Category: Uttar Pradesh

  • हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    उत्तर प्रदेश के जौनपुर में और एक बार हिजाब को लेकर विवाद गरमा गया है। यहां परीक्षा केन्द्र ने हिजाब हटाने को लेकर सख्ती दिखाते हुए छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया। जबकि छात्राएँ महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को तैयार थी। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    उत्तर प्रदेश: जौनपुर के खुदौली में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब (नकाब) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सर्वोदय इंटर कॉलेज में दसवीं की चार छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने हिजाब उतारने से इनकार किया था। नतीजतन, छात्राओं को घर वापस लौटना पड़ा। इसके बाद से मामला सोशल मीडिया पर खूब गरमाया हुआ है। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    क्या है पूरा मामला?

    सोमवार को यूपी बोर्ड की दसवीं कक्षा की हिंदी परीक्षा थी। छात्राएं खेतासराय स्थित मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल की थीं। जब वे परीक्षा केंद्र पर पहुंचीं, तो वहां की प्रशासनिक टीम ने हिजाब हटाने के लिए कहा। छात्राओं ने इसे मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि छात्राओं ने महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को प्रशासन से अनुरोध किया। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया और उन्हें घर वापस लौटना पड़ा। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    मामले पर विरोध और समर्थन

    इस घटना की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और हिजाब को लेकर नियमों की सख्ती पर सवाल उठने लगे। छात्राओं में से एक के पिता अहमदुल्लाह ने अपनी बेटी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि,
    “अगर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली, तो हमारी बेटी परीक्षा नहीं देगी।” (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    उन्होंने दावा किया कि चार नहीं बल्कि दस छात्राओं को परीक्षा देने से रोका गया। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, कि “उन्होंने अनुरोध किया था कि लेडी टीचर से चेकिंग कराकर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति जाए, लेकिन बच्चियों की मांग को नहीं मानी गई।” उन्होंने कहा, कि “ये परीक्षा केन्द्र की हटगर्जी है जो धर्म के आधार पर बच्चों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। जो सरारस गलत है।” (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    नियमों का गलत इस्तेमाल

    परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक दिनेश चंद्र गुप्ता ने कहा किया कि, “परीक्षा के दौरान बोर्ड के नियमों का पालन कराना अनिवार्य है। छात्राओं ने नियमों का पालन करने से इनकार किया, इसलिए उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।” यहां स्कूल प्रशासन को हिजाब को लेकर नियमों का आकलन करना चाहिए था। जबकि नियम के मुताबिक सिर्फ पहचान पत्र की पृष्ठी करने के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे देना चाहिए था। लेकिन स्कूल प्रशासन ने ऐसा नही करके उन बच्चों का साल ही बरबाद कर दिया। यहां नियमों का गलत इस्तेमाल किए जाने के आरोप लग रहे हैं। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    सोशल मीडिया पर गरमाया मुद्दा

    यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग छात्राओं के फैसले को सराहनीय बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे शिक्षा से समझौता मान रहे हैं। जबकि यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में पहचान सुनिश्चित करने के लिए चेहरा स्पष्ट दिखना चाहिए। हालांकि, हिजाब को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, जिससे यह विवाद और गहरा गया है। इसमें यह नहीं कहा गया है कि परीक्षा देते समय भी विद्यार्थी का चेहरा स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। तो सवाल है कि परीक्षा केन्द्र ने ऐसा क्यों किया? (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    प्रशासन से मांग

    अब देखना यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस मुद्दे को लेकर कोई संज्ञान भी लेता है या नही? या इस तरह के मामलों से निपटने के लिए कोई कदम उठाता भी है या नही? क्या इन छात्राओं को परीक्षा देने का कोई दूसरा मौका मिलेगा? या यह मामला सिर्फ एक विवाद बनकर रह जाएगा? ऐसा हुआ तो प्रदेश के अल्पसंख्यकों के साथ पक्षपात का आरोप लगता रहेगा और हो सकता है, मुस्लिम समाज की लाखों बच्चियां उच्च शिक्षा से महरूम रह जाएँ। ऐसे में प्रदेश का ही नुकसान होगा। प्रशासन को इस पर विचार करने की जरूरत है। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

  • 3 बच्चियों का बलात्कारी करने गया महाकुंभ में स्नान, मौत की सजा भी मिली, लेकिन हर बार हुआ रिहा

    3 बच्चियों का बलात्कारी करने गया महाकुंभ में स्नान, मौत की सजा भी मिली, लेकिन हर बार हुआ रिहा

    राजगढ़ पुलिस ने ऐसे सनकी शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने 22 सालों में हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। तीन बच्चियों से उसने रेप किया। 10 साल की सजा काटकर जब रिहा हुआ तो दुबारा एक बच्ची को हवस का शिकार बना दिया। निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई, लेकिन हाईकोर्ट से सजा खारिज हो गई। अब तीसरी बार फिर उसने एक मासूम बच्ची के साथ रेप किया, जिससे उसकी मौत ही हो गई।

    मध्य प्रदेश: राजगढ़ में एक ऐसा सनकी शख्स है, जिसने 22 सालों में तीन बच्चियों से रेप किया। पहला केस साल 2003 का था। दूसरा केस 2014 और तीसरा 2025 का। इस सनकी शख्स का नाम रमेश सिंह है। रमेश सिंह ने पहले केस में 10 साल जेल की सजा काटी। फिर रिहा होते ही दूसरी बार एक अन्य बच्ची से रेप किया। इस केस में हाईकोर्ट ने उसकी मौत की सजा को खारिज कर दिया। एक बार फिर रिहा होते ही अब उसने एक और बच्ची को हवस का शिकार बनाया, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस बार 9 पुलिस स्टेशन के प्रभारियों ने मिलकर 75 पुलिसकर्मियों के साथ 16 अलग-अलग टीमें बनाई और रमेश का पीछा किया तो पता चला कि रमेश महाकुंभ में अपने पाप धोने के लिए स्नान करने गया है। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    5 साल की बच्ची का बलात्कार

    जानकारी के मुताबिक, पोलयकला के दाबड़ीपुरा का रहने वाला रमेश सिंह 2003 में शाजापुर जिले के मुबारकपुर गांव में 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया था। इस केस में उसे दोषी ठहराया गया और 10 साल की सजा सुनाई गई। लेकिन 2023 में अपनी सजा काट कर रिहा होने के बाद उसने फिर से एक और 8 साल की बच्ची का बलात्कार कर दिया। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    अपहरण और बलात्कार

    2014 में उसने अष्टा (सीहोर) में 8 साल की बच्ची का अपहरण और बलात्कार किया। इस बार निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई। लेकिन 2019 में हाईकोर्ट ने तकनीकी आधार पर फैसले को पलट दिया। इस फैसले ने रमेश को फिर से आजाद घूमने का मौका दिया, जिसके कारण एक और निर्दोष बच्ची को इस हैवान ने अपनी हवस का शिकार बनाया और उसकी मौत हो गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    बच्ची का रेप के बाद मौत

    1 से 2 फरवरी की रात को नरसिंहगढ़ में 11 साल की मूक-बधिर बच्ची अपने घर से लापता हो गई। अगली सुबह वह झाड़ियों में मिली। उसका शरीर बुरी तरह जख्मी था। मेडिकल जांच में हमले की पुष्टि हुई। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां 8 फरवरी को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू की। लगभग 46 स्थानों पर लगे 136 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    महाकुंभ मे स्नान, क्या फिर से हो जाएगा रिहा?

    लाल कलर का शॉल और नीले-काले स्पोर्ट्स शूज पहने एक संदिग्ध को अपराध स्थल के पास घूमते हुए देखा गया और बाद में उसकी पहचान रमेश सिंह के रूप में हुई। एक ऑटो चालक ने पुष्टि करते हुए बताया, कि उसने कुरावर से नरसिंहगढ़ तक उसके ऑटोरिक्शा से सफर किया था। रमेश के भागने के बाद, पुलिस ने उसे प्रयागराज में ट्रैक किया, जहां वह महाकुंभ स्नान के लिए गया था। पुलिस लगातार रमेश को ट्रैक कर रही थी, आखिरकार उसे जयपुर जाने वाली ट्रेन से गिरफ्तार किया गया। इस पीछा करने में 16 पुलिस की टीमें, 75 कर्मियों में 9 पुलिस स्टेशनों के प्रभारी शामिल थे। अब देखना ये होगा कि क्या इस हैवान को कोर्ट सख्त सजा सुनाएगी या फिर कुछ साल की जेल के बाद इसे रिहा कर दिया जाएगा। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

  • दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    धोखे से शादी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    सांप्रदायिक सोच

    उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    पक्षपात का आरोप

    मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    हिंदू मुस्लिम की राजनीति

    मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    प्रदेश का भला कैसे होगा ?

    मौलाना ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मुद्दों को छोड़कर राज्य के विकास पर ध्यान दें। गरीब और कमजोर जनता को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए योजनाएं बनाए। राज्य के बच्चों को 100 फीसद शिक्षा देने की स्कीम चलाएं। इससे प्रदेश का भला होगा। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    शिकायतों का हवाला

    महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    यह समिति राज्य की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी, लव जिहाद तथा छल-कपट व बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण के समाधान पर सुझाव देगी। इसके अलावा अन्य राज्यों में जारी इस कानून का अध्ययन भी करेगी। समिति कानून का मसौदा भी तैयार करेगी तथा कानूनी मामलों का अध्ययन भी करेगी। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    देश के 9 राज्यों में लव जिहाद के खिलाफ कानून

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

  • महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी, 7 मेंबरों का पैनल तैय्यार

    महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी, 7 मेंबरों का पैनल तैय्यार

    महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतर जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बना दी है। महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन.. (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    मुंबई: महाराष्ट्र में लव-जिहाद के खिलाफ कानून लागू करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए डीजीपी संजय वर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है। इसमें महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक विभाग, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। बता दें कि तमिलनाडु में इस कानून को लागू करने के बाद रद्द कर दिया गया था। हालांकि देश के 9 राज्यों जैसे, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में लव-जिहाद के खिलाफ कानून मौजूद हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    कमेटी जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के मामले में शिकायतों को कैसे निपटाया जाए, इस पर सुझाव देगी। इसके अलावा यह दूसरे राज्यों में लागू कानूनों की स्टडी करेगी और इस आधार पर कानूनी सलाह देगी। पैनल में महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा को अध्यक्ष के रुप में चुना गया है। इसके साथ ही महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायता और गृह जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    महाराष्ट्र में लव जिहाद

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    महाराष्ट्र की रहने वाली श्रद्धा वाकर की उसके बॉयफ्रेंड आफताब पूनावाला ने 2022 में दिल्ली में हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए थे। भाजपा ने इस मामले के बाद राज्य में लव जिहाद का मुद्दा उठाया था। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    शादी या प्रेम निजी इच्छा

    महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी NCP शरद पवार की लीडर सुप्रिया सुले ने कहा- शादी या प्रेम निजी इच्छा है। मैं सरकार से निवेदन करती हूं कि यह असल मुद्दों पर ध्यान दें। मोदी जी अभी अमेरिका से वापस लौटे हैं। अमेरिका ने हम पर नए टैरिफ लगा दिए हैं, जिसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ेगा। ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    Maharashtra cm devendra fadnavis news on love jihad image

    एक लाख से अधिक शिकायतें मिलीं​​​

    अक्टूबर, 2024 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था- एक दशक पहले हम सोचते थे कि लव जिहाद की बात इक्का-दुक्का घटना है, लेकिन एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें हिंदू महिलाओं को दूसरे धर्मों के पुरुषों के साथ भागकर शादी करने का झांसा दिया गया। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    सजा का प्रावधान

    धर्म परिवर्तन के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को जान या संपत्ति का भय दिखाता है, बल का प्रयोग करता, शादी का दबाव बनाता है तो उसे भी आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा भुगतान करना होता है। लेकिन सभी राज्यों में सजा के प्रावधान अलग- अलग हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    देश के 9 राज्यों में लव-जिहाद

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे और महाराष्ट्र के विभिन्न हिंदू संगठनों ने भी राज्य में ‘लव जिहाद’ कानून लागू करने की मांग की है। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    • मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा।
    • हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है।
    • उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
    • गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

    यूपी सरकार ने लव जिहाद विरोधी कानून पारित किया सरकार इस बिल को पहली बार 2021 में लेकर आई थी। अब इसमें संशोधन किया गया है। पहले अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था। कानून लागू होने से लेकर अप्रैल, 2023 तक 427 केस दर्ज हुए थे। इनमें से 65 नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। सबसे ज्यादा केस बरेली में दर्ज हुए थे। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    राजस्थान में भी 16 साल बाद लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के विरोधी बिल पेश किया गया था। राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेद विधेयक कानून को इसी साल तक लागू किया जाएगा। इस बिल के जरिए राज्य सरकार की एक धर्म से दूसरे धर्म में जबरन परिवर्तन करवाने वालों पर लगाम लगाएगी। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

  • उत्तराखंड का गिरोह गुजरात से मुंबई में गिरफ्तार, करते थे बुजुर्ग महिलाओं को टार्गेट

    उत्तराखंड का गिरोह गुजरात से मुंबई में गिरफ्तार, करते थे बुजुर्ग महिलाओं को टार्गेट

    देहरादून के उत्तराखंड से आकर मुंबई और आसपास के इलाकों में बुजुर्ग महिलाओं को टार्गेट करने वाले गिरोह का सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने गुजरात से गिरफ्तार कर भांडाफोड़ किया है। 4 चोरों की हुई गिरफ्तारी। (Gang from Uttarakhand arrested from Gujarat in Mumbai, used to target elderly women)

    भायंदर: मुंबई और आस पास के इलाकों में बुजुर्ग महिलाओं को अपनी बातों में फंसा कर उनके कीमती गहने चुराकर फरार होने वाले गिरोह को ठाणे सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने गुजरात से धर दबोचा। चुराए हुए कीमती गहनों के साथ गिरफ्तारी में पता चला कि इनके खिलाफ मिराभाईंदर के नवघर पुलिस स्टेशन के अलावा मुंबई के टिळक नगर, मुलुंड, घाटकोपर और कांदीवली पुलिस स्टेशन में भी इसी तरह का अपराध दर्ज है। (Gang from Uttarakhand arrested from Gujarat in Mumbai, used to target elderly women)

    कैसे करते थे चोरी ?

    घटना 2 फरवरी की है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मध्यवर्ती पुलिस को गांधीनगर गुजरात रेलवे स्टेशन से बदमाशों को पकड़ने में सफलता मिली। जबकि घटना को अंजाम देने के बाद गिरोह देहरादून के लिए रवाना हो चुका था। पुलिस सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड के रहने वाले 29 वर्षीय आयुब कलवा हसन, 34 वर्षीय फारूखअली लोहरी शाह, 28 वर्षीय नौशाद अलीमुद्दीन हसन, 45 वर्षीय जलालुद्दीन लोहरी शाह को गिरफ्तार कर लिया है। ये लोग गिरोह बनाकर मुंबई और आस पास के इलाकों में बुजुर्ग महिलाओं को बातों में फंसाकर उनके कीमती गहने चोरी किया करता था। (Gang from Uttarakhand arrested from Gujarat in Mumbai, used to target elderly women)

    किसने की शिकायत?

    पुलिस ने बताया कि दोपहर 11:15 बजे फरियादी दीनाक्षी पाटिल उम्र 50 वर्ष काज़ीनगर निवासी एक दूकान से सामान खरीदकर खंडोबा के चाइल्डिंग काशीनगर भायंदर पूर्व से घर जा रही थी। आरोपी ने उसे बातों में फंसाकर उसके कानों में सोने के फूल और सोने की एक चैन बैग में रखवाकर सोने के गहने चूरा लिए।पुलिस ने सूचना मिलने पर 55/2025 बी.एन.वाई.न. साल 2023 की धारा 318/4 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। (Gang from Uttarakhand arrested from Gujarat in Mumbai, used to target elderly women)

    कैसे पकडे गए?

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर क्राइम ब्रांच ने मुखबिरों का सहारा लिया और मोबाइल नेटवर्क तकनीक के आधार पर आरोपी के ट्रेन से जाने की जानकारी हुई तो पुलिस पीछे लग गई और गांधीनगर के रेलवे सुरक्षा बल की मदद से उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से कुल 17 तोले सोने के गहने जिनके मूल्य 14,23,000, बताए जाते हैं तथा 2 मोटर साइकिल कीमत 2,357 रुपए और 4 मोबाइल फोन के साथ 27,000 रुपए कैश बरामद किए हैं। (Gang from Uttarakhand arrested from Gujarat in Mumbai, used to target elderly women)

    कहां-कहां दिया घटनाओं को अंजाम?

    जांच मे पता चला कि इनके खिलाफ पहले से मिराभाईंदर शहर के नवघर पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 55/2025, मुलुंड पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 67/2025, टिळक नगर पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 49/2025, कांदीवली पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 90/2025 और घाटकोपर पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 32/2025 इन सभी वारदातों को इस गिरोह ने हालही में अंजाम दिए हैं। पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। (Gang from Uttarakhand arrested from Gujarat in Mumbai, used to target elderly women)

    इन्वेस्टिगेशन टिम एवं जिम्मेदार अधिकारियों को बधाई ..

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस उपायुक्त(अपराध) अविनाश अंबुरे, पुलिस आयुक्त (अपराध) मदन बल्लाल के मार्गदर्शन में सेंट्रल क्राइम सेल के पो.नि.अविराज कुराडे, सपोनिरी. दत्तात्रय सार्क, प्रशांत गांगुर्डे, नितिन बेंद्रे, सहापौपनिरी. श्रीमंत जेदे, मनोहर तवारे, आसिफ मुल्ला, पोहवा. संतोष मदाने, शिवाजी पाटिल, विजय गायकवाड़, रचिन्द्र भालेराव, गोविंद केंद्र, विकास राजपूत, संदीप शेरमाले, प्रवीणराज पचार, हनुमंत सूर्यवंशी, समीर यादव, रवींद्र कांबले, नितिन राठौड़, सफी. संतोष चकशान, मामूब सचिन चौधरी और माननीय पुलिस आयुक्त श्री. संजय चौधरी, वपोनिरी. सुमेर सिंह, पोहाया. मुग़ल नियुक्त रेलवे सुरक्षा बल, गांधीनगर, गुजरात ने सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है। इस सभी अधिकारियों को सफलता पूर्वक क्राइम का खुलासा करने के लिए बधाई। (Gang from Uttarakhand arrested from Gujarat in Mumbai, used to target elderly women)

  • बांद्रा टर्मिनस पर सोती हुई महिला को खींच कर रुकी हुई ट्रेन के डिब्बे मे रेप

    बांद्रा टर्मिनस पर सोती हुई महिला को खींच कर रुकी हुई ट्रेन के डिब्बे मे रेप

    मुंबई के बांद्रा टर्मिनस प्लेटफार्म क्रमांक 6 और 7 के बीच सोती हुई 54 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना 1 फरवरी आधी रात की है।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई– बांद्रा टर्मिनस पर एक 54 वर्षीय महिला के साथ रेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना 2 फरवरी की सुबह खाली उदयन एक्सप्रेस ट्रेन के गार्ड डिब्बे की है। महिला और उसके दामाद ने जीआरपी (Government Railway Police) में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद GRP और आरपीएफ (Railway Protection Force) की जॉइंट टीम ने एक 25 वर्षीय रेपीस्ट को अरेस्ट कर लिया। (Rape of a sleeping woman by dragging her into a stalled train compartment at Bandra Terminus)

    वारदात की शिकायत

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता और उसके दामाद 1 फरवरी की रात 10:30 बजे देहरादून एक्सप्रेस से मुंबई पहुंचे थे। स्टेशन पर ठहरने की जगह न होने के कारण उन्होंने बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 पर रात गुजारने की सोची। CCTV फुटेज के मुताबिक, रात 1:49 बजे आरोपी पीड़िता के पास आया और जबरदस्ती खींचकर उसे रुकी हुई एक्सप्रेस ट्रेन के गार्ड वाले डिब्बे में ले गया, जबकि उसका दामाद प्लेटफॉर्म पर सो रहा था। आरोपी ने इसी का फायदा उठाकर घटना को अंजाम दे दिया। (Rape of a sleeping woman by dragging her into a stalled train compartment at Bandra Terminus)

    बांद्रा रेलवे पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 64(1), 115(2) और 303(2) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम राहुल शेख बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाना अभी बाकी है। (Rape of a sleeping woman by dragging her into a stalled train compartment at Bandra Terminus)

  • Pushpak Express Train Accident: कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में 11 की मौत 40 घायल

    Pushpak Express Train Accident: कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में 11 की मौत 40 घायल

    लखनऊ से मुंबई की ओर आ रही पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। आग की अफवाह ने यात्रियों को पटरियों पर कूदने के लिए मजबूर कर दिया और वहीं दूसरी तरफ से आ रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। (Pushpak Express Train Accident 11 killed, 40 injured in Karnataka Express)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    लखनऊ से मुंबई आ रही पुष्पक एक्सप्रेस में आग की अफवाह के बाद ट्रेन से कई यात्रियों ने छलांग लगा दी थी। वहीं यात्री ट्रैक पर दूसरी ट्रेन के आने से शिकार बन गए। हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है और 40 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घटना महाराष्ट्र के जलगांव रेलवे ट्रैक की है।

    पीड़ित परिवार को 5 लाख का अनुदान

    इस घटना ने पूरे देश के लोगों को सदमें में दाल दिया है। देश के कई हिस्सों मे रहने वाले परिवारों में मातम का माहौल है। महाराष्ट्र सरकार ने हादसे में मरने वालों के परिवार को 5-5 लाख देने का ऐलान किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसका ऐलान किया। इसके अलावा घायलों के इलाज का खर्च भी प्रदेश सरकार ही उठाएगी। ऐसा ऐलान किया गया है। इसके साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शोक व्यक्त किया। (Pushpak Express Train Accident 11 killed, 40 injured in Karnataka Express)

    महाराष्ट्र के जलगांव में हुए पुष्पक एक्सप्रेस रेल हादसे पर अमित शाह ने दुख जताया है। उन्होंने मरने वालों के प्रति संवेदना जाहिर की है। इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस से बातचीत कर घटना की जानकारी भी ली है। (Pushpak Express Train Accident 11 killed, 40 injured in Karnataka Express)

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जलगांव में हुए पुष्पक एक्सप्रेस हादसे पर दुख जताया है। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई 40 से अधिक घायलों का इलाज़ चल रहा हैं। हादसा ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैलने की वजह से हुआ। कुछ यात्रियों ने यह भी बताया कि अगर कर्नाटक एक्सप्रेस के मोटर मेन ने समय पर हॉर्न दिया होता तो यात्री अलर्ट हो जाते। (Pushpak Express Train Accident 11 killed, 40 injured in Karnataka Express)

    8 एंबुलेंस मौके पर, जांच के लिए पहुंचे अधिकारी

    नासिक डिवीजन के कमिश्नर प्रवीण गेदम के मुताबिक, पुष्पक एक्सप्रेस हादसे के बाद मौके पर अधिकारियों को तुरंत भेजा गया। इसके अलावा 8 एंबुलेंस मौके पर घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए मौजूद रही। डीआरएम और रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय जारी रहा। बचाव दल को भी मौके पर भेजा गया। (Pushpak Express Train Accident 11 killed, 40 injured in Karnataka Express)

    ट्रेन में आग की अफवाह

    पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे यात्री ने बताया कि आखिर पुष्पक एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह कैसे फैली? यात्री के मुताबिक दोपहर 3.30 से 4 बजे के बीच अचानक ट्रेन में आग लगने का हल्ला शुरू हो गया। ट्रेन रुकने से पहले ही यात्रियों ने छलांग लगानी शुरू कर दी। इसी बीच दूसरे ट्रैक पर आ रही कर्नाटक एक्सप्रेस कई लोगों को काटती हुई चली गई। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि पुष्पक एक्सप्रेस के पहियों से चिंगारी निकल रही थी जीसे आग समझ लिया गया। इसी से गलतफहमी हुई और पुष्पक ट्रेन के यात्री ट्रेन से कूद गए और हादसे का शिकार हो गए। (Pushpak Express Train Accident 11 killed, 40 injured in Karnataka Express)

    Pushpak Express and karnataka Express train accident news image
    पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की दर्दनाक तस्वीर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

    महाराष्ट्र के जलगांव में हुए पुष्पक ट्रेन हादसे पर सीएम योगी ने दुख जताया। उन्होंने हादसे में मरने वालों के प्रति संवेदना वक्त की। उन्होंने घायलों का समुचित उपचार कराए जाने की बात कही। इसके अलावा रेलवे सीपीआरओ ने भी दिया बयान। (Pushpak Express Train Accident 11 killed, 40 injured in Karnataka Express)

    रेलवे सीपीआरओ (Railway CPRO) की ओर से बताया गया है, कि हादसे के वक्त पुष्पक एक्सप्रेस खड़ी थी। ऐसा अलार्म चेन पुलिंंग की वजह से हुआ था।जलगांव के पास पुष्पक एक्सप्रेस के यात्री आग लगने की अफवाह के बाद जब कूदे तो दूसरे ट्रैक पर आ रही कर्नाटक एक्सप्रेस ट्रेन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि हादसे में मरने वालों की संख्या काफी हो सकती है। हालांकि अभी तक किसी की ओर से संख्या की पुष्टि नहीं की गई है। (Pushpak Express Train Accident 11 killed, 40 injured in Karnataka Express)

    रेलवे का आखिरी बयान

    पुष्पक एक्सप्रेस में आग की अफवाह के बाद यात्री दहशत में आ गए थे। आग से बचने के लिए लोग ट्रेन से कूद गए। इसी बीच दूसरे ट्रैक से गुजर रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आने से 11 लोगों की मौत हो गई। जबकि 40 से अधिक घायल बताये जा रहे हैं। हादसा जलगांव के परांडा स्टेशन के पास हुआ। पुष्पक एक्सप्रेस लखनऊ से मुंबई आ रही थी। रेलवे की ओर से हादसे पर बयान जारी किया गया है, इसमें कहा गया है कि ट्रेन को चेन अलार्म पुलिंंग के बाद रोक दिया गया था। हादसे में कुछ मौतें हुईं हैं। (Pushpak Express Train Accident 11 killed, 40 injured in Karnataka Express)

  • फिल्म फेस्टिवल, वीडियो और शॉर्ट फिल्म बनाने वालों को मिलेगा सम्मान

    फिल्म फेस्टिवल, वीडियो और शॉर्ट फिल्म बनाने वालों को मिलेगा सम्मान

    Short Film Festival: वीडियो और शॉर्ट फिल्म बनाने वाले प्रतिभागियों को इनाम जीतने का सुनहरा मौका दिया जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस कॉम्पिटिशन में 5 से 15 मिनट की शॉर्ट फिल्म बनाकर 15 फरवरी तक भेजने को कहा गया है। अलग-अलग विषयों पर वीडियो कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स के लिए यह एक बेहतरीन मौका है….. (short film festival, video and short film makers will get honour)

    Short Film Festival: वीडियो और शॉर्ट फिल्म बनाने वाले क्रिएटर्स को इनाम जीतने का सुनहरा मौका दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल से संबंधित जिलों में रह रहे युवा जो शॉर्ट फिल्म के जानकार और विभिन्न प्रकार का वीडियो कंटेंट बनाते हैं ऐसे सभी युवाओं के लिए ‘मेरठ चलचित्र सोसायटी’ और तिलक पत्रकारिता जनसंचार स्कूल ‘चौधरी विश्वविद्यालय’ की ओर से लघु फिल्म फेस्टिवल प्रतियोगिता (Short film Festival Competition) का आयोजित किया गया है। इसकी जानकारी तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के डायरेक्टर प्रो प्रशांत कुमार ने दी। (short film festival, video and short film makers will get honour)

    युवाओं की क्रियेटिविटी बढ़ावा

    प्रोफेसर प्रशांत कुमार ने कहा कि जिस तरीके से नोएडा में फिल्म सिटी को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है ऐसे में आने वाले दौर में फिल्मी क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे युवाओं के लिए काफी अच्छा अवसर हो सकता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए युवाओं को प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के लिए पांचवीं बार फिल्म फेस्टिवल का आयोजन मेरठ में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार थोड़ा सा बदलाव किया गया है। एक दिन की जगह दो दिनों तक फिल्म फेस्टिवल आयोजित होगा। ऐसे में युवा 15 फरवरी तक अपनी फिल्म भेज सकते हैं। (short film festival, video and short film makers will get honour)

    इनामी राशि क्या है?

    प्रोफेसर प्रशांत कुमार के अनुसार इस फिल्म महोत्सव में आने वाली फिल्मों को दो श्रेणियां में रखा गया है। प्रथम श्रेणी 5 मिनट तक की तथा दूसरी श्रेणी 5 से 15 मिनट तक की रहेगी। 5 से 15 मिनट तक वाली फिल्मों में प्रथम स्थान प्राप्तकर्ता को सम्मानित करने के साथ-साथ 21,000 रुपए और द्वितीय स्थान पाने वाले को 11,000 रुपए दिए जाएंगे। 5 मिनट तक की श्रेणी की फिल्मों में प्रथम स्थान पाने वाले को 11,000 रुपए, द्वितीय स्थान वाले को 5,100 रुपए दिए जाएंगे। इसके साथ ही दोनों श्रेणियों की फिल्मों में तीन-तीन कोम्प्लिमेंट्री पुरस्कार भी दिए जाएंगे। (short film festival, video and short film makers will get honour)

    इन विषयों पर बना सकते हैं फिल्म

    बताते चलें की इस फिल्म फेस्टिवल में विभिन्न सामाजिक विषयों को शामिल किया गया है। जिसमें धर्म और आध्यात्मिक, भारतीय जीवन का मूल्य, भारतीय परिवार व्यवस्था, भारत के महापुरुष, ऐतिहासिक स्थल, नागरिक कर्तव्य, लोकल फॉर वोकल सहित विभिन्न विषय शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए क्रिएटर्स विश्वविद्यालय स्थित पत्रकारिता विभाग में संपर्क कर सकते हैं। (short film festival, video and short film makers will get honour)

  • Former Haryana CM Om Prakash Chautala passes away

    Former Haryana CM Om Prakash Chautala passes away

    Om Prakash Chautala, the former Chief Minister of Haryana and leader of the INLD, has passed away. He served as a Member of the Legislative Assembly seven times and held the position of Chief Minister on five occasions.

    News Desk
    Hariyana
    – Om Prakash Chautala, the former chief minister of Haryana and leader of the Indian National Lok Dal (INLD), died on Friday afternoon at his home in Gurugram. He was 89 years old.

    Chautala served as the chief minister of Haryana for an unprecedented five terms and was the son of former deputy prime minister Devi Lal. Family representatives announced that Chautala’s cremation will take place at Teja Khera in Sirsa district on Saturday afternoon, with his body available for public viewing from 8 am to 2 pm for those wishing to pay their respects.

    Chautala is survived by his two sons, Ajay Singh Chautala and Abhay Singh Chautala, along with three daughters.

    Abhay previously served as the Leader of the Opposition in the Haryana Assembly. His son, Arjun Chautala, is presently a legislator representing the Rania constituency in Haryana. Dushyant Chautala, the son of Ajay Chautala, held the position of Deputy Chief Minister of Haryana under the BJP-JJP alliance government led by Manohar Lal Khattar.

    Rakesh Sihag, spokesperson for the INLD, informed a news reporter that the former chief minister was in good health earlier in the day. However, he tragically suffered a cardiac arrest, experiencing hiccups just before his passing, Sihag noted.

    Chautala was found guilty in a corruption case linked to recruitment in 2013 and received a 10-year prison sentence. His elder son, Ajay Chautala, was one of 55 individuals convicted in the same case.

    This ruling significantly impacted his political career, preventing him from running in elections following the verdict. Chautala was released from Tihar jail in July 2021.

    Since his release, he has dedicated himself to establishing a third political front in the country after severing his connections with the National Democratic Alliance. In pursuit of this goal, he engaged with key political figures, including Bihar Chief Minister Nitish Kumar, former Prime Minister HD Deve Gowda, and former Uttar Pradesh Chief Minister Mulayam Singh Yadav in 2021. During a rally organized by Chautala in Fatehabad in September 2022, notable attendees included Nitish Kumar, NCP leader Sharad Pawar, Akali Dal’s Sukhbir Singh Badal, RJD leader and then Bihar Deputy Chief Minister Tejaswi Yadav, CPM General Secretary Sitaram Yechury, and Shiv Sena MP Arvind Sawant.

  • बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    महाराष्ट्र में उद्धव गुट के नेता द्वारा बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर बधाई वाले पोस्ट को देखने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़मी ने महाविकास अघाडी गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    जिनके विचारधारा ही अलग हो वह गठबंधन में कैसे रह सकते हैं। ऐसा कहते हुए शनिवार को समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख अबू हाशिम आजमी ने महाविकास अघाडी (MVA) गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले में शिवसेना (UBT) द्वारा एक समाचार पत्र में दिए विवादास्पद विज्ञापन से मामला तूल पकड़ लिया है। विज्ञापन में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने पर बधाई दी गई थी। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    क्या है बाबरी मस्जिद ध्वस्त का मामला?

    बाबरी मस्जिद का मामला देश भर के मुसलमानों के लिए आस्था का प्रतीक रहा, जिसे ध्वस्त किए जाने के विवाद मे शिवसेना बाळासाहेब ठाकरे के कार्यकर्ताओं द्वारा खुद की भूमिका अहम बताते रहे और हिंदुत्व की राजनीतिक फायदा उठाते रहे। लेकिन समय के गुजरते ही फिर से अपने गमों को भुला कर देश भर के लोग एक हो गए। इसी कड़ी में भाजपा सरकार को मात देने के लिए विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक पार्टि भी एक हो गई। लेकिन फिर एक बार बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई का विज्ञापन पूराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया। इसी बात से नाराज होकर सपा ने विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    बता दें कि महाविकास अघाडी गठबंधन में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के साथ कांग्रेस, शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ अन्य छोटे दल भी शामिल हैं। खास कर यह सभी दल महाराष्ट्र में भाजपा सरकार को मात देने के लिए बनाया गया था। लेकिन बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर विवादास्पद विज्ञापन पार्टी के विचारधारा को स्पष्ट करती हैं। यहां के विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक गठजोड़ को बिगड सकता है। फिलहाल समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़म ने गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाकी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    गठबंधन से अलग होने का ऐलान करते हुए अबू हाशिम आज़म ने कहा, कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस और एक समाचार पत्र में छपे विज्ञापन पर अपनी ओर से बधाई दिया है। जो उनकी पार्टी को मंजूर नहीं है। उनका कहना है कि जब विचार ही अलग है तो काहे का गठबंधन। हम ऐसे लोगों के साथ गठबंधन में नहीं रह सकते हैं। हमारी विचारधारा बिल्कुल अलग है इसलिए सपा विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से खुद को अलग करने का ऐलान करती है।

    बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी

    दूसरी ओर बाबरी विध्वंंस की बरसी पर यूपी में हाई अलर्ट रहा। संभल में भी पुलिस प्रशासन द्वारा सतर्कता बढ़ा दी गई थी, साथ ही अयोध्या में भी भारी पुलिस बल लगाया गया था। जो हर वक्त सतर्क और चौकन्ने रहे। हालांकि कहीं से भी कोई अप्रिय समाचार नहीं आई। सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहतर नजर आई। सभी अमन और चैन से अपने रोजमर्रा के कामों में लगे रहे। लेकिन महाराष्ट्र में इस संबंध में दिए गए विज्ञापन और बधाई संबंधी बयान को लेकर सपा ने नाराज होकर विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अपना नाता तोड़ दिया। महाराष्ट्र में सपा के दो विधायक हैं, जो अभी तक एमवीए का हिस्सा बने हुए थे। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)