Category: Public Safety

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  • Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    कांदीवली पश्चिम के चारकोप में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road की पाइलिंग का काम रोका गया। IIT और VJTI के एक्सपर्ट करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट, सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही काम शुरू होगा।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road प्रोजेक्ट का पाइलिंग वर्क फिलहाल रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत और विधायक Sanjay Upadhyay के हस्तक्षेप के बाद बीएमसी ने तुरंत काम बंद करने का आदेश दिया। अब आसपास की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा।

    Coastal-Road-Piling-Stopped-After-Tremors-in-Kandivali-news

    📍चारकोप में दहशत, 11 फरवरी को महसूस हुए झटके

    चारकोप सेक्टर 8, कांदिवली वेस्ट में 11 फरवरी को कई इमारतों में कंपन महसूस हुआ। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह झटके Coastal Road के पाइलिंग वर्क की वजह से आए। इसके बाद इलाके में डर का माहौल बन गया और लोगों ने काम रुकवाने की मांग की।

    🏗️ IIT और VJTI करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट

    सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब इमारतों की जांच के लिए

    • Indian Institute of Technology Bombay
    • Veermata Jijabai Technological Institute

    के एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है।

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, VJTI की टीम साइट का निरीक्षण करेगी और उनकी ग्रीन सिग्नल के बाद ही काम दोबारा शुरू होगा।

    🏛️ हाई-लेवल मीटिंग में क्या हुआ फैसला?

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त Bhushan Gagrani की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। बैठक में विधायक Sanjay Upadhyay और वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में तय किया गया कि:

    • सभी नजदीकी इमारतों की तकनीकी जांच होगी
    • काम तय समय सीमा और घंटों में ही होगा
    • हर घटना का लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा
    • साइट पर जिम्मेदार अधिकारी तैनात होगा
    • पब्लिक सेफ्टी के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे

    🌊 20,000 करोड़ का Coastal Road प्रोजेक्ट

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    मुंबई का 20 किलोमीटर लंबा Coastal Road प्रोजेक्ट करीब ₹20,000 करोड़ की लागत से बन रहा है।

    • फेज I: मरीन ड्राइव से वर्ली एंड तक (पहले से चालू)
    • फेज II: वर्सोवा से दहिसर तक कनेक्टिविटी

    यह प्रोजेक्ट वेस्टर्न सबर्ब्स और आइलैंड सिटी के बीच ट्रैफिक कम करने के लिए अहम माना जा रहा है। पहले भी हजारों पेड़ों पर असर को लेकर विवाद हो चुका है।

    🛑 सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही शुरू होगा काम

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijeet Bangar ने कहा कि काम शुरू करने से पहले इलाके का निरीक्षण किया गया था, लेकिन अब स्वतंत्र जांच की मांग को देखते हुए VJTI के विशेषज्ञ साइट पर जाकर प्रभाव का आकलन करेंगे।

    उन्होंने बताया:

    • 15 फीट ऊंची प्रोटेक्टिव शीट लगाई जाएगी
    • धूल नियंत्रण के लिए विशेष उपाय
    • जिम्मेदार अधिकारी निगरानी करेगा
    • सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे

    जब तक एक्सपर्ट टीम क्लियरेंस नहीं देती, तब तक पाइलिंग वर्क शुरू नहीं होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पाइलिंग वर्क क्यों रोका गया?
    👉 इमारतों में झटके महसूस होने की शिकायत के बाद काम रोका गया।

    Q2. कौन करेगा इमारतों की जांच?
    👉 IIT और VJTI के विशेषज्ञ स्ट्रक्चरल ऑडिट करेंगे।

    Q3. Coastal Road प्रोजेक्ट कितना लंबा है?
    👉 लगभग 20 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है।

    Q4. काम कब दोबारा शुरू होगा?
    👉 VJTI से सेफ्टी क्लियरेंस मिलने के बाद।

  • Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park (SGNP) में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनर्वसन प्रक्रिया तेज। 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी, 17 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य।

    मुंबई: Sanjay Gandhi National Park (बोरीवली) क्षेत्र में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए वन विभाग ने बड़ी और अहम सूचना जारी की है। मा. उच्च न्यायालय, मुंबई के आदेश (जनहित याचिका क्र. 305/1995) के तहत पुनर्वसन प्रक्रिया को अंतिम चरण में लाया जा रहा है। अब सर्वे के आधार पर बनी प्राथमिक सूची के अनुसार दस्तावेज जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

    📌 क्या है पूरा मामला? | Bombay High Court Order Update

    Bombay High Court के 07 मई 1997 के आदेश के अनुसार SGNP क्षेत्र में बचे हुए अतिक्रमणों का सर्वे कर पुनर्वसन की प्रक्रिया लागू की जानी है। इसी आदेश के पालन में सरकार ने अधिकृत एजेंसी M/s. Grant Thornton Bharat LLP के माध्यम से सर्वे कराया।

    इस सर्वे में कुल 16,478 अतिक्रमणधारकों की प्राथमिक सूची तैयार की गई है।


    📝 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी | Check Name Online

    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news

    वन विभाग ने यह प्राथमिक सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट
    👉 www.mahaforest.gov.in
    पर प्रकाशित कर दी है।

    साथ ही यह सूची SGNP बोरीवली के वन कार्यालयों और संबंधित पुनर्वसन कक्षों के नोटिस बोर्ड पर भी उपलब्ध है।

    अगर आपका नाम लिस्ट में है या नहीं है, लेकिन आप वन क्षेत्र में रह रहे हैं — तो यह आखिरी मौका है दस्तावेज जमा करने का।


    📂 कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? | Required Documents for SGNP Rehabilitation

    पात्रता तय करने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज अनिवार्य हैं:

    1. 01 जुलाई 1995 की वोटर लिस्ट में नाम (फोटो कॉपी)
    2. पहले जमा किए गए ₹7,000 की रसीद (यदि लागू हो)
    3. वन विभाग द्वारा दिया गया झोपड़ी नंबर
    4. 01.07.1995 से 01.01.2011 तक वोटर लिस्ट में नाम का प्रमाण
    5. वोटर आईडी कार्ड
    6. आधार कार्ड / राशन कार्ड / अन्य पहचान पत्र

    👉 बिना दस्तावेज के पुनर्वसन पात्रता तय नहीं होगी।

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park क्षेत्र में वन विभाग द्वारा जारी पुनर्वसन नोटिस के अनुसार जिन-जिन अतिक्रमित नगरों/पाड़ों (Encroached Areas) को शामिल किया गया है, उनकी पूरी विस्तृत सूची नीचे दी जा रही है। यह जानकारी उन सभी रहिवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो पात्रता तय करने के लिए दस्तावेज जमा करने वाले हैं।


    📍 1️⃣ बोरीवली मुख्य प्रवेशद्वार क्षेत्र (SGNP Main Gate Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    पुनर्वसन कक्ष, जुने वनपरिक्षेत्र कार्यालय, मुख्य प्रवेशद्वार, SGNP बोरीवली

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • चिचपाडा
    • नवापाडा
    • रावणपाडा
    • केल्डाईपाडा
    • तुमणीपाडा
    • मलेपाडा
    • तलेपाडा
    • चुनापाडा
    • डॅमपाडा
    • धारखाडी
    • केतकी पाडा
    • केशव नगर
    • पांडे कम्पाउंड
    • अन्य आसपास के अतिक्रमित क्षेत्र

    📍 2️⃣ गौतम नगर – दामू नगर बेल्ट (Gautam Nagar Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    गौतमनगर संरक्षण कुटी, दामूनगर नाले के पास, लहुगड रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • दामू नगर
    • भीमनगर
    • सातारा कॅम्प
    • गांधी नगर
    • पाताचे पानी
    • आकारची भट्टी
    • देवी पाडा
    • चुनापाडा (इस बेल्ट का हिस्सा)
    • लहूगड
    • गौतम नगर
    • रामगड

    📍 3️⃣ अप्पापाडा – आनंदनगर क्षेत्र (Appapada Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    अप्पापाडा संरक्षण कुटी, आनंदनगर बस स्टॉप रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • क्रांती नगर
    • फुले नगर
    • आदिवासी नगर
    • कटिंग नं. 10
    • आंबेडकर नगर

    📍 4️⃣ मालाड – संजयनगर (पठाण वाडी) वन परिमंडल क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल कार्यालय, संजयनगर (पठाण वाडी), मालाड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • जाम ऋषी नगर
    • पिंपरी पाडा
    • मावळे नगर / मोचीपाडा
    • बंजारी पाडा
    • संजयनगर / आंबा पाडा
    • वायशेत पाडा
    • मातंग गड
    • कलमाचा फोंडा
    • निंबोणी पाडा
    • बारीक पायरी / भाटूकली पाडा 1 व 2
    • डुक्कर भुजी पाडा

    📍 5️⃣ मुलुंड पश्चिम – खिंडीपाडा वन क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल अधिकारी कार्यालय, खिंडीपाडा दरगाह रोड, मुलुंड पश्चिम

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • खिंडीपाडा
    • हनुमान पाडा
    • पंचशील नगर
    • राहुल नगर
    • शंकर टेकडी
    • पळस पाडा
    • घाटी पाडा
    • गणेश नगर
    • उलटन पाडा
    • साईबांगोड़ा रोड क्षेत्र

    ⚠️ जरूरी सूचना

    • ऊपर दिए गए सभी क्षेत्र SGNP वन सीमा (Forest Land) के अंतर्गत आते हैं।
    • इन सभी इलाकों के रहिवासियों को 17 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
    • केवल निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता/अपात्रता तय की जाएगी।
    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news-1

    ⚠️ अंतिम चेतावनी | Last Chance for SGNP Encroachers

    वन विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता तय की जाएगी।
    यह मौका चूकने पर पुनर्वसन का दावा कमजोर हो सकता है।

    उपसंचालक (दक्षिण) किरण पाटील द्वारा 13 फरवरी 2026 को यह नोटिस जारी किया गया है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या सभी अतिक्रमित पाड़ों के नाम जारी कर दिए गए हैं?

    हाँ, वन विभाग द्वारा नोटिस में उल्लेखित सभी क्षेत्र ऊपर सूचीबद्ध हैं।

    Q2. अगर मेरा इलाका इस लिस्ट में है तो क्या करना होगा?

    निर्धारित केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।

    Q3. क्या अलग-अलग इलाकों के लिए अलग केंद्र बनाए गए हैं?

    हाँ, बोरीवली, गौतम नगर, अप्पापाडा, मालाड और मुलुंड के लिए अलग पुनर्वसन कक्ष निर्धारित हैं।

    Q4. SGNP में दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख क्या है?

    👉 28 फरवरी 2026।

    Q5. क्या जिनका नाम लिस्ट में नहीं है वे भी आवेदन कर सकते हैं?

    👉 हां, यदि वे वन क्षेत्र में रह रहे हैं तो दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

    Q6. सूची कहां चेक करें?

    👉 www.mahaforest.gov.in और SGNP वन कार्यालयों में।

    Q7. कौन सा कोर्ट ऑर्डर लागू है?

    👉 बॉम्बे हाई कोर्ट, जनहित याचिका क्र. 305/1995।

  • मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मुंबई के मालाड ईस्ट स्थित एक होटल के कमरे में इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर छुपा कैमरा मिलने से हड़कंप मच गया। कपल की शिकायत पर दिंडोशी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में एक होटल के कमरे में छुपा कैमरा मिलने से मेहमानों की सुरक्षा और निजता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक युवा कपल ने इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर लगे मिनी स्पाई कैमरे को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। दिंडोशी पुलिस ने डिवाइस जब्त कर फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं और मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

    मालाड ईस्ट के होटल में चौंकाने वाली घटना

    यह घटना दफ्तरी रोड, मालाड ईस्ट स्थित प्रगति शॉपिंग सेंटर की तीसरी मंज़िल पर मौजूद A1 होटल की है। शिकायतकर्ता 21 वर्षीय युवती अपने मंगेतर के साथ 27 दिसंबर की रात करीब 9:40 बजे होटल में चेक-इन कर रूम नंबर A-3 में ठहरी थी।

    अगली सुबह करीब 9 बजे, युवती की नज़र कमरे के दरवाज़े के पास एक ऐसे इलेक्ट्रिक सॉकेट पर पड़ी, जो इस्तेमाल में नहीं था। वहां से एक पतली वायर बाहर निकली हुई दिखाई दी।

    इलेक्ट्रिक प्लग के अंदर छुपा था मिनी कैमरा

    सॉकेट की बारीकी से जांच करने पर कपल को उसके अंदर मिनी स्पाई कैमरा छुपा हुआ मिला। यह देखते ही दोनों घबरा गए और तुरंत 103 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।

    दिंडोशी पुलिस मौके पर पहुंची और कैमरे को जब्त कर लिया।

    होटल मालिक और स्टाफ पर गंभीर आरोप

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि
    होटल मालिक, मैनेजर और अन्य संबंधित लोगों ने जानबूझकर कैमरा लगाया, ताकि होटल में ठहरने वाले मेहमानों की बिना अनुमति गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग की जा सके।

    आईटी एक्ट और बीएनएस के तहत केस दर्ज

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
    जब्त किए गए कैमरे को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

    फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस यह जांच कर रही है कि

    • क्या होटल के अन्य कमरों में भी ऐसे कैमरे लगे हैं?
    • क्या पहले भी मेहमानों की रिकॉर्डिंग की गई है?

    होटल मैनेजमेंट से संपर्क नहीं

    मामले पर होटल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन होटल स्टाफ ने मैनेजर का संपर्क नंबर देने से इनकार कर दिया।

    स्पाई कैमरा कैसे पहचानें? (Safety Tips)

    साइबर और सुरक्षा विशेषज्ञ दीप मेहता (Ernst & Young LLP) ने कुछ आसान उपाय बताए हैं:

    • 📱 फोन कॉल टेस्ट: संदिग्ध जगह के पास कॉल करें, अगर आवाज़ में रुकावट आए तो डिवाइस हो सकता है
    • 📻 FM रेडियो: फोन का FM रेडियो चालू कर सॉकेट, बाथरूम या दीवारों के पास रखें
    • 🔍 बग डिटेक्टर डिवाइस: अक्सर यात्रा करने वालों को पोर्टेबल डिटेक्टर साथ रखना चाहिए
    • इलेक्ट्रिक टेस्टर: सॉकेट के पास लगाने से नकली या डमी फिटिंग का पता चलता है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    मालाड ईस्ट, दफ्तरी रोड स्थित A1 होटल में।

    Q2. कैमरा कहां छुपाया गया था?
    कमरे के दरवाज़े के पास एक अनयूज्ड इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर।

    Q3. पुलिस ने कौन-सी कार्रवाई की?
    कैमरा जब्त कर फॉरेंसिक जांच भेजा गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. क्या कोई गिरफ्तारी हुई है?
    फिलहाल नहीं, जांच जारी है।

    Q5. होटल में ठहरते समय क्या सावधानी रखें?
    कमरे के सॉकेट, बाथरूम, दीवारों और लाइट फिटिंग की जांच ज़रूर करें।

  • मुंबई मेट्रो लाइन-3: सांताक्रूज़ स्टेशन पर अंडरग्राउंड ट्रेन में टेक्निकल गड़बड़ी, यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

    मुंबई मेट्रो लाइन-3: सांताक्रूज़ स्टेशन पर अंडरग्राउंड ट्रेन में टेक्निकल गड़बड़ी, यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

    मुंबई मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) पर शुक्रवार दोपहर सांताक्रूज़ स्टेशन पर वर्ली जा रही अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन अचानक तकनीकी समस्या के कारण रोक दी गई। यात्रियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (MMRCL) ने साफ किया कि धुएं की खबरें अफवाह थीं और सभी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं।

    मुंबई: शुक्रवार दोपहर करीब 2:44 बजे मुंबई मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) पर एक वर्ली-बाउंड अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन को अचानक तकनीकी खराबी के कारण सांताक्रूज़ स्टेशन पर रोकना पड़ा। इस दौरान यात्रियों को ट्रेन से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    🛑 यात्रियों को क्यों निकाला गया?

    कुछ यात्रियों ने ट्रेन के अंदर धुएं जैसी स्थिति देखने का दावा किया। लेकिन मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MMRCL) ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि न तो धुआं था और न ही आग लगी थी। बावजूद इसके, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें एहतियातन बाहर निकाला गया।

    🚉 ट्रेन को लूप लाइन पर भेजा गया

    तकनीकी समस्या वाली मेट्रो को तुरंत लूप लाइन पर खड़ा कर दिया गया ताकि उसकी पूरी जांच की जा सके। इससे मेट्रो की बाकी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा और दूसरे रूट पर चल रही मेट्रो सामान्य रूप से चलती रहीं।

    📢 MMRCL का आधिकारिक बयान

    MMRCL अधिकारियों का कहना है कि “यात्रियों की सुरक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। धुएं की जो बात सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में सामने आई है, वह पूरी तरह से गलत है।”

    🏙 मुंबई मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) का महत्व

    मुंबई मेट्रो लाइन-3, जिसे Aqua Line भी कहा जाता है, मुंबई की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो परियोजना है। यह कुल 33.5 किलोमीटर लंबी है और इसमें 27 स्टेशन हैं। यह कोलाबा से बांद्रा होकर एसईईपीजेड (SEEPZ) तक जाती है।
    यह लाइन मुंबई की ट्रैफिक समस्या कम करने और लोकल ट्रेन के बोझ को हल्का करने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    🔧 अंडरग्राउंड मेट्रो में तकनीकी गड़बड़ियां क्यों आती हैं?

    अंडरग्राउंड मेट्रो का स्ट्रक्चर बेहद जटिल होता है। हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिक सप्लाई, वेंटिलेशन सिस्टम, एयर-कूलिंग टेक्नोलॉजी और कंट्रोल सिस्टम के कारण इसमें तकनीकी गड़बड़ी आ सकती है। हालांकि, सुरक्षा के लिए हर स्टेशन पर मॉनिटरिंग सिस्टम और इमरजेंसी प्रोटोकॉल बनाए गए हैं।

    🚇 यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भरोसा

    घटना के तुरंत बाद सभी यात्री सुरक्षित निकाल लिए गए। किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। ऐसे मामलों में मेट्रो स्टाफ तुरंत एक्टिव होकर गाइडलाइन के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन करता है।

    📍 सांताक्रूज़ स्टेशन पर हलचल

    घटना के बाद कुछ देर के लिए स्टेशन पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति थी। कई यात्री घबरा गए लेकिन कुछ ही मिनटों में हालात सामान्य हो गए। मेट्रो कर्मचारियों ने यात्रियों को शांति से बाहर निकालकर स्टेशन पर खड़ा किया और अन्य ट्रेन की ओर रीडायरेक्ट किया।

    🌐 सोशल मीडिया पर चर्चा

    धुआं निकलने की अफवाह सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। कई यात्रियों ने वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं, लेकिन बाद में MMRCL ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी।

    🔍 ट्रेन की जांच जारी

    MMRCL की टेक्निकल टीम ने ट्रेन को निरीक्षण के लिए रोक दिया। फिलहाल जांच चल रही है कि गड़बड़ी किस वजह से हुई। शुरुआती रिपोर्ट्स में इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट से जुड़ी दिक्कत बताई जा रही है।


    📌 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या मेट्रो ट्रेन में आग लगी थी?
    ➡️ नहीं, MMRCL ने साफ कहा है कि आग या धुआं जैसी कोई घटना नहीं हुई।

    Q2. यात्रियों को क्यों बाहर निकाला गया?
    ➡️ यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियातन बाहर निकाला गया।

    Q3. क्या मेट्रो सेवा बंद हुई?
    ➡️ नहीं, मेट्रो सेवाएं पूरी तरह से सामान्य रहीं। सिर्फ प्रभावित ट्रेन को लूप लाइन पर जांच के लिए भेजा गया।

    Q4. Aqua Line कब से शुरू हुई है?
    ➡️ Aqua Line (Metro Line-3) मुंबई की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो है, जिसका संचालन हाल ही में शुरू किया गया।

    Q5. क्या भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर हो सकती हैं?
    ➡️ तकनीकी गड़बड़ी किसी भी हाई-टेक सिस्टम में संभव है, लेकिन मेट्रो टीम ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा के लिए पूरी तैयारी की गई है।

  • महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    IMA महाराष्ट्र ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाएं लिखने की इजाज़त देने के सरकार के फैसले पर एलोपैथिक डॉक्टर भड़क उठे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मेडिकल सेक्टर में बवाल मचा हुआ है। IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से जुड़े लगभग 1.8 लाख एलोपैथिक डॉक्टरों ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल करने का ऐलान किया है। वजह? सरकार का वो फैसला जिससे होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथी की प्रैक्टिस की इजाज़त दी जा रही है।

    📚 क्या है CCMP कोर्स और इसका मतलब?

    Maharashtra-IMA-Strike-Why-are-allopathic-doctors-on-strike
    प्रदर्शन की तस्वीर

    राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) को निर्देश दिया है कि वो उन होम्योपैथिक डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन शुरू करे जिन्होंने CCMP यानी Certificate Course in Modern Pharmacology को पूरा किया है। ये एक 1 साल का कोर्स है, जिसके बाद होम्योपैथिक डॉक्टर कुछ चुने हुए केसों में एलोपैथिक दवाएं लिख सकेंगे।

    😠 एलोपैथिक डॉक्टर क्यों हैं नाराज़?

    IMA महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम के मुताबिक, ये फैसला न सिर्फ मेडिकल फील्ड की क्वालिटी को गिराएगा बल्कि मरीजों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ है। उनका कहना है कि “हमने सीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सरकार 5 सितंबर को जारी GR (Government Resolution) को तुरंत वापस ले।”

    🏥 कौन-कौन हड़ताल में शामिल होगा?

    • सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर
    • मेडिकल कॉलेजों के छात्र
    • BMC और राज्य सरकार से जुड़े डॉक्टर संगठन जैसे MARDA, BMC MARDA
    • Federation of All India Medical Association (FAIMA)

    हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि मरीजों को ज़रूरी इलाज मिलता रहे।

    ⚠️ आगे क्या होगा? देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    FAIMA के अध्यक्ष डॉ. अक्षय डोंगरदिवे ने साफ किया है कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो देशभर में आंदोलन शुरू होगा। “हम जनता को इसके जोखिम समझाएंगे और ज़रूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे।”

  • मुंबई मोनोरेल बंद, वडाला के पास 17 यात्री फंसे

    मुंबई मोनोरेल बंद, वडाला के पास 17 यात्री फंसे

    सोमवार सुबह मुंबई मोनोरेल वडाला के पास अचानक रुक गई। 17 यात्री कुछ देर तक फंसे रहे। MMRDA ने सुरक्षित निकाला और 9.30 बजे तक सेवाएं सामान्य हुईं।

    मुंबई: सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे मुंबई मोनोरेल का एक ट्रेन रैक वडाला के पास, Antop Hill Bus Depot और GTBN स्टेशन के बीच अचानक रुक गया। इसमें मौजूद 17 यात्री करीब आधे घंटे तक फंसे रहे। कारण था – पावर सप्लाई फेलियर

    सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए

    MMRDA (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी) के प्रवक्ता ने बताया कि सुबह 7:45 बजे तक सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फंसे यात्रियों को चेम्बूर से आई दूसरी ट्रेन में शिफ्ट किया गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को चोट नहीं आई।

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    फायर ब्रिगेड और टेक्निकल टीम मौके पर

    सावधानी के लिए मुंबई फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची। इस बीच टेक्निकल टीम ने खराब ट्रेन को तोड़कर हटाने और टो करने का काम किया। अधिकारियों ने बताया कि इस रैक की डिटेल जांच की जाएगी ताकि असली वजह पता चल सके।

    सेवाओं पर असर और बहाली

    • घटना के दौरान संत गाडगे महाराज चौक से वडाला के बीच मोनोरेल एक ही ट्रैक पर चलाई गई, जिससे थोड़ी देरी हुई।
    • वहीं, वडाला से चेम्बूर के बीच सेवाएं सामान्य चलती रहीं।
    • सुबह 9:30 बजे तक पूरे 20 किमी कॉरिडोर (चेम्बूर-वडाला-संत गाडगे महाराज चौक) पर सेवाएं सामान्य कर दी गईं।

    बार-बार हो रहे हैं मोनोरेल में अड़चन

    मुंबई मोनोरेल, जो देश की इकलौती मोनोरेल सेवा है, 2014 से फेज़ में शुरू हुई थी। लेकिन तब से इसमें कई बार रुकावटें आई हैं। खासतौर पर भारी बारिश के दौरान
    पिछले महीने भी बारिश में दो मोनोरेल अलग-अलग जगह फंस गई थीं और यात्रियों को रेस्क्यू करना पड़ा था।

    बारिश से शहर बेहाल

    इसी बीच, मुंबई में रविवार सुबह से ही 100 मिमी से ज्यादा बारिश हुई।

    • दादर टीटी सर्कल पर पानी आधा से एक फुट तक भर गया।
    • खार सबवे (वाकोला) और पानबाई स्कूल के पास slip road पर भी आधा से एक फुट पानी जमा हुआ।
    • अंधेरी सबवे (वेस्ट) को 1 से 1.5 फुट पानी भरने की वजह से सुबह कुछ देर बंद करना पड़ा और ट्रैफिक को गोकुले ब्रिज पर डायवर्ट किया गया।

    IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

    सुबह 8:30 बजे IMD (मौसम विभाग) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए रेड नाउकास्ट अलर्ट जारी किया।
    चेतावनी में कहा गया कि अगले 3 घंटे तक भारी से बहुत भारी बारिश, बिजली चमकने, तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) और तूफानी मौसम की संभावना है।

  • Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।

    इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।

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    अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:

    “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”

    भारत सरकार और दूतावास से संपर्क

    महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।

    • दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
    • उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
    • बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।

    हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे

    नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।

    • पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
    • बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।

    विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी: नेपाल जाने से बचें

    भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।

    • भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
    • जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
    • अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।

    स्थानीय स्तर पर हालात

    जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे।
    नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।

    महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
    अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।

  • DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart में डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने से पहले सावधान रहें। एक्सपायरी डेट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स पर ध्यान न देने से नुकसान हो सकता है।

    डीमार्ट (DMart) आज मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए खरीदारी का सबसे लोकप्रिय सुपरमार्केट बन चुका है। यहां किराना, कपड़े, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, दवाइयाँ, घर सजावट का सामान से लेकर छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक सब कुछ एक ही जगह पर मिल जाता है।

    ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए यहां पूरे साल डिस्काउंट ऑफर चलते रहते हैं। लेकिन क्या वाकई ये डिस्काउंट हमेशा फायदे का सौदा होते हैं? अगर आप भी DMart में खरीदारी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

    डिस्काउंट ऑफर में छिपा रिस्क

    मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर डिस्काउंट देखकर खरीदारी करते हैं। लेकिन कई बार ये डिस्काउंट ऑफर पुराने स्टॉक या एक्सपायरी डेट के करीब पहुँच चुके सामान पर चलते हैं। ऐसे में अगर आपने बिना देखे सामान खरीदा तो बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।

    👉 खासकर खाद्य पदार्थ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदते समय उनकी एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक करें।

    कपड़े खरीदने से पहले तुलना ज़रूरी

    डीमार्ट में कपड़ों पर बड़ी छूट दी जाती है। लेकिन कई बार वही कपड़े आपको लोकल मार्केट या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर और भी कम कीमत में मिल सकते हैं।

    👉 इसलिए कपड़े खरीदने से पहले अन्य दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेज़न, मिंत्रा या फ्लिपकार्ट की कीमत ज़रूर चेक करें।

    इलेक्ट्रॉनिक सामान पर न करें जल्दबाज़ी

    डीमार्ट में इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स भी उपलब्ध होते हैं। लेकिन इनकी कीमत हमेशा कम हो ऐसा ज़रूरी नहीं।
    अक्सर त्योहारों के समय अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर बेहतर डील मिल जाती है।

    👉 इसलिए फ्रिज, मिक्सर, मोबाइल एक्सेसरीज़ या छोटे गैजेट्स खरीदने से पहले उनकी ऑनलाइन कीमत ज़रूर जांचें।

    त्योहारों के समय बचत का सही तरीका

    दसरा और दिवाली जैसे त्योहारों में डीमार्ट ग्राहकों से खचाखच भरा रहता है। इस दौरान बड़े-बड़े ऑफर दिए जाते हैं।
    लेकिन याद रखें, त्योहारों पर सिर्फ डीमार्ट ही नहीं बल्कि अन्य स्टोर्स और ई-कॉमर्स साइट्स पर भी डिस्काउंट चलते हैं।

    👉 समझदारी इसी में है कि खरीदारी करने से पहले अलग-अलग जगह की कीमतें और ऑफर तुलना करके फिर फैसला लिया जाए।

    आर्थिक नुकसान से कैसे बचें?

    • हमेशा एक्सपायरी डेट देखकर ही खाद्य और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदें।
    • कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमत की तुलना करें।
    • त्योहारों के सीजन में धैर्य रखें और ऑफर्स की जांच-पड़ताल करें।
    • सिर्फ डिस्काउंट देखकर सामान न खरीदें, ज़रूरत और क्वालिटी को प्राथमिकता दें।

    डीमार्ट में शॉपिंग करना वाकई सस्ता और सुविधाजनक है, लेकिन अगर आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो डिस्काउंट के चक्कर में आपका आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए अगली बार जब भी डीमार्ट जाएं, तो सावधानी से खरीदारी करें और तुलना करना न भूलें।

  • Mumbai: BMC ने बनाई एक्सप्रेस हाइवे सुधार नीति

    Mumbai: BMC ने बनाई एक्सप्रेस हाइवे सुधार नीति

    बीएमसी ने वेस्टर्न और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के लिए नई नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें ट्रैफिक जाम, मीडियन मेंटेनेंस और विज्ञापन पर नियम शामिल हैं।

    मुंबई: शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे (WEH) और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे (EEH) को लेकर बीएमसी (BMC) ने नई नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। करीब 25 किलोमीटर लंबे इन दोनों हाइवे पर रोज़ाना लाखों गाड़ियां दौड़ती हैं। इस वजह से ट्रैफिक जाम, सर्विस रोड का कनेक्शन और मीडियन की देखरेख जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

    🚦 ट्रैफिक जाम से निपटना बड़ी चुनौती

    बीएमसी के ब्रिज विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, हाइवे और सर्विस रोड के बीच सही कनेक्टिविटी नहीं है। इसे ठीक करने के लिए पहले एक्सेस कंट्रोल सिस्टम का सुझाव दिया गया था। अब नई नीति में इसे शामिल किया गया है।

    • भीड़भाड़ कम करने के लिए अहम जगहों पर अंडरपास (Underpass) बनाने की योजना है।
    • इन अंडरपास से हाइवे और आर्टेरियल रोड पर बिना रुकावट ट्रैफिक का बहाव होगा।
    • खासकर बॉटलनेक पॉइंट्स पर इसे लागू किया जाएगा।

    🌱 मीडियन पर पौधों की देखरेख में गड़बड़ी

    वर्तमान में हाइवे के मीडियन पर अलग-अलग एजेंसियां पौधों की देखरेख करती हैं। इससे कहीं नीम के पेड़ हैं, तो कहीं सजावटी पौधे। इस असमानता को खत्म करने के लिए नई नीति में एक एजेंसी को स्पष्ट जिम्मेदारी देने की तैयारी है।

    • उदाहरण के तौर पर, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर फिलहाल 4 एजेंसियां काम कर रही हैं।
    • बीएमसी चाहती है कि आगे एक ही एजेंसी इसकी जिम्मेदारी संभाले।

    🛠️ हाइवे और इंटरनल रोड में बड़ा फर्क

    बीएमसी अधिकारी ने कहा कि हाइवे पर ट्रेंचिंग और री-इंस्टेटमेंट का तरीका इंटरनल रोड से अलग होता है।

    • हाइवे पर गाड़ियां ज्यादा और भारी चलती हैं, इसलिए री-इंस्टेटमेंट चार्जेस भी अधिक होंगे।
    • नई नीति में इसे लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे।

    📢 विज्ञापन और अधिकार क्षेत्र पर स्पष्टता

    फिलहाल हाइवे के अलग-अलग हिस्से एमएसआरडीसी (MSRDC) और एमएमआरडीए (MMRDA) जैसी एजेंसियों के अधीन आते हैं। इससे विज्ञापन के नियम और परमिशन में उलझन रहती है।

    नई नीति का मकसद है:

    • विज्ञापन के फॉर्मेट और परमिशन में समानता लाना।
    • अधिकार क्षेत्र को साफ करना ताकि विवाद न हो।

    ✅ नई नीति से मिलने वाले फायदे

    • ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार
    • मीडियन की एक जैसी देखरेख
    • हाइवे पर विज्ञापन के नियमों में पारदर्शिता
    • लंबी अवधि के लिए सस्टेनेबल हाइवे गवर्नेंस

  • मराठा आरक्षण आंदोलन: मुंबई में प्रदर्शनकारियों को पानी-भोजन की कमी

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मुंबई में प्रदर्शनकारियों को पानी-भोजन की कमी

    मुंबई के आज़ाद मैदान में मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारियों को बारिश, भोजन और पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है, जबकि BMC सुविधाओं का दावा कर रही है।

    मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आज़ाद मैदान में चल रहा आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन उपवास शुरू किया है। उनका मुख्य आग्रह है कि मराठा समुदाय को OBC श्रेणी में 10% आरक्षण दिया जाए। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food

    तेज़ बारिश और खराब मौसम ने प्रदर्शनकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। कई लोग ट्रेन और बस से मुंबई पहुँचे हैं, लेकिन उन्हें भोजन, पानी और रहने की जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रदर्शनकारी छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के आसपास सड़क किनारे डेरा जमाए बैठे हैं और खुद ही खाना पकाने को मजबूर हैं। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food

    प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आंदोलन स्थल के आसपास की दुकानें और होटल बंद करा दिए गए हैं। उनका कहना है कि सरकार और BMC ने जानबूझकर भोजन और पानी की आपूर्ति रोक दी है। वहीं दूसरी तरफ, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने दावा किया है कि सभी जरूरी इंतज़ाम किए गए हैं। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food

    BMC के अनुसार –

    • 11 पानी के टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं।
    • 29 मुफ्त शौचालय मैदान में खोले गए हैं।
    • मोबाइल और पोर्टेबल टॉयलेट्स आसपास लगाए गए हैं।
    • गड्ढों में भरे पानी को सुखाने के लिए दो ट्रक बजरी मैदान में डाली गई है।
    • चिकित्सा सहायता केंद्र, चार मेडिकल टीम और दो एम्बुलेंस 24 घंटे तैनात हैं।
    • मैदान में अंधेरा न रहे, इसके लिए हाई इंटेंसिटी फ्लडलाइट्स लगाई गई हैं।

    इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हालात ज़मीनी स्तर पर अलग हैं। भोजन-पानी की वास्तविक कमी और शौचालयों की बदहाल स्थिति के चलते आंदोलनकारियों में गुस्सा है। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food

    मनोज जरांगे ने मीडिया से बात करते हुए कहा –
    “BMC प्रशासन मुख्यमंत्री के दबाव में काम कर रहा है और उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पानी रोक दिया है। गरीब मराठाओं को परेशान किया जा रहा है, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।”

    मुंबई पुलिस और प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, आंदोलन और तेज़ होने की संभावना जताई जा रही है।