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NEET PG Result 2024 Live Updates: Consideration competitors! The outcomes for NEET PG 2024 tests are supposed to be pronounced by the Public Leading body of Assessments in Clinical Sciences (NBEMS) at any point in the near future. It is guessed that the outcomes will be out before the current week’s over. Be that as it may, there is no affirmation on the date and time yet. When the outcomes are out, up-and-comers can really take a look at their scores at true sites – natboard.edu.in and nbe.edu.in. The cut-off marks for NEET PG 2024 will be delivered alongside the outcomes. Up-and-comers who will score the base most reduced cut-off just will be announced as effectively qualified.
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The NEET PG 2024 assessment was directed on August 11, 2024. Around 2,28,540 applicants showed up for the assessment which was held in two movements around the same time. For all the inclusion encompassing NEET PG Results 2024, applicants can follow our live updates here:
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मध्यप्रदेश- क्या चुहे शराब पीते हैं? मध्य प्रदेश में तो पीते हैं। यहां एक चूहे को एक पुलिस स्टेशन में शराब की बोतलें खाली करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शराबी चूहे को अब अदालत के सामने पेश किया जाएगा! यह विचित्र घटना छिदवाड़ा जिले के एक पुलिस स्टेशन से प्रकाश में आई है। (Rat arrested for swallowing liquor)
पुलिस ने प्लास्टिक की बोतलों में पैक अवैध शराब जब्त की थी और बोतलों को स्टोर रूम में रख दिया था। हालांकि, जब जब्त शराब कोर्ट में पेश करने का समय आया तो पुलिस को पता चला कि कम से कम 60 बोतलें खाली हो चुकी थीं। (Rat arrested for swallowing liquor)
पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि इन बोतलों को चूहों ने खाली कर दिया! पुलिस का कहना है कि थाने की इमारत बहुत पुरानी है, जहां चूहे अक्सर घूमते देखे जाते हैं, यहां तक कि कुतरकर रिकॉर्ड भी नष्ट कर देते हैं पुलिस ने आरोपी चूहों में से एक को गिरफ्तार करने का भी दावा किया है, जिसे अब सबूत के तौर पर अदालत के सामने पेश किया जाएगा। (Rat arrested for swallowing liquor)
हालांकि, पुलिस अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर पारई है कि शराब की पार्टी में कितने चूहे शामिल थे! जिस मामले में शराब की बोतलें जब्त की गई, वह मामला अभी भी अदालत में लंबित है। पुलिस अब अदालत को परिस्थिति रही है, क्योंकि जब्त की गई शराब अदालत में पेश की जानी है। यह पहली बार नहीं है, जब चूहों पर पुलिस स्टेशन में शराब पीने का आरोप लगा है। (Rat arrested for swallowing liquor)
पहले का एक उदाहरण आप को बताते चलें, कि पुलिस ने शाजापुर जिला अदालत में एक ऐसी ही घटना सुनाई, तो न्यायालय और अदालत का पूरा स्टाफ हंस पड़ा था। ऐसे मामलों में उत्तर प्रदेश भी मध्य प्रदेश से पीछे नहीं है। साल 2018 में बरेली के छावनी पुलिस स्टेशन में रखी 1,000 लीटर से अधिक जब्त शराब गायब हो गई थी। स्थानीय पुलिसकर्मियों ने शराब गटकने का आरोप चूहे पर लगाया था। (Rat arrested for swallowing liquor)
चुनाव निर्वाचन आयोग ने देश में लोकसभा चुनाव की तारीख घोषित कर दी है। महाराष्ट्र में 48 सीटों पर पहली बार 5 चरणों में होगा चुनाव।
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- महाराष्ट्र में पहली बार पांच चरणों में 48 सीटों पर लोकसभा चुनाव होंगे। मुख्य चुनाव आयोग राजीव कुमार ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर 20 मई को समाप्त होगा।जबकि मुंबई की 6 सीटों के लिए चुनाव होना है।
चुनाव के दिन मतदान करें ..
2019 में चार चरणों में जबकि 2014 में तीन चरणों में चुनाव हुए। पहला चरण विदर्भ क्षेत्र में शुरू होगा। दूसरे चरण में अकोला पश्चिम विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होगा।
जब उनसे पूछा गया कि राज्य में इतनी चरणों की संख्या क्यों है? राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकलिंगम ने कहा, “चरणों की संख्या पर निर्णय ईसीआई द्वारा लिया गया है। हमने इस बात को लेकर ध्यान दिया कि महाराष्ट्र लोकसभा सीटों की संख्या के मामले में देश के दूसरे स्थान पर है।”
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों की उपलब्धता को लेकर भी चरण तय किये गये हैं। दिलचस्प बात यह है कि हालांकि मतदान की तारीखों की घोषणा कर दी गई है, लेकिन आधिकारिक तौर पर भाजपा ने 20 सीटों के लिए नामों की घोषणा की है। उसको छोड़कर, किसी अन्य पार्टी ने अपनी सूची जारी नहीं की है।
शिवसेना (यूबीटी) ने अनौपचारिक रूप से मुंबई की दो सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। महाराष्ट्र में 9.2 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 4.8 करोड़ पुरुष, 4.4 करोड़ महिलाएं और 5,559 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। 15 मार्च तक के डेटा से पता चलता है। यह नया डाटा में 2019 के बाद से 34.6 लाख मतदाताओं की वृद्धि है।
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव पांच चरणों में होंगे, जो 19 अप्रैल से शुरू होंगे। राज्य का मतदान प्रतिशत और युवा मतदाता पंजीकरण चिंता का विषय है। चुनाव के दौरान उल्लंघन को लेकर सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर नजर रखी जाएगी।
मालवनी पेड़ कटिंग की लाइव तस्वीर Only on Indian Fasttrack News Channel
मध्य प्रदेश: संसदीय चुनाव 4 चरणों में होगा
मध्य प्रदेश में चार चरण के संसदीय चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होंगे और 15 मई को समाप्त होंगे। आदर्श आचार संहिता लागू है। प्रत्येक चरण में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं और परिणाम 6 जून को घोषित किए जाएंगे।
19 अप्रैल से 7 चरणों में मतदान शुरू; नतीजे 4 जून को आएंगे
2024 की लोकसभा चुनाव प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान की तारीखों की घोषणा के साथ शुरू हुई। मतदान 19 अप्रैल से 1 जून तक 7 चरणों में होगा, जिसमें विभिन्न राज्य शामिल होंगे और इसमें महत्वपूर्ण मतदाता की गिनती करना शामिल होंगे।
मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अगले 48 घंटों में महाराष्ट्र के कुछ जिलों में गरज के साथ बेमौसम बारिश होने की संभावना है। मुंबई में पिछले 4 दिनों में तापमान 37 डिग्री के पास..
इस्माईल शेख मुंबई- शहर में तापमान बढ़ने से इन दिनों मुंबईकरों को गर्मी का सामने करना पड़ रहा है। पिछले 4 दिनों में मुंबई का पारा दो बार 37 डिग्री से ऊपर जा चुका है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने अगले 48 घंटो में बेमौसम बरसात की चेतावनी दी है। जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी हवाओ के प्रभाव से महाराष्ट्र समेत देश के मौसम में बड़ा बदलाव आया है और कई जगहों पर बेमौसम बारिश हो रही है। बता दें, कि पिछले दो-तीन दिनों से महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश हो रही है। वहीं, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में फिर से बारिश होने की संभावना है। (Warning of heavy rain including Mumbai-Pune)
अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी ..
भारतीय मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अगले 48 घंटों में देश के विभिन्न शहरों जैसे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड और उत्तरी महाराष्ट्र के कुछ जिलों में गरज के साथ बेमौसम बारिश की संभावना है। यह भी अनुमान लगाया गया है, कि मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ जिलों में तूफानी हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि हो सकती है। साथ ही किसानों को उनकी कटी हुई फसलों को ढक कर रखने की सलाह दी गई है। (Mumbai weather updates)
बीते सोमवार को देश के अन्य क्षेत्रों की तुलना, मुंबई का अधिकतम तापमान सबसे अधिक 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गुरुवार को एक बार फिर उपनगर का अधिकतम तापमान 37.2 और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, मराठवाड़ा और विदर्भ में पिछले तीन-चार दिनों से बेमौसम बारिश हो रही है। कई जिलों में ओलावृष्टि हुई है, जिससे रबी फसलों के साथ-साथ बाग-बगीचे भी नष्ट हो गए हैं। किसानों को उम्मीद है कि सरकार जल्द से जल्द नुकसान का निरीक्षण कर सहायता की घोषणा करेगी।
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मुंबई के क्षेत्रीय मौसम विभाग के निदेशक सुनील कांबले ने बताया, कि आगामी दो दिनों तक मुंबई में दिन का तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। मौसम विशेषज्ञ ऋषिकेश आग्रे ने बताया, समुद्र से आनेवाली नम हवाएं काफी देरी से सेट हो रही हैं, जिसके चलते तापमान में वृद्धि हो रही है। इसी के चलते फिलहाल दो दिन और गर्मी रहेगी। इसके साथ ही भारतीय मौसम विभाग ने पुणे के साथ-साथ मुंबई, मराठवाड़ा, विदर्भ और खानदेश के इलाकों में अगले 48 घंटों में बेमौसम बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही नासिक, अहमदनगर, पुणे, सतारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों में गरज के साथ बेमौसम बारिश की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है।
वी बी माणिक मुंबई- पांच राज्यो में चुनावी बिगुल बज गया है। अखाड़े में बड़े बड़े पहलवानो की नूरा कुश्ती देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम में सभी प्रमुख राजनिगिक दलों ने अपने पहलवानो की घोषणा कर दिय है। रेफरी के रूप में जनता तैयार है। पर अब प्रश्न ये उठता है, कि सभी उम्मीदवारो और नेताओं के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच क्यों नही करता है चुनाव आयोग।
चुनाव आयोग के कार्य ..
सभी के पास कितने काले धन है? उम्मीदवारो ने सम्पत्ति की कितनी जानकारी दिया है और इनके नेता के पास कितना धन है। इस विषय पर चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है। ये कितने बड़े अपराधी है? कितने केस है? कितने विचाराधीन है? इसकी जानकारी न रखता है न ही जानकारी देता है।
इसी बीच चुनाव आयोग की ओर से घोषणा की गई है, कि राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मतदान बूथों के पास लगाए गई शिविरों के निकट अनावश्यक भीड़ इकट्ठा नहीं होने देंगे ताकि दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों और अभ्यर्थियों के मध्य टकराव और तनाव से बचा जा सके। आचार संहिता की धाराओं प्रशासन भरपूर इस्तेमाल करने जा रहा है।
लेकिन, आप को बता दें, दिन पर दिन भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। कितना भी पत्रकार लिखता है। फिर भी नेताओ, मंत्रियों और चुनाव आयोग को कोई फर्क नही पड़ता है। चुनाव में धन-बल की आजमाइस जोरो पर चलती है। हत्याएं होती है। अपहरण होते है। इस पर भी चुनाव के पास समय नही होता है। देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।
देश के पांच राज्यों में 7 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक कुल चार चरणों में मतदान होंगे। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में, जबकि बाकी राज्यों में एक ही दिन वोट डाले जाएंगे। नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे। साल के ये आखिरी चुनाव सेमीफाइनल तो नहीं, लेकिन 2024 के आम चुनाव के लिए रिहर्सल जैसे जरूर हैं।
वी बी माणिक नई दिल्ली– देश की राजनीति में सेमीफाइनल मैच का बिगुल बज चुका है। इसके तहत देश के पाँच राज्यो में सभी दलों के रण बाकुरो की टोली ताल ठोकना शुरू कर दिया है। इस चुनावी खेल में कौन पहलवान जीतेगा? कौन हारेगा? ये समय बतायेगा। इस समय जाति गणना की माँग जोरो पर चल रही है। पर अधिकांश नेता अपनी जाति के बारे में कुछ नही बोल रहे है।
देश में महिलाओ के साथ बलात्कार की घटना में काफी बढ़ोतरी हुई है। जिस पर राज्य सरकारें चुप्पी साध कर बैठी है। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह समाप्ति की ओर बढ़ती जा रही है। रणबाँकुरों की ओर से टिकट के लिये जोर आजमाइश की जा रही है। चाहे वह कितना बड़ा अपराधी हो, इसको पार्टियां नही देख रही है। जितने दोषी राजनीतिक पार्टियां है उससे ज्यादा दोषी चुनाव आयोग है।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार से देश की जनता कई माध्यमों सवाल करती आ रही है, कि क्योंकि चुनाव आयोग इस बात की जाँच क्यों नही करता कि जो भी नेता चुनाव लड़ रहा है उस के खिलाफ आपराधिक कितने केस दर्ज है? न्यायालय में कितने में दोषी पाया गया है और कितने केस विचाराधीन है? अगर है तो चुनाव लड़ने के योग्य नही है। चुनाव आयोग एकदम निष्पक्ष नही है क्योंकि चुनाव आयोग से रिटायर्ड होने के बाद ये भी किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव लड़कर या पीछे के रास्ते से लोकसभा-राज्यसभा में पहुँच जाते है। और आजीवन मलाई खाते है।
चुनावी समीकरण को दर्शाती हुई तस्वीर
पांचो राज्यों में कुल चार चरणों में वोटिंग होगी। सिर्फ छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होंगे बाकी राज्यों में एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। शुरुआत मिजोरम से 7 नवंबर को होगी, जबकि आखिरी चरण में तेलंगाना विधानसभा के लिए 30 नवंबर को वोट डाले जाएंगे – सभी राज्यों में मतगणना 3 नवंबर को होगी।
अब राजीनीतिक पार्टीयो के पहलवानो मे से ये पहलवान चुनाव जीतने के बाद पाँच वर्ष तक अपने एरिया में अपने चमचो के साथ केवल दहशत पैदा करना। पुलिस थानों को अपनी रखैल बनाकर रखना। दुकानदारों व्यापारियों और अन्य कारोबारियों से अवैध धन उगाही का काम करते है और ठेकेदारों से हर कार्य का कमीशन लेना, सरकारी दफ्तरों में वसूली करना, कर्मचारियों को धमकी देना, यही काम करते है। चुनाव आयोग इसकी जाँच क्यों नही करवाता है? बहुत गरीब वर्ग इन विधायकों द्वारा ठगी के शिकार हुए होते है इस पर कोई कार्रवाई नही होती है। अब देखना है, कि 3 दिसंबर को इस सेमीफाइनल मुकाबले का क्या रिजल्ट आता है।
चुनाव तारीखों की घोषणा तो अब हुई है, लेकिन राजनीतिक पार्टियां काफी पहले से ही चुनाव कैंपेन शुरू कर चुकी हैं। अब तक का हाल तो यही बता रहा है कि 3 राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है, जबकि तेलंगाना और मिजोरम में क्षेत्रीय दलों का दबदबा है।
मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना हुई है। इस पर कार्रवाई का अभी तक नहीं होना क्या नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप पर देश चल रहा है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं।
वी बी माणिक मुंबई- आजकल के नेताओ में शर्म, लाज, हया, सब खत्म हो चुका है। कोई हिन्दू शास्त्र का तो कोई कुरान की दुहाई देकर राजनीति को पूरी तरह गंदगी में ढकेल दिया है। दिन पर दिन महिलाओं के इज्जत को तार-तार कर सभी राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जोर-शोर से चल रहा है। टीवी चैनलों पर जमकर कबूतरबाजी चलाकर टीआरपी बटोरी जा रही है। (Indian politics)
लेकिन मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई है। उससे केवल राज्य का ही नही पूरे देश का नाम, विश्व पटल नाम काफी खराब हुआ है। मणिपुर और राजस्थान बिहार में महिला को निर्वस्त्र कर उनके साथ दुष्कर्म करने वाले और वहाँ उपस्थित दर्शको के साथ वीडियो बनाने वालों के विरुद्ध कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए था। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री जो कुम्भकर्णीय की नींद सो रहे थे उनको सलाखों के पीछे ढकेलना चाहिए था। (Indian politics)
यह खबर लिखने में हम पत्रकारों का सर शर्म से झुक जाता है। क्योंकि पत्रकारों को लिखने के अलावा कोई अधिकार नही है। यह मुद्दा अब देश की संसद में चला गया है। वहाँ भी नेता अपनी रोटी सेक रहे है। इस पर कार्रवाई की बात कोई नही कर रहा है। बड़ी विडंबना है, कि देश की संसद और विधानसभा में नेता की जगह अपराधियो ने कब्जा कर लिया है। पर इसका जबाबदार है कौन ? (Indian politics)
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देश की जनता अपने देश में महिलाओं को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती के रूप में देखा जाता है और पुरुष वर्ग इन्हीं का अपमान करता है। इन्हीं को शैतानो की तरह नोचता है। इन्हीं के साथ हैवानियत करता है। ऐसे लोगो को चुल्लू भर पानी मे डुब मरना चाहिए। ये जितने दरिंदे है ये सब नेताओ के चमचे है। इसलिए इन पर कार्रवाई नही हो रहा है। आईएएस और आईपीएस अधिकारी क्यो चुप बैठे है? देश का दुर्भाग्य है, कि खाकी पर हमेशा खादी भारी पड़ता है। कब सुधरेगा हमारा देश कब वो दिन आएगा जब बहन बेटिया अपने को सुरक्षित महसूस करेंगी और दरिंदो का सर्वनाश होगा। (Indian politics)
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।
Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।
Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-
Step 1:एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें। Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें। Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें
आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
अपना आवासीय पता लिखें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें। Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।
एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।
Voter ID Card में पता बदलना..
क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-
Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें। Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें। Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें। Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें। Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।
यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।
Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें। Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:
एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।
Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।
इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं। इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।
Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?
इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।
NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A
अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।
आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?
एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।
मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?
एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें। Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।
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आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।
इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
देश में महिला की सुरक्षा को लेकर लगातार लोगों में खौफ का माहौल बढ़ता जा रहा है। इस पर केंद्र सरकार को अंकुश लगाने की जरूरत है। India
वी बी माणिक मुंबई- आजकल अधिकांश राज्यो में महिलाओं लडकियो पर बलात्कार दुराचार की घटनाओं में दिन पर दिन बाढ़ सी आ गयी है। जिस पर राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे है। राजस्थान, छतीसगढ़ मणिपुर, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यो में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। (India)
मणिपुर की घटना.. India
राज्य सरकारें क्या कर रही है? महिलाओं को बलात्कार कर उनको जिंदा जला दिया जा रहा है। देश में इतना बड़ा पाप हो रहा। लेकिन इस पर राजनीतिक दलों के लोग अपनी रोटिया सेक रहे है। पिछले 80 दिनों से मणिपुर जल रहा है। मणिपुर के मुख्यमंन्त्री कान में तेल डालकर कुम्भकर्ण की नींद सो रहा है। उनको पता ही नही चल रहा है कि राज्य में क्या हो रहा है। ये बड़े शर्म का विषय है।
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राजस्थान की घटना..
दूसरी ओर राजस्थान में रात में जिंदा एक 6 महीने की बच्ची को जला दिया गया। जिस पर मुख्यमंन्त्री गहलोत ने एक शब्द नही बोला। अब अपराधी ही नेता बने है। इस पर चुनाव आगोग को कड़ा नियम लागू करना चाहिए कि जिस नेता पर एक भी छोटा केस हो तो उसको चुनाव लड़ने का अधिकार समाप्त कर देना चाहिए। लोक सभा और कुछ राज्यो के विधानसभा चुनाव करीब है। क्या अपराध की घटनाओं को बढ़ाकर चुनाव का पूर्वाभ्यास किया जा रहा है? India
अब निर्दोष नागरिकों, महिलाओ की हत्या, बलात्कार, लूट, चोरी, डकैती, राहजनी और अन्य घटनाओ की बाढ़ लाकर नेता अपनी ताकत बता रहे है। प्रधानमंत्री को आज वीडियो दिखाई पड़ा अभी तक मणिपुर की घटना की जानकारी नही थी। ये कबतक चलेगा पुलिस कब सुधरेगी नेताओ की चमचागिरी पुलिस कब बन्द करेगी। आजकल महाराष्ट्र में पुलिस की हफ्ता उगाही जोरो पर चल रही है। क्योंकि इनके आका सत्ता में और विपक्ष में बैठे है। इन पुलिस वालों का कोई कुछ नही कर सकता। India
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अब तो पुलिस स्टेशनों में महिलाओं की शिकायत तक नही ली जाती है। ये छोड़िये आम नागरिकों की शिकायत नही ली जाती है। पुलिस की मानसिकता दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। केवल अपने आकाओं के आगे पीछे मंडराते रहते है। अगर पुलिस के विरुद्ध किसी ने खबर लगा दिया। तो पुलिस हनुमान जी बनकर पत्रकार के पीछे लग जाती है। ये अपने देश का दुर्भाग्य है। दिल्ली में जब निर्भया कांड हुआ था। तो महिलाओ के लिए लोकसभा में कई कानून का इम्पलीमेंट (IMPLEMENT) किया गया था। पर उसपर आजतक अमल नही किया गया। कब होगी बहन बेटियों माताओ की सुरक्षा ये जबाब जनता पूछ रही है। India
हथियारों का इतना बड़ा जखीरा किसे बेचने के लिए और किस मकसद से महाराष्ट्र में लाया गया इसकी पड़ताल की जा रही है।
इस्माईल शेख महाराष्ट्र- ठाणे शहर के क्राइम ब्रांच यूनिट 5 की टीम ने भारी मात्रा में अग्नि शस्त्र बेचने के लिए आए पुराने अपराधी को धुळे के पलासनेस से गिरफ्तार किया है। इसके पास से एक मशीन गन, 2 मैगजीन, 20 पिस्तौल और 280 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। इसके पहले वागले स्टेट पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस इसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तार हथियार का सौदागर 27 वर्षीय आरोपी सुरजीतसिंग उर्फ माजा आवसिंग मध्य प्रदेश के उमर्टिगाव पोस्ट बलवाडी तालुका वर्ला जिला बडवानी का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक वागले एस्टेट पुलिस थाना, गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 225/22 में भारतीय हथियार कानून 3,4,25 के साथ महाराष्ट्र पुलिस कानून की धारा 37(1), 135 के तहत दर्ज मामले में पुलिस हथियार बेचने वाले सुरजीतसिंग उर्फ माझा की तलाश कर रही थी। इसी बीच ठाणे क्राइम ब्रांच यूनिट 5 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विकास घोडके को विश्वसनीय सूत्रों से यह पता चला कि हथियारों के सौदागर सुरजीतसिंग महाराष्ट्र में धुळे जिले के पलासनेस में किसी बड़ी डिल को अंजाम देने के लिए भारी मात्रा में हथियार लेकर आने वाला है।
Live video on Indian fasttrack news channelठाणे क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी और गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर
हथियारों का जखीरा..
मिली जानकारी के मुताबिक, सहायक पुलिस निरीक्षक भूषण शिंदे और अविनाश महाजन की निगरानी में एक टीम का गठन किया गया। जो धुळे के पलासनेस जाकर अपनी टीम के साथ आरोपी को हथियारों के साथ गिरफ्तार कर ले आई। मंगलवार 11 जुलाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां 18 जुलाई तक के लिए पुलिस कस्टडी की सजा सुनाई है। मामले की और अधिक तहकीकात क्राइम ब्रांच की यूनिट 5 के अधिकारी कर रहे है। हथियारों का इतना बड़ा जखीरा किसे बेचने के लिए और किस मकसद से महाराष्ट्र में लाया गया इसकी पड़ताल की जा रही है।