Category: Uttar Pradesh

  • Mumbai- लोगों के घरों में घुसकर चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

    Mumbai- लोगों के घरों में घुसकर चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

    Mumbai- बोरीवली (पूर्व) के कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों के घरों में घुसकर चोरी किया कर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बोरीवली (पूर्व) के कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने लोगों के घरों में घुस कर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसकी जानकारी देते हुए मुंबई पुलिस परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त स्मीता पाटील ने बताया कि कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने कुल 10 अपराधिक मामलों का खुलासा कर 11 लाख 70 हजार रुपये का माल जप्त किया है। गिरफ्तार सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले हैं, जो मुंबई-गुजरात जैसे बड़े शहरों में चोरी को अंजाम देकर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    मुंबई पुलिस परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त स्मीता पाटील ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि 13 अगस्त 2024 को बोरीवली (पूर्व) के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के नजदीक, टाटा पावर इलाके की, एक इमारत में रहने वाले फोटोग्राफर के फ्लैट का ताला तोड़कर लगभग 30 हजार रुपये का लैपटॉप चोरी कर लिया गया था। फरियादी की तहरीर पर गु.र.क्र. 585/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(अ), 331(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस उपनिरीक्षक धीरज वायकोस, विजयेंद्र आंबवडे और क्राइम डिटेक्शन की टीम ने घटना स्थल का जायजा लिया। जहां उन्हें सीसीटीवी कैमरा के कुछ फुटेज मिले। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    चोरी के लिए किराए की ऑटोरिक्शा ..

    फुटेज में पुलिस ने देखा कि कुछ लोग किराए की ऑटोरिक्शा से आए और इमारत मे जाने के बाद कुछ ही समय में वापस आकर उसी ऑटोरिक्शा से निकल गए। पुलिस ने शक के आधार पर जब ऑटोरिक्शा के मालिक का पता लगाकर उससे पूछताछ की, तो उसने बताया कि कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से 5 लोग आए और कुछ दिनों के लिए ऑटोरिक्शा किराए पर लिया था। और अधिक पूछताछ में उसने बताया, कि वो लोग दिल्ली पासिंग ग्रे कलर की होन्डा वेगनार कार से उत्तर प्रदेश की ओर निकल चुके हैं। पुलिस ने इसकी जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को देकर मार्गदर्शन एवं जांच की अनुमति प्राप्त की। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार?

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    कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेश रुद्रमुनि नंदी मठ ने बताया, कि तांत्रिक विश्लेषण से पता चला कि आरोपी पालघर जिले के विक्रमगढ़, जव्हार और मोखाडा इलाके को पार करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हमने वरिष्ठ अधिकारियों की मदद से पालघर जिले के मोखाडा की और क्राइम डिटेक्शन की टीम को रवाना किया और वहां मोखाडा पुलिस की मदद से कार को रोका और कार मे सवार पांचों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस थाने लाया गया और पूछताछ में आरोप सिद्ध होने के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    कैसे हुआ दूसरे अपराधों का खुलासा?

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से चोरी के लैपटॉप के अलावा सोने और चांदी के गहने भी बरामद हुए। इसकी पूछताछ में बताया कि ये लोग घाटकोपर के पंतनगर पुलिस थाने की हद मे चोरी की थी। जिसके खिलाफ पंतनगर पुलिस थाने में गु.र.क्र. 643/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 331(2), 331(1) दर्ज है। इसके अलावा कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने में दर्ज गु.र.क्र 558/2024 का भी खुलासा हुआ इसमें भी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 305(अ), 331(2), 331(3) के तहत यह गिरोह फरार चल रहा था। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ..

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम 38 वर्षीय एजाज रमजानी अन्सारी, 28 वर्षीय अमीर सोहेल शमीम अहमद, 28 वर्षीय सलमान तस्लीम नदाफ, 46 वर्षीय शकील इनामुल हक और 25 वर्षीय शादाब अकबर हरसेन बताया जा रहा है। ये सभी गिरफ्तार आरोपी बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इमसे एजाज रमजानी के खिलाफ मुंबई, गुजरात और दिल्ली में कुल 14 मामले दर्ज हैं और अमीर सोहेल शमीम अहमद के खिलाफ गुजरात और मुंबई में कुल 4 मामले दर्ज है। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    10 लाख 70 हजार रुपये का सामना जप्त..

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    पुलिस ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के पास से चोरी में इस्तेमाल हथियार  और वाहनों के साथ चोरी के सामानों को जप्त कर लिया गया है। जिसकी बाजार मूल्यांकन लगभग 11 लाख 70 हजार रुपये आंकी जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज़ कुल 10 मामलों का खुलासा हुआ है। जिसमें कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने में दो, घाटकोपर के पंतनगर पुलिस थाने में एक और अंधेरी (पश्चिम) के ओशिवरा पुलिस थाने में कुल 7 अपराधिक मामले दर्ज है। ये लोग शहर के रिहायशी हाय प्रोफाइल इलाकों को टार्गेट करते थे और मौका पाते ही वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

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  • UP Police Exam City Slip: डाउनलोड करें, ये रहा uppbpb.gov.in सीधा लिंक

    UP Police Exam City Slip: डाउनलोड करें, ये रहा uppbpb.gov.in सीधा लिंक

    UP Police Exam City: यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड आज यूपी पुलिस कांस्टेबल एग्जाम सिटी स्लिप 2024 uppbpb.gov.in पर जारी कर दिया गया है। परीक्षा 23 से 31 अगस्त तक होगी। एग्जाम सिटी के जरिए देख सकते हैं कि उनकी परीक्षा किस शहर में है? जिसके बाद वह अपनी आगे की तैयारी कर सकते हैं।

    UP Police Constable Exam 2024: उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए आज एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर दी गई है। इसमें जो अभ्यर्थी परीक्षा देने जा रहे हैं, वो ऑनलाइन यह चेक कर सकेंगे कि उनकी परीक्षा किस शहर में होगी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एंव प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) 16 अगस्त को अपनी आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर UP Constable Exam city Slip जारी कर दिया है। जिसे अभ्यर्थी Indian fasttrack news Channel की खबर में दिए लिंक के डायरेक्ट डाउनलोड कर सकते हैं।

    Download UP Police Exam City Slip 2024

    UP पुलिस कांस्टेबल एग्जाम सिटी 2024 की डिटेल्स उम्मीदवार इस लिंक की मदद से सीधे डाउनलोड कर सकते हैं। UP Police Constable Re Exam 2024 City Slip Download Link। यह लिंक 16 अगस्त 2024, शाम 5 बजे से एक्टिव हो चुका है। इसके साथ ही अभ्यर्थी ऑनलाइन अपने एग्जाम सिटी की जानकारी देख सकते हैं। लिंक के अलावा अभ्यर्थी नीचे बताए आसान से स्टेप्स की मदद से भी एग्जाम सिटी स्लिप डाउनलोड कर सकते हैं।

    • सबसे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एंव प्रोन्नति बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं।
    • अब अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें।
    • इसके बाद आपको स्क्रीन पर एग्जाम सिटी डिटेल्स दिखेगी।
    • जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।

    यूपी पुलिस परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों को अपने साथ UP पुलिस एडमिट कार्ड की हार्ड कॉपी, एक फोटो आईडी (जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड), पासपोर्ट साइज के दो नवीनतम फोटो और एक काला या नीला बॉल पॉइंट पेन लाना होगा। इसके अलावा किसी तरह के उपकरण ले जाने पर पूरी तरह की पांबदी होगी।

    UP Police Constable Admit Card 2024: कब आएंगे ?

    बता दें कि UP पुलिस कांस्टेबल परीक्षा 23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दो चरणों में होगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। वहीं परीक्षा से तीन दिन पहले UP पुलिस एग्जाम के एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। यानी 20-21 अगस्त तक अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। इस बार नकल और पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं। यह भर्ती परीक्षा UP पुलिस कांस्टेबल बल में 60,244 पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है।
    गौरतलब है कि फरवरी 2024 में हुई UP पुलिस कांस्टेबल परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी गई थी। जिसमें लगभग 48 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। बाद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया था कि परीक्षा छह महीने के भीतर पुनर्निर्धारित की जाएगी। पुन: परीक्षा अब 23 अगस्त से 31 अगस्त तक आयोजित की जानी है।

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  • अपहरण और रेप के बाद हुई शादी से 4 बच्चे, लेकिन कोर्ट में चलता रहा केस, 40 साल बाद आया फैसला

    अपहरण और रेप के बाद हुई शादी से 4 बच्चे, लेकिन कोर्ट में चलता रहा केस, 40 साल बाद आया फैसला

    मुंबई में कोर्ट ने अपहरण और रेप के 40 साल बाद फैसला सुनाया है। इस केस में रेप पीड़िता की मौत हो चुकी है। रेप पीड़िता से ही आरोपी ने शादी की थी। दोनों के 4 बच्चे हुए। लेकिन रेप का केस कोर्ट में चल रहा था। अब कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुनाया है। जाने क्या है ये पूरा मामला ? (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – 40 साल पहले एक लड़की से रेप हुआ था। मुंबई के डीबी मार्ग पुलिस थाने में दर्ज मुकदमे के मुताबिक, जिसने लड़की से रेप किया, उसने उससे शादी भी कर ली। लेकिन ये केस कोर्ट में चलता रहा। दंपति को चार बच्चे भी हुए। इसके बाद पीड़िता की मौत भी हो गई। इस बीच आरोपी भी मुंबई से फरार हो गया। लेकिन 38 साल बाद पुलिस ने आरोपी को यूपी से गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ अब कोर्ट ने अपहरण और रेप के मामले में फैसला सुनाया है। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    नवंबर 1984 में डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में एक मां ने अपनी बेटी के साथ रेप होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने कहा कि उसकी बेटी का जन्म 1969 में हुआ था और वह उर्दू मीडियम के स्कूल में पढ़ रही थी। मां ने कहा कि आरोपी उसके परिवार को जानता था। पीड़िता घर से यह कहकर निकली थी कि वह शौचालय जा रही है। हालांकि, वह वापस नहीं लौटी। मां ने उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। उसने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने लड़की को किडनैप कर उसके साथ बलात्कार किया था। आरोपी पर आईपीसी के तहत अपहरण और रेप का आरोप लगाया गया था। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    रेप के बाद हुई शादी और 4 बच्चे ..

    खबरों के मुताबिक, बाद में पता चला कि आरोपी ने पीड़िता से शादी कर ली और उनके 4 बच्चे भी हुए। सत्र न्यायालय ने अब सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया। बताया गया कि आरोपी लगभग 40 साल तक लापता रहा, मगर यह पूरा मुकदमा केवल चार तारीखों में पूरा हो गया। पीड़िता से उसने बाद में शादी की थी, उसकी भी मुकदमे के दौरान मौत हो गई। उनके चार बच्चों में से दो की भी मौत हो गई। मामले में शिकायत करने वाली मां की भी मौत हो गई। वह शख्स 1986 से फरार था। उसे आखिरकार 2024 में यूपी में पकड़ लिया गया। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    कोर्ट ने क्या कहा ?

    जज ने कहा कि चूंकि मामला बहुत पुराना है, अभियोजन पक्ष के अधिकांश गवाह या तो लापता हैं या उनकी मौत हो चुकी है। इस अपराध से आरोपी को जोड़ने के लिए रिकॉर्ड पर एक भी सबूत नहीं है। आरोप साबित करने के लिए सबूत अभियोजन पक्ष के लिए मददगार नहीं हैं। इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच की और गवाहों के बयान दर्ज किए गए, सबूत जुटाए गए और आरोप पत्र पेश किया गया। जबकि, आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाह ने कहा कि एसआई (सहायक निरीक्षक) ने उसकी मौजूदगी में बयान दर्ज नहीं किए थे।(Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

  • Global Warming: धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है–सुप्रीमकोर्ट

    Global Warming: धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है–सुप्रीमकोर्ट

    • जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों? पुरा देश क्यों नहीं?
    • Global Warming पर सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहाँ ?
    • अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही है जिम्मेदार..
    • क्या हर बात के लिए न्यायालयों पर ही आश्रित रहें?
    • शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं ?

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    Global Warming आज धरती, पर्यावरण खतरे में है।ग्लोबल वार्मिंग के खतरे वैज्ञानिकों की चेतावनी के बावजूद जंगल काटे जा रहे हैं। हसदेव जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों आंदोलित हैं। पूरा देश क्यों नहीं? हसदेव के लाखों पेड़ मात्र एक व्यक्ति के लिए काटे जा रहे हैं, जो पूरे देश के लिए खतरे की घंटी है। मुंबई में समुद्र तट से 500 मीटर दूर ही निर्माण का कानून बना है, लेकिन महानगर पालिका के भ्रष्ट अधिकारियों को मुंबई और मुंबईकरों की तनिक भी चिंता नहीं है। बीएमसी के उच्च जिम्मेदार अधिकारी और राज्य सरकार आंखें मूंदे हुए हैं।

    मुंबई में मनपा की खाली जमीनों का अधिकारी और नेता सौदा कर अपनी जेबें भर रहे हैं। चुनाव का पर्व भूमाफियाओं और बीएमसी अधिकारियों के लिए अवैध निर्माण का सुनहरा मौका देता है कालाधन अर्जित करने का। पत्रकार अपनी भूमिका निभाते हैं। फोटो सहित गैरकानूनी निर्माण की घटना प्रकाशित करते हैं। बीएमसी आयुक्त, शहरी विकास मंत्री सहित सभी जिम्मेदार चुप रहते हैं। कोई कार्रवाई नहीं होती। अवैध निर्माण में पुलिस, विधायक, सांसद और कार्पोरेटरों का भी सहयोग होता है। सभी अपने हिस्से का कमीशन लेकर अनदेखा अनसुना कर देते हैं। Global Warming

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    Global Warming News

    अहमदाबाद से लेकर सुदूर साउथ में भी अवैध रूप से जंगल, सरकारी जमीन, चारागाह, तालाब सब पर कब्जा किया जाता है। कुछ समय पूर्व रामटेक की घटना का स्मरण होगा ही। उत्तराखंड में खुद सरकार प्रकृति के विरुद्ध निर्माण कर रही है, जिससे जोशी मठ को खतरा हो गया है। उसका अस्तित्व मिटने की कगार पर है। उत्तराखंड की त्रासदी याद होगी जब नदी की सीमा में चार चार महल के होटल ताश के पत्तों की तरह ढहकर नदी की धार में बह गए थे। Global Warming

    अवैध निर्माण मात्र ग्रामप्रधानों, विधायकों, सांसदों और पुलिस जवाबदेह होती है। उत्तर प्रदेश में जिन माफियाओं के होटल रेस्टोरेंट भव्य अट्टालिकाएं योगी ने बुलडोज कराई उसके गैर कानूनी तरीके से निर्माण के समय कौन कौन अधिकारी, विधायक, सांसद थे उनका पता लगाकर साथ में उनके घर भी बुलडोजर से गिराना चाहिए था लेकिन सरकारें ऐसा नहीं करेंगी। जब कोई संपत्ति ढहाई या तोड़ी जाती है तो देश की संपत्ति का नुकसान होता है। Global Warming

    गैरकानूनी निर्माण ढहाने या तोड़ने की जगह गरीबों का आशियाना और सरकारी दफ्तर बैंक को दे देना चाहिए। सारे बैंक की अपनी बिल्डिंग नहीं है। उनसे भाड़ा सरकार ले सकती थी। यह सकारात्मकता होती लेकिन हमारी सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहां? अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही जिम्मेदार होता है। अवैध निर्माण न गिराकर अधिकारियों विधायकों सांसदों के शीश महल जब्त कर सरकारी उपक्रमों और निर्धन बिना पक्की छत वाले गरीबों को दे देना ही सकारात्मक कदम होगा। Global Warming

    Global Warming,

    धरती के पर्यावरण की रक्षा वृक्ष ही करते हैं।अब अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए वहां झोपड़ियां बनाकर सदियों से रहने और जंगल से ही अपनी रोजी रोटी कमाने वाले गरीबों को क्यों उजाड़ा जाए, एक धनवान के लिए जैसा कि हसदेव जंगल के लाखों पेड़ों को काटकर खत्म किया जा रहा है। याद रहे सुप्रीमकोर्ट ने सही कहा, धरती सिर्फ मनुष्यों के लिए नहीं हैं। यहां विभिन्न तरह के पशु पक्षी और अन्य जीव भी रहते हैं। वे जंगल और खाली जमीन पर ही आश्रित रहते हैं। पहले लोग अपने धोर लेकर सुबह जंगल जाते थे। पशुओं को जंगल में चारा मिलता है। चारागाह खत्म पशुओं का चारा खत्म। Global Warming

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    क्या हर बात के लिए हम न्यायालयों पर ही आश्रित रहें? शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं है। अवैध निर्माण के लिए राजनीति का वोट बैंक प्रमुख होता है। इसीलिए जासंबिखकार अवैध निर्माण कराए जाते हैं।जैसे लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही बीएमसी के जिम्मेदार भूमाफियाओं से साठ गांठ कर उनसे करोड़ों रुपए वसूली कर अपने सरकारी आकाओं तक पहुंचाते रहते हैं जिससे कभी अवैध बांधकाम नहीं टूटते। Global Warming

  • कांदीवली पुलिस ने किया 10 लाख 17 हज़ार रुपये के मोबाइल फोन जब्त

    कांदीवली पुलिस ने किया 10 लाख 17 हज़ार रुपये के मोबाइल फोन जब्त

    कांदीवली पुलिस ने मुंबई शहर के साथ-साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से कुल 10 लाख 17 हज़ार एक सौ रुपये के 54 मोबाइल फोन जब्त कर फरियादियों को चोरी का सामना वापस किया है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदीवली पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन मामले में मुंबई शहर के साथ साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों से जानकारी इकट्ठा कर चोरी के मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहें लोगों पड़ताल कर कुल 54 मोबाइल फोन जब्त किया है। साथ ही उच्च अधिकारियों द्वारा संबंधित मोबाइल फोन के फरियादियों को बुला कर उनका सामना वापस किया गया है। (Crime story of mobile phones seized by Kandivali Police of Mumbai city along with various states like Gujarat, Uttar Pradesh, Jharkhand, Bihar and West Bengal)

    Indian Fasttrack News Network

    कुल 10 लाख 17 हज़ार एक सौ रुपये के बराबर मोबाइल फोन की जानकारी देते हुए कांदीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर गणोरे ने बताया, कि क्राईम डिटेक्शन टीम के पुलिस उपनिरीक्षक नितीन साटम की निगरानी में पुलिस सिपाही परमेश्वर चव्हाण, महिला पुलिस निरीक्षक अंजना यादव ने गुमशुदा मोबाइल फोन के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर निरंतर तफतिश कर उक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे लोगों का पता लगाया और उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में मुंबई शहर और अन्य राज्यों से चोरी के मोबाइल फोन जब्त किया है। (Crime story of mobile phones seized by Kandivali Police of Mumbai city along with various states like Gujarat, Uttar Pradesh, Jharkhand, Bihar and West Bengal)

    कांदीवली,
    कांदीवली पुलिस द्वारा जब्त चोरी के मोबाइल फोन फरियादियों को वापस करते हुए तस्वीर

    कांदीवली पुलिस का सराहनीय कार्य ..

    बता दें कि कांदीवली पुलिस ने सराहनीय कार्य परिमंडल-11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोईटे, मालवनी डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त शैलेंद्र धिवार के मार्गदर्शन में कांदीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर गणोरे, क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक आनंद कांबळे की देखरेख में पुलिस उपनिरीक्षक नितीन साटम, पुलिस सिपाही परमेश्वर चव्हाण एवं महिला पुलिस निरीक्षक अंजना यादव ने पार किया है। मुंबई पुलिस महकमे में इनकी प्रशंसा की जा रही है। गुम हो चुके मोबाइल फोन को वापस पाकर फरियादियों ने कांदीवली पुलिस को धन्यवाद दिया। (Crime story of mobile phones seized by Kandivali Police of Mumbai city along with various states like Gujarat, Uttar Pradesh, Jharkhand, Bihar and West Bengal)

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  • आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    • मोदी कराएंगे अपनी मर्जी का चुनाव।
    • मोदी के सामने आरएसएस हुआ बौना।
    • चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?

    आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/28/electoral-bond-bag
    Indian Fasttrack News Network

    एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस,
    आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)

  • ठंडे पड़ गये हैं भारतीय जनता पार्टी के नेता

    ठंडे पड़ गये हैं भारतीय जनता पार्टी के नेता

    • भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनावी समर भूमि में ठंडे पड़ गए हैं..
    • बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में पार्टी की नीतियों का हो रहा है खामियाजा..

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बड़ा शोर है भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार का लेकिन मोदी को छोड़कर एक भी चुनावी समर भूमि में सक्रिय नेता नहीं है। सबसे बड़ी 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनाव प्रचार में दूर दूर तक नजर नहीं आते। सबसे बड़ा हिंदुत्व चेहरा हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जिनकी देश में बड़ी मांग है, लेकिन मोदी की तरह वे कहीं भी चुनावी मूड में नहीं दिखते।

    भारतीय जनता पार्टी का युपी में चुनाव प्रचार

    दो दो डिप्टी सीएम हैं जो अपनी खोल से अभी बाहर ही नहीं निकल सके हैं। प्रांतीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी भी कहीं नमूदार नहीं हो रहे। बड़े जोर शोर से ढिंढोरा पिटा गया था, चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी का। उन्हें गाजे बाजे के साथ भारतीय जनता पार्टी में लाया गया। यह सोचकर कि उनके दादा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर पश्चिमी यूपी की सारी सीटें बिना प्रचार किए भारतीय जनता पार्टी की झोली में आ गिरेंगी। परंतु अभी भी जयंत चौधरी पशोपेश में हैं। किसान बिरादरी उनके बीजेपी में जाने पर उनसे दूरी बना ली है। अब वे किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की तरह किसानों के नेता नहीं रह गए हैं। बिना संख्या बल के वे भारतीय जनता पार्टी को कितनी सीटें दिलाएंगे खुद समझ नहीं पा रहे। चुनाव प्रचार तो बड़ी दूर की कौड़ी है उनके लिए। हालत यह हो गई है, “आधी छोड़ सारी को धावे। आधी मिले न सारी पावे।”

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/22/why-do-corporates-donate-its-a-business-but-its-dirty-electoral-bond
    Election 2024

    तुरूप का इक्का ..

    भारतीय जनता पार्टी के साथी अनुप्रिया पटेल और बड़बोले अस्तित्वहीन ओमप्रकाश राजभर जिनकी अमित शाह ने उत्तर प्रदेश सरकार में ताजपोशी कराई है। छवि बेहद खराब होने से जनता उनसे कन्नी काटने लगी है। मेनका गांधी और संतोष गंगवार यूपी के आठ आठ बार सांसद रहे हैं। लेकिन उनके टिकट ही पक्के नहीं हुए हैं। करें भी तो क्या? टिकट मिलेगा या नहीं? कहा भी नहीं जा सकता। तुरूप का इक्का होने से रहे।

    भारतीय जनता पार्टी,

    बिहार की संसदीय गठबंधन ..

    सांसदों के लिहाज से बिहार में 40 सीटें होने से बिहार का बड़ा महत्त्व है। वहां गठबंधन तुड़ाकर नीतीश कुमार को भारतीय जनता पार्टी अपने पाले में भले ले आई है लेकिन जनता में उनकी पलटू चाचा की छवि बनने से उनकी खुद की छवि को बड़ा धक्का लगा है। जनता में उनकी पूछ नहीं रही। सुशील मोदी ज़रूर बड़ा चेहरा बने थे, लेकिन वे कहीं चुनाव प्रचार करते नहीं दिखते। राजीव प्रसाद रूडी का कहीं अता पता नहीं है। हरदम मोदी नाम की माला जपने और विपक्षी दलों को बुरा भला कहने वाले रवि शंकर प्रसाद नदारत हैं। उनके अलावा सम्राट चौधरी, गिरिराज सिंह और चौबे सांसद रहे हैं। बड़बोले भी लेकिन चुनाव प्रचार में वे दोनो दूर दूर तक नजर नहीं आते। गिरिराज सिंह का हाल यह है, कि उनकी भारतीय जनता पार्टी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुर्दाबाद के नारे लगाए और काले झंडे दिखाकर उन्हें क्षेत्र में आने ही नहीं दिया।

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    महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार ..

    सीट के लिहाज से महाराष्ट्र 48 सीटों वाला बड़ा महत्त्वपूर्ण राज्य है। यहां के सबसे बड़े नेता हैं नितिन गडकरी जो भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के धुर विरोधी रहे हैं। मुमकिन नहीं कि वे चुनाव प्रचार करेंगे। शिवसेना और राकांपा तोड़कर शिंदे और अजीत पवार के साथी छगन भुजबल, पटेल आदि पर खुद भारतीय जनता पार्टी ने हजारों करोड़ के घोटाले का मामला उठाकर उन्हें अपने साथ लाकर सरकार तो बना ली लेकिन महाराष्ट्र की जनता उन्हें गद्दार कहकर नफरत करती है। कुछ समय बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। उस चुनाव को याद कर ही सिहरने वाले ये नेता चुनाव प्रचार की हिम्मत भला कैसे दिखाएंगे? अपने ही बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री का कद छोटा कर डिप्टी सी एम बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी उनसे चुनाव में कोई उम्मीद कैसे कर सकती है।

  • मोबाइल टावर से कीमती सामान चुराने वाला गैंग गिरफ्तार

    मोबाइल टावर से कीमती सामान चुराने वाला गैंग गिरफ्तार

    क्राइम ब्रांच के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में मोबाइल टावर रेडियो रिमोट यूनिट चोरी के 63 मामलों का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग ऑपरेशन में दिल्ली और युपी से कुल 15 लोगों को किया गिरफ्तार।

    • मोबाइल टावर के साथ ये गिरोह जो करता था, उससे इमरजेंसी सेवाएं ही हो जाती थी बंद।
    • मोबाइल टावर टेक्नीशियन ही निकले चोर।
    • कम समय में आसानी से मोटी रकम कमाने का लालच।

    विशेष संवाददाता
    नई दिल्‍ली:
    दिल्‍ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मोबाइल टावर से महंगे उपकरणों को चुराने वाले बड़े गैंग का भांडाफोड़ किया है। मामले से जुड़े दो गैंग के लीडर और उनके 13 साथियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में नामी टेली कम्युनिकेशन कंपनी में काम करने वाले मोबाइल टॉवर टेक्नीशियन और स्क्रैप डीलर शामिल हैं। ये गैंग अब तक 250 से ज्यादा चोरियां कर चुके हैं। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम ने 33 आरआरयू, 20 बीबीयू, 15 जियो की पावर बैटरी, 20 बंडल केबल, 2 आरएसपी, रेडियो यूनिट समेत डेढ़ करोड़ से ज्यादा के मोबाइल टावर उपकरण बरामद किए हैं।

    मोबाइल टावर से महंगे उपकरणों की चोरी ..

    टावरों के इन महत्वपूर्ण पार्ट्स के चोरी होने के बाद इमरजेंसी सेवाओं को कॉल नहीं जाती थी, जिसकी वजह से टावर के आसपास के लोगों को परेशानी होती थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में मोबाइल टावर उपकरणों की चोरी के 63 मामलों का खुलासा किया गया। क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग ऑपरेशन में कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की गिरफ़्तारी से कुल 33 RRU (बहुत महंगी कीमत की रेडियो रिमोट यूनिट), 20 BBU, 15 JIO बैटरी, दो RSP कार्ड, 12 हाई-टेक हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर उपकरण और 20 बंडल टावर केबल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में दर्ज चोरी के 17 मामलों का भी खुलासा हुआ है। अपराध में शामिल एक फोर्ड फिगो कार और एक स्कूटी भी बरामद की गई है।

    मोबाइल टावर,

    एयरटेल ने की थी शिकायत

    दरअसल एयरटेल के राष्ट्रीय नोडल अधिकारी ने देश के अलग अलग हिस्सों में स्थापित मोबाइल टावरों से बड़ी संख्या में आरआरयू, बीबीयू और उससे संबंधित सामान चोरी होने की सूचना दी थी। इन महंगे पार्ट्स की चोरी से ग्राहकों को कॉल करने और इंटरनेट सेवाओं का उपयोग करने में परेशानी हो रही थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक इस केस में 2 लोग नाजिम और सलमान इस गैंग को ऑपरेट कर रहे थे।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/14/maharashtra-the-state-government-does-not-want-fair-elections
    Maharashtra Election 2024 Political News

    पता चला कि वे अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग लोगों से चोरी की गई आरआरयू/बीबीयू खरीदत कर उन्हें दिल्ली के रोहिणी स्थित अपने गोदाम में छिपा देते थे। इसके बाद वे इन सामानों को ऊंचे दामों पर दूसरे लोगों को बेच देते थे।

    क्राइम ब्रांच टीम के इंस्पेक्टर शिवराज बिष्ट को सूचना मिली थी, कि सनी राजपूत नाम का एक शख्स मोबाइल टावर से चुराए गए RRU पार्ट्स लेकर उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर आने वाला है। जिसके बाद डीसीपी अमित गोयल और एसीपी रमेश लांबा की देखरेख में टीम बनाकर पुलिस का जाल बिछाया गया। इस धरपकड़ में सनी और सलमान को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ के बाद सलमान की रोहिणी स्थित दुकान पर छापा मारा गया, जहां से चोरी के कई महंगे मोबाईल टावर के पार्ट्स बरामद हुए।

    यूपी से भी हुई गिरफ्तारी

    फिर सलमान से पूछताछ में नाजिम नाम के युवक को यूपी के मुजफ्फरनगर से हिरासत में लिया गया, जो एक भंगार खरीदने और बेचने वालि डीलर था। जांच के दौरान आरोपी नाजिम ने खुलासा किया कि वह चोरी की गई आरआरयू/बीबीयू नदीम और इजहार और उसके भाई मोहम्मद नईम को बेचता था। इसके अलावा नाजिम की गवाही पर मोहम्मद नईम को मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया गया और आरोपी मोहम्मद नईम की गवाही पर 6 आरआरयू और 12 बीबीयू और JIO कंपनी की 5 बैटरियां बरामद की गईं।

    पूछताछ के दौरान आरोपी सनी राजपूत ने खुलासा किया कि वह एयरटेल कंपनी का कर्मचारी है और आरआरयू और बीबीयू को इंस्टॉल और अनइंस्टॉल करने में माहिर है। वह अपने अन्य कर्मचारियों महेंद्र, मोरपाल, इरफान के साथ मिलकर दिल्ली में अलग अलग मोबाइल नेटवर्क टावरों पर लगे लाइन केबल के साथ-साथ आरआरयू/बीबीयू की चोरी करता था, ताकि आसानी से और मोटी रकम कमा सके।

  • उत्तर प्रदेश में योगी का नारा.. महिलाएं बेसहारा.

    उत्तर प्रदेश में योगी का नारा.. महिलाएं बेसहारा.

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    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से अराजकता की नई तस्वीर सामने आ रही है। योगी जी के राज में यहां अवैध रूप से जमीन कब्जा करने के लिए वकीलों को गुंडागर्दी करते विडियो रिकार्ड किया गया। महिलाओं की सुरक्षा चोरी लेकर पुलिस प्रशासन निकम्मी साबित हुई। (Yogi’s slogan in Uttar Pradesh is women are destitute)

    वी.बी. माणिक
    उत्तर प्रदेश/प्रयागराज
    – अब योगी जी का महिलाओ की सुरक्षा का नारा खोखला साबित होता जा रहा है। महिलाएं अपने घर मे भी सुरक्षित नहीं रह गयी है। कल प्रयागराज के गंगापार सरायइनायत के रेठिया गाँव में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडों और वकीलों के करीब 25 से 30 लोग एक सोनी परिवार के घर मे घुसकर महिलाओ और बच्चों के साथ अश्लील हरकत और जमकर मारपीट किया। इसकी जानकारी सरायइनायत थाने के थानाध्यक्ष पंकज राय को दिया गया। जिस पर अभी तक कोई भी केस दर्ज नही किया गया और न ही घटना स्थल पर पुलिस गयी। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)

    इस विषय पर पुलिस के कमिश्नर रोनित शर्मा को फोन किया गया तो शर्मा ने फोन नही उठाया। एसपी गंगापार अभिषेक भारती ने फोन पर कार्रवाई का आश्वसन देकर मौन हो गए। लेकिन कार्रवाई कुछ नही किया। इसके बाद डीजी लखनऊ को फोन किया तो फोन नही उठाया। कल पूरे दिन प्रयाराज जिला कचहरी में हड़ताल जारी रहा। वकीलों में दो ग्रुप हो गया था। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)

    योगी,
    पुलिस थाने के बाहर न्याय के लिए इंतजार करता पीड़ित परिवार की तस्वीर

    योगी आदित्य के राज में अराजकता का माहौल

    अब उत्तरप्रदेश में वकील वकालत कम गुंडागर्दी ज्यादा करने लगे है। क्योंकि प्रशासन इन गुंडों पर कार्रवाई करने से डरता है। योगी महिलाओ की सुरक्षा और भूमाफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात करते है। पर यहां पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह निर्लज्ज और कामचोर है। केवल लोगों से अवैध वसूली में व्यस्त रहता है। योगी का शिकायत सेल भी पूरी तरह निष्क्रिय है। योगी सरकार को भी अखिलेश सरकार की हवा लगी है। यहां गुंडा राज कायम है। यहां महिलाओ को अकेले घर मे छोड़ने लायक नही है। क्योंकि कब गुंडे घर मे घुस जाएंगे इसकी कोई गारंटी नही है। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)

    https://indian-fasttrack.com/2024/02/26/mumbai-firing-in-malad-east-dindoshi-area

    एसीपी थरवई सीपी सिंह तो पूरा लापरवाह है। ऐसा लगता है, कि ये केवल पुलिस विभाग में वसूली के लिए भर्ती हुआ है। दूसरी ओर प्रयागराज के जिला कचहरी में वकील कम वकील के भेष में गुंडे माफिया और वसूली मास्टर ज्यादा है। इस पर उच्चन्यायालय उत्तरप्रदेश कब संज्ञान लेगा ? कब इनका रजिस्ट्रेशन नंबर रदद् करेगा ? न्यायपालिका का डर धीरे धीरे कम होता जा रहा है। पुलिस फर्जी केस बनाने में ज्यादा व्यस्त है। गरीब और मध्य्यम वर्ग के लोगो को अब योगी राज में न्याय मिलना मुश्किल हो गया है। लोगो मे भारी भय व्याप्त है। पीड़ित परिवार केस दर्ज करने को लेकर समय का इंतजार कर रहा है। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)

  • कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    शोहरतगढ़ को शोहरत की बुलंद उंचाईयों तक लेजाने की इच्छा जाहिर करने वाले अपना दल पार्टी के विधायक हकीकत में अपने समर्थकों को ही चूना लगा रहे हैं।

    वी बी माणिक
    लखनऊ
    – उत्तर प्रदेश, सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ निर्वाचित अपनादल के विधायक सुधरने को तैयार नही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में जगह हासिल करने के बाद से ही इनके तेवर बदल गए हैं। गरीबों का पैसा चुनाव के समय डकार कर बैठे विनय आज तक देने को तैयार नही है। जिन लोगो ने अपना खून पसीना बहाकर और नगद उधारी के तौर पर पैसे दिए हैं वो त्राहि-त्राहि कर रहे है। एक ग्राम प्रधान का भी करीब पच्चीस लाख लेकर बैठे है।

    योगी आदित्यनाथ की सरकार ..

    समाजवादी पार्टी से हाथ झटक कर भाजपा के सहारे उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में जगह हासिल करने वाली अपनादल की सुप्रीमो एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी क्या बेईमानो, लुटेरों की पार्टी है? जो गरीबों का खून पीने का काम करती है। बड़ा दुर्भाग्य है ये गरीब पुलिस में शिकायत भी दर्ज नही करवा पा रहे है। विनय वर्मा द्वारा इनको खुली धमकी दी जाती है, कि तुमको जो करते बने कर लो हम पैसा नही देंगे। पत्रकार ने अनुप्रिया पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया। उनसे मुलाकात नही हो सका है।

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    योगी आदित्यनाथ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपना दल पार्टी की मुखिया अनुप्रिया पटेल की तस्वीर

    राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसी पार्टीयो के समर्थन से सरकार चला रहे है। योगी जी घोषणाएं अच्छी-अच्छी कर रहे है पर जो उनकी सरकार में कुछ लुटेरे विधायक बैठे है। उन पर कार्रवाई कब होगी ? कब गरीबो का पैसा मिलेगा ? यही कारण है ठग लुटेरे नेता योगी जी से सहयोग माँगकर चुनाव जीतकर जनता को गुमराह करए है। इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकता है।

    वैसे भी अपना दल पार्टी का नारा है ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिसदारी’ इसका विधायक विनय वर्मा भरपूर फायदा उठा रहे हैं। लोगों को इनके इरादों को समझने में समय लग गया। नहीं तो धोखा और नुकसान नहीं होता। बता दें कि लोग कहते हैं, कि ये विनय वर्मा अपनी जरूरत के वक़्त हाथ जोड़कर मदद मांग रहे थे। अभी वही उधार के पैसे वापस करने के बजाय सत्ता का रौब झाड़ते हुए धमका रहे हैं। ये राजनीति का गंदा चहरा है। जो इनसे धोखा खाने वालों को देखने को मिल रहा है।

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