mumbai local train, video went viral | The woman said – ‘Remove the veil and do a nudist dance’

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की लोकल ट्रेन, जिसे आमतौर पर शहर की “लाइफलाइन” कहा जाता है, एक बार फिर विवाद की वजह से चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक महिला ने बुर्का पहनी युवती को उसके हिंदू दोस्तों के साथ यात्रा करने पर जमकर अपमानित किया। यह घटना जैसे ही सामने आई, लोगों के बीच धार्मिक स्वतंत्रता, पहचान और सामाजिक दबाव को लेकर बहस छिड़ गई। A burqa-clad girl was mistreated in Mumbai local train, video went viral | The woman said – ‘Remove the veil and do a nudist dance’

    महिला की भरी ट्रेन में अपमानजनक टिप्पणी

    वायरल वीडियो में महिला को गुस्से में चिल्लाते हुए सुना जा सकता है। वह बुर्का पहनी लड़की को निशाना बनाते हुए कहती है – “देखो इस मुस्लिम लड़की को, यह हमारी कौम की बदनामी कर रही है। अगर नंगा नाच करना है तो नक़ाब उतारकर करो, हमारे बुर्के को बदनाम मत करो।” A burqa-clad girl was mistreated in Mumbai local train, video went viral | The woman said – ‘Remove the veil and do a nudist dance’

    उस समय ट्रेन में मौजूद यात्री महिला की बातों से हक्के-बक्के रह गए। कई लोग एक-दूसरे की तरफ चिंता से देखने लगे, जबकि कुछ यात्री चुपचाप तमाशा देखते रहे। पूरी घटना के दौरान लड़की ने ज्यादातर चुप्पी साधे रखी और खुद का बचाव नहीं किया। A burqa-clad girl was mistreated in Mumbai local train, video went viral | The woman said – ‘Remove the veil and do a nudist dance’

    यात्रियों और सोशल मीडिया पर बहस

    मुंबई लोकल ट्रेन में होने वाली यह घटना जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आई, वीडियो ने धूम मचा दी।

    • कुछ नेटिज़न्स ने महिला की टिप्पणियों को असहिष्णु और पिछड़े विचारों वाला बताया।
    • वहीं कुछ ने कहा कि लड़की का किसके साथ सफर करना उसकी निजी स्वतंत्रता है, इसमें दूसरों को दखल देने का कोई अधिकार नहीं।

    सोशल मीडिया पर यह वीडियो अब पहचान, व्यक्तिगत आज़ादी और धार्मिक संवेदनशीलता पर चर्चा का केंद्र बन चुका है।

    मुंबई लोकल – सिर्फ सफर नहीं, कहानियों का मंच

    मुंबई की लोकल ट्रेनें रोज़ाना लाखों लोगों को उनकी मंज़िल तक पहुंचाती हैं। यहां दोस्ती, बहस, संघर्ष और मानवीय रिश्तों की हजारों कहानियां जन्म लेती हैं। लेकिन यह घटना दिखाती है कि सार्वजनिक परिवहन कभी-कभी समाज के अंदरूनी तनाव और असहिष्णुता को भी उजागर कर देता है। A burqa-clad girl was mistreated in Mumbai local train, video went viral | The woman said – ‘Remove the veil and do a nudist dance’

    विवाद और सवाल

    यह स्पष्ट नहीं है कि घटना कब घटी, लेकिन 26 अगस्त 2025 को वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर यूज़र Treeni द्वारा साझा किया गया था।
    हालांकि Indian Fasttrack News ने भी स्पष्ट किया कि वह इस वीडियो की प्रामाणिकता की गारंटी नहीं देता।

    🔎 निष्कर्ष

    मुंबई लोकल ट्रेन में हुई यह घटना सिर्फ एक झगड़ा नहीं बल्कि उस सामाजिक मानसिकता का आईना है, जहां पहचान, धर्म और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर लोगों के विचार टकराते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस बात को और गहराई से सामने ला दिया है कि आज भी समाज में सहनशीलता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर लंबी दूरी तय करनी बाकी है। A burqa-clad girl was mistreated in Mumbai local train, video went viral | The woman said – ‘Remove the veil and do a nudist dance

  • 2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन से सिर्फ 2000 रुपये का लोन लेना 25 वर्षीय लड़की को महंगा पड़ गया। जबकि पीड़िता के मुताबिक उसने लोन का भुगतान कर दिया था। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    मुंबई: जोगेश्वरी की रहने वाली एक 25 वर्षीय लड़की के साथ बहोत बुरा हुआ है। ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनी ने उसके अंतरंग तस्वीरों को उसी की कॉन्टेक्ट लिस्ट हैक कर उसके रिश्तेदारों को फॉरवर्ड कर दिया। गनीमत रही की लड़की ने समझदारी दिखाते हुए अपने पिता को सारी हकीकत बता दी। लड़की ने दावा किया कि उसने लोन के पैसे चुका दिए, हालांकि उसमें देरी हुई। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता जोगेश्वरी की रहने वाली है। उसने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा जिसमें एक ऐप के बारे में बताया गया था जो तुरंत नकद लोन प्रदान करता है। उसने 20 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे अपने फोन पर ऐप डाउनलोड किया। इसके बाद उसने छह दिनों के लिए 2000 रुपये लोन के लिए अप्लाई किया। ऐप पर अपना बैंक खाता नंबर सहित व्यक्तिगत जानकारी अपलोड कर दी। साथ ही, आधार कार्ड की एक प्रति भी अपलोड जोड़ दी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    तस्वीरें वायरल करने की धमकी

    शिकायत के मुताबिक, इसके कुछ देर बाद ही लड़की के बैंक खाते में 1300 रुपये लोन के पैसे जमा हो गए। छह दिन बाद, लड़की को मैसेज मिला, जिसमें लोन चुकाने के लिए कहा गया। उसने जवाब दिया कि उसके पास इस समय पैसे नहीं है। उसे कुछ दिन और चाहिए लेकिन मैसेज भेजने वाले ने उसको तुरंत भुगतान करने को कहा। उसने धमकाते हुए कहा, कि ऐसा नहीं करने पर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी जाएगी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पैसे चुकाने के बाद भी वायरल कर दी तस्वीर

    पीड़िता का दावा है कि वह इस मैसेज को पढ़कर डर गई। उसको 31 जुलाई को एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिसमें तुरंत पैसों के भुगतान करने के लिए कहा गया था। पीड़िता ने उसी दिन क्यूआर कोड के माध्यम से 2000 रुपये चुका दिए। लेकिन उसी दिन शाम करीब 7 बजे पीड़िता की चाची को एक अज्ञात नंबर से उसकी मॉर्फ की गई नग्न तस्वीरें मिलीं। इसके बाद, उसके एक पुरुष मित्र को भी इसी तरह की तस्वीरें मिली। इससे लड़की डर गई और उसने अपने पिता को इस बारे में बताया, जिसके बाद दोनों ओशिवारा पुलिस का रुख किया। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    लोन एप की ठगी से कैसे बचें?

    • लोन लेने से पहले सभी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
    • ब्याज दर, पेमेंट साइकल और पेनाल्टी आदि की जानकारी ले लें।
    • लोन ऐप्स केवल गूगल प्ले स्टोर या एपल ऐप प्लेस्टोर से ही डाउनलोड करें।
    • अनजान लिंक या वाट्सएप से आए डॉट एपीके फाइल्स से बचें।
    • ऐप्स को अनावश्यक अनुमतियां जैसे कॉन्टैक्ट्स, गैलरी या कैमरा) नहीं दें।
    • ठगी का शिकार बनने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
    • लोन से संबंधित कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और स्क्रीनशॉट्स को सेव करके रखें।

    मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज साइबर अपराध जनवरी 2024 से मार्च 2025

    सालदर्ज केसहल केस धोखाधड़ी राशिजब्त राशि
    202450871253846.71 करोड़ रु82.49 करोड़ रु
    20251106188 279.83 करोड़ रु40.29 करोड़ रु

    झटपट लोन देने वाले ऐप्लिकेशन संचालक करते क्या है?

    लोन ऐप्स के जरिए पैसे देने वाली कंपनियां अक्सर अर्जदार की गोपनीय जानकारियां चुरा लेती है और उन्हीं के कॉन्टेक्ट डिटेल्स की मदद से धमकाया और परेशान किया जाता है। यहां तक की उनके रिश्तेदारों और परिवार वालों को लगातार कॉल कर परेशान किया जाता है। ऐसे में कर्जदारों के कॉन्टैक्ट्स नंबरों पर धमकी भरे मैसेज भेजने से सामाजिक अपमान का डर बढ़ जाता है। ब्लैकमेलिंग कर लोगों को इतना परेशान किया जाता है कि लोग आत्महत्या को ही अंतिम रास्ता मान लेते हैं।

    सरकार को ध्यान देने की जरुरत

    लोन ऐप्स की ब्लैकमेलिंग और उच्च ब्याज दरों के कारण कई लोग मानसिक रोगी बन जाते हैं। कुछ लोग तनाव में आत्महत्या तक कर लेते हैं। वहीं, मुंबई पुलिस के अनुसार, साइबर जागरूकता की कमी के कारण लोग अपनी समस्याएं खुलकर साझा नहीं करते, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग भी कम होने के कारण केस सामने आ नहीं पाता है। साइबर दक्ष में पुलिसकर्मियों की कमी भी है, जो साइबर अपराध को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए, साइबर डिटेक्टशन रेट दो से तीन फीसदी रही है, जबकि साइबर केस बढ़कर 243 फीसदी तक मुंबई जैसे शहर में पहुंच चुकी है। इस ओर सरकार और प्रशासन को ध्यान देने की जरुरत है।

  • मौत का सौदागर बन गए हैं मुंबई मंडल DRM हिरेश मीना

    मौत का सौदागर बन गए हैं मुंबई मंडल DRM हिरेश मीना

    मध्यरेल के मुंबई मंडल डीआरएम रेल यात्रियों के लिए मौत का सौदागर बने हुए हैं। यहां रिश्वतखोरी की आंच इतनी तेज लगी हुई है कि हिरेश मीना अपनी होश तक खो चुके हैं। जबकि लगातार रेल दुर्घटनाओं में मारे जा रहे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई:
    मध्यरेल के कल्याण रेलवे स्टेशन पर लापरवाही का सामराज्य है। आजकल यात्रियों के ट्रेन से गिरने की घटना में काफी वृद्धि हो गयी है। सूत्रों के अनुसार मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से कल्याण रेलवे स्टेशन के बीच प्रतिदिन 5 से 7 लोगों की मृत्यु हो जाती है। इस पर रेल प्रशासन पूरी तरह मौन है। क्या इस तरह लोगों की मौतों के लिए प्रशासन की कोई जवाबदेही नही बनती? Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    किसकी है जवाबदेही?

    इस विषय पर जब चर्चा करने के लिए पत्रकार, डीआरएम मुंबई मंडल हिरेश मीना से मिलना चाहा, तो मीना ने मिलने से मना करते हुए बहाना बना दिया। कहा, कि जीएम का आदेश है कि पत्रकारों को केवल पीआरओ ही जबाब देंगे। जबकि पीआराओ का काम सिर्फ विशेष एनाउंसमेंट के लिए होता है। जबकि सुरक्षा को लेकर डीआरएम की जवाबदेही होती है। उन्हें पता था कि पत्रकारों के सवालों का वो जवाब नहीं दे पाएंगे। इसी लिए उन्होंने पहले से पीआराओ का हवाला देते हुए अपने कर्तव्यों से पीछा छुड़ा लिया। जबकि ऐसे अधिकारी को पद से बेदखल कर देना चाहिए।

    मीना के आते ही कर्मचारी हुए लापरवाह

    और अधिक जानकारी देते हुए बता दें, कि जब से हिरेश मीना ने डीआरएम का पद भार संभाला है तब से मुंबई मंडल के रेलकर्मी लापरवाह और निष्क्रिय हो गए हैं। क्योंकि डीआरएम मीना खुद लापरवाह और निष्क्रिय है। आगे बता दे कि कल्याण स्टेशन पर कुछ दिनों से मेल एक्सप्रेस गाड़ियों के आवागमन की घोषणा ठीक से नही की जाती है और मेल गाड़ियों को प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 पर लेने का निर्णय लिया था जो गाड़ी कसारा की ओर से आएगी और जो गाड़ी कर्जत की ओर ओर से आएगी उसको प्लेटफार्म नंबर 6 और 7 पर लिया जाएगा। जिसका पालन नही हो रहा है।

    हादसा होने का कारण क्या है?

    बिना अनाउंसमेंट के गाड़ी प्लेटफार्म पर आ जाती है। जब गाड़ी प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाए, उसके बाद अनाउंस किया जाता है, कि फलां गाड़ी फलां प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है। तो जान लो यात्रियों की कैसी भगदड़ होती होगी? कल्याण का स्टेशन मास्टर राधे कृष्ण मीना की लापरवाही से कसारा की ओर से आने वाली पंचबटी एक्सप्रेस को कभी 6 तो कभी 5 नंबर प्लेटफार्म पर लिया जाता है। जिसके कारण यात्री प्लेटफार्म से कूदकर रेलवे लाइन पटरी पर से गाड़ी पकड़ते है।

    क्या है सवाल?

    ऐसे अनगिनत कारणों की वजह से बड़े हादसे की संभावना से कोई भी इनकार नही कर सकता। इस पर भी मीना का पूरा आशिर्वाद प्राप्त है। इससे गाड़ी में चलने वाले अवैध हॉकरों और स्टेशन मास्टर मीना को काफी फायदा हो रहा है। Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    रेलवे का दुर्भाग्य

    इसी विषय पर चर्चा करने के लिए डीआरएम हिरेश मीना से मिलकर यात्रियों को नया जीवन देने के लिए पत्रकार ने समय मांगा था। पर हिरेश मीना के पास समय नही है वह अपने कैबिन में कौन सी मीटिंग करता है? ये किसी को मालूम ही नही। अपने कैबिन में आरपीएफ को बैठा रखा है अपनी सुरक्षा के लिए। अब अंदर की जानकारी कौन देगा? दुर्भाग्य है, कि ऐसे डीआरएम आते रहेंगे तो रेलवे का बंटाधार ही होगा।

  • महाराष्ट्र में 5 महीने में 30,000 से अधिक लोग लापता, मुंबई में सबसे ज्यादा

    महाराष्ट्र में 5 महीने में 30,000 से अधिक लोग लापता, मुंबई में सबसे ज्यादा

    महाराष्ट्र में पुलिस रिकार्ड के मुताबिक एक चौकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां औरतन रोजाना 200 से अधिक लोग गायब हो रहे हैं। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने के लिए तकनीक का सहारा ले रही है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में अचानक लापता होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले 5 महीने में पूरे राज्य में 30,000 से अधिक लोग लापता हो गए हैं।
    पुलिस के आंकड़ों के हवाले से पता चला है कि लापता होने वालों में मुंबई शहर को सबसे अव्वल बताया जा रहा है। राज्य में और शहरों के मामले में मुंबई सबसे आगे है, जहां जनवरी से मई के बीच में 3475 लोग गायब हुए हैं। जो कुल मामलों का 10 प्रतिशत से अधिक मालूम होता है। जबकि यह आंकड़े पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    रोज लापता हो रहे 200 लोग

    खबरों के मुताबिक, राज्य में पिछले 5 महीने में 30,113 लोग, यानी रोजाना औसतन 200 लोग गायब हो रहे हैं।
    लापता लोगों के मामले में मुंबई के बाद दूसरे स्थान पर ठाणे का नंबर सामने आ रहा है। जहां 5 महीन में 2,003 लोगों की गुगशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वैसे भी यहां अक्सर लापता व्यक्तियों की संख्या ज्यादा होती है। इसके बाद तीसरे स्थान पर अहिल्याबाई नगर बताया जा रहा है, जो आबादी में बेहद कम है। लेकिन यहां 1411 गुमशुदगी के मामले दर्ज हैं।More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    लापता लोगों में महिलाएं अधिक

    सबसे अधिक गुमशुदगी के मामले मुंबई, ठाणे और अहिल्या नगर के बाद पुणे और नासिक ग्रामीण में हैं। पुणे में 1,364 और नासिक में 1,338 लापता व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज हैं। ये राज्य के शीर्ष-5 शहर हैं, जहां लापता व्यक्तियों की संख्या अधिक है।
    लापता कुल 30,113 लोगों में 12,467 पुरुष और 17,646 महिलाएं हैं। इसमें नाबालिग शामिल नहीं है क्योंकि उनका केस अपहरण में दर्ज किया जाता है। फरवरी में लापता लोगों की संख्या कम है, जबकि मार्च में 17 प्रतिशत बढ़ी है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    गुमशुदा होने के क्या कारण हो सकते हैं?

    पुलिस रिकार्ड में दर्ज मामलों के मुताबिक, लापता होने के अलग-अलग कारण होते हैं। इन लापता लोगों में खुद से घर छोड़ने वाले, मानसिक बीमारी, मानव तस्करी और प्राकृतिक आपदा में गायब लोग शामिल हैं। इनका पता लगाने के लिए पुलिस तकनीक का सहारा ले रही है। साथ ही सार्वजनिक सहयोग को भी बढ़ा रही है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

  • Viral Video: मुंबई में भीड़ की मार, महिला ट्रेन में लटकने पर मजबूर, लोगों ने लगाई खूब लताड़

    Viral Video: मुंबई में भीड़ की मार, महिला ट्रेन में लटकने पर मजबूर, लोगों ने लगाई खूब लताड़

    Mumbai Local Train: हाल ही में, एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जहां कुछ महिलाएं चलती लोकल ट्रेन के दरवाजे से लटक कर सफर करती नजर आ रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    मुंबई: सोशल मीडिया पर आए दिन मुंबई लोकल ट्रेन की ऐसी ऐसी वीडियोज वायरल होती रहती हैं, जिसे देखकर हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि एक व्यक्ति अपने दिनचर्या वाले काम को करने के लिए किस रास्ते तक जा सकता है। मुंबई की लोकल ट्रेनें शहर की जीवन रेखा मानी जाती हैं, लेकिन इनमें होने वाली भीड़ कई बार यात्रियों के लिए खतरा बन जाता है। अब हाल ही में, एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां कुछ महिलाएं मजबूरन चलती लोकल ट्रेन के दरवाजे से लटक कर सफर करती नजर आईं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के X पर ‘Mumbai Railway Users’ नामक अकाउंट से शेयर किया गया है। इसमें कुछ महिलाएं भीड़ के कारण ट्रेन के अंदर जगह न मिलने पर दरवाजे के बाहर लटक कर यात्रा करती दिखाई दे रही हैं। बताया गया है कि यह घटना कल्याण स्टेशन से रवाना होने वाली ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेन की है, जो उस दिन करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची थी। देरी के कारण प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो गई और महिलाओं को मजबूरी में दरवाजे पर लटकना पड़ा। इसमें लटकी हुई महिला भी अंदर की भीड़ को जगह देने के लिए चिल्ला रही थी। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कोई हिल भी नहीं पा रहा था। कहीं उस महिला का हाथ छूट जाता तो मौके पर ही उसकी मौत हो जाती। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    रेलवे ने तुरंत दी प्रतिक्रिया

    वीडियो सामने आने के बाद रेलवे की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया दी गई। रेलवे सेवा के आधिकारिक अकाउंट ‘Railway Seva’ ने इस वीडियो को गंभीरता से लेते हुए मुंबई सेंट्रल रेलवे के डिविजनल मैनेजर (@Drmmumbaicr) को टैग किया और जरूरी कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को भी जांच के लिए टैग किया गया। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    लोगों ने दी मजेदार प्रतिक्रिया

    इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने ट्रेनों की समय पर न आने और भीड़भाड़ को ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया, वहीं कुछ ने यात्रियों की तरफ से उठाए गए जोखिम भरे कदम की आलोचना की। कई यूजर्स ने कहा कि यात्रियों को अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहिए और ऐसे खतरनाक तरीकों से बचना चाहिए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    सतर्क रहने की है जरूरी

    भारतीय रेलवे पहले भी कई बार यात्रियों को चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होने या बाहर लटकने से मना कर चुका है। यह न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। यह घटना रेलवे के लिए एक चेतावनी है कि रेलवे को महिला यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। अगर ऐसे हालात बने रहे तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

  • Mumbai: सोमवार को मध्य रेल की सेवाएं पड़ सकती है ठप्प

    Mumbai: सोमवार को मध्य रेल की सेवाएं पड़ सकती है ठप्प

    मोटरमैन के विरोध प्रदर्शन से सोमवार को मध्य रेल की सेवाएं बाधित हो सकती है। सरकार द्वारा निगरानी को लेकर अतिरिक्त कैमरा लगाए जा रहे हैं। जो एआई तकनीक के जरिए लोको पायलट के इशारों पर नजर रखेगा।

    मुंबई- मध्य रेलवे की मुंबई लोकल ट्रेन सेवाएं सोमवार को बुरी तरह से प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। ट्रेन चालक मोटरमेन रेल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्यूटी बढ़ा कर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही लोको पायलट के ड्राइविंग कैब में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) नामक एक नई प्रणाली के तहत कैमरे लगाए जाने के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। यह नई तकनीक एआई सॉफ्टवेयर तकनीक पर काम करती है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    ADAS कैसे काम करता है?

    ADAS एक ऐसी तकनीक है जो वाहन के आस-पास की निगरानी करने और संभावित खतरों का पता लगाने के लिए सेंसर, कैमरे और अन्य तकनीकों का उपयोग करके ड्राइविंग के विभिन्न पहलुओं, सुरक्षा को बढ़ाने, कार्यभार को कम करने और समग्र ड्राइविंग अनुभव को बेहतर बनाने में ड्राइवरों की सहायता करती है। इसमें चेतावनी दी जाती है या सुधारात्मक कार्रवाई भी करती है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    मुंबई CSMT पर सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (CRMS) द्वारा नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि ट्रेन मोटरमैन रविवार सुबह से “नियम के अनुसार काम करेंगे।” जबकि मध्य रेलवे (Central Railway) के अधिकारियों ने कहा कि वे यूनियन के साथ बातचीत कर रहे हैं, अगर मुद्दे हल नहीं हुए तो यात्रियों को सोमवार सुबह से इसका असर महसूस हो सकता है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    चेतावनी भरा पत्र

    CRMS लोको रनिंग स्टाफ के अनिल दुबे द्वारा मुंबई सेन्ट्रल रेलवे के डिवीजनल रेलवे मैनेजर को एक चेतावनी पत्र भेजी गई है। पत्र में इस बात पर आपत्ति जताई गई है कि चालक के कैब में कैमरे लगाए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मोटरमैन संकेत दे रहा है या नहीं? संकेत लेना और संकेत देना ट्रेन चलाने में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त व्यावसायिक सुरक्षा अभ्यास है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण संकेतकों की ओर इशारा करके और मौखिक रूप से उनकी स्थिति बताकर गलतियों से बचना है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    अनावश्यक संदेह

    सीआरएमएस लोको रनिंग स्टाफ शाखा ने पाया, कि मोटरमैन के ठीक सामने कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि यह देखा जा सके कि वह हाथ के इशारों के साथ संकेत दे रहा है या नहीं? जबकि मोटरमैन कैब में बैठकर ट्रेन चलाता है। दुबे ने कहा, “नौकरी की एकल-व्यक्ति प्रकृति के कारण, हाथ के इशारों से संकेत देना संभव नहीं है और इससे ट्रेन संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। कैमरे लगाने से ईमानदारी और निष्ठा से काम करने वाले कैडर को अनावश्यक रूप से संदेह के घेरे में लाया जा रहा है।” (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    एकाग्रता भंग होने का खतरा

    उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यपूर्ण है कि लंबे समय से लंबित मोटरमैन की शिकायतों का समाधान करने के बजाय प्रशासन अन्य अनावश्यक चीजों पर पैसा खर्च कर रही है। उक्त व्यस्त परिस्थितियों में काम करते समय अकेले मोटरमैन के लिए हाथ के इशारों से सिग्नल बताना संभव नहीं है, क्योंकि कैब में पावती देने के लिए कोई मौजूद नहीं होता। बिना किसी पावती के बार-बार हाथ के इशारों से सिग्नल बताने से मोटरमैन की एकाग्रता भंग हो सकती है।” (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    विरोध प्रदर्शन की संभावना

    दुबे ने कहा कि मोटरमैन को एक ही दिशा में सभी लाइनों के बीच अपनी लाइन के सिग्नलों की पहचान करते समय अविभाजित एकाग्रता देते हुए, पटरियों और ओवरहेड उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, तटस्थ खंडों पर बातचीत करते हुए, सभी स्थायी और अस्थायी गति प्रतिबंधों का पालन करते हुए, सभी गेज और लैंपों पर कड़ी नजर रखते हुए – यात्रियों के साथ विवादों और अतिचारियों के कारण उत्पन्न तनाव के बीच – प्रत्येक स्टेशन पर ईएमयू लोकल ट्रेन के ठहराव पर ट्रेन को ठीक उसी स्थान पर रोकना पड़ता है, जहां भीड़ बढ़ने के कारण ब्रेक पावर बदल दिया जाता है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि मोटरमैन यूनियन के साथ बातचीत पहले से ही चल रही है और जल्द ही विरोध प्रदर्शन पूरा होने की संभावना है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

  • Badlapur: एनकाउंटर के खिलाफ 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, SIT करेगी जांच

    Badlapur: एनकाउंटर के खिलाफ 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, SIT करेगी जांच

    Badlapur Sexual Harassment: बदलापुर यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी का एनकाउंटर केस का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मुठभेड़ में शामिल रहे पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं।

    Badlapur Sexual Harassment: बम्बई उच्च न्यायालय ने बदलापुर में स्कूली बच्चियों से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी अक्षय शिंदे की हिरासत में मौत के लिए जिम्मेदार ठहराए गए पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे दिया है। इसी के साथ ही पुलिस को एसआईटी टिम का गठन कर जांच करने के आदेश दिए हैं। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और नीला गोखले की खंडपीठ ने पुलिस की अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त को मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का भी निर्देश दिया है। पीठ ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में ‘अनिच्छा’ के लिए सरकार की आलोचना की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई राज्य की वैधता और आम आदमी के आपराधिक न्याय प्रणाली में विश्वास को कमजोर करती है। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    पुलिस की गोली से हुई मौत

    अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के देखने के बाद हम इस बात से संतुष्ट हैं कि हिरासत में हुई आरोपी की मौत पर गहन जांच की आवश्यकता है, क्योंकि वह पुलिस द्वारा चलाई गई गोली के कारण घायल हुआ था। पीठ ने कहा कि केवल न्याय नहीं किया जाना चाहिए बल्कि ऐसा प्रतीत होना चाहिए कि न्याय हुआ है। अदालत ने यह भी कहा, कि हमें उम्मीद और भरोसा है कि एसआईटी साजिश का पर्दाफाश करेगी। उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे कानून के प्रावधानों का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि जांच हो। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

    पीठ ने कहा कि जब प्रथम दृष्टया अपराध का खुलासा हो तो उसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। अदालत ने पुलिस के अपराध विभाग के संयुक्त आयुक्त को पुलिस उपायुक्त की निगरानी में एक विशेष जांच दल गठित करने और प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। पीठ ने सरकार के वकील अमित देसाई द्वारा अदालत के आदेश पर रोक लगाने के अनुरोध को भी खारिज कर दिया। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    फर्जी एनकाउंटर

    आप को बता दें कि ठाणे जिले के बदलापुर के एक स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी शिंदे की 23 सितंबर, 2024 को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की गोली लगने से मौत हो गई थी। शिंदे को तलोजा जेल से कल्याण ले जाया जा रहा था, तभी यह घटना हुई। खबरों के मुताबिक फर्जी एनकाउंटर का भी मामला प्रकाश मे आया था। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

  • Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक जीआर जारी कर पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मूर्तिकारों को फ्री परमीशन देने के साथ कुछ नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।

    मुम्बई: पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। माघी गणेशोत्सव में सार्वजनिक मंडलों द्वारा पीओपी की मूर्तियों को तलावों में विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके कारण विवाद हुए। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए कुछ मंडलों को गणेश मूर्तियों का विसर्जन नहीं करने दिया। अब, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि से शुरू होने वाले उत्सव में भी इसी प्रकार के प्रतिबंध लागू होने की संभावना जताई जा रही है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    कोर्ट के नियमों का असर

    मागी गणेशोत्सव के समान ही आगामी सार्वजनिक गणेशोत्सव पर भी कोर्ट के नियमों का असर देखा जाएगा। मुम्बई महानगरपालिका ने एक परिपत्रक (GR) जारी किया है, जिसमें आगामी गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव को पूरी तरह से पर्यावरण के मुताबिक मनाने का निर्देश दिया है। इसके अंतर्गत, मुम्बई में आगामी गणेशोत्सव में पीओपी की मूर्तियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुमुम्बई महानगरपालिका ने यह निर्णय लिया है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    जुर्माने का प्रावधान ..

    परिपत्रक (Government Rules) के मुताबिक, पर्यावरण के अनुसार मूर्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, महानगरपालिका मूर्तिकारों को मुफ्त में मंडप की अनुमति देगी। सार्वजनिक और निजी स्थानों पर मंडप लगाने के लिए पिछले साल की अनुमति जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, मूर्तिकारों को मंडप बनाने के लिए सड़क या फुटपाथ पर गड्ढे खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर गड्ढे खोदे गए, तो 2000 रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से जुर्माना लिया जाएगा। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    शर्ते लगाई गई है।

    मंडप के प्रवेश द्वार पर यह स्पष्ट रूप से दिखाना होगा कि यहां केवल पर्यावरण के मुताबिक मूर्तियाँ बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही मूर्तियों के आकार में भी नियंत्रण रखा जाएगा ताकि विसर्जन और मूर्तियों की स्थापना में कोई परेशानी न हो। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)