Category: Breaking News

  • BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना अनिवार्य, नहीं देने पर नामांकन हो सकता है रद्द।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 की प्रक्रिया को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब हर उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होगा। यदि जांच के दौरान यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, तो रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को नामांकन पत्र अवैध घोषित करने का अधिकार होगा।

    BMC-Elections-2025-26-Toilet-usage-certificate-mandatory-with-nomination

    राज्य चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश

    माननीय राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र ने चुनाव कार्यक्रम घोषित करते समय साफ किया है कि नामांकन के साथ उम्मीदवार द्वारा दिए जाने वाले सभी शपथपत्रों और घोषणाओं में शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र भी शामिल होगा। यह नियम सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू रहेगा।

    स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ा है नियम

    यह शर्त स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाई गई थी। खुले में शौच को खत्म करने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक 19 (2016) में संशोधन किया गया था।
    इसके अनुसार,

    • जो व्यक्ति नियमित रूप से शौचालय का उपयोग नहीं करता
    • या उसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करता

    वह चुनाव लड़ने और निर्वाचित होने के लिए अपात्र माना जाएगा। यह नियम 2017 के महानगरपालिका चुनाव से पहले ही लागू कर दिया गया था।

    किसे और कैसा प्रमाणपत्र देना होगा

    BMC चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों को निम्न में से कोई एक जानकारी देना जरूरी होगा:

    • अगर खुद के घर में शौचालय है, तो उसका प्रमाण
    • अगर किराए के घर में शौचालय है, तब भी प्रमाणपत्र
    • अगर घर में शौचालय नहीं है, तो सामुदायिक शौचालय के उपयोग का उल्लेख

    यह प्रमाणपत्र सहायक आयुक्त या प्रभाग अधिकारी द्वारा नियमों के अनुसार जारी किया जाएगा या स्व-प्रमाणपत्र स्वीकार किया जाएगा।

    तस्वीर की जरूरत नहीं, प्रक्रिया सरल

    महानगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि

    • शौचालय या व्यक्ति की फोटो खींचने की कोई जरूरत नहीं है
    • केवल नियमों के अनुसार प्रमाणपत्र देना पर्याप्त होगा

    इस संबंध में 22 दिसंबर 2025 को BMC मुख्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में भी विस्तृत जानकारी दी गई थी।

    नामांकन जांच में होगी सख्ती

    चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नामांकन पत्र की जांच के दौरान यदि शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र नहीं पाया गया, तो नामांकन तुरंत खारिज किया जा सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र किसके लिए जरूरी है?
    ➡️ BMC चुनाव 2025-26 लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए।

    Q2. प्रमाणपत्र नहीं देने पर क्या होगा?
    ➡️ नामांकन पत्र अवैध घोषित किया जा सकता है।

    Q3. किराए के घर में रहने वालों को क्या करना होगा?
    ➡️ शौचालय उपयोग का प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना होगा।

    Q4. क्या शौचालय की फोटो देनी होगी?
    ➡️ नहीं, फोटो की कोई आवश्यकता नहीं है।

    Q5. यह नियम कब से लागू है?
    ➡️ 2016 के संशोधित कानून के तहत, 2017 से लागू।

  • New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    नए साल के जश्न से पहले मुंबई फायर ब्रिगेड की विशेष अग्निसुरक्षा मुहिम, 907 होटल, रेस्टोरेंट, पब और बार की जांच, 41 पर कार्रवाई और 16 को नोटिस।

    मुंबई: New Year के स्वागत की तैयारियों के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई अग्निशमन दल ने शहर की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए ‘विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम’ के तहत 22 से 25 दिसंबर 2025 के बीच मुंबई भर में 907 आस्थापनाओं की जांच की गई। जांच में अग्निसुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 41 आस्थापनाओं पर कार्रवाई की गई, जबकि 16 को नोटिस जारी किए गए हैं।

    New Year सेलिब्रेशन को देखते हुए सख्त कदम

    हर साल नए साल के मौके पर मुंबई के होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार, क्लब, रूफटॉप, पार्टी हॉल और समुद्र किनारों पर बड़ी संख्या में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। हजारों की भीड़ को देखते हुए अग्निसुरक्षा बेहद अहम हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड ने विशेष जांच अभियान शुरू किया है।

    किसके निर्देश पर चल रही है यह मुहिम

    यह विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम

    • BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर
    • अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में
      22 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक चलाई जा रही है।

    907 जगहों की जांच, किस-किस पर नजर

    मुंबई अग्निशमन दल द्वारा जिन आस्थापनाओं की जांच की गई, उनमें शामिल हैं:

    • 🏬 10 मॉल
    • ⭐ 25 पंचतारांकित होटल
    • 🏨 59 लॉजिंग- बोर्डिंग
    • 🌆 19 रूफटॉप आस्थापन
    • 🍻 148 पब, बार और क्लब
    • 🎉 12 पार्टी हॉल
    • 🏋️ 5 जिमखाना
    • 🍽️ 628 रेस्टोरेंट

    👉 कुल जांच: 907 आस्थापन

    41 पर कार्रवाई, 16 को नोटिस

    जांच के दौरान कई जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम में खामियां पाई गईं, जैसे:

    • फायर एक्सटिंग्विशर खराब या एक्सपायर्ड
    • फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम काम नहीं कर रहे
    • इमरजेंसी एग्जिट बंद या अवरुद्ध
    • फायर NOC की शर्तों का पालन नहीं

    इन मामलों में महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006 के तहत

    • 41 आस्थापनाओं पर सीधी कार्रवाई
    • 16 को सुधार के लिए नोटिस दिए गए।

    28 दिसंबर तक जारी रहेगी जांच

    अग्निशमन विभाग ने साफ किया है कि यह विशेष मोहीम 28 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। इसके बाद भी शहर में नियमित फायर सेफ्टी जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।

    नागरिकों और आस्थापन मालिकों से अपील

    डॉ. अश्विनी जोशी ने कहा कि:

    • सभी होटल, पब, बार और रेस्टोरेंट फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करें
    • भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा से कोई समझौता न करें
    • नागरिक भी सतर्क रहें और किसी भी खतरे की सूचना तुरंत दें।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह फायर सेफ्टी मोहीम कब तक चलेगी?
    ➡️ 28 दिसंबर 2025 तक।

    Q2. कितनी जगहों की जांच हुई है?
    ➡️ कुल 907 आस्थापन।

    Q3. कितनों पर कार्रवाई हुई?
    ➡️ 41 आस्थापनाओं पर।

    Q4. नोटिस क्यों दिए गए?
    ➡️ फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर सुधार के लिए।

    Q5. किस कानून के तहत कार्रवाई की गई?
    ➡️ महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006।

  • कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में कनाडा वर्क वीज़ा दिलाने के नाम पर 37 लोगों से 1.63 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी डेढ़ साल से फरार थे।

    मुंबई: कनाडा में नौकरी और वर्क वीज़ा दिलाने का सपना दिखाकर 37 लोगों से करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को वीज़ा कंसल्टेंट बताकर लोगों को फंसाते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रकम ऐंठते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह से जुड़े और भी मामले सामने आ सकते हैं।

    डेढ़ साल से फरार थे आरोपी

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रीना गौरव शाह और गौरव शाह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने से पहले ही दोनों फरार हो गए थे और करीब डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहे थे। हाल ही में मालाड पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को दबोच लिया।

    कैसे हुआ ठगी का खुलासा

    इस मामले की शिकायतकर्ता सारिका हैं, जो मालवणी इलाके में अपनी मां के साथ रहती हैं। करीब दो साल पहले वह बोरीवली स्थित एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर काम कर रही थीं और कनाडा में नौकरी की तलाश में थीं।

    इसी दौरान उन्होंने मालाड के काचपाड़ा इलाके में स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ नामक कंपनी का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर उन्हें ऑफिस बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात कंपनी की मालकिन बताई जा रही रीना शाह और गौरव शाह से कराई गई।

    7 लाख में वर्क वीज़ा का लालच

    आरोपियों ने सारिका को भरोसा दिलाया कि वे 7 लाख रुपये में कनाडा वर्क वीज़ा दिलवा देंगे। उन्हें कंपनी का ई-मेल आईडी भी दिया गया और कुछ दिनों बाद कथित तौर पर कनाडा की एक कंपनी से जॉब ऑफर भेजा गया।

    सारिका को पहला ऑफर संदिग्ध लगा, लेकिन बाद में दूसरा ऑफर भेजा गया, जिस पर भरोसा कर उन्होंने वीज़ा प्रक्रिया के लिए किस्तों में 7.16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    वर्क वीज़ा की जगह मिला विज़िटर वीज़ा

    11 जून 2024 को आरोपियों ने बताया कि सारिका का कनाडा वर्क वीज़ा मंजूर हो गया है। जब वह मुंबई के महालक्ष्मी स्थित कनाडा कांसुलेट पहुंचीं, तो वहां पता चला कि दिया गया वीज़ा वर्क नहीं बल्कि विज़िटर वीज़ा है।

    इसके बाद वह जब मालाड स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ के ऑफिस पहुंचीं, तो वह बंद मिला। फोन कॉल और मैसेज का भी कोई जवाब नहीं मिला।

    37 लोगों से 1.56 करोड़ से ज्यादा की ठगी

    जांच में सामने आया कि सारिका अकेली पीड़िता नहीं थीं। ठीक इसी तरह 36 अन्य लोगों को भी कनाडा वर्क वीज़ा का झांसा देकर ठगा गया था।
    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कुल ₹1,56,70,400 की रकम वसूल की और उसे हड़प लिया।

    मालाड पुलिस की कार्रवाई

    सभी सबूत जुटाने के बाद मालाड पुलिस ने रीना और गौरव शाह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। लंबे समय तक फरार रहने के बाद आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस का कहना है कि:

    • आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की जांच की जा रही है
    • अन्य पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है
    • इस रैकेट से जुड़े और लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है

    FAQ

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके में।

    Q2. कुल कितने लोग ठगी का शिकार हुए?
    👉 37 लोग।

    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 करीब 1.63 करोड़ रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 रीना गौरव शाह और गौरव शाह।

    Q5. पुलिस आगे क्या जांच कर रही है?
    👉 अन्य पीड़ितों, बैंक ट्रांजैक्शन और इस रैकेट से जुड़े लोगों की जांच।

  • वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    महाराष्ट्र के ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने का मामला सामने आया है। ASI के नियमों के उल्लंघन पर वसई पुलिस ने प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच जारी है।

    वसई (पालघर): ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक निजी प्रोडक्शन कंपनी द्वारा फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाने के आरोप में वसई पुलिस ने केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि चूल्हा उन पत्थरों पर जलाया गया, जिन पर सैकड़ों साल पुराने शिलालेख मौजूद हैं। इस घटना से पुरातत्व प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है।

    ASI के नियमों का उल्लंघन

    पुलिस के मुताबिक, मुंबई के मालाड स्थित ‘आरंभ एंटरटेनमेंट’ नाम की प्रोडक्शन कंपनी को 18 और 19 दिसंबर को वसई किले में शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह अनुमति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सख्त शर्तों के साथ दी गई थी।
    इसके बावजूद शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के भीतर चूल्हा जलाया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है।

    संरक्षित स्मारक को खतरा

    पुरातत्व विभाग ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह कृत्य प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 का उल्लंघन है। जिस स्थान पर चूल्हा जलाया गया, वह ऐतिहासिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
    यही वह स्थान बताया जाता है, जहां मराठों और पुर्तगालियों के बीच ऐतिहासिक संधि वार्ता हुई थी।

    वसई किले का ऐतिहासिक महत्व

    1536 में पुर्तगालियों द्वारा निर्मित वसई किला 109 एकड़ में फैला हुआ है। तीन तरफ से समुद्र और दलदली इलाके से घिरा यह किला करीब 30 फीट ऊंची दीवारों से सुरक्षित है।
    बाद में छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति चिमाजी अप्पा ने इसे जीतकर मराठा शौर्य का प्रतीक बना दिया। किले में फ्रांसिस्कन चर्च समेत कई रोमन कैथोलिक मिशनों के अवशेष मौजूद हैं।

    पहले भी हो चुकी है लापरवाही

    स्थानीय इतिहासकारों का कहना है कि इससे पहले भी फिल्म ‘कांतारा 2’ की शूटिंग के दौरान किले के भीतर जलती मशालें फेंके जाने का आरोप लगा था। उस समय भी शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    विरासत प्रेमियों का आरोप

    हेरिटेज एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि शूटिंग फीस के बदले नियमों की अनदेखी की जाती है।
    एक स्थानीय इतिहास प्रेमी ने कहा,

    “अगर ऐसे ही लापरवाही चलती रही, तो वसई किले की ऐतिहासिक धरोहर हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी।”

    पुलिस जांच जारी

    वसई पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ संरक्षित स्मारक को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    FAQ

    Q1. वसई किले में क्या घटना हुई?
    फिल्म शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाया गया।

    Q2. किसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है?
    मुंबई की आरंभ एंटरटेनमेंट नामक प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ।

    Q3. किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
    प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत।

    Q4. पुलिस जांच की स्थिति क्या है?
    मामले की जांच जारी है।

  • 2013 सिलेंडर अग्निकांड: कंदिवली के कबाड़ी को लापरवाही में एक साल की सजा

    2013 सिलेंडर अग्निकांड: कंदिवली के कबाड़ी को लापरवाही में एक साल की सजा

    मुंबई के कंदिवली में 2013 में हुए एलपीजी गैस सिलेंडर अग्निकांड मामले में सेशन कोर्ट ने कबाड़ी बाबलू पासवान को दोषी ठहराते हुए एक साल की जेल की सजा सुनाई। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हुई थी।

    मुंबई: करीब 12 साल पुराने कंदिवली गैस सिलेंडर अग्निकांड मामले में मुंबई की सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कबाड़ का व्यवसाय करने वाले बाबलू पासवान को लापरवाही का दोषी मानते हुए एक साल की सजा सुनाई है। यह हादसा मार्च 2013 में हुआ था, जिसमें पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे।

    2013-cylinder-fire-incident-Kandivali-scrap-dealer-sentenced-to-one-year-in-jail-for-negligence-1

    कबाड़ से गैस निकालते वक्त हुआ था भीषण हादसा

    अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 7 मार्च 2013 की शाम करीब 6 बजे, बाबलू पासवान अपने दो साथियों की मदद से एलपीजी सिलेंडरों से गैस निकाल रहा था। यह काम कंदिवली पूर्व के फ्रेंड्स शेजार कमेटी चॉल के पास एक खुले नाले में किया जा रहा था, जो पूरी तरह से रिहायशी इलाका था।

    जलती सिगरेट से भड़की आग

    शिकायतकर्ता सलीम शेख, जो कंदिवली पश्चिम की जन एकता वेलफेयर सोसायटी में रहते हैं, ने अदालत को बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ वहां बैठकर बातचीत कर रहे थे और आसपास बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान, आरोप है कि पासवान के साथ मौजूद एक व्यक्ति ने जलती हुई सिगरेट नाले में फेंक दी, जहां गैस छोड़ी जा रही थी।
    इसके बाद अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने पूरे इलाके को चपेट में ले लिया।


    बच्चे समेत कई लोग झुलसे

    हादसे में दो नाबालिग बच्चे और करीब 10 से 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कपड़ों से आग बुझाने की कोशिश की और घायलों को अलग-अलग अस्पतालों — शिवम अस्पताल (चारकोप), चव्हाण अस्पताल, भगवती अस्पताल और ऑस्कर अस्पताल — में भर्ती कराया गया।

    पांच लोगों की गई जान

    इलाज के दौरान प्रीति यादव, मोहम्मद अफजल शेख, शरतूनिसा खान, सोफिया खातून और मोहम्मद हवेलदार की मौत हो गई। वहीं कई अन्य जैसे नदीम खान, अमन खान, आमिर खान और जीतू बुधाहांडी गंभीर रूप से घायल होकर किसी तरह बच पाए।

    सह-आरोपी बरी, कबाड़ी दोषी

    पुलिस ने इस मामले में अब्दुल सिद्दीक जब्बार खान को भी आरोपी बनाया था, जिस पर सिगरेट फेंकने का आरोप था। हालांकि, अदालत ने सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया, लेकिन मुख्य आरोपी बाबलू पासवान को दोषी ठहराया

    अदालत की सख्त टिप्पणी

    अदालत ने फैसले में कहा कि बाबलू पासवान ने जानबूझकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की।
    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ज्वलनशील गैस सिलेंडरों को खाली करना सुरक्षित और नियंत्रित स्थान पर किया जाना चाहिए, न कि रिहायशी इलाके के खुले नाले में। यह लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान पर भारी पड़ी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह हादसा कब और कहां हुआ था?
    A: 7 मार्च 2013 को कंदिवली पूर्व के एक रिहायशी इलाके में।

    Q2: हादसे में कितने लोगों की मौत हुई थी?
    A: कुल पांच लोगों की मौत हुई थी।

    Q3: कोर्ट ने आरोपी को क्या सजा दी?
    A: एक साल की जेल की सजा।

    Q4: आरोपी पर किस तरह की लापरवाही साबित हुई?
    A: रिहायशी इलाके में अवैध रूप से गैस सिलेंडर खाली करना।

  • बोरीवली में उबर कैब हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, बुजुर्ग महिला की मौत

    बोरीवली में उबर कैब हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, बुजुर्ग महिला की मौत

    मुंबई के बोरीवली पूर्व में उबर कैब के भीषण हादसे में 66 वर्षीय महिला की मौत हो गई। ड्राइवर पर लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मामला दर्ज। पढ़िए पूरी खबर।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में उबर कैब से हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 66 साल की बुजुर्ग महिला जेसिंथा डिसुजा की मौत हो गई। आरोप है कि कैब चालक ने गाड़ी तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई, जिससे वाहन सड़क के डिवाइडर से टकरा गया। इस मामले में कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

    वसई से वडाला जाते वक्त हुआ हादसा

    जानकारी के मुताबिक, मृतक महिला जेसिंथा डिसुजा को उनके बेटे एडवर्ड प्रियांक डिसुजा (37) ने वसई से वडाला आने के लिए उबर कैब बुक करके दी थी। कैब सुबह करीब 7:30 बजे वासई से रवाना हुई थी।
    करीब 9 बजे के आसपास, बोरीवली पूर्व इलाके में अचानक कैब सड़क के डिवाइडर से टकरा गई, जिससे जेसिंथा गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    सिर में गंभीर चोट, ICU में भर्ती

    हादसे के बाद कैब चालक ने परिजनों को सूचना दी कि जेसिंथा को समतानगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    बेटा एडवर्ड तुरंत अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों ने बताया कि जेसिंथा के सिर में गंभीर चोट आई थी और उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। उन्हें आईसीयू में रखा गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद शाम करीब 6:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया

    परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    एडवर्ड डिसुजा वडाला में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं और ईस्टर्न शिपिंग कंपनी में काम करते हैं। उनके माता-पिता वासई में रहते थे। मां की अचानक मौत से परिवार सदमे में है।

    ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, कैब चालक ने वाहन बेदरकारी, तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाया, जिसकी वजह से कार डिवाइडर से टकराई और यह हादसा हुआ।
    पीड़ित परिवार की शिकायत पर कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस जांच जारी

    इस केस की जांच पुलिस उपनिरीक्षक मयूर पाटील के मार्गदर्शन में की जा रही है। पुलिस ड्राइवर की ड्राइविंग हिस्ट्री, स्पीड और हादसे के हालात की जांच कर रही है।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. हादसा कहां हुआ?
    👉 मुंबई के बोरीवली पूर्व इलाके में।

    Q2. मृतक महिला की उम्र कितनी थी?
    👉 66 वर्ष।

    Q3. महिला कहां जा रही थीं?
    👉 वासई से वडाला।

    Q4. पुलिस ने किसके खिलाफ मामला दर्ज किया है?
    👉 उबर कैब चालक के खिलाफ।

    Q5. हादसे की वजह क्या बताई गई है?
    👉 तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाना।

  • BMC Election: नामनिर्देशन वितरण का आंकड़ा सामने आया, 26 वार्डों में 4,165 पत्र जारी

    BMC Election: नामनिर्देशन वितरण का आंकड़ा सामने आया, 26 वार्डों में 4,165 पत्र जारी

    मुंबई महानगरपालिका के विभिन्न प्रशासकीय विभागों में BMC Election के लिए नामनिर्देशन पत्रों का वितरण पूरा हो गया है। ए से आर वार्ड तक कुल 26 विभागों में 4,165 नामनिर्देशन पत्र बांटे गए हैं। जानिए किस वार्ड में कितने पत्र वितरित हुए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अलग-अलग प्रशासकीय विभागों में नामनिर्देशन पत्रों के वितरण का विस्तृत आंकड़ा सामने आया है। ए विभाग से लेकर आर उत्तर विभाग तक, कुल 26 वार्डों में 4,165 नामनिर्देशन पत्र जारी किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा वितरण एम पश्चिम, एल और के पूर्व विभाग में देखने को मिला है। यह आंकड़े प्रशासनिक तैयारियों और आगामी प्रक्रियाओं की अहम तस्वीर पेश करते हैं।

    BMC के किस विभाग में कितने नामनिर्देशन पत्र

    नगर प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, वार्ड-वार वितरण इस प्रकार रहा—

    • ए विभाग – 18
    • बी विभाग – 25
    • सी विभाग – 46
    • डी विभाग – 52
    • ई विभाग – 225

    एफ और जी वार्ड में स्थिति

    • एफ उत्तर विभाग – 200
    • एफ दक्षिण विभाग – 107
    • जी उत्तर विभाग – 185
    • जी दक्षिण विभाग – 118

    इन वार्डों में मध्यम स्तर पर नामनिर्देशन पत्रों का वितरण दर्ज किया गया है।

    एल और एम वार्ड में सबसे ज्यादा वितरण

    • एल विभाग – 347
    • एम पूर्व विभाग – 228
    • एम पश्चिम विभाग – 419

    एम पश्चिम विभाग में सबसे ज्यादा 419 नामनिर्देशन पत्र बांटे गए, जो पूरे शहर में सबसे बड़ा आंकड़ा है।

    एन, एस और टी वार्ड का हाल

    • एन विभाग – 156
    • एस विभाग – 240
    • टी विभाग – 116

    इन इलाकों में भी नामनिर्देशन प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज रही।

    एच और के वार्ड के आंकड़े

    • एच पूर्व (अधिक पूर्व) – 102
    • एच पश्चिम (अधिक एच पश्चिम) – 263
    • के पूर्व (अधिक के उत्तर) – 240
    • के पूर्व – 300

    के पूर्व और एच पश्चिम विभागों में बड़ी संख्या में नामनिर्देशन पत्र जारी किए गए हैं।

    पी और आर वार्ड का वितरण

    • पी दक्षिण विभाग – 183
    • पी उत्तर विभाग – 92
    • पी पूर्व विभाग – 183
    • आर दक्षिण विभाग – 164
    • आर मध्य विभाग – 80
    • आर उत्तर विभाग – 76

    कुल आंकड़ा

    👉 कुल नामनिर्देशन पत्र: 4,165

    प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों में प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है और आगे की कार्रवाई तय समय पर की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कुल कितने नामनिर्देशन पत्र वितरित किए गए हैं?
    👉 कुल 4,165 नामनिर्देशन पत्र।

    Q2. किस वार्ड में सबसे ज्यादा नामनिर्देशन हुए?
    👉 एम पश्चिम विभाग में सबसे ज्यादा 419।

    Q3. सबसे कम वितरण किस विभाग में रहा?
    👉 ए विभाग में केवल 18 नामनिर्देशन पत्र।

    Q4. यह वितरण किससे जुड़ा है?
    👉 यह प्रशासकीय और नगर निगम से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है।

    Q5. आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
    👉 नामनिर्देशन के बाद जांच और अगली प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

  • ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

    ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

    अंधेरी में सीट बेल्ट चेक के दौरान ट्रैफिक कॉन्स्टेबल से गाली-गलौज और मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी परिवार को राहत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा— FIR रद्द हुई तो पुलिस का मनोबल टूटेगा।

    मुंबई: ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी और मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अंधेरी के एक बुजुर्ग दंपति और उनके बेटे के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि मामले में सबूत मौजूद हैं और ऐसी स्थिति में केस रद्द करना पुलिस बल का मनोबल तोड़ने जैसा होगा।

    ⚖️ हाईकोर्ट का अहम फैसला

    इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति संदीप डी. पाटिल की खंडपीठ ने की। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाले वीडियो सबूत और गवाहों के बयान मौजूद हैं। ऐसे में आरोपियों को ट्रायल का सामना करना ही होगा।

    अदालत ने टिप्पणी की कि
    👉 “अगर ऐसे मामलों में FIR रद्द की गई, तो यह समाज और पुलिस व्यवस्था के लिए गलत संदेश होगा।”

    🚦 कब और कहां हुआ था विवाद?

    यह घटना 13 अगस्त 2024 को
    📍 MHADA कॉलोनी जंक्शन, अंधेरी में हुई थी।

    उस समय ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल

    • गणेश सोनावणे
    • भारत चौधरी

    सीट बेल्ट चेकिंग की ड्यूटी पर तैनात थे।

    🚗 सीट बेल्ट न पहनने पर शुरू हुआ विवाद

    कांस्टेबल सोनावणे ने देखा कि एक कार में आगे की सीट पर बैठी महिला ने सीट बेल्ट नहीं पहनी थी। उन्होंने गाड़ी रोककर ई-चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की।

    इसी दौरान पुलिस के अनुसार:

    • महिला और उसके पति ने गंदी गालियां देना शुरू कर दिया
    • ड्राइवर ने कांस्टेबल को जान से मारने की धमकी दी
    • महिला ने कथित तौर पर
      👉 कांस्टेबल को थप्पड़ मारा
      👉 सीने में मुक्का मारा

    👨‍👩‍👦 कौन हैं आरोपी?

    बाद में आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:

    • कपिल भगवानप्रसाद आनंद (70)
    • साधना आनंद (60)
    • उनका बेटा अद्वैत आनंद (30)

    तीनों लोकhandwala कॉम्प्लेक्स, अंधेरी के निवासी हैं।

    📹 वीडियो बना मजबूत सबूत

    पुलिस ने अदालत को बताया कि
    👉 पूरी घटना कांस्टेबल भारत चौधरी ने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड की थी।
    यह वीडियो चार्जशीट का हिस्सा है।

    हाईकोर्ट ने वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान देखने के बाद कहा कि
    👉 “यह ऐसा मामला है जिसमें आरोपियों को ट्रायल कोर्ट में मुकदमे का सामना करना होगा।”

    🛑 FIR रद्द करने की मांग खारिज

    परिवार की ओर से दलील दी गई थी कि

    • उन्हें झूठा फंसाया गया है
    • ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं

    लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि
    👉 सबूत साफ तौर पर आरोपों की पुष्टि करते हैं।

    👮‍♂️ पुलिस और समाज को लेकर कोर्ट की टिप्पणी

    हाईकोर्ट ने कहा कि
    👉 अगर पुलिसकर्मियों पर हमले के मामलों में नरमी बरती गई,
    👉 तो पुलिसकर्मी डर के माहौल में ड्यूटी करने को मजबूर होंगे,
    जो कानून-व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला किस इलाके का है?
    👉 अंधेरी, MHADA कॉलोनी जंक्शन।

    Q2. FIR क्यों दर्ज की गई थी?
    👉 ट्रैफिक पुलिस से गाली-गलौज, मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में।

    Q3. हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    👉 FIR रद्द करने से इनकार, ट्रायल जारी रखने का आदेश।

    Q4. पुलिस के पास क्या सबूत हैं?
    👉 मोबाइल वीडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयान।

  • दरभंगा में कोहरे का कहर: सड़क पर सांड बचाने के चक्कर में कार नहर में गिरी, तीन दोस्तों की मौत

    दरभंगा में कोहरे का कहर: सड़क पर सांड बचाने के चक्कर में कार नहर में गिरी, तीन दोस्तों की मौत

    दरभंगा के नेहरा थाना क्षेत्र में घने कोहरे और सड़क पर सांड आने से बड़ा हादसा हो गया। कार 15 फीट गहरी नहर में गिरने से तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

    बिहार: दरभंगा जिले में घने कोहरे के बीच एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। नेहरा थाना क्षेत्र में सड़क पर अचानक सामने आए सांड को बचाने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर 15 फीट गहरी नहर में गिर गई, जिससे कार सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी मृतक आपस में घनिष्ठ मित्र थे और घर लौट रहे थे।

    🚨 नेहरा थाना क्षेत्र में कैसे हुआ हादसा?

    यह हादसा नेहरा थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब घना कोहरा छाया हुआ था और विजिबिलिटी बेहद कम थी।
    जानकारी के मुताबिक, कार सवार युवक जगदीशपुर में अपने बहनोई के घर से लौट रहे थे
    घर से करीब एक किलोमीटर पहले, सड़क पर खड़े सांड को कोहरे की वजह से वे देख नहीं पाए।

    जैसे ही सांड अचानक सामने आया—
    👉 ड्राइवर ने उसे बचाने की कोशिश की
    👉 कार का संतुलन बिगड़ गया
    👉 और गाड़ी सीधे सड़क किनारे बनी नहर में जा गिरी

    👥 मृतकों की पहचान और पारिवारिक हालात

    हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवक नेहरा गांव के रहने वाले थे:

    • शंभू कुमार यादव (27)
      👉 पेशे से किसान
      👉 परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य
    • अजय कुमार साहनी (28)
      👉 मखाना और मछली के व्यापार से जुड़े
      👉 परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे
    • सुजीत कुमार साहनी (28)
      👉 पत्नी छह महीने की गर्भवती
      👉 परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा

    तीनों दोस्त एक साथ कार में सवार थे और किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर आखिरी साबित होगा।

    🧑‍🌾 ग्रामीणों ने निकाले शव, पुलिस ने संभाला मोर्चा

    हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
    ग्रामीणों की मदद से:

    • नहर में गिरी कार से शव बाहर निकाले गए
    • तुरंत पुलिस को सूचना दी गई

    सूचना मिलते ही नेहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और
    👉 तीनों शवों को डीएमसीएच दरभंगा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

    😢 गांव में मातम, हर आंख नम

    इस हादसे के बाद नेहरा गांव में कोहराम मच गया
    हर घर में शोक का माहौल है।
    परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

    ग्रामीणों ने प्रशासन से:

    • पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने
    • सड़क पर आवारा पशुओं की रोकथाम
    • कोहरे वाले इलाकों में चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपाय लगाने की मांग की है।

    ⚠️ प्रशासन और जनता के लिए चेतावनी

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि:

    • घने कोहरे में सड़क सुरक्षा के इंतजाम क्यों नाकाफी हैं?
    • ग्रामीण इलाकों में सड़क पर आवारा पशुओं पर नियंत्रण कब होगा?

    स्थानीय अधिकारियों ने भी माना है कि
    👉 कोहरे के मौसम में
    👉 वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी
    👉 और सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरूरी है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. हादसा कहां हुआ?
    👉 दरभंगा जिले के नेहरा थाना क्षेत्र में।

    Q2. हादसे का मुख्य कारण क्या था?
    👉 घना कोहरा और सड़क पर अचानक सामने आया सांड।

    Q3. मृतकों की संख्या कितनी है?
    👉 तीन युवक।

    Q4. शवों को कहां भेजा गया?
    👉 डीएमसीएच दरभंगा पोस्टमार्टम के लिए।

  • मुंबई में 22 से 26 दिसंबर तक पानी की कटौती, जी उत्तर–के पूर्व–एच पूर्व इलाके प्रभावित

    मुंबई में 22 से 26 दिसंबर तक पानी की कटौती, जी उत्तर–के पूर्व–एच पूर्व इलाके प्रभावित

    बीएमसी द्वारा जलवाहिनी जोड़ने के काम के चलते 22 से 26 दिसंबर 2025 तक मुंबई के जी उत्तर, के पूर्व और एच पूर्व विभागों में कम दबाव से पानी की सप्लाई होगी। पानी के समय में भी बदलाव किया गया है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने जलवाहिनी जोड़ने के अहम काम के चलते सोमवार 22 दिसंबर 2025 सुबह 10 बजे से शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 दोपहर 1 बजे तक (करीब 99 घंटे) मुंबई के जी उत्तर, के पूर्व और एच पूर्व विभागों में कम दबाव से पानी सप्लाई की जानकारी दी है। इस दौरान कई इलाकों में नियमित पानी की टाइमिंग भी बदली गई है। नागरिकों से पहले से पानी जमा करने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।

    🚧 क्यों किया जा रहा है जलवाहिनी का काम?

    बीएमसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार,
    एमएमआरडीए की मेट्रो लाइन–7A परियोजना के लिए
    2400 मिमी व्यास की अपर वैतरणा मुख्य जलवाहिनी का एक हिस्सा डायवर्ट किया गया है।

    👉 अब इस डायवर्ट किए गए हिस्से की
    क्रॉस-कनेक्शन (जोड़ने) का काम बीएमसी द्वारा किया जाएगा।
    👉 यह काम तकनीकी तौर पर बेहद जरूरी और संवेदनशील है।
    👉 पानी सप्लाई पर असर कम से कम पड़े, इसके लिए पहले से पूरा प्लान तैयार किया गया है।

    ⏰ कब से कब तक रहेगा असर?

    • शुरुआत: सोमवार, 22 दिसंबर 2025 – सुबह 10 बजे
    • समाप्ति: शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 – दोपहर 1 बजे
    • कुल अवधि: लगभग 99 घंटे

    इस दौरान कई इलाकों में लो प्रेशर वॉटर सप्लाई रहेगी।

    🏘️ किन इलाकों में कम दबाव से पानी मिलेगा?

    🔹 1. जी उत्तर (G North) विभाग – धारावी क्षेत्र

    सुबह की सप्लाई वाले इलाके:
    धारावी लूप रोड, ए.के.जी. नगर, जस्मिन मिल रोड, माटुंगा लेबर कैंप, संत रोहिदास मार्ग,
    60 फीट रोड, 90 फीट रोड, संत कक्कैया मार्ग, एम.पी. नगर ढोरवाडा,
    महात्मा गांधी रोड

    🕓 नियमित समय: सुबह 4 से दोपहर 12
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – रोज सुबह 9 से शाम 5 बजे

    शाम की सप्लाई वाले इलाके:
    धारावी मेन रोड, गणेश मंदिर रोड, दिलीप कदम मार्ग, जस्मिन मिल रोड,
    माहीम फाटक, ए.के.जी. नगर

    🕓 नियमित समय: शाम 4 से रात 9
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – रोज शाम 5 से रात 10 बजे

    🔹 2. के पूर्व (K East) विभाग

    दोपहर की सप्लाई:
    कबीर नगर, बामनवाड़ा, पारसीवाड़ा, एयरपोर्ट एरिया, तरुण भारत कॉलोनी,
    इस्लामपुरा, देऊळवाड़ी, P&T कॉलोनी

    🕓 नियमित समय: दोपहर 2 से शाम 5:30
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    शाम की सप्लाई:
    कोलडोंगरी, ओल्ड पुलिस गली, विजय नगर (सहार रोड), मोगरापाड़ा

    🕓 नियमित समय: शाम 5 से रात 10
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    🔹 3. एच पूर्व (H East) विभाग

    बीकेसी और आसपास:
    बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मोतीलाल नगर

    🕓 नियमित समय: रात 10 से 11:40
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    अन्य इलाके:
    प्रभात कॉलोनी, टीपीएस-3, आग्रीपाड़ा, कालिना, सीएसटी रोड, हंसभुग्रा रोड,
    विद्यापीठ परिसर, यशवंत नगर, सुंदर नगर, कोलिवरी गांव,
    तीन बंगला, शांतिलाल कंपाउंड, पटेल कंपाउंड, गोलीबार रोड,
    खार सब-वे से खेरवाड़ी, नवापाड़ा, बेहराम नगर, ए.के. रोड,
    सरकारी कॉलोनी बांद्रा (पूर्व)

    🕓 नियमित समय: रात 3:30 के बाद से सुबह 9 बजे तक
    ⚠️ कम दबाव:
    23 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    🚰 मुंबई शहर में बीएमसी की नागरिकों से अपील

    बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि:

    • जरूरी मात्रा में पहले से पानी जमा कर लें
    • मरम्मत अवधि में पानी का कम से कम इस्तेमाल करें
    • एहतियात के तौर पर पानी उबालकर और छानकर पिएं
    • महानगरपालिका को सहयोग करें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई में पानी की सप्लाई कब प्रभावित होगी?
    👉 22 दिसंबर सुबह 10 बजे से 26 दिसंबर दोपहर 1 बजे तक।

    Q2. क्या पूरी तरह पानी बंद रहेगा?
    👉 नहीं, पानी मिलेगा लेकिन कम दबाव से

    Q3. किन इलाकों पर सबसे ज्यादा असर होगा?
    👉 जी उत्तर (धारावी), के पूर्व (एयरपोर्ट, सहार रोड) और एच पूर्व (बीकेसी, बांद्रा ईस्ट)।

    Q4. यह काम क्यों जरूरी है?
    👉 मेट्रो लाइन 7A के लिए जलवाहिनी को शिफ्ट कर क्रॉस-कनेक्शन किया जा रहा है।