Read the latest news, breaking updates and top headlines from Central India, including Madhya Pradesh, Chhattisgarh and surrounding regions. Stay informed with coverage on politics, crime, business, education, weather, culture and major events, only on Indian FastTrack.
सैफ अली खान पर हमला करने वाला ठाणे के जंगल से पुलिस ने धर दबोचा। गिरफ्तार बांगलादेशी कुछ महीनों पहले ही अवैध तरीके से मुंबई में आकर अपनी पहचान बदली और ठाणे के एक एजंसी के माध्यम से काम कर रहा था। डीसीपी दीक्षित गेडाम ने इसकी जानकारी दी
न्यूज़ डेस्क मुंबई- बॉलीवुड के मशहूर एक्टर और नवाब सैफ अली खान पर उनके घर में घुस कर चाकू से हमला करने वाले को आखिरकार मुंबई पुलिस ने ठाणे के जंगल से गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को मुंबई पुलिस परिमंडल 9 के उपायुक्त दीक्षित गेडाम ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने ख़ुलासा करते हुए यह भी बताया कि आरोपी बांगलादेश का रहने वाला है। लगभग 50 लोगों से पूछताछ के बाद आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद को ठाणे के जंगल से पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार किया जब आरोपी गिरफ्तारी बचने के लिए वहां छुपा हुआ था। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)
मुंबई पुलिस सोचने पर मजबूर
आरोपी लगभग 5 से 6 महिने पहले ही मुंबई आया और बाद मे ठाणे की एक हाउसकीपिंग एजेंसी में काम करता था। वर्तमान में विजय दास नाम का इस्तेमाल कर रहा था। अब कोर्ट मे पेशी के बाद मुंबई पुलिस रिमांड की तैयारी कर रही है। क्यों की सिर्फ चोरी का मकसद तो नही हो सकता। जबकि करीना का बयान पुलिस को सोचने पर मजबूर कर रहा है। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)
पुलिस की तैयारी
बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर हमले के आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद को पुलिस ने लगभग 74 घंटे बाद धर दबोचा। मुंबई पुलिस ने कॉन्फ़्रेंस के जरिए इसकी जानकारी, लेकिन अभी तक हमले के कारणों का पता नही चल पाया है। मुंबई पुलिस के हाथ सिर्फ सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लगी थी। जिसके बाद शक के आधार पर कई लोगों को पुलिस ने कई जगहों पर धरपकड़ की है। एक को तो छत्तीसगढ़ के एक ट्रेन से आरपीएफ ने धर दबोचा। एक कारपेंटर को भी पुलिस ने रडार पर लिया। डीसीपी ने बताया की हमले के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए लगभग 35 टीमों का गठन किया गया था। जिनमें सभी पुलिस के अधिकारी अपने मुखबिरों के साथ सक्रिय हो चुके थे। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)
मुंबई पुलिस ने साझा किया गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर
क्या हमलावर सिर्फ चोरी के मकसद से आया था?
सैफ अली खान पर हमले के वक्त उनकी पत्नी करीना कपूर भी वहां मौजूद थी। करीना इस बात से सहमत नही है, कि हमलावर सिर्फ चोरी के इरादे से आया था। 16 जनवरी की रात 2 बजे एक्टर सैफ अली खान के घर में घुसकर हमलावर काफी आक्रामक हो गया था, जबकि पास ही उनके घर के कीमती आभूषण रखे हुए थे। लेकिन आरोपी ने गहनों को हाथ तक नही लगाया। हमला करने के बाद आसानी से भाग भी गया। अब मुंबई पुलिस ने जैसे ही इसका खुलासा किया, कि आरोपी बांगलादेशी घुसपैठी है। इसके बाद और भी सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस कोर्ट में पेशी कर रिमांड की तैयारी कर रही है। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)
बताया जा रहा है कि आरोपी जंगल में छिपकर बैठा था। मामले में अब तक 50 से ज्यादा लोग पुलिस की रडार पर आ चुके हैं। वहीं पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी विजय दास, बिजॉय दास और मोहम्मद इलियास सहित कई नामों का इस्तेमाल कर रहा था और वर्तमान में वह खार पुलिस स्टेशन में बंद है। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)
छत्तीसगढ़ में भी धरपकड़
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में रायपुर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने भी एक संदिग्ध को पकड़ा। उसे तब दबोचा गया जब वह ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल डिब्बे में यात्रा कर रहा था। आरपीएफ ने पकड़ने के बाद संदिग्ध को मुंबई पुलिस को सौंप दिया। उसकी पहचान 33 साल के आकाश कनौजिया के रूप में हुई। आरपीएफ ने संदिग्ध की तस्वीर भी साझा की। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)
सैफ अली खान पर गुरुवार तड़के उनके बांद्रा अपार्टमेंट में कई बार चाकू से वार किया गया। अभिनेता को गंभीर चोटें लगने के बाद तुरंत मुंबई के लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जिसमें उनकी पीठ की निचली रीढ़ की हड्डी में चाकू के घाव भी शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सैफ अली खान की हालत में सुधार हो रहा है और उन्हें आईसीयू से सामान्य कमरे में ले जाया गया है। सैफ की रीढ़ की हड्डी सर्जरी के दौरान 2.5 इंच लंबा ब्लेड निकाला गया है। चाकू का दूसरा तुकडा पुलिस ने सैफ अली खान के घर से बरामद किया है। डॉक्टरों ने बताया, कि सर्जरी सफल रही वर्तमान में अभिनेता खतरे से बाहर हैं। डॉक्टर उनकी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। (Why did Bangladeshi Vijaydas go to Saif’s house and attack)
इंदौर शहर एक डॉक्टर ने अपनी बेटी की शादी में मेहमानों से ऐसी गिफ्ट मांगी, कि शादी के दिन लोग देखते ही रह गए।
न्यूज़ डेस्क Viral Wedding- शादियां तो बहुत से देखी होंगी, लेकिन क्या आप को किसी ऐसी शादी में जाने का मौका मिला, जहां निमंत्रण के साथ ये भी बता दिया गया हो कि क्या उपहार लेकर आना। अगर नहीं, तो मध्य प्रदेश के इंदौर में बीते दिनों हुई एक शादी में कुछ ऐसा ही हुआ, कि लोग देखते ही रह गए। इस शादी में मेहमानों को निमंत्रण देने के साथ-साथ पहले से ही कह दिया गया था कि उपहार मत लाना और अगर लाना तो? बता दिया गया था, कि क्या चीज लाना है। शादी में जब मेहमान डॉक्टर के बताए उपहार लेकर पहुंचे तो देखने वाले देखते रह गए। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)
इंदौर की अनोखी शादी
इंदौर की यह शादी इतनी अनोखी लगी कि शहर भर के लोगों का ध्यान आकर्षित कर लिया। इस शादी में उन हजारों लोगों ने भी आशीर्वाद दिया, जो उस शादी के वक्त वहां मौजूद भी नहीं थे। दरअसल, इंदौर के बाईपास पर भंडारी फार्म हाउस में बीते दिनों एक अलग नजारा देखने को मिला। यहां शादी की पार्टी में मेहमान आ रहे थे। उनके हाथों में बड़े-बड़े बैग थे। दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देने के पहले मेहमान मंच के पास बने काउंटर पर जाकर अपने उपहारों को जमा कर रहे थे। जब न्यूज़ रिपोर्टर ने पता किया कि बैग में क्या है? तो देख कर वह भी दंग रह गया। बैग में पुराने कपड़े और कुछ पूराने सामन थे। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)
डॉक्टर ने क्या कहा?
इंदौर के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. भरत रावत की बेटी काव्या का विवाह था। डॉक्टर ने जानकारी देते हुए बताया, कि इस विवाह को लेकर जिन लोगों को भी न्योता दिया गया था, उन्हें पहले ही बात दिया गया था, कि दूल्हा-दुल्हन को उपहार नहीं देना है। यदि आपके यहां ऐसे कपड़े हों, जो उपयोग में न आ रहे हों, तो उन्हें साथ ले आएं। यहां एनजीओ का काउंटर रहेगा। उस काउंटर पर जमा कर दें। वे इसे जरूरतमंद तक पहुंचा देंगे। यहां एनजीओ बीवाइज सोशल वेलफेयर सोसाइटी का काउंटर लगा था। वहीं पर मेहमानों ने पुराने कपड़े जमा करा दिए। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)
एनजीओ बीवाइज की डॉ. श्रुति श्रॉफ ने बताया, कि “वैसे तो इस शादी से एकत्रित होने वाला समान सभी जरूरतमंद बस्तियों में पहुंचा दिया जाएगा। लेकिन, इसके पहले हमें कई तरह की रिसर्च करनी होगी। क्यों कि किन बस्तियों में लोगों को किस चीज की जरूरत है। यह भी हमें जानने की जरूरत है। क्योंकि, इस सामान में सिर्फ़ कपड़े और घर की सजावट के सामान ही नहीं है, बल्कि इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम भी शामिल हैं। जो बच्चों को एजुकेशन और युवाओं को करियर में मदद कर सकता है।” डॉ. भारत रावत की बेटी काव्या और विनम्र गहलोत की यह शादी केवल इंदौर के रहने वाले लोगों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बन सकती है। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)
नेग तक दान कर दिया…
आगे बताया, शादी में मेहमानों को पहले ही निमंत्रण के साथ सूचना दी गई थी कि आप गिफ्ट न लाएं, केवल घर में रखा एक्स्ट्रा समान लाएं। ऐसे में हर किसी ने अपने हिसाब से सहयोग दिया। शादी डॉक्टर के यहां थी, तो जाहिर है ज्यादातर डॉक्टर ही शादी में आए थे। शादी मे आए मेहमानों ने अपने बिन उपयोगी सामानों को लाकर काउंटर पर जमा कर दिया। सभी को सुकून था कि शादी के जरिये उनके हाथों एक नेक काम भी हो गया और उनके न काम आने वाली चीज किसी जरूरत मंद के काम आने वाली है। यही नहीं, शादी में जिन लोगों ने भी दुल्हा दुल्हन को नेग के तौर पर पैसे दिए, उसे भी बस्ती की बेटियों की शादी में खर्च किया जाएगा। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)
मेहमानों ने क्या कहा?
यहां पहुंचे मेहमानों का कहना था कि शादी में तामझाम के बजाय परोपकार को तवज्जो दी गई, अच्छा लगा। डेविश जैन ने कहा, यह शादी खुद ही बेहद खास है, जो समाज को नई दिशा दे रही है। पूर्व MGM मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. संजय दीक्षित ने कहा, डॉ. रावत की सोच सराहनीय है, जिसमें सभी को बराबरी का दर्जा मिला। डॉ. अरुण अग्रवाल ने कहा, लाखों शादियां होती हैं और लाखों के उपहार भी दिए जाते हैं, लेकिन पहली बार ऐसा होगा कि यह उपहार किसी जरूरतमंद को मिलेंगे, वो भी इन नव युगल को आशीर्वाद देंगे।(This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)
कचरा मुक्त आयोजन
आयोजन की खासियत ये भी रही कि नगर निगम की स्वच्छता गाइड लाइन के मुताबिक इसे कचरा मुक्त जीरो वेस्ट इवेंट बनाया गया था। इसके लिए डॉ. जनक पलटा और उद्योगपति विनोद अग्रवाल ने परिवार को सर्टिफिकेट भी दिया। जहां बीवाइज संस्था ने यहां मेहमानों का लाया सामान जमा किया, वहीं स्वाहा की मोबाइल वैन आकर्षण का केंद्र रही। इंदौर में स्वाहा स्टार्ट-अप नगर निगम के साथ मिलकर इवेंट्स को जीरो वेस्ट बनाता है।(This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)
एनआईए ने आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का कथित सदस्य जतिंदर सिंह उर्फ ज्योति को गिरफ्तार किया है। आतंकियों हथियार सप्लाई करने वाला जतिंदर खालिस्तानी आतंकी समूह का प्रमुख सदस्य है। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)
विशेष संवाददाता मुंबई– राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को मुंबई के ट्रांबे इलाके से जतिंदर सिंह उर्फ ज्योति को गिरफ्तारी किया है। एनआईए ने इसी के साथ पंजाब आतंकी साजिश के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सिंह प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का कथित सदस्य है और लखबीर सिंह उर्फ लांडा और गैंगस्टर बचितर सिंह उर्फ पवित्र बटाला के नेतृत्व वाले खालिस्तानी आतंकी समूह का प्रमुख सदस्य है। सिंह कई सालों से मध्य प्रदेश में हथियार खरीदकर पंजाब के लांडा और बटाला के गुर्गों को सप्लाई कर रहा था। जब उसे लगा कि एनआईए उसके पीछे पड़ी है, तो वह मध्य प्रदेश के अपने ठिकाने से भाग गया और पांच महीने तक मुंबई में छुपकर रह रहा था। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)
कैसे हुई गिरफ्तारी?
एनआईए ने सिंह को इस सूचना पर गिरफ्तार किया कि वह मुंबई के पूर्वी उपनगर ट्रॉम्बे में है, जहां वह जेसीबी क्रेन ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहा है। एनआईए के एक अधिकारी के अनुसार, मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर जिले का रहने वाला सिंह जुलाई 2024 में मध्य प्रदेश के हथियार सप्लायर बलजीत सिंह उर्फ राणा भाई की गिरफ्तारी के बाद से फरार हो गया था। एनआईए अधिकारियों ने बताया कि उसे व्यापक तकनीकी और जमीनी प्रयास के बाद पकड़ा गया है। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)
सिंह पहले मध्य प्रदेश के इंदौर में रहता था। वहां भी, उसका छुपने का जरिया जेसीबी क्रेन ऑपरेटर की नौकरी थी, जबकि उसने बलजीत सिंह से हथियार खरीदे थे, जिसके खिलाफ हाल ही में ऐसे ही एक मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। एनआईए अधिकारी ने बताया कि सिंह ने एमपी से दस पिस्तौलें लाकर पंजाब के लांडा और बटाला के गुर्गों को दी थीं। उसने पंजाब में और भी हथियार तस्करी करने की योजना बनाई थी, लेकिन एनआईए द्वारा कई महीने पहले तलाशी अभियान शुरू करने के बाद उसकी योजना विफल हो गई। एनआईए के अनुसार, सिंह की गिरफ्तारी हथियारों, गोला-बारूद, विस्फोटकों आदि की तस्करी और भारती की धरती पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने को विफल करके आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ को खत्म करने के प्रयास में एक बड़ी उपलब्धि है। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)
उज्जैन रेलवे स्टेशन के उप अधीक्षक ने पत्रकार एवं पूर्व संपादक के साथ बदसुलूकी करते हुए एक को बंधक बनाकर बैठाए रखा। उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद डीआरएम ने दिए कार्यवाही का आश्वासन
न्यूज़ डेस्क मध्यप्रदेश- उज्जैन रेलवे जंक्शन पर देर रात यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जाने वाली लिफ़्ट और एक्सीलेटर बंद होने की शिकायत पर स्टेशन उप अधीक्षक ने बदसलूकी करते हुए एक को बंधक बना लिया। काफ़ी देर इंतजार के बाद पत्रकार एस.पी यादव बात करने गए उनसे भी बदसलूकी करते हुए कहा, कि तुम पहले उच्च अधिकारियों से मेरी बात कराओ तभी मैं लिफ्ट या एक्सीलेटर चालू करवाऊंगा और शिकायत बुक भी दूगा। बाकी तुम को जो करना है कर लो। इसकी शिकायत पर रतलाम के डीआरएम ने अफसोस जताते हुए कार्यवाही का आश्वासन दिया है। (Ujjain Junction Railway Officer’s bullying, DRM assured action)
उप अधीक्षक ने बनाया बंधक
बता दें कि पत्रकार एस.पी. यादव मुंबई से अपने परिवार और एक सहयोगी के साथ उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए गए हुए थे। पत्रकार बिमार चल रहे हैं। स्वास्थ्य कमजोरी के कारण उनको चलने फिरने में दिक्कत हो रही है। इसके लिए उन्होंने अपने एक सहायक को भी साथ ले गए हैं। 22 अक्तूबर सवेरे लगभग 3 बजे के आसपास उज्जैन से मुंबई वापसी के लिए वेटिंग रूम में गाड़ी का इंतज़ार कर रहे यादव परिवार ने देखा कि रेलवे स्टेशन पर लिफ़्ट और एक्सीलेटर बंद हैं। सहायक को कार्यालय में पूछताछ के लिए भेजा। वहां स्टेशन उप अधीक्षक मौजूद थे। लेकिन सहायक के साथ बदसलूकी करते हुए सहायक की एक नहीं सूनी और शिकायत बुक मांगने पर भी बुक नही दिया और नाम पूछने पर उसे बंधक बनाकर बैठा लिया। (Ujjain Junction Railway Officer’s bullying, DRM assured action)
उप अधीक्षक की दबंगई
काफी देर इंतजार के बाद पत्रकार एस.पी यादव बात करने के लिए गए तो उनसे भी बद्तमीज़ी करते हुए, उप अधीक्षक ने कहा कि तुम पहले उच्च अधिकारियों से मेरी बात कराओ तभी मैं लिफ्ट और एक्सीलेटर चालू करवाऊंगा और शिकायत बुक भी दूंगा। बाकी तुम को जो करना है कर लो। एक्सीलेटर चालू नही होगा। बता दें कि उज्जैन रेलवे जंक्शन एक भीड़भाड़ वाला रेलवे स्टेशन है। यहा रातों दिन यात्रियों की भीड़ देखने को मिलती है। इसी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यहां लिफ़्ट और एक्सीलेटर का इंतजाम किया है। लिफ़्ट और एक्सीलेटर यात्रियों की सुविधा में बड़ा महत्व रखते हैं। कमजोर बुढ़े और गर्भवती महिलाओं को इससे काफी आराम मिलता है। जबकि पत्रकार एस.पी. यादव के स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें चलने फिरने में कठिनाई होती है। पत्रकार ने इसकी भी जानकारी स्टेशन उप अधीक्षक को दी। तब पर भी उप अधीक्षक अपनी दबंगई करते रहे और आधी रात को रेलवे के उच्च अधिकारियों से बात कराने को कहते रहे। जबकि उप अधीक्षक को पता था कि ऐसा नही हो सकता। दिन का समय होता तो बात हो भी सकती थी। लेकिन घटना के समय देर रात 3 बज रहे थे। (Ujjain Junction Railway Officer’s bullying, DRM assured action)
आम यात्रियों के साथ क्या होता होगा?
आधी रात को यात्रियों की समस्या पर ध्यान नहीं देना और शिकायत पर अकड़पन दिखाते हुए दबंगई दिखाना, गैरकानूनी है। एक पत्रकार जिसे प्रशासनीक कामकाज और अधिकारों का पूरा ज्ञान है उसके साथ रेलवे स्टेशन उप अधीक्षक इस तरिके का दुर्व्यवहार करते हैं तो यह काफ़ी दयनीय बात है। उप अधीक्षक होकर एक पत्रकार के साथ ऐसी दबंगई दिखा सकते हैं तो आम लोगों के साथ क्या करते होंगे? जबकि ऐसा नही होना चाहिए। लिफ़्ट और एक्सीलेटर यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई है और यात्रियों की सुविधा मे कोई दिक्कत न हो इसकी जिम्मेदारी रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर ऐसा नही है तो तुरंत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को निलंबित कर देना चाहिए। (Ujjain Junction Railway Officer’s bullying, DRM assured action)
फिलहाल उप अधीक्षक ने घटना को लेकर न तो लिफ़्ट चालू करवाया और न एक्सीलेटर चालू किया गया। यादव परिवार को वैसे ही परिस्थिती में यात्रा करने पर मजबूर किया गया। इसको लेकर जनरल मैनेजर और चीफ कमर्शियल मैनेजर से शिकायत के बाद रतलाम के डीआरएम ने अफसोस जताते हुए कार्यवाही का आश्वासन दिया है। (Ujjain Junction Railway Officer’s bullying, DRM assured action)
NEET PG Result Date and Time How to Really look at Neet PG Result Direct Connection at natboard-edu.in: A legitimacy rundown will likewise be delivered for half of all India standard seats, it will be arranged in view of the imprints got by the competitor.
NEET PG Result 2024 Live Updates: Consideration competitors! The outcomes for NEET PG 2024 tests are supposed to be pronounced by the Public Leading body of Assessments in Clinical Sciences (NBEMS) at any point in the near future. It is guessed that the outcomes will be out before the current week’s over. Be that as it may, there is no affirmation on the date and time yet. When the outcomes are out, up-and-comers can really take a look at their scores at true sites – natboard.edu.in and nbe.edu.in. The cut-off marks for NEET PG 2024 will be delivered alongside the outcomes. Up-and-comers who will score the base most reduced cut-off just will be announced as effectively qualified.
The most effective method to Actually look at NEET PG Result Direct Connect to Check -Applicants should visit the authority site at natboard.edu.in to check the NEET PG result PDF.
-Find the featured connection and snap on the connection gave in the PDF to see the scorecard
-Understudies should top off their roll number and their name to really take a look at their outcomes
The NEET PG 2024 assessment was directed on August 11, 2024. Around 2,28,540 applicants showed up for the assessment which was held in two movements around the same time. For all the inclusion encompassing NEET PG Results 2024, applicants can follow our live updates here:
NEET PG Result Date and Time How to Really look at Neet PG Result Direct Connection at natboard-edu.in: Actually take a look at every one of the LIVE updates here
मध्यप्रदेश- क्या चुहे शराब पीते हैं? मध्य प्रदेश में तो पीते हैं। यहां एक चूहे को एक पुलिस स्टेशन में शराब की बोतलें खाली करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शराबी चूहे को अब अदालत के सामने पेश किया जाएगा! यह विचित्र घटना छिदवाड़ा जिले के एक पुलिस स्टेशन से प्रकाश में आई है। (Rat arrested for swallowing liquor)
पुलिस ने प्लास्टिक की बोतलों में पैक अवैध शराब जब्त की थी और बोतलों को स्टोर रूम में रख दिया था। हालांकि, जब जब्त शराब कोर्ट में पेश करने का समय आया तो पुलिस को पता चला कि कम से कम 60 बोतलें खाली हो चुकी थीं। (Rat arrested for swallowing liquor)
पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि इन बोतलों को चूहों ने खाली कर दिया! पुलिस का कहना है कि थाने की इमारत बहुत पुरानी है, जहां चूहे अक्सर घूमते देखे जाते हैं, यहां तक कि कुतरकर रिकॉर्ड भी नष्ट कर देते हैं पुलिस ने आरोपी चूहों में से एक को गिरफ्तार करने का भी दावा किया है, जिसे अब सबूत के तौर पर अदालत के सामने पेश किया जाएगा। (Rat arrested for swallowing liquor)
हालांकि, पुलिस अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर पारई है कि शराब की पार्टी में कितने चूहे शामिल थे! जिस मामले में शराब की बोतलें जब्त की गई, वह मामला अभी भी अदालत में लंबित है। पुलिस अब अदालत को परिस्थिति रही है, क्योंकि जब्त की गई शराब अदालत में पेश की जानी है। यह पहली बार नहीं है, जब चूहों पर पुलिस स्टेशन में शराब पीने का आरोप लगा है। (Rat arrested for swallowing liquor)
पहले का एक उदाहरण आप को बताते चलें, कि पुलिस ने शाजापुर जिला अदालत में एक ऐसी ही घटना सुनाई, तो न्यायालय और अदालत का पूरा स्टाफ हंस पड़ा था। ऐसे मामलों में उत्तर प्रदेश भी मध्य प्रदेश से पीछे नहीं है। साल 2018 में बरेली के छावनी पुलिस स्टेशन में रखी 1,000 लीटर से अधिक जब्त शराब गायब हो गई थी। स्थानीय पुलिसकर्मियों ने शराब गटकने का आरोप चूहे पर लगाया था। (Rat arrested for swallowing liquor)
2008 में पूरे मुंबई शहर को सिहरा देने वाली घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया ने अपने ही दोस्त के किए 300 टुकड़े, लाश के सामने बॉयफ्रेंड से बनाए संबंध और किया शॉपिंग, एक कॉल डिटेल से खुला राज़ ..
मृतक नीरज ग्रोवर बालाजी प्रोडक्शन हाउस में कास्टिंग का काम किया करता था और मारिया से प्यार करता था।
मारिया मोनिका सुसाइराज, कन्नड़ एक्ट्रेस जो हिंदी फिल्मों में किस्मत आजमाने मुंबई पहुंची थीं।
लेफ्टिनेंट जेरोम मैथ्यू, मारिया के बॉयफ्रेंड, जिनसे उसकी सगाई होने वाली थी।
गिरफ्तारी के दौरान ली गई मारिया सुसाइराज की तस्वीर में मारिया हंसती हुई नजर आई थीं।
इस्माईल शेख मुंबई- आज हम आपको मायानगरी मुंबई से फ़िल्मी दुनिया से जुड़ी एक ऐसी सच्चाई से रूबरू कराने जा रहे हैं। जिसमें नाम और पैसा कमाने के चक्कर में अपने ही दोस्त की हत्या कर दी जाती है और हत्या के बाद लाश के आगे शारीरिक संबंध बनाया जा रहा है और इनके बाद लाश के टुकडे कर, शॉपिंग की खरीददारी भी की जाती है। इसमें आरोपी कोई पूराना बदमाश नही है, जिसका काम इस तरह की घटनाओं को अंजाम देना हो। बल्कि इस घटना को अंजाम देने वाली एक खुबसूरत और नाजुक कही जाने वाली अभिनेत्री और उसका ब्वॉयफ्रेंड है। जिन दोनों को बाद में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
फोन कॉल ने खोला हत्याकांड का राज़ ..
प्रोटेस्ट के दौरान ली गई कास्टिंग डायरेक्टर विकास गुप्ता की तस्वीर।
बालाजी प्रोडक्शन हाउस में कास्टिंग का काम करने वाले 26 साल के नीरज ग्रोवर एक रोज अचानक गुमशुदा हो गए। वो अपनी गर्लफ्रेंड और कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया सुसाइराज की घर की शिफ्ट करने में मदद कर रहे थे, लेकिन घर की शिफ्टिंग के बाद उन्हें किसी ने नहीं देखा। पुलिस में इसकी शिकायत के बाद कई दिन और हफ्ते बीतने के बाद भी नीरज की कोई खबर नहीं मिली। नीरज को ढूंढने के लिए पूरे शहर भर में पोस्टर चिपकवाए गए, लेकिन नतीजा शून्य रहा। आखिरकार पुलिस को नीरज की लोकेशन की जानकारी एक मोबाइल नेटवर्क टावर से मिली। उस एक कॉल ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
मामले में पहली गिरफ्तारी हुई एक्ट्रेस मारिया सुसाइराज की, फिर जो खुलासे हुए, उसे सुनकर हर कोई सिहर उठा। नीरज की हत्या हुई थी, उनकी लाश के सामने हत्यारों ने शारीरिक संबंध बनाए और फिर चंद घंटों बाद उनकी लाश के 300 टुकड़े कर दिए। मुंबई शहर के साथ इसकी खबर पूरे देश भर में फैल गई। लोग सोच में पड़ गए कि इतनी खुबसूरत ऐक्ट्रेस को हत्या करने की क्या जरूरत पड़ गई और हत्या के बाद लाश के सामने शारीरिक संबंध? लोग मानने को तैयार नहीं थे।
कौन है मारिया मोनिका सुसाइराज ?
मैसूर के क्रिश्चियन परिवार में जन्मीं मारिया मोनिका सुसाइराज बचपन से ही नाच-गाने में अव्वल थीं। पिता कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे, जबकि चाचा नगर पालिका के कर्मचारी थे। हर बार स्कूल के कल्चरल प्रोग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मारिया ने हीरोइन बनने का ख्वाब देखा था, लेकिन परिवार वाले इसके खिलाफ थे। जब घरवाले शादी का दबाव बनाने लगे तो, मारिया ने अपने परिवार का घर छोड़ दिया और बेंगलुरु आकर बस गईं।
मारिया का बेंगलूर से मुंबई का सफर..
बेंगलूर में लगातार प्रोड्यूसर्स के दफ्तरों के चक्कर काटते हुए मारिया को कन्नड़ सिनेमा में जगह मिल गई। कुछ छोटे-मोटे रोल के बाद मारिया को साल 2002 में कन्नड़ सिनेमा में बड़ा ब्रेक मिला। उन्हें बतौर लीड फिल्म जूट में काम मिला। फिल्म के लिए उन्हें सराहना तो मिली, लेकिन फिल्म फ्लॉप रही। इस एक काम के बाद उन्हें चंद और फिल्मों में छोटी-मोटी भूमिकाएं मिलने लगीं, लेकिन मारिया रीजनल सिनेमों में नहीं बल्कि पूरे भारत में पहचान बनाना चाहती थीं। जब कन्नड़ सिनेमा में उन्हें काम मिलना कम हुआ, तो मारिया ने मुंबई का रुख किया।
नीरज से कैसे हुई मुताबिक?
मारिया अक्सर ऑडिशन देने मुंबई आया करती थीं। एक दिन ऑडिशन के सिलसिले में मारिया की मुलाकात नीरज ग्रोवर से हुई। नीरज ग्रोवर की मुंबई में अच्छी पकड़ थी। नीरज ग्रोवर, शाहरुख खान द्वारा होस्ट किए जाने वाले शो ‘क्या आप पांचवी पास से तेज हैं’ और ‘कहानी हमारे महाभारत की’ जैसे शोज का हिस्सा रह चुके थे। साल 2008 में वो एकता कपूर के पॉपुलर प्रोडक्शन हाउस “बालाजी टेलीफिल्म्स” से जुड़कर काम कर रहे थे। ऑडिशन के दौरान हुई मुलाकात के बाद नीरज और मारिया ने नंबर एक्सचेंज किए और फिर दोनों की बात होने लगी। नीरज ने मारिया से कहा कि वो बेहद खूबसूरत हैं और उन्हें काम ढूंढने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जवाब में मारिया ने कहा कि उनकी मुंबई में कोई पहचान नहीं है, जिसकी वज़ह से उन्हें काम नहीं मिल रहा है।
नीरज ने की मारिया की मदद ..
मारिया की बात सुनकर नीरज ने उन्हें मदद का आश्वासन दिया और उनका बालाजी टेलीफिल्म्स में ऑडिशन अरेंज करवाया। वो इन्हीं ऑडिशन के लिए अक्सर मुंबई आया करती थीं। समय के साथ मारिया, नीरज से ज्यादा घुलने-मिलने लगी थीं, जबकि वो पहले ही मैसूर के रहनेवाले जेरोम मैथ्यू के साथ लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में थीं, जिनसे उनकी सगाई भी होने वाली थी। जेरोम इंडियन आर्मी में थे और उस समय पुणे में पोस्टेड थे।
मारिया ने नीरज से छुपाई बात ..
बड़ी हीरोइन बनने और काम मिलने का ख्वाब देखने वालीं मारिया ने नीरज को ये बताना जरूरी नहीं समझा कि वो पहले से रिलेशनशिप में हैं। समय के साथ दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगीं और एक रोज मारिया ने मुंबई शिफ्ट होने का फैसला कर लिया। जब मारिया मुंबई पहुंचीं, तो नीरज ने उन्हें अपने घर में जगह दी। दोनों की दोस्ती के कई महीने हो चुके थे, लेकिन नीरज की तरफ से मारिया को कोई काम नहीं मिल रहा था। नीरज ने अपने दोस्तों को बताया था कि कन्नड़ एक्सेंट के कारण मारिया के ऑडिशन रिजेक्ट हो जाते थे, लेकिन मारिया को ठेस न पहुंचे, इसलिए वो अक्सर उनके सामने काम न मिलने के नए-नए बहाने बना दिया करते थे।
नीरज के खिलाफ धोखेबाजी का शक ..
नीरज के घर में रहते हुए मारिया की उनके दोस्तों से भी अच्छी दोस्ती हो गई थी। वो अक्सर नीरज के दोस्तों से पूछा करती थीं कि कहीं नीरज उन्हें धोखा तो नहीं दे रहे? कहीं ये कास्टिंग काउच की तरह तो नहीं है? दोस्त अक्सर मारिया को समझाते थे कि नीरज उन्हें काम दिलाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस बीच जब भी मारिया अपने बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू से बात करती थीं, तो नीरज का जिक्र होने पर बस यही कहा करती थीं कि नीरज उनसे एकतरफा प्यार करते हैं और वो उन्हें दोस्त मानती हैं। हालांकि, ये एक झूठी कहानी थी।
करीब एक हफ्ते तक नीरज के साथ लिव-इन में रहने के बाद मारिया ने मलाड के धीरज सॉलिटियर अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 201 किराए पर ले लिया। 7 मई 2008, मारिया को नीरज का फ्लैट छोड़कर मलाड स्थित फ्लैट में शिफ्ट होना था। मारिया के जाने के बाद रात को नीरज ने अपने दोस्तों से कहा कि मारिया की शिफ्टिंग में मदद करवाने जा रहे हैं। करीब 10 बजे वो घर से निकल गए।
अगली सुबह नीरज के दोस्त ने उनके नंबर पर कॉल किया, तो कॉल मारिया ने रिसीव किया। मारिया ने उनके दोस्त लाल को बताया कि नीरज रात 1:30 बजे घर से निकल चुके थे और हड़बड़ी में फोन उनके फ्लैट में छोड़ गए हैं। कुछ घंटे और बीते, लेकिन नीरज न फ्लैट पर आए और न फोन लेने पहुंचे। नीरज से बात न होने पर उनके परिवार और काम से जुड़े लोग उनके दोस्त लाल को कॉल कर रहे थे, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
आखिरकार, लाल 8 मई की शाम मारिया के फ्लैट पहुंचे। जब उन्होंने मारिया से पूछा कि वो किसके साथ निकले हैं, तो वो कोई जवाब नहीं दे सकीं। आखिरकार दोनों ने सोच-विचार करने के बाद मलाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नीरज का फोन जब्त कर उनकी तलाश शुरू कर दी। मामले में उनके करीबियों से पूछताछ हुई, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी। 2 दिनों बाद उनके परिवारवाले भी कानपुर से मुंबई आ गए। गुमशुदगी को दो हफ्ते बीत गए, लेकिन नीरज की कोई खबर नहीं थी। उनके परिवारवालों ने उनके पोस्टर छपवाए, जिसमें पता बताने वाले को ईनाम देने की घोषणा की गई, लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हो सका।
ऐक्ट्रेस से बनी हत्यारन ..
2 हफ्ते बीते ही थे कि पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों के कॉल रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए। रिकॉर्ड से सामने आया कि 8 मई की शाम को नीरज के फोन पर एक कॉल आया था, जिसे चंद सेकेंड के लिए रिसीव किया गया था। मोबाइल नेटवर्क टावर के रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस का पहला शक, मारिया सुसाइराज पर गया, क्योंकि शिकायत से पहले तक नीरज का मोबाइल मारिया के ही पास था।
कॉल पर क्या हो रहे थे बातें?
पुलिस ने मारिया को शक हुए बिना उनके खिलाफ छानबीन शुरू कर दी। जब मारिया के कॉल रिकॉर्ड निकाले गए, तो नतीजे चौंका देने वाले थे। 8 मई- 20 मई तक मारिया और उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू के बीच 1 हजार कॉल हुए थे। ये कोई आम बात नहीं थी। कॉल रिकॉर्ड और जेरोम के उस रात मुंबई में ही होने से पुलिस का मारिया पर शक और पुख्ता हो गया। इस सिलसिले में मारिया और उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू को पूछताछ के लिए बुलाया गया। मारिया ने बयान में वही कहानी बताई, जो उन्होंने पहले बताई थी, वहीं जेरोम ने कहा कि वो आर्मी ट्रेनिंग के सिलसिले में मुंबई आया हुआ था। पुलिस ने आर्मी सेंटर से जेरोम के बयान को कन्फर्म नहीं किया, हालांकि उन्होंने शक की बिना पर जांच जारी रखी। जब मारिया की बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ की गई, तो उसने चौंका देने वाला खुलासा किया।
सिक्योरिटी गार्ड ने किया खुलासा ..
सिक्योरिटी गार्ड ने मालाड़ पुलिस को बताया कि 8 मई की शाम को मारिया और उनका बॉयफ्रेंड मैथ्यू कुछ बैग में भारी सामान ले जाते दिखे थे। इस बात से पुलिस का शक यकीन में बदल गया। सबूत इकट्ठा करते ही पुलिस ने सबसे पहले मारिया की गिरफ्तारी की। मारिया लगातार अपने बयान बदलती रही, लेकिन जब सख्ती की गई तो वो टूट गई। मारिया ने जो खुलासे किए, वो सुनकर हर कोई हैरान था।
मारिया ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया, कि 8 मई को ही नीरज ग्रोवर की हत्या कर दी गई थी। दरअसल, मारिया ने 7 मई को नीरज को शिफ्टिंग में मदद करने बुलाया था। दोनों घर में क्वालिटी टाइम बिता रहे थे कि तभी मारिया के बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू का कॉल आया। जब मैथ्यू ने कॉल पर पीछे से आ रही नीरज की आवाज सुनी तो वो भड़क गए, क्योंकि उन्हें लगता था कि नीरज के इरादे मारिया के लिए ठीक नहीं है। जेरोम मैथ्यू को गुस्सा होते देख, मारिया ने उन्हें समझाया कि वो दोस्त होने के नाते सिर्फ मदद करने आया है। डिनर के बाद वो उसे चलता कर देंगी। जवाब में जेरोम ने कहा कि अगर नीरज उनके साथ रुका तो ठीक नहीं होगा।
अगले दिन 8 मई को मारिया के फ्लैट की डोरबेल बज रही थी। चंद सेकेंड तक मारिया दरवाजे पर नहीं पहुंचीं, तो बार-बार डोरबेल बजाई जाने लगी। हड़बड़ाहट में जब उन्होंने दरवाजा खोला तो देखा कि जेरोम दरवाजे पर खड़ा था। उन्हें देखते ही मारिया डर गईं, क्योंकि उस समय नीरज उनके घर पर ही था। जेरोम फ्लैट के अंदर घुस आया। मारिया ने उन्हें बेडरूम में जाने से रोका, लेकिन जेरोम ने उन्हें धक्का दे दिया। जैसे ही जेरोम कमरे में दाखिल हुए तो देखा कि नीरज उनके बिस्तर पर थे। ये देखते ही उन्होंने नीरज को पीटना शुरू कर दिया।
मारिया ने रोकने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहीं। जेरोम झगड़े के बीच किचन से चाकू ले आया, जिससे उन्होंने नीरज पर कई वार किए। जेरोम के कपड़े खून से सन चुके थे, कमरे में हर तरफ खून के छींटे थे और धीरे-धीरे नीरज की सांसें थम रही थीं। नीरज की मौत होते ही मारिया ने झटपट कमरे की सफाई शुरू कर दी। खून को साफ किया, चादर-पर्दे बदले और डेडबॉडी से खून पूरी तरह साफ कर दिया। कुछ घंटे तक नीरज की लाश उनके कमरे में ही रही। इस दौरान मारिया और जेरोम ने कई बार उसी कमरे में शारीरिक संबंध बनाए, जहां लाश थी। कुछ समय बाद दोनों नजदीकी शॉपिंग मॉल गए, जहां से उन्होंने पॉलीबैग और धारदार चाकू खरीदे।
हत्याकांड के खुलासे में फोन कॉल ..
घर लौटकर दोनों ने मिलकर लाश के 300 टुकड़े किए। शाम करीब 4 बजे दोनों सभी टुकड़ों को लेकर आमगांव की तरफ निकले। रास्ते से पेट्रोल खरीदा और सुनसान जगह ढूंढकर बैग में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जिस समय दोनों लाश के टुकड़े ठिकाने लगाने निकले थे, उस समय नीरज का फोन मारिया की जींस की जेब में था। रास्ते में नीरज का फोन बजा, तो नंबर देखने के लिए मारिया ने जेब से फोन निकाला था, जिस समय गलती से उनसे कॉल रिसीव हो गया। वो एक कॉल ही इस हत्याकांड में अहम कड़ी साबित हुआ।
हत्याकांड का खुलासा होने के बाद मारिया को सबूत छिपाने और हत्या करने में भागीदार होने पर 3 साल की सजा हुई, जबकि जेरोम मैथ्यू को 10 साल की सजा हुई। मारिया को महज 3 साल की सजा होने के खिलाफ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग विरोध में उतरे और मारिया की सजा बढ़ाने की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने फैसला नहीं बदला। रिपोर्ट्स ये भी रहीं कि मारिया को बिग बॉस 5 का ऑफर मिला था, हालांकि वो शो का हिस्सा नहीं बनीं। जेल से निकलने के बाद मारिया पर मुंबई और गुजरात समेत कई शहरों में करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में शिकायत दर्ज हुई हैं। और इस तरह मारिया ने देशभर में पहचान तो बनाई, लेकिन उसका कारण उनका अभिनय नहीं ये हत्याकांड रहा है।
बाल तस्करी गिरोह ने पिछले डेढ़ साल में देश भर में निसंतान दंपत्तियों को तीन बच्चियों और 11 बच्चे बेचे है। हालांकि पुलिस ने तस्करी किये गये 14 बच्चों में से नौ बच्चों को मुम्बई, ठाणे, विशाखापत्तनम, हैदराबाद और सिकंदराबाद से बचाया है।
इस्माईल शेख मुम्बई- देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में बाल तस्करी के बढ़ते मामले पुलिस और बच्चों के माता-पिता के लिए चिंता का विषय है। हालांकि मुम्बई पुलिस समय-समय पर चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग को पकड़ कर अगवा हुए बच्चों को उनके माता-पिता के पास पहुंचाने का काम कर रही है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
क्राइम ब्रांच द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट के अनुसार, इस साल अप्रैल में पकड़े गए बाल तस्करी गिरोह ने पिछले डेढ़ साल में देश भर में निसंतान दंपत्तियों को तीन बच्चियों और 11 बच्चे बेचे हैं। हालांकि पुलिस ने तस्करी किये गये 14 में से नौ बच्चों को मुम्बई, ठाणे, विशाखापत्तनम, हैदराबाद और सिकंदराबाद से बचाया है तथा मामले के संबंध में 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
बच्चों की खरीद फरोख्त ..
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि 5 महीने से 4 साल की उम्र के इन बच्चों को एजेंटों और डॉक्टरों के एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए 80 हजार से लेकर 7 लाख रुपये तक में बेचा गया है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
पुलिस के मुताबिक, इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) केंद्रों से जुड़ी अंडा दाता और सरोगेट माताएं सिंडिकेट और निसंतान दंपत्तियों के बीच संपर्क का पहला बिंदु होती हैं। वे आईवीएफ केंद्रों के ग्राहकों में से नवजात शिशुओं को खरीदने के इच्छुक दंपत्तियों की पहचान करती है और खरीदार एजेंटों से संपर्क करते हैं। ये लोग फुटपाथों और झुग्गी-झोपड़ियों में घूमते हैं और हाल ही में बच्चों को जन्म देने वाली गरीब, जरूरतमंद महिलाओं को उन्हें कीमत पर बेचने के लिए राजी करते हैं। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
महिलाओं की गिरफ्तारी ..
मामले में गिरफ्तार की गई तीन महिला एजेंट इस सिंडिकेट की मुख्य खिलाड़ी थीं। उनमें से दो शीतल वारे और स्नेहा सूर्यवंशी मुम्बई की हैं जबकि तीसरी, संतोषी गंगाराम रेड्डी, हैदराबाद की है। कुछ बच्चों को कथित तौर पर डॉ. संजय खंडारे के माध्यम से बेचा गया, जो एक अन्य गिरफ्तार आरोपी है और ठाणे में एक छोटा अस्पताल चलाता है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
चुनाव निर्वाचन आयोग ने देश में लोकसभा चुनाव की तारीख घोषित कर दी है। महाराष्ट्र में 48 सीटों पर पहली बार 5 चरणों में होगा चुनाव।
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- महाराष्ट्र में पहली बार पांच चरणों में 48 सीटों पर लोकसभा चुनाव होंगे। मुख्य चुनाव आयोग राजीव कुमार ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर 20 मई को समाप्त होगा।जबकि मुंबई की 6 सीटों के लिए चुनाव होना है।
चुनाव के दिन मतदान करें ..
2019 में चार चरणों में जबकि 2014 में तीन चरणों में चुनाव हुए। पहला चरण विदर्भ क्षेत्र में शुरू होगा। दूसरे चरण में अकोला पश्चिम विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होगा।
जब उनसे पूछा गया कि राज्य में इतनी चरणों की संख्या क्यों है? राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकलिंगम ने कहा, “चरणों की संख्या पर निर्णय ईसीआई द्वारा लिया गया है। हमने इस बात को लेकर ध्यान दिया कि महाराष्ट्र लोकसभा सीटों की संख्या के मामले में देश के दूसरे स्थान पर है।”
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों की उपलब्धता को लेकर भी चरण तय किये गये हैं। दिलचस्प बात यह है कि हालांकि मतदान की तारीखों की घोषणा कर दी गई है, लेकिन आधिकारिक तौर पर भाजपा ने 20 सीटों के लिए नामों की घोषणा की है। उसको छोड़कर, किसी अन्य पार्टी ने अपनी सूची जारी नहीं की है।
शिवसेना (यूबीटी) ने अनौपचारिक रूप से मुंबई की दो सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। महाराष्ट्र में 9.2 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 4.8 करोड़ पुरुष, 4.4 करोड़ महिलाएं और 5,559 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। 15 मार्च तक के डेटा से पता चलता है। यह नया डाटा में 2019 के बाद से 34.6 लाख मतदाताओं की वृद्धि है।
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव पांच चरणों में होंगे, जो 19 अप्रैल से शुरू होंगे। राज्य का मतदान प्रतिशत और युवा मतदाता पंजीकरण चिंता का विषय है। चुनाव के दौरान उल्लंघन को लेकर सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर नजर रखी जाएगी।
मालवनी पेड़ कटिंग की लाइव तस्वीर Only on Indian Fasttrack News Channel
मध्य प्रदेश: संसदीय चुनाव 4 चरणों में होगा
मध्य प्रदेश में चार चरण के संसदीय चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होंगे और 15 मई को समाप्त होंगे। आदर्श आचार संहिता लागू है। प्रत्येक चरण में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं और परिणाम 6 जून को घोषित किए जाएंगे।
19 अप्रैल से 7 चरणों में मतदान शुरू; नतीजे 4 जून को आएंगे
2024 की लोकसभा चुनाव प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान की तारीखों की घोषणा के साथ शुरू हुई। मतदान 19 अप्रैल से 1 जून तक 7 चरणों में होगा, जिसमें विभिन्न राज्य शामिल होंगे और इसमें महत्वपूर्ण मतदाता की गिनती करना शामिल होंगे।
चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है।
वी बी माणिक मुंबई- पांच राज्यो में चुनावी बिगुल बज गया है। अखाड़े में बड़े बड़े पहलवानो की नूरा कुश्ती देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम में सभी प्रमुख राजनिगिक दलों ने अपने पहलवानो की घोषणा कर दिय है। रेफरी के रूप में जनता तैयार है। पर अब प्रश्न ये उठता है, कि सभी उम्मीदवारो और नेताओं के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच क्यों नही करता है चुनाव आयोग।
चुनाव आयोग के कार्य ..
सभी के पास कितने काले धन है? उम्मीदवारो ने सम्पत्ति की कितनी जानकारी दिया है और इनके नेता के पास कितना धन है। इस विषय पर चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है। ये कितने बड़े अपराधी है? कितने केस है? कितने विचाराधीन है? इसकी जानकारी न रखता है न ही जानकारी देता है।
इसी बीच चुनाव आयोग की ओर से घोषणा की गई है, कि राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मतदान बूथों के पास लगाए गई शिविरों के निकट अनावश्यक भीड़ इकट्ठा नहीं होने देंगे ताकि दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों और अभ्यर्थियों के मध्य टकराव और तनाव से बचा जा सके। आचार संहिता की धाराओं प्रशासन भरपूर इस्तेमाल करने जा रहा है।
लेकिन, आप को बता दें, दिन पर दिन भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। कितना भी पत्रकार लिखता है। फिर भी नेताओ, मंत्रियों और चुनाव आयोग को कोई फर्क नही पड़ता है। चुनाव में धन-बल की आजमाइस जोरो पर चलती है। हत्याएं होती है। अपहरण होते है। इस पर भी चुनाव के पास समय नही होता है। देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।