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  • शिक्षा का भगवाकरण और सत्यानाश करती बीजेपी सरकारें

    शिक्षा का भगवाकरण और सत्यानाश करती बीजेपी सरकारें

    भाजपा सरकार देश भर में शिक्षा का भगवाकरण करते हुए सरकारी स्कूलों को क्यों बंद कर रही है? इसके पीछे का राज साफ है। भले ही देश की उन्नति खत्म हो जाय। लेकिन सवाल नही पूछना चाहिए।

    मुंबई: शिक्षा ही परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति के द्वार खोलती है। जो देश जितना ही शिक्षित है उतना ही संपन्न और खुशहाल है। शिक्षा ही विकास का मूल है। अशिक्षित समाज भीड़ बन जाता है जिसका धर्म अराजकता अंधविश्वास होता है। अनियंत्रित भीड़ विनाश का कारण बनती है। किसी ने बिल्कुल ठीक ही कहा है, देश की बर्बादी के लिए हर वह व्यक्ति जिम्मेदार है जिसे लगता है कि शिक्षा, चिकित्सा और रोज़गार से ज्यादा महत्वपूर्ण धार्मिक मुद्दे हैं।

    देश में शिक्षा का भगवाकरण

    विपक्ष बीजेपी सत्ता पर आरोप लगाता है कि देश में सरकार शिक्षा का भगवाकरण कर रही है जिसमें सामाजिक आर्थिक मुद्दे गायब कर दिए जा रहे। इसका प्रमाण हैं कि राजस्थान में स्कूली किताबों से महात्मा गांधी के परिवार को हटाया जा रहा है।

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    शिक्षा और परीक्षा का सौदा

    सुप्रसिद्ध आई ए एस कोचिंग के शिक्षक विकास दिव्यकृति का कथन है, कि सत्ता में जब अनपढ़ लोग बढ़ जाते हैं तो शिक्षा और परीक्षा बिकने लगती है। देश की लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर तीस से चालीस लाख में बेचे गए धनवानों को ताकि गरीब प्रतियोगी परीक्षा से बाहर चले जाएं और सरकार परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए वसूलकर डकार जाती है और जब छात्र पुनः परीक्षा की मांग करते है तो गुलाम पुलिस द्वारा उन पर लाठियां बरसवाई जाती हैं।

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    शिक्षा पर 18% की जीएसटी

    उन्होंने यह भी कहा, कि शिक्षा का प्राइवेटीकरण करके माफियाओं को सौंपी जा रही जो मनमानी फीस और अन्य वस्तुएं छात्रों को बेचकर दौलत कमा रहे। आज स्कूल कॉलेज खोलना सबसे बड़ा व्यापार माना जाता है। सरकार खुद गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को शिक्षा से दूर रखने के लिए शिक्षा पर 18% जीएसटी लगाकर शिक्षा को महंगी कर चुकी है। सरकार ने 350 ऐसे लोगों को ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष बनाए जो पद आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को ही मिलते हैं लेकिन बिना आईएएस परीक्षा पास किए विशिष्ट विचारधारा के लोगों को आईएएस पोस्ट पर बिठा दिया गया।

    विश्वविद्यालयों पर भगवा कब्जा

    इतना ही नहीं आरएसएस की विचारधारा के लोगों को विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर और प्रोफेसर नियुक्त कर शिक्षा का भगवाकरण कर दिया है। ऐसे लोग यूनिवर्सिटी में उच्च पदों पर बैठकर गैर विचारधारा वाले लोगों को पीएचडी में प्रवेश देने से मना कर दिया, लेकिन आंदोलन के कारण प्रवेश देने को मजबूर हो गए। महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया बी एच यू या काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत भाषा के प्रोफेसर के रूप में एक सुयोग्य मुस्लिम को नियुक्त किया गया तो बीजेपी से संलग्न छात्र संघ के विरोध के कारण उन्हें हटा दिया गया या हटने को मजबूर कर दिया गया।

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    दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति पढ़ाने की योजना प्रबल विरोध के चलते पीछे हटने को बाध्य कर दिया। जिससे वी सी जो घोषणा करनी पड़ी कि दिल्ली विश्वविद्यालय में मनुस्मृति नहीं पढ़ाई जाएगी। यह बहुत बड़ा प्रमाण है शिक्षा के भगवाकरण का। BJP governments saffronising and destroying education

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    शिक्षा क्षेत्र मे भेदभाव

    शिक्षा के भगवाकरण के कारण ही उच्च पदों पर विशेषधारा के बैठे लोग जाति को लेकर भेदभाव किया जाता है जिस कारण बंगलुरु यूनिवर्सिटी में दस दलित प्रोफेसरों के साथ भेदभाव किए जाने से सभी दलितों ने इस्तीफा दे दिया। जब शिक्षित लोग भी जाति के कारण अपमानित किए जा रहे हों, अर्थात शिक्षा क्षेत्र में जाति का बोलबाला हो जाए तो सिस्टम हिलाना जरूरी हो जाता है। दस दलित प्रोफेसरों का इस्तीफा देने की बाध्यता शिक्षा के भगवाकरण की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। जिसका अर्थ है शिक्षा पाने आने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

    धर्म की राजनीति

    हमारे देश में जितना संघर्ष धार्मिक स्थलों के लिए किया जा रहा है उतना ही संघर्ष यदि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किया जाता तो देश की तस्वीर और तकदीर ही बदल जाती। बीजेपी सरकार धर्म की राजनीति के द्वारा वोट बैंक बनाने में लगी है देश समाज से कोई लेना देना नहीं है। बीजेपी आरएसएस और उसके एजेंट धूर्त, अज्ञानी और ढोंगी बाबा जनता को धर्म के नाम पर मूर्ख बनाकर धन और शरीर शोषण करते हैं। आशा राम और रामरहीम इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।

    मानसिक गुलामी

    सरकार जानती है कि देश में जितने अधिक अशिक्षित रहेंगे उनसे कांवड़ उठवाना, मस्जिद के सामने नाचना, गालीया देना, सोशल मीडिया में गालियां लिखने के लिए मानसिक गुलाम बनाना और पांच किलो मुफ्त अनाज और चंद सिक्के भीख में देकर वोट पाना सरल हो जाता है। BJP governments saffronising and destroying education

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    मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं

    जबकि शिक्षित जो स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों से शिक्षा ज्ञान पाकर निकलते हैं वे संविधान पढ़ते हैं। अपने मौलिक अधिकार जानते हैं। सरकार के दायित्व क्या-क्या है की जानकारी रखते हैं। वे सत्ता से सवाल पूछने लगते हैं। सरकार की असफलता तानाशाही नफरती राजनीति जानते हैं। अपने अधिकार मांगने के लिए आंदोलन करते हैं। इसलिए “न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी।” सीधे-सीधे सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। क्योंकि स्कूल कॉलेज बंद किए जाने से मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं। उन्हें धर्म के नाम पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काना सरल होता है।

    मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार

    तेलंगाना जो भारत का छोटा सा नवनिर्मित राज्य हैं वहां की सरकार शिक्षा का महत्व समझती है इसलिए सिर्फ एक छात्रा के लिए ही स्कूल खोला जाता है। इसके विपरीत हिन्दी भाषी राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। जबकि संविधान में चौदह साल के कम उम्र के बच्चों को मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार है, लेकिन बीजेपी सरकार सरकारी स्कूल बंद करने में लगी हैं।

    कितनी सरकारी स्कूलें हुई बंद ?

    एक तरफ गैर बीजेपी सरकार की सोच कि एक बच्ची के लिए नियमित स्कूल खोला और पढ़ाया जाता है। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर 334 शिक्षकों की भर्ती आरम्भ कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी शासित राज्यों में पिछले दस वर्षों में लगभग नब्बे हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। मध्यप्रदेश में 29000 और उत्तर प्रदेश में 25000 स्कूल बंद किए जा चुके हैं।

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    स्कूलें बंद मधुशालाओं का उद्घाटन

    राम कृष्ण का प्रदेश है उत्तर प्रदेश जहां पहले 50 छात्रों से कम होने पर स्कूल बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज करने की बात कही गई है उसका दायरा बढ़ाकर अब 70 छात्र होने पर भी सरकारी स्कूल बंद कर मर्ज किए जाने की मंशा है। यहां सवाल उठता है पांच मिल दूर तक स्कूल में लड़कियां कैसे जाएंगी? उनके अलावा गरीब लड़के भी शिक्षा बंद कर देंगे। योगी सरकार ने स्कूल बंद करने और 27308 नई मधुशाला खोलने का निर्णय किया है।

    सरकारी स्कूलें बंद कराने का सरकारी फरमान

    दूसरी तरफ हरियाणा सरकार का अनोखा आदेश है, कि जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे उन्हें 500 रुपए महीने फीस देनी होगी लेकिन जो बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाएंगे उन्हें 1100 रुपए महीने दिए जाएंगे। जिसका अर्थ है सभी सरकारी स्कूल बंद करना। प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देना। सब मिलाकर बीजेपी सरकारें गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है। ताकि पांच किलो मुफ्त अनाज देकर वोट लिया जा सके साथ ही कांवड़ उठाने वाले की संख्या में 21% वृद्धि की संभावना है। जितने लोग कांवड़ उठाएंगे उनपर सरकार फूल बरसाकर तृप्त करेगी। प्रोत्साहित करेगी ताकि मानसिक गुलाम बने रहकर बीजेपी को वोट देते रहें।

    मुफ्त शिक्षा के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला

    दुखद प्रसंग यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के माननीय जज ने 51 गरीब छात्रों की अपील खारिज कर सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है। यहां सवाल उठता है कि माननीय जज को छात्रों की नहीं सरकार की चिंता अधिक है। क्या कोर्ट सरकार से सवाल नहीं कर सकती थी? कि सब कुछ मुफ्त देने के बावजूद क्या कारण है कि सरकारी स्कूलों में छात्र पढ़ना ही नहीं चाहते? सरकार पता करे और गरीब बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित करे।

  • अनैतिक संबंध ने महिला को मौत के घाट उतारा, इंस्टाग्राम से हुआ प्यार

    अनैतिक संबंध ने महिला को मौत के घाट उतारा, इंस्टाग्राम से हुआ प्यार

    हत्या के बाद प्रेमी ने रात के समय रानी के शव के हाथ पैर बांधकर एक बोरी में रखा और बाइक पर ग्राम चीरा के पास शहजाद नदी में फेंक आया। विवाहिता महिला अनैतिक संबंध में थी जबकि प्रेमी और एक अनैतिक संबंध से खफा था। Illegal relationship led to woman’s death, she fell in love with Instagram

    नेशनल डेस्क
    उत्तर प्रदेश के ललितपुर के शहजाद बांध के पास भराव क्षेत्र में बोरी में बंद मिली थी मृतक महिला। अवैध संबंध के शक में उसी के प्रेमी ने हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कोल्ड्रिंक मे कीटनाशक दवा मिला कर पिला दिया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने यूट्यूब और गूगल से हत्या के तरीके सीखकर हत्या को अंजाम दिया। हत्या का कारण पुलिस ने बताया कि मृतक महिला आरोपी के साथ अवैध संबंध मे रहते एक और युवक के साथ नजदीकी चला रही थी। जिसके साथ उसका इंस्ट्राग्राम के जरिए दोस्ती हो गई थी। Illegal relationship led to woman’s death, she fell in love with Instagram

    पुलिस ने क्या बताया ?

    पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के मुताबिक थाना बार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बसतगुवां और मथुरा के बीच शहजाद बांध के भराव क्षेत्र में 16 जुलाई को बोरी में बंद एक महिला का शव मिला था। शव की पहचान रानी रैकवार के रूप में हुई जिसकी शादी नरेंद्र निवासी ग्राम करमई से हुई थी। Illegal relationship led to woman’s death, she fell in love with Instagram

    मृतका के परिजनों के मुताबिक रानी जून 2024 में जगदीश निवासी ग्राम करमई के साथ प्रेम-प्रसंग में चली गई थी। पुलिस की टीमों ने शुक्रवार को जगदीश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में जगदीश ने बताया कि उसके गांव करमई का रहने वाला नरेंद्र रैकवार की पत्नी रानी से उसका प्रेम प्रसंग था और वह एक साल से दोनों साथ में रह रहे थे।

    कुछ समय पूर्व उसकी भी शादी कहीं और तय हुई तो उसमें और रानी में मन-मुटाव रहने लगा। इसी बीच रानी इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्त बने एक युवक के साथ रहने को चली गई थी। 6 जुलाई 2025 को रानी उसके पास कोतवाली सदर अंतर्गत शहर के मोहल्ला नईबस्ती में किराए के मकान में वापस आ कर रहने लगी थी। लेकिन उन दोनों के बीच विवाद होता रहता था। Illegal relationship led to woman’s death, she fell in love with Instagram

    इस पर उसने रानी की हत्या करने का षड्यंत्र रचा। इसके लिए उसने यूट्यूब वीडियो और गूगल से हत्या करने और पुलिस से बचने के तरीके सीखा। इसके बाद वह कीटनाशक दवा बाजार से खरीदकर लाया और 7 जुलाई 2025 को उसने कोल्डड्रिंक में कीटनाशक दवा मिलाकर रानी को पिला दिया। जिससे रानी की मौत हो गई।

    रात के समय उसने रानी के शव के हाथ और पैर बांधकर एक बोरी में रखा और शव को बाइक पर रखकर ग्राम चीरा के पास शहजाद नदी में फेंक आया था। पुलिस ने आरोपी के पास से एक बाइक और कीटनाशक दवा की शीशी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। Illegal relationship led to woman’s death, she fell in love with Instagram

    पुलिस से बचने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल

    आरोपी जगदीश ने बताया कि रानी को मार डालने और शव को ठिकाने लगाने के बाद पुलिस से बचने के लिए उसने 8 जुलाई को रानी के फोन से रानी और उसके इंस्टाग्राम दोस्त की रील इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दी थी। जिससे ऐसा प्रतीत हो कि रानी अपने इंस्टाग्राम दोस्त के साथ है और रानी की पहचान हो जाए तो पुलिस को लगे कि रानी की हत्या यशवंत ने ही की है। रानी के शव को ठिकाने लगाने के बाद वह ग्राम करमई अपने गांव में आकर रहने लगा था। लेकिन उसके षड्यंत्र का पर्दाफाश हो गया।

    दो बच्चों और पति को छोड़कर बनाया अवैध संबंध

    मृतक का पति नरेंद्र जगदीश का ही दोस्त था। इस वजह से जगदीश का नरेंद्र के घर आना जाना था। इस बीच नरेंद्र की पत्नी रानी और जगदीश के बीच प्रेम-प्रसंग हो गया। जिसकी जानकारी नरेंद्र को होने पर वह रानी से झगड़ा करने लगा। जिसके बाद जून 2024 में रानी अपने पति और दो बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी जगदीश के पास चली गई थी और उसके साथ लिवइन रिलेशनशिप में रहने लगी थी। लेकिन एक साल बाद ही रानी के प्रेमी जगदीश ने उसे धोखे से कीटनाशक दवा पिलाकर हत्या कर दी।

    कैसे हुई मृतक की पहचान?

    जब बांध के भराव क्षेत्र में महिला का सड़ा गला बोरी में बंद शव मिला तो उसके हाथ पर आर जगदीश नाम गुदा था। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। तब ग्राम करमई निवासी एक परिवार ने हाथ पर गुदे नाम के चलते शव की पहचान नरेंद्र की पत्नी रानी रैकवार के रूप में करने का दावा किया था। पहचान के दावे को पुख्ता करने के लिए रानी के पिता लल्लू रैकवार निवासी ग्राम कारीकंचनपुरा टीकमगढ़ मध्य प्रदेश जोकि दिल्ली में था उन्हें को बुलाया गया। लल्लू रैकवार ने भी शव की पहचान रानी के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने जगदीश को गिरफ्तार कर घटना के रहस्य से पर्दा फाश किया। Illegal relationship led to woman’s death, she fell in love with Instagram

  • मुंबई में ‘डब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद

    मुंबई में ‘डब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद

    मुंबई में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी रैकेट पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की बेहिसाब नकदी, विदेशी मुद्रा, लग्जरी गाड़ियां और कीमती सामान जब्त किए हैं। मामले में डब्बा ट्रेडिंग जैसे अवैध नेटवर्क के जरिए करोड़ों का लेन-देन हो रहा था।

    मुंबई: देश में एक बार फिर मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर घपलेबाजों का एक रैकेट सामने आया है। इंदौर के एक मामले में ईडी को मुंबई से कनेक्शन प्राप्त हुआ है। जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का एक बड़ा एक्शन सामने आया है। इसके तहत ईडी ने मंगलवार को मुंबई में अवैध डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क पर छापेमारी की, जिसके जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था।

    चार जगहों पर छापेमारी

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    अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने चार जगहों से करीब 3.3 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, कीमती घड़ियां, गहने, विदेशी मुद्रा और महंगी गाड़ियां जब्त की हैं। साथ ही ये अधिकारियों ने ये भी बताया कि छापेमारी अभी भी जारी है। बता दें कि डब्बा ट्रेडिंग शेयर बाजार में एक अवैध और बिना लाइसेंस वाली ट्रेडिंग प्रणाली है, जिसमें लेन-देन का कोई रिकॉर्ड स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज नहीं होता।

    किन-किन प्लेटफॉर्म्स पर है शक?

    अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि वीमनी, वीएम ट्रेडिंग, स्टैंडर्ड ट्रेड्स लिमिटेड, आईबुल कैपिटल लिमिटेड, लोटसबुक, 11स्टार्स और गेमबेटलीग जैसे कई ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म इस रैकेट में शामिल हो सकते हैं। इनमें से कई ऐप्स व्हाइट-लेबल तरीके से चलाए जा रहे थे यानी अलग-अलग लोगों को इन ऐप्स के प्रशासनिक अधिकार देकर मुनाफे में हिस्सेदारी दी जा रही थी।

    मध्यप्रदेश के इंदौर मे मामला दर्ज

    गौरतलब है कि यह मामला मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित लसूड़िया थाने में दर्ज एक एआईआर पर आधारित है। हालांकि ईडी को कुछ हवाला ऑपरेटर्स और पैसों के लेन-देन से जुड़े लोगों की पहचान हुई है। उनके डिजिटल और वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

  • Shocking: बिना ड्यूटी के 12 सालों तक लेता रहा पुलिस विभाग से वेतन

    Shocking: बिना ड्यूटी के 12 सालों तक लेता रहा पुलिस विभाग से वेतन

    भोपाल के एक पुलिस कांस्टेबल ने न तो कभी विभागीय अनिवार्य प्रशिक्षण ली और ना कभी ड्यूटी ज्वाईन किया, फिर भी पुलिसकर्मी को 12 साल में 35 लाख रुपये का वेतन मिला।

    मध्यप्रदेश: भोपाल से एक विचित्र और चौकादेने वाली घटना प्रकाश में आ रही है। यहां एक पुलिस कांस्टेबल ने 2011-2012 में भर्ती होने के बाद न तो ड्यूटी पर रिपोर्ट किया और न ही अनिवार्य प्रशिक्षण लिया, जबकि उसने 12 सालों में लगभग 35 लाख रुपये का वेतन प्राप्त किया। ड्यूटी से अपनी पूरी अनुपस्थिति के दौरान, अभिषेक ने न तो विभाग को इसकी सूचना दी और न ही कभी छुट्टी के लिए आवेदन किया, फिर भी वह 12 साल तक मासिक वेतन पाने में कामयाब रहा। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

    प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था

    मध्य मध्य प्रदेश के विदिशा ज़िले के मूल निवासी, अभिषेक 2011-12 में राज्य पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती होने वालों में से एक था। वह अपने बैच के अन्य कांस्टेबलों की तुलना में काफ़ी देर से भोपाल ज़िला लाइन्स में उपस्थित हुआ था। पुलिस बल में भर्ती होने के बाद, उसे सागर ज़िले के पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में अनिवार्य प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था।

    प्रशिक्षण के बजाय घर चला गया

    लेकिन, प्रशिक्षण के लिए जाने के बजाय अभिषेक पड़ोस के अपने विदिशा जिले में अपने घर चला गया और 12 सालों तक न तो प्रशिक्षण लिया और न ही ड्यूटी पर आया। इसी बीच ड्यूटी से गैर हाजिरी की पूरी अवधि के दौरान उसने न तो विभाग को इसकी जानकारी दी और न ही कभी छुट्टी के लिए आवेदन किया, फिर भी वह 12 सालों तक मासिक वेतन पाने में कामयाब रहा। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

    कैसे खेल रचाये?

    अभिषेक ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए स्पीड पोस्ट के जरिए अपनी सर्विस फाइल भोपाल भेज दिया था। हैरानी की बात यह है कि भोपाल में संबंधित विभाग ने बिना किसी सत्यापन के उसकी सर्विस फाइल स्वीकार कर ली, जिसके परिणामस्वरूप अभिषेक को अगले 12 सालों तक 35 लाख रुपए वेतन के रूप में मिलते रहे। चौंकाने वाली यह अनियमितता 2023 में तब सामने आई, जब 2011-12 बैच के कांस्टेबलों के 10 वर्षीय समयमान वेतन ग्रेड के लिए अनिवार्य प्रक्रिया के तहत सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही थी।

    पैसे लौटाने का किया वादा

    मामले की जांच कर रही एसीपी-भोपाल अंकिता खाटेरकर ने कहा, “सेवा रिकॉर्ड की जांच में कोई पुरस्कार, कोई दंड और कोई ड्यूटी रिकॉर्ड नहीं मिला, जो कि अजीब था। उसे (अभिषेक को) विभाग की स्थापना शाखा ने बुलाया था, जिसके बाद वह आखिरकार पेश हुआ, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उसने एक दिन भी पुलिस की सेवा नहीं की है।” पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि उन्होंने विभाग को एक लाख रुपए लौटा दिए हैं और वादा किया है कि 12 साल में मिलने वाला वेतन के पैसे किश्तों में लौटा देंगे। विभागीय जांच चल रही है। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

  • आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई मे ड्रग्स की तस्करी

    आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई मे ड्रग्स की तस्करी

    ज्यादा पैसों की लालच में बिहार का कपड़ा व्यापारी मुंबई के मालवनी में ड्रग्स की तस्करी करते गिरफ्तार। बताया कि आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से लाया था ड्रग्स .. Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी पुलिस ने लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये के गांजा नामक नशीले पदार्थ के साथ बिहार के कपड़ा व्यापारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि 48 वर्षीय परवेज़ अहमद अमिरुद्दीन सैय्यद लगभग 6 किलो 398 ग्राम गांजा लेकर मालवनी में किसी को बेचने आया था। पुलिस को उसके हाल-चाल पर संदेह हुआ तो आरोपी के लाले पड़ गए। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai

    पुलिस का संदेश और खुल गया राज

    मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र रघुनाथ नागरकर ने बताया, कि शुक्रवार 4 जुलाई को मालवनी गेट नंबर 1 के पास लगभग शाम 4 बजे के करीब जनकल्याण नगर के रोड़ पर जब पुलिस हमेशा की तरह गश्त लगा रही थी, तो पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे को इस व्यक्ति पर संदेह हुआ, वह अपनी थैली में कुछ लिपट कर यहां वहां घूम रहा था। पहले तो पुलिस ने इग्नोर किया। लेकिन जब गाड़ी घुमाकर वापस उसकी तरफ देखा तो उसे पसीने छूटने लगे। ताबड़तोड़ पुलिस को पूरा यकीन हो गया, कि हो न हो लेकिन कुछ तो गडबड है। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai

    गांजे की महक ने खोले राज

    जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे ने बताया, कि जब हमने उसे बुलाकर पूछताछ की तो वो हडबडाने लगा और जब सामान की तलाशी ली तो कहने लगा साहब ये खाद है। ये खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस ने कहा, कि गांजा और उसकी महक तुरंत पहचान में आ गई। हमने इसकी सूचना पुलिस निरीक्षक रकमजी को दी और पुलिस थाने ला कर पूछताछ की तो सारा हकीकत सामने आ गया। हांडे ने बताया कि पुलिस निरीक्षक रकमजी मार्गदर्शन में अपराध दर्ज किया। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai

    कहां से लाया था ड्रग्स?

    पुलिस ने जब थाने लेजाकर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी बिहार का रहने वाला है और वहां भोजपुर जिले के संदेश तालुका में कपड़े का व्यापार करता है। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में उसने आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई में गांजा बेचने के लिए आया था। पुलिस अब यह पता करने मे जुटी है कि इस आरोपी से मुंबई में कितने लोगों का संपर्क था और क्या इसने इससे पहले भी ऐसी तस्करी की है। पुलिस आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम भी जाने की तैयारी कर रही है। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai

  • मुंबई पुलिस ने ट्रक चोरी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने ट्रक चोरी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को किया गिरफ्तार

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    गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने 6 चोरी के ट्रक समेत 2 लोगों को गुजरात और औरंगाबाद से गिरफ्तार किया है। ये गिरोह ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे। हालही में इन लोगों ने 8 जून को रात के अंधेरे में एक 10 टायर टाटा कंपनी का ट्रक चूरा लिया था। जिसकी जांच में पुलिस को पता चला कि बदमाशों ने गुजरात के सुरत ग्रामीण में ट्रक को छुपाया हुआ है। मुंबई पुलिस जब गुजरात पहुची तो और भी घटनाओं का खुलासा पेश होता चला गया। जिसमें पुलिस मुंबई से गुजरता फिर औरंगाबाद से राजस्थान तक चली गई और अबतक 6 ट्रकों को मुंबई वापस ले आई। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    कैसे हुआ खुलासा?

    वनराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गिरिष बने ने बताया कि 8 जून को लगभग रात के 1 बजे गोरेगांव पूर्व के घास बाजार के पास सीमेंट गोदाम से 10 चक्का टाटा कंपनी का ट्रक क्रमांक MH50N2086 चोरी होने की शिकायत मिली थी। इसमें गु.र.क्र. 226/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 (2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई तो हमें तकनीकी जांच से पता चला कि ट्रक सुरत के एक ग्रामीण भाग में खड़ा हुआ है। तुरंत हमने गुजरात पुलिस की सहायता ली जो वहां के जंखवाव पुलिस थाने से संपर्क करवाया। तुरंत हमने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे, बंकट तळेकर, पुलिस हवलदार येवले, पुलिस सिपाही पाटील की एक टीम तैयार की और गुजरात के लिए रवाना कर दिया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    गुजरात में क्या हुआ?

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    वनराई पुलिस थाने में क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक सुभाषचंद्र पोस्टुरे ने बताया कि जब हमारी टीम गुजरात पहुची तो उनका संपर्क जंखवाव पुलिस थाने से कराया गया। जिनकी मदद से हमारी टीम सुरत के ग्रामीण इलाके में जाकर छापामारी की और वहां से 44 वर्षीय आरोपी नर्सिंग रामस्वरूप सिंह और चोरी के ट्रक को हिरासत में लिया और उसे मुंबई ले आई। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी इंदौर के मैकेनिक नगर का रहने वाला है। इससे हमे पता चला कि जब यह इंदौर का रहने वाला मुंबई और गुजरात में कनेक्शन बना सकता है तो यह अकेला नही होगा और इसने और भी कई कांड किए होंगे। हमने जब इसके रिकॉर्ड की पडताल की तो पूरे महाराष्ट्र मे और भी 7 अलग-अलग मामले का खुलासा हुआ और कड़ी पूछताछ में उसने गिरोह के मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख का पता बताया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    जावेद की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे से मिली जानकारी के मुताबिक 10 जून को गिरोह का मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख को औरंगाबाद से गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ अहमदनगर के तोफखाना पुलिस थाने में दो अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा नाशिक के आडगांव पुलिस थाना और येवला शहर पुलिस थाना और धुळे के मोहाडी नगर पुलिस थाना, औरंगाबाद के सिटी चौक पुलिस थाना के साथ तळोजा पुलिस थाने में अपराध दर्ज है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    राजस्थान से मिले 5 ट्रक

    पुलिस ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच मे पता चला कि इन लोगों ने और भी 5 ठिकानों पर ट्रक और भारी वाहनों को चोरी कर छिपाया हुआ है। फिर से वही पुलिस की टीम पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे की नेतृत्व में राजस्थान रवाना हुआ। राजस्थान के बांसवाडा जिला, डोंगरपुर जिला और सलुंम्बर जिला के अलग-अलग ठिकानों से पुलिस ने 5 वाहनों को हस्तगत किया और उसे मुंबई ले आए। वनराई पुलिस और अधिक मामले की तहकीकात कर रही है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

  • गरीब न पढ़े अंग्रेजी ताकि आगे न बढे न सरकार गिरे

    गरीब न पढ़े अंग्रेजी ताकि आगे न बढे न सरकार गिरे

    • बीजेपी सरकार ने सौंप दिया शिक्षा को माफियाओं के हाथ
    • शिक्षा को व्यापार की तरह चलाया जा रहा माफियाओं के हाथों
    • पचास हजार के ऊपर सरकारी स्कूल बंद
    • हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां
    • निःशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें
    • दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासन में बच्चों को दिया गया शिक्षा का अधिकार
    • सरकारों का लोकलुभावन नारा ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ ..
    • 18℅ की GST लगाकर सरकार ने किया आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित
    • गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी न पढाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक
    • उत्तर प्रदेश के 70 प्रतिशत इंजीनियर बेकार
    • देश में लाखों कॉलेज विश्वविद्यालय नेताओं या उनके रिश्तेदारों के…!
    • धर्म की सियासत चमकाने में व्यस्त बीजेपी सरकार
    • बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 60℅ सरकारी स्कूल बंद
    • पांच किलो मुफ्त राशन गर्म तवे पर पानी की बूंद जैसा
    • मुफ्त राशन प्रचार में राशन खर्च से अधिक विज्ञापन का खर्च
    • विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकार
    • 95℅ जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र

    मुंबई: बीजेपी के कथित चाणक्य अमित शाह ने अंग्रेजी नहीं पढ़ने की वकालत की है। लेकिन सबसे पहले उन्हें अपने बेटे को जिसे बीसीसीआई का सेक्रेटरी दबाव में बनाया है, इससे कहें कि अंग्रेजी न बोले। इसके साथ ही अपनी सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को पार्टी से बाहर करें जो विदेश से पढ़कर आए हैं क्योंकि वहां अंग्रेजी ही पढ़ाई जाती है। साथ ही उन मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी जिनके बेटे, बेटियां विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे और जो वहां सेटल्ड हो चुके हैं।

    देश के सारे कॉन्वेंट स्कूल बंद कर दें। सीबीएससी जिसमें अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा दी जाती है उसकी मान्यताएं खत्म कर दें। संसद में अंग्रेजी बोलने, सेक्रेटरियो द्वारा अंग्रेजी बोलने लिखने की मनाही कर दें। यहां तक कि संसद में अंग्रेजी बोलने वालों को बरखास्त कर दें। तब आम गरीब आदमी या देशवासियों से अंग्रेजी पढ़ने को मना करें।
    लेकिन अब कोई छात्र किस मीडियम में पढ़ेगा। किस भाषा में बात करेगा सरकार इस पर रोक कैसे लगा सकती है?

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    बीजेपी सरकार ने सौंप दिया शिक्षा को माफियाओं के हाथ

    एक तो वैसे ही बीजेपी सरकार ने शिक्षा को माफियाओं के हाथों में सौप दिया है, जिसे व्यापार की तरह चलाया जा रहा है। मनमानी फीस की वसूली की जा रही है। स्कूल बैग, जूता, मोजा और किताबें वह भी प्राइवेट स्कूलों की जिनका मूल्य चार सौ से कम नहीं है। उसमें भी कमीशन मिलता है। तमाम प्राइवेट स्कूलों में न लाइब्रेरी है, न कंप्यूटर हाल और ना ही साइंस लैब।

    फिर भी स्कूलों को दो चार लाख रुपए लेकर मान्यताएं दी जा रही है, जहां शिक्षा के नाम पर नील बटा सन्नाटा है। ट्यूशन पढ़ने के लिए बच्चों पर दबाव डाला जाता है। सरकार जिसका दायित्व है कि निःशुल्क शिक्षा देना।नहीं दे रही। तमाम सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। स्कूलों को मर्च किया जा रहा दूर के स्कूलों में।

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    हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां

    शिक्षक आंदोलन रत हैं। बिजली कर्मचारी आंदोलन रत हैं, लेकिन बीजेपी सरकारें दो कार्य कर रही। अब तक पचास हजार से ऊपर तक के सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां किए जाने पर हाईकोर्ट ने सारी नियुक्तियां रद्द कर दी हैं। वहीं शिक्षा निःशुल्क देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें। प्राइवेट स्कूलों की सालाना फीस लाखों में रखी गई है।

    उसके अलावा हर वर्ष एडमिशन फीस और तमाम तरह की फीस की वसूली की जा रही है। यहां तक कि फीस जमा नहीं कर पाने वाले छात्रों को गेट से ही घर लौटाया जा रहा। केंद्र सरकार की नाक के नीचे दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल द्वारा तीन साल में हजारों रुपए बढ़ा दिए जाने और छात्रों के घर लौटाए जाने के कारण अभिभावकों को आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ा था।

    दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासन में बच्चों को दिया गया शिक्षा का अधिकार

    दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासन में बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिया गया। अगर पांच दस वर्ष जीवित रहते तो शिक्षा को समवर्ती सूची से निकालकर समूचे देश में एक ही शिक्षा पद्धति लागू कर देते। पाठ्यक्रम भी एक होते ताकि असमय स्थल परिवर्तन का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। छः से चौदह वर्ष आयु तक शिक्षा का अधिकार देने के बाद उनकी योजना कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी निःशुल्क शिक्षा का अधिकार दे देते। लेकिन देश का दुर्भाग्य उनकी मृत्यु की साजिश रची गई।जिससे उनका शिक्षा को लेकर सारी योजना ही बंद हो गई।

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    सरकारों का लोकलुभावन नारा ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ ..

    अब तो सरकारें सारे के सारे सरकारी स्कूल बंद करने पर तुली हुई हैं। हमारी सरकारों ने नारे बड़े लोकलुभावन दिए थे, कि “पड़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया” लेकिन कार्य उसके ठीक विपरित किए जा रहे हैं। भारी भरकम फीस के कारण लाखों छात्र पांचवीं और आठवी कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने के लिए बाध्य हो जाते हैं। प्राइवेट स्कूलों कॉलेजों में पढ़ा पाना देश के नब्बे प्रतिशत लोगों के बूते में नहीं है।

    18℅ की GST लगाकर सरकार ने किया आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित

    शिक्षा पर 18% की जीएसटी लगाकर सरकार ने आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर दिया है। कैसे पड़ेगा इंडिया और कैसे बढ़ेगा इंडिया?
    देश में एक भी कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसा नहीं है जो दुनिया के टॉप दो सौ विश्वविद्यालयों में स्थान पा सके। इसका कारण है शिक्षा मद में केंद्र सरकार द्वारा कटौती।

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    गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी न पढाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक

    अंग्रेजी भाषा अंतरराष्ट्रीय भाषा है। अंग्रेजी पढ़े लिखे छात्रों को ही खुद अपने ही देश में प्राइवेट जॉब मिल पाता है। बिना अंग्रेजी के कहीं भी कोई पूछता तक नहीं है। विदेश जाने, उच्च शिक्षा प्राप्ति अथवा जॉब पाने के लिए अंग्रेजी टेस्ट अनिवार्य है। ज्ञान विज्ञान की समस्त पुस्तकें अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए अरबों खरबों रूपये व्यय करने होंगे। बिना अंग्रेजी ज्ञान के कोई भी विदेश जाकर उच्च शिक्षा या नौकरी या व्यवसाय कर ही नहीं सकता। ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी नहीं पढ़ाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक है।केंद्रीय मंत्री को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।

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    निःशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें

    जबकि शिक्षा को व्यापार करने की छूट कदापि नहीं दी जानी चाहिए। सरकार का दायित्व है, कि सभी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करना। लेकिन सरकार अपने दायित्व पालन से भाग रही है। निःशुल्क शिक्षा प्रशिक्षण देकर प्रति परिवार एक रोजगार के संसाधन जुटाना सरकार का दायित्व है। जब नब्बे प्रतिशत बच्चे पढ़ेंगे नहीं तो आगे कैसे बढ़ेंगे। शिक्षा का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि उत्तर प्रदेश के सत्तर प्रतिशत इंजीनियर बेकार हैं। उन्हें ज्ञान ही नहीं है कि प्राइवेट शिक्षा संस्थान प्रैक्टिकल कहां करते हैं? बिना प्रेक्टिकल के ज्ञान कैसे आयेगा?

    देश में लाखों कॉलेज विश्वविद्यालय नेताओं या उनके रिश्तेदारों के हैं जिनका लक्ष्य दौलत अर्जित करना है। इसीलिए सरकार शिक्षा को माफियाओं के हाथों सौंप चुकी है। सरकार डरती है कि कहीं शिक्षा व्यवसाय पर नकेल कसी गई तो उसके लोग ही सरकार गिरा देंगे। सत्ता बचाने के लिए देश के एक सौ चालीस करोड़ लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना सरकार को शोभा नहीं देता। शायद यही वजह है, कि सरकार को चुनाव जीतने के लिए धर्म, नफरत का सहारा लेना पड़ रहा है। अपने वादों को जो कभी पूरे ही नहीं किए सरकार ने, वोट मांगने की हिम्मत ही नहीं है। इसलिए धर्म की सियासत चमकाने का कार्य कर रही सरकार।

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    बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 60℅ सरकारी स्कूल बंद

    सिर्फ़ दो बीजेपी शासित राज्यों मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में ही 60% सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। दोनों राज्यों के दो करोड़ बच्चे चौथी या आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं। महंगाई इतनी बढ़ गई है, कि पांच किलो मुफ्त राशन गर्म तवे पर पानी की भी बूंद जैसा नहीं है। माता पिता मेहनत करते हैं। महीने में आठ से दस दिन मजदूरी मिलती है शेष दिन फांका कटता है। परिवार का पेट भरे कि बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में महंगी शिक्षा लेने भेजें?

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    95℅ जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र

    दरअसल पांच किलो मुफ्त राशन का प्रचार करने में राशन खर्च से अधिक विज्ञापन खर्च आ जाता है। विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकारें नहीं चाहती कि अस्सी करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ पाएं। ऊपर से अंग्रेजी नहीं पढ़ाने की वकालत? यह वकालत वे लोग करते हैं जो कभी अंग्रेजों की दलाली करते और गांधी के आंदोलन को कुचलने के लिए वायसराय को खत लिखा करते थे। आज उन्हीं की औलादें सत्ता में आई हैं, तो देश को निरक्षर रखने के तमाम उपाय करते रहते हैं। विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था चंद पूंजीपतियों की है जबकि सच तो यह है कि देश की 95% आबादी बीजेपी शासन में हैंड टू माउथ हो चुकी है।

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    विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकार

    इतने टैक्स तो लुटेरे अंग्रेजों ने भी नहीं लगाए थे जितनी हिंदुत्ववादी सरकार टैक्स लगाकर 95% जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र करती है। गरीबी झेली है। गरीब मां का बेटा हूं। बर्तन माजती थी मां कहने वाले पीएम दिन में पांच ड्रेस वह भी लाखों के बदलते रहते हैं। नेहरू पर आरोप लगाने वाले सोचें कहां राजा भोज कहां गंगू तेली। नेहरू परिवार आजादी के पहले से ही संपन्न रहा था। उनकी बराबरी तो क्या पैरों की धूल बराबर आज कोई नेता नहीं। हर मोर्चे पर नाकाम सरकार केवल विज्ञापनों, व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के द्वारा ब्रेन वाश करके मूर्ख बनाती और धर्म आस्था के नाम पर वोट मांगती सरकार।

  • मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    • नितीश कुमार के वोटरों में नाराजगी
    • नायडू के वोटर्स में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय
    • दिसंबर में बिहार राज्य का विधानसभा चुनाव
    • राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
    • वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश

    मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं। government moving towards mid term elections

    बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग

    वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं।

    वक्फ संशोधन कानून का असर

    केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है। government moving towards mid term elections

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    विधानसभा चुनाव

    ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं।

    राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

    उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है। government moving towards mid term elections

  • एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर खुल्लम-खुल्ला सेक्स कांड मामले में वीडियो वायरल करने के ज़ुर्म मे 8 लेन कंट्रोल रुम के तीन कंप्यूटर ऑपरेटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। जिसमें पैसों की डिमांड पूरी नही होने के 8 दिनों बाद वीडियो वायरल करने का खुलासा हो रहा है। 28 लाख रुपये की डिमांड ..

    नई दिल्ली- भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोहरलाल धाकड़ के एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कर्मचारियों ने धाकड़ को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। रुपए की मांग पूरी नहीं होने पर वीडियो लीक कर दिया गया। इस मामले में पुलिस बाकि कर्मचारियों की भी जांच कर रही है। फिलहाल 3 कंप्यूटर ऑपरेटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि उन लोगों ने नेता का डांस वाला दूसरा वीडियो लिक नही किया। Three control room employees suspended in the expressway sex scandal viral video

    क्या हुआ था उस रात ?

    मध्यप्रदेश की मंदसौर पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। 13 मई को भानपुरा के नीमथूर वाले पॉइंट पर सफेद कलर की बलेनो कार क्रमांक: MP-14-CC-4782 से उतरने के बाद 8 मिनट तक धाकड़ व महिला बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दिए थे। इससे पहले की दोनों कार से वापस निकल जाते, मौके पर एनएचएआई के 10 से 15 कर्मचारी पहुंच गए। दोनों से कहा कि तुम्हारी करतूत रोड पर लगे कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। रिकॉर्डिंग के कुछ अंश भी बताए। वीडियो वायरल न करने के लिए रुपए मांगे।

    उस समय सौदा नहीं हुआ तो धाकड़ से मोबाइल नंबर ले लिए। 8 दिन तक रुपए को लेकर बात होती रही। धाकड़ रिकॉर्डिंग मिटाने की शर्त पर रुपए देने को तैयार था। एनएचएआई का सेंट्रल सर्वर होने से वीडियो डिलीट नहीं किया जा सकता। ऐसे में कर्मचारी सिर्फ उसे वायरल नहीं करने का कहते रहे। यह उलझन पूरे 8 दिन (13 से 20 मई) तक चली। जब बात नहीं बनी तो कर्मचारियों ने 9वें दिन पहले स्क्रीन शॉट और कुछ घंटे बाद वीडियो वायरल कर दिया।

    ब्लैकमेल

    28 लाख रुपये की मांग की गई थी सूत्रों के मुताबिक नही देने पर वीडियो वायरल कर दिया। इसी मामले मे युवा नेता जो कि बहुचर्चित है उनके कई कारनामे हुवे है पर उनका नाम अभी तक ओपन नही हुवा। इसपर सवाल उठ रहे हैं, कि क्या उनके नाम गुप्त रखने में भी रिश्वतखोरी की गई है? जाहिर है कि यह सत्य ही होगा तभी तो डांस वाला वीडियो वायरल नही हुवा। सूत्रों के हवाले से, पहले 5 लाख, फिर दो और आखिर में एक, नहीं देने पर वीडियो वायरल हुए हैं। कहा जा रहा है कि ब्लेकमैलिंग हुई, बात नहीं बनी तो वीडियो वायरल कर दिया गया।

    नंगा डांस वाला वीडियो

    इस बीच शनिवार को वीडियो का पार्ट-2 भी सामने आया है। 28 सेकंड के इस वीडियो में मनोहरलाल धाकड़ व महिला 8 लेन के बीच आपत्तिजनक स्थिति में डांस करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। संदीप पाटीदार, एरिया प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई का कहना है की मंदसौर पुलिस ने हमसे संपर्क किया है और हमने जानकारी भी दी है। कंट्रोल रूम के ऑपरेटरों वाली स्टाफ की सूची, शिफ्ट का डिटेल भी भेज दी है। जो वीडियो सामने आया है वो मोबाइल के जरिए कम्प्यूटर स्क्रीन से रिकॉर्डिंग कर बनाया गया है। उसमें जो आवाज सुनाई दे रही है उस आधार पर 3 लड़कों को सेवा से टर्मिनेट भी कर दिया गया है। पुलिस को भी यह जानकारी सौंप दी गई है। जांच में पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे।

    पुलिस ने क्या कहा?

    अभिषेक आनंद, एसपी, मंदसौर का कहना है की 8 लेन वीडियो के आधार पर धाकड़ के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद कार जब्त कर ली गई है। वह मौके पर नहीं मिला। महिला की शिनाख्त भी कर रहे हैं। मामले में एनएचएआई के सीसीटीवी कंट्रोल रूम इंचार्ज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि वहां से वीडियो कैसे वायरल हुआ। ड्यूटी रजिस्टर भी मांगा है कि कब-किस समय कितने कर्मचारी वहां मौजूद थे। मामले में जानकारियां एकत्र कर रहे हैं और जांच जारी है।Three control room employees suspended in the expressway sex scandal viral video

  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर खुल्लम-खुल्ला शारिरीक संबंध बनाते वीडियो हुआ वायरल, BJP नेता पर एक्शन

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर खुल्लम-खुल्ला शारिरीक संबंध बनाते वीडियो हुआ वायरल, BJP नेता पर एक्शन

    दिल्ली-मुबंई एक्सप्रेस वे पर एक नग्न महिला के साथ संबंध बनाने के आरोपी भाजपा नेता पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मध्य प्रदेश के मंदसौर का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने यह ऐक्शन लिया है। Video of openly having physical relations on Delhi-Mumbai Expressway goes viral, action taken against BJP leader

    डिजिटल डेस्क
    दिल्ली-मुबई एक्सप्रेसवे पर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी नेता पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मध्य प्रदेश के मंदसौर का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने यह ऐक्शन लिया है। आरोपी मनोहरलाल धाकड़ भाजपा के नेता बताए जाते हैं। हालांकि, भाजपा का कहना है कि वीडियो में दिख रहा शख्स पार्टी का प्राथमिक सदस्य नहीं है। आरोपी की पत्नी भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य है। आप यह जरूर बता दें कि इंडियन फास्ट्रैक न्यूज़ इस वीडियो की सत्यता की पुष्ट नहीं करता है। Video of openly having physical relations on Delhi-Mumbai Expressway goes viral, action taken against BJP leader

    भाजपा नेता के खिलाफ

    भानपुरा पुलिस ने आरोपी भाजपा नेता मनोहर लाल धाकड़ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 285, 3(5) और भारतीय दंड विधान की धारा 294, 283, 34 के तहत अपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपी मनोहरलाल धाकड़ ने आति व्यस्त रहने वाले दिल्ली- मुबई एक्सप्रेसवे पर सार्वजनिक रूप से एक महिला के साथ खुली सड़क पर संबंध बनाए। Video of openly having physical relations on Delhi-Mumbai Expressway goes viral, action taken against BJP leader

    एक्सप्रेस वे के कैमरे में हुआ कैद

    एक सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ है जिसमें दिख रहा है, कि एक कार सड़क किनारे आकर खड़ी होती है। तभी वहां से एक अन्य वाहन भी गुजरता है। पहले कार से एक महिला पूरी निवस्त्र अवस्था में बाहर निकलती है उसके बाद पुरुष अपनी पैंट की जीप खोले हुए अपना लिंग बाहर निकाल कर कार से उतरता है और सड़क पर ही बेशर्मी की हदें पार करते हुए दोनों शारीरिक संबंध बनाने लगते हैं। इस वीडियो में कार का नंबर भी साफ दिख रहा है। जिसमें कार का नंबर एमपी14 सीसी 4782 है। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन मनोहरलाल धाकड़ के नाम पर ही दर्ज है। वैसे सीसीटीवी एक्सप्रेस वे पर लगे सरकारी कैमरे बताए जा रहे हैं। Video of openly having physical relations on Delhi-Mumbai Expressway goes viral, action taken against BJP leader

    पुलिस रिकार्ड क्या कहता है?

    जिस सीसीटीवी में घटना कैद हुई है उस पर 13 मई 2025 की तारीख और समय रात के 8:26 दिख रहा है। एफआईआर में लिखा गया है कि आरोपी का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें आम सड़क के बीच रोड पर मारुति कंपनी की एक कार खड़ी कर, रोड पर उतरकर एक महिला के साथ 8 लेन वाले दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर अश्लील कृत्य करते हुए दिखाई पड़ रहा है। Video of openly having physical relations on Delhi-Mumbai Expressway goes viral, action taken against BJP leader

    पद से हटाया, भाजपा का किनारा

    मनोहरलाल धाकड़ उज्जैन में पंजीकृत धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय मंत्री भी हैं। महासभा ने एक बयान में कहा कि धाकड़ को पद से हटा दिया गया है। सोशल मीडिया पर धाकड़ को भाजपा के नेता के रूप में पेश किए जाने पर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के मंदसौर जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा ‘धाकड़ भाजपा का प्राथमिक सदस्य नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘धाकड़ की पत्नी सोहन बाई जिला पंचायत की सदस्य हैं। धाकड़ अगर ऑनलाइन माध्यम से पार्टी का सदस्य बन गया हो तो मालूम नहीं है।’ Video of openly having physical relations on Delhi-Mumbai Expressway goes viral, action taken against BJP leader