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नवी मुंबई पुलिस ने बेलापुर इलाके के एक स्पा में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान 15 महिलाओं को बचाया गया और स्पा मालिक समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
नवी मुंबई: बेलापूर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में चल रहे एक स्पा में देह व्यापार का धंधा पकड़ा गया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और छापा मारकर 15 महिलाओं को आज़ाद कराया। इनमें से कुछ महिलाएं महाराष्ट्र की तो कुछ दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और नेपाल की रहने वाली हैं।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
27 सितंबर को नवी मुंबई पुलिस को खबर मिली कि बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजा और पूरे मामले की पुष्टि की। जैसे ही पुलिस को सबूत मिले, तुरंत स्पा पर छापा मारा गया।
15 महिलाओं की छुड़ाई गई
छापेमारी में पुलिस को हैरान करने वाला सच पता चला। अंदर 15 महिलाएं मौजूद थीं जिन्हें देह व्यापार में धकेला गया था। पुलिस ने उन सभी को रेस्क्यू किया और सुरक्षित जगह शिफ्ट किया।
इस कार्रवाई में 32 साल के स्पा मालिक और 42 साल के क्लीनर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (ITPA) के तहत मामला दर्ज किया है।
मुंबई में सेक्स रैकेट का बढ़ता जाल
मुंबई और नवी मुंबई में कई बार स्पा सेंटर, मसाज पार्लर और ब्यूटी सैलून की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने के मामले सामने आते रहते हैं। पुलिस लगातार ऐसे रैकेट पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा।
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. नवी मुंबई में सेक्स रैकेट कहां पकड़ा गया? 👉 बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में।
Q2. पुलिस ने कितनी महिलाओं को आज़ाद कराया? 👉 पुलिस ने 15 महिलाओं को छुड़ाया जिनमें से कुछ महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की हैं, जबकि एक महिला नेपाल की है।
Q3. इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया? 👉 पुलिस ने स्पा मालिक और क्लीनर को गिरफ्तार किया है।
Q4. आरोपी पर कौन से कानून लगाए गए हैं? 👉 IPC की धाराओं और ITPA (अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Q5. क्या मुंबई में ऐसे रैकेट आम हैं? 👉 हां, मुंबई और नवी मुंबई में कई बार ऐसे स्पा और मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट पकड़े जाते हैं।
मुंबई की मालाड पुलिस ने इंटर-स्टेट हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। दो आरोपी गिरफ्तार, गोरखपुर से देसी कट्टे, विदेशी पिस्टल, राइफल और जिंदा कारतूस बरामद। पढ़ें पूरी खबर और पुलिस की जांच।
मुंबई: शहर में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में मालाड पुलिस (Malad Police Crime Branch) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इंटर-स्टेट हथियार तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार (Illegal Arms in Mumbai) बरामद किए गए हैं।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस की इस कार्रवाई में जितने हथियार बरामद हुए हैं, वे किसी बड़े गिरोह के नेटवर्क की तरफ इशारा कर रहे हैं। गोरखपुर में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक आरोपी की मारुति सुजुकी कार से ये हथियार बरामद किए:
तीन देसी कट्टे (country-made guns)
एक विदेशी पिस्टल (foreign pistol)
दो मैगजीन
10 जिंदा कारतूस (live cartridges)
12 बोर की राइफल और 10 राउंड
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल अपराध की बड़ी घटनाओं में किया जा सकता था।
पुलिस की कार्रवाई कैसे शुरू हुई?
यह पूरी कार्रवाई DCP संदीप जाधव और ACP हेमंत सावंत के मार्गदर्शन में हुई।
सबसे पहले पुलिस ने मालाड इलाके से धीरज उपाध्याय नाम के एक आरोपी को पकड़ा। उसके पास से एक देसी पिस्टल मिली। पूछताछ में उसने अपने साथी का नाम बताया।
इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर गोरखपुर निवासी रविंद्र पांडे उर्फ राघवेंद्र पांडे को गिरफ्तार किया। रविंद्र की कार से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस मिले।
धीरज उपाध्याय – यह आरोपी सबसे पहले मालाड से पकड़ा गया।
रविंद्र पांडे उर्फ राघवेंद्र पांडे – यह गोरखपुर का रहने वाला है और लंबे समय से हथियारों की तस्करी (Arms Smuggling Network) से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
पुलिस को शक है कि इनके नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो यूपी और बिहार से हथियार मुंबई और आसपास के इलाकों में सप्लाई करते थे।
पुलिस की जांच किस दिशा में?
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश से सस्ते दामों पर हथियार लाकर मुंबई में महंगे दामों पर बेचता था।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि
इन हथियारों की डील किन-किन अपराधियों से होनी थी?
क्या इस नेटवर्क का कनेक्शन मुंबई अंडरवर्ल्ड या किसी बड़े गैंग से है?
गिरोह कितने समय से सक्रिय है और अब तक कितने हथियार मुंबई में पहुंचा चुका है?
समाज और सुरक्षा पर असर
मुंबई जैसे बड़े शहर में हथियार तस्करी का नेटवर्क होना बेहद चिंताजनक है। शहर की सुरक्षा को चुनौती देने वाले ऐसे नेटवर्क अपराध को बढ़ावा देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध हथियारों की बढ़ती तस्करी से लूट, मर्डर और गैंगवार जैसी घटनाएँ और बढ़ सकती हैं।
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने सभी जिलों में सुरक्षा अलर्ट (Security Alert in Mumbai) जारी कर दिया है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
मालवणी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा:
“हम लगातार हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर निगरानी रख रहे हैं। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच में और भी नाम सामने आ सकते हैं। हमारा उद्देश्य मुंबई को अवैध हथियारों से मुक्त करना है।”
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. मुंबई पुलिस ने किस गिरोह को पकड़ा? ➡️ इंटर-स्टेट हथियार तस्करी गिरोह को।
Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं? ➡️ दो आरोपी – धीरज उपाध्याय और रविंद्र पांडे।
Q3. गोरखपुर से कितने हथियार बरामद हुए? ➡️ तीन देसी कट्टे, एक विदेशी पिस्टल, दो मैगजीन, 12 बोर की राइफल और 20 जिंदा कारतूस।
Q4. क्या गिरोह मुंबई में सक्रिय था? ➡️ हाँ, यह गिरोह यूपी से हथियार लाकर मुंबई और आसपास के इलाकों में सप्लाई करता था।
Q5. पुलिस आगे क्या करेगी? ➡️ पुलिस इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है और जल्द और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
महाराष्ट्र के बीड जिले में एक सार्वजनिक सभा के दौरान उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ; बीड पुलिस ने जांच शुरू कर जल्द FIR दर्ज करने का ऐलान किया है। जानिए पूरी घटना, राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
बीड के एक लोकल सभागार में आयोजित धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम के मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी गयी। कार्यक्रम के दौरान मंच पर खड़े एक वक्ता ने माइक्रोफोन पर कहा — “हिम्मत है तो इधर आओ, गाड़ देंगे…” — और उसी दौरान मंच व आसपास के हिस्सों में ‘I Love Mohammad’ के पोस्टर भी देखे गए। धमकी देने वाले बयान पर कई बार तालियाँ भी बजती दिखीं।
(नोट: यह रिपोर्ट घटना के उसी वीडियो और स्थानीय पुलिस के बयानों पर आधारित है।)
वीडियो कैसे वायरल हुआ और पुलिस की प्रतिक्रिया
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक और पुलिसिया हलकों में हलचल पैदा हो गयी। बीड पुलिस-सुप्रिंटेंडेंट ने कहा कि वीडियो की सत्यता जांची जा रही है और दोषियों की पहचान होने पर FIR दर्ज की जाएगी। पुलिस ने बताया कि आयोजकों और वीडियो अपलोड करने वालों से पूछताछ शुरू कर दी गई है।
कौन-कौन प्राथमिक जांच का हिस्सा हैं?
सभा के आयोजक और मंच पर मौजूद वक्ताओं से पूछताछ।
सोशल मीडिया पोस्ट/वीडियो अपलोड करने वालों का डिजिटल-ट्रैकिंग।
भीड़ में मौजूद लोगों की पहचान के लिए फुटेज-रिव्यू। पुलिस ने कहा कि कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि किसी भी नेता के ख़िलाफ़ खुले आम जान से मारने की धमकी गंभीर अपराध है।
घटना पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा के नेताओं ने कहा कि ऐसी भाषा व व्यवहार अस्वीकार्य है और कानून अपना काम करेगा। प्रदेश/केंद्र स्तर पर भी इस मामले पर टिप्पणी की जा सकती है — अभी तक स्थानीय नेताओं ने मामले की निंदा और कड़े कदम उठाने की मांग की है।
सोशल मीडिया और कानून — क्या जोखिम हैं?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज़ का सन्दर्भ अक्सर तेज़ी से फैलता है और माहौल गरमा सकता है। इस तरह की धमकियाँ सार्वजनिक शांति भंग कर सकती हैं और तुरंत जांच-पकड़ की मांग पैदा करती हैं। कानून के हिसाब से किसी को जान से मारने की धमकी देना, उकसाना या हिंसा के लिये भड़काना दंडनीय गतिविधियाँ हैं।
आगे क्या होगा?
बीड पुलिस ने बताया है कि पहचान होते ही FIR दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक रूप से यह मामला गर्म रहेगा और आगे जांच रिपोर्ट पर ही असली तस्वीर साफ होगी।
FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. यह घटना कब और कहां हुई? A: यह घटना बीड जिले के एक स्थानीय सभागार में हुई; वीडियो हाल-फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। (घटना की सही तारीख स्थानीय रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।)
Q2. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है? A: बीड पुलिस ने वीडियो की सत्यता की जांच शुरू की है, आयोजकों और पोस्ट करने वालों की पहचान की जा रही है और जल्द FIR दर्ज करने का ऐलान किया गया है।
Q3. क्या आरोपियों की पहचान हो चुकी है? A: जांच जारी है; पुलिस ने कहा है कि पहचान होते ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
Q4. ऐसे मामलों में कानून क्या कहता है? A: किसी को जान से मारने की धमकी, उकसाना और सार्वजनिक शांति भंग करना दंडनीय अपराध है; अभियोजन के तहत FIR और जरूरी चालान/हिरासत हो सकती है।
Q5. राजनीतिक मतभेदों में किस तरह की सावधानी रखी जानी चाहिए? A: सार्वजनिक कार्यक्रमों में संयम, नफरत भाषण से बचाव और कानून का सम्मान जरूरी है; सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की सत्यता की जांच के बाद साझा करें।
बरेली में दिशा पाटनी के घर के बाहर हुई फायरिंग के बाद मुंबई पुलिस ने एक्ट्रेस के बांद्रा स्थित घर की सिक्योरिटी कड़ी कर दी है। गोल्डी बराड़ गैंग ने जिम्मेदारी ली थी। जानिए पूरी खबर।
नेशनल डेस्क मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के मुंबई वाले घर के बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। यह कदम बरेली पुलिस की रिक्वेस्ट पर उठाया गया है। दरअसल, 12 सितंबर की सुबह करीब 4:30 बजे बरेली के सिविल लाइंस इलाके में स्थित दिशा के पैतृक घर के बाहर फायरिंग हुई थी।
गोल्डी बराड़ गैंग ने ली जिम्मेदारी
फायरिंग के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई जिसमें कुख्यात गोल्डी बराड़ गैंग ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली और बॉलीवुड इंडस्ट्री को धमकी दी। हालांकि, किसी को चोट नहीं आई, लेकिन घटना से इलाके में दहशत फैल गई।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई – एनकाउंटर में ढेर
17 सितंबर को गाज़ियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में एनकाउंटर के दौरान दो शूटर – रविंद्र उर्फ कल्लू और अरुण – मारे गए।
इसके बाद 19 सितंबर को पुलिस ने राजस्थान के रामनिवास उर्फ दीपक को मुठभेड़ में घायल कर पकड़ा। वो पहले बरेली जाकर दिशा पाटनी के घर की रेकी (जांच) कर चुका था। उसके साथी अनिल निवासी (हरियाणा) को भी गिरफ्तार किया गया और पिस्टल व कारतूस बरामद किए गए।
मुंबई पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
बरेली पुलिस ने मुंबई पुलिस को अलर्ट किया कि दिशा पाटनी को गैंगस्टर गिरोह से खतरा हो सकता है। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उनके घर के बाहर सिक्योरिटी बढ़ा दी है। बांद्रा इलाके में पुलिस चौकसी कड़ी कर दी गई है ताकि किसी तरह का खतरा न हो।
जांच जारी
दिल्ली पुलिस, यूपी एसटीएफ और हरियाणा एसटीएफ मिलकर इस नेटवर्क का पीछा कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग के बाकी सदस्यों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
❓ FAQ सेक्शन
Q1: दिशा पाटनी के बरेली घर के बाहर कब फायरिंग हुई थी? ➡️ 12 सितंबर की सुबह करीब 4:30 बजे।
Q2: इस फायरिंग के पीछे कौन सा गैंग था? ➡️ गोल्डी बराड़ गैंग ने जिम्मेदारी ली।
Q3: क्या हमलावर पकड़े गए? ➡️ हां, दो बदमाश एनकाउंटर में मारे गए और दो गिरफ्तार हुए।
Q4: दिशा पाटनी के मुंबई घर पर कैसी सिक्योरिटी है? ➡️ बांद्रा स्थित घर के बाहर मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने पाइपलाइन डिविजन अपरेंटिस भर्ती 2025 के लिए 537 पदों पर नोटिफिकेशन निकाला है। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख अब 28 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। जानें पूरी डिटेल्स – योग्यता, आयु सीमा, स्टाइपेंड और अप्लाई करने का तरीका।
डिजिटल डेस्क मुंबई: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), जो देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी और फॉर्च्यून 500 लिस्टेड PSU है, ने पाइपलाइन डिविजन में अपरेंटिस भर्ती 2025 निकाली है। इस भर्ती में कुल 537 पद हैं, जो अलग-अलग राज्यों में भरे जाएंगे।
👉 पहले आवेदन की लास्ट डेट 21 सितंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दिया गया है।
कितने पद, कहां-कहां?
IOCL की इस भर्ती में पूरे देश में अलग-अलग राज्यों के लिए वैकेंसी निकली है। सबसे ज़्यादा पद गुजरात (84) और पश्चिम बंगाल (64) में हैं। कुछ प्रमुख राज्यों की वैकेंसी इस तरह है:
पश्चिम बंगाल – 64
राजस्थान – 53
उत्तर प्रदेश – 53
ओडिशा – 51
तमिलनाडु – 39
बिहार – 38
महाराष्ट्र – 15
दिल्ली – 14
कुल मिलाकर – 537 पद
कौन कर सकता है अप्लाई? (Eligibility)
इस भर्ती के लिए अलग-अलग ट्रेड और पोस्ट के हिसाब से योग्यता तय है।
Technician Apprentice (Mechanical/Electrical/Instrumentation) → 3 साल का डिप्लोमा
Trade Apprentice (HR/Accountant) → किसी भी विषय में ग्रेजुएशन / कॉमर्स ग्रेजुएशन
Data Entry Operator (DEO) → न्यूनतम 12वीं पास
Domestic DEO (Skill Certificate Holder) → 12वीं + स्किल सर्टिफिकेट
👉 जनरल/OBC/EWS उम्मीदवारों को कम से कम 50% मार्क्स, और SC/ST/PwBD को 45% मार्क्स चाहिए।
👉 SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और PwBD को 10 साल तक की छूट मिलेगी।
स्टाइपेंड (Salary/Stipend)
सभी चयनित कैंडिडेट्स को Apprentices Act, 1961 के अनुसार मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। हालांकि यह पक्की नौकरी नहीं है, लेकिन ट्रेनिंग IOCL जैसी बड़ी कंपनी में होगी, जो करियर के लिए बहुत फायदेमंद है।
सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)
इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।
सिर्फ अकादमिक मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर लिस्ट बनेगी।
टाई होने पर उम्र (बड़ा उम्मीदवार) और फिर 10वीं के नंबर देखे जाएंगे।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस ज़रूरी होगी।
कैसे करें अप्लाई? (How to Apply)
सबसे पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (डिप्लोमा/ग्रेजुएट या DEO के हिसाब से)।
फिर IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें।
आवेदन की प्रक्रिया दो स्टेप्स में होगी –
Part-I: बेसिक डिटेल्स भरें और रजिस्ट्रेशन नंबर लें।
Part-II: फोटो, सिग्नेचर, एजुकेशन डिटेल्स और NATS/NAPS नंबर अपलोड करें।
फाइनल सबमिशन के बाद प्रिंटआउट ज़रूर लें।
👉 कोई आवेदन शुल्क (Application Fee) नहीं है।
ज़रूरी डेट्स (Important Dates)
ऑनलाइन आवेदन शुरू – 29 अगस्त 2025
आवेदन की आखिरी तारीख (Extended) – 28 सितंबर 2025
कट-ऑफ डेट (Eligibility Check) – 31 अगस्त 2025
❓ FAQ
Q1: IOCL Apprentice Recruitment 2025 में कितने पद हैं? Ans: कुल 537 पद हैं।
Q2: आवेदन की आखिरी तारीख क्या है? Ans: अब बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दी गई है।
Q3: IOCL Apprentice में सलेक्शन कैसे होगा? Ans: सलेक्शन सिर्फ मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर होगा, कोई परीक्षा या इंटरव्यू नहीं है।
Q4: योग्यता क्या चाहिए? Ans: डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या 12वीं पास (पोस्ट के हिसाब से)।
Q5: क्या आवेदन शुल्क है? Ans: नहीं, सभी कैंडिडेट्स के लिए आवेदन फ्री है।
मुंबई में रेड अलर्ट के साथ तेज बारिश और 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी। यूपी के उन्नाव में 80 गांव बाढ़ से डूबे, राजस्थान से मॉनसून तय समय से पहले विदा।
नेशनल डेस्क मुंबई: मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 3 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया। इस दौरान 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और भारी बारिश होने की संभावना जताई गई।
IMD ने बताया है कि अगले तीन दिनों तक महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश हो सकती है। इससे जनजीवन पर असर पड़ने और ट्रैफिक, ट्रेनों व हवाई सेवाओं में देरी की आशंका है।
यूपी के उन्नाव में 80 गांव जलमग्न
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा नदी उफान पर है। करीब 80 गांव पानी में डूब गए हैं और अब गांवों की सड़कों पर नावें चल रही हैं।
मणिपुर में रविवार को हुई भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन कई जिलों में फैल गए।
तेलंगाना और उत्तराखंड में भी जमकर बारिश हुई।
हैदराबाद में तीन लोग लापता हो गए, जिनमें से दो के बह जाने की आशंका है।
हिमाचल और पंजाब में भारी नुकसान
जून से अब तक हिमाचल प्रदेश में 404 लोगों की मौत बारिश और भूस्खलन की वजह से हो चुकी है।
पंजाब में बाढ़ से करीब ₹14,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। कांग्रेस नेता पर्गट सिंह ने SDRF फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।
राजस्थान से तय समय से पहले मॉनसून विदा
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान से मॉनसून रविवार को ही वापस हो गया, जो सामान्य समय से तीन दिन पहले है।
यह श्रीगंगानगर, नागौर, जोधपुर और बीकानेर से पीछे हट चुका है।
अगले 2-3 दिनों में यह पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी विदा हो जाएगा।
हालांकि, मध्य प्रदेश में मॉनसून करीब दो हफ्ते और रहेगा।
झारखंड में 16 जिलों में अलर्ट
रांची और आसपास के इलाकों में रविवार दोपहर से ही बारिश हो रही है।
शाम 5:30 बजे तक रांची में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई।
15 से 18 सितंबर के बीच राज्य के ज्यादातर जिलों में बारिश का अनुमान है।
16 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
उपग्रह से दिखे घने बादल
मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी यूपी, कोंकण, ओडिशा, विदर्भ और उत्तर-पूर्वी राज्यों के ऊपर घने बादल छाए हुए हैं, जिससे अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश के आसार हैं।
कश्मीर में ईंधन संकट
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन की वजह से तेल टैंकरों का रास्ता बंद हो गया, जिसके चलते घाटी में ईंधन संकट गहरा गया है।
एयर ट्रेवल पर असर
तेज तूफान और बारिश की वजह से इंडिगो की इंदौर-पुणे फ्लाइट को पहले सूरत और फिर अहमदाबाद डायवर्ट करना पड़ा। यात्रियों को पूरी रात फंसे रहना पड़ा और फ्लाइट सुबह 5 बजे जाकर लैंड कर पाई।
सेंट्रल रेलवे ने दिवाली और छठ पूजा के लिए 1126 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। मुंबई, पुणे से यूपी, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना तक कनेक्टिविटी मिलेगी।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और पुणे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। सेंट्रल रेलवे ने इस बार दिवाली और छठ पूजा की भीड़ को देखते हुए 1126 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इसमें पहले से तय 944 ट्रेनों के अलावा शुक्रवार को 182 नई स्पेशल ट्रेनें और जोड़ी गईं।
🌍 किन-किन राज्यों तक मिलेगी सुविधा
ये ट्रेनें मुंबई, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य शहरों को उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना जैसे राज्यों से जोड़ेंगी। सभी ट्रेनें सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच चलेंगी।
त्योहारों पर भारी भीड़ को देखते हुए, रेलवे का ये कदम यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत देने और आसान यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। खासकर यूपी-बिहार लौटने वाले प्रवासी यात्रियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।
उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर हुए बलात्कार की घटना में पालघर जिले के विरार पुलिस ने 21 वर्षीय युवक के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है, कि पीड़िता को तस्वीरें वायरल करने की धमकी भी दी। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested
डिजिटल डेस्क पालघर: विरार पुलिस ने उत्तर प्रदेश की एक घटना में 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। 16 वर्षीय लड़की के परिवार ने इसके खिलाफ शिकायत की थी। युवक पर आरोप है कि उसने 16 वर्षीय लड़की पर उत्तर प्रदेश के अमेठी में कथित तौर पर बलात्कार किया। इसमें विरार पुलिस ने बलात्कार और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज किया है। घटना तब हुईं जब पीड़िता उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित पैतृक गाँव कुड़वा देहरा गाँव गई हुई थी। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested
कब हुई थी घटना?
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक नाबालिग के साथ उत्तर प्रदेश में अमेठी जिले के कुड़वा देहरा गाँव के 21 वर्षीय निवासी ने नाबालिग लड़की से दोस्ती की। लड़की का पैतृक गांव होने के कारण वह मुंबई से गई हुई थी। शिकायत में कहा गया है कि 17 मई, 2025 की रात, आरोपी ने अपने पुराने घर पर पीड़िता के साथ कथित तौर पर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने पहले लड़की इच्छा के विरुद्ध कथित तौर पर उसकी छाती और कमर को दबाया। जब लड़की ने इसका विरोध किया तो, कथित कृत्य के बाद, आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने विरोध किया और उसे रोका तो वह उसके साथ ली गई लड़की की तस्वीरें उसके रिश्तेदारों को दिखाकर उसे बदनाम कर देगा। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested
दुनिया की निगाहों में भारत की गवाही और भारत के बीच हुए लगातार आतंकी हमलों पर विदेश नीति और संसद में खड़े होकर छपरी और टपरी जैसे भाषण कि “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” और पाकिस्तानी हमले पर ट्रम्प का सीजफायर। भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत ही नहीं दे पा रहा।
डिजिटल डेस्क नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र चल रहा। बिहार में वोट काटने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा। रोहिंग्या बांग्लादेश और नेपाली के नाम पर लाखों नाम काट डाले गए। blo लोगों के घर जाकर सत्यापन करने की जगह ऑफिस में बैठकर फॉर्म में नाम लिखकर खुद ही वोटर के हस्ताक्षर कर रहे। विपक्षी उनके वोटरों के नाम काटने के आरोप लगाए। पत्रकार अजीत अंजुम ने मोबाइल द्वारा चुनाव आयोग के खेल को सबूत सहित सार्वजनिक किया तो उनपर एफआईआर कर दी गई यानी सच दिखाने का दंड दिया गया।
लोकतंत्र का हिस्सा
संसद में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में सत्ता विपक्ष में वाक्युद्ध चल ही रहा था, कि सीजफायर की भी बात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 बार कहे गये वक्तव्य, कि “हमने ट्रेड की धमकी देकर युद्ध रुकवा दी।” पर विपक्ष ने हमला बोला। यही जीवंत लोकतंत्र है। ट्रंप ने खुद अपने एक्स हैंडल पर शाम 5.35 पर सीजफायर की घोषणा की। भारत की तरफ से नहीं। संसद में सत्ता ने उत्तर नहीं दिया। विपक्ष मांग करता रहा कि पीएम आकर कहें कि ट्रंप ने वॉर नहीं रुकवाई। रक्षामंत्री ने कहा पीओके लेना हमारा मकसद नहीं फिर भाजपा ने बार बार कांग्रेस और नेहरू पर आरोप क्यों लगाए?
संसद में होती है गुंडो की भाषा
पहलगाम में कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी आए और धर्म पूछकर मारा जिसके प्रमाण नहीं। संसद के मानसून सत्र के समय ही सेना ने घोषित किया कि मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए। इससे पूर्व जिन कथित आतंकियों के स्क्रेच जारी किए गए गवाह ने उसे गलत कहा। अहम बात यह कि सत्ता के दंभ में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” क्या ऐसे स्पीकर और राज्यसभा के सभापति सदन की मर्यादा बचाने की कोशिश करेंगे? “मुझसे निपट लो।” क्यों भाई पीएम हो क्या? ऐसी भाषा किसी गली का गुंडा या फिर माफिया ही बोल सकता है। लेकिन विपक्ष को टोकने वाले सत्ता की असंसदीय भाषा की अनसुनी करते हुए पद की गरिमा खो चुके हैं।
मोदी सरकार वर्तमान में अपने से संबंधित बात पर चर्चा करने से भागती है। मोदी दिल्ली में ही है लेकिन सदन में आ नहीं सकते। ऐसा मणिपुर मामले में किया था। अंतिम समय में आए भी तो क्या कुछ कहा दुनिया जानती है। प्रधानमंत्री होने के नाते कभी मणिपुर गए ही नहीं। इसी तरह उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम भी नहीं गए। यह सही है कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 27 भारतीयों को जान गंवानी पड़ी। विपक्ष सवाल पूछता रहा, सवा सौ किलोमीटर दूर पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे आए? लोगों से कथित रूप से धर्म पूछा। पेंट खुलवाकर देखा कौन सा धर्म है। बीजेपी के मंत्रियों में तनिक भी विधवा हुई महिलाओं के प्रति सम्मान भाव नहीं देखा गया। बड़ी बेशर्मी से कहा गया, महिलाओं में वीरांगना भाव नहीं था। एक ने तो कर्नल सोफिया के लिए आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। यही है इनका सेना के प्रति सम्मान भाव।
कांग्रेस पर सवाल उठाने का नतीजा
अब सेशन में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जवाब हो रहे हैं। इसी बीच उन दरिंदे आतंकवादियों को सेना द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही गई। यहां टाइमिंग का सवाल जरूर उठता है। विपक्ष के प्रधान की पुलवामा में उपयुक्त आरडीएक्स कहां से आया सत्ता के पास कोई उत्तर है ही नहीं। कांग्रेस फोबिया से पीड़ित बीजेपी सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया। मुंबई आतंकी हमले का आरोप लगाकर अपने आरोप ढकने और जायज़ ठहराने की नाकाम कोशिश की। जिस पर प्रियंका गांधी ने आड़े हाथों लेते हुए जवाब दिया। मुंबई हमले के सारे आतंकियों को भून दिया गया। एक जीवित आतंकी कसाब को पकड़कर फांसी दी गई। जिसे दुनिया ने देखा और भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी दिखाई दी। आतंकवाद की सर्वत्र आलोचना की गई।
यही नहीं कांग्रेस में दायित्वबोध जवाबदेही होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और गृहमंत्री ने खुद को दोषी समझकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन यह भूल गई प्रियंका कि बीजेपी में दायित्व बोध जवाबदेही और इस्तीफा देने की समझ है ही नही। अगर नैतिकता होती तो मणिपुर मामले में इस्तीफा दिया गया होता। उरी, पठानकोट और पुलवामा की असफलता पर इस्तीफे की झड़ी लग गई होती। प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन से इस्तीफा मांगने वाले क्यों नहीं अपने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते?
सरकार ने दिया सेना को धोखा
इस्तीफा तो विदेश मंत्री को भी देना चाहिए था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के पूर्व पाकिस्तान को सूचना दे दी, जिससे हमारे विमान मार गिराए गए। पीएम मोदी से इस गलत बयानी और प्रचार पर इस्तीफा मांगते कि उन्होंने दावा किया था सेना को खुली छूट दी है समय और स्थान सेना तय करे जबकि फौजी अधिकारियों ने बार बार मोदी के दावे की पोल खोली है। यही नहीं एयर मार्शल भी कह चुके हैं कि “जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो वादा क्यों करते हो?”
आज तक सत्ता का कोई भी उन मारे गए पर्यटकों के घर जाने की जरूरत नहीं समझी जब कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जाकर उनके जख्मों पर मरहम लगा चुके हैं। राहुल गांधी की राजनीति सर्व ग्राही है। इसीलिए वे मणिपुर जाकर पीड़ितों के ज़ख्म सहला चुके हैं उनके विपरीत पीएम मोदी शहीदों के नाम पर वोट ही नहीं मांगे बल्कि कानून नियम के विरुद्ध सेना की वर्दी पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय लेते हुए अपनी फोटो डालकर पोस्टर चिपकवा चुके हैं। पाकिस्तान के दो टुकड़े करने और 95 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश इंदिरा गांधी ने कभी भी नहीं की।
टैक्स का बोझ सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार
दरअसल हिंदू-मुस्लिम कर चुनाव आयोग द्वारा छल कपट और गलत काम कराकर चुनाव जीतना ही मोदी का एकमात्र लक्ष्य है। फर्जी वोटर बढ़वाकर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली चुनाव जीतने के बाद बिहार में वोटरों को बाहर करने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा है। मोदी सरकार अपने 11 साल के शासन में किए गए कार्य पर वोट मांगने की हिम्मत कर ही नहीं सकते। क्योंकि किसान, मजदूर, युवाओं, छात्रों, गृहिणियों के जीवन को दूभर बना दिया है। टैक्स का इतना भार दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। सुविधा के नाम पर सर्वत्र भ्रष्टाचार ही हुआ है।
सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न सकें। परीक्षा में अनियमितता के विरोध में छात्र हितों के खातिर जब शिक्षक दिल्ली में रैली कर रहे थे तब पुलिस द्वारा शिक्षकों को घसीट कर बस में जबरन बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ा गया। इस कार्य में दिल्ली पुलिस सिद्धहस्त है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी से न्याय मांगने महिला पहलवान जब दिल्ली के जंतर मंतर पर रैली निकाले हुए धरने पर बैठी थी तब भी अमित शाह के आदेश पर उन्हें घसीटा और बसों में जबरन लादकर दूर ले जाकर छोड़ा गया था।
विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने दावा?
दिल्ली पुलिस वही है जो हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा के घर आग लगने से जली झुलसी नोटो की गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जांच करना तो बड़ी दूर की बात, जिस राष्ट्र में शिक्षकों को अपमानित किया जाए। उन्हें घसीटकर बसों में ठूंसा जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चालीस पचास लाख रुपयों में बेचा जाए। सड़कें पहली ही बरसात में बहने लगें। पुल बनते समय या उदघाटन के पहले ही जल समाधि लेने लगें। ये सारे करतूतें भ्रष्टाचार सामने दिखता ही नहीं बल्कि चीख-चीख कर बोलता भी है। उस देश को वहां की सरकार जो विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने का दावा करे, जहां की अस्सी करोड़ जनता को गरीबी रेखा से नीचे रखने का षडयंत्र रचा जाए, क्या कहा जा सकता है?
ऐसी विदेशनीति को क्या कहा जाए कि अरबों रुपए जनता के पैसे फूंककर विश्व की यात्रा की जाए। लेकिन पाकिस्तान युद्ध के समय दुनिया का एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आए। अमेरिका का राष्ट्रपति धमकी देता रहे। राष्ट्र को अपमानित करता रहे लेकिन सत्ता में हिम्मत नहीं जो कह सके ट्रंप झूठ बोल रहा है। उसी ट्रंप ने रूस से तेल खरीदना बंद करा दे जबकि हमारा पड़ोसी चीन अमेरिका के आंखों में आँखें डालकर जवाब देता हो। सबसे विश्वसनीय देश रूस को भी दूर कर दे ऐसी विदेशनीति जो अमेरिका की गोद में बैठी हो क्या कहा जाएगा?
दुनिया की निगाहों में भारत?
भारत ने डेलिगेशन भेजे बताने के लिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला करके 27 बेकसूरों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके लिए जीरो टॉलरेंस अपनाकर हमने पाकिस्तानी आतंकवादियों के अड्डों पर सीमित हमले कर सौ आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कोई राष्ट्र यकीन नहीं कर रहा। क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं जैसा कि मणिशंकर ने कहा है जिसका अर्थ दुनिया समझती है भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत नहीं दे पा रहा। मुंबई हमले में कसाब को जिंदा सबूत दिखाया गया था। यानी पाकिस्तानी आतंकवाद की गुहार कोई सुनने के लिए तैयार नहीं उलटे ट्रंप हम पर 25% टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 100% पेनल्टी लगाने की घोषणा कर दी। संसद में भले दावा किया गया हो कि पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। दुनिया की निगाहों में भारत झूठ बोल रहा।
एक नाबालिग बच्ची के शोषण के आरोप में जब फरार 55 वर्षीय आरोपी को मुंबई पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची तो आरोपी दरवाजा बंद कर आत्महत्या की धमकी देता रहा। जब पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तबतक आरोपी फंदे से लटक चुका था।
मुंबई: मंगलवार की रात को 55 वर्षीय एक व्यक्ति ने उस समय दरवाजा बंद कर आत्महत्या करने का प्रयास किया जब मुंबई पुलिस की टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए गई थी। पुलिस उसे एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार करने गई थी। लकवे से पीड़ित एक व्यक्ति के देखभाल के लिए उसे नियुक्त किया गया था। उसी दौरान पीड़ित की नाबालिग बच्ची पर उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। Tried to commit suicide to avoid arrest, case registered under POCSO Act
पुलिस ने क्या कहा?
नाबालिग बच्ची के यौन उत्पीड़न मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि “व्यक्ति को तुरंत पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह लगभग 36 घंटे तक बेहोश पड़ा रहा और बाद में उसे होश आया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।” Tried to commit suicide to avoid arrest, case registered under POCSO Act
नाबालिग बच्ची का यौन शोषण
नाबालिग लड़की के पिता को पिछले साल लकवा का दौरा पड़ा था। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी जिसे मई महीने में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक नाबालिग लड़की के पिता की देखभाल के लिए रखा गया था। शिकायत के मुताबिक नाबालिग की मां जब काम पर चले जाती थी तब हर रोज बच्ची का यौन शोषण और अश्लील टिप्पणियां करता था। यहां तक कि लड़की की शिकायत पर उसकी मां ने आरोपी को चेतावनी भी दी उसके बावजूद आरोपी उसे परेशान करता रहा।
शिकायत के मुताबिक, 28 जुलाई को आरोपी ने लड़की के बेडरूम में घुसकर कथित तौर पर परेशान किया। जिसके बाद लड़की की मां ने पुलिस मे शिकायत करने का फैसला लिया। पुलिस ने 29 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही, आरोपी मुंबई से फरार हो गया। पहले उत्तर प्रदेश और बाद में कर्नाटक भाग गया। Tried to commit suicide to avoid arrest, case registered under POCSO Act
आत्महत्या की कोशिश
मंगलवार को पुलिस को जब पता चला कि आरोपी बदलापुर में है तो दो सहायक पुलिस निरीक्षक और तीन से चार कांस्टेबल की एक टीम वहां पहुंची। रात करीब 10 बजे, आरोपी ने अपने घर का दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। हालांकि, पुलिस ने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन उसने आत्महत्या का प्रयास किया। जांच में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दरवाज़ा तोड़कर उसे बचाया और अस्पताल पहुंचाया।