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RERA Order Against Omaxe – Chandigarh Extension Developers को 3BHK फ्लैट की पजेशन में देरी के मामले में ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश। Mumbai के Andheri East के होमबायर्स को मिला बड़ा राहत।
मुंबई: रियल एस्टेट सेक्टर में देरी से परेशान होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Punjab Real Estate Regulatory Authority (RERA) ने Omaxe Chandigarh Extension Developers को आदेश दिया है कि वह मुंबई के Andheri East में रहने वाले दो घर खरीदारों को करीब ₹53.65 लाख का मुआवजा (compensation) दे। यह फैसला New Chandigarh, Mohali में स्थित “The Lake Project” में 3BHK फ्लैट की पजेशन में पांच साल से ज्यादा की देरी के कारण सुनाया गया है।
मुंबई के होमबायर्स ने RERA में दर्ज कराई थी शिकायत
यह मामला Reena Thakur और Sujit Thakur, जो मुंबई के Andheri East के निवासी हैं, द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया।
दोनों ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की Section 31 के तहत RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से Advocate M Shahnawaz Khan ने पैरवी की, जबकि डेवलपर की ओर से Advocate Tejeshwar Singh अदालत में पेश हुए।
2015 में बुक किया था 3BHK फ्लैट
शिकायत के अनुसार, होमबायर्स ने 9 जुलाई 2015 को The Lake Project के Tower Caspean-B की 12वीं मंजिल पर एक 3BHK residential unit बुक किया था।
इस फ्लैट की कुल कीमत ₹82,11,487 तय की गई थी।
खरीदारों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90% से ज्यादा यानी ₹76,05,041 पहले ही डेवलपर को भुगतान कर दिया था।
Buyer Agreement के अनुसार, डेवलपर को 42 महीने के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक फ्लैट का पजेशन देना था।
लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई और पांच साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी घर खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।
RERA ने ₹53.65 लाख ब्याज के रूप में देने का आदेश दिया
मामले की सुनवाई के बाद Punjab RERA ने Omaxe डेवलपर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई राशि पर Highest MCLR Rate + 2% के हिसाब से ब्याज दे।
इस गणना के अनुसार कुल मुआवजा करीब ₹53,65,000 बनता है, जिसे डेवलपर को होमबायर्स को देना होगा।
हर महीने बढ़ता रहेगा मुआवजा
RERA के आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक डेवलपर Occupation Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेकर फ्लैट का वैध पजेशन नहीं देता, तब तक मुआवजा बढ़ता रहेगा।
आदेश के मुताबिक हर महीने करीब ₹62,383 की दर से compensation बढ़ता रहेगा।
Covid-19 को अनंत समय तक बहाना नहीं बना सकता डेवलपर
RERA ने अपने आदेश में साफ कहा कि डेवलपर कोविड-19 महामारी को हमेशा के लिए देरी का कारण नहीं बता सकता।
अथॉरिटी ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई है तो उसके लिए डेवलपर जिम्मेदार होगा और उसे खरीदारों को उचित मुआवजा देना पड़ेगा।
आदेश का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई
RERA ने चेतावनी दी है कि अगर डेवलपर इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ RERA Act की Section 63 के तहत अलग से non-compliance proceedings शुरू की जा सकती हैं।
इसका मतलब है कि कंपनी को भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
FAQ (Frequently Asked Questions)
1. RERA ने Omaxe को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया है?
RERA ने करीब ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।
2. यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?
यह मामला The Lake Project, New Chandigarh (Mohali) से जुड़ा है।
3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
मुंबई के Andheri East के निवासी Reena Thakur और Sujit Thakur ने शिकायत दर्ज कराई थी।
4. फ्लैट कब तक मिलना था?
Agreement के अनुसार 8 जनवरी 2019 तक पजेशन मिलना था।
5. हर महीने कितना अतिरिक्त मुआवजा बढ़ेगा?
जब तक पजेशन नहीं मिलता, ₹62,383 प्रति माह मुआवजा बढ़ता रहेगा।
मुंबई के Malad में शेयर बाजार के एक व्यापारी से Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में Delhi के businessman Kailash Agarwal को Malad Police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल किया था।
मुंबई:Malad इलाके में Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Malad Police ने इस मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात Bishnoi Gang का सदस्य बताकर एक शेयर बाजार के कारोबारी को लगातार धमकियां दे रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान Kailash Agarwal के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पीड़ित का रिश्तेदार ही है और उसने business losses की वजह से यह साजिश रची थी।
बार-बार कॉल कर मांगे 5 करोड़ रुपये
पुलिस के अनुसार आरोपी कई दिनों से Malad में रहने वाले share market businessman को फोन कर रहा था। वह खुद को Bishnoi Gang से जुड़ा हुआ बताकर कारोबारी को धमकी देता था कि अगर ₹5 करोड़ की फिरौती नहीं दी गई तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित कारोबारी ने आखिरकार Malad Police Station में शिकायत दर्ज कराई।
लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बहुत चालाकी से काम कर रहा था। वह हर बार फोन कॉल और मैसेज भेजते समय VPN system का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी असली लोकेशन छिपी रहे।
लेकिन पुलिस की technical investigation के जरिए आखिरकार उस VPN नेटवर्क को ट्रेस कर लिया गया।
दिल्ली से किया गया आरोपी को गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी दिल्ली में मौजूद है। इसके बाद Malad Police Station के PSI Bachav और उनकी टीम तुरंत दिल्ली रवाना हुई।
करीब एक हफ्ते की लगातार जांच और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने आरोपी Kailash Agarwal को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। DCP Zone 11, Mumbai Police Sandeep Jadhav के अनुसार आरोपी खुद भी दिल्ली का एक बड़ा व्यापारी है और पीड़ित व्यक्ति का रिश्तेदार भी है।
पुलिस के मुताबिक कारोबार में भारी आर्थिक नुकसान होने के कारण उसने यह पूरी साजिश रची थी।
Bishnoi Gang के नाम से फैलाया डर
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जानबूझकर Bishnoi Gang का नाम लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश की ताकि पीड़ित व्यक्ति जल्दी पैसे दे दे।
उसने ₹5 करोड़ की बड़ी रकम वसूलने के लिए तकनीक और गैंगस्टर के डर का इस्तेमाल किया।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
अब Malad Police यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का वास्तव में Bishnoi Gang से कोई संबंध है या नहीं।
इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
पुलिस का कहना है कि अगर पीड़ित ने समय पर शिकायत नहीं की होती, तो आरोपी बड़ी रकम वसूलने में सफल हो सकता था।
FAQ
1. Malad में क्या मामला सामने आया है?
Malad में एक व्यक्ति ने खुद को Bishnoi Gang का सदस्य बताकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की कोशिश की।
2. आरोपी कौन है?
आरोपी का नाम Kailash Agarwal है और वह दिल्ली का रहने वाला व्यापारी है।
3. आरोपी ने अपनी लोकेशन कैसे छिपाई?
आरोपी ने फोन कॉल और मैसेज करते समय VPN system का इस्तेमाल किया था।
4. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया।
5. आरोपी ने यह अपराध क्यों किया?
पुलिस के अनुसार business losses और आर्थिक परेशानी के कारण उसने यह साजिश रची।
Mumbai में स्कूल, StockExchange और MetroStations को BombThreat Email भेजने वाले 28 वर्षीय आरोपी को Gujarat Police ने गिरफ्तार किया। DindoshiPolice अब Malad–Goregaon केस में उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है।
मुंबई:Bomb Threat Email Case को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले एक 28 वर्षीय युवक को Gujarat Police ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इन धमकी भरे ईमेल्स के पीछे उसका असली मकसद क्या था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी धमकियां Hoax Bomb Threat यानी झूठी निकलीं।
Gujarat Police ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक आरोपी को Ahmedabad की Cyber Police ने 1 मार्च को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि उसने सिर्फ मुंबई ही नहीं बल्कि देश के कई शहरों में ईमेल भेजकर Bomb Blast Threat दी थी।
इन शहरों में शामिल हैं:
Mumbai
Delhi
Punjab
Ahmedabad
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अलग-अलग संस्थानों और सार्वजनिक जगहों को निशाना बनाते हुए धमकी भरे ईमेल भेजे थे।
ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं।
पुलिस टीमों ने जिन जगहों को धमकी दी गई थी, वहां पूरी तरह से सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जांच के दौरान कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे साफ हो गया कि यह Hoax Bomb Threat था।
Bhartiya Nyaya Sanhita के तहत दर्ज हुआ केस
मुंबई पुलिस ने इस मामले में Bhartiya Nyaya Sanhita की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
अब Dindoshi Police आरोपी को मुंबई लाकर पूछताछ करने के लिए उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह सब Prank था या इसके पीछे कोई और बड़ा मकसद था।
पुलिस कर रही है Motive की जांच
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी ने देशभर में इस तरह के Bomb Threat Emails क्यों भेजे।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
क्या यह सिर्फ मजाक (Prank) था
या फिर किसी को डराने की कोशिश
या इसके पीछे कोई Cyber Crime Network जुड़ा है
जांच एजेंसियां आरोपी के ईमेल अकाउंट, डिजिटल डिवाइस और इंटरनेट गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।
FAQ (People Also Ask)
1. Mumbai Bomb Threat Case में आरोपी कौन है?
इस मामले में 28 वर्षीय युवक को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
2. आरोपी को कब और कहां गिरफ्तार किया गया?
उसे 1 मार्च को Ahmedabad Cyber Police ने गिरफ्तार किया।
3. मुंबई में धमकी कब दी गई थी?
मुंबई में 26 फरवरी को ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी।
4. किन जगहों को Bomb Threat मिला था?
स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम धमाके की धमकी दी गई थी।
5. क्या धमकी सच थी?
नहीं, पुलिस जांच में यह Hoax Bomb Threat यानी झूठी धमकी निकली।
उत्तर प्रदेश के एक गाँव में सोशल मीडिया पर Viral हुई महिला के Bold/controversial content को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी, विरोध प्रदर्शन और घरेलू हिंसा की घटना के बाद Legal, Social और Moral debate तेज़. जानें क्या हुआ, क्यों हुआ और कानून क्या कहता है?
उत्तर प्रदेश: एक छोटे village से एक Viral social media controversy अब सोशल नेटवर्क और Regional news प्लेटफॉर्म पर तेज़ी से चर्चा का विषय बन चुकी है। जानकारी के मुताबिक गाँव की एक महिला, जिसे इंटरनेट पर Bold और विवादित कंटेंट (bold Reels, “controversial videos”, Instagram/YouTube हिंदी influencer content) के लिए जाना जाता था, उसकी लोकप्रियता के बीच ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ने लगी। ग्रामीणों का मानना था कि उसके Content से गाँव के पारिवारिक माहौल, बच्चों पर negative influence और Social Values को नुकसान हो रहा है। स्थिति तब बिगड़ गई जब गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए महिला के घर पहुँचकर हंगामा किया और कथित तौर पर धक्का-मुक्की व मारपीट की घटना भी सामने आई। पुलिस को बुलाकर मामला शांत कराया गया, लेकिन अब यह Viral law vs morality debate का केंद्र बन चुका है।
📍 क्या हुआ घटना के दौरान?
गाँव के लोगों ने यह आरोप लगाया कि महिला इंटरनेट पर bold content creation से गाँव की साख खराब कर रही हैं, Social Values को तोड़ रही है और “गाँव की इमेज” पर असर डाल रही है। कुछ लोगों ने पहले verbal विरोध किया, लेकिन बाद में बड़ी संख्या में घर के सामने जमा होकर हंगामा किया। विरोध तेज़ होता गया, और कथित रूप से सोशल मीडिया Content की निंदा करते हुए ग्रामीणों ने महिला के साथ physical confrontation भी किया। कई witness ने बताया कि धक्का-मुक्की हुई तथा महिला को verbal abuse का सामना भी करना पड़ा। यह घटना जैसे ही Viral हुई, सोशल मीडिया पर Supporters और Opponents के बीच Heated Debate शुरू हो गया।
⚖️ Social Media Content vs Moral Standard Debate
घरेलू हिंसा वाले Viral video को लेकर Social Media Users दो camps में बंट गए हैं:
🟡 समर्थक नजरिया (Supporters say):
हर व्यक्ति की Freedom of Expression होती है।
अगर कोई इंटरनेट पर Content बनाता है, तो इसे censored करने की बजाय लोगों को legal तरीके से जवाब देना चाहिए।
यह महिला अपनी creativity और self-employment के लिए social platforms का इस्तेमाल कर रही थी।
🔴 आलोचक नजरिया (Critics say):
गाँव जैसे conservative areas में बेहद Bold और controversial सामग्री से Social Values को नुकसान पहुँच सकता है।
बच्चे और युवा इसे देख कर गलत प्रभाव ले सकते हैं, जिससे समाज में Moral degradation की सम्भावना बढ़ती है।
👩⚖️ कानूनी Expert का Opinion
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के घर में घुसकर व्यक्ति विशेष के साथ हिंसा करना absoluut违法 (IPC sections के तहत criminal offence) है, और ऐसा कदम किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। Legal system हमेशा civil procedures और कानून के अनुसार ही उपयोग किया जाना चाहिए।
किसी की Property में घुसकर या शारीरिक दुर्व्यवहार करना दंडनीय अपराध है।
अगर किसी कंटेंट से गाँव के लोगों को आपत्ति है तो इसे legal notice, complaint या जनहित याचिका के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।
Vigilantism या mob justice को कानून मंजूर नहीं करता।
📌 लोकल पुलिस ने स्थिति को कंट्रोल किया: जब गाँव में ग्रामीणों के द्वारा महिला के घर पर हंगामा और कथित मारपीट की घटना हुई, पुलिस तुरंत मौके पर पहुँचकर भीड़ को फ़ैलने और Law & Order को बिगड़ने से रोकने की कोशिश की। ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर Violence/Physical Assault की तहरीर लेते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज करती है और आरोपियों की पहचान शुरू कर देती है।
📌 FIR दर्ज कर ली गई: इस तरह के विवाद में पुलिस कभी भी घर में घुसकर विरोध प्रदर्शन तथा physical confrontation को अपराध मानती है। FIR आमतौर पर Indian Penal Code (IPC) की संबंधित धारा जैसे Section 294 (obscene acts), Section 323 (voluntarily causing hurt), Section 506 (criminal intimidation), Section 341 (wrongful restraint) आदि के तहत दर्ज की जाती है, अगर मारपीट, हिंसा या खतरे की बात सामने आती है। यह कानून का आदर्श तरीका है और ऐसे मामलों में कानून की मदद से न्याय लिया जा सकता है।
📌 कानून के अनुसार कार्रवाई: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून अपने हाथ में लेना दंडनीय अपराध है, और यदि किसी कंटेंट के चलते ग्रामीण नाराज हैं तो वह legal complaint या civil suit, Moral policing complaint, या Cyber Crimes complaint के ज़रिये ही सुलझाया जाना चाहिए। पुरुषों तथा महिलाओं के खिलाफ “या तो महिला सुरक्षा की FIR” भी दर्ज की जा सकती है अगर उसे Torture/Assault का अनुभव हुआ है।
📌 कानूनी सलाह: एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि ऐसी सामाजिक बहस का समाधान “law and order” और “freedom of expression vs public morality” को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए — ग्रामीण हिंसा की सूचना मिलने पर पुलिस मामला दर्ज करके आगे की जांच जारी रखती है।
📁 Official FIR Detail (Expected / Similar Precedent)
अब तक इस विशेष गाँव वाली वायरल घटना का कोई पुलिस मुकदमा सामने नही आया है। लेकिन समान मामलों में UP Police FIR की प्रकिया कुछ इस तरह होती है:
🧾 प्रमुख FIR Sections जो लागू होते हैं:
IPC Section 323: मारपीट/शारीरिक चोट
IPC Section 341: गलत तरीके से रोकना/धक्का-मुक्की
IPC Section 506: धमकी/Intimidation
IT Act Section 66, 67: Online obscene/controversial content के लिए (अगर कोई FIR खुद कंटेंट के लिए दर्ज होती है)
🔹 उदाहरण: संभल पुलिस ने पहले इंस्टाग्राम influencers के खिलाफ social media objectionable content को लेकर FIR दर्ज की थी। तेज़ी से वायरल वीडियो के कारण पुलिस ने investigation टीम बनाई और आरोपियों को हिरासत में भी लिया।
🔹 इसी तरह बुलंदशहर केस में सोशल मीडिया influencer द्वारा शिकायत दर्ज होने पर हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया और FIR दर्ज की गयी थी।
⚖️ पुलिस/कानून क्या कहता है?
✔️ लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना पुलिस की ज़िम्मेदारी: पुलिस ऐसे मामलों में सुनिश्चित करती है कि किसी भी प्रकार की हिंसा, हमला या घर में घुसकर हंगामा करना कानून के खिलाफ है। FIR इसलिए दर्ज की जाती है ताकि दोषियों के खिलाफ उचित sections के तहत case चले।
✔️ Freedom of Expression को सम्मान मिलता है, लेकिन Law के दायरे में: मेरी जानकारी के मुताबिक पुलिस का official stance यह होता है कि social media पर controversial या bold content के खिलाफ सीधे किसी के घर में भीड़ कर हमला करना कानूनन सही नहीं है और आरोपी ग्रामीणों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
✔️ Cyber & IT Act का असर: अगर महिला के कंटेंट के कारण शिकायत Police Station पर आ जाती है, तो FIR में IT Act के sections भी जोड़े जा सकते हैं, जिससे Social media content creators को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाता है।
📌 निष्कर्ष (Police Action & FIR Summary)
Aspect
Status
Police Presence
मौके पर पुलिस ने जल्द ही नियंत्रण किया और Law order को प्राथमिकता दी
FIR Registered?
इस तरह के मामलों में FIR दाखिल किया जाना आम है (Assault/Intimidation/Wrongful Restraint Sections)
Investigation
पुलिस आमतौर पर जांच कर लोगों के बयान लेती है और CCTV/evidence इकट्ठा करती है
Arrests/Known Action
अब तक इस specific viral village incident से जुड़ा कोई verified arrest/official notice public नहीं हुआ है
Cyber/Law Angle
Objectionable/controversial content के खिलाफ IT Act के तहत भी FIR दर्ज की जा सकती है
⚖️ कुल मिलाकर, पुलिस का official stance यही है कि Violence/Physical harassment किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और ऐसा करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाती है। वहीं यदि किसी के Social media content से आपत्ति है तो उसे legal process, complaint या advisory के माध्यम से सुलझाना चाहिए।
❓ FAQ (Frequently Asked Questions)
Q1. क्या सोशल मीडिया पर Bold content बनाना गलत है? A: Content बनाना व्यक्तिगत अधिकार है, जब तक वह किसी कानून का उल्लंघन न कर रहा हो; objections होने पर legal कार्रवाई करनी चाहिए, vigilante action नहीं।
Q2. ग्रामीणों ने जो किया, क्या वह अपराध है? A: हां, किसी के घर में घुसकर हंगामा करना और physical confrontation करना Indian Penal Code के तहत दंडनीय अपराध है।
Q3. सोशल मीडिया controversies से समाज में क्या प्रभाव पड़ता है? A: अक्सर Viral controversies से Moral values, youth mindset, और गाँव की Image पर प्रभाव पड़ता है, लेकिन व्यक्तिगत rights और expression को भी सम्मान मिलता है।
Q4. इस घटना का resolution legal रूप से कैसे हो सकता है? A: पुलिस complaint, FIR, mediation, महिला आयोग या High Court में petition के जरिये बेहतर समाधान निकाला जा सकता है।
Holi Special Trains 2026: होली पर मुंबई से यूपी-बिहार जाने वालों के लिए बड़ी खबर। लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सुल्तानपुर, वाराणसी, रक्सौल, सहरसा और धनबाद के लिए 30 स्पेशल ट्रेनें। जानें ट्रेन नंबर, तारीख, स्टॉपेज और बुकिंग डिटेल।
मुंबई: होली 2026 पर यूपी, बिहार और झारखंड जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। त्योहार के दौरान बढ़ती भीड़ और वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे ने 30 अतिरिक्त Holi Special Trains चलाने का फैसला किया है। इनमें से 8 स्पेशल ट्रेनें लोकमान्य तिलक टर्मिनस मुंबई से सुल्तानपुर और वाराणसी के बीच चलेंगी, जबकि 22 ट्रेनें रक्सौल, सहरसा और धनबाद रूट पर पहले से चल रही सेवाओं का विस्तार हैं।
रेलवे का यह स्पेशल प्लान खासतौर पर पूर्वांचल, बिहार और झारखंड के यात्रियों को राहत देने के लिए तैयार किया गया है।
🚉 मुंबई से सुल्तानपुर के लिए Holi Special Train
मुंबई से सुल्तानपुर के बीच चार होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं:
ट्रेन नंबर 04211 (Holi Special) 📅 27.02.2026 और 03.03.2026 🕑 दोपहर 14:35 बजे मुंबई से रवाना 🕚 अगले दिन रात 23:00 बजे सुल्तानपुर पहुंचेगी
वापसी ट्रेन नंबर 04212 📅 26.02.2026 और 02.03.2026 🕓 सुबह 04:00 बजे सुल्तानपुर से प्रस्थान 🕛 अगले दिन दोपहर 12:20 बजे मुंबई पहुंचेगी
इन ट्रेनों में 16 एसी थ्री-टियर इकोनॉमी कोच और 2 जनरेटर वैन लगाए गए हैं।
🚆 मुंबई से वाराणसी के लिए Holi Special Train
वाराणसी जाने वालों के लिए भी चार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं:
ट्रेन नंबर 04225 📅 26.02.2026 और 02.03.2026 🕑 दोपहर 14:35 बजे मुंबई से रवाना 🕒 तीसरे दिन सुबह 02:05 बजे वाराणसी पहुंचेगी
वापसी ट्रेन नंबर 04226 📅 25.02.2026 और 01.03.2026 🕐 सुबह 01:35 बजे वाराणसी से प्रस्थान 🕛 अगले दिन दोपहर 12:20 बजे मुंबई पहुंचेगी
वाराणसी वाली ट्रेनों में सुल्तानपुर और जौनपुर सिटी स्टेशन भी शामिल हैं।
इन Holi Special Trains के प्रमुख ठहराव इस प्रकार हैं: ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, चालीसगांव, पचोरा, भुसावल, खंडवा, इटारसी जंक्शन, रानी कमलापति, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ओराई, कानपुर सेंट्रल और लखनऊ।
🚆 मुंबई से रक्सौल (बिहार) के लिए स्पेशल ट्रेन
ट्रेन नंबर 05558 (हर गुरुवार) 📅 12.03.2026 से 02.04.2026 तक विस्तारित
वापसी ट्रेन नंबर 05557 📅 10.03.2026 से 31.03.2026 तक
👉 कुल 8 स्पेशल सेवाएं 👉 कोच संरचना: 1 फर्स्ट कम एसी टू-टियर 2 एसी टू-टियर 6 एसी थ्री-टियर 7 स्लीपर क्लास 4 जनरल सेकंड क्लास 1 सेकंड सीटिंग कम गार्ड ब्रेक वैन 1 जनरेटर कार
🚆 मुंबई से सहरसा के लिए स्पेशल ट्रेन
ट्रेन नंबर 05586 (हर रविवार) 📅 08.03.2026 से 29.03.2026 तक
वापसी ट्रेन नंबर 05585 📅 06.03.2026 से 27.03.2026 तक
उत्तर प्रदेश के बांदा में 33 मासूम नाबालिगों को बरसों तक यौन शोषण कर उनके वीडियो डार्क वेब पर बेचने वाले पूर्व जूनियर इंजीनियर और उसकी पत्नी को POCSO कोर्ट ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला मानते हुए मृत्युदंड सुनाया। कोर्ट ने पीड़ितों को मुआवज़ा और पुनर्वास के निर्देश भी दिए हैं।
उत्तर प्रदेश:बांदा जिले की एक विशेष पीओसीएसओ अदालत (Protection of Children from Sexual Offences Act) ने 20 फरवरी 2026 को एक ऐसे दर्दनाक और जघन्य अपराध में दोषी पाए गए पति-पत्नी को मौत तक की सज़ा सुनाई है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।
राम भवन (50), जो पहले सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर थे, और उनकी पत्नी दुर्गावती (47) को 33 नाबालिग लड़कों के साथ यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो बनाकर बेचने के दोष में फांसी की सज़ा दी गई।
मामला कितना भयानक था?
अदालत ने इस मामले को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” यानी सबसे दुर्लभ और घृणास्पद माना, क्योंकि:
यह अपराध लगभग 10 साल (2010-2020) तक चला।
33 से अधिक नाबालिग लड़कों को शोषित किया गया।
कुछ बच्चों की उम्र केवल 3 साल तक थी।
आरोपी जो वीडियो और फ़ोटो बनाते थे, उन्हें डार्क वेब पर बेचते थे, जिनकी पहुँच लगभग 47 देशों तक थी।
आरोपी पति पत्नी की तस्वीर
वे बच्चों को कैसे फँसाते थे?
जांच में सामने आया कि आरोपी दंपति बच्चों को लुभाने के लिए ऑनलाइन वीडियो-गेम, पैसे, खिलौने या मिठाई जैसी चीज़ें देते थे। फिर उन्हें अपने किराए के कमरे में ले जाकर यौन शोषण करते और उस दौरान वीडियो-फ़ोटो बनाकर डिजिटल रूप से स्टोर करते थे।
डार्क वेब और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क
इस भयावह कृत्य के वीडियो और फ़ोटो को डार्क वेब जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्मों पर बेचा गया, जिससे यह सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध मामला भी बन गया।
अदालत का विश्लेषण: “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” क्यों?
अदालत ने फ़ैसला सुनाते समय कहा कि इस तरह के व्यवस्थित, लंबे समय तक चलने वाले और बच्चों को गहरा मानसिक तथा शारीरिक आघात पहुंचाने वाले अपराध में किसी भी प्रकार की नरमी की गुंजाइश नहीं हो सकती। इसलिए इसे सबसे दुर्लभ और घृणास्पद मामला माना गया और मृत्युदंड सुनिश्चित किया गया।
सीबीआई ने 2020 में इस मामले की गहन जांच शुरू की। तलाशी के दौरान मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड-डिस्क और अन्य डिजिटल डिवाइसेज़ मिले, जिनमें बच्चों के शोषण की सामग्री पाई गई। जांच के बाद 2021 में चार्जशीट दायर की गई, और 2023 में आरोप तय हुए।
पीड़ितों को मुआवज़ा और पुनर्वास के निर्देश
अदालत ने 33 पीड़ित बच्चों को ₹10-10 लाख रुपये मुआवज़ा देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही जेल में मिले नकदी हिस्से को बंटवाने का भी आदेश दिया गया है, ताकि बच्चों के पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक उपचार और सुरक्षित भविष्य के लिए कदम उठाए जा सकें।
ख़बर का सामाजिक प्रभाव
इस फ़ैसले को बच्चों की सुरक्षा और साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में कड़ा संदेश माना जा रहा है। न्याय मिलने से पीड़ित परिवारों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन उनके दर्द के निशान जीवन भर नहीं मिटेंगे।
FAQ (Accurate Information for Readers)
Q1: इस मामले में कितने बच्चों का यौन शोषण हुआ? A1: लगभग 33 नाबालिग लड़कों का यौन शोषण किया गया, जिनमें कुछ बच्चे केवल 3 साल के थे।
Q2: अदालत ने दंपति को किस वजह से मौत की सज़ा दी? A2: अदालत ने अपराध की गंभीरता, लंबे दौर, मानसिक-शारीरिक पीड़ा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामग्री बेचने को देखते हुए इसे सबसे दुर्लभ मामला मानते हुए मौत की सज़ा सुनाई।
Q3: क्या पीड़ितों को मुआवज़ा मिलेगा? A3: हाँ, हर पीड़ित को ₹10-10 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया है।
Q4: मामला कब से चल रहा था? A4: यह कृत्य 2010 से 2020 तक लगभग 10 साल तक चलता रहा।
ललितपुर की 20 वर्षीय हिमांशी सेंगर लापता होने के बाद वायरल वीडियो में प्रेमी राहुल यादव के साथ आई सामने। लव मैरिज का दावा, पुलिस और परिवार पर उत्पीड़न के आरोप, आत्महत्या की चेतावनी से मचा हड़कंप।
उत्तर प्रदेश: ललितपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय प्रशासन तक हलचल मचा दी है। 13 फरवरी को लापता हुई 20 वर्षीय युवती हिमांशी सेंगर अब एक वायरल वीडियो के जरिए सामने आई है। वीडियो में वह राहुल यादव नाम के युवक के साथ नजर आ रही है और उसे अपना पति बता रही है। युवती ने साफ कहा है कि उसने अपनी मर्जी से लव मैरिज की है और उसे किसी ने अगवा नहीं किया।
ललितपुर से लापता हुई थी युवती
यह मामला ललितपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र का है। 13 फरवरी की रात हिमांशी अचानक अपने घर से गायब हो गई थी। बेटी के अचानक लापता होने पर परिवार ने सदर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस कई दिनों से तलाश में जुटी थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था।
वायरल वीडियो में प्रेमी के साथ आई नजर
लापता होने के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में हिमांशी सेंगर राहुल यादव नाम के युवक के साथ दिखाई दे रही है। युवती ने कैमरे के सामने कहा कि वह बालिग है और उसने अपनी इच्छा से शादी की है।
उसने दावा किया कि यह “लव मैरिज” है और उसे किसी प्रकार का दबाव या डर नहीं है। वीडियो में वह भावुक नजर आई और बोली कि उसके इस फैसले की सजा उसके पति और ससुराल वालों को न दी जाए।
पुलिस और मायके पक्ष पर गंभीर आरोप
वीडियो में हिमांशी ने आरोप लगाया कि उसके पिता द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस प्रशासन और मायके पक्ष के लोग उसके ससुराल पक्ष को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
उसका कहना है कि उसके पति के दोस्तों और परिवार के लोगों को परेशान किया जा रहा है। उसने पुलिस से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और निर्दोष लोगों को प्रताड़ित न किया जाए।
आत्महत्या की चेतावनी से बढ़ी टेंशन
वीडियो के अंत में हिमांशी ने बेहद गंभीर चेतावनी दी। उसने कहा कि अगर उसके ससुराल वालों को परेशान करना बंद नहीं किया गया तो वह आत्महत्या कर लेगी।
उसने साफ कहा कि ऐसी किसी भी घटना के लिए उसके मायके वाले और स्थानीय पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होंगे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर #LalitpurCase और #LoveMarriageCase जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
ससुराल पक्ष की स्थिति भी बताई
हिमांशी ने वीडियो में यह भी बताया कि उसकी सास गर्भवती हैं और इस हालात में भी उन्हें मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा है। युवती का कहना है कि उसने पूरी समझदारी से अपना जीवनसाथी चुना है और वह अपने फैसले पर कायम है।
"मैं हिमांशी हूं,ये राहुल यादव मेरे पति है. मैं 20 साल की हूं. मैने अपनी मर्जी से शादी की है. मेरी सास प्रेगनेंट है. मेरे ससुरालवालों को पुलिस झूठे केस की धमकी दे रही है. मैं आत्महत्या कर लूंगी जिसके जिम्मेदार मेरे मायके वाले, पुलिस प्रशासन और मेरे रिश्तेदार होगें"
पुलिस का कहना है कि मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज है और अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, युवती बालिग है तो उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सबकी नजर पुलिस की अगली कानूनी कार्रवाई और युवती की सुरक्षा पर टिकी है।
❓ FAQ Section
1. हिमांशी सेंगर कब लापता हुई थी?
वह 13 फरवरी की रात ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई थी।
2. क्या हिमांशी ने शादी की है?
वायरल वीडियो में उसने राहुल यादव को अपना पति बताया है और लव मैरिज का दावा किया है।
3. पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस के अनुसार मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है और कानूनी कार्रवाई जारी है।
4. युवती ने आत्महत्या की चेतावनी क्यों दी?
उसका आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष को परेशान किया जा रहा है। यदि यह बंद नहीं हुआ तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकती है।
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक युवती ने प्रेमी से भागने के लिए बिस्तर पर 5-फीट सांप की केंचुल रखकर सनसनीखेज ड्रामा रचा, गांव में नागिन बनने की अफवाह फैली। पुलिस ने खुलासा किया कि यह सोच समझकर किया गया नाटक था।
उत्तर प्रदेश: औरैया के फफूंद पुलिस थाना क्षेत्र के सींगनपुर गांव में एक 20-25 साल की युवती ने घर से भागने के लिए ऐसा ड्रामा रचा कि पूरा गांव हैरान रह गया। उसने अपने कमरे के बिस्तर पर 5 फीट लंबी सांप की केंचुल, कपड़े, चूड़ियां और सिंदूर सजाकर छोड़ दिया, जिससे लोग यह मान बैठे कि वह ‘नागिन’ बन गई।
🐍 नागिन अफवाह क्यों फैली?
सुबह जब परिवार ने कमरे में देखा तो बिस्तर पर सांप की केंचुल और उसके सामान रखे थे, लेकिन लड़की गायब थी। इस नज़ारे को देखकर कई ग्रामीणों ने आशंका जताई कि वह कोई रहस्यमयी शक्ति का शिकार हो गई है या ‘नागिन’ बन गई है। अफवाह इतनी तेज़ी से फैली कि लोग उसके घर के बाहर इकट्ठा होने लगे।
👮 पुलिस ने किया खुलासा: यह कोई सुपरनेचुरल नहीं था
जब परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, तो फफूंद थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने साफ कर दिया कि यह कोई नाग-अभिनय नहीं, बल्कि युवती द्वारा सोचा-समझा नाटक था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लड़की ने सांप की केंचुली, कपड़े और गहने इस तरह सजाए कि ग्रामीणों के मन में भ्रम पैदा हो और उसकी असली ठिकाने की पहचान मुश्किल हो जाये।
❤️ असली वजह: शादी से नाराज होकर प्रेमी के साथ भागी
पुलिस और जांच में यह भी सामने आया कि युवती का गांव के ही एक युवक से लंबे समय से प्रेम प्रसंग था। परिजन उसके लिए पहले से कहीं और शादी तय कर रहे थे, जिससे वह नाखुश थी। इसी के चलते उसने यह नाटक रचा और प्रेमी के साथ घर छोड़ दिया।
पुलिस ने युवती और उसके प्रेमी के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लिया है और लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही उन्हें ढूंढ निकालने की कोशिश की जाएगी।
❓ FAQ Section
Q1: या पूरा मामला सच में नागिन बनने का था?
नहीं, पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई सुपरनेचुरल घटना नहीं, बल्कि लड़की का सोचा-समझा नाटक था।
Q2: लड़की ने ऐसा क्यों किया?
वह अपनी मनचाही शादी करने के लिए घर से भागना चाहती थी और शादी कहीं और तय होने से नाराज थी।
Q3: क्या पुलिस ने कोई FIR दर्ज की है?
हाँ, परिजन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
Q4: क्या लड़की और उसके प्रेमी को पुलिस पकड़ पाई है?
पुलिस अब भी मोबाइल ट्रेसिंग और लोकेशन के आधार पर उन्हें ढूंढने की कोशिश कर रही है।
यूपी के गोरखपुर में अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन के AC कोच में TTE द्वारा NCC कैडेट युवती से रेप का मामला सामने आया है। बिना टिकट यात्रा के दौरान सीट दिलाने के बहाने वारदात। आरोपी फरार, GRP ने दर्ज किया केस।
उत्तर प्रदेश: यूपी से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में एक टीटीई पर एनसीसी कैडेट युवती से रेप करने का आरोप लगा है। युवती परीक्षा देकर मऊ से गोरखपुर लौट रही थी। भीड़ ज्यादा होने की वजह से वह टिकट नहीं ले सकी थी। इसी दौरान सीट दिलाने के बहाने आरोपी टीटीई उसे एसी फर्स्ट क्लास कोच के केबिन में ले गया और कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया।
🚆Train Rape Case क्या है पूरा मामला?
घटना रविवार की बताई जा रही है। पीड़िता मऊ से परीक्षा देकर Gorakhpur लौट रही थी। ट्रेन में भारी भीड़ होने के कारण वह टिकट नहीं ले पाई और सीधे एसी कोच में चढ़ गई।
ट्रेन में मौजूद टीटीई राहुल कुमार ने उससे पूछताछ की। आरोप है कि उसने सीट दिलाने और टिकट बनाने के नाम पर युवती को एसी प्रथम श्रेणी के केबिन में बुलाया।
⚠️ सीट दिलाने के बहाने केबिन में ले गया
पीड़िता का आरोप है कि केबिन में बैठाने के बाद आरोपी ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। पहले सामान्य बातचीत की, फिर जबरदस्ती की कोशिश की। विरोध करने पर बिना टिकट यात्रा का केस बनाने और कार्रवाई की धमकी दी।
युवती के मुताबिक, घटना इंदारा और देवरिया स्टेशन के बीच हुई।
पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। जैसे ही मामला खुला, आरोपी टीटीई देवरिया स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर फरार हो गया।
मामले की जांच अब जीआरपी द्वारा की जा रही है।
👮 GRP एसपी ने क्या कहा?
Lakshmi Nivas Mishra (एसपी जीआरपी) ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है। पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले को आगे की जांच के लिए देवरिया ट्रांसफर किया गया है।
🎓 कौन है पीड़िता?
पीड़िता मऊ जिले की रहने वाली बताई जा रही है। वह गोरखपुर में किराए पर रहकर भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही है। वह एनसीसी का ‘C’ सर्टिफिकेट एग्जाम देने मऊ गई थी।
भीड़ और जल्दबाजी के कारण टिकट न ले पाना उसके लिए भारी पड़ गया।
❓ FAQ Section
Q1: घटना किस ट्रेन में हुई?
अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में यह घटना हुई।
Q2: आरोपी कौन है?
पीड़िता के अनुसार आरोपी टीटीई राहुल कुमार है, जो घटना के बाद फरार हो गया।
Q3: पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
जीआरपी ने केस दर्ज कर लिया है, मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपी की तलाश जारी है।
Q4: घटना कहां हुई?
इंदारा और देवरिया स्टेशन के बीच एसी फर्स्ट क्लास कोच में वारदात हुई।
Q5: पीड़िता कौन है?
पीड़िता मऊ जिले की रहने वाली एनसीसी कैडेट है, जो परीक्षा देकर लौट रही थी।
AMU Non Teaching Vacancy 2026 के तहत Librarian, Registrar, Principal समेत 27 पदों पर भर्ती निकली है। सैलरी ₹56,100 से ₹2,18,200 तक। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 04 मार्च 2026। जानें योग्यता, फीस, चयन प्रक्रिया और पूरा आवेदन तरीका।
नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित सेंट्रल यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) ने नॉन-टीचिंग स्टाफ के 27 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। अगर आपके पास मास्टर्स डिग्री और संबंधित अनुभव है तो यह मौका हाथ से न जाने दें। यहां सैलरी ₹56,100 से लेकर ₹2,18,200 प्रति माह तक मिलेगी। ऑनलाइन आवेदन 04 मार्च 2026 तक और हार्ड कॉपी 19 मार्च 2026 तक भेजनी होगी।
📌 AMU Non Teaching Recruitment 2026: मुख्य हाइलाइट्स
संस्थान: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (NAAC A+ ग्रेड)
कुल पद: 27
पोस्ट नाम: Librarian, Deputy Registrar, Assistant Registrar, Principal, Medical Superintendent आदि
जॉब लोकेशन: अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
सैलरी: ₹56,100 – ₹2,18,200 (7th Pay Commission के अनुसार)
ऑनलाइन लास्ट डेट: 04 मार्च 2026
हार्ड कॉपी लास्ट डेट: 19 मार्च 2026
📝 कौन-कौन से पदों पर निकली है भर्ती?
पद का नाम
कुल वैकेंसी
पे लेवल
Librarian
1
AL-14 (₹1,44,200 – ₹2,18,200)
Deputy Librarian
1
AL-12
Assistant Librarian
7
AL-10
Deputy Registrar
4
Level 12
Deputy Finance Officer
2
Level 12
Internal Audit Officer
1
Level 12
Assistant Registrar
3
Level 10
School Principal
5
Level 12
Director Physical Education
2
AL-10
Medical Superintendent
1
Level 12
नोट: 1 Assistant Librarian पद PwBD (Hearing Handicapped) के लिए आरक्षित है।