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  • भारत ने की पूर्ण बंदी की घोषणा: 7 जुलाई 2025 को सार्वजनिक अवकाश निर्धारित

    भारत ने की पूर्ण बंदी की घोषणा: 7 जुलाई 2025 को सार्वजनिक अवकाश निर्धारित

    भारत सरकार क्या आम लोगों की तरक्की के लिए काम कर रही हैं या सिर्फ भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों को गिनाने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रही है। हालही में भारत सरकार ने देशव्यापी बंद का ऐलान कर अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की घोषणा कर दी है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    सोमवार 7 जुलाई 2025 को पूर्ण बंद घोषित करने के भारत के फैसले ने पूरे देश में व्यापक रुचि और जिज्ञासा पैदा कर दी है। जबकि यह जानना जरूरी है कि एक दिन के बंद से देश की अर्थव्यवस्था पर इसका कितना असर पडेगा? सरकार फिलहाल इतिहास में अपना नाम दर्ज करने में सबसे ज्यादा रुची दिखा रही है। उसे फर्क नही पड़ता की इससे देश की जनता पर कैसा असर पड सकता है। जबकि कानून व्यवस्था में इस तरह की कोई भी निति मौजूद नही है। बंद सिर्फ सार्वजनिक हितों के मुद्दों को प्रबलता के साथ सरकार को समझने और अपनी बात मनवाने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन यहां तो सरकार खुद की महिमा बखान करने के लिए सार्वजनिक नुकसान करने पर उतारु हो गई है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    बंद से हागा नुकसान

    सीआईआई (Confederation of Indian Industry) के एक अनुमान के मुताबिक एक दिन के बंद से देश की अर्थव्यवस्था को तुरंत के तुरंत 25 से 90 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता है। सेवाओं के दोबारा शुरू होने के बाद भी नुकसान चलता रहता है और इसकी भरपाई कभी नहीं हो पाती है।

    सरकारी फरमान

    सरकारी घोषणा के मुताबिक, सार्वजनिक अवकाश मनाने का यह अभूतपूर्व कदम देश के आधुनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मनाने के साधन के रूप में पेश किया गया है। सरकार ने देश की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं को पहचानने और उन पर विचार करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी ठहराव की योजना बनाई है। इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में शामिल होने के लिए एक दिन प्रदान करना है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में समुदाय की भावना बढ़े।

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    बंद का कानूनी प्रावधान

    आपको जानकारी देते हुए बता दें कि बंद का प्रावधान क्यों अपनाया जाता है? ये दक्षिण एशियाई देशों जैसे भारत और नेपाल में सरकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर असंतोष जताने का तरीका है। भारत में नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए बंद का अधिकार है। संविधान की धारा 19 के तहत राइट टू प्रोटेस्ट मिला हुआ है, जिसे इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट 1947 का सहारा मिलता है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    इसके तहत सेवाएं ठप पड़ जाती हैं, फिर चाहे वो बैंकिंग हो या फिर ट्रांसपोर्ट और स्वास्थ्य। इससे आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता है और कई बार मारपीट और खूनखराबे की नौबत भी आ जाती है। कई बार राजनैतिक पार्टियां अपने नीतिगत विरोधों के चलते बंद बुलाती हैं। उनसे असहमत लोग बंद के दौरान अपनी सेवाएं जारी रखने की कोशिश करते हैं तब मारपीट और लूटपाट जैसी घटनाएं होती हैं।

    एक दिन के बंद से कितना नुकसान होता है?

    फिक्की (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry) के एक अनुमान के मुताबिक एकदिवसीय देशबंद से लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का सीधा नुकसान होता है। अलग-अलग सेक्टरों में बंद से होने वाला नुकसान अलग-अलग है। जैसे देशभर के बैंक कर्मचारी एक दिन के बंद पर चले जाएं तो तकरीबन 25 हजार करोड़ का नुकसान होता है। रेलवे का नुकसान एक दिन में 24 सौ करोड़ है, वहीं देशभर के मजदूर (असंगठित सेवा) एक दिवसीय हड़ताल करें तो 26 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

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    महामारी के बाद के प्रयास

    महामारी के दौरान, मोदी सरकार ने बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाया और गैरजरूरी खर्चों को सीमित रखा. इससे जीडीपी तो बढ़ी लेकिन वेतन और खपत में सुधार नहीं हुआ। सेंटर फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक प्रोग्रेस के वरिष्ठ फेलो संजय कथूरिया कहते हैं, “भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह 6.5 से 7.5 फीसदी की विकास दर बनाए रख पाएगी या 5-6 फीसदी तक गिर जाएगी।” India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    माधवी अरोड़ा कहती हैं कि भारत फिलहाल एक ऊहापोह की स्थिति में है, जहां लोग खर्च नहीं कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक रोजगार में सुधार नहीं होता और वेतन वृद्धि धीमी रहती है।

    7 जुलाई 2025 को सार्वजनिक अवकाश को समझना

    • गृह मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक घोषणा की।
    • छुट्टियों का असर सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों पर पड़ेगा।
    • दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में विशेष कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।
    • परिवहन सेवाएँ केवल आवश्यक आवश्यकताओं तक ही सीमित रहेंगी।

    राष्ट्रव्यापी बंद का सरकारी ऐलान क्या है?

    7 जुलाई 2025 को होने वाले पूर्ण बंद से अर्थव्यवस्था, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं सहित कई क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। सरकार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सेवाएँ चालू रहेंगी, जबकि अन्य क्षेत्रों में अस्थायी रूप से रुकावट आ सकती है। शटडाउन का उद्देश्य व्यवधानों को कम करना और नागरिकों को नियोजित सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति देना है। व्यवसायों को किसी भी संभावित आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए पहले से तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, और स्कूल इस अवसर का उपयोग छात्रों को देश के इतिहास और उपलब्धियों के बारे में शिक्षित करने के लिए करेंगे। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

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    शहरकार्यक्रम स्थल
    दिल्लराष्ट्रीय परेड राजपथ
    मुंबईसांस्कृतिक शो गेटवे ऑफ इंडिया
    बेंगलुरुटेक एक्सपो पैलेस ग्राउंड्स
    कोलकातालिटरेरी फेस्ट विक्टोरिया मेमोरियल
    चेन्नईसंगीत समारोह मरीना बीच
    हैदराबादफूड फेस्टिवल चारमीनार
    जयपुरकला प्रदर्शनी अल्बर्ट हॉल संग्रहालय
    अहमदाबादनृत्य प्रदर्शन साबरमती आश्रम

    बंद की तैयारी का आदेश

    चूंकि 7 जुलाई 2025 को पूर्ण शटडाउन होने वाला है, इसलिए नागरिकों को सलाह दी गई है, कि वे एक सहज और आनंददायक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए तदनुसार तैयारी करें। व्यक्तियों और परिवारों को सार्वजनिक परिवहन और अन्य सेवाओं की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अपनी गतिविधियों की योजना पहले से बनाने के लिए कहा गया है। व्यवसायों को सलाह दी गई है कि वे छुट्टी के दौरान परिचालन परिवर्तनों के बारे में कर्मचारियों और ग्राहकों को सूचित करें। स्कूल और शैक्षणिक संस्थान को ऐसी गतिविधियाँ आयोजित करने के लिए कमर कसने के लिए कहा गया हैं, जो छात्रों को इस दिन के महत्व के बारे में शिक्षित कर सके। योजनाओं में किसी भी अपडेट या बदलाव के लिए आधिकारिक चैनलों के माध्यम से सूचित रहना के लिए सभी को महत्वपूर्ण बताया गया है। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    • अपने दिन और गतिविधियों की योजना पहले से बना लें।
    • सार्वजनिक परिवहन के शेड्यूल के बारे में जानकारी रखें।
    • स्थानीय सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लें।
    • दिन का उपयोग पारिवारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए करें।
    • सरकार की किसी भी घोषणा से अवगत रहें।

    शटडाउन में सरकार की भूमिका

    7 जुलाई 2025 को पूर्ण शटडाउन की योजना बनाने में सरकार की भूमिका इसकी सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण बताया गया है। संस्कृति मंत्रालय, अन्य विभागों के साथ मिलकर, राष्ट्रीय एकता और गौरव के विषय से जुड़े कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए अथक प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकारों और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करके, केंद्र सरकार का लक्ष्य इस छुट्टी को निर्बाध रूप से मनाना बताया गया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय सूचना और अपडेट प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि नागरिक इस दिन के लिए अच्छी तरह से सूचित और तैयार हों जाएं।

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    विभागजिम्मेदारी
    संस्कृति मंत्रालयसांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना
    गृह मंत्रालयसार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना
    शिक्षा मंत्रालयशैक्षिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाना
    परिवहन मंत्रालयपरिवहन सेवाओं का समन्वय करना
    स्वास्थ्य मंत्रालयस्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन करना
    सूचना मंत्रालयअपडेट और जानकारी प्रसारित करना

    जन भागीदारी और सहभागिता

    भारत सरकार की घोषणा में कहा गया है, कि 7 जुलाई 2025 को राष्ट्रव्यापी बंद सिर्फ़ आराम का दिन नहीं है, बल्कि जन भागीदारी और सहभागिता का आह्वान है। इसमें कहा गया, कि नागरिकों को सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने से लेकर सामुदायिक सेवाओं में स्वयंसेवा करने तक, व्यक्तियों के लिए दिन की भावना में योगदान देने के कई तरीके हैं। स्थानीय संगठनों और सामुदायिक समूहों को ऐसे कार्यक्रमों की मेजबानी करने के लिए आमंत्रित किया जाता है जो राष्ट्रीय एकता की थीम के साथ संरेखित हों, लोगों को एक साथ आने और अपनी साझा पहचान का जश्न मनाने के लिए मंच प्रदान करें। India announces complete lockdown: 7th July 2025 set as public holiday

    • आयोजित कार्यक्रमों और समारोहों में भाग लें।
    • स्वयंसेवी कार्यक्रमों और सामुदायिक सेवा में भाग लें।
    • स्थानीय सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गतिविधियों में भाग लें।
    • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनुभव और कहानियाँ साझा करें।

    लोगों के लिए अवसर बता कर मूर्ख बनाया जा रहा है।

    सरकारी घोषणा में कहा गया है, कि 7 जुलाई 2025 को पूर्ण बंद होने से चिंतन और उत्सव मनाने का एक अनूठा अवसर मिलता है, जिससे राष्ट्र गौरव और एकता के साझा क्षण में एक साथ आ सकता है। इस दिन को सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार के प्रयास समाज के ताने-बाने को मजबूत करने और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

    7 जुलाई 2025 को बंद का उद्देश्य क्या है?

    बंद का उद्देश्य भारत के आधुनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मनाना है, जो राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देता है।

    क्या बंद के दौरान आवश्यक सेवाएँ चालू रहेंगी?
    हाँ, स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सेवाएँ चालू रहेंगी।

    बंद के दौरान नागरिक किन गतिविधियों में भाग ले सकते हैं?
    नागरिक देश भर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सामुदायिक सेवा और शैक्षिक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।

    बंद का व्यवसायों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    व्यवसायों में अस्थायी परिचालन परिवर्तन हो सकते हैं, और उन्हें न्यूनतम व्यवधान के लिए तदनुसार योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

    शटडाउन के बारे में अपडेट कहां से मिलेगी?
    अपडेट और जानकारी आधिकारिक सरकारी चैनलों और मीडिया आउटलेट के माध्यम से प्रसारित की जाएगी।

  • महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दुसरी बार जब से मुख्यमंत्री का पद भार संभाला है तब से ही भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सख्त हो गए हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि फडणवीस ने अतीत में जिनपर करप्‍शन के आरोप लगाए थे, अब वे नेता उनकी कैबिनेट में मंत्री बने हुए हैं। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्‍ट्र में इस बार का विधानसभा मुख्‍य रूप से दो खेमों के बीच लड़ा गया था। एक तरफ भाजपा की अगुआई वाली महायुति और दूसरी ओर कांग्रेस के नेतृत्‍व में महाविकास अघाड़ी मैदान में थी। महायुति ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्‍ता में वापसी की और देवेंद्र फडणवीस को फिर से प्रदेश का मुख्‍यमंत्री बनने का मौका मिला। महाराष्‍ट्र में भ्रष्‍टाचार पर सीएम फडणवीस ने बड़ी बात कही है. उन्‍होंने कहा कि वे इस बात की गारंटी देते हैं कि उनके शासनकाल में करप्‍शन पर लगाम लगाने की कोशिश किया जाएगा और उस दिशा में काम भी महायुति की सरकार करेगी। जबकि महाराष्‍ट्र में करप्‍शन हमेशा से ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    खुद ने लगाया था भ्रष्टाचार के आरोप

    दरअसल, महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूछा गया था कि अतीत में उन्‍होंने जिनपर भ्रष्‍टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था। जैसे अजित पवार और छगन भुजबल जैसे और भी नेता अब महायुति गठबंधन की सरकार में कैबिनेट मंत्री कैसे बन गए हैं। ऐसे में भ्रष्‍टाचार पर लगाम कैसे लगाई जा सकता है? इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने अपनी तरफ से गारंटी देते हुए जोर दिया कि पहले जो हुआ वो हो गया लेकिन हमारी सरकार में भ्रष्टाचारी के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम करेगी।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    महाविकास अघाडी मे थे मंत्री

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कि वे इस बात की गारंटी देते हैं कि उनकी सरकार भ्रष्‍टाचार को रोकने के लिए काम करेगी। बता दें कि अजित पवार और छगन भुजबल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। महाविकास अघाड़ी की सरकार के दौरान मंत्री रहे अजित पवार पर अनियमितता के आरोप लगे थे। अब अजित पवार महाराष्‍ट्र महायुति गठबंधन की मौजूदा सरकार में राज्य के उपमुख्यमंत्री का पदभार संभाल रहे हैं। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    उद्धव ठाकरे ने दिया धोखा

    भ्रष्‍टाचार पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कि “राजनीति की यही सच्चाई है। राजनीति में आप इन चीजों से मुंह मोड़कर आगे नहीं बढ़ सकते। साल 2019 में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद और जब ये घोषणा हुई कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगा, तो मेरे रास्ते में रोड़े अटकाए गए। घोषणा के बाद भी उद्धव ठाकरे ने हमें धोखा दिया। उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने हमें धोखा दिया।” उन्होंने कहा, राजनीति मे आपको टीके रहने के लिए रास्ता खोजना पड़ता है, तो हमने रास्ता निकाला। एक सही रास्ता था, लेकिन हमारे साथी उस रास्ते से भटक गए, तो हमने जिन्हें साथ ले सकते थे, उन्हें साथ लिया और आगे बढ़े।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    समझौता करना पड़ा

    उन्होंने यह भी कहा कि “मैंने राजनैतिक सिद्धांत का हमेशा से पालन किया है और हमेशा इसे कायम रखा है। इसलिए मैंने हमेशा अपनी राजनीति को पकड़े रखा। लेकिन जब आप राजनीति में काम करते हैं, तो कभी-कभी आपको समझौता करना पड़ता है। लेकिन, अगर मैं मुख्यमंत्री हूं, तो मैं अपने मंत्रिमंडल में किसी को भी गलत काम नहीं करने दूंगा। मैं आपको गारंटी देता हूं कि यह सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम करेगी।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    राजनीतिक अवसरवाद पर क्‍या बोले?

    मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राजनीतिक अवसरवादिता पर भी सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या राजनीतिक अवसरवादिता तब से बदल गई है, जब आपने शुरुआत की थी? या यह हमेशा से ऐसा ही रहा है? सीएम फडणवीस ने कहा, “यह हमेशा से ऐसा ही था। इसे इस तरह के चक्र के रूप में देखें। जैसे 1978 में महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव हुआ था। उस वक्त शरद पवार ने ठीक इसी तरह सरकार बनाई, फिर अगर आप 1992 को देखें, तो शरद पवार की सरकार के पास बहुमत नहीं था और उन्होंने शिवसेना को तोड़कर सरकार बनाई।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    राजनीति में गिरावट स्वीकार करना होगा

    फडणवीस ने जानकारी देते हुए बताया, कि “उस समय छगन भुजबल उनके साथ गए और शिवसेना को तोड़कर उन्होंने अपनी सरकार बनाई। मुझे लगता है कि राजनीतिक अवसरवादिता कोई नई बात नहीं है। यह हमेशा से होता आया है। मुझे लगता है कि राजनीतिक मूल्य में गिरावट आई है। हमें इसे स्वीकार करना होगा और हमें इसके बारे में सोचना भी होगा।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

  • बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

    बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

    Narendra-modi-nitish-kumar-sanjay-jha
    • वकालत का मौका बहुत ही कम मिलता है सुप्रीम कोर्ट में..!
    • गठबंधन करने वाले दल को ही खत्म कर देना बीजेपी की खासियत
    • नितीश कुमार की पार्टी को खत्म करने की चाल..
    • मोदी और शाह के अत्यंत करीबी संजय झा की दोनो बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
    • झा ने स्वयं सोशल मिडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए किया पोस्ट
    • सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन

    मुंबई: सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वकालत का अनुभव या किसी सीनियर के अंडर में वर्षों तपस्या करने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में वकालत का मौका बहुत कम ही मिलता है लेकिन मोदी सरकार जिस पर मेहरबां हो जाए। जिस पर कृपा दृष्टि पड़ जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता।
    जेडीयू के सांसद ही नहीं कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं संजय झा और मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री भी।

    कौन है संजय झा?

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    मोदी शाह के अत्यंत विश्वसनीय भी हैं, इसलिए उन पर विशेष कृपा दृष्टि बरस रही है क्यों कि संजय झा और अन्य मंत्री जो जेडीयू के हैं मोदी को तीसरी बार बहुमत नहीं मिलने के बावजूद जेडीयू का समर्थन मिला, लेकिन मंत्रियों को तोड़ने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी को ही खत्म करने की चाल चली गई है। सबको अपने कर्म का फल भोग मिलना निश्चित है।

    सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति

    नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद बगावत पर उतर कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।बीजेपी की यही खासियत है। जिस दल के साथ गठबंधन करती है, उसे ही खत्म कर देती है। अकाली दल और शिवसेना का हश्र सभी को याद होगा। अब बारी नीतीश कुमार के जेडीयू पार्टी की है। इसीलिए सारी मान मर्यादा तोड़कर संजय झा की दो बेटियों जिनमें से एक ने 2023 में और दूसरी ने 2025 में एलएमएम किया है। जिन्हें वकालत का अनुभव भी नहीं है इनको सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति मिल चुकी है।

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    संविधान की मर्यादा ही नही

    जिसका जिक्र स्वयं झा ने सोशल मीडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए पोस्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन है यह। इसी मुद्दे पर जेडीएस नेता ने पूछा है, कि कितने ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सुप्रीमकोर्ट में सरकार की सेवा का अवसर दिया गया है? इसके पहले भी आरएसएस विचारधारा के लोगों को बिना आई ए एस परीक्षा उत्तीर्ण हुए ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष नियुक्त कर मोदी सरकार ने जता दिया था कि उसे संविधान की मर्यादा या कोर्ट और कानून व्यवस्था की कोई चिन्ता नहीं है।

  • डरा रहा इजराईल ईरान घमासान

    डरा रहा इजराईल ईरान घमासान

    इजराईल के यहूदी जर्मनी से हिटलर की तानाशाही और लाखों यहूदियों को पकड़कर ज्वलनशील चैंबर में बंद कर जलाए जाने के डर से अपना जीवन बचाने के लिए भाग खड़े हुए। दुनिया के किसी देश ने उन्हें पनाह नहीं दी। लेकिन चूंकि फिलिस्तीन उस समय ब्रिटेन का उपनिवेश था तब अंग्रेजों ने उन्हें फिलिस्तीन में शरण दिया। लेकिन यहूदियों ने धीरे धीरे फिलिस्तीनी इलाकों पर कब्जा करना शुरू कर दिया।
    प्रसिद्ध और संपन्न नगर गाजा पर इतनी अधिक बमबारी की जिसमें अस्पताल तक नहीं छोड़ा। दूध मुहे बच्चों का भी नरसंहार किया। गाजा पर अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टेढ़ी नजर है। वे गाजा को हड़पना और वहां इजराईल की सहायता से व्यापारिक संकुल बनाना चाहते हैं। जिस तरह भारत में मुसलमानों को किरायेदार कहा जा रहा है उसी तरह यहूदी तो किरायेदार भी नहीं शरणार्थी हैं। जैसे कश्मीर से भगाए गए पंडित खानाबदोश हालत में ट्रांजिट कैंपों में नरकीय जीवन जीने को अभिशप्त कर दिए गए हैं।
    हिंदू वादी सरकार पिछले ग्यारह वर्षों में कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाने की बात करती रही, लेकिन कुछ किया नहीं। अनाथ बनाकर छोड़ दिया। बीमारी, अभाव और गंदगी में घुट-घुट कर मरने के लिए।
    कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण करने का आरोप लगाने वाली हिंदूवादी सरकार और हिंदू राष्ट्र निर्माण के लिए प्रयत्नशील आरएसएस ने उन कश्मीरी पंडितों की ओर झांकने की जहमत तक नहीं उठाई। फिर उनके लिए आवाज कैसे उठाती?
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप की दोगली अनीति देखिए। एक तरफ वे ईरान को परमाणु संपन्न देश नहीं बनने के लिए वार्ता कर रहे हैं, तो वहीं इजराईल को ईरानी परमाणु प्रोजैक्ट पर हमला करने को भी कह रहे हैं। परमाणु वार्ता संपन्न हुई नहीं कि इजराईल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर दो सौ बम वर्षक विमान भेजकर आधा दर्जन ठिकानों पर बम गिरा कर दो वैज्ञानिकों, सेना के कमांडरों की हत्या कर दी।
    स्वाभाविक है ईरान बदले की भावना से इजराईल पर हमला करता रहा। जिस तरह भारत को आत्मरक्षार्थ आतंकवादी पाकिस्तान पर हमला करने का अधिकार है। उसी तरह ईरान को भी इजराईल पर हमला करने का मौलिक अधिकार मिल जाता है। ईरान ने इजराईल पर इतनी अधिक बमबारी की, कि उसके परमाणु ठिकानों और सेना का संहार कर दिया। इस वज़ह से इजराईल के पास सैनिकों की कमी हो गई है। जिस कारण वह सेना में नई भरती करने को मजबूर हो गया है।
    इजराईल अपने नुकसान को हमेशा छुपाता रहता है। नए सैनिक भरती करने से ही पता चल जाता है कि ईरान ने उसे कितनी क्षति पहुंचाई है? धूर्त अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार ईरान पर इजराईली हमले में उनका कोई हाथ नहीं है। ईरानी हमले से डर कर अमेरिका ने अरब देशों से अपने सैनिक हटा लिए हैं। दियागोगरसिया में अमेरिका ने अपना सैनिक बेस बनाया हुआ है। ईरान के पास सात सौ किलोमीटर दूर तक मार करने के लिए मिसाइल की कमी है। इसलिए दियागोगरसिया पर हमला नहीं कर पा रहा। इसका मतलब यह नहीं कि ईरान चीन और रूस से लंबी दूरी तक मारक मिसाइल नहीं ले सकता। जिस दिन ईरान ने रूस और चीन से लंबी दूरी तक मार करने की मिसाइल खरीद ली, उसी दिन अमेरिकी बेस पर हमला करके अमेरिका को भारी क्षति पहुंचा सकता है।
    जो डोनॉल्ड ट्रंप बारंबार भारत और पाकिस्तान को एक ही तराजू से तौलते हुए सीज फायर का ऐलान करते हुए बार-बार कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान पर व्यापार का दबाव डालकर सीजफायर करा दिया है। दर्जनों बार यही दोहराते रहने वाला धूर्त ट्रंप अब कहने लगा, कि उसने दबाव डालकर सीजफायर नहीं कराया।
    धूर्त ट्रंप की जुबान का क्या भरोसा? वह तो भारत को चीन के खिलाफ एक मोहरा मानता है। दूसरी तरफ भारत को विकसित होते देख उसकी छाती पर सांप लौटने लगता है। भारत को कमजोर करने के लिए ट्रंप पाकिस्तान को सैन्य हथियारों और विभिन्न स्रोतों से अरबों डॉलर्स कर्ज दिलाकर पाकिस्तान पर आजमान करते हुए चीन के प्रभाव को कम करना चाहता है।
    भारत को बारंबार अपमानित करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहा। अमेरिकी सेना की 250 वी वर्षगांठ पर पाकिस्तान को आमंत्रित कर भारत को फिर से अपमानित किया है। पता नहीं मोदी की कौन सी दुखती रग वह जब चाहे दबा देता है और भारत के प्रधानमंत्री सरेंडर हो जाते हैं। बड़बोले ट्रंप की किसी बात का जवाब ही नहीं दे सकते। शायद मोरल ही नहीं है वर्ना शक्ति संपन्न राष्ट्र भारत के प्रधानमंत्री होते हुए भी क्यों ट्रंप की घुड़की सहन करते हैं?
    राहुल गांधी इसी बात पर नरेंद्र का सरेंडर कहकर तंज कसते हैं। ईरान और इजराईल का घमासान ट्रंप क्यों नहीं रुकवा देते? रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से चल रहे युद्ध को रुकवाने की हैसियत क्यों नहीं है ट्रंप में?
    ट्रंप के दोगलेपन और कुटनीतियों के कारण उनके खिलाफ अमेरिकी जनता उठ खड़ी हो चुकी है। सड़कों पर उतरकर अमेरिकी नागरिक ट्रंप का विरोध करने लगे हैं। उनकी चुनाव में जीत दिलाने में हजारों करोड़ डॉलर लुटा देने वाले अरबपति मस्क भी ट्रंप को गद्दी से उतारने में लगे हैं। संभव है कि जिस बिल को ट्रंप ब्यूटीफुल कहते हुए तारीफों के पुल बांधते हैं सीनेट से पास ही नहीं हो सके। क्योंकि यदि मस्क ने सीनेटरों को ट्रंप के विरोध में लाने के लिए रिपब्लिकन के दो तीन और सीनेटरों को ट्रंप के खिलाफ लाने में सफल हुए तो बिल सीनेट में पास नहीं हो सकेगा। जबकि चार सीनेटर ट्रंप की नीतियों की आलोचना प्रबल तरीके से करके ट्रंप को चेतावनी दे दी है। अगर सीनेट से ट्रंप को ब्यूटीफुल बिल पास नहीं हो सका तो अविश्वास प्रस्ताभ लाकर ट्रंप को उनके पद से हटाया जा सकता है।
    बहरहाल भारत के सामने चुनौती है। हमारे भारत देश के ईरान और इजराईल दोनों से रिश्ते अच्छे हैं इसलिए भारत को दोनों के साथ संबंध बनाए रखने होंगे, ताकि कोई विरोधी नहीं हो जाए। भारत को रूस के राष्ट्रपति को रूस चीन भारत संगठन पर भी पुनः विचार करना होगा, जो डोकलाम में चीनी भारतीय सैनिकों के बीच झड़प के बाद पटरी से उतर गई थी।
    तेहरान में बमों के धमाके सुनाई देने की बात पर ट्रंप को अंदेशा हो गया है कि अब ईरान इजराईल और अमेरिकी बेस पर परमाणु हमला कर सकता है। इसी डर से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जी 7 देशों की मीटिंग छोड़कर अमेरिका जाने की योजना ही नहीं बनाई बल्कि अमेरिकी सुरक्षा तंत्र को एलर्ट कर दिया है।
    अमेरिका जाकर ट्रंप इमरजेंसी मीटिंग करेंगे इसलिए सभी अधिकारियों को तैयार रहने का आदेश दे दिया है। इजराईली हमले का करारा जवाब देने की योजना ईरान ने बना ली है। कब और कैसे जवाबी हमला ईरान करेगा यह जल्द ही मालूम होगा। ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता के लिए अपने सहयोगी स्टॉफ को एलर्ट कर दिया है। ट्रंप को भय है कि रूस चीन और नॉर्थ कोरिया के हस्तक्षेप के बाद विश्वयुद्ध छिड़ना तय है।

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  • Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। इस सिलसिले में मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।

    मुंबई: साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए दक्षिण मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। जालसाजों ने वरिष्ठ नागरिक को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके लिए अपराधियों ने विडियो कॉल का भी इस्तेमाल किया और फर्जी दस्तावेजों की फोटो कॉपी दिखाई।

    कैसे किया मजबूर?

    जब महिला ने वीडियो कॉल मे सायबर जालसाजों को सरकारी वर्दी पहने हुए देखा तो वह घबरा गई और पहले तो वो उन्हें विश्वास दिलाने की कोशिश करती रही कि शायद उनसे कोई चूक हुई है। लेकिन जालसाज उनके कनेक्शन पाकिस्तान से बताने के नकली प्रमाणित दस्तावेज दिखाकर धमकाने लगे और सीधे-सीधे केस से बचने के लिए उन्हें 22.4 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।

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    फर्जी जासूसी घोटाला

    आखिरकार घबराहट के मारे पीड़ित महिला ने उनके कहे अनुसार पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर किए और राहत की सांस ली। घटना के बारे में पता चलने पर, दक्षिण साइबर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारी इस व्यापक फर्जी जासूसी घोटाले में शामिल जालसाजों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।

  • मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    • जनसूचना अधिकार का बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश..
    • मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाला।
    • धर्म और आस्था के नाम पर राजनीतिक लाभ
    • बोइंग विमान हादसे पर मोदी के चरण चुंबन में लगी मिडीया ने खुद को मुर्दा होने का दिया प्रमाण
    • आखिरकार बोइंग विमान हादसा क्यों हुआ?
    • तुर्की को दी अहमदाबाद हवाई अड्डे की ठेकेदारी: सोशल मिडिया
    • अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग विमान की कई गड़बड़ियों का किया खुलासा

    मुंबई: पुलवामा में चालीस जवान सरकार की गलती से मारे गए। क्योंकि मोदी और उनके सुरक्षा सलाहकार जम्मू कश्मीर के तात्कालीन राज्यपाल ने जब कहा पुलवामा हमारी यानि सरकार की गलती से हुआ है, तब मोदी और अजित डोभाल ने उन्हें चुप रहने को कहा। जवाबदेही नहीं लिया गया। पहलगाम में आतंकी हमला हुआ 27 बेकसूर मारे गए, वह भारत सरकार की सुरक्षा चूक थी। दो दिन पहले वहां जाने वाले थे, मोदी दौरा कैंसिल क्यों किया? सुरक्षा दो दिन पहले क्यों हटाई गई? जबाव देह क्यों नहीं बनी सरकार? पुलवामा के शहीदों के नाम वोट जरूर मांगे, मगर जवाबदेही से क्यों भाग गए?

    जनता का अधिकार

    चुनावी फायदा उठाने वाली मोदी सरकार जवाबदेही से बचने के लिए ही कांग्रेस द्वारा जनता को दिए गए “जनसूचना अधिकार” को एक बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश रची। यानी केंद्र या राज्यसरकारो की लापरवाही हो या अन्य किसी तकनीकी गड़बड़ी सरकार जवाब देने से भाग गई। जनसूचना अधिकार के तहत कांग्रेस ने जनता के हाथों में प्रबल हथियार दिए थे। लेकिन जवाबदेही से भागने के लिए मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाल लिया।

    ट्रेंडिंग फोटो

    अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अमित शाह गए, तो कहा ‘दुर्घटना हो जाती है उसे रोका नहीं जा सकता।’ जिम्मेदारी से भागने वाला ऐसा बयान कोई मोदी सरकार का गैरजिम्मेदार मंत्री ही दे सकता है। जो सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है यूं मोदी सरकार की तरह भागती नहीं। मोदी भी दुर्घटना स्थल पर गए। फोटो ऐसी खिंचवाई ट्रेंड फोटोग्राफर से कि मोदी सहित दुर्घटनाग्रस्त विमान और मेडिकल छात्रों के आवास की बिल्डिंग भी एक साथ नजर आए।

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    दुखद घड़ी

    दुर्घटना में दो सौ अस्सी यात्री और मेडिकल छात्र सहित कुछ क्रु मेंबर भी जल कर मर गए। देश गमगीन है। उन परिवारजनों की आंखों से आंसू अभी सूखे भी नहीं थे, कि मोदी पांच दिनों के विदेश दौरे पर भाग गए। उन्हें देश में रहकर विमान हादसे की जांच होने तक मृत परिवार जनों के आंसू पोछने का समय था। लेकिन मोदी को क्या पड़ी है? मरे तो मर गए उसका ग़म क्यों करे मोदी सरकार। दुख तो उन्हें होता है जो देश की जनता के हर सुख और दुख में साथ रहता है। वही दुखी होता है।

    हेलीकॉप्टर दुर्घटना

    धर्म और आस्था के नाम पर हिंदुओं को चूल्हे में झोंककर राजनीतिक लाभ लिया जाता है। लेकिन डबल इंजन सरकार के उत्तराखंड में इस बार भी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक परिवार मारा गया। लेकिन इसकी जवाबदेही कोई लेने को तैयार नहीं न केंद्र सरकार और न ही उत्तराखंड बीजेपी सरकार।

    विमान हादसे को लेकर सवाल?

    एक्टिविस्ट शुक्ला ने अहमदाबाद में हुए बोइंग हादसे के संदर्भ में आर टी आई डालकर पूछा है, कि किस इंजीनियर ने विमान को उड़ान लायक प्रमाणित किया? किस अधिकारी ने उड़ान के पूर्व अनिवार्य जांच कर सर्टिफिकेट दिया? किस अधिकारी ने बोइंग उड़ाने की परमिशन दी? जबकि दिल्ली से अहमदाबाद आने के समय ही एक यात्री ने शिकायत की थी, कि विमान में एयर कंडीशन काम नहीं कर रहा था। डिजिटल सेवाएं भी बाधित रहीं। फिर उसी विमान को लंबी दूरी की यात्रा की अनुमति कैसे दी गई? बोइंग 787 हो या दूसरा उसे लाइसेंस कब दिया गया? उसके उड़ान भरने की एक्सपायरी डेट क्या थी?

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    क्या है पर्सनल डेटा?

    जो प्रश्न भारतीय मिडिया को पूछना चाहिए था वह मिडिया तो चरण चुंबन करने में लगी हुई है। पत्रकारिता का अंतिम क्रिया कर्म कर श्रद्धांजलि भी देकर खुद को मुर्दा होने का प्रमाण दे दिया गया है। ऐसे में देश का जागरूक व्यक्ति शुक्ला ने आर टी आई के अधीन सरकार से सवाल पूछकर दुस्साहस का कार्य किया है। ऐसी सरकार से सवाल पूछने के साहस के लिए बधाई जरूर दी जा सकती है। लेकिन मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पहले ही पर्सनल डेटा के नाम पर आर टी आई को नख दंत विहीन कर अपंग और अनुपयोगी बना दिया है। ताकि जानकारी देने से बचने के लिए पर्सनल डेटा का सहारा लिया जा सके।

    महामानव की राजनैतिक चाल

    जैसे महाबली धनुर्धारी भीष्म पितामह को मारने के लिए कृष्ण द्वारा अर्जुन के सामने शिखंडी को खड़ा कर दिया था। क्योंकि भीष्म शिखंडी को स्त्री मानते थे और स्त्रियों के खिलाफ शस्त्र उठाना वीरों को शोभा नहीं देता। यही कारण है कि अर्जुन शिखंडी की आड में भीष्म का शरीर वाणों से छलनी कर सके। उसी तरह मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पर्सनल डेटा रूपी शिखंडी को एक्टिविस्टों के सामने खड़ा कर दिया है।

    साजिश या टेक्निकल ?

    मुद्दा यह है कि आखिरकार बोइंग विमान हादसा हुआ क्यों? क्या विमान को उड़ान भरने का सार्टिफिकेट नियमों का उल्लंघन करके दिया गया? ताकि दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, जिसमें गुजरात की वह हस्ती यात्रा कर रही थी, जिसने बीजेपी सरकार के घोटाले खोलने की बातें कही थी। तर्क बहुतेरे हो सकते हैं। साजिश थी या टेक्निकल फेलियर यह तो जांच के बाद ही मालूम हो पाएगा। वैसे सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, कि अहमदाबाद हवाईअड्डे की ठेकेदारी तुर्की को दी गई है। तुर्की ने ही विमान दुर्घटना कराई है। आदि जैसी सैकड़ों बाजीगरी सोशल मीडिया में देखने को मिल रही हैं।

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    गैर जिम्मेदार

    अहम मुद्दा यह है, कि केंद्रीय गृह मंत्री होते हुए भी अमित शाह ने कैसे गैर जिम्मेदारांना बयान दिया, कि “दुर्घटना होनी थी हो गई। उसे रोका नहीं जा सकता।” इसका जवाब होगा यदि ईमानदारी से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ठीक तरह से जांच की गई होती, तो विमान को दुर्घटना ग्रस्त होने से रोका जा सकता था। विशेषज्ञ अनेक खामियां गिनाते हैं। बोइंग बनाने वाली अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग की कई गड़बड़ियों का खुलासा किया था। दोनों की अचानक और संदिग्ध मय मौत हो जाना भी इशारे करता है, कि बोइंग मौत का उड़ाता ताबूत है।

    दुर्घटना का सही कारण?

    कई स्थानों पर अधूरी यात्रा करके विमान लैंड होने की खबरें तो बताती हैं कि एक्सपायरी डेट निकल जाने और तकनीकी खराबी के बावजूद कैसे सर्टिफिकेट जारी किया गया? लाइसेंस क्यों और कैसे दिए गए? जबकि देश ही नहीं विदेशों में भी बोइंग विमान के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है।
    मुद्दा यह भी है कि कहीं दबाव डालकर दुर्घटना को अंजाम देने वाले या साजिश रचने वालों को बचाने की कोशिश में दबाव भी दिया जा सकता है। अगर बाहरी अथवा विदेशी और खुद बोइंग बनाने वाली कंपनी कुछ एक्सपर्ट के साथ जांच करती है तभी जांच निर्दोष मानी जा सकती है। देखना होगा कि जांच में दुर्घटना का कारण सामने जरूर आएगा।

  • 100 करोड़ लोगों को भीख का कटोरा थमा देंगे महामानव?

    100 करोड़ लोगों को भीख का कटोरा थमा देंगे महामानव?

    • कौन सी चौथी इकॉनमी बन गया भारत?
    • एस आई पी एकाउंट क्यों बंद कर रहे हैं लोग ?
    • जनता के एकाउंट से हो चुका है अब तक ३६ करोड़ का फ्रॉड …!
    • दो लाख करोड़ की साप्ताहिक GST की हो रही वसूली
    • GDP किनकी बदौलत बढ़ी?
    • विपक्षी भ्रष्ट नेताओं को बीजेपी में शामिल कर लेने और कुनबा बढ़ाने से कोई लोकप्रिय नहीं होता..!

    मुंबई: बड़े गर्व से मुनादी पीटी जा रही है, कि “जापान को पछाड़ कर भारत विश्व की चौथी आर्थिक व्यवस्था बन गई है।” अब कहा जा रहा है, कि “चंद दिनों में जर्मनी को पिछाड़कर तीसरी अर्थ व्यवस्था बन जायेगा भारत।” कौन सा भारत बन गया चौथी इकॉनमी? उन गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 80 करोड़ ग़रीबों की या फिर 65% बेरोजगार युवा मजदूरों की?

    लोग एस आई पी बंद कर रहे हैं। बैंक के कर्ज तले दबकर किसान और छोटे व्यवसायी आत्महत्या कर रहे हैं। गोल्ड लोन भी मंहगा हो गया है। रुपया डॉलर के मुकाबले 87 के निचले स्तर पर आ चुका है। नकली करेंसी पर कोई रोकटोक नहीं लग पाई है। डिजिटल देन लेने वाले ईमानदार लोगों के बैंक एकाउंट से अब तक 36 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया जा चुका है। मंहगाई सरकार के कागजों में गुलाबी हो गई है। दो जून की रोटी के लाले पड़ गए हैं।

    मनरेगा, शिक्षा, चिकित्सा का बजट कम कर दिया है। प्राइवेट स्कूल हों या प्राइवेट अस्पताल तो गहना और जमीन तक बिकवा दे रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में न योग्य डॉक्टर न मशीन जिनसे जांच की जा सके। सरकार केवल दो कार्यों में जुटी है। जनता से हर एक चीज़ पर जी एस टी लेने जिस पर फख्र करती है सरकार। जबकि दो लाख करोड़ की साप्ताहिक जी एस टी वसूली हो रही धन कम से कम जनता के हित में तो खर्च हो ही रहे हैं।

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    दूसरा काम हैं चुनाव प्रचार में जनता के पैसों की बर्बादी। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री क्यों जाए जनता के पैसों पर चुनाव प्रचार करने? क्या इतने मूर्ख होते हैं उनके प्रत्याशी कि सरकार को प्रचार करने के लिए गालीबाज नेता और नफरत का जहर घोलने वाले दुर्बुद्धि नेता की जरूरत पड़ती है। सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के सोलह लाख बैंक कर्ज माफ कर सकती है। धनिकों की संपत्ति बढ़ाने का ही काम करती है। कल तक लल्लू सेठ आज अरबपति बन गए। बैंक का कर्ज लेकर देश से बाहर भगाने का काम भी सरकार कराती है।

    जी डी पी किनकी बदौलत बढ़ी? एक प्रतिशत धन्नासेठों की जो सरकार को चुनाव में अरबों चंदा देते हैं इसके बदले में धन्नासेठों को सरकार धंधा देती है। भारत सरकार जिस चौथी अर्थव्यवस्था का दंभ भर रही है उसमें सौ करोड़ लोगों की आय कितनी है? केवल चंद अरबपतियों के बूते सरकार विश्व की पहली अर्थव्यवस्था होने के दावे भी कर दे तो ताज्जुब नहीं। ताज्जुब तो तब होगा जब सौ करोड़ लोगों को निःशुल्क शिक्षा सुविधा रोजगार और चिकित्सा की अच्छी व्यवस्था कर सके। जो करना ही नहीं चाहती।

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    क्योंकि देश को मूर्ख रखकर गुलाम बनाना और हिंदुत्व का जहर उनकी रगो में भरकर वोट ले सकती है। मोदी जो प्रधानमंत्री हैं ग्यारह वर्षों में एक भी उपलब्धि बताकर जनता से वोट मांगने की हिम्मत तो दिखाते। सबकी जमानत जब्त हो जाएगी। विपक्षी भ्रष्ट नेताओं को बीजेपी में शामिल कर लेने और कुनबा बढ़ाने से कोई भी लोकप्रिय नहीं हो जाता। उसके लिए जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने वाला होना चाहिए। झूठ बोलकर शब्ज़ बाग दिखने और वादे पूरा करने वाला बेहद क्रूर और तानाशाह हो सकता है जन नेता नहीं।

  • महिलाओं और लड़कियों को सोशल मीडिया पर टार्गेट करने वाला शुभम गिरफ्तार

    महिलाओं और लड़कियों को सोशल मीडिया पर टार्गेट करने वाला शुभम गिरफ्तार

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    सोशस मीडिया पर महिलाओं के नाम पर अश्ली फोटो और विडियो का राज आखिरकार मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने खोल कर रख दी है। आए दिन बदनामी के डर से होने वाली महिलाओं और लडकियों की मौत के पीछे सायबर जालसाज देखो क्या कर रहे हैं।

    मुंबई: सोशल मीडिया पर लड़कियों का अश्ली डाटा प्रसारित करने वाला 25 वर्षीय शुभम मनोजप्रसाद सिंह को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई के दहिसर सायबर सेल ने बिहार के बागलपुर निवासी शुभम कुमार मनोजप्रसाद सिंह को कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि कर्नाटक में यह सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। इसके मोबाइल से पुलिस को मिली जानकारी में कहा गया कि आरोपी ने 100 से अधिक महिलाओं के नाम से ईमेल आईडी बनाई हुई थी और इंस्टाग्राम पर 11 अलग-अलग महिलाओं की आईडी बना रखी थी। आरोपी ने 2015-16 में दिल्ली के रेहान आय.टी. सेंटर से सॉफ्ट स्किल कंप्यूटर ट्रेनिंग प्रोग्राम डिप्लोमा हासिल किया है। इसके मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था।

    कॉलेज की लड़की को बनाया शिकार

    दहिसर पूर्व, परिमंडल 12 के पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे ने बताया, कि जनवरी के अंत में एक शिकायत मिली थी। कॉलेज मे पडने वाली एक लड़की को आरोपी ने ब्लैकमेल किया हुआ था और उसके नाम से इंस्टाग्राम पर अश्ली फोटो और पोस्ट किए जा रहे थे। जिसके कारण उस लड़की की काफी बदनामी हो रही थी और वह मानसिक रुप से प्रताड़ित हो रही थी। दहिसर पुलिस की सायबर सेल ने उसे अच्छे से पहले समझाया और सांत्वना दी। इसके बाद गु.र.क्र. 95/2005 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78, 79 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (सी), 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस कहा कि ऐसे मामलों से किसी भी महिला को घबराने की जरूरत नही है। हमेशा पुलिस की मदद लें।

    वायरल पोस्ट

    दहिसर डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त किशोर खैरनार ने बताया, कि आरोपी पहले महिलाओं और लडकियों को सोशल मीडिया पर फोलो कर मेसेज भेजता था और जबरदस्ती अश्ली विडियो बनाने के लिए जोर देता था इसमे अश्ली भाषा का भी उपयोग करता था। ऐसा नही करने पर उसका नाम और फोटो का इस्तेमाल कर इंटरनेट पर अश्ली पोस्ट और स्टोरीज़ वायरल करता था। पुलिस ने पहले उस अकाउंट का पता लगाया जिस अकाउंट से उसने लड़की को मेसेज भेजा था। इसके बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म और गुगल से उसका पता लगाया गया। तब जाकर सायबर सेल को पता चला कि आरोपी कर्नाटक से ऑपरेटर कर रहा है।

    कोर्ट ने क्या कहा?

    दहिसर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक होनमाने ने बताया, कि जैसे ही जानकारी मिली की आरोपी कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से ऑपरेटर कर रहा है। सायबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे और उनकी टीम को रवाना किया गया। आरोपी वहां सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। 6 जुन को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां बोरीवली कोर्ट ने उसे 16 जुन तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश दिए।

    जांच अधिकारी ने क्या कहा?

    मामले की जांच कर रहे पुलिस निरीक्षक एएस. देसाई और सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे ने बताया, कि आरोपी के मोबाइल फोन में लगभग 100 से भी ज्यादा अलग-अलग महिलाओं के बनावटी ईमेल आईडी प्राप्त हुए हैं और 11 इंस्टाग्राम आईडी जो महिलाओं के नाम से नकली बनाकर कई अश्ली पोस्ट किए गए है उन सभी की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने अपने मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था। पुलिस ने इसके खिलाफ और भी शिकायतें मिलने की गुंजाइश जता रही है।

  • Maharashtra Breaking News LIVE Updates: पुलिस के साथ मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर ढेर; अमेरिकी दूतावास को मिली बम से उड़ाने की धमकी

    Maharashtra Breaking News LIVE Updates: पुलिस के साथ मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर ढेर; अमेरिकी दूतावास को मिली बम से उड़ाने की धमकी

    महाराष्ट्र सोमवार 16 जुन की ताज़ा खबरें एक साथ यहां अपडेट की गई हैं। जहां मौसम विभाग ने राज्य के इन जिलों को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है। भारी बारिश के चलते रविवार को 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र: सोलापुर में मुठभेड़ के दौरान पुणे पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर को मार गिराया है। पुलिस ने उसके पास से दो पिस्तौल, दो चाकू और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 23 वर्षीय शाहरुख उर्फ अत्ती रहीम एक आपराधिक गैंग का सक्रिय सदस्य था। उसके खिलाफ हत्या और जबरन वसूली के समेत 15 गंभीर आपराध दर्ज थे। पुणे पुलिस अपराध के अतिरिक्त आयुक्त पंकज देशमुख ने कहा, हमें सूचना मिली थी कि शाहरुख सोलापुर जिले के लाम्बोटी गांव में रिश्तेदार के घर छिपा हुआ है। अपराध शाखा की एक टीम जब रविवार सुबह मौके पर पहुंची तो शाहरुख ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने दो राउंड फायरिंग के बाद तीसरी फायरिंग की तैयारी कर रहा था। तभी पुलिस की जवाबी फायरिंग में शाहरुख गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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    कांग्रेस सांसद ने BMC के फैसलों पर श्वेत पत्र लाने की मांग की

    कांग्रेस सांसद और मुंबई कांग्रेस की प्रमुख वर्षा गायकवाड़ ने महायुति सरकार के 2025 तक के कार्यकाल के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के फैसलों पर श्वेत पत्र लाने की मांग की है। गायकवाड़ ने कहा कि बीएमसी भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई है। चाहे वह सड़क मरम्मत हो, नाले की सफाई हो, स्वास्थ्य सेवाएं हो या शिक्षा। पिछले तीन वर्षों से स्थानीय निकाय चुनाव नहीं हुए हैं और बीएमसी एक प्रशासक के अधीन है।

    उन्होंने कहा कि हम 2025 तक बीएमसी के कामकाज पर श्वेत पत्र की मांग करते हैं। राज्य सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय और महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा केवल 2022 तक की जांच शुरू की है। उन्होंने कहा, मैंने हाल ही में देवनार डंपिंग ग्राउंड और भाभा अस्पताल का दौरा किया और पाया कि वहां बुनियादी सुविधाओं और अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया, कि बीएमसी के फंड का इस्तेमाल पार्टी फंड की तरह किया जा रहा है। इसे दलालों और ठेकेदारों को दिया जा रहा है। निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारियों पर गायकवाड़ ने कहा कि पार्टी नियमित रूप से कांग्रेस पार्टी नागरिकों से संबंधित मुद्दे उठाती रही है। लेकिन चुनाव को लेकर गठबंधन पर फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा।

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    ठाणे के गोदाम में आग लगने से एक की मौत

    ठाणे जिले के भिवंडी स्थित एक गोदाम परिसर में भीषण आग लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि शनिवार शाम 4.50 बजे लगी आग में आठ गोदाम क्षतिग्रस्त हो गए है। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। भिवंडी निजामपुर नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी विजय जाधव ने बताया कि आग भिवंडी के दापोडी गांव में प्रेरणा कॉम्प्लेक्स के रासायनिक भंडारण क्षेत्र से लगी थी और ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण यह तेजी से फैल गई। मौके पर दूर से ही धुएं का घना गुबार देखा जा सकता था। जाधव ने बताया कि अग्निशमन दल ने रात में एक गोदाम से एक व्यक्ति का जला हुआ शव बरामद किया है। मृतक की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और स्थानीय पुलिस यातायात को डायवर्ट करने में मदद कर रही है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

    अमेरिकी दूतावास को मिली बम से उड़ाने की धमकी

    मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को बम धमाके से उड़ाने की धमकी भरे फोन कॉल मिली है। लेकिन तलाशी के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात करीब 8 बजे अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर वाणिज्य दूतावास परिसर में बम विस्फोट करने की धमकी दी थी। इस कॉल के बाद पुलिस को तुरंत सतर्क किया गया और बम निरोधक दस्ते को मौके पर भेजा गया। हालांकि, पूरी तलाशी के बाद भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब कॉल करने वाले व्यक्ति का पता लगाने में जुटी है।

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    मुंबई-रायगढ़ समेत महाराष्ट्र के इन जिलों में जमकर हुई बारिश, आकाशीय बिजली ने बरपाया कहर, 8 की मौत

    मौसम विभाग ने सोमवार को दिनभर भारी बारिश की पूर्वानुमान लगाते हुए महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। रायगढ़, रत्नागिरी, पुणे, मुंबई के अलावा विदर्भ के कई जिलों में आज जमकर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रायगढ़ जिले में रेड अलर्ट, रत्नागिरी, पुणे घाट खंड, सतारा घाट खंड, कोल्हापुर घाट खंड, सिंधुदुर्ग में ऑरेंज अलर्ट और मुंबई, ठाणे, पालघर, नासिक घाट खंड, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, गड़चिरोली में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के मुताबिक विदर्भ के बुलढाणा, अकोला, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर और गड़चिरोली जिलों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। भारी बारिश के चलते रविवार को 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई। मौसम विभाग ने रत्नागिरि और रायगढ़ जैसे तटीय जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ और पालघर, ठाणे, सिंधुदुर्ग तथा पुणे, सातारा और कोल्हापुर के घाट के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में 8 लोगों की जान चली गई है और 10 लोग घायल हुए हैं। मुंबई, सिंधुदुर्ग, धुले, नासिक, संभाजीनगर, नंदुरबार और अमरावती में मौत की घटनाएं हुईं, जिनमें से अधिकतर मौत आसमानी बिजली गिरने के कारण हुईं।

  • मुंबई एअरपोर्ट पर 1.41 करोड़ का सोना बरामद, एअर इंडिया का क्रू मेंबर गिरफ्तार

    मुंबई एअरपोर्ट पर 1.41 करोड़ का सोना बरामद, एअर इंडिया का क्रू मेंबर गिरफ्तार

    मुंबई एयरपोर्ट पर 1 करोड़ 41 लाख रूपये का सोना पकड़ा गया है। इसमें अमेरिका से सोने की तस्करी के आरोप में एक क्रूमेंबर सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    मुंबई: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर न्यूयार्क से मुंबई पहुंचे एअर इंडिया की फ्लाइट Ai116 के एक पुरुष क्रू मेंबर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी क्रू मेंबर के पास से 1, 373 ग्राम सोने की ईंटें बरामद की गई है। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 1 करोड़ 41 लाख रुपए बताई जा रही है। यह गिरोह अमेरिका से भारत में सोने की तस्करी कर रहा था। डीआरआई के अधिकारियों के अनुसार मुंबई एअरपोर्ट पर यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। डीआरआई अधिकारियों ने पहले आरोपी को हिरासत में लिया। Gold worth Rs 1.41 crore recovered from Mumbai airport, Air India crew member arrested

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    भारत में सोने की तस्करी

    शुरूआती तलाश में उसके पास से कोई सोना बरामद नहीं हुआ, लेकिन गहन पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी क्रू मेंबर ने बैगेज सेवा क्षेत्र में डक टेप में लपेटकर सोने का एक पाउच छिपा दिया है। इसके बाद डीआरआई ने उस पाउच को बरामद किया, जिसमें 1,373 ग्राम सोने की ईंटें मिलीं। इस बरामदगी के बाद आरोपी ने पूछताछ में पहले भी देश में सोने की तस्करी करने की बात स्वीकार की है। इसके बाद डीआरआई ने इस तस्करी सिंडिकेट के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया, जो एअरलाइन कर्मचारियों का इस्तेमाल कर भारत में सोना मंगवाता था।