Category: North India

  • Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    कैनरा बैंक ने 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका है ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड और बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का। आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: अगर आप हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। Canara Bank ने पूरे भारत में 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है।
    यह मौका सिर्फ एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक सुनहरा गेटवे है बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत का।

    📅 आवेदन की तारीखें और ज़रूरी डिटेल

    इवेंटतारीख
    आवेदन शुरू होने की तारीख23 सितंबर 2025
    आवेदन की आखिरी तारीख12 अक्टूबर 2025
    NATS पोर्टल रजिस्ट्रेशन शुरू22 सितंबर 2025

    👉 आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन मोड में किया जाएगा।

    🏦 कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती के मुख्य पॉइंट्स

    • कुल पद: 3500
    • पोस्ट का नाम: Graduate Apprentice
    • सैलरी (स्टाइपेंड): ₹15,000 प्रति माह
    • जॉब लोकेशन: पूरे भारत में
    • आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष
    • शैक्षणिक योग्यता: किसी भी विषय में ग्रेजुएशन (1 जनवरी 2022 के बाद और 1 सितंबर 2025 से पहले पास होना चाहिए)

    📍 राज्यवार वैकेंसी डिटेल

    राज्यसीटें
    कर्नाटक591
    उत्तर प्रदेश410
    तमिलनाडु394
    आंध्र प्रदेश242
    केरल243
    महाराष्ट्र201
    पश्चिम बंगाल150
    तेलंगाना132
    बिहार119
    हरियाणा111
    मध्य प्रदेश111
    कुल3500

    👉 उम्मीदवार सिर्फ एक राज्य के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    🎓 योग्यता और पात्रता शर्तें

    • उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए।
    • जिन्होंने पहले से कोई अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग की है या जिनके पास एक साल से अधिक का जॉब अनुभव है, वे पात्र नहीं हैं।
    • आयु सीमा (1 सितंबर 2025 तक):
    • न्यूनतम: 20 वर्ष
    • अधिकतम: 28 वर्ष

    🔸 आयु में छूट (Relaxation)

    • SC/ST: 5 साल
    • OBC (NCL): 3 साल
    • PwBD: 10 साल
    • विधवा/तलाकशुदा महिलाएं: 35-40 वर्ष तक (कैटेगरी अनुसार)

    💰 स्टाइपेंड और ट्रेनिंग बेनिफिट्स

    कैनरा बैंक के अप्रेंटिस को हर महीने ₹15,000 का स्टाइपेंड मिलेगा।

    • ₹10,500 बैंक की तरफ से सीधे अकाउंट में
    • ₹4,500 सरकार की तरफ से Direct Benefit Transfer (DBT) के ज़रिए

    यह राशि एक साल की ट्रेनिंग अवधि के लिए तय की गई है।

    ध्यान दें — अप्रेंटिस को किसी प्रकार का HRA, DA या अन्य भत्ता नहीं मिलेगा, लेकिन बैंकिंग सेक्टर की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और अनुभव सबसे बड़ा लाभ है।

    🧩 चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा।

    प्रक्रिया इस प्रकार है:

    1. मेरिट लिस्ट: उम्मीदवार के 12वीं (HSC) या डिप्लोमा के मार्क्स के आधार पर बनाई जाएगी।
    2. टाई-ब्रेकर: समान प्रतिशत वाले उम्मीदवारों में उम्र अधिक वाले को वरीयता दी जाएगी।
    3. न्यूनतम अंक:
    • सामान्य वर्ग – 60%
    • SC/ST/PwBD – 55%
    1. डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और लोकल लैंग्वेज टेस्ट
    • जिस राज्य के लिए आवेदन किया है, उसी राज्य की भाषा में टेस्ट होगा (अगर 10वीं/12वीं में भाषा पढ़ी हो तो छूट)।
    1. मेडिकल फिटनेस: अंतिम चयन से पहले मेडिकल टेस्ट पास करना ज़रूरी।

    🌐 आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

    आवेदन से पहले तैयार रखें:

    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • सिग्नेचर
    • बाएं हाथ का अंगूठा निशान
    • हस्तलिखित घोषणा (Declaration)
    • ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
    • शैक्षणिक दस्तावेज़

    आवेदन के स्टेप्स:

    1. NATS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (https://nats.education.gov.in)
    2. प्रोफाइल 100% पूरी करें और एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
    3. कैनरा बैंक की वेबसाइट पर जाएं – [canarabank.com → Careers → Recruitment]
    4. “Engagement of Graduate Apprentices 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    5. “New Registration” पर जाकर बेसिक जानकारी भरें।
    6. आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
    7. ₹500 फीस ऑनलाइन पे करें (General/OBC/EWS के लिए)।
    8. फाइनल सबमिट कर आवेदन प्रिंट निकाल लें।

    💵 आवेदन शुल्क (Application Fees)

    कैटेगरीफीस
    SC/ST/PwBDNIL
    General/OBC/EWS₹500/-

    🤔 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1️⃣ कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं?
    👉 आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    2️⃣ इस भर्ती के लिए परीक्षा होगी या नहीं?
    👉 नहीं, चयन मेरिट (12वीं/डिप्लोमा मार्क्स) के आधार पर होगा।

    3️⃣ क्या अप्रेंटिस को परमानेंट नौकरी मिलेगी?
    👉 यह एक साल का अप्रेंटिस प्रोग्राम है, लेकिन प्रदर्शन अच्छा होने पर भविष्य में स्थायी अवसरों की संभावना बढ़ सकती है।

    4️⃣ स्टाइपेंड कितना मिलेगा?
    👉 कुल ₹15,000 प्रति माह — जिसमें ₹10,500 बैंक और ₹4,500 सरकार की तरफ से मिलेगा।

    5️⃣ कौन आवेदन नहीं कर सकता?
    👉 जिनके पास पहले से एक साल से ज़्यादा का जॉब अनुभव है या जिन्होंने पहले अप्रेंटिसशिप की है, वे आवेदन नहीं कर सकते।

  • चुनाव आयोग की आज़ादी पर सवाल: लोकतंत्र में ‘फेयर गेम’ की बहस फिर तेज़

    चुनाव आयोग की आज़ादी पर सवाल: लोकतंत्र में ‘फेयर गेम’ की बहस फिर तेज़

    मोदी सरकार और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के टकराव के बीच चुनाव आयोग की भूमिका पर नए सवाल उठ रहे हैं। क्या लोकतंत्र में पारदर्शिता खतरे में है या विपक्ष की सियासत सिर्फ आरोपों का खेल खेल रही है?

    🔹 लोकतंत्र या नियंत्रण?

    देश में लोकतंत्र के नाम पर सत्ता की बढ़ती पकड़ को लेकर बहस एक बार फिर तेज़ हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को दरकिनार करते हुए सरकार द्वारा बनाए गए नए कानूनों ने विपक्ष ही नहीं, बल्कि आम जनता में भी चिंता बढ़ा दी है।
    पहले दिल्ली सरकार के प्रशासनिक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनी हुई सरकार के पक्ष में फैसला दिया, मगर केंद्र ने संसद में बहुमत के आधार पर नया कानून बनाकर सारे अधिकार उपराज्यपाल को दे दिए। सवाल ये उठता है — क्या यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है या सत्ता का केंद्रीकरण?

    Questions-on-the-independence-of-the-Election-Commission-The-debate-on-fair-play-in-democracy-intensifies-again-1

    🔹 सुप्रीम कोर्ट की बेंच और सरकार का टकराव

    चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने साफ कहा था कि प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश – तीनों मिलकर नियुक्ति करेंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
    लेकिन सरकार ने इस आदेश को बदलते हुए नया कानून पास किया — जिसमें सीजेआई को हटाकर प्रधानमंत्री, उनके नामित मंत्री और नेता प्रतिपक्ष को शामिल किया गया।
    यहां भी बहुमत का समीकरण साफ दिखाई देता है – दो वोट सरकार के पक्ष में और एक विपक्ष का। ऐसे में नियुक्ति का फैसला पहले से तय माना जा रहा है।

    🔹 चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल

    देश के लोकतंत्र का स्तंभ माने जाने वाले चुनाव आयोग पर भी अब गंभीर आरोप लग रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि आयोग अब “स्वतंत्र संस्था” नहीं रह गई, बल्कि “सरकार की सुविधा आयोग” बन चुकी है।
    कई मामलों में आयोग पर वोटर लिस्ट से नाम काटने, फर्जी मतदाता जोड़ने और CCTV फुटेज न देने के आरोप हैं।
    खासकर बिहार में लाखों वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने का मामला सुर्खियों में है। विपक्ष का दावा है कि इनमें ज़्यादातर नाम सीमावर्ती मुस्लिम इलाकों के मतदाताओं के हैं।

    🔹 ईवीएम पर फिर उठे सवाल

    वोटिंग मशीन यानी EVM को लेकर भी विवाद फिर से गर्म है। कभी बीजेपी खुद कांग्रेस पर ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाती थी, लेकिन अब विपक्ष बीजेपी पर यही आरोप दोहरा रहा है।
    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, एलन मस्क और जापान की तकनीकी कंपनियों ने भी कहा कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह “हैक-प्रूफ” नहीं होती।
    फिर सवाल उठता है — जब मोबाइल, सैटेलाइट और अंतरिक्ष यान को कंट्रोल किया जा सकता है, तो EVM क्यों नहीं?

    🔹 बिहार का वोटर डेटा विवाद

    बिहार में चुनाव आयोग ने SIR सिस्टम लागू कर लगभग 65 लाख वोटरों के नाम हटाए। आयोग का कहना है कि ये नाम डुप्लीकेट या फर्जी थे, जबकि विपक्ष का आरोप है कि यह “टारगेटेड वोट डिलीशन” है।
    कई इलाकों में मृत मतदाताओं के नाम हटाने के बहाने असली मतदाताओं को लिस्ट से बाहर कर दिया गया।
    विपक्षी नेताओं का कहना है कि बिना आधार कार्ड, बिना नागरिकता सत्यापन और बिना जांच के इतने नाम कैसे जोड़े या हटाए जा सकते हैं?

    🔹 संसद में बने विवादित कानून

    सरकार ने संसद से ऐसा कानून पास किया जिसके तहत चुनाव आयोग की किसी भी कार्रवाई को लेकर कोई कोर्ट, चाहे हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट, मामला नहीं सुन सकता
    यानी आयोग चाहे जितनी मनमानी करे, उस पर न्यायिक रोक संभव नहीं।
    विपक्ष का कहना है कि यही असली “लोकतंत्र की हत्या” है — जब जनता के पास न्याय की अपील का अधिकार ही नहीं बचेगा।

    🔹 विपक्ष को खत्म करने की साजिश?

    हाल में विपक्षी नेताओं के जेल जाने की घटनाओं ने इस बहस को और हवा दी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई को विपक्ष “राजनीतिक बदला” बता रहा है।
    नए कानून में यह प्रावधान है कि अगर कोई मुख्यमंत्री या मंत्री तीन महीने से ज़्यादा जेल में रहता है, तो उसका पद स्वतः समाप्त माना जाएगा।
    विपक्षी दलों का आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर सरकार सत्ता में बैठे विपक्षी मुख्यमंत्रियों को हटाने की साजिश रच रही है।

    🔹 क्या भारत लोकतंत्र से राजतंत्र की ओर?

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर यही रफ्तार रही तो भारत में चुनाव सिर्फ “औपचारिक प्रक्रिया” बनकर रह जाएंगे।
    जब सरकार खुद ही चुनाव आयोग, प्रशासन और कानून को नियंत्रित करेगी, तो चुनाव का मतलब क्या बचेगा?
    कई विपक्षी नेताओं ने व्यंग्य में कहा कि “अब तो प्रधानमंत्री अपने उत्तराधिकारी का नाम कागज़ पर लिखेंगे और वही बाद में घोषित हो जाएगा — जैसे किसी संगठन का प्रमुख तय होता है।”

    🧩 जनता का सवाल: भरोसा किस पर करें?

    जनता अब यह सोचने पर मजबूर है कि अगर न्यायपालिका के आदेश, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विपक्ष की आवाज़ — तीनों पर अंकुश लग जाए, तो लोकतंत्र का अस्तित्व कहाँ बचेगा?
    अब ज़रूरत है कि पारदर्शिता और जवाबदेही को फिर से प्राथमिकता दी जाए। लोकतंत्र सिर्फ चुनाव का नाम नहीं, बल्कि जनता की आस्था और विश्वास का प्रतीक है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. क्या सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के नियम बदले थे?
    हाँ, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नियुक्ति में सीजेआई, प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष शामिल हों।

    Q2. सरकार ने इस आदेश को कैसे बदला?
    सरकार ने संसद में नया कानून पारित कर सीजेआई को हटाकर एक केंद्रीय मंत्री को शामिल कर दिया।

    Q3. क्या ईवीएम को हैक किया जा सकता है?
    तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम 100% सुरक्षित नहीं होता, इसलिए पारदर्शिता के उपाय ज़रूरी हैं।

    Q4. क्या बिहार में वाकई लाखों वोटर हटाए गए?
    हाँ, SIR सिस्टम के तहत लाखों नाम हटाए गए, जिनमें विपक्ष का दावा है कि बड़ी संख्या मुस्लिम मतदाताओं की है।

    Q5. क्या यह सब लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है?
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर संस्थाओं की स्वतंत्रता पर दबाव जारी रहा, तो लोकतंत्र का स्वरूप प्रभावित हो सकता है।

  • Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    नवी मुंबई पुलिस ने बेलापुर इलाके के एक स्पा में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान 15 महिलाओं को बचाया गया और स्पा मालिक समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    नवी मुंबई: बेलापूर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में चल रहे एक स्पा में देह व्यापार का धंधा पकड़ा गया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और छापा मारकर 15 महिलाओं को आज़ाद कराया। इनमें से कुछ महिलाएं महाराष्ट्र की तो कुछ दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और नेपाल की रहने वाली हैं।

    गुप्त सूचना के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    27 सितंबर को नवी मुंबई पुलिस को खबर मिली कि बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजा और पूरे मामले की पुष्टि की। जैसे ही पुलिस को सबूत मिले, तुरंत स्पा पर छापा मारा गया।

    15 महिलाओं की छुड़ाई गई

    छापेमारी में पुलिस को हैरान करने वाला सच पता चला। अंदर 15 महिलाएं मौजूद थीं जिन्हें देह व्यापार में धकेला गया था। पुलिस ने उन सभी को रेस्क्यू किया और सुरक्षित जगह शिफ्ट किया।

    दो आरोपी गिरफ्तार

    इस कार्रवाई में 32 साल के स्पा मालिक और 42 साल के क्लीनर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (ITPA) के तहत मामला दर्ज किया है।

    मुंबई में सेक्स रैकेट का बढ़ता जाल

    मुंबई और नवी मुंबई में कई बार स्पा सेंटर, मसाज पार्लर और ब्यूटी सैलून की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने के मामले सामने आते रहते हैं। पुलिस लगातार ऐसे रैकेट पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. नवी मुंबई में सेक्स रैकेट कहां पकड़ा गया?
    👉 बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में।

    Q2. पुलिस ने कितनी महिलाओं को आज़ाद कराया?
    👉 पुलिस ने 15 महिलाओं को छुड़ाया जिनमें से कुछ महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की हैं, जबकि एक महिला नेपाल की है।

    Q3. इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
    👉 पुलिस ने स्पा मालिक और क्लीनर को गिरफ्तार किया है।

    Q4. आरोपी पर कौन से कानून लगाए गए हैं?
    👉 IPC की धाराओं और ITPA (अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या मुंबई में ऐसे रैकेट आम हैं?
    👉 हां, मुंबई और नवी मुंबई में कई बार ऐसे स्पा और मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट पकड़े जाते हैं।

  • राहुल गांधी को लाइव टीवी डिबेट में गोली मारने की धमकी, बीजेपी प्रवक्ता के बयान से मचा बवाल

    राहुल गांधी को लाइव टीवी डिबेट में गोली मारने की धमकी, बीजेपी प्रवक्ता के बयान से मचा बवाल

    केरल में एक टीवी लाइव डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी दे दी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया जबकि विपक्ष ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।

    नेशनल डेस्क
    मुंबई: केरल के एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान बीजेपी के प्रवक्ता ने खुलेआम कहा कि राहुल गांधी के सीने में गोली मार देनी चाहिए। इस धमकी के बाद विपक्ष आगबबूला हो गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह वही विचारधारा है, जिसने महात्मा गांधी की हत्या करवाई थी।

    आरएसएस और नाथूराम गोडसे का जिक्र

    कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विचारधारा से ही दूसरा गोडसे पैदा हुआ है। इतिहास गवाह है कि जब महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, तब आरएसएस से जुड़े लोग मिठाई बांटते नजर आए थे। अब वही मानसिकता आज भी राहुल गांधी जैसे नेताओं के खिलाफ जहर उगल रही है।

    Rahul-Gandhi-threatened-with-shooting-during-a-live-TV-debate-BJP-spokesperson'-statement-sparks-uproar

    मोदी सरकार और नफरत की राजनीति के आरोप

    विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार और बीजेपी आईटी सेल पूरे देश में नफरत का माहौल फैला रहे हैं। राहुल गांधी लगातार “भारत जोड़ो यात्रा” और “भारत न्याय यात्रा” के जरिए मोहब्बत की बात कर रहे हैं, जबकि बीजेपी के नेता खुलेआम हिंसा की धमकी दे रहे हैं।

    राहुल गांधी क्यों बीजेपी के निशाने पर?

    कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने संसद और चुनाव आयोग में वोट चोरी के सबूत रखे। यही वजह है कि बीजेपी उनसे डर गई है और अब उन्हें चुप कराने के लिए धमकियों का सहारा लिया जा रहा है।

    लद्दाख से लेकर यूपी तक विपक्ष पर हमले

    लेख में यह भी जिक्र आया है कि सरकार विरोधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। छात्रों से लेकर कार्यकर्ताओं तक, हर उस आवाज को दबाया जा रहा है जो सत्ता से सवाल पूछती है। वहीं, बीजेपी नेताओं और समर्थकों को धमकी और हिंसा फैलाने की खुली छूट मिली हुई है।

    कांग्रेस का ऐक्शन प्लान

    अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सुझाव दिया गया है कि वे गैर-बीजेपी शासित राज्यों में हर पुलिस थाने में इस धमकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। उनका कहना है कि जैसे राहुल गांधी के खिलाफ झूठे केस दर्ज होते हैं, वैसे ही यह केस भी दर्ज होना चाहिए।


    ⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: राहुल गांधी को किसने धमकी दी?
    Ans: केरल के एक टीवी डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता ने यह धमकी दी।

    Q2: क्या बीजेपी ने इस प्रवक्ता पर ऐक्शन लिया?
    Ans: खबर लिखे जाने तक बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक ऐक्शन सामने नहीं आया है।

    Q3: कांग्रेस का क्या रुख है?
    Ans: कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज पर हमला बताया है।

    Q4: क्या पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है?
    Ans: अब तक केरल पुलिस या सरकार की तरफ से कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।

    Q5: लोग सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं?
    Ans: सोशल मीडिया पर यूजर्स बीजेपी और केंद्र सरकार पर भड़ास निकाल रहे हैं और कह रहे हैं कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

  • मुंबई पुलिस ने हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया: दो आरोपी गिरफ्तार, गोरखपुर से पिस्टल-राइफल समेत भारी जखीरा बरामद

    मुंबई पुलिस ने हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया: दो आरोपी गिरफ्तार, गोरखपुर से पिस्टल-राइफल समेत भारी जखीरा बरामद

    मुंबई की मालाड पुलिस ने इंटर-स्टेट हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। दो आरोपी गिरफ्तार, गोरखपुर से देसी कट्टे, विदेशी पिस्टल, राइफल और जिंदा कारतूस बरामद। पढ़ें पूरी खबर और पुलिस की जांच।

    मुंबई: शहर में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में मालाड पुलिस (Malad Police Crime Branch) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इंटर-स्टेट हथियार तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार (Illegal Arms in Mumbai) बरामद किए गए हैं।

    छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?

    पुलिस की इस कार्रवाई में जितने हथियार बरामद हुए हैं, वे किसी बड़े गिरोह के नेटवर्क की तरफ इशारा कर रहे हैं। गोरखपुर में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक आरोपी की मारुति सुजुकी कार से ये हथियार बरामद किए:

    • तीन देसी कट्टे (country-made guns)
    • एक विदेशी पिस्टल (foreign pistol)
    • दो मैगजीन
    • 10 जिंदा कारतूस (live cartridges)
    • 12 बोर की राइफल और 10 राउंड

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल अपराध की बड़ी घटनाओं में किया जा सकता था।

    पुलिस की कार्रवाई कैसे शुरू हुई?

    यह पूरी कार्रवाई DCP संदीप जाधव और ACP हेमंत सावंत के मार्गदर्शन में हुई।

    सबसे पहले पुलिस ने मालाड इलाके से धीरज उपाध्याय नाम के एक आरोपी को पकड़ा। उसके पास से एक देसी पिस्टल मिली। पूछताछ में उसने अपने साथी का नाम बताया।

    इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर गोरखपुर निवासी रविंद्र पांडे उर्फ राघवेंद्र पांडे को गिरफ्तार किया। रविंद्र की कार से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस मिले।

    आरोपी कौन हैं?

    1. धीरज उपाध्याय – यह आरोपी सबसे पहले मालाड से पकड़ा गया।
    2. रविंद्र पांडे उर्फ राघवेंद्र पांडे – यह गोरखपुर का रहने वाला है और लंबे समय से हथियारों की तस्करी (Arms Smuggling Network) से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

    पुलिस को शक है कि इनके नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो यूपी और बिहार से हथियार मुंबई और आसपास के इलाकों में सप्लाई करते थे।

    पुलिस की जांच किस दिशा में?

    पुलिस का मानना है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश से सस्ते दामों पर हथियार लाकर मुंबई में महंगे दामों पर बेचता था।

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि

    • इन हथियारों की डील किन-किन अपराधियों से होनी थी?
    • क्या इस नेटवर्क का कनेक्शन मुंबई अंडरवर्ल्ड या किसी बड़े गैंग से है?
    • गिरोह कितने समय से सक्रिय है और अब तक कितने हथियार मुंबई में पहुंचा चुका है?

    समाज और सुरक्षा पर असर

    मुंबई जैसे बड़े शहर में हथियार तस्करी का नेटवर्क होना बेहद चिंताजनक है। शहर की सुरक्षा को चुनौती देने वाले ऐसे नेटवर्क अपराध को बढ़ावा देते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध हथियारों की बढ़ती तस्करी से लूट, मर्डर और गैंगवार जैसी घटनाएँ और बढ़ सकती हैं।

    इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने सभी जिलों में सुरक्षा अलर्ट (Security Alert in Mumbai) जारी कर दिया है।

    पुलिस का आधिकारिक बयान

    मालवणी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा:

    “हम लगातार हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर निगरानी रख रहे हैं। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच में और भी नाम सामने आ सकते हैं। हमारा उद्देश्य मुंबई को अवैध हथियारों से मुक्त करना है।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मुंबई पुलिस ने किस गिरोह को पकड़ा?
    ➡️ इंटर-स्टेट हथियार तस्करी गिरोह को।

    Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    ➡️ दो आरोपी – धीरज उपाध्याय और रविंद्र पांडे।

    Q3. गोरखपुर से कितने हथियार बरामद हुए?
    ➡️ तीन देसी कट्टे, एक विदेशी पिस्टल, दो मैगजीन, 12 बोर की राइफल और 20 जिंदा कारतूस।

    Q4. क्या गिरोह मुंबई में सक्रिय था?
    ➡️ हाँ, यह गिरोह यूपी से हथियार लाकर मुंबई और आसपास के इलाकों में सप्लाई करता था।

    Q5. पुलिस आगे क्या करेगी?
    ➡️ पुलिस इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है और जल्द और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

  • महाराष्ट्र से CM योगी को मौत की धमकी — सभा का वीडियो वायरल, पुलिस ने की तुरंत जांच

    महाराष्ट्र से CM योगी को मौत की धमकी — सभा का वीडियो वायरल, पुलिस ने की तुरंत जांच

    महाराष्ट्र के बीड जिले में एक सार्वजनिक सभा के दौरान उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ; बीड पुलिस ने जांच शुरू कर जल्द FIR दर्ज करने का ऐलान किया है। जानिए पूरी घटना, राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

    बीड के एक लोकल सभागार में आयोजित धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम के मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी गयी। कार्यक्रम के दौरान मंच पर खड़े एक वक्ता ने माइक्रोफोन पर कहा — “हिम्मत है तो इधर आओ, गाड़ देंगे…” — और उसी दौरान मंच व आसपास के हिस्सों में ‘I Love Mohammad’ के पोस्टर भी देखे गए। धमकी देने वाले बयान पर कई बार तालियाँ भी बजती दिखीं।

    (नोट: यह रिपोर्ट घटना के उसी वीडियो और स्थानीय पुलिस के बयानों पर आधारित है।)

    वीडियो कैसे वायरल हुआ और पुलिस की प्रतिक्रिया

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक और पुलिसिया हलकों में हलचल पैदा हो गयी। बीड पुलिस-सुप्रिंटेंडेंट ने कहा कि वीडियो की सत्यता जांची जा रही है और दोषियों की पहचान होने पर FIR दर्ज की जाएगी। पुलिस ने बताया कि आयोजकों और वीडियो अपलोड करने वालों से पूछताछ शुरू कर दी गई है।

    कौन-कौन प्राथमिक जांच का हिस्सा हैं?

    • सभा के आयोजक और मंच पर मौजूद वक्ताओं से पूछताछ।
    • सोशल मीडिया पोस्ट/वीडियो अपलोड करने वालों का डिजिटल-ट्रैकिंग।
    • भीड़ में मौजूद लोगों की पहचान के लिए फुटेज-रिव्यू।
      पुलिस ने कहा कि कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि किसी भी नेता के ख़िलाफ़ खुले आम जान से मारने की धमकी गंभीर अपराध है।

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ — BJP ने क्या कहा?

    घटना पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा के नेताओं ने कहा कि ऐसी भाषा व व्यवहार अस्वीकार्य है और कानून अपना काम करेगा। प्रदेश/केंद्र स्तर पर भी इस मामले पर टिप्पणी की जा सकती है — अभी तक स्थानीय नेताओं ने मामले की निंदा और कड़े कदम उठाने की मांग की है।

    सोशल मीडिया और कानून — क्या जोखिम हैं?

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज़ का सन्दर्भ अक्सर तेज़ी से फैलता है और माहौल गरमा सकता है। इस तरह की धमकियाँ सार्वजनिक शांति भंग कर सकती हैं और तुरंत जांच-पकड़ की मांग पैदा करती हैं। कानून के हिसाब से किसी को जान से मारने की धमकी देना, उकसाना या हिंसा के लिये भड़काना दंडनीय गतिविधियाँ हैं।

    आगे क्या होगा?

    बीड पुलिस ने बताया है कि पहचान होते ही FIR दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक रूप से यह मामला गर्म रहेगा और आगे जांच रिपोर्ट पर ही असली तस्वीर साफ होगी।


    FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह घटना कब और कहां हुई?
    A: यह घटना बीड जिले के एक स्थानीय सभागार में हुई; वीडियो हाल-फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। (घटना की सही तारीख स्थानीय रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।)

    Q2. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    A: बीड पुलिस ने वीडियो की सत्यता की जांच शुरू की है, आयोजकों और पोस्ट करने वालों की पहचान की जा रही है और जल्द FIR दर्ज करने का ऐलान किया गया है।

    Q3. क्या आरोपियों की पहचान हो चुकी है?
    A: जांच जारी है; पुलिस ने कहा है कि पहचान होते ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

    Q4. ऐसे मामलों में कानून क्या कहता है?
    A: किसी को जान से मारने की धमकी, उकसाना और सार्वजनिक शांति भंग करना दंडनीय अपराध है; अभियोजन के तहत FIR और जरूरी चालान/हिरासत हो सकती है।

    Q5. राजनीतिक मतभेदों में किस तरह की सावधानी रखी जानी चाहिए?
    A: सार्वजनिक कार्यक्रमों में संयम, नफरत भाषण से बचाव और कानून का सम्मान जरूरी है; सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की सत्यता की जांच के बाद साझा करें।

  • चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: अब पोस्टल बैलेट गिनती पूरी होने के बाद ही शुरू होगी EVM गिनती

    चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: अब पोस्टल बैलेट गिनती पूरी होने के बाद ही शुरू होगी EVM गिनती

    चुनाव आयोग ने वोट गिनती की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद ही EVM और VVPAT की अंतिम गिनती शुरू होगी। अपंग और 85 साल से ऊपर के मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा मिलने के बाद पोस्टल बैलेट की संख्या बढ़ गई है।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग ने मतगणना की प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नया नियम लागू किया है। अब पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद ही EVM और VVPAT की अंतिम गिनती शुरू होगी।

    🔶 पहले क्या होता था?

    मतगणना के दिन सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होती थी, जबकि 8:30 बजे से EVM की गिनती भी शुरू हो जाती थी। कई बार ऐसा होता था कि पोस्टल बैलेट गिनती पूरी होने से पहले ही EVM गिनती खत्म हो जाती थी, जिससे विवाद और भ्रम की स्थिति बनती थी।

    🔶 क्यों लिया गया ये फैसला?

    हाल ही में चुनाव आयोग ने 85 साल से ऊपर के सीनियर सिटिज़न और दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही वोट डालने की सुविधा दी है। इसके कारण पोस्टल बैलेट की संख्या पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि अब आयोग ने पूरी प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता लाने के लिए ये बदलाव किया है।

    🔶 ज्यादा टेबल और स्टाफ की व्यवस्था

    आयोग ने सभी चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में पोस्टल बैलेट की संख्या ज्यादा है, वहां अधिक गिनती टेबल और पर्याप्त स्टाफ लगाया जाए ताकि काम तेजी से और साफ-सुथरे तरीके से हो सके।

    🔶 पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने की कोशिश

    इस फैसले से न केवल मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि मतदाताओं का भरोसा भी चुनाव प्रणाली पर और मजबूत होगा। आयोग का कहना है कि उनका उद्देश्य है कि गिनती की हर प्रक्रिया साफ और बिना किसी शक-संदेह के पूरी हो।


    ❓ FAQ

    Q1. चुनाव आयोग ने पोस्टल बैलेट और EVM गिनती को लेकर क्या नया नियम बनाया है?
    👉 अब पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद ही EVM और VVPAT की अंतिम गिनती शुरू होगी।

    Q2. पहले गिनती कैसे होती थी?
    👉 पहले पोस्टल बैलेट गिनती और EVM गिनती साथ-साथ शुरू हो जाती थी। कई बार EVM की गिनती पहले पूरी हो जाती थी।

    Q3. पोस्टल बैलेट की संख्या क्यों बढ़ गई है?
    👉 अपंग मतदाताओं और 85 साल से ऊपर के नागरिकों को घर पर ही वोट डालने की सुविधा दी गई है।

    Q4. ज्यादा पोस्टल बैलेट वाले क्षेत्रों के लिए क्या व्यवस्था होगी?
    👉 वहां अतिरिक्त टेबल और गिनती स्टाफ लगाया जाएगा ताकि प्रक्रिया तेजी से पूरी हो।

    Q5. इस फैसले का क्या असर होगा?
    👉 मतगणना प्रक्रिया पारदर्शी होगी और मतदाताओं का भरोसा बढ़ेगा।

  • बरेली फायरिंग के बाद दिशा पाटनी के मुंबई घर की सिक्योरिटी बढ़ाई गई, पुलिस अलर्ट पर

    बरेली फायरिंग के बाद दिशा पाटनी के मुंबई घर की सिक्योरिटी बढ़ाई गई, पुलिस अलर्ट पर

    बरेली में दिशा पाटनी के घर के बाहर हुई फायरिंग के बाद मुंबई पुलिस ने एक्ट्रेस के बांद्रा स्थित घर की सिक्योरिटी कड़ी कर दी है। गोल्डी बराड़ गैंग ने जिम्मेदारी ली थी। जानिए पूरी खबर।

    नेशनल डेस्क
    मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के मुंबई वाले घर के बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। यह कदम बरेली पुलिस की रिक्वेस्ट पर उठाया गया है। दरअसल, 12 सितंबर की सुबह करीब 4:30 बजे बरेली के सिविल लाइंस इलाके में स्थित दिशा के पैतृक घर के बाहर फायरिंग हुई थी।

    गोल्डी बराड़ गैंग ने ली जिम्मेदारी

    फायरिंग के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई जिसमें कुख्यात गोल्डी बराड़ गैंग ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली और बॉलीवुड इंडस्ट्री को धमकी दी। हालांकि, किसी को चोट नहीं आई, लेकिन घटना से इलाके में दहशत फैल गई।

    Bollywood-actress-Disha-patni-Mumbai-news

    पुलिस की बड़ी कार्रवाई – एनकाउंटर में ढेर

    • 17 सितंबर को गाज़ियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में एनकाउंटर के दौरान दो शूटर – रविंद्र उर्फ कल्लू और अरुण – मारे गए।
    • दोनों हमले वाली बाइक से ही फरार हुए थे।
    • मुठभेड़ में चार पुलिसवाले भी घायल हुए।

    इसके बाद 19 सितंबर को पुलिस ने राजस्थान के रामनिवास उर्फ दीपक को मुठभेड़ में घायल कर पकड़ा। वो पहले बरेली जाकर दिशा पाटनी के घर की रेकी (जांच) कर चुका था। उसके साथी अनिल निवासी (हरियाणा) को भी गिरफ्तार किया गया और पिस्टल व कारतूस बरामद किए गए।

    मुंबई पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

    बरेली पुलिस ने मुंबई पुलिस को अलर्ट किया कि दिशा पाटनी को गैंगस्टर गिरोह से खतरा हो सकता है। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उनके घर के बाहर सिक्योरिटी बढ़ा दी है। बांद्रा इलाके में पुलिस चौकसी कड़ी कर दी गई है ताकि किसी तरह का खतरा न हो।

    जांच जारी

    दिल्ली पुलिस, यूपी एसटीएफ और हरियाणा एसटीएफ मिलकर इस नेटवर्क का पीछा कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग के बाकी सदस्यों पर भी निगरानी रखी जा रही है।

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: दिशा पाटनी के बरेली घर के बाहर कब फायरिंग हुई थी?
    ➡️ 12 सितंबर की सुबह करीब 4:30 बजे।

    Q2: इस फायरिंग के पीछे कौन सा गैंग था?
    ➡️ गोल्डी बराड़ गैंग ने जिम्मेदारी ली।

    Q3: क्या हमलावर पकड़े गए?
    ➡️ हां, दो बदमाश एनकाउंटर में मारे गए और दो गिरफ्तार हुए।

    Q4: दिशा पाटनी के मुंबई घर पर कैसी सिक्योरिटी है?
    ➡️ बांद्रा स्थित घर के बाहर मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

  • IOCL Pipeline Apprentice Bharti 2025: 537 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट बढ़ी – ऐसे करें अप्लाई

    IOCL Pipeline Apprentice Bharti 2025: 537 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट बढ़ी – ऐसे करें अप्लाई

    इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने पाइपलाइन डिविजन अपरेंटिस भर्ती 2025 के लिए 537 पदों पर नोटिफिकेशन निकाला है। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख अब 28 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। जानें पूरी डिटेल्स – योग्यता, आयु सीमा, स्टाइपेंड और अप्लाई करने का तरीका।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), जो देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी और फॉर्च्यून 500 लिस्टेड PSU है, ने पाइपलाइन डिविजन में अपरेंटिस भर्ती 2025 निकाली है। इस भर्ती में कुल 537 पद हैं, जो अलग-अलग राज्यों में भरे जाएंगे।

    👉 पहले आवेदन की लास्ट डेट 21 सितंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दिया गया है।

    कितने पद, कहां-कहां?

    IOCL की इस भर्ती में पूरे देश में अलग-अलग राज्यों के लिए वैकेंसी निकली है। सबसे ज़्यादा पद गुजरात (84) और पश्चिम बंगाल (64) में हैं।
    कुछ प्रमुख राज्यों की वैकेंसी इस तरह है:

    • पश्चिम बंगाल – 64
    • राजस्थान – 53
    • उत्तर प्रदेश – 53
    • ओडिशा – 51
    • तमिलनाडु – 39
    • बिहार – 38
    • महाराष्ट्र – 15
    • दिल्ली – 14

    कुल मिलाकर – 537 पद

    कौन कर सकता है अप्लाई? (Eligibility)

    इस भर्ती के लिए अलग-अलग ट्रेड और पोस्ट के हिसाब से योग्यता तय है।

    • Technician Apprentice (Mechanical/Electrical/Instrumentation) → 3 साल का डिप्लोमा
    • Trade Apprentice (HR/Accountant) → किसी भी विषय में ग्रेजुएशन / कॉमर्स ग्रेजुएशन
    • Data Entry Operator (DEO) → न्यूनतम 12वीं पास
    • Domestic DEO (Skill Certificate Holder) → 12वीं + स्किल सर्टिफिकेट

    👉 जनरल/OBC/EWS उम्मीदवारों को कम से कम 50% मार्क्स, और SC/ST/PwBD को 45% मार्क्स चाहिए।

    उम्र सीमा (Age Limit – as on 31.08.2025)

    • न्यूनतम आयु: 18 साल
    • अधिकतम आयु: 24 साल

    👉 SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और PwBD को 10 साल तक की छूट मिलेगी।

    स्टाइपेंड (Salary/Stipend)

    सभी चयनित कैंडिडेट्स को Apprentices Act, 1961 के अनुसार मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। हालांकि यह पक्की नौकरी नहीं है, लेकिन ट्रेनिंग IOCL जैसी बड़ी कंपनी में होगी, जो करियर के लिए बहुत फायदेमंद है।

    सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।

    • सिर्फ अकादमिक मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर लिस्ट बनेगी।
    • टाई होने पर उम्र (बड़ा उम्मीदवार) और फिर 10वीं के नंबर देखे जाएंगे।
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस ज़रूरी होगी।

    कैसे करें अप्लाई? (How to Apply)

    1. सबसे पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (डिप्लोमा/ग्रेजुएट या DEO के हिसाब से)।
    2. फिर IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें।
    3. आवेदन की प्रक्रिया दो स्टेप्स में होगी –
    • Part-I: बेसिक डिटेल्स भरें और रजिस्ट्रेशन नंबर लें।
    • Part-II: फोटो, सिग्नेचर, एजुकेशन डिटेल्स और NATS/NAPS नंबर अपलोड करें।
    1. फाइनल सबमिशन के बाद प्रिंटआउट ज़रूर लें।

    👉 कोई आवेदन शुल्क (Application Fee) नहीं है।

    ज़रूरी डेट्स (Important Dates)

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू – 29 अगस्त 2025
    • आवेदन की आखिरी तारीख (Extended) – 28 सितंबर 2025
    • कट-ऑफ डेट (Eligibility Check) – 31 अगस्त 2025

    ❓ FAQ

    Q1: IOCL Apprentice Recruitment 2025 में कितने पद हैं?
    Ans: कुल 537 पद हैं।

    Q2: आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    Ans: अब बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दी गई है।

    Q3: IOCL Apprentice में सलेक्शन कैसे होगा?
    Ans: सलेक्शन सिर्फ मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर होगा, कोई परीक्षा या इंटरव्यू नहीं है।

    Q4: योग्यता क्या चाहिए?
    Ans: डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या 12वीं पास (पोस्ट के हिसाब से)।

    Q5: क्या आवेदन शुल्क है?
    Ans: नहीं, सभी कैंडिडेट्स के लिए आवेदन फ्री है।

  • मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस बनकर लोगों से पैसे और गहने ठगते थे। आरोपियों के पास से नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और 2 लाख की सोने की चेन बरामद हुई। जानें पूरी डिटेल।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में पुलिस ने ऐसे दो लोगों को पकड़ा है, जो खुद को पुलिसवाला बताकर लोगों से पैसे और गहने ऐंठते थे। दोनों आरोपियों की पहचान जाहिद जावेद अली जाफरी (42) और काबुल नौशाद अली (58) के तौर पर हुई है।

    पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    चारकोप पुलिस स्टेशन को खबर मिली थी कि इलाके में दो लोग पुलिस की वर्दी और नकली आईडी दिखाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब ₹2 लाख की सोने की चेन बरामद की है।

    कैसे करते थे ठगी?

    पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पहले खुद को पुलिस बताते और लोगों को डराते थे। फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे और गहने वसूलते थे।

    मुंबई और गुजरात में भी सक्रिय

    पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई के कई इलाकों जैसे महिम, दादर, दहिसर, धारावी, सांताक्रुज़, अंधेरी, विले पार्ले, गोरेगांव और नेहरू नगर में इस तरह की ठगी की है। यही नहीं, वे गुजरात के सूरत और बर्दोली में भी सक्रिय थे।

    पहले से दर्ज हैं 25 मामले

    पुलिस के मुताबिक, इन दोनों आरोपियों पर पहले से ही 25 ठगी और चोरी के केस दर्ज हैं। ये एक संगठित गैंग का हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र और गुजरात में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता था।

    पुलिस की अपील

    मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं और अगर कोई पुलिस बनकर पैसे मांगता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।