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  • मालाड में दर्दनाक हादसा: सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई स्कूटर, दो किशोरों की मौत

    मालाड में दर्दनाक हादसा: सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई स्कूटर, दो किशोरों की मौत

    मुंबई के मालाड वेस्ट में देर रात एक खड़े ट्रेलर ट्रक से स्कूटर टकराने पर 18 और 17 साल के दो दोस्तों की मौत हो गई। पुलिस ने लापरवाही से ट्रक पार्क करने के मामले में केस दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एवरशाइन नगर में धीरज कीर्ति रोड पर सड़क किनारे खतरनाक तरीके से खड़े ट्रेलर ट्रक से स्कूटर टकरा गई, जिसमें दो किशोर दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🚨 मालाड वेस्ट में कैसे हुआ हादसा?

    यह हादसा बुधवार रात करीब 10:09 बजे हुआ।
    स्थान था – धीरज कीर्ति रोड, रियान इंटरनेशनल स्कूल के पास, एवरशाइन नगर, मालाड वेस्ट।

    पुलिस के मुताबिक,

    • मृतक रिज इरविन डिसूजा (18) और केलियन एलिसिया फर्नांडिस (17)
    • दोनों TVS Jupiter स्कूटर से धीरज कीर्ति रोड की तरफ जा रहे थे
    • तभी उनकी स्कूटर सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई

    🚑 मौके का मंजर और अस्पताल तक की जद्दोजहद

    हादसे के बाद हालात बेहद गंभीर थे।

    • स्कूटर ट्रक के पिछले दाहिने पहिए के नीचे फंस गई
    • दोनों युवक-युवती सड़क पर बेहोश और खून से लथपथ पड़े थे

    स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत एवरशाइन नर्सिंग होम ले जाया गया,
    जहां डॉक्टरों ने पल्स न मिलने की पुष्टि की और उन्हें BMC अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

    इसके बाद निजी एंबुलेंस से दोनों को
    ट्रॉमा केयर अस्पताल, जोगेश्वरी ईस्ट ले जाया गया,
    जहां रात 11:50 बजे डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया

    👮 पुलिस का बयान और कार्रवाई

    बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र आव्हाड ने बताया:

    “ट्रेलर ट्रक को बेहद लापरवाही से सड़क पर खड़ा किया गया था, जिससे ट्रैफिक बाधित हो रहा था और जान का खतरा बना हुआ था।”

    पुलिस ने

    • ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है
    • यह जांच की जा रही है कि ट्रक बिना इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के क्यों खड़ा था।

    🏠 मृतकों की पहचान

    • केलियन एलिसिया फर्नांडिस (17)
      निवासी: लिंक रोड, मिठ चौकी, मालाड वेस्ट
    • रिज इरविन डिसूजा (18)
      निवासी: सुंदर लेन, ओरलेम, मालाड

    दोनों अच्छे दोस्त थे और साथ में स्कूटर से जा रहे थे।

    ⚠️ मुंबई में हादसों का खतरनाक हफ्ता

    बीते एक हफ्ते में मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार जानलेवा हादसे सामने आए हैं:

    🔹 रविवार

    मिरा रोड के रहने वाले

    • ज़हीर अमलानी (28)
    • इरशाद हुसैन
      की दहिसर मेट्रो स्टेशन के पास हिट एंड रन में मौत

    🔹 सोमवार

    सुधीर फडके ब्रिज पर

    • जेनिल ठुमर (19)
    • मेहक निर्मान (19)
      कॉलेज से घर लौटते वक्त हादसे का शिकार हुए

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. हादसा कहां हुआ था?
    👉 मालाड वेस्ट के ईवर्शाइन नगर, धीरज कीर्ति रोड पर।

    Q2. मृतकों की उम्र क्या थी?
    👉 एक की उम्र 18 साल और दूसरी की 17 साल थी।

    Q3. पुलिस ने किस पर केस दर्ज किया है?
    👉 सड़क पर लापरवाही से ट्रेलर खड़ा करने वाले ट्रक चालक पर।

    Q4. क्या ट्रक चल रहा था?
    👉 नहीं, ट्रक सड़क किनारे खड़ा था, जिसे पुलिस ने खतरनाक बताया है।

  • BMC चुनाव 2026: आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है? दहिसर से कोलाबा तक पूरी लिस्ट जारी

    BMC चुनाव 2026: आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है? दहिसर से कोलाबा तक पूरी लिस्ट जारी

    BMC Elections 2026 की घोषणा के बाद मुंबई में सियासी हलचल तेज। जानिए आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है, दहिसर से कोलाबा तक 227 वॉर्ड की पूरी जानकारी।

    मुंबई: मुंबईकरों के लिए एक अहम सियासी अपडेट सामने आया है। राज्य चुनाव आयोग ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 की आधिकारिक घोषणा कर दी है। ये चुनाव 15 जनवरी 2026 को होंगे। लगभग एक दशक बाद होने जा रहे इस चुनाव को मुंबई का सबसे बड़ा नागरिक चुनाव माना जा रहा है। चुनाव से पहले वॉर्ड सीमाओं में बदलाव (डीलिमिटेशन) किया गया है, जिसके बाद अब शहर को 227 चुनावी वॉर्ड में बांटा गया है, जो 24 प्रशासनिक वॉर्ड के अंतर्गत आते हैं।

    BMC चुनाव 2026 क्यों है इतना अहम?

    BMC एशिया की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में से एक है। सड़क, पानी, सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे मुद्दे सीधे आम नागरिक से जुड़े हैं। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य का चुनाव माना जा रहा है।

    दक्षिण मुंबई (सिटी वॉर्ड्स)

    दक्षिण मुंबई के पारंपरिक और ऐतिहासिक इलाकों को मिलाकर 9 प्रशासनिक वॉर्ड बनाए गए हैं:

    • A वॉर्ड (224–227): कोलाबा, कफ परेड, नेवी नगर, चर्चगेट, फोर्ट
    • B वॉर्ड (221–223): मोहम्मद अली रोड, डोंगरी, भेंडी बाजार
    • C वॉर्ड (217–220): मरीन लाइंस, भूलश्वर, पायधोनी
    • D वॉर्ड (210–216): मालाबार हिल, गिरगांव, ग्रांट रोड
    • E वॉर्ड (202–209): भायखला, मझगांव, रे रोड
    • F साउथ (196–201): परेल, लालबाग, सेवरी
    • F नॉर्थ (172–181): सायन, माटुंगा, वडाला
    • G साउथ (188–195): वर्ली, प्रभादेवी, लोअर परेल
    • G नॉर्थ (182–187): दादर पश्चिम, माहिम, धारावी

    पश्चिमी उपनगर (Western Suburbs)

    मुंबई का सबसे ज्यादा वोटर वाला इलाका पश्चिमी उपनगर माना जाता है:

    • H ईस्ट (87–97): बांद्रा ईस्ट, सांताक्रूज़ ईस्ट
    • H वेस्ट (98–103): बांद्रा वेस्ट, खार
    • K ईस्ट (68–82): अंधेरी ईस्ट, जोगेश्वरी
    • K वेस्ट (53–67): अंधेरी वेस्ट, जुहू, वर्सोवा
    • P साउथ (43–52): गोरेगांव, आरे कॉलोनी
    • P नॉर्थ (27–42): मलाड, मार्वे, अक्सा, मढ़
    • R साउथ (18–26): कांदिवली, चारकोप
    • R सेंट्रल (8–17): बोरीवली, गोराई
    • R नॉर्थ (1–7): दहिसर, आईसी कॉलोनी

    पूर्वी उपनगर (Eastern Suburbs)

    पूर्वी मुंबई के औद्योगिक और रिहायशी इलाके इन वॉर्ड्स में आते हैं:

    • L वॉर्ड (155–171): कुर्ला, साकीनाका
    • M ईस्ट (134–148): गोवंडी, मानखुर्द
    • M वेस्ट (149–154): चेंबूर
    • N वॉर्ड (123–133): घाटकोपर, पंत नगर
    • S वॉर्ड (104–122): भांडुप, विक्रोली
    • T वॉर्ड: मुलुंड, नाहुर

    227 वॉर्ड से जुड़े अहम आंकड़े

    • सबसे छोटा वॉर्ड: B वॉर्ड (सिर्फ 3 चुनावी वॉर्ड)
    • सबसे बड़ा वॉर्ड: P नॉर्थ (16 चुनावी वॉर्ड)
    • प्रति वॉर्ड औसत आबादी: करीब 54,000
    • महिला आरक्षण: 227 में से 114 वॉर्ड महिलाओं के लिए आरक्षित

    आपका वॉर्ड जानना क्यों जरूरी?

    वोटर लिस्ट, प्रत्याशी, स्थानीय मुद्दे और चुनावी अधिकार समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है। इससे आप जिम्मेदार वोटर बन सकते हैं।


    FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: BMC चुनाव 2026 कब होंगे?
    👉 15 जनवरी 2026 को।

    Q2: कुल कितने वॉर्ड हैं?
    👉 227 चुनावी वॉर्ड।

    Q3: सबसे पहला और आखिरी वॉर्ड कौन सा है?
    👉 वॉर्ड 1 – दहिसर, वॉर्ड 227 – कोलाबा।

    Q4: क्या महिलाओं के लिए आरक्षण है?
    👉 हां, 114 वॉर्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

  • गोरगांव में दहशत: 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाला आवारा कुत्ता अब तक पकड़ से बाहर

    गोरगांव में दहशत: 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाला आवारा कुत्ता अब तक पकड़ से बाहर

    मुंबई के गोरगांव पश्चिम में 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाले संदिग्ध आवारा कुत्ते से इलाके में डर का माहौल है। BMC अब तक कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।

    मुंबई: गोरगांव पश्चिम इलाके में इन दिनों डर और बेचैनी का माहौल है। वजह है एक आवारा कुत्ता, जिसने महज 24 घंटों में 16 लोगों को काट लिया, लेकिन इसके बावजूद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अब तक उसे पकड़ नहीं पाई है। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद से स्थानीय निवासी अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

    इलाके के लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि वे कई बार BMC से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।

    🐕 “एक नहीं, कई कुत्ते हैं, लेकिन एक बेहद खतरनाक है”

    स्थानीय निवासी अमृता गांगुली के मुताबिक,
    “यह सिर्फ एक कुत्ता नहीं बल्कि कुत्तों का एक झुंड है जो लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन एक खास भूरे-टैन रंग का कुत्ता है, जो बेहद आक्रामक है। हमें शक है कि उसे रेबीज़ हो सकता है।”

    उनका कहना है कि कुत्ता अचानक हमला करता है, बिना किसी उकसावे के राह चलते लोगों पर झपटता है।

    📍 स्कूलों और कॉलेज के पास मंडराता खतरा

    निवासियों के अनुसार, यह कुत्ता लगातार जगह बदल रहा है, जिससे उसे पकड़ना और मुश्किल हो गया है।
    शुरुआत में उसे रेडवुड हाई स्कूल और आदर्श विद्यालय, सिद्धार्थ नगर के आसपास देखा गया, जहां वह बच्चों और राहगीरों पर भौंकते हुए झपटता था।

    इसके बाद कुत्ता विवेक कॉलेज के पास भी नजर आया।

    त्रिना चक्रवर्ती, जो इलाके में रहती हैं, कहती हैं—
    “मेरी बेटी का शनिवार को स्कूल में एक कार्यक्रम था, लेकिन लगातार हमलों की खबरों के बाद मैंने उसे स्कूल नहीं भेजा। बच्चों के लिए यह इलाका बिल्कुल सुरक्षित नहीं रह गया है।”

    🚨 अब शास्त्री नगर की ओर बढ़ा कुत्ता?

    निवासियों का दावा है कि कुत्ता अब शास्त्री नगर की ओर बढ़ चुका है।
    व्हाट्सएप ग्रुप्स पर संदेश फैल रहे हैं कि वही भूरे रंग का कुत्ता नए इलाके में देखा गया है।

    गांगुली बताती हैं—
    “डर का माहौल ऐसा है कि हम घर से निकलने से पहले दस बार सोचते हैं। सिर्फ बच्चे ही नहीं, वरिष्ठ नागरिक भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”


    🏛️ BMC की कार्रवाई पर सवाल

    हालांकि BMC अधिकारियों ने हाल ही में इलाके से कुछ आवारा कुत्तों को पकड़ा है, लेकिन अब तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि वही कुत्ता पकड़ा गया है जिसने 16 लोगों पर हमला किया था।

    इससे लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ता जा रहा है।


    ⚖️ सुप्रीम कोर्ट का आदेश और जमीनी हकीकत

    नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि

    स्कूलों, रेलवे स्टेशनों और घनी आबादी वाले इलाकों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पाए जाने वाले आवारा कुत्तों को हटाकर, उनका नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास किया जाए।

    लेकिन गोरगांव वेस्ट के हालात देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि आदेश कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है।


    😟 डर के साये में जिंदगी

    लगातार हमलों के बाद कई लोग सुबह की सैर, बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का बाहर निकलना टाल रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि BMC तुरंत इस कुत्ते को पकड़े और इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित करे।


    ❓ FAQ Section

    Q1. गोरगांव वेस्ट में कितने लोगों को कुत्ते ने काटा?
    ➡️ 24 घंटे में कुल 16 लोगों को काटा गया।

    Q2. क्या कुत्ते को पकड़ लिया गया है?
    ➡️ नहीं, BMC अब तक उस खास कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।

    Q3. कौन-कौन से इलाके प्रभावित हैं?
    ➡️ सिद्धार्थ नगर, रेडवुड हाई स्कूल, विवेक कॉलेज और शास्त्री नगर।

    Q4. सुप्रीम कोर्ट का इस पर क्या निर्देश है?
    ➡️ संवेदनशील इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाकर नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास।

  • BMC की सख्ती: चुनाव आचार संहिता में मुंबई से 2103 अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए

    BMC की सख्ती: चुनाव आचार संहिता में मुंबई से 2103 अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव की घोषणा के बाद BMC ने आदर्श आचार संहिता लागू होते ही 2103 अवैध राजनीतिक बैनर, होर्डिंग और फ्लेक्स हटाने की बड़ी कार्रवाई की। जानिए पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: नगर पालिका चुनाव घोषणा के तुरंत बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 दोपहर 3 बजे तक, मुंबई भर में कुल 2,103 अनधिकृत राजनीतिक विज्ञापन फलक, बैनर, फ्लेक्स और होर्डिंग हटाए गए हैं। यह कार्रवाई चुनाव में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए युद्ध स्तर पर की गई।

    🗳️ चुनाव घोषणा के बाद तुरंत लागू हुई आचार संहिता

    राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 15 दिसंबर 2025 को बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आम चुनाव की घोषणा किए जाने के बाद पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई। इसके तहत किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या समर्थक को सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति नहीं है।

    🚧 2103 अवैध होर्डिंग्स, बैनर और फ्लेक्स हटाए गए

    BMC के लाइसेंस विभाग द्वारा पूरे शहर में नियमबाह्य और बिना अनुमति लगाए गए:

    • राजनीतिक होर्डिंग
    • बैनर और फ्लेक्स
    • कियोस्क और स्टिकर्स
    • झंडे, निशान और बोर्ड
    • दीवारों पर की गई राजनीतिक पेंटिंग

    जैसी कुल 2,103 वस्तुएं हटाई गईं। यह कार्रवाई प्रमुख चौकों, मुख्य सड़कों, सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थलों पर की गई।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चली मुहिम

    यह पूरी कार्रवाई महानगरपालिका आयुक्त एवं चुनाव अधिकारी श्री. भूषण गगराणी के निर्देश पर की जा रही है।
    मुहिम का नेतृत्व:

    • अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) जोशी
    • उप आयुक्त (विशेष) श्रीमती चंदा जाधव

    के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

    🗣️ BMC अधिकारियों ने क्या कहा?

    अतिरिक्त आयुक्त डॉ. जोशी ने कहा कि

    “चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आदर्श आचार संहिता का पालन बेहद जरूरी है। किसी भी तरह का अनुचित राजनीतिक प्रभाव रोकने के लिए समय रहते सख्त कदम उठाए गए हैं।”

    वहीं उप आयुक्त चंदा जाधव ने बताया कि

    “मुंबई के हर प्रमुख इलाके में अवैध राजनीतिक विज्ञापन हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। सभी राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील की जाती है।”

    ⚠️ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

    BMC ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी अगर कहीं आचार संहिता का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महानगरपालिका ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और शहर की सुंदरता व कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।


    ❓ FAQ Section

    Q1. मुंबई में कितने अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए गए?
    ➡️ कुल 2,103 अवैध राजनीतिक बैनर, फ्लेक्स और होर्डिंग हटाए गए।

    Q2. यह कार्रवाई कब तक की गई?
    ➡️ 16 दिसंबर 2025 को दोपहर 3 बजे तक।

    Q3. कार्रवाई किसके आदेश पर हुई?
    ➡️ महानगरपालिका आयुक्त एवं चुनाव अधिकारी भूषण गगराणी के निर्देश पर।

    Q4. आगे भी कार्रवाई होगी क्या?
    ➡️ हां, आचार संहिता के उल्लंघन पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ और ‘मिशन टू सक्सेस’ पुस्तक के लेखक डॉ. बिजयकुमार महाराणा को गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा और सामाजिक सेवा के लिए वर्ष 2025 का राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान नई दिल्ली में प्रदान किया गया।

    नई दिल्ली: गरीब और जरूरतमंद कैंसर रोगियों के लिए निःशुल्क योग चिकित्सा और जागरूकता फैलाने वाले जाने-माने अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ डॉ. बिजयकुमार महाराणा को वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में दिया गया। गृह कल्याण केंद्र के माध्यम से किए जा रहे उनके परोपकारी योग कार्यों को देशभर में सराहना मिली है।

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    भव्य सम्मान समारोह

    यह प्रतिष्ठित सम्मान गृह कल्याण केंद्र द्वारा प्रदान किया गया, जो भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के तत्वावधान में कार्यरत एक पंजीकृत संस्था है। समारोह में देशभर से सामाजिक, चिकित्सा और योग क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    ओडिशा के गांव से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर

    ओडिशा के क्योंझर जिले के खलियामेंटा गांव से आने वाले डॉ. बिजयकुमार महाराणा वर्तमान में गृह कल्याण केंद्र (जी.के.के.) में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है।

    100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    मुंबई स्थित गृह कल्याण केंद्र के प्रभारी जे. एम. सिंह ने बताया कि डॉ. महाराणा को योग गतिविधियों के संचालन और सामाजिक सेवा के लिए अब तक 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं।
    उन्होंने कहा कि यह सम्मान गृह कल्याण केंद्र से जुड़े सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है।

    गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग सेवा

    डॉ. महाराणा ने अपने कार्यकाल में कैंसर रोगियों के लिए विशेष योग कार्यक्रम चलाए, जिनका उद्देश्य शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संबल भी देना रहा है।
    नई दिल्ली स्थित मां कल्याणी सेवा संगठन के त्रिलोक कुमार झा और अरुण अग्रवाल ने कैंसर रोगियों के लिए आयोजित योग गतिविधियों हेतु गृह कल्याण केंद्र का आभार व्यक्त किया।

    राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता भी हैं डॉ. महाराणा

    गृह कल्याण केंद्र, नई दिल्ली के सचिव कर्नल राजीव वर्मा ने बताया कि डॉ. बिजयकुमार महाराणा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं और वर्तमान में मुंबई के जी.के.के. केंद्र में योग सिखाकर समाज में योग जागरूकता फैला रहे हैं।

    सीपीडब्ल्यूडी मुंबई का सहयोग

    मुंबई स्थित सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा ने कहा कि गरीब कैंसर रोगियों को निःशुल्क योग चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए सीपीडब्ल्यूडी मुंबई ने आवश्यक सुविधाएं प्रदान की हैं।
    उन्होंने डॉ. महाराणा के कार्य को प्रेरणादायक बताया।

    युवाओं के आदर्श बने डॉ. बिजय महाराणा

    नेशनल यूथ अवॉर्डीज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (NYAFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जावेद जमादार ने कहा कि डॉ. महाराणा देश के युवाओं के लिए एक आदर्श हैं और माननीय प्रधानमंत्री के योग मिशन को जमीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. डॉ. बिजय महाराणा को कौन सा सम्मान मिला है?
    उन्हें वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” मिला है।

    Q2. यह सम्मान कहां प्रदान किया गया?
    नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में।

    Q3. डॉ. महाराणा किस क्षेत्र में कार्य करते हैं?
    वे योग प्रशिक्षक हैं और गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा प्रदान करते हैं।

    Q4. क्या उन्हें पहले भी पुरस्कार मिले हैं?
    हां, उन्हें 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।

  • मालवनी पर महायुति की नज़र, 641 एकड़ जमीन के पुनर्विकास पर सियासी घमासान

    मालवनी पर महायुति की नज़र, 641 एकड़ जमीन के पुनर्विकास पर सियासी घमासान

    धारावी की तर्ज पर मालवणी के 641 एकड़ इलाके के पुनर्विकास की तैयारी शुरू। क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल, सर्वे और विस्थापन को लेकर विपक्ष ने सरकार पर बिल्डरों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।

    महाराष्ट्र/नागपुर: धारावी पुनर्विकास योजना के बाद अब मुंबई के मालाड स्थित मालवनी इलाके के 641 एकड़ भूखंड पर महायुति सरकार की नजर टिक गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे इलाके के क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल के तहत पुनर्विकास के लिए सर्वे और योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार इसे झोपड़पट्टी-मुक्त करने की पहल बता रही है, वहीं विपक्ष इसे बिल्डरों को फायदा पहुंचाने की साजिश करार दे रहा है।

    धारावी मॉडल पर मालवणी पुनर्विकास की तैयारी

    देश की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी को अडानी ग्रुप को सौंपे जाने के बाद अब सरकार ने मालवनी क्षेत्र के पुनर्विकास की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में 641 एकड़ क्षेत्र के सर्वेक्षण और क्लस्टर डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि क्लस्टर मॉडल के जरिए पूरे मालवनी इलाके का कम समय में पुनर्विकास संभव है और इसे एक बड़े झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्रोजेक्ट के रूप में तेजी से पूरा किया जाना चाहिए।

    641 एकड़ में फैला मालवनी, 14 हजार झोपड़ियां

    मालवनी इलाके का कुल क्षेत्रफल 641 एकड़ है, जिसमें

    • राज्य सरकार
    • म्हाडा
    • बृहन्मुंबई महानगरपालिका
    • निजी भूखंड

    शामिल हैं।
    इसमें से 565.98 एकड़ क्षेत्र में झोपड़पट्टियां हैं, जबकि 75.02 एकड़ खुली जमीन है। इस पूरे इलाके में करीब 14 हजार झोपड़ियां बसी हुई हैं। सरकार का दावा है कि पुनर्विकास के बाद यह इलाका पूरी तरह झोपड़पट्टी-मुक्त हो जाएगा।

    13 लाख लोगों के विस्थापन की आशंका

    विपक्ष का आरोप है कि इस योजना के नाम पर मालवनी में रहने वाले करीब 13 लाख लोगों को विस्थापित किया जाएगा। धारावी पुनर्विकास को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच यह मुद्दा और भी संवेदनशील बन गया है।

    विपक्षी दलों का कहना है कि मुंबई में विकास के नाम पर लगातार बड़े भूखंड बिल्डरों की झोली में डाले जा रहे हैं, जबकि स्थानीय निवासियों के पुनर्वास और अधिकारों को लेकर स्पष्टता नहीं है।

    कौन करेगा सर्वे और रिपोर्ट?

    बैठक में तय किया गया कि

    • म्हाडा और
    • झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA)

    अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सर्वे करेंगे।
    सभी झोपड़पट्टियों का सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसियां संयुक्त रिपोर्ट तैयार करेंगी।
    जहां कानूनी अड़चनें होंगी, वहां अलग से कार्रवाई की जाएगी, और जहां विकास संभव होगा, उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद

    इस अहम बैठक में

    • आवास राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर
    • विधायक असलम शेख
    • अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता
    • म्हाडा अधिकारी मिलिंद बोरीकर
    • SRA CEO डॉ. महेंद्र कल्याणकर

    मौजूद रहे।
    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुंबई मनपा आयुक्त भूषण गगरानी भी बैठक में शामिल हुए।

    दागी बिल्डर को ठेका मिलने की चर्चा

    सूत्रों के अनुसार, इस पुनर्विकास परियोजना को लेकर पहले ही एक दागी बिल्डर को ठेका दिए जाने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आरोप है कि यह वही बिल्डर है, जिसने चेंबूर के माहुल इलाके में प्रोजेक्ट-अफेक्टेड लोगों के लिए इमारतें बनाई थीं, जहां करीब 9 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगे थे। बताया जाता है कि वह आपराधिक मामले में जेल भी जा चुका है।

    अब उसी बिल्डर को एक भाजपा नेता के माध्यम से मालवनी की बड़ी पुनर्विकास योजना में शामिल करने की कोशिश हो रही है।


    FAQ

    Q1. मालवणी पुनर्विकास योजना क्या है?
    मालवणी इलाके को क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल के तहत पुनर्विकसित करने की सरकारी योजना।

    Q2. कुल कितनी जमीन शामिल है?
    करीब 641 एकड़ भूमि।

    Q3. कितने लोग प्रभावित हो सकते हैं?
    करीब 13 लाख लोगों के विस्थापन की आशंका जताई जा रही है।

    Q4. विवाद क्यों हो रहा है?
    विपक्ष का आरोप है कि योजना का फायदा बिल्डरों को दिया जा रहा है।

  • मुंबई में 4 नए पुलिस स्टेशन और 2 नए ज़ोन को मिली मंज़ूरी

    मुंबई में 4 नए पुलिस स्टेशन और 2 नए ज़ोन को मिली मंज़ूरी

    मुंबई की बढ़ती आबादी और अपराध को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 4 नए पुलिस स्टेशन, 2 नए डीसीपी ज़ोन और 3 एसीपी डिविज़न को मंजूरी दी है। 1,448 नए पद और ₹130 करोड़ से ज्यादा का बजट स्वीकृत।

    मुंबई: शहर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 12 दिसंबर 2025 को गृह विभाग द्वारा जारी शासन निर्णय के तहत मुंबई पुलिस कमिश्नरेट में 4 नए पुलिस स्टेशन, 2 नए डीसीपी ज़ोन और 3 नए एसीपी डिविज़न बनाए जाएंगे। इस फैसले से न सिर्फ पुलिस की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बढ़ती आबादी, ट्रैफिक और अपराध पर नियंत्रण भी आसान होगा।

    मुंबई में अभी कितने पुलिस स्टेशन हैं?

    फिलहाल मुंबई में कुल 100 पुलिस स्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें शामिल हैं—

    • 93 स्थानीय पुलिस स्टेशन
    • 2 तटीय पुलिस स्टेशन (गोराई और माहिम)
    • 5 साइबर पुलिस स्टेशन

    अब सरकार ने इस नेटवर्क में 4 नए पुलिस स्टेशन जोड़ने की मंजूरी दे दी है।

    कहां-कहां बनेंगे नए पुलिस स्टेशन

    सरकार द्वारा स्वीकृत नए पुलिस स्टेशन और उनका क्षेत्राधिकार इस प्रकार है:

    1. महाराष्ट्र नगर पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: भांडुप और पार्कसाइट पुलिस स्टेशन से अलग किया गया इलाका

    2. गोलिबार पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: वाकोला और निर्मल नगर पुलिस स्टेशन से विभाजित इलाका

    3. मड-मार्वे पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: मालवनी पुलिस स्टेशन के कुछ हिस्से

    4. आसलफा पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: घाटकोपर और साकीनाका पुलिस स्टेशन से पुनर्गठन

    इन नए थानों से स्थानीय नागरिकों को नजदीक पुलिस सहायता मिलेगी और शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।

    1,448 नए पद और ₹130 करोड़ से ज्यादा का बजट

    चारों नए पुलिस स्टेशनों के लिए सरकार ने—

    • 1,448 नए पद स्वीकृत किए हैं
    • ₹124.13 करोड़ का वार्षिक (रिकरिंग) खर्च
    • ₹7.39 करोड़ का एकमुश्त (नॉन-रिकरिंग) खर्च मंजूर किया है

    यह खर्च संबंधित वित्तीय वर्ष के बजट से पूरा किया जाएगा।

    2 नए डीसीपी ज़ोन और 3 एसीपी डिविज़न

    पुलिस प्रशासन को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने—

    • 2 नए डीसीपी ज़ोन
    • 3 नए एसीपी डिविज़न

    को भी मंजूरी दी है।
    इसके तहत—

    • डीसीपी ज़ोन के लिए 34 नए पद
    • एसीपी डिविज़न के लिए 30 नए पद

    स्वीकृत किए गए हैं।
    इस पर ₹6.24 करोड़ का वार्षिक और ₹83.95 लाख का एकमुश्त खर्च आएगा।

    क्यों लिया गया यह फैसला?

    सरकार के मुताबिक—

    • मुंबई की तेज़ी से बढ़ती आबादी
    • शहर का लगातार हो रहा विस्तार
    • ट्रैफिक दबाव और अपराध के बढ़ते मामले

    इन सभी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। नए पुलिस स्टेशन और ज़ोन बनने से पेट्रोलिंग बेहतर होगी और अपराध नियंत्रण मजबूत होगा।

    प्रस्ताव कैसे हुआ मंजूर?

    यह प्रस्ताव मुंबई पुलिस आयुक्त द्वारा भेजा गया था।

    • 11 नवंबर 2025 को हुई उच्चस्तरीय सचिव समिति की बैठक में इस पर चर्चा हुई
    • इसके बाद गृह विभाग ने 12 दिसंबर 2025 को शासन निर्णय जारी कर मंजूरी दी

    FAQ सेक्शन

    Q1: मुंबई में कितने नए पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे?
    मुंबई में 4 नए पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे।

    Q2: किन इलाकों को फायदा मिलेगा?
    भांडुप, पार्कसाइट, वाकोला, निर्मल नगर, मालवणी, मड-मार्वे, घाटकोपर और साकीनाका क्षेत्र।

    Q3: कुल कितने नए पद स्वीकृत हुए हैं?
    कुल 1,448 नए पद पुलिस स्टेशनों के लिए और 64 पद डीसीपी-एसीपी संरचना के लिए।

    Q4: इस पर कितना खर्च आएगा?
    करीब ₹130 करोड़ से ज्यादा का खर्च आएगा।

    Q5: इससे आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
    तेज़ पुलिस रिस्पॉन्स, बेहतर पेट्रोलिंग और अपराध नियंत्रण।

  • स्वच्छ मुंबई के लिए BMC की ‘स्वच्छता मंथन’ प्रतियोगिता, 4.20 करोड़ रुपये के इनाम

    स्वच्छ मुंबई के लिए BMC की ‘स्वच्छता मंथन’ प्रतियोगिता, 4.20 करोड़ रुपये के इनाम

    मुंबई को साफ और सुंदर बनाने के लिए बीएमसी ने 2026 में ‘स्वच्छता मंथन’ प्रतियोगिता की घोषणा की है। वार्ड, सोसायटी, अस्पताल, स्कूल, बाजार समेत कई श्रेणियों में 4.20 करोड़ रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।

    मुंबई: शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने वर्ष 2026 के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की है। 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2026 तक चलने वाली ‘स्वच्छता मंथन’ प्रतियोगिता के तहत प्रशासनिक वार्ड, हाउसिंग सोसायटी, झोपड़पट्टी क्षेत्र, अस्पताल, स्कूल, बाजार, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने पर कुल 4 करोड़ 20 लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नागरिकों और निजी संस्थानों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है।

    BMC-Swachhata-Manthan-competition-for-a-clean-Mumbai-with-prizes-worth-Rs-crore-news

    पूरे साल चलेगा BMC का स्वच्छता मंथन प्रतियोगिता

    बीएमसी के घनकचरा प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता जनवरी से दिसंबर 2026 तक चलेगी। इसका उद्देश्य केवल सफाई नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी बढ़ाकर स्थायी स्वच्छता संस्कृति विकसित करना है।

    महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने निर्देश दिए हैं कि यह अभियान पूरे मुंबई महानगर में प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।

    इन श्रेणियों में मिलेंगे पुरस्कार

    ‘स्वच्छता मंथन’ प्रतियोगिता कई वर्गों में आयोजित की जाएगी, ताकि शहर के हर हिस्से को इसमें शामिल किया जा सके:

    • स्वच्छ प्रशासनिक वार्ड
    • स्वच्छ आवासीय संकुल (हाउसिंग सोसायटी)
    • स्वच्छ झोपड़पट्टी क्षेत्र
    • स्वच्छ व्यावसायिक प्रतिष्ठान
    • स्वच्छ अस्पताल (सरकारी व निजी)
    • स्वच्छ स्कूल (सरकारी व निजी)
    • स्वच्छ रेस्टोरेंट
    • स्वच्छ सामुदायिक शौचालय
    • स्वच्छ सड़कें व मार्ग
    • स्वच्छ उद्यान व खुली जगहें
    • स्वच्छ बाजार क्षेत्र
    • आसपास का क्षेत्र गोद लेकर स्वच्छता (विशेष श्रेणी)

    किस श्रेणी में कितनी इनामी राशि

    बीएमसी द्वारा घोषित पुरस्कार राशि इस प्रकार होगी:

    • स्वच्छ वार्ड:
    • प्रथम: ₹50 लाख
    • द्वितीय: ₹25 लाख
    • तृतीय: ₹15 लाख
    • अन्य सभी श्रेणियां (सोसायटी, अस्पताल, स्कूल, बाजार आदि):
    • प्रथम: ₹15 लाख
    • द्वितीय: ₹10 लाख
    • तृतीय: ₹5 लाख

    कुल मिलाकर सभी श्रेणियों में ₹4.20 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

    सेलिब्रिटी भी बनेंगे स्वच्छता अभियान का हिस्सा

    इस अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए—

    • फिल्म, खेल और अन्य क्षेत्रों की नामचीन हस्तियों को किसी इलाके को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
    • प्रसिद्ध अभिनेता अक्षय कुमार ने इस स्वच्छता अभियान में व्यक्तिगत रूप से भाग लेने की इच्छा जताई है।

    मूल्यांकन होगा निष्पक्ष संस्था से

    बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि—

    • प्रतियोगिता का मूल्यांकन त्रयस्थ (थर्ड पार्टी) एजेंसी द्वारा किया जाएगा।
    • दिसंबर 2026 में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा।

    मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का नागरिकों से आह्वान

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि—

    “स्वच्छ और सुंदर मुंबई केवल प्रशासन से नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से संभव है।”

    उन्होंने नागरिकों, हाउसिंग सोसायटियों और निजी संस्थानों से इस प्रतियोगिता में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।


    FAQ सेक्शन

    Q1: स्वच्छता मंथन प्रतियोगिता कब से कब तक चलेगी?
    यह प्रतियोगिता 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक चलेगी।

    Q2: कुल कितनी पुरस्कार राशि रखी गई है?
    कुल 4 करोड़ 20 लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।

    Q3: कौन-कौन भाग ले सकता है?
    नागरिक, हाउसिंग सोसायटी, स्कूल, अस्पताल, रेस्टोरेंट, बाजार और निजी संस्थान।

    Q4: मूल्यांकन कौन करेगा?
    एक स्वतंत्र त्रयस्थ संस्था द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा।

    Q5: पुरस्कार कब दिए जाएंगे?
    दिसंबर 2026 में भव्य समारोह में पुरस्कार वितरण होगा।

  • वर्सोवा–भायंदर कोस्टल रोड को हाईकोर्ट की मंजूरी, BMC को मिली बड़ी राहत

    वर्सोवा–भायंदर कोस्टल रोड को हाईकोर्ट की मंजूरी, BMC को मिली बड़ी राहत

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने वर्सोवा–भायंदर कोस्टल रोड परियोजना को हरी झंडी दे दी है। करीब 45 हजार मैंग्रोव कटेंगे, बदले में तीन गुना पौधारोपण और 10 साल की निगरानी अनिवार्य होगी।

    मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर को मिरा-भायंदर से सीधे जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित वर्सोवा–भायंदर कोस्टल रोड परियोजना को आखिरकार बॉम्बे हाईकोर्ट की मंजूरी मिल गई है। अदालत ने बीएमसी को करीब 45 हजार मैंग्रोव काटने की सशर्त अनुमति दी है। इसके बदले बीएमसी को तीन गुना पौधारोपण, चंद्रपुर में 103 हेक्टेयर वनरोपण और अगले 10 वर्षों तक हर साल निगरानी रिपोर्ट जमा करनी होगी। इस फैसले से मुंबई के उत्तरी हिस्से की ट्रैफिक समस्या कम होने की उम्मीद है।

    हाईकोर्ट का अहम फैसला

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए वर्सोवा–भायंदर डेवलपमेंट प्लान रोड (कोस्टल रोड नॉर्थ) को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी।
    हालांकि अदालत ने साफ किया कि—

    • परियोजना पर 10 साल तक निगरानी जरूरी होगी
    • हर साल कम्पनसेटरी प्लांटेशन की रिपोर्ट जमा करनी होगी

    अदालत का कहना है कि विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी उतना ही जरूरी है।

    कितने मैंग्रोव कटेंगे, कितना होगा पुनरोपण

    परियोजना के तहत—

    • कुल मैंग्रोव: करीब 60,000
    • प्रभावित होंगे: 45,675 मैंग्रोव
    • सड़क निर्माण के लिए सीधे कटेंगे: करीब 9,000 मैंग्रोव (10 हेक्टेयर)

    बीएमसी ने भरोसा दिलाया है कि—

    • तीन गुना मैंग्रोव पुनरोपण किया जाएगा
    • चंद्रपुर जिले में 103 हेक्टेयर क्षेत्र में अनिवार्य वनरोपण होगा

    वर्सोवा से भायंदर तक कैसा होगा रोड नेटवर्क

    यह कोस्टल रोड मुंबई के पश्चिमी किनारे पर एक बड़ा ट्रैफिक कॉरिडोर बनेगा।

    रूट डिटेल्स

    • शुरुआत: वर्सोवा
    • बीच के इलाके: मलाड, मालवनी, कांदिवली, बोरीवली, दहिसर
    • अंत: भायंदर (मिरा-भायंदर)

    संरचना

    • एलिवेटेड रोड
    • फ्लाईओवर और इंटरचेंज
    • टनल और ब्रिज
    • सतही ट्रैफिक कम करने की व्यवस्था

    दो फेज़ में बनेगी कोस्टल रोड

    • फेज-1: वर्सोवा से दहिसर
    • लंबाई: लगभग 20–25 किमी
    • इसे कोस्टल रोड फेज-2 या वर्सोवा–दहिसर लिंक रोड भी कहा जाएगा
    • फेज-2: दहिसर से भायंदर
    • एलिवेटेड रोड
    • लंबाई: 5.6 किमी, चौड़ाई 45 मीटर

    कुल मिलाकर इंटरचेंज और कनेक्टर मिलाकर नेटवर्क 60 किलोमीटर से ज्यादा का होगा।

    ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

    बीएमसी के अनुसार—

    • वेस्टर्न सबर्ब्स से मिरा-भायंदर का सफर तेज होगा
    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और लिंक रोड पर दबाव घटेगा
    • रोज़ाना लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी

    पर्यावरण बनाम विकास की बहस फिर तेज

    जहां एक तरफ इस प्रोजेक्ट को ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मैंग्रोव कटाई को लेकर पर्यावरणविदों की चिंता भी बनी हुई है।
    हाईकोर्ट ने इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए सख्त शर्तों के साथ मंजूरी दी है।


    FAQ सेक्शन

    Q1: वर्सोवा–भायंदर कोस्टल रोड क्या है?
    यह मुंबई को मिरा-भायंदर से जोड़ने वाली 26.3 किमी लंबी तटीय सड़क परियोजना है।

    Q2: कितने मैंग्रोव काटे जाएंगे?
    करीब 45,675 मैंग्रोव प्रभावित होंगे, जिनमें से लगभग 9,000 सीधे कटेंगे।

    Q3: बदले में क्या किया जाएगा?
    तीन गुना पौधारोपण और चंद्रपुर में 103 हेक्टेयर वनरोपण किया जाएगा।

    Q4: कोर्ट ने क्या शर्त रखी है?
    10 साल तक निगरानी और हर साल रिपोर्ट दाखिल करना अनिवार्य होगा।

    Q5: इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा?
    ट्रैफिक कम होगा और वेस्टर्न सबर्ब्स से भायंदर तक सफर तेज होगा।

  • मुंबई को मिलेगी ‘पगड़ी सिस्टम’ से आज़ादी? राज्य सरकार ने बनाया नया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क

    मुंबई को मिलेगी ‘पगड़ी सिस्टम’ से आज़ादी? राज्य सरकार ने बनाया नया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क

    महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई को पुराने ‘पगड़ी सिस्टम’ से मुक्त करने के लिए नया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क बनाने का बड़ा फैसला किया। इससे 19,000 से ज्यादा पुरानी इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता साफ होगा।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई को दशकों पुराने ‘पगड़ी सिस्टम’ से बाहर निकालने की बड़ी पहल की है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में घोषणा की कि शहर के पुराने पगड़ी मॉडल पर चलने वाले मकानों के लिए एक अलग रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे किरायेदारों और मकान मालिकों — दोनों के हक सुरक्षित रहेंगे और 19,000 से ज्यादा जर्जर इमारतों का पुनर्विकास तेज होगा। यह निर्णय मुंबई की रियल एस्टेट मार्केट को मजबूत करने और सालों से लंबित हजारों विवादों को खत्म करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

    क्या है पगड़ी सिस्टम और क्यों जरूरी पड़ा बदलाव?

    मुंबई में दशकों से चल रहा पगड़ी सिस्टम एक ऐसा मॉडल है जिसमें किरायेदार मकान में रहने के लिए एकमुश्त रकम देकर आंशिक मालिकाना हक जैसा अधिकार पा लेता है।

    • किराया बेहद कम
    • सबलेट करने की अनुमति
    • मकान मालिक को वास्तविक मूल्य का लाभ नहीं

    इस सिस्टम के कारण मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच अक्सर विवाद खड़े होते रहे हैं। कई केस तो दशकों से अदालत में लंबित हैं।

    मुंबई में 19,000 से ज्यादा इमारतें पगड़ी सिस्टम में

    डिप्टी सीएम शिंदे ने बताया कि मुंबई में करीब 19,000 पुरानी, प्री-1960 सीज्ड इमारतें पगड़ी सिस्टम पर चल रही हैं।
    इनमें से—

    • कई इमारतें पहले ही जर्जर हो चुकी हैं
    • कुछ ढह चुकी हैं
    • और 13,000 से ज्यादा अभी भी पुनर्विकास का इंतज़ार कर रही हैं

    यह सारी इमारतें महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट के दायरे में आती हैं, जिससे किरायेदार सुरक्षित रहते हैं, लेकिन मकान मालिक अपने अधिकारों की उचित भरपाई न मिलने की शिकायत करते हैं।

    Deputy chief minister eknath shinde

    क्यों आया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क का विचार?

    शिंदे ने विधानसभा में बताया—

    • 28,000 से ज्यादा किरायेदार–मकान मालिक विवाद अदालतों में अटके हैं
    • पुराने कानून जमीन पर असरदार साबित नहीं हो रहे
    • पुनर्विकास बाधित होने से इमारतें खतरे में हैं

    सरकार अब हाईकोर्ट की मंजूरी से फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएगी, ताकि सभी मामले तीन साल के भीतर निपट जाएं।

    कमजोर वर्ग के लिए मुफ्त पुनर्निर्माण की सुविधा

    FSI (Floor Space Index) बढ़ाना काफी नहीं है—यह बात भी शिंदे ने साफ कही।
    EWS और LIG वर्ग के पगड़ी धारकों के लिए—

    • मुफ्त पुनर्निर्माण
    • टेनेंट हिस्से के बराबर FSI
    • लैंड ओनर को मूल FSI
    • इंसेंटिव FSI

    अगर जमीन की ऊंचाई सीमा या अन्य रुकावटों के कारण FSI का पूरा उपयोग नहीं हो पाया, तो बचा हुआ FSI TDR (Transfer of Development Rights) के रूप में दिया जाएगा।

    पुरानी इमारतों के लिए खुला रास्ता

    सरकार का कहना है कि यह नया फ्रेमवर्क—

    • जर्जर इमारतों के गिरने के खतरे को रोकेगा
    • जीवन और संपत्ति दोनों की सुरक्षा करेगा
    • लंबे समय से अटकी पुनर्विकास परियोजनाओं में नई जान डालेगा

    साथ ही मौजूदा पुनर्विकास विकल्प 33(7) और 33(9) भी उपलब्ध रहेंगे।

    मकान मालिक और किरायेदार—दोनों के लिए फायदे

    सरकार के अनुसार—

    • किरायेदारों का पुनर्विकास और घर की सुरक्षा
    • मकान मालिकों को उचित हिस्सा और कानूनी राहत
    • लंबे विवादों का निपटारा
    • शहर में रियल एस्टेट मार्केट को बल

    यह सिस्टम दोनों पक्षों के लिए न्यायसंगत समाधान प्रदान करेगा।


    FAQ सेक्शन

    1. पगड़ी सिस्टम क्या होता है?

    एक पुराना किरायेदारी मॉडल जिसमें किरायेदार एकमुश्त रकम देकर कम किराए पर आंशिक मालिकाना अधिकार जैसा लाभ पाता है।

    2. मुंबई में कितनी पगड़ी इमारतें हैं?

    करीब 19,000 से ज्यादा इमारतें पगड़ी सिस्टम में आती हैं।

    3. नया फ्रेमवर्क कब लागू होगा?

    सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है, विस्तृत नियम जल्द सामने आएंगे।

    4. क्या किरायेदारों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे?

    हाँ, सरकार ने साफ कहा है कि किरायेदार और मकान मालिक दोनों के हित सुरक्षित रखे जाएंगे।

    5. क्या सभी केस जल्द निपटेंगे?

    फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सभी 28,000 केस अगले तीन साल में निपटाने की योजना है।