Category: Uttar Pradesh

  • रवि पुजारी गैंग का सक्रिय सदस्य संजू डोकरे मुंबई के मालाड़ से गिरफ्तार

    रवि पुजारी गैंग का सक्रिय सदस्य संजू डोकरे मुंबई के मालाड़ से गिरफ्तार

    उत्तर प्रदेश की पुलिस ने मुंबई के मालाड़ में दबिश देकर एक 50 हजार के नामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। कई वर्षों से फरार चल रहा था ये रवि पुजारी गैंग का सक्रिय सदस्य। Sanju Dokre, an active member of Ravi Pujari gang, arrested from Malad in Mumbai

    लखनऊ: यूपी एसटीएफ (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। यूपी एसटीएफ (STF) ने कुख्यात अपराधी संजू डोकरे जो 50,000 का इनामी बदमाश है, उसे मुंबई के मलाड वेस्ट से गिरफ्तार किया है। जनपद कौशांबी में थाना कोखराज में वर्ष 2022 में हुए बहुचर्चित लूट कांड के आरोपी को मालाड़ पश्चिम के नर्सिंग लेन स्थित लाइफ लाइन हॉस्पिटल से गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जाता है कि अंडरवर्ल्ड से जुड़े रवि पुजारी गैंग का संजू डोकरे सक्रिय सदस्य भी है। Sanju Dokre, an active member of Ravi Pujari gang, arrested from Malad in Mumbai

    30 लाख की लूटपाट

    साल 2022 में जनपद कौशांबी में हुई 30 लाख रुपये की लूट की घटना में संजू डोकरे भी शामिल था। उसने अपने साथियों रोशन यादव, कीर्ति सिंह सोलंकी, विपुल पटेल और अन्य के साथ मिलकर गुजरात जा रहे एक व्यापारी को निशाना बनाया था। यह लूट उस समय पूरे यूपी में सुर्खियों बनी रही। संजू डोकरे, मुंबई के मालाड ईस्ट इलाके का निवासी है और उस पर लूट, डकैती, मारपीट और रंगदारी जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में विभिन्न पुलिस थानों में अनगिनत मुकदमे दर्ज हैं। Sanju Dokre, an active member of Ravi Pujari gang, arrested from Malad in Mumbai

    हिस्ट्रीशीटर संजू डोकरे

    कुख्यात अपराधी संजू डोकरे महाराष्ट्र का घोषित हिस्ट्रीशीटर है और वह लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। एसटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे मुंबई से दबोच लिया है। एसटीएफ अब उससे पूछताछ कर रही है, इसके बाद गैंग के अन्य सदस्यों और नेटवर्क से जुड़ी और भी अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। Sanju Dokre, an active member of Ravi Pujari gang, arrested from Malad in Mumbai

    https://uppolice.gov.in

    CO STF (प्रयागराज) शैलेश प्रताप सिंह की अगुवाई में इंस्पेक्टर एसटीएफ जयप्रकाश राय के नेतृत्व में टीम अभिसूचना संकलन की कार्रवाई की गई। STF के इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह हेड कांस्टेबल अजय सिंह यादव, उदय प्रताप सिंह, अजय कुमार यादव आरक्षी चालक अखंड प्रताप पांडे की टीम ने शातिर अपराधी एवं 50 हजार के इनामी संजू डोकरे को महाराष्ट्र के मलाड वेस्ट से जाल बिछाकर हिरासत में लिया है। Sanju Dokre, an active member of Ravi Pujari gang, arrested from Malad in Mumbai

  • भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

    भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

    महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के साथ अगले कुछ समय में नगरपालिका चुनाव होने जा रहे है। इस बीच बीजेपी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष घोषित कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिलाध्यक्ष के लिए उत्तर भारतीय लोगों को किनारे रखने की योजना बीजेपी के लिए कितना कारगर साबित होती है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में नगरपालिका और पंचायती चुनाव की तैयारियां जोर शोर से हो रही है। कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र चुनाव आयोग से चार सप्ताह के भीतर राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसी के मद्देनजर सियासी दलों ने चुनाव को लेकर तैयारी करनी शुरू कर दी है। चुनाव की सियासी तपिश के बीच भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में अपने जिला संगठन को नए सिरे से दुरुस्त कर रही है। लेकिन इस लिस्ट में उत्तर भारतीयों को शामिल नहीं किया गया है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    नुकसान का खतरा

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपने जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की है। बीजेपी ने महाराष्ट्र के 78 जिलों में से 58 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया जबकि 20 जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी। बीजेपी ने 58 जिलाध्यक्षों में से 19 पुराने नेताओं को फिर से मौका दिया जबकि 39 नए चेहरों को जिले की कमान सौंपी है। इसमें बीजेपी ने किसी भी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष की कमान नहीं दी। ऐसे में उत्तर भारतीयों को इग्नोर करने को लेकर बीएमसी चुनाव में नुकसान होने का डर सताने लगा है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    भाजपा जिलाध्यक्षों की नई लिस्ट

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव होने की उम्मीद जगी है। मुंबई में बीएमसी चुनाव भी होने है। ऐसे में बीजेपी ने अपने जिन 58 जिलाध्यक्ष की घोषणा की है, उसमें मुंबई रीजन के छह जिलों में से तीन जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं और तीन जिले को पेंडिंग रखा गया है। कोंकण इलाके के कुल 14 जिलाध्यक्ष हैं, जिसमें 12 के नाम घोषित किए हैं। इसमें 5 नेताओं को फिर से मौका मिला है जबकि 2 जिलाध्यक्षों के बारे में पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र के 13 जिलों में से बीजेपी ने 11 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया। इन 11 में से 4 जिलाध्यक्ष पुराने नेताओं में से बनाए गए हैं, जबकि दो जिलाध्यक्षों के नाम घोषित नहीं किए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के विदर्भ के कुल 19 जिलाध्यक्षों में से 15 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें दो पुराने चेहरों पर भरोसा जताया बाकी नए लोगों को शामिल किया गया है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    उत्तर भारतीय को किया इग्नोर

    बीजेपी ने उत्तर महाराष्ट्र इलाके के 12 जिलों में से 9 जिलाध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया। नासिक जिले में विवाद के चलते अध्यक्ष की घोषणा नहीं हुई है। उत्तर महाराष्ट्र के 4 जिलाध्यक्षों को दोबारा से मौका दिया गया है। मराठवाड़ा इलाके के 15 जिलों में से 8 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए गए हैं। जिसमें तीन पुराने चेहरों को कमान सौंपी गई है जबकि 7 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान नहीं हो सका है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    मुंबई का हाल

    मुंबई के बीएमसी चुनाव होने हैं, जिसके चलते बीजेपी ने मुंबई रीजन की ज्यादातर जिलों में बीजेपी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने उत्तर मुंबई से दीपक तावडे और उत्तर मध्य से विरेंद्र म्हात्रे का नाम घोषित किया जबकि उत्तर पूर्व मुंबई से दीपक दलवी को फिर से अवसर दिया गया है। बीजेपी ने दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिला अध्यक्ष के नाम घोषित नहीं किए हैं। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    क्या कहते हैं कार्यकर्ता ?

    बीजेपी ने मुंबई के छह जिलों में से तीन जिले के अध्यक्ष बनाए हैं, उसमें किसी भी उत्तर भारतीय नेता का नाम शामिल नहीं है। इस तरह से बीजेपी ने किसी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया है। हालांकि, दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिलाध्यक्षों की घोषणा पार्टी ने नहीं की है, ऐसे में दक्षिण मुंबई और दक्षिण मध्य मुंबई जिले से उत्तर भारतीय अध्यक्ष देने की संभावना कम ही है, लेकिन उत्तर पश्चिम मुंबई से बीजेपी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष बना सकती है। ऐसा भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    दूसरी लिस्ट पर नजर

    उत्तर भारतीय समाज की पैनी नजर बीजेपी के दूसरी जिलाध्यक्षों की लिस्ट पर टिकी है। बीजेपी अगर किसी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया तो बीएमसी चुनाव में उत्तर भारतीय की नारजगी देखने को मिल सकती है। उत्तर भारतीय वोटों की नाराजगी महानगरपालिका के चुनाव में बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों समेत बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग मुंबई में रहते हैं और इनके वोट बैंक बीजेपी के लिए हमेशा से फायदेमंद रहा है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    मुंबई में कितने है उत्तर भारतीय वोटर्स ?

    मुंबई में करीब 30 लाख उत्तर भारतीय वोटर्स हैं। 2024 के चुनाव में मुंबई में दोनों ही गठबंधनों से 14 उम्मीदवार उत्तर भारतीय मैदान में उतरे थे, जिनमें से 6 विधायक बनने में कामयाब रहे। कलीना, कुर्ला, दहिसर, चारकोप, कांदिवली-ईस्ट, बोरीवली, मागाठणे, वर्सोवा, गोरेगांव, दिंडोशी, जोगेश्वरी-पूर्व और अंधेरी ईस्ट इलाके में उत्तर भारतीय निर्णायक भूमिका अदा करते रहे हैं। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    उत्तर भारतीयों की भूमिका

    मुंबई से बाहर महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में भी बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय वोटर रहते हैं। नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण, पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, अकोला, औरंगाबाद इसमें शामिल हैं। यहां उत्तर भारतीयों के वोट नतीजों पर प्रभाव डालने वाली स्थिति में हैं। मुंबई की बीएमसी से लेकर पुणे, नागपुर, औरंगाबाद और ठाणे नगर निगम की सीटों पर उत्तर भारतीयों का प्रभाव रहा है। इस तरह मुंबई ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के अन्य कई शहरों में भी उत्तर भारतीय वोटर मुख्य भूमिका में हमेशा से रहे है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

  • आधी रात कमरे से आ रही थी आवाज, ससुर ने खिड़की से झांककर देखा तो प्रेमी के साथ रंगरलियां मना रही थी बहू, जानिए फिर क्या हुआ…

    आधी रात कमरे से आ रही थी आवाज, ससुर ने खिड़की से झांककर देखा तो प्रेमी के साथ रंगरलियां मना रही थी बहू, जानिए फिर क्या हुआ…

    आधी रात को बहू के कमरे से आवाजें आ रही थी। ससुर ने जब खिड़की से देखा तो आवाक रह गया। देखा कि बहू अपने कमरे में गांव के एक युवक के साथ रंगरलियां मना रही थी। शोरशराबा हुआ तो युवक धमकाते हुए वहां से भाग निकला। पुलिस युवक की तलाश कर रही है। (There was a sound coming from the room at midnight, the father-in-law peeped through the window and saw the daughter-in-law having fun with her lover, know what happened next)

    Crime News: आधी रात को बहू के कमरे से आवाज आ रही थी। ससुर ने जब खिड़की से झांककर देखा तो बहू अपने प्रेमी के साथ रंगरलियां मना रही थी। ससुर ने दोनों को रंगेहाथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। इसके बाद ससुर ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद आरोपी धमकी देते हुए मौके से भाग निकला। घटना उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की है। (There was a sound coming from the room at midnight, the father-in-law peeped through the window and saw the daughter-in-law having fun with her lover, know what happened next)

    कब की है घटना?

    मिली जानकारी के मुताबिक यूपी के मैनपुरी जिले में औंछा पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी वृद्ध ने रविवार को पुलिस में एक रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि 22 दिसंबर की रात को वह नीचे अपने कमरे में सो रहा था। बहू छत पर बने अपने कमरे में सो रही थी। देर रात को जब वह किसी काम के लिए छत पर गया तो वहां खुसुर-फुसुर की आवाज आ रही थी। जब खिड़की से झांककर देखा तो गांव का ही रहने वाला एक युवक उसके बहू के साथ आपत्तिजनक अवस्था में था। ससुर ने रिपोर्ट में यह भी कहा कि वह युवक बहू के साथ गलत काम कर रहा था। (There was a sound coming from the room at midnight, the father-in-law peeped through the window and saw the daughter-in-law having fun with her lover, know what happened next)

    आरोपी का घर पर आना-जाना

    पुलिस रिपोर्ट में वृद्ध व्यक्ति ने कहा कि आरोपी युवक ने उसे देखा तो गाली गलौज करने लगा। उसने जान से मारने की धमकी भी दी और वहां से भाग निकला। शिकायतकर्ता ससुर ने बताया कि आरोपी का उसके घर पर आना-जाना है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच व तलाश शुरू कर दी है। (There was a sound coming from the room at midnight, the father-in-law peeped through the window and saw the daughter-in-law having fun with her lover, know what happened next)

  • शादी में तंदूरी रोटी को लेकर हुई मार पीट, 2 की मौत 6 गिरफ्तार

    शादी में तंदूरी रोटी को लेकर हुई मार पीट, 2 की मौत 6 गिरफ्तार

    उत्तर प्रदेश के अमेठी मे एक शादी के दौरान तंदूरी रोटी को लेकर बारातीयों में विवाद हो गया। बाद में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में मारा-पीटा के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। (Fight broke out at a wedding over tandoori roti, 2 dead, 6 arrested)

    अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शादी के दौरान तंदूरी रोटी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस विवाद को लेकर पहले कहासुनी हुई और फिर मारपीट होने लगी। मारपीट में दो लोगों की मौत भी हो गई है। बताया जा रहा है कि बारात में तंदूरी रोटी को लेकर विवाद हुआ था। वहीं घटना के
    बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने एफआईआर में नामजद छह लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। (Fight broke out at a wedding over tandoori roti, 2 dead, 6 arrested)

    बारात के दौरान हुआ विवाद

    दरअसल, पूरा मामला गौरीगंज थाना क्षेत्र के सहाय हृदय शाह गांव का है। बताया जा रहा है कि यहां तीन मई की रात को दो पक्षों में विवाद हो गया था। यहां जामों थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव से एक बारात आई हुई थी। इस बारात में जो दूल्हा था, वो गांव के प्रधान राम जियावन वर्मा का बेटा था। वहीं गौरीगंज के राजगढ़ वोधघन का 18 वर्षीय पुरवा निवासी रवि और 17 वर्षीय आशीष दुल्हन पक्ष की ओर से मेहमान बनकर आए थे। पुलिस ने बताया कि विवाह में खाने के दौरान तंदूरी रोटी को लेकर दोनों पक्षों के बींच बहस हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासूनी के बाद हाथापाई भी होने लगी। (Fight broke out at a wedding over tandoori roti, 2 dead, 6 arrested)

    मारपीट में दो की मौत

    अमेठी की पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने कहा, “दोनों पीड़ितों की चोटों के कारण मौत हो गई। शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में नामजद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।” वहीं पुलिस ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अमेठी जिलवे के गौरीगंज थाने में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। (Fight broke out at a wedding over tandoori roti, 2 dead, 6 arrested)

  • ‘जाट’ फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की चर्चा

    ‘जाट’ फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की चर्चा

    फिल्म एक्टर और कास्टिंग डायरेक्टर की तस्वीर

    बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में जाट फिल्म ने धमाल मचा दिया है। बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार इंट्री के बाद फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की खूब प्रशंसा की जा रही है। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    उत्तरप्रदेश/प्रयागराज- हाल ही में रिलीज़ हुई हिंदी फिल्म “जाट” ने दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीतते हुए बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। एक ओर जहां फिल्म की दमदार कहानी और प्रभावशाली अभिनय की चर्चा हो रही है, तो वहीं पर्दे के पीछे एक अहम भूमिका निभाने वाले कास्टिंग डायरेक्टर “आलोक सिंह” को भी खूब सराहा जा रहा है। एक्टर, कोएक्टर के साथ साथ डायरेक्ट भी आलोक सिंह की प्रशंसा करते नही थक रहे हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    कास्टिंग का महत्व

    कास्टिंग असल में फिल्म की जान होती है। फिल्म और कहानी के हिसाब से कैरेक्टर का चयन ही फिल्म की कामयाबी का अहम हिस्सा होता है। जाट फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की प्रशंसा इसी बात को लेकर हो रही है। जाट फिल्म एक गंभीर सामाजिक एवं राजनीतिक विषय पर आधारित है, इस फिल्म में पहचान, आत्मसम्मान और सत्ता की जंग को बेहद वास्तविक अंदाज में दर्शाया गया है। फिल्म की प्रामाणिकता और भावनात्मक गहराई का सबसे बड़ा श्रेय आलोक सिंह को ही जाता है, जिन्होंने पात्रों के अनुरूप सटीक कलाकारों का चयन कर फिल्म में जान डाल दी। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    डायरेक्टर से मुलाकात

    फिल्म के डायरेक्टर ‘गोपीचंद मलिनेनी’ ने आलोक सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘आलोक ने फिल्म की आत्मा को शुरुआत से ही समझ लिया था। उनकी कास्टिंग इतनी सटीक थी कि हर किरदार ने दर्शकों के दिलों में जगह बना ली। यह फिल्म उनकी कास्टिंग एक्सपीरिएन्स के बिना अधूरी होती।’ (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    नए चेहरों का एडजस्टमेंट

    फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले एक्टर की प्रदर्शन की तुलना बॉलीवुड की कुछ सबसे यादगार कैरेक्टरों से की जा रही है। वहीं सहायक किरदारों में भी नए चेहरों की मौजूदगी ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ दी। आलोक सिंह की खासियत यही मानी जा रही है कि वे नए और प्रतिभाशाली कलाकारों को मौके देते हैं और उन्हें सही दिशा में तराशते हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    फिल्म इंडस्ट्री

    आलोक सिंह ने पिछले कुछ वर्षों में कास्टिंग के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जाट फिल्म की सफलता ने उनके करियर को एक नई ऊंचाई दी है। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें अब एक ऐसे कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी समझ न सिर्फ तकनीकी है, बल्कि वह कहानी की आत्मा को समझते हुए कास्टिंग को एक कलात्मक रूप देते हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    चर्चा हुई तेज़

    जैसे-जैसे जाट फिल्म की बॉलीवुड में लोकप्रियता बढ़ रही है और फिल्म विभिन्न पुरस्कारों की दौड़ में शामिल हो रही है, वैसे-वैसे आलोक सिंह की प्रतिभा की चर्चा भी तेज़ हो रही है। फिल्म के साथ-साथ उनके काम को भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

  • बोरीवली रेलवे पुलिस ने सोने के गहनों के साथ चोर को किया गिरफ्तार।

    बोरीवली रेलवे पुलिस ने सोने के गहनों के साथ चोर को किया गिरफ्तार।

    बोरीवली रेलवे प्लेटफार्म से ट्रॉली बैग लेकर रफूचक्कर होनेवाले शातिर चोर को रेलवे पुलिस ने 1 लाख 30 हजार के सोने के गहनों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने चुराए हुए कीमती गहनों को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज लेजाकर बेच आया था। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    मुंबई- बोरीवली रेलवे पुलिस ने एक ऐसा केस सुलझाने में कामियाबी हासिल की है। जिसको लेकर मुंबई रेलवे पुलिस बल में चर्चा का विषय बना हुआ है। 1 मार्च 2025 की चोरी की घटना में पीड़ित परिवार का ट्रॉली बैग गाड़ी से उतरते समय प्लेटफॉर्म पर ही छुट गया था। जिसमें उनके कपड़ों के साथ कीमती सोने के लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये के गहने भी शामिल थे। मौके का फायदा उठाते हुए अज्ञात आरोपी बैंग चुराकर रफूचक्कर हो गया और जब पकड़ा भी गया तो मालूम हुआ कि आरोपी ने चोरी के गहने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लेजाकर बेच दिया है। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    पुलिस की टीम

    बोरीवली रेलवे पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतिश शिंदे ने बताया, कि घटना की जानकारी मिलते ही क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक कांबळे की निगरानी में एक टीम गठित की गई। जिसमें पुलिस उपनिरीक्षक राजेश वरणे, पुलिस उपनिरीक्षक प्रकाश साळुंके, पुलिस हवलदार एजाज शेख, पुलिस हवलदार निलेश देवरूखकर, महिला पुलिस हवलदार संगीता दुबे, सिपाही धनराज कोळी, विजय शिरोसे, निलेश घुटे, तुषार पवार को नियुक्त कर केस की छानबीन शुरू की गई। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    घटना की जानकारी

    बोरीवली रेलवे पुलिस थाने के क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक कांबळे ने बताया कि घटना 1 मार्च की है। जब 29 वर्षीय शिकायतकर्ता आकाश शिवदास मेवाती अपने तीन परिवारिक सदस्यों के साथ गरीबरथ एक्सप्रेस ट्रेन से बोरीवली प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर उतरा तो आनन फानन में उसे अगली ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर 10 पर जाना था। जब पीड़ित अपने परिवार के साथ 10 नंबर प्लेटफॉर्म पर पहुंचा तो उसे याद आया कि उसका एक ट्रॉली बैग प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर ही छुट गया है। वहां जाकर पता लगाया तो बैग नही मिला। आस पास पूछताछ के बाद उसने शिकायत काउंटर पर इसकी सूचना दी। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    कब मिला चोर ?

    रेलवे पुलिस को इसकी सूचना मिलते ही जब प्लेटफॉर्म का सीसीटीवी फुटेज चेक किया गया तो पता चला कोई अज्ञात व्यक्ति ट्रॉली बैग लेकर जमा करने के बजाय रेलवे स्टेशन के बाहर लेकर जा रहा है। पुलिस ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति की सीसीटीवी फुटेज और फोटो FRS सिस्टम में स्थापित कर चोर की खोजबीन शुरू कर दी गई। आखिरकार 14 अप्रैल को प्लेटफार्म नंबर 10 पर एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा गया। जब उसे पुलिस स्टेशन में लाकर पूछताछ की गई तो मामला साफ हो गया। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    पीड़ित परिवार

    पीड़ित परिवार ठाणे जिले के भिवंडी पश्चिम, कोल्हेर भिवंडी रोड़, कशेनी टोल नाका, नीलकंठ कॉम्पलेक्स का रहने वाला है। जो 28 फरवरी हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी नंबर 12 में सवार हुए थे। जब 1 मार्च को ट्रेन बोरीवली रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उनके साथ घटना हो गई। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    कहाँ का निकला चोर?

    पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार 35 वर्षीय आरोपी का नाम अरविंदकुमार राधेश्याम हरिजन है। जो पेशे से मजदूरी करता है और बोरीवली पश्चिम के गोराई पेप्सी ग्राउंड के नजदीक बनी नई इमारत का रहने वाला है। पुलिस ने जब चोरी के गहने जिसमें सोने के पेंडल वाला 18 ग्राम मंगलसूत्र और 8 ग्राम सोने के कान के झुमके के बारे पूछताछ की तो आरोपी ने बताया कि वह अपने मुल निवास किराव धनुपुर, हण्डिया तालुका, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में बेच दिया है। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतिश शिंदे ने बताया, कि वरिष्ठ अधिकारियों से सारे कानूनी परवानगी प्राप्त करने के बाद एक टीम गठित की गई और टीम को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज भेजा गया जहां से चुराए हुए 26 ग्राम कुल 1 लाख 30 हजार रुपये के सोने के गहनों को वापस मुंबई लाया गया। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

  • बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    Mumbai Crime News: बिल्डर सदरुद्दीन को मारने के लिए आरोपी ने शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। बिल्डर पर पैसे गबन करने का आरोप .. (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    Mumbai Crime News: मुंबई के चेंबूर इलाके में बिल्डर पर फायरिंग के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, बेलापुर के रहने वाले बिल्डर सदरुद्दीन खान पर चेंबूर के डायमंड गार्डन के पास बुधवार रात को गोलीबारी हुई थी। इस मामले को लेकर मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि फायरिंग पैसों के लेन-देन को लेकर हुई है। मिरारोड के रहने वाले फिरोज खान ने बिल्डर की हत्या करने के लिए शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित 50 वर्षीय बिल्डर सदरुद्दीन खान पर भी कई अपराधिक रिकार्ड दर्ज है। खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मिरारोड के रहने वाले मुख्य आरोपी फिरोज खान को मुंबई क्राईम ब्रांच ने उसके घर से गिरफ्तार किया है। जबकि, सदरुद्दीन पर गोलियां चलाने वाले शूटर अफसर खान को लोकल पुलिस ने धारावी इलाके से गिरफ्तार किया। 20 वर्षीय शूटर अफसर खान वारदात के बाद से ही धारावी में छिपा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    जमीन विवाद में की हत्या की साजिश

    मीरा रोड से गिरफ्तार फिरोज खान का दावा है कि मुंब्रा के शीलफाटा इलाके में उसकी एक एकर जमीन उसने सदरुद्दीन को 9 करोड़ रुपये में बेची थी। सदरुद्दीन ने वो जमीन खरीद तो ली लेकिन उसके बदले में पैसे नहीं दिए, बल्कि पैसों के लिए टाल-मटोल करता रहा। फिरोज ने आगे दावा किया कि इसी बीच सदरुद्दीन ने उस जगह पर बिल्डिंग बनाकर उसे बेच भी दिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    आरोपी ने ये भी दावा किया कि लगातार 2 सालों से पैसे की मांग पर भी सदरुद्दीन उसे पैसे नहीं दे रहा था, जिसकी वजह से उसने सदरुद्दीन को मारने की प्लानिंग की और शूटर अफसर को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले मुंबई बुला लिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    हमले से पहले इलाके की रेकी

    वहीं सूत्रों ने दावा किया है कि शूटर ने सदरुद्दीन पर हमला करने से पहले कई बार बिल्डर का पीछा किया और पूरे इलाके की रेकी भी की। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, फायरिंग वाली रात फिरोज बाइक चला रहा था और शूटर अफसर पीछे बैठा था। सायन इलाके से दोनों सदरुद्दीन का पीछा कर रहे थे और जैसे ही गाड़ी चेंबूर के डायमंड गार्डन के सिग्नल पर रुकी वैसे ही फिरोज ने शूटर को फायरिंग के लिए कहा। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    कब हुई फायरिंग ?

    पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आरोप है कि 50 वर्षीय खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहा हैं। इसके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना उस समय हुई जब खान अपनी लग्जरी एसयूवी गाड़ी से धारावी स्थित कार्यालय से नवी मुंबई के लिए अपने घर लौट रहा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

  • Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    देश भर के मुसलमान वक्फ संशोधन बील को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड संपत्ति का कामकाज मुसलमानों के ही हाथ में होना चाहिए। सरकार पारदर्शिता के नाम पर हमारी संपत्ति में हस्तक्षेप करना चाहती है।

    मुम्बई: लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद से इसके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस बीच महाराष्ट्र में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई की सुन्नी मस्जिद में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर संशोधित विधेयक के विरोध में नारे लगाए। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    इस बील को लेकर मुफ्ती मोहम्मद जुबैर बरकती ने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा में जो वक्फ बील पास हुआ है वो पूरी तरह से इस्लाम और मुसलमानों के हक में नहीं है। ये उनकी अपनी सोच है जो वो कह रहे हैं कि ये मुसलमानों के लिए बेहतर है लेकिन हम दूर तक देख रहे हैं कि ये मुसलमानों के खिलाफ है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सुप्रीम कोर्ट का रुख

    मुफ्ती जुबैर ने आगे कहा, “मुसलमान पूरी तरह से सुन्नी उलेमाओं पर भरोसा करते हैं, सुन्नी उलेमा जो भी बयान देंगे और जिसका सपोर्ट करेंगे वही सही माना जाएगा। हम देश में कानूनी दायरे में सुप्रीम कोर्ट के जरिए जो भी हमें हक मिल सकता है, हमारे हक के लिए हम पूरी कोशिश करेंगे।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सरकार ने नहीं मानी बात

    वहीं उत्तर प्रदेश में भी इस बील को लेकर मुसलमान विरोध करते नजर आ रहे हैं। संभल में एक युवक ने कहा, “हमें इस बात की नाराजगी है कि सरकार ने हमारी बात नहीं मानी। लेकिन हम जो भी करेंगे, वह संविधान के दायरे में करेंगे। हम ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहते कि हमारे परिवार, क्षेत्र और राज्य या देश में इसको लेकर शांति भंग हो। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    वक्फ का काम

    युवक ने आगे कहा, “हमारे पास सुप्रीम कोर्ट का भी रास्ता है। हम विधेयक का विरोध करने के लिए कानून का सहारा लेंगे। वक्फ की संपत्ति की देखभाल का काम मुसलमानों के हाथों में ही रहना चाहिए। सरकार हमारे हक में सेंधमारी का काम कर रही है। वक्फ बोर्ड संशोधन में अच्छी खासी खामी नजर आती है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)