Category: Central India

  • BJP Government: बीजेपी सरकार के विकास का मॉडल।

    BJP Government: बीजेपी सरकार के विकास का मॉडल।

    • जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास
    • अनपढ़ जनता, अनपढ़ सरकार
    • जनता को शराबी बनाकर तिजोरी भरने का इंतजाम
    • 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का ऐतिहासिक फैसला

    डिजिटल डेस्क
    BJP Government:
    छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को झूठे भ्रष्टाचार में फंसाकर सत्ता का खेल खेलने वाली बीजेपी जब सत्ता में आई तो राज्य को विकसित करने का उसका नजरिया भी सामने आने लगा है। यहां जनता को शराबी बनाकर अपनी तिजोरी भरने का पुख्ता इंतजाम कर लिया है। (Development model of BJP government)

    सरकार ने 67 शराब की नई दुकानें खोलकर जनता को नशा मुक्त बनाने में लगी है। नशा यानी जीवन। जीवन से मुक्ति दिलाने के लिए शराब का सहारा ले रही है। अब जनता शराब पीकर मदमस्त रहा करेगी। उसे मंहगाई बेरोजगारी और शिक्षा की चौपट की जा रही व्यवस्था नहीं दिखेगी। छत्तीसगढ़ के विकास रचने के लिए अब 741 सरकारी शराब के ठेके चलेंगे। जिसकी कमाई से सरकार मनमाने ढंग से राजसी जिंदगी जीने की व्यवस्था कर लेगी। (Development model of BJP government)

    कभी विधायकों के वेतन तो कभी भत्ते में बढ़ोत्तरी करके खुशी मनाएंगे विधायक। और चाहिए ही क्या उन्हें?
    बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि गरीब निम्न मध्यम वर्ग पढ़े लिखे क्योंकि शिक्षा का व्यापारीकरण कर चुकी पार्टी की सरकार जानती है कि गरीब और निम्न वर्ग पढ़ लिख लेगा तो गुलाम बनने से इनकार कर सरकार से रोजगार और अन्य अधिकार मांगने लगेगा। (Development model of BJP government)

    https://www.cgstate.gov.in

    इसलिए न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी की कहावत को चरितार्थ करने के लिए 4000 सरकारी स्कूल बंद करने का बीजेपी राज्यसरकार ने फैसला कर लिया है। ऐसा ऐतिहासिक फैसला करने का दुस्साहस केवल बीजेपी सरकार ही कर सकती है। इतनी बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद करने से सरकार का खजाना भरा रहेगा। क्योंकि तब 35000 शिक्षकों को वेतन देने ही नहीं होंगे। यानी सरकार तीन का एक करके शिक्षक पदों को ही नहीं प्रधानाध्यापकों के पद भी खत्म कर देगी। (Development model of BJP government)

    इस तरह से सरकार अरबों रुपए खर्च करने से पैसे बचा लेगी। क्योंकि बीजेपी नहीं चाहती कि लोग पढ़ें। वह तो जनता को अनपढ़ गुलाम बनाने में विश्वास करती है। अनपढ़ जनता रहेगी तो ही अनपढ़ लोगों की सरकार दौड़ेगी। बीजेपी को सिर्फ सरकार चलानी है जनता की सेवा नहीं। इसीलिए बीजेपी शिक्षित लोगों को शहरी नक्सली कहती हैं कि वे जनता के अधिकार मांगते हैं। ऐसे लोग सरकार की आंखों में बहुत चुभते हैं जो सरकार के नकारेपन को सार्वजनिक करे। (Development model of BJP government)

  • भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

    भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

    महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के साथ अगले कुछ समय में नगरपालिका चुनाव होने जा रहे है। इस बीच बीजेपी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष घोषित कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिलाध्यक्ष के लिए उत्तर भारतीय लोगों को किनारे रखने की योजना बीजेपी के लिए कितना कारगर साबित होती है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में नगरपालिका और पंचायती चुनाव की तैयारियां जोर शोर से हो रही है। कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र चुनाव आयोग से चार सप्ताह के भीतर राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसी के मद्देनजर सियासी दलों ने चुनाव को लेकर तैयारी करनी शुरू कर दी है। चुनाव की सियासी तपिश के बीच भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में अपने जिला संगठन को नए सिरे से दुरुस्त कर रही है। लेकिन इस लिस्ट में उत्तर भारतीयों को शामिल नहीं किया गया है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    नुकसान का खतरा

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपने जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की है। बीजेपी ने महाराष्ट्र के 78 जिलों में से 58 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया जबकि 20 जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी। बीजेपी ने 58 जिलाध्यक्षों में से 19 पुराने नेताओं को फिर से मौका दिया जबकि 39 नए चेहरों को जिले की कमान सौंपी है। इसमें बीजेपी ने किसी भी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष की कमान नहीं दी। ऐसे में उत्तर भारतीयों को इग्नोर करने को लेकर बीएमसी चुनाव में नुकसान होने का डर सताने लगा है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    भाजपा जिलाध्यक्षों की नई लिस्ट

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव होने की उम्मीद जगी है। मुंबई में बीएमसी चुनाव भी होने है। ऐसे में बीजेपी ने अपने जिन 58 जिलाध्यक्ष की घोषणा की है, उसमें मुंबई रीजन के छह जिलों में से तीन जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं और तीन जिले को पेंडिंग रखा गया है। कोंकण इलाके के कुल 14 जिलाध्यक्ष हैं, जिसमें 12 के नाम घोषित किए हैं। इसमें 5 नेताओं को फिर से मौका मिला है जबकि 2 जिलाध्यक्षों के बारे में पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र के 13 जिलों में से बीजेपी ने 11 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया। इन 11 में से 4 जिलाध्यक्ष पुराने नेताओं में से बनाए गए हैं, जबकि दो जिलाध्यक्षों के नाम घोषित नहीं किए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के विदर्भ के कुल 19 जिलाध्यक्षों में से 15 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें दो पुराने चेहरों पर भरोसा जताया बाकी नए लोगों को शामिल किया गया है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    उत्तर भारतीय को किया इग्नोर

    बीजेपी ने उत्तर महाराष्ट्र इलाके के 12 जिलों में से 9 जिलाध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया। नासिक जिले में विवाद के चलते अध्यक्ष की घोषणा नहीं हुई है। उत्तर महाराष्ट्र के 4 जिलाध्यक्षों को दोबारा से मौका दिया गया है। मराठवाड़ा इलाके के 15 जिलों में से 8 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए गए हैं। जिसमें तीन पुराने चेहरों को कमान सौंपी गई है जबकि 7 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान नहीं हो सका है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    मुंबई का हाल

    मुंबई के बीएमसी चुनाव होने हैं, जिसके चलते बीजेपी ने मुंबई रीजन की ज्यादातर जिलों में बीजेपी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने उत्तर मुंबई से दीपक तावडे और उत्तर मध्य से विरेंद्र म्हात्रे का नाम घोषित किया जबकि उत्तर पूर्व मुंबई से दीपक दलवी को फिर से अवसर दिया गया है। बीजेपी ने दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिला अध्यक्ष के नाम घोषित नहीं किए हैं। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    क्या कहते हैं कार्यकर्ता ?

    बीजेपी ने मुंबई के छह जिलों में से तीन जिले के अध्यक्ष बनाए हैं, उसमें किसी भी उत्तर भारतीय नेता का नाम शामिल नहीं है। इस तरह से बीजेपी ने किसी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया है। हालांकि, दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिलाध्यक्षों की घोषणा पार्टी ने नहीं की है, ऐसे में दक्षिण मुंबई और दक्षिण मध्य मुंबई जिले से उत्तर भारतीय अध्यक्ष देने की संभावना कम ही है, लेकिन उत्तर पश्चिम मुंबई से बीजेपी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष बना सकती है। ऐसा भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    दूसरी लिस्ट पर नजर

    उत्तर भारतीय समाज की पैनी नजर बीजेपी के दूसरी जिलाध्यक्षों की लिस्ट पर टिकी है। बीजेपी अगर किसी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया तो बीएमसी चुनाव में उत्तर भारतीय की नारजगी देखने को मिल सकती है। उत्तर भारतीय वोटों की नाराजगी महानगरपालिका के चुनाव में बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों समेत बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग मुंबई में रहते हैं और इनके वोट बैंक बीजेपी के लिए हमेशा से फायदेमंद रहा है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    मुंबई में कितने है उत्तर भारतीय वोटर्स ?

    मुंबई में करीब 30 लाख उत्तर भारतीय वोटर्स हैं। 2024 के चुनाव में मुंबई में दोनों ही गठबंधनों से 14 उम्मीदवार उत्तर भारतीय मैदान में उतरे थे, जिनमें से 6 विधायक बनने में कामयाब रहे। कलीना, कुर्ला, दहिसर, चारकोप, कांदिवली-ईस्ट, बोरीवली, मागाठणे, वर्सोवा, गोरेगांव, दिंडोशी, जोगेश्वरी-पूर्व और अंधेरी ईस्ट इलाके में उत्तर भारतीय निर्णायक भूमिका अदा करते रहे हैं। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    उत्तर भारतीयों की भूमिका

    मुंबई से बाहर महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में भी बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय वोटर रहते हैं। नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण, पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, अकोला, औरंगाबाद इसमें शामिल हैं। यहां उत्तर भारतीयों के वोट नतीजों पर प्रभाव डालने वाली स्थिति में हैं। मुंबई की बीएमसी से लेकर पुणे, नागपुर, औरंगाबाद और ठाणे नगर निगम की सीटों पर उत्तर भारतीयों का प्रभाव रहा है। इस तरह मुंबई ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के अन्य कई शहरों में भी उत्तर भारतीय वोटर मुख्य भूमिका में हमेशा से रहे है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • 3 बच्चियों का बलात्कारी करने गया महाकुंभ में स्नान, मौत की सजा भी मिली, लेकिन हर बार हुआ रिहा

    3 बच्चियों का बलात्कारी करने गया महाकुंभ में स्नान, मौत की सजा भी मिली, लेकिन हर बार हुआ रिहा

    राजगढ़ पुलिस ने ऐसे सनकी शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने 22 सालों में हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। तीन बच्चियों से उसने रेप किया। 10 साल की सजा काटकर जब रिहा हुआ तो दुबारा एक बच्ची को हवस का शिकार बना दिया। निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई, लेकिन हाईकोर्ट से सजा खारिज हो गई। अब तीसरी बार फिर उसने एक मासूम बच्ची के साथ रेप किया, जिससे उसकी मौत ही हो गई।

    मध्य प्रदेश: राजगढ़ में एक ऐसा सनकी शख्स है, जिसने 22 सालों में तीन बच्चियों से रेप किया। पहला केस साल 2003 का था। दूसरा केस 2014 और तीसरा 2025 का। इस सनकी शख्स का नाम रमेश सिंह है। रमेश सिंह ने पहले केस में 10 साल जेल की सजा काटी। फिर रिहा होते ही दूसरी बार एक अन्य बच्ची से रेप किया। इस केस में हाईकोर्ट ने उसकी मौत की सजा को खारिज कर दिया। एक बार फिर रिहा होते ही अब उसने एक और बच्ची को हवस का शिकार बनाया, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस बार 9 पुलिस स्टेशन के प्रभारियों ने मिलकर 75 पुलिसकर्मियों के साथ 16 अलग-अलग टीमें बनाई और रमेश का पीछा किया तो पता चला कि रमेश महाकुंभ में अपने पाप धोने के लिए स्नान करने गया है। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    5 साल की बच्ची का बलात्कार

    जानकारी के मुताबिक, पोलयकला के दाबड़ीपुरा का रहने वाला रमेश सिंह 2003 में शाजापुर जिले के मुबारकपुर गांव में 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया था। इस केस में उसे दोषी ठहराया गया और 10 साल की सजा सुनाई गई। लेकिन 2023 में अपनी सजा काट कर रिहा होने के बाद उसने फिर से एक और 8 साल की बच्ची का बलात्कार कर दिया। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    अपहरण और बलात्कार

    2014 में उसने अष्टा (सीहोर) में 8 साल की बच्ची का अपहरण और बलात्कार किया। इस बार निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई। लेकिन 2019 में हाईकोर्ट ने तकनीकी आधार पर फैसले को पलट दिया। इस फैसले ने रमेश को फिर से आजाद घूमने का मौका दिया, जिसके कारण एक और निर्दोष बच्ची को इस हैवान ने अपनी हवस का शिकार बनाया और उसकी मौत हो गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    बच्ची का रेप के बाद मौत

    1 से 2 फरवरी की रात को नरसिंहगढ़ में 11 साल की मूक-बधिर बच्ची अपने घर से लापता हो गई। अगली सुबह वह झाड़ियों में मिली। उसका शरीर बुरी तरह जख्मी था। मेडिकल जांच में हमले की पुष्टि हुई। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां 8 फरवरी को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू की। लगभग 46 स्थानों पर लगे 136 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    महाकुंभ मे स्नान, क्या फिर से हो जाएगा रिहा?

    लाल कलर का शॉल और नीले-काले स्पोर्ट्स शूज पहने एक संदिग्ध को अपराध स्थल के पास घूमते हुए देखा गया और बाद में उसकी पहचान रमेश सिंह के रूप में हुई। एक ऑटो चालक ने पुष्टि करते हुए बताया, कि उसने कुरावर से नरसिंहगढ़ तक उसके ऑटोरिक्शा से सफर किया था। रमेश के भागने के बाद, पुलिस ने उसे प्रयागराज में ट्रैक किया, जहां वह महाकुंभ स्नान के लिए गया था। पुलिस लगातार रमेश को ट्रैक कर रही थी, आखिरकार उसे जयपुर जाने वाली ट्रेन से गिरफ्तार किया गया। इस पीछा करने में 16 पुलिस की टीमें, 75 कर्मियों में 9 पुलिस स्टेशनों के प्रभारी शामिल थे। अब देखना ये होगा कि क्या इस हैवान को कोर्ट सख्त सजा सुनाएगी या फिर कुछ साल की जेल के बाद इसे रिहा कर दिया जाएगा। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

  • दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है।

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    धोखे से शादी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    सांप्रदायिक सोच

    उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    पक्षपात का आरोप

    मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    हिंदू मुस्लिम की राजनीति

    मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    प्रदेश का भला कैसे होगा ?

    मौलाना ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मुद्दों को छोड़कर राज्य के विकास पर ध्यान दें। गरीब और कमजोर जनता को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए योजनाएं बनाए। राज्य के बच्चों को 100 फीसद शिक्षा देने की स्कीम चलाएं। इससे प्रदेश का भला होगा। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    शिकायतों का हवाला

    महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    यह समिति राज्य की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी, लव जिहाद तथा छल-कपट व बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण के समाधान पर सुझाव देगी। इसके अलावा अन्य राज्यों में जारी इस कानून का अध्ययन भी करेगी। समिति कानून का मसौदा भी तैयार करेगी तथा कानूनी मामलों का अध्ययन भी करेगी। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    देश के 9 राज्यों में लव जिहाद के खिलाफ कानून

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

  • महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी, 7 मेंबरों का पैनल तैय्यार

    महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी, 7 मेंबरों का पैनल तैय्यार

    महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतर जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बना दी है। महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन

    मुंबई: महाराष्ट्र में लव-जिहाद के खिलाफ कानून लागू करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए डीजीपी संजय वर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है। इसमें महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक विभाग, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। बता दें कि तमिलनाडु में इस कानून को लागू करने के बाद रद्द कर दिया गया था। हालांकि देश के 9 राज्यों जैसे, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में लव-जिहाद के खिलाफ कानून मौजूद हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    कमेटी जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के मामले में शिकायतों को कैसे निपटाया जाए, इस पर सुझाव देगी। इसके अलावा यह दूसरे राज्यों में लागू कानूनों की स्टडी करेगी और इस आधार पर कानूनी सलाह देगी। पैनल में महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा को अध्यक्ष के रुप में चुना गया है। इसके साथ ही महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायता और गृह जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    महाराष्ट्र में लव जिहाद

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    महाराष्ट्र की रहने वाली श्रद्धा वाकर की उसके बॉयफ्रेंड आफताब पूनावाला ने 2022 में दिल्ली में हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए थे। भाजपा ने इस मामले के बाद राज्य में लव जिहाद का मुद्दा उठाया था। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    शादी या प्रेम निजी इच्छा

    महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी NCP शरद पवार की लीडर सुप्रिया सुले ने कहा- शादी या प्रेम निजी इच्छा है। मैं सरकार से निवेदन करती हूं कि यह असल मुद्दों पर ध्यान दें। मोदी जी अभी अमेरिका से वापस लौटे हैं। अमेरिका ने हम पर नए टैरिफ लगा दिए हैं, जिसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ेगा। ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

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    एक लाख से अधिक शिकायतें मिलीं​​​

    अक्टूबर, 2024 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था- एक दशक पहले हम सोचते थे कि लव जिहाद की बात इक्का-दुक्का घटना है, लेकिन एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें हिंदू महिलाओं को दूसरे धर्मों के पुरुषों के साथ भागकर शादी करने का झांसा दिया गया। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    सजा का प्रावधान

    धर्म परिवर्तन के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को जान या संपत्ति का भय दिखाता है, बल का प्रयोग करता, शादी का दबाव बनाता है तो उसे भी आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा भुगतान करना होता है। लेकिन सभी राज्यों में सजा के प्रावधान अलग- अलग हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    देश के 9 राज्यों में लव-जिहाद

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे और महाराष्ट्र के विभिन्न हिंदू संगठनों ने भी राज्य में ‘लव जिहाद’ कानून लागू करने की मांग की है। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    • मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा।
    • हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है।
    • उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
    • गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

    यूपी सरकार ने लव जिहाद विरोधी कानून पारित किया सरकार इस बिल को पहली बार 2021 में लेकर आई थी। अब इसमें संशोधन किया गया है। पहले अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था। कानून लागू होने से लेकर अप्रैल, 2023 तक 427 केस दर्ज हुए थे। इनमें से 65 नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। सबसे ज्यादा केस बरेली में दर्ज हुए थे। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    राजस्थान में भी 16 साल बाद लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के विरोधी बिल पेश किया गया था। राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेद विधेयक कानून को इसी साल तक लागू किया जाएगा। इस बिल के जरिए राज्य सरकार की एक धर्म से दूसरे धर्म में जबरन परिवर्तन करवाने वालों पर लगाम लगाएगी। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

  • बांग्लादेशी विजयदास ने सैफ के घर जाकर हमला क्यों किया?

    बांग्लादेशी विजयदास ने सैफ के घर जाकर हमला क्यों किया?

    सैफ अली खान पर हमला करने वाला ठाणे के जंगल से पुलिस ने धर दबोचा। गिरफ्तार बांगलादेशी कुछ महीनों पहले ही अवैध तरीके से मुंबई में आकर अपनी पहचान बदली और ठाणे के एक एजंसी के माध्यम से काम कर रहा था। डीसीपी दीक्षित गेडाम ने इसकी जानकारी दी

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बॉलीवुड के मशहूर एक्टर और नवाब सैफ अली खान पर उनके घर में घुस कर चाकू से हमला करने वाले को आखिरकार मुंबई पुलिस ने ठाणे के जंगल से गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को मुंबई पुलिस परिमंडल 9 के उपायुक्त दीक्षित गेडाम ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने ख़ुलासा करते हुए यह भी बताया कि आरोपी बांगलादेश का रहने वाला है। लगभग 50 लोगों से पूछताछ के बाद आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद को ठाणे के जंगल से पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार किया जब आरोपी गिरफ्तारी बचने के लिए वहां छुपा हुआ था। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)

    मुंबई पुलिस सोचने पर मजबूर

    आरोपी लगभग 5 से 6 महिने पहले ही मुंबई आया और बाद मे ठाणे की एक हाउसकीपिंग एजेंसी में काम करता था। वर्तमान में विजय दास नाम का इस्तेमाल कर रहा था। अब कोर्ट मे पेशी के बाद मुंबई पुलिस रिमांड की तैयारी कर रही है। क्यों की सिर्फ चोरी का मकसद तो नही हो सकता। जबकि करीना का बयान पुलिस को सोचने पर मजबूर कर रहा है। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)

    पुलिस की तैयारी

    बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर हमले के आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद को पुलिस ने लगभग 74 घंटे बाद धर दबोचा। मुंबई पुलिस ने कॉन्फ़्रेंस के जरिए इसकी जानकारी, लेकिन अभी तक हमले के कारणों का पता नही चल पाया है। मुंबई पुलिस के हाथ सिर्फ सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लगी थी। जिसके बाद शक के आधार पर कई लोगों को पुलिस ने कई जगहों पर धरपकड़ की है। एक को तो छत्तीसगढ़ के एक ट्रेन से आरपीएफ ने धर दबोचा। एक कारपेंटर को भी पुलिस ने रडार पर लिया। डीसीपी ने बताया की हमले के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए लगभग 35 टीमों का गठन किया गया था। जिनमें सभी पुलिस के अधिकारी अपने मुखबिरों के साथ सक्रिय हो चुके थे। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)

    Saif ali Khan crime accuse vijay das
    मुंबई पुलिस ने साझा किया गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर

    क्या हमलावर सिर्फ चोरी के मकसद से आया था?

    सैफ अली खान पर हमले के वक्त उनकी पत्नी करीना कपूर भी वहां मौजूद थी। करीना इस बात से सहमत नही है, कि हमलावर सिर्फ चोरी के इरादे से आया था। 16 जनवरी की रात 2 बजे एक्टर सैफ अली खान के घर में घुसकर हमलावर काफी आक्रामक हो गया था, जबकि पास ही उनके घर के कीमती आभूषण रखे हुए थे। लेकिन आरोपी ने गहनों को हाथ तक नही लगाया। हमला करने के बाद आसानी से भाग भी गया। अब मुंबई पुलिस ने जैसे ही इसका खुलासा किया, कि आरोपी बांगलादेशी घुसपैठी है। इसके बाद और भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस कोर्ट में पेशी कर रिमांड की तैयारी कर रही है। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)

    कर रहा था कई नामों का इस्तेमाल

    बताया जा रहा है कि आरोपी जंगल में छिपकर बैठा था। मामले में अब तक 50 से ज्यादा लोग पुलिस की रडार पर आ चुके हैं। वहीं पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी विजय दास, बिजॉय दास और मोहम्मद इलियास सहित कई नामों का इस्तेमाल कर रहा था और वर्तमान में वह खार पुलिस स्टेशन में बंद है। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)

    छत्तीसगढ़ में भी धरपकड़

    छत्तीसगढ़ के दुर्ग में रायपुर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने भी एक संदिग्ध को पकड़ा। उसे तब दबोचा गया जब वह ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल डिब्बे में यात्रा कर रहा था। आरपीएफ ने पकड़ने के बाद संदिग्ध को मुंबई पुलिस को सौंप दिया। उसकी पहचान 33 साल के आकाश कनौजिया के रूप में हुई। आरपीएफ ने संदिग्ध की तस्वीर भी साझा की। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)

    सैफ अली खान पर गुरुवार तड़के उनके बांद्रा अपार्टमेंट में कई बार चाकू से वार किया गया। अभिनेता को गंभीर चोटें लगने के बाद तुरंत मुंबई के लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जिसमें उनकी पीठ की निचली रीढ़ की हड्डी में चाकू के घाव भी शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सैफ अली खान की हालत में सुधार हो रहा है और उन्हें आईसीयू से सामान्य कमरे में ले जाया गया है। सैफ की रीढ़ की हड्डी सर्जरी के दौरान 2.5 इंच लंबा ब्लेड निकाला गया है। चाकू का दूसरा तुकडा पुलिस ने सैफ अली खान के घर से बरामद किया है। डॉक्टरों ने बताया, कि सर्जरी सफल रही वर्तमान में अभिनेता खतरे से बाहर हैं। डॉक्टर उनकी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)

  • वायरल हो गई ये शादी! डॉक्टर ने बेटी की शादी में मेहमानों से मांगा ऐसा गिफ्ट..

    वायरल हो गई ये शादी! डॉक्टर ने बेटी की शादी में मेहमानों से मांगा ऐसा गिफ्ट..

    इंदौर शहर एक डॉक्टर ने अपनी बेटी की शादी में मेहमानों से ऐसी गिफ्ट मांगी, कि शादी के दिन लोग देखते ही रह गए।

    न्यूज़ डेस्क
    Viral Wedding-
    शादियां तो बहुत से देखी होंगी, लेकिन क्या आप को किसी ऐसी शादी में जाने का मौका मिला, जहां निमंत्रण के साथ ये भी बता दिया गया हो कि क्या उपहार लेकर आना। अगर नहीं, तो मध्य प्रदेश के इंदौर में बीते दिनों हुई एक शादी में कुछ ऐसा ही हुआ, कि लोग देखते ही रह गए। इस शादी में मेहमानों को निमंत्रण देने के साथ-साथ पहले से ही कह दिया गया था कि उपहार मत लाना और अगर लाना तो? बता दिया गया था, कि क्या चीज लाना है। शादी में जब मेहमान डॉक्टर के बताए उपहार लेकर पहुंचे तो देखने वाले देखते रह गए। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    इंदौर की अनोखी शादी

    इंदौर की यह शादी इतनी अनोखी लगी कि शहर भर के लोगों का ध्यान आकर्षित कर लिया। इस शादी में उन हजारों लोगों ने भी आशीर्वाद दिया, जो उस शादी के वक्त वहां मौजूद भी नहीं थे। दरअसल, इंदौर के बाईपास पर भंडारी फार्म हाउस में बीते दिनों एक अलग नजारा देखने को मिला। यहां शादी की पार्टी में मेहमान आ रहे थे। उनके हाथों में बड़े-बड़े बैग थे। दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देने के पहले मेहमान मंच के पास बने काउंटर पर जाकर अपने उपहारों को जमा कर रहे थे। जब न्यूज़ रिपोर्टर ने पता किया कि बैग में क्या है? तो देख कर वह भी दंग रह गया। बैग में पुराने कपड़े और कुछ पूराने सामन थे। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    डॉक्टर ने क्या कहा?

    इंदौर के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. भरत रावत की बेटी काव्या का विवाह था। डॉक्टर ने जानकारी देते हुए बताया, कि इस विवाह को लेकर जिन लोगों को भी न्योता दिया गया था, उन्हें पहले ही बात दिया गया था, कि दूल्हा-दुल्हन को उपहार नहीं देना है। यदि आपके यहां ऐसे कपड़े हों, जो उपयोग में न आ रहे हों, तो उन्हें साथ ले आएं। यहां एनजीओ का काउंटर रहेगा। उस काउंटर पर जमा कर दें। वे इसे जरूरतमंद तक पहुंचा देंगे। यहां एनजीओ बीवाइज सोशल वेलफेयर सोसाइटी का काउंटर लगा था। वहीं पर मेहमानों ने पुराने कपड़े जमा करा दिए। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    मिसाल बन गई ये शादी

    एनजीओ बीवाइज की डॉ. श्रुति श्रॉफ ने बताया, कि “वैसे तो इस शादी से एकत्रित होने वाला समान सभी जरूरतमंद बस्तियों में पहुंचा दिया जाएगा। लेकिन, इसके पहले हमें कई तरह की रिसर्च करनी होगी। क्यों कि किन बस्तियों में लोगों को किस चीज की जरूरत है। यह भी हमें जानने की जरूरत है। क्योंकि, इस सामान में सिर्फ़ कपड़े और घर की सजावट के सामान ही नहीं है, बल्कि इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम भी शामिल हैं। जो बच्चों को एजुकेशन और युवाओं को करियर में मदद कर सकता है।” डॉ. भारत रावत की बेटी काव्या और विनम्र गहलोत की यह शादी केवल इंदौर के रहने वाले लोगों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बन सकती है। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    नेग तक दान कर दिया…

    आगे बताया, शादी में मेहमानों को पहले ही निमंत्रण के साथ सूचना दी गई थी कि आप गिफ्ट न लाएं, केवल घर में रखा एक्स्ट्रा समान लाएं। ऐसे में हर किसी ने अपने हिसाब से सहयोग दिया। शादी डॉक्टर के यहां थी, तो जाहिर है ज्यादातर डॉक्टर ही शादी में आए थे। शादी मे आए मेहमानों ने अपने बिन उपयोगी सामानों को लाकर काउंटर पर जमा कर दिया। सभी को सुकून था कि शादी के जरिये उनके हाथों एक नेक काम भी हो गया और उनके न काम आने वाली चीज किसी जरूरत मंद के काम आने वाली है। यही नहीं, शादी में जिन लोगों ने भी दुल्हा दुल्हन को नेग के तौर पर पैसे दिए, उसे भी बस्ती की बेटियों की शादी में खर्च किया जाएगा। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    मेहमानों ने क्या कहा?

    यहां पहुंचे मेहमानों का कहना था कि शादी में तामझाम के बजाय परोपकार को तवज्जो दी गई, अच्छा लगा। डेविश जैन ने कहा, यह शादी खुद ही बेहद खास है, जो समाज को नई दिशा दे रही है। पूर्व MGM मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. संजय दीक्षित ने कहा, डॉ. रावत की सोच सराहनीय है, जिसमें सभी को बराबरी का दर्जा मिला। डॉ. अरुण अग्रवाल ने कहा, लाखों शादियां होती हैं और लाखों के उपहार भी दिए जाते हैं, लेकिन पहली बार ऐसा होगा कि यह उपहार किसी जरूरतमंद को मिलेंगे, वो भी इन नव युगल को आशीर्वाद देंगे।(This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    कचरा मुक्त आयोजन

    आयोजन की खासियत ये भी रही कि नगर निगम की स्वच्छता गाइड लाइन के मुताबिक इसे कचरा मुक्त जीरो वेस्ट इवेंट बनाया गया था। इसके लिए डॉ. जनक पलटा और उद्योगपति विनोद अग्रवाल ने परिवार को सर्टिफिकेट भी दिया। जहां बीवाइज संस्था ने यहां मेहमानों का लाया सामान जमा किया, वहीं स्वाहा की मोबाइल वैन आकर्षण का केंद्र रही। इंदौर में स्वाहा स्टार्ट-अप नगर निगम के साथ मिलकर इवेंट्स को जीरो वेस्ट बनाता है।(This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

  • Mumbai : हथियार सप्लाई करने वाला आतंकी सदस्य गिरफ्तार

    Mumbai : हथियार सप्लाई करने वाला आतंकी सदस्य गिरफ्तार

    एनआईए ने आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का कथित सदस्य जतिंदर सिंह उर्फ ​​ज्योति को गिरफ्तार किया है। आतंकियों हथियार सप्लाई करने वाला जतिंदर खालिस्तानी आतंकी समूह का प्रमुख सदस्य है। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)

    विशेष संवाददाता
    मुंबई
    – राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को मुंबई के ट्रांबे इलाके से जतिंदर सिंह उर्फ ​​ज्योति को गिरफ्तारी किया है। एनआईए ने इसी के साथ पंजाब आतंकी साजिश के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सिंह प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का कथित सदस्य है और लखबीर सिंह उर्फ ​​लांडा और गैंगस्टर बचितर सिंह उर्फ ​​पवित्र बटाला के नेतृत्व वाले खालिस्तानी आतंकी समूह का प्रमुख सदस्य है। सिंह कई सालों से मध्य प्रदेश में हथियार खरीदकर पंजाब के लांडा और बटाला के गुर्गों को सप्लाई कर रहा था। जब उसे लगा कि एनआईए उसके पीछे पड़ी है, तो वह मध्य प्रदेश के अपने ठिकाने से भाग गया और पांच महीने तक मुंबई में छुपकर रह रहा था। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)

    कैसे हुई गिरफ्तारी?

    एनआईए ने सिंह को इस सूचना पर गिरफ्तार किया कि वह मुंबई के पूर्वी उपनगर ट्रॉम्बे में है, जहां वह जेसीबी क्रेन ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहा है। एनआईए के एक अधिकारी के अनुसार, मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर जिले का रहने वाला सिंह जुलाई 2024 में मध्य प्रदेश के हथियार सप्लायर बलजीत सिंह उर्फ ​​राणा भाई की गिरफ्तारी के बाद से फरार हो गया था। एनआईए अधिकारियों ने बताया कि उसे व्यापक तकनीकी और जमीनी प्रयास के बाद पकड़ा गया है। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)

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    हथियार तस्करी का आरोप ..

    सिंह पहले मध्य प्रदेश के इंदौर में रहता था। वहां भी, उसका छुपने का जरिया जेसीबी क्रेन ऑपरेटर की नौकरी थी, जबकि उसने बलजीत सिंह से हथियार खरीदे थे, जिसके खिलाफ हाल ही में ऐसे ही एक मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। एनआईए अधिकारी ने बताया कि सिंह ने एमपी से दस पिस्तौलें लाकर पंजाब के लांडा और बटाला के गुर्गों को दी थीं। उसने पंजाब में और भी हथियार तस्करी करने की योजना बनाई थी, लेकिन एनआईए द्वारा कई महीने पहले तलाशी अभियान शुरू करने के बाद उसकी योजना विफल हो गई। एनआईए के अनुसार, सिंह की गिरफ्तारी हथियारों, गोला-बारूद, विस्फोटकों आदि की तस्करी और भारती की धरती पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने को विफल करके आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ को खत्म करने के प्रयास में एक बड़ी उपलब्धि है। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)

  • रेलवे अधिकारी का हुडदंग डीआरएम ने दिए कार्यवाही का आश्वासन

    रेलवे अधिकारी का हुडदंग डीआरएम ने दिए कार्यवाही का आश्वासन

    उज्जैन रेलवे स्टेशन के उप अधीक्षक ने पत्रकार एवं पूर्व संपादक के साथ बदसुलूकी करते हुए एक को बंधक बनाकर बैठाए रखा। उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद डीआरएम ने दिए कार्यवाही का आश्वासन

    न्यूज़ डेस्क
    मध्यप्रदेश-
    उज्जैन रेलवे जंक्शन पर देर रात यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जाने वाली लिफ़्ट और एक्सीलेटर बंद होने की शिकायत पर स्टेशन उप अधीक्षक ने बदसलूकी करते हुए एक को बंधक बना लिया। काफ़ी देर इंतजार के बाद पत्रकार एस.पी यादव बात करने गए उनसे भी बदसलूकी करते हुए कहा, कि तुम पहले उच्च अधिकारियों से मेरी बात कराओ तभी मैं लिफ्ट या एक्सीलेटर चालू करवाऊंगा और शिकायत बुक भी दूगा। बाकी तुम को जो करना है कर लो। इसकी शिकायत पर रतलाम के डीआरएम ने अफसोस जताते हुए कार्यवाही का आश्वासन दिया है। (Ujjain Junction Railway Officer’s bullying, DRM assured action)

    उप अधीक्षक ने बनाया बंधक

    बता दें कि पत्रकार एस.पी. यादव मुंबई से अपने परिवार और एक सहयोगी के साथ उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए गए हुए थे। पत्रकार बिमार चल रहे हैं। स्वास्थ्य कमजोरी के कारण उनको चलने फिरने में दिक्कत हो रही है। इसके लिए उन्होंने अपने एक सहायक को भी साथ ले गए हैं। 22 अक्तूबर सवेरे लगभग 3 बजे के आसपास उज्जैन से मुंबई वापसी के लिए वेटिंग रूम में गाड़ी का इंतज़ार कर रहे यादव परिवार ने देखा कि रेलवे स्टेशन पर लिफ़्ट और एक्सीलेटर बंद हैं। सहायक को कार्यालय में पूछताछ के लिए भेजा। वहां स्टेशन उप अधीक्षक मौजूद थे। लेकिन सहायक के साथ बदसलूकी करते हुए सहायक की एक नहीं सूनी और शिकायत बुक मांगने पर भी बुक नही दिया और नाम पूछने पर उसे बंधक बनाकर बैठा लिया। (Ujjain Junction Railway Officer’s bullying, DRM assured action)

    उप अधीक्षक की दबंगई

    काफी देर इंतजार के बाद पत्रकार एस.पी यादव बात करने के लिए गए तो उनसे भी बद्तमीज़ी करते हुए, उप अधीक्षक ने कहा कि तुम पहले उच्च अधिकारियों से मेरी बात कराओ तभी मैं लिफ्ट और एक्सीलेटर चालू करवाऊंगा और शिकायत बुक भी दूंगा। बाकी तुम को जो करना है कर लो। एक्सीलेटर चालू नही होगा। बता दें कि उज्जैन रेलवे जंक्शन एक भीड़भाड़ वाला रेलवे स्टेशन है। यहा रातों दिन यात्रियों की भीड़ देखने को मिलती है। इसी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यहां लिफ़्ट और एक्सीलेटर का इंतजाम किया है। लिफ़्ट और एक्सीलेटर यात्रियों की सुविधा में बड़ा महत्व रखते हैं। कमजोर बुढ़े और गर्भवती महिलाओं को इससे काफी आराम मिलता है। जबकि पत्रकार एस.पी. यादव के स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें चलने फिरने में कठिनाई होती है। पत्रकार ने इसकी भी जानकारी स्टेशन उप अधीक्षक को दी। तब पर भी उप अधीक्षक अपनी दबंगई करते रहे और आधी रात को रेलवे के उच्च अधिकारियों से बात कराने को कहते रहे। जबकि उप अधीक्षक को पता था कि ऐसा नही हो सकता। दिन का समय होता तो बात हो भी सकती थी। लेकिन घटना के समय देर रात 3 बज रहे थे। (Ujjain Junction Railway Officer’s bullying, DRM assured action)

    आम यात्रियों के साथ क्या होता होगा?

    आधी रात को यात्रियों की समस्या पर ध्यान नहीं देना और शिकायत पर अकड़पन दिखाते हुए दबंगई दिखाना, गैरकानूनी है। एक पत्रकार जिसे प्रशासनीक कामकाज और अधिकारों का पूरा ज्ञान है उसके साथ रेलवे स्टेशन उप अधीक्षक इस तरिके का दुर्व्यवहार करते हैं तो यह काफ़ी दयनीय बात है। उप अधीक्षक होकर एक पत्रकार के साथ ऐसी दबंगई दिखा सकते हैं तो आम लोगों के साथ क्या करते होंगे? जबकि ऐसा नही होना चाहिए। लिफ़्ट और एक्सीलेटर यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई है और यात्रियों की सुविधा मे कोई दिक्कत न हो इसकी जिम्मेदारी रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर ऐसा नही है तो तुरंत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को निलंबित कर देना चाहिए। (Ujjain Junction Railway Officer’s bullying, DRM assured action)

    फिलहाल उप अधीक्षक ने घटना को लेकर न तो लिफ़्ट चालू करवाया और न एक्सीलेटर चालू किया गया। यादव परिवार को वैसे ही परिस्थिती में यात्रा करने पर मजबूर किया गया। इसको लेकर जनरल मैनेजर और चीफ कमर्शियल मैनेजर से शिकायत के बाद रतलाम के डीआरएम ने अफसोस जताते हुए कार्यवाही का आश्वासन दिया है। (Ujjain Junction Railway Officer’s bullying, DRM assured action)