Category: Court Cases

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  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • रमजान के बाद मस्जिद को तोड़ने का आदेश

    रमजान के बाद मस्जिद को तोड़ने का आदेश

    रमजान के खत्म होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे के एक मस्जिद और प्रार्थना गृह को तोड़ने का आदेश दे दिया है। पीछले कुछ दिनों से ठाणे नगर निगम और ट्रस्टियों के बीच विवाद चल रहा था।

    ठाणे: बॉम्बे हाई कोर्ट ने ठाणे नगर निगम (TMC) को एक अवैध मस्जिद को ध्वस्त करने में असफल रहने पर चेतावनी दी है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों के लिए नागरिकों के बीच कानून का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। न्यायमूर्ति ए.एस. गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खता की खंडपीठ ने लोकतांत्रिक राज्य में कानून के प्रवर्तन की अनिवार्यता पर जोर दिया। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    14 अप्रैल को होगा ध्वस्त

    10 मार्च को जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि रमजान के पवित्र महीने के समाप्त होते ही अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया गया है, जिसकी अंतिम तिथि 14 अप्रैल रखी गई है। यह निर्णय न्यू श्री स्वामी समर्थ बोरिवडे नामक एक निजी आवास कंपनी की याचिका के जवाब में लिया गया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ठाणे जिले में उनकी संपत्ति पर मस्जिद और उससे संबंधित प्रार्थना कक्ष अवैध रूप से बनाए गए हैं। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    जनवरी में दिया नोटिस

    याचिकाकर्ता के मुताबिक, गाजी सलाउद्दीन रहमतुल्ला अलेह उर्फ परदेशी बाबा ट्रस्ट ने 18,122 वर्ग मीटर की जमीन पर 2013 से अतिक्रमण कर रखा था। ट्रस्ट ने एक ग्राउंड-प्लस-वन बिल्डिंग बनाई थी, जिसमें मस्जिद और प्रार्थना कक्ष दोनों शामिल थे। जनवरी में, टीएमसी ने ट्रस्ट को 15 दिनों के अंदर इस संरचना को तोड़ने का आदेश दिया था और चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो नगर निगम कार्रवाई करेगा। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    इसके पहले कुछ हिस्सा किया ध्वस्त

    इस महीने की शुरुआत में, टीएमसी ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि कुछ हिस्सों का ध्वस्तीकरण किया गया था। हालांकि, भक्तों के विरोध ने आगे की कार्रवाई में रुकावट उत्पन्न की। टीएमसी के वकील राम आप्टे ने बताया कि अनुयायियों की एक बड़ी संख्या ने अनधिकृत संरचना को पूरी तरह से नष्ट करने में बाधा डाली। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    नगर निगम की लापरवाही

    हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में नगर निगम की प्रारंभिक लापरवाही की निंदा की, जिसने इतनी विशाल अवैध संरचना के निर्माण की अनुमति दी। न्यायाधीशों ने टिप्पणी की, “एक लोकतांत्रिक राज्य में, किसी व्यक्ति या समूह को यह कहने की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वह देश के कानूनों का पालन नहीं करेगा और किसी भी कारण से इसका विरोध करेगा।” (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    टीएमसी को अदालत का निर्देश

    अदालत ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए नागरिकों में कानूनी अनुपालन के प्रति सम्मान उत्पन्न करने की आवश्यकता पर बल दिया और स्पष्ट किया कि राज्य द्वारा कानून का उल्लंघन और इसके प्रवर्तन में बाधा सहन नहीं की जाएगी। ट्रस्ट द्वारा विध्वंस के खिलाफ कोई आपत्ति न उठाने के संकेत देने के बाद, अदालत ने टीएमसी को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि शेष विध्वंस कार्य रमजान के तुरंत बाद 14 अप्रैल की निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरा किया जाए। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

  • Mumbai- समुद्री तट पर प्रॉपर्टी लीगल करने के लिए सरकारी दस्तावेजों से हेरफेर, 4 गिरफ्तार 18 अधिकारियों से पूछताछ

    Mumbai- समुद्री तट पर प्रॉपर्टी लीगल करने के लिए सरकारी दस्तावेजों से हेरफेर, 4 गिरफ्तार 18 अधिकारियों से पूछताछ

    मुंबई समुद्र तटीय क्षेत्र में बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। 102 फर्जी प्रॉपर्टी नकशे के आधार पर अवैध निर्माण किए गए। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बीएमसी तथा भूमि रिकॉर्ड विभाग के 18 अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया था। एसआईटी ने जांच में खुलासा किया है कि उसने मुंबई समुद्र तटरेखा के किनारे मालाड़ पश्चिम के मार्वे, मढ़ आइलैंड और वर्सोवा के तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) और नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) की जमीन पर बड़े स्तर पर कंस्ट्रक्शन पाया। इतना ही नहीं जमीन में निर्माण के लिए संपत्ति रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई। जांच के बाद सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी के साथ बड़े स्तर पर जमीन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि समुद्र तट के किनारे कम से कम 102 प्रॉपर्टी नकशे से जुड़े घोटाले के लिए पिछले सप्ताह दो पूर्व सरकारी कर्मचारियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कुल मिलाकर, बीएमसी और भूमि रिकॉर्ड अनुभाग के 18 सरकारी कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    कहाँ हुआ जमीन घोटाला

    इस घोटाले में कथित तौर पर एस्टेट एजेंट, सरकारी कर्मचारी और ठेकेदार शामिल हैं, जिन्होंने मालाड़ पश्चिम के मार्वे, मढ़ आइलैंड, वर्सोवा और अन्य पर्यावरण के लिए संवेदनशील स्थानों में भूमि रिकॉर्ड में बदलाव किया। मालाड़ पश्चिम एरंगल के एक किसान वैभव ठाकुर ने सबसे पहले इस हेराफेरी के मामले को उजागर किया। वैभव एक खानदानी किसान है और एक खेती की जमीन के मालिक भी हैं। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    एफआईआर पर गिरफ्तारी नही हुई

    वैभव ठाकुर ने 2021 में अपने प्लॉट और आस-पास की जमीनों पर अवैध निर्माण के खिलाफ गोरेगांव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। ठाकुर ने पाया कि CRZ और NDZ भूखंडों को बनाने के लिए क्षेत्रों के रूप में वर्गीकृत करने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में जालसाजी की गई थी। हालांकि, BMC और गोरेगांव पुलिस सहित अन्य अधिकारियों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    फिर से उछला मामला

    कुछ समय के बाद भूमि अभिलेख उपाधीक्षक नितिन सालुंखे ने 2021 में एक और FIR दर्ज कराइ। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए 2012 और 2020 के बीच नक्शे और दस्तावेजों में जालसाजी की गई है। यह मामला 2022 में विधानसभा में गूंजा और सरकार को एक जांच समिति गठित करनी पड़ी। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    कैसे हुई गिरफ्तारी?

    समिति के निष्कर्ष बॉम्बे हाई कोर्ट में तब प्रस्तुत किए गए जब मूल शिकायतकर्ता वैभव ठाकुर ने सरकार के निष्कर्षों के बावजूद निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए एक याचिका दायर की। अक्टूबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर गठित SIT को कुल चार FIR की जांच करने का काम सौंपा गया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम के नेतृत्व में चार गिरफ्तारियां की हैं। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    आरटीआइ के आड़ मे घोटाले

    एसआईटी के अनुसार, चारों आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर पिछले कुछ वर्षों में 102 प्रॉपर्टी नकशे और अभिलेखों में हेराफेरी की। इसमें फर्जी सिटी सर्वे नंबर, गैर-मौजूद निर्माण और बदली हुई सीमाएं जैसे गलत विवरण शामिल थे। आरटीआई अनुरोध दाखिल करने की आड़ में जाली मानचित्र वितरित किए गए। बीएमसी अधिकारियों ने कथित तौर पर इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निर्माण और बिक्री को मंजूरी दी, इन सरकारी विभाग मे भ्रष्ट अधिकारियों के कारण सरकार को काफी हद तक राजस्व का नुकसान और पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का काम हुआ है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    1955 से 1984 के दस्तावेजों में हेरफेर

    जांच में पाया गया कि उप अधीक्षक के कार्यालय में रखे गए 1955-1984 के 884 स्थायी गणना मानचित्रों में से 102 फर्जी थे। इन मानचित्रों के आधार पर निर्माण किया गया, जो 1964 से पहले अस्तित्व में ही नहीं थे। महाराष्ट्र सरकार ने एसआईटी के निष्कर्षों के बाद, शहरी विकास के प्रमुख सचिव और पुणे में भूमि अभिलेखों के निदेशक को सार्वजनिक अभिलेखों में हेराफेरी करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    नागपुर से मूल मानचित्र जब्त

    एसआईटी ने नागपुर में महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर से सभी 884 मूल मानचित्र और उनकी डिजिटल प्रतियां जब्त कर ली हैं। आगे की जांच में अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान करने और सभी दस्तावेजों की प्रामाणिकता की पुष्टि करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पिछले गुरुवार को, एसआईटी ने 50 वर्षीय अवैध ठेकेदार नरशिम पुत्तवल्लू को गिरफ्तार किया, जो सभी चार एफआईआर में आरोपी है, साथ ही सिटी सर्वे ऑफिस के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों देवदास जाधव और मरडे और रियल एस्टेट एजेंट इमाम शेख को भी गिरफ्तार किया है। उन पर बीएमसी और भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से रिकॉर्ड में जालसाजी करने का मामला दर्ज किया गया था। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    पुलिस ने क्या कहा?

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘सीआरजेड और एनडीजेड भूमि पर अवैध निर्माण ने पारिस्थितिकी संतुलन (ecological balance) को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। बीएमसी और भूमि अभिलेख विभाग के कुल 18 अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया के कारण जांच में देरी हुई।’ (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

  • जमानत के लिए न्यायालय में नकली दस्तावेजों का खुलासा

    जमानत के लिए न्यायालय में नकली दस्तावेजों का खुलासा

    मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के पुलिस अधिकारियों ने मानखुर्द के महात्मा फुले नगर से विभिन्न पुलिस थानों में गिरफ्तार आरोपियों के न्यायालयीक जमानत के लिए नकली सरकारी दस्तावेजों के इस्तेमाल का खुलासा किया है। मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार ..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मानखुर्द के महात्मा फुले नगर में मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के पुलिस अधिकारियों ने छापामारी कर सरकारी और निजी कार्यालयों के नकली दस्तावेजों के साथ सरकारी रबर स्टैंप बरामद किया है। जो मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे आसपास के जिलों के विभिन्न पुलिस थानों में गिरफ्तार अपराधिक मामलों के आरोपी को न्यायालय से जमानत पाने के लिए सरकारी नकली दस्तावेज बनाने का काम करते थे। मौके पर से दो आरोपी 44 वर्षीय अमित नारायण गिजे और 44 वर्षीय बंडु वामन कोरडे को हिरासत में लेकर पूछताछ में पुलिस के सामने और तीन आरोपियों का खुलासा हुआ है। (Use of fake government documents to get bail from court in Mumbai)

    जमानत के लिए नकली दस्तावेज ..

    मुंबई क्राईम ब्रांच प्रकटीकरण 1 के पुलिस उपायुक्त विशाल सिंह ठाकुर ने बताया, कि क्राईम ब्रांच युनिट 6 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक रवींद्र साळुंखे को मानखुर्द में जमानत के लिए लगने वाले विभिन्न जमींदारों के विभिन्न नकली दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वेतन स्लिप, राशनकार्ड, बैंक पासबुक और अन्य सरकारी कागज़ात बनाने और सरकारी मुहर का इस्तेमाल किए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इसकी जांच और गिरफ्तारी के लिए पुलिस निरीक्षक पवार और ननावरे, सहायक पुलिस निरीक्षक गावडे, पुलिस उपनिरीक्षक मुठे, रहाणे, बेळनेकर, सावंत, सकपाळ, आव्हाड, महिला पुलिस उपनिरीक्षक माशेरे, सहायक फौजदार कुरडे, देसाई, पुलिस हवलदार पारकर, तुपे, वानखेडे, शिंदे, गायकवाड़, मोरे, पुलिस सिपाही घेरडे, माळवेकर, कोळेकर, पवार, डाळे, पाटील और महिला पुलिस सिपाही अभंग, सुतार को साथ लेकर एक टीम का गठन किया गया। (Use of fake government documents to get bail from court in Mumbai)

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    पुलिस ने बताया कि छापामारी में नकली आधार कार्ड, राशनकार्ड, विभिन्न कंपनियों के पहचान पत्र, पेनकार्ड, महानगर पालिका की टैक्स पावती, एक लैपटॉप, एक मल्टी प्रिंटर, एक मिनी लेमिनेटर, एक ही व्यक्ति के अलग-अलग नामों से बने नकली आधार कार्ड, राशनकार्ड, पेनकार्ड, बैंक स्टेटमेंट, सालव्हनसी, विभिन्न कंपनियों के नकली पहचान पत्र बरामद कर आरोपी अमित नारायण गिजे और बंडु वामन कोरडे को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो और भी अपराधियों का खुलासा हुआ। (Use of fake government documents to get bail from court in Mumbai)

    नकली,
    पुलिस उपायुक्त विशाल सिंह ठाकुर द्वारा प्रेस कॉन्फ़्रेंस की तस्वीर

    पुलिस ने 44 वर्षीय अहमद कासिम शेख को छेडा नगर से, 34 वर्षीय संजीव सोहनलाल गुप्ता को ठाणे शहर के भिवंडी से, 48 वर्षीय उमेश अर्जुन कावळे को ठाणे शहर के कल्याण से हिरासत में लेकर कुल 5 आरोपियों के खिलाफ मानखुर्द पुलिस थाने में गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 125/2024 एवं मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 में गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 36/2024 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 473, 474, 475, 476, 120 (ब) तहत मुकदमा दर्ज कर मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के पुलिस अधिकारी मामले की अभी और अधिक तहकीकात कर रहे हैं। (Use of fake government documents to get bail from court in Mumbai)

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