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Railway News : सेंट्रल रेलवे ने उत्तर प्रदेश के यात्रियों की सुविधा के लिए मुंबई से चलने वाली विशेष सुपरफास्ट ट्रेन की अतिरिक्त 52 सेवाएं शुरू की हैं, इसमें यात्रियों को और भी ज्यादा आरामदायक सुविधाएं मिलने वाली है।
मुंबई: उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए मुंबई स्थित कुर्ला के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) और कानपुर के बीच चलने वाली साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन को अब 52 अतिरिक्त फेरे चलाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि अब यह स्पेशल ट्रेन संशोधित कोच स्ट्रक्चर के साथ चलेगी। इससे यात्रियों को और भी ज्यादा आरामदायक सफर की सुविधा मिलने वाली है। Good news! 52 additional trips have been increased from Mumbai to Uttar Pradesh
मुंबई से कानपुर
सेंट्रल रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रेन संख्या 04152 जो मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) से कानपुर के लिए चलाई जाती है, अब हर शनिवार शाम 5:15 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 3:45 बजे कानपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन अब 27 दिसंबर 2025 से कुल 26 सेवाएं तक चलाई जाएगी।
इसी तरह, ट्रेन संख्या 04151 हर शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे कानपुर से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2:55 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 26 दिसंबर 2025 तक यात्रियों को कुल 26 सेवाएं देगी।
यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में कोचों की संरचना भी बदली गई है। अब इसमें एक एसी टू-टियर, चार एसी थ्री-टियर, पांच स्लीपर कोच, आठ सामान्य द्वितीय श्रेणी और दो सामान्य श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन लगाए जाएंगे।
आगामी त्योहारों और छुट्टियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई ये सेवाएं न सिर्फ यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करेंगी, बल्कि मुंबई से उत्तर भारत जाने वाले यात्रियों की यात्रा को भी सुगम बनाएंगी।
बीजेपी सरकार ने सौंप दिया शिक्षा को माफियाओं के हाथ
शिक्षा को व्यापार की तरह चलाया जा रहा माफियाओं के हाथों
पचास हजार के ऊपर सरकारी स्कूल बंद
हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां
निःशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें
दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासन में बच्चों को दिया गया शिक्षा का अधिकार
सरकारों का लोकलुभावन नारा ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ ..
18℅ की GST लगाकर सरकार ने किया आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित
गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी न पढाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक
उत्तर प्रदेश के 70 प्रतिशत इंजीनियर बेकार
देश में लाखों कॉलेज विश्वविद्यालय नेताओं या उनके रिश्तेदारों के…!
धर्म की सियासत चमकाने में व्यस्त बीजेपी सरकार
बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 60℅ सरकारी स्कूल बंद
पांच किलो मुफ्त राशन गर्म तवे पर पानी की बूंद जैसा
मुफ्त राशन प्रचार में राशन खर्च से अधिक विज्ञापन का खर्च
विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकार
95℅ जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र
मुंबई: बीजेपी के कथित चाणक्य अमित शाह ने अंग्रेजी नहीं पढ़ने की वकालत की है। लेकिन सबसे पहले उन्हें अपने बेटे को जिसे बीसीसीआई का सेक्रेटरी दबाव में बनाया है, इससे कहें कि अंग्रेजी न बोले। इसके साथ ही अपनी सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को पार्टी से बाहर करें जो विदेश से पढ़कर आए हैं क्योंकि वहां अंग्रेजी ही पढ़ाई जाती है। साथ ही उन मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी जिनके बेटे, बेटियां विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे और जो वहां सेटल्ड हो चुके हैं।
देश के सारे कॉन्वेंट स्कूल बंद कर दें। सीबीएससी जिसमें अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा दी जाती है उसकी मान्यताएं खत्म कर दें। संसद में अंग्रेजी बोलने, सेक्रेटरियो द्वारा अंग्रेजी बोलने लिखने की मनाही कर दें। यहां तक कि संसद में अंग्रेजी बोलने वालों को बरखास्त कर दें। तब आम गरीब आदमी या देशवासियों से अंग्रेजी पढ़ने को मना करें। लेकिन अब कोई छात्र किस मीडियम में पढ़ेगा। किस भाषा में बात करेगा सरकार इस पर रोक कैसे लगा सकती है?
बीजेपी सरकार ने सौंप दिया शिक्षा को माफियाओं के हाथ
एक तो वैसे ही बीजेपी सरकार ने शिक्षा को माफियाओं के हाथों में सौप दिया है, जिसे व्यापार की तरह चलाया जा रहा है। मनमानी फीस की वसूली की जा रही है। स्कूल बैग, जूता, मोजा और किताबें वह भी प्राइवेट स्कूलों की जिनका मूल्य चार सौ से कम नहीं है। उसमें भी कमीशन मिलता है। तमाम प्राइवेट स्कूलों में न लाइब्रेरी है, न कंप्यूटर हाल और ना ही साइंस लैब।
फिर भी स्कूलों को दो चार लाख रुपए लेकर मान्यताएं दी जा रही है, जहां शिक्षा के नाम पर नील बटा सन्नाटा है। ट्यूशन पढ़ने के लिए बच्चों पर दबाव डाला जाता है। सरकार जिसका दायित्व है कि निःशुल्क शिक्षा देना।नहीं दे रही। तमाम सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। स्कूलों को मर्च किया जा रहा दूर के स्कूलों में।
हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां
शिक्षक आंदोलन रत हैं। बिजली कर्मचारी आंदोलन रत हैं, लेकिन बीजेपी सरकारें दो कार्य कर रही। अब तक पचास हजार से ऊपर तक के सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां किए जाने पर हाईकोर्ट ने सारी नियुक्तियां रद्द कर दी हैं। वहीं शिक्षा निःशुल्क देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें। प्राइवेट स्कूलों की सालाना फीस लाखों में रखी गई है।
उसके अलावा हर वर्ष एडमिशन फीस और तमाम तरह की फीस की वसूली की जा रही है। यहां तक कि फीस जमा नहीं कर पाने वाले छात्रों को गेट से ही घर लौटाया जा रहा। केंद्र सरकार की नाक के नीचे दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल द्वारा तीन साल में हजारों रुपए बढ़ा दिए जाने और छात्रों के घर लौटाए जाने के कारण अभिभावकों को आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ा था।
दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासन में बच्चों को दिया गया शिक्षा का अधिकार
दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासन में बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिया गया। अगर पांच दस वर्ष जीवित रहते तो शिक्षा को समवर्ती सूची से निकालकर समूचे देश में एक ही शिक्षा पद्धति लागू कर देते। पाठ्यक्रम भी एक होते ताकि असमय स्थल परिवर्तन का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। छः से चौदह वर्ष आयु तक शिक्षा का अधिकार देने के बाद उनकी योजना कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी निःशुल्क शिक्षा का अधिकार दे देते। लेकिन देश का दुर्भाग्य उनकी मृत्यु की साजिश रची गई।जिससे उनका शिक्षा को लेकर सारी योजना ही बंद हो गई।
सरकारों का लोकलुभावन नारा ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ ..
अब तो सरकारें सारे के सारे सरकारी स्कूल बंद करने पर तुली हुई हैं। हमारी सरकारों ने नारे बड़े लोकलुभावन दिए थे, कि “पड़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया” लेकिन कार्य उसके ठीक विपरित किए जा रहे हैं। भारी भरकम फीस के कारण लाखों छात्र पांचवीं और आठवी कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने के लिए बाध्य हो जाते हैं। प्राइवेट स्कूलों कॉलेजों में पढ़ा पाना देश के नब्बे प्रतिशत लोगों के बूते में नहीं है।
18℅ की GST लगाकर सरकार ने किया आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित
शिक्षा पर 18% की जीएसटी लगाकर सरकार ने आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर दिया है। कैसे पड़ेगा इंडिया और कैसे बढ़ेगा इंडिया? देश में एक भी कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसा नहीं है जो दुनिया के टॉप दो सौ विश्वविद्यालयों में स्थान पा सके। इसका कारण है शिक्षा मद में केंद्र सरकार द्वारा कटौती।
गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी न पढाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक
अंग्रेजी भाषा अंतरराष्ट्रीय भाषा है। अंग्रेजी पढ़े लिखे छात्रों को ही खुद अपने ही देश में प्राइवेट जॉब मिल पाता है। बिना अंग्रेजी के कहीं भी कोई पूछता तक नहीं है। विदेश जाने, उच्च शिक्षा प्राप्ति अथवा जॉब पाने के लिए अंग्रेजी टेस्ट अनिवार्य है। ज्ञान विज्ञान की समस्त पुस्तकें अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए अरबों खरबों रूपये व्यय करने होंगे। बिना अंग्रेजी ज्ञान के कोई भी विदेश जाकर उच्च शिक्षा या नौकरी या व्यवसाय कर ही नहीं सकता। ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी नहीं पढ़ाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक है।केंद्रीय मंत्री को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।
निःशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें
जबकि शिक्षा को व्यापार करने की छूट कदापि नहीं दी जानी चाहिए। सरकार का दायित्व है, कि सभी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करना। लेकिन सरकार अपने दायित्व पालन से भाग रही है। निःशुल्क शिक्षा प्रशिक्षण देकर प्रति परिवार एक रोजगार के संसाधन जुटाना सरकार का दायित्व है। जब नब्बे प्रतिशत बच्चे पढ़ेंगे नहीं तो आगे कैसे बढ़ेंगे। शिक्षा का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि उत्तर प्रदेश के सत्तर प्रतिशत इंजीनियर बेकार हैं। उन्हें ज्ञान ही नहीं है कि प्राइवेट शिक्षा संस्थान प्रैक्टिकल कहां करते हैं? बिना प्रेक्टिकल के ज्ञान कैसे आयेगा?
देश में लाखों कॉलेज विश्वविद्यालय नेताओं या उनके रिश्तेदारों के हैं जिनका लक्ष्य दौलत अर्जित करना है। इसीलिए सरकार शिक्षा को माफियाओं के हाथों सौंप चुकी है। सरकार डरती है कि कहीं शिक्षा व्यवसाय पर नकेल कसी गई तो उसके लोग ही सरकार गिरा देंगे। सत्ता बचाने के लिए देश के एक सौ चालीस करोड़ लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना सरकार को शोभा नहीं देता। शायद यही वजह है, कि सरकार को चुनाव जीतने के लिए धर्म, नफरत का सहारा लेना पड़ रहा है। अपने वादों को जो कभी पूरे ही नहीं किए सरकार ने, वोट मांगने की हिम्मत ही नहीं है। इसलिए धर्म की सियासत चमकाने का कार्य कर रही सरकार।
बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 60℅ सरकारी स्कूल बंद
सिर्फ़ दो बीजेपी शासित राज्यों मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में ही 60% सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। दोनों राज्यों के दो करोड़ बच्चे चौथी या आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं। महंगाई इतनी बढ़ गई है, कि पांच किलो मुफ्त राशन गर्म तवे पर पानी की भी बूंद जैसा नहीं है। माता पिता मेहनत करते हैं। महीने में आठ से दस दिन मजदूरी मिलती है शेष दिन फांका कटता है। परिवार का पेट भरे कि बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में महंगी शिक्षा लेने भेजें?
95℅ जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र
दरअसल पांच किलो मुफ्त राशन का प्रचार करने में राशन खर्च से अधिक विज्ञापन खर्च आ जाता है। विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकारें नहीं चाहती कि अस्सी करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ पाएं। ऊपर से अंग्रेजी नहीं पढ़ाने की वकालत? यह वकालत वे लोग करते हैं जो कभी अंग्रेजों की दलाली करते और गांधी के आंदोलन को कुचलने के लिए वायसराय को खत लिखा करते थे। आज उन्हीं की औलादें सत्ता में आई हैं, तो देश को निरक्षर रखने के तमाम उपाय करते रहते हैं। विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था चंद पूंजीपतियों की है जबकि सच तो यह है कि देश की 95% आबादी बीजेपी शासन में हैंड टू माउथ हो चुकी है।
विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकार
इतने टैक्स तो लुटेरे अंग्रेजों ने भी नहीं लगाए थे जितनी हिंदुत्ववादी सरकार टैक्स लगाकर 95% जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र करती है। गरीबी झेली है। गरीब मां का बेटा हूं। बर्तन माजती थी मां कहने वाले पीएम दिन में पांच ड्रेस वह भी लाखों के बदलते रहते हैं। नेहरू पर आरोप लगाने वाले सोचें कहां राजा भोज कहां गंगू तेली। नेहरू परिवार आजादी के पहले से ही संपन्न रहा था। उनकी बराबरी तो क्या पैरों की धूल बराबर आज कोई नेता नहीं। हर मोर्चे पर नाकाम सरकार केवल विज्ञापनों, व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के द्वारा ब्रेन वाश करके मूर्ख बनाती और धर्म आस्था के नाम पर वोट मांगती सरकार।
आगरा में एक प्राइवेट अस्पताल ही नहीं समूचे देश में आग लगने की साजिश बेनकाब हो गई। मामला आगरा के एक प्राइवेट अस्पताल का है। जहां एक दलित अपने रोगी का इलाज कराने आता है। जैसे ही गेट के भीतर पहुंचता है, उस व्यक्ति ने राष्ट्र के दो महान पुरुषों की फोटो फर्श पर चिपकी देखी। एक फोटो गौतम बुद्ध की तो दूसरी बाबा साहेब आंबेडकर की थी। दलित जब इन तस्वीरों को फर्श पर चिपकी देखता है तो उसके मन में ख्याल आता है कि अस्पताल में आने वाले लोगों के पैरों तले इन महापुरुषों की तस्वीर कुचले जाएंगे। इससे उनका अपमान होगा उक्त संबंध में वह व्यक्ति जब गार्ड से कहता है तो गार्ड अत्यंत बेरुखी से जवाब देता है, तुम जिस काम से आए हो, अपना काम करो, फालतू चक्कर में मत पड़ो। लेकिन व्यक्ति रुक जाता है और वह अपने नेता रावण उर्फ चंद्रशेखर को इसकी सूचना देता है। फिर क्या था? चंद्रशेखर सदल बल आ धमकते हैं। अपने अनुयायियों को बाहर रोककर वे अंदर जाते और वास्तविकता देखकर मैनेजर को बुलवाते हैं। मैनेजर इस घटना की जानकारी नहीं होने की बात कहता है तब अस्पताल मालिक को बुलाया जाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल मालिक चंद्रशेखर के साथ cctv देखने लगते हैं। सुबह के फुटेज में कुछ नहीं मिलता तो गत रात का वीडियो देखने लगते हैं जिसमें काला कपड़ा पहने और मुंह ढके दो लोग दिखते हैं। फोटो फर्श पर चिपकाकर जब लौटकर गेट पर पहुंचते हैं तो एक अपना चेहरा खोल देता है। यह वॉचमैन का चेहरा है। पुलिस आ जाती है वॉचमैन से कड़ी पूछ ताछ करने पर दूसरा व्यक्ति आजाद की पार्टी का पदाधिकारी निकलता है। रावण उसे पार्टी से निकलकर पुलिस को सौप देते हैं। बता दे कि दलित आंबेडकर और महात्मा बुद्ध को भगवान मानते हैं। शुक्र है कि सीसीटीवी में खुलासा हो गया। अगर सीसीटीवी बंद रहता तो निश्चित ही अस्पताल में तोड़ फोड़ के साथ एक बार फिर आगरा में अराजकता का नग्न तांडव शुरू हो जाता। तोड़ फोड़ आगजनी और शक्ति प्रदर्शन का दौर शुरू हो जाता।
उत्तर प्रदेश की पुलिस ने मुंबई के मालाड़ में दबिश देकर एक 50 हजार के नामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। कई वर्षों से फरार चल रहा था ये रवि पुजारी गैंग का सक्रिय सदस्य।
लखनऊ: यूपी एसटीएफ (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। यूपी एसटीएफ (STF) ने कुख्यात अपराधी संजू डोकरे जो 50,000 का इनामी बदमाश है, उसे मुंबई के मलाड वेस्ट से गिरफ्तार किया है। जनपद कौशांबी में थाना कोखराज में वर्ष 2022 में हुए बहुचर्चित लूट कांड के आरोपी को मालाड़ पश्चिम के नर्सिंग लेन स्थित लाइफ लाइन हॉस्पिटल से गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जाता है कि अंडरवर्ल्ड से जुड़े रवि पुजारी गैंग का संजू डोकरे सक्रिय सदस्य भी है। Sanju Dokre, an active member of Ravi Pujari gang, arrested from Malad in Mumbai
30 लाख की लूटपाट
साल 2022 में जनपद कौशांबी में हुई 30 लाख रुपये की लूट की घटना में संजू डोकरे भी शामिल था। उसने अपने साथियों रोशन यादव, कीर्ति सिंह सोलंकी, विपुल पटेल और अन्य के साथ मिलकर गुजरात जा रहे एक व्यापारी को निशाना बनाया था। यह लूट उस समय पूरे यूपी में सुर्खियों बनी रही। संजू डोकरे, मुंबई के मालाड ईस्ट इलाके का निवासी है और उस पर लूट, डकैती, मारपीट और रंगदारी जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में विभिन्न पुलिस थानों में अनगिनत मुकदमे दर्ज हैं।
कुख्यात अपराधी संजू डोकरे महाराष्ट्र का घोषित हिस्ट्रीशीटर है और वह लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। एसटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे मुंबई से दबोच लिया है। एसटीएफ अब उससे पूछताछ कर रही है, इसके बाद गैंग के अन्य सदस्यों और नेटवर्क से जुड़ी और भी अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। Sanju Dokre, an active member of Ravi Pujari gang, arrested from Malad in Mumbai
CO STF (प्रयागराज) शैलेश प्रताप सिंह की अगुवाई में इंस्पेक्टर एसटीएफ जयप्रकाश राय के नेतृत्व में टीम अभिसूचना संकलन की कार्रवाई की गई। STF के इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह हेड कांस्टेबल अजय सिंह यादव, उदय प्रताप सिंह, अजय कुमार यादव आरक्षी चालक अखंड प्रताप पांडे की टीम ने शातिर अपराधी एवं 50 हजार के इनामी संजू डोकरे को महाराष्ट्र के मलाड वेस्ट से जाल बिछाकर हिरासत में लिया है। Sanju Dokre, an active member of Ravi Pujari gang, arrested from Malad in Mumbai
Mumbai News: एक छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अश्लील कंटेंट पर क्लिक क्या कर दिया जालसाजों ने उसे ऐसा फंसाया कि उनसे बचने के लिए उसे पुलिस के पास दौड़कर जाना पड़ा। हालांकि पुलिस भी अब बस लड़के को संमझाने का काम कर रही है।
मुंबई: अगर आप इंस्टाग्राम या किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेंट के लालच में आकर किसी लिंक पर क्लिक करते हैं, तो यह आपके लिए बहुत भारी पड़ सकता है। इसमें न सिर्फ मानसिक, बल्कि आर्थिक रूप से भी आप को तोड़ कर रख सकता है। हालांकि सरकारी सभी सुरक्षा एजेंसियां ऐसे खतरे से दूर रहने की अपील करती रहती है। लेकिन सोशल मीडिया पर आजकल जिस तरीके से अश्लीलता फैल रही है उसकी जाल से बच पाना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। इसका कारण भी हमारी ही मानसिकता है। जो अश्लीलता के पीछे अपना होश खो बैठते हैं।
लड़के को कैसे फंसाया?
मुंबई के भांडुप इलाके से ऐसी ही एक घटना प्रकाशमें आ रही है। यहां एक कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र ने इंस्टाग्राम (Instagram) के एक अश्लील कंटेंट पर क्लिक किया, जिसमें अश्लील फोटो और वीडियो कॉल का वादा किया गया था। इसमें एक व्हाट्सएप (WhatsApp) लिंक दिया गया था और दूसरी तरफ से लालच देने के लिए कुछ न्यूड फोटो भेज कर सब्सक्राईब करने को कहा गया जिसमें शुरुआती 2000 रुपये फीस बताया गया। इसमें बताया गया कि ग्राहक को लड़कियों की न्यूड फोटो और विडियो कॉल की सुविधा दी जाएगी। लेकिन जल्द ही यह लालच का खेल एक बड़े जाल में तब्दील हो गया।
यूपी पुलिस का आया कॉल
पहले उसे छोटी-छोटी फीसों के नाम पर कुल 4999 रुपये तक का भुगतान करवाया गया। जब उसने और पैसे देने से इनकार किया, तो एक नए नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को “रविंद्र सिंह, यूपी पुलिस” का अफसर बताया और छात्र को धमकाया कि उस पर एक लड़की के यौन उत्पीड़न का केस दर्ज है। डर के मारे छात्र ने अलग-अलग किश्तों में कुल 2.74 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पैसे खतम होने लगे तो लड़के को कोई रास्ता समझ नहीं आया।
जैसे ही छात्र को ठगी का एहसास हुआ, उसने भांडुप पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन पुलिस भी उस लड़के के पैसों को वापस लाने में विफल हो रही है। कारण बैंक खाता धारक ने खुद ही अपनी मरजी से पैसे ट्रांसफर किए थे। शुरुआत में लड़के ने जो पैसे ट्रांसफर किए वो इसलिए कि वह अपनी इज्जत को शर्मसार होने से बचा सके। लेकिन क्या ऐसा हुआ, नहीं। उलटे पैसे भी गए और पुलिस का सहारा लेना पड़ा। गलती तो उस लड़के की है जो अश्लीलता के लालच में जालसाजों के झांसे में फंस गया। लोगों से अपील की जाती है कि ऐसे किसी भी आपत्तिजनक सामग्री से दूर रहे, वरना पैसा ही नही और भी चीजों का नुकसान हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के अमेठी मे एक शादी के दौरान तंदूरी रोटी को लेकर बारातीयों में विवाद हो गया। बाद में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में मारा-पीटा के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शादी के दौरान तंदूरी रोटी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस विवाद को लेकर पहले कहासुनी हुई और फिर मारपीट होने लगी। मारपीट में दो लोगों की मौत भी हो गई है। बताया जा रहा है कि बारात में तंदूरी रोटी को लेकर विवाद हुआ था। वहीं घटना के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने एफआईआर में नामजद छह लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। (Fight broke out at a wedding over tandoori roti, 2 dead, 6 arrested)
बारात के दौरान हुआ विवाद
दरअसल, पूरा मामला गौरीगंज थाना क्षेत्र के सहाय हृदय शाह गांव का है। बताया जा रहा है कि यहां तीन मई की रात को दो पक्षों में विवाद हो गया था। यहां जामों थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव से एक बारात आई हुई थी। इस बारात में जो दूल्हा था, वो गांव के प्रधान राम जियावन वर्मा का बेटा था। वहीं गौरीगंज के राजगढ़ वोधघन का 18 वर्षीय पुरवा निवासी रवि और 17 वर्षीय आशीष दुल्हन पक्ष की ओर से मेहमान बनकर आए थे। पुलिस ने बताया कि विवाह में खाने के दौरान तंदूरी रोटी को लेकर दोनों पक्षों के बींच बहस हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासूनी के बाद हाथापाई भी होने लगी। (Fight broke out at a wedding over tandoori roti, 2 dead, 6 arrested)
अमेठी की पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने कहा, “दोनों पीड़ितों की चोटों के कारण मौत हो गई। शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में नामजद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।” वहीं पुलिस ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अमेठी जिलवे के गौरीगंज थाने में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। (Fight broke out at a wedding over tandoori roti, 2 dead, 6 arrested)
बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में जाट फिल्म ने धमाल मचा दिया है। बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार इंट्री के बाद फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की खूब प्रशंसा की जा रही है।
उत्तरप्रदेश/प्रयागराज- हाल ही में रिलीज़ हुई हिंदी फिल्म “जाट” ने दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीतते हुए बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। एक ओर जहां फिल्म की दमदार कहानी और प्रभावशाली अभिनय की चर्चा हो रही है, तो वहीं पर्दे के पीछे एक अहम भूमिका निभाने वाले कास्टिंग डायरेक्टर “आलोक सिंह” को भी खूब सराहा जा रहा है। एक्टर, कोएक्टर के साथ साथ डायरेक्ट भी आलोक सिंह की प्रशंसा करते नही थक रहे हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)
कास्टिंग का महत्व
कास्टिंग असल में फिल्म की जान होती है। फिल्म और कहानी के हिसाब से कैरेक्टर का चयन ही फिल्म की कामयाबी का अहम हिस्सा होता है। जाट फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की प्रशंसा इसी बात को लेकर हो रही है। जाट फिल्म एक गंभीर सामाजिक एवं राजनीतिक विषय पर आधारित है, इस फिल्म में पहचान, आत्मसम्मान और सत्ता की जंग को बेहद वास्तविक अंदाज में दर्शाया गया है। फिल्म की प्रामाणिकता और भावनात्मक गहराई का सबसे बड़ा श्रेय आलोक सिंह को ही जाता है, जिन्होंने पात्रों के अनुरूप सटीक कलाकारों का चयन कर फिल्म में जान डाल दी। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)
फिल्म के डायरेक्टर ‘गोपीचंद मलिनेनी’ ने आलोक सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘आलोक ने फिल्म की आत्मा को शुरुआत से ही समझ लिया था। उनकी कास्टिंग इतनी सटीक थी कि हर किरदार ने दर्शकों के दिलों में जगह बना ली। यह फिल्म उनकी कास्टिंग एक्सपीरिएन्स के बिना अधूरी होती।’ (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)
नए चेहरों का एडजस्टमेंट
फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले एक्टर की प्रदर्शन की तुलना बॉलीवुड की कुछ सबसे यादगार कैरेक्टरों से की जा रही है। वहीं सहायक किरदारों में भी नए चेहरों की मौजूदगी ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ दी। आलोक सिंह की खासियत यही मानी जा रही है कि वे नए और प्रतिभाशाली कलाकारों को मौके देते हैं और उन्हें सही दिशा में तराशते हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)
फिल्म इंडस्ट्री
आलोक सिंह ने पिछले कुछ वर्षों में कास्टिंग के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जाट फिल्म की सफलता ने उनके करियर को एक नई ऊंचाई दी है। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें अब एक ऐसे कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी समझ न सिर्फ तकनीकी है, बल्कि वह कहानी की आत्मा को समझते हुए कास्टिंग को एक कलात्मक रूप देते हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)
चर्चा हुई तेज़
जैसे-जैसे जाट फिल्म की बॉलीवुड में लोकप्रियता बढ़ रही है और फिल्म विभिन्न पुरस्कारों की दौड़ में शामिल हो रही है, वैसे-वैसे आलोक सिंह की प्रतिभा की चर्चा भी तेज़ हो रही है। फिल्म के साथ-साथ उनके काम को भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)
बोरीवली रेलवे प्लेटफार्म से ट्रॉली बैग लेकर रफूचक्कर होनेवाले शातिर चोर को रेलवे पुलिस ने 1 लाख 30 हजार के सोने के गहनों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने चुराए हुए कीमती गहनों को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज लेजाकर बेच आया था। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)
मुंबई- बोरीवली रेलवे पुलिस ने एक ऐसा केस सुलझाने में कामियाबी हासिल की है। जिसको लेकर मुंबई रेलवे पुलिस बल में चर्चा का विषय बना हुआ है। 1 मार्च 2025 की चोरी की घटना में पीड़ित परिवार का ट्रॉली बैग गाड़ी से उतरते समय प्लेटफॉर्म पर ही छुट गया था। जिसमें उनके कपड़ों के साथ कीमती सोने के लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये के गहने भी शामिल थे। मौके का फायदा उठाते हुए अज्ञात आरोपी बैंग चुराकर रफूचक्कर हो गया और जब पकड़ा भी गया तो मालूम हुआ कि आरोपी ने चोरी के गहने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लेजाकर बेच दिया है। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)
पुलिस की टीम
बोरीवली रेलवे पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतिश शिंदे ने बताया, कि घटना की जानकारी मिलते ही क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक कांबळे की निगरानी में एक टीम गठित की गई। जिसमें पुलिस उपनिरीक्षक राजेश वरणे, पुलिस उपनिरीक्षक प्रकाश साळुंके, पुलिस हवलदार एजाज शेख, पुलिस हवलदार निलेश देवरूखकर, महिला पुलिस हवलदार संगीता दुबे, सिपाही धनराज कोळी, विजय शिरोसे, निलेश घुटे, तुषार पवार को नियुक्त कर केस की छानबीन शुरू की गई। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)
घटना की जानकारी
बोरीवली रेलवे पुलिस थाने के क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक कांबळे ने बताया कि घटना 1 मार्च की है। जब 29 वर्षीय शिकायतकर्ता आकाश शिवदास मेवाती अपने तीन परिवारिक सदस्यों के साथ गरीबरथ एक्सप्रेस ट्रेन से बोरीवली प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर उतरा तो आनन फानन में उसे अगली ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर 10 पर जाना था। जब पीड़ित अपने परिवार के साथ 10 नंबर प्लेटफॉर्म पर पहुंचा तो उसे याद आया कि उसका एक ट्रॉली बैग प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर ही छुट गया है। वहां जाकर पता लगाया तो बैग नही मिला। आस पास पूछताछ के बाद उसने शिकायत काउंटर पर इसकी सूचना दी। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)
रेलवे पुलिस को इसकी सूचना मिलते ही जब प्लेटफॉर्म का सीसीटीवी फुटेज चेक किया गया तो पता चला कोई अज्ञात व्यक्ति ट्रॉली बैग लेकर जमा करने के बजाय रेलवे स्टेशन के बाहर लेकर जा रहा है। पुलिस ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति की सीसीटीवी फुटेज और फोटो FRS सिस्टम में स्थापित कर चोर की खोजबीन शुरू कर दी गई। आखिरकार 14 अप्रैल को प्लेटफार्म नंबर 10 पर एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा गया। जब उसे पुलिस स्टेशन में लाकर पूछताछ की गई तो मामला साफ हो गया। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)
पीड़ित परिवार
पीड़ित परिवार ठाणे जिले के भिवंडी पश्चिम, कोल्हेर भिवंडी रोड़, कशेनी टोल नाका, नीलकंठ कॉम्पलेक्स का रहने वाला है। जो 28 फरवरी हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी नंबर 12 में सवार हुए थे। जब 1 मार्च को ट्रेन बोरीवली रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उनके साथ घटना हो गई। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)
कहाँ का निकला चोर?
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार 35 वर्षीय आरोपी का नाम अरविंदकुमार राधेश्याम हरिजन है। जो पेशे से मजदूरी करता है और बोरीवली पश्चिम के गोराई पेप्सी ग्राउंड के नजदीक बनी नई इमारत का रहने वाला है। पुलिस ने जब चोरी के गहने जिसमें सोने के पेंडल वाला 18 ग्राम मंगलसूत्र और 8 ग्राम सोने के कान के झुमके के बारे पूछताछ की तो आरोपी ने बताया कि वह अपने मुल निवास किराव धनुपुर, हण्डिया तालुका, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में बेच दिया है। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतिश शिंदे ने बताया, कि वरिष्ठ अधिकारियों से सारे कानूनी परवानगी प्राप्त करने के बाद एक टीम गठित की गई और टीम को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज भेजा गया जहां से चुराए हुए 26 ग्राम कुल 1 लाख 30 हजार रुपये के सोने के गहनों को वापस मुंबई लाया गया। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)
Mumbai Crime News: मुंबई के चेंबूर इलाके में बिल्डर पर फायरिंग के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, बेलापुर के रहने वाले बिल्डर सदरुद्दीन खान पर चेंबूर के डायमंड गार्डन के पास बुधवार रात को गोलीबारी हुई थी। इस मामले को लेकर मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि फायरिंग पैसों के लेन-देन को लेकर हुई है। मिरारोड के रहने वाले फिरोज खान ने बिल्डर की हत्या करने के लिए शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित 50 वर्षीय बिल्डर सदरुद्दीन खान पर भी कई अपराधिक रिकार्ड दर्ज है। खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मिरारोड के रहने वाले मुख्य आरोपी फिरोज खान को मुंबई क्राईम ब्रांच ने उसके घर से गिरफ्तार किया है। जबकि, सदरुद्दीन पर गोलियां चलाने वाले शूटर अफसर खान को लोकल पुलिस ने धारावी इलाके से गिरफ्तार किया। 20 वर्षीय शूटर अफसर खान वारदात के बाद से ही धारावी में छिपा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)
जमीन विवाद में की हत्या की साजिश
मीरा रोड से गिरफ्तार फिरोज खान का दावा है कि मुंब्रा के शीलफाटा इलाके में उसकी एक एकर जमीन उसने सदरुद्दीन को 9 करोड़ रुपये में बेची थी। सदरुद्दीन ने वो जमीन खरीद तो ली लेकिन उसके बदले में पैसे नहीं दिए, बल्कि पैसों के लिए टाल-मटोल करता रहा। फिरोज ने आगे दावा किया कि इसी बीच सदरुद्दीन ने उस जगह पर बिल्डिंग बनाकर उसे बेच भी दिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)
आरोपी ने ये भी दावा किया कि लगातार 2 सालों से पैसे की मांग पर भी सदरुद्दीन उसे पैसे नहीं दे रहा था, जिसकी वजह से उसने सदरुद्दीन को मारने की प्लानिंग की और शूटर अफसर को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले मुंबई बुला लिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)
हमले से पहले इलाके की रेकी
वहीं सूत्रों ने दावा किया है कि शूटर ने सदरुद्दीन पर हमला करने से पहले कई बार बिल्डर का पीछा किया और पूरे इलाके की रेकी भी की। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, फायरिंग वाली रात फिरोज बाइक चला रहा था और शूटर अफसर पीछे बैठा था। सायन इलाके से दोनों सदरुद्दीन का पीछा कर रहे थे और जैसे ही गाड़ी चेंबूर के डायमंड गार्डन के सिग्नल पर रुकी वैसे ही फिरोज ने शूटर को फायरिंग के लिए कहा। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)
कब हुई फायरिंग ?
पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आरोप है कि 50 वर्षीय खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहा हैं। इसके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना उस समय हुई जब खान अपनी लग्जरी एसयूवी गाड़ी से धारावी स्थित कार्यालय से नवी मुंबई के लिए अपने घर लौट रहा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)