Category: National News

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  • Global Warming: धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है–सुप्रीमकोर्ट

    Global Warming: धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है–सुप्रीमकोर्ट

    • जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों? पुरा देश क्यों नहीं?
    • Global Warming पर सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहाँ ?
    • अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही है जिम्मेदार..
    • क्या हर बात के लिए न्यायालयों पर ही आश्रित रहें?
    • शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं ?

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    Global Warming आज धरती, पर्यावरण खतरे में है।ग्लोबल वार्मिंग के खतरे वैज्ञानिकों की चेतावनी के बावजूद जंगल काटे जा रहे हैं। हसदेव जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों आंदोलित हैं। पूरा देश क्यों नहीं? हसदेव के लाखों पेड़ मात्र एक व्यक्ति के लिए काटे जा रहे हैं, जो पूरे देश के लिए खतरे की घंटी है। मुंबई में समुद्र तट से 500 मीटर दूर ही निर्माण का कानून बना है, लेकिन महानगर पालिका के भ्रष्ट अधिकारियों को मुंबई और मुंबईकरों की तनिक भी चिंता नहीं है। बीएमसी के उच्च जिम्मेदार अधिकारी और राज्य सरकार आंखें मूंदे हुए हैं।

    मुंबई में मनपा की खाली जमीनों का अधिकारी और नेता सौदा कर अपनी जेबें भर रहे हैं। चुनाव का पर्व भूमाफियाओं और बीएमसी अधिकारियों के लिए अवैध निर्माण का सुनहरा मौका देता है कालाधन अर्जित करने का। पत्रकार अपनी भूमिका निभाते हैं। फोटो सहित गैरकानूनी निर्माण की घटना प्रकाशित करते हैं। बीएमसी आयुक्त, शहरी विकास मंत्री सहित सभी जिम्मेदार चुप रहते हैं। कोई कार्रवाई नहीं होती। अवैध निर्माण में पुलिस, विधायक, सांसद और कार्पोरेटरों का भी सहयोग होता है। सभी अपने हिस्से का कमीशन लेकर अनदेखा अनसुना कर देते हैं। Global Warming

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    Global Warming News

    अहमदाबाद से लेकर सुदूर साउथ में भी अवैध रूप से जंगल, सरकारी जमीन, चारागाह, तालाब सब पर कब्जा किया जाता है। कुछ समय पूर्व रामटेक की घटना का स्मरण होगा ही। उत्तराखंड में खुद सरकार प्रकृति के विरुद्ध निर्माण कर रही है, जिससे जोशी मठ को खतरा हो गया है। उसका अस्तित्व मिटने की कगार पर है। उत्तराखंड की त्रासदी याद होगी जब नदी की सीमा में चार चार महल के होटल ताश के पत्तों की तरह ढहकर नदी की धार में बह गए थे। Global Warming

    अवैध निर्माण मात्र ग्रामप्रधानों, विधायकों, सांसदों और पुलिस जवाबदेह होती है। उत्तर प्रदेश में जिन माफियाओं के होटल रेस्टोरेंट भव्य अट्टालिकाएं योगी ने बुलडोज कराई उसके गैर कानूनी तरीके से निर्माण के समय कौन कौन अधिकारी, विधायक, सांसद थे उनका पता लगाकर साथ में उनके घर भी बुलडोजर से गिराना चाहिए था लेकिन सरकारें ऐसा नहीं करेंगी। जब कोई संपत्ति ढहाई या तोड़ी जाती है तो देश की संपत्ति का नुकसान होता है। Global Warming

    गैरकानूनी निर्माण ढहाने या तोड़ने की जगह गरीबों का आशियाना और सरकारी दफ्तर बैंक को दे देना चाहिए। सारे बैंक की अपनी बिल्डिंग नहीं है। उनसे भाड़ा सरकार ले सकती थी। यह सकारात्मकता होती लेकिन हमारी सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहां? अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही जिम्मेदार होता है। अवैध निर्माण न गिराकर अधिकारियों विधायकों सांसदों के शीश महल जब्त कर सरकारी उपक्रमों और निर्धन बिना पक्की छत वाले गरीबों को दे देना ही सकारात्मक कदम होगा। Global Warming

    Global Warming,

    धरती के पर्यावरण की रक्षा वृक्ष ही करते हैं।अब अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए वहां झोपड़ियां बनाकर सदियों से रहने और जंगल से ही अपनी रोजी रोटी कमाने वाले गरीबों को क्यों उजाड़ा जाए, एक धनवान के लिए जैसा कि हसदेव जंगल के लाखों पेड़ों को काटकर खत्म किया जा रहा है। याद रहे सुप्रीमकोर्ट ने सही कहा, धरती सिर्फ मनुष्यों के लिए नहीं हैं। यहां विभिन्न तरह के पशु पक्षी और अन्य जीव भी रहते हैं। वे जंगल और खाली जमीन पर ही आश्रित रहते हैं। पहले लोग अपने धोर लेकर सुबह जंगल जाते थे। पशुओं को जंगल में चारा मिलता है। चारागाह खत्म पशुओं का चारा खत्म। Global Warming

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    क्या हर बात के लिए हम न्यायालयों पर ही आश्रित रहें? शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं है। अवैध निर्माण के लिए राजनीति का वोट बैंक प्रमुख होता है। इसीलिए जासंबिखकार अवैध निर्माण कराए जाते हैं।जैसे लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही बीएमसी के जिम्मेदार भूमाफियाओं से साठ गांठ कर उनसे करोड़ों रुपए वसूली कर अपने सरकारी आकाओं तक पहुंचाते रहते हैं जिससे कभी अवैध बांधकाम नहीं टूटते।

  • कैसे होंगे देश के सांसद ..? Election 2024

    कैसे होंगे देश के सांसद ..? Election 2024

    • ए.डी.आर. की रिपोर्ट…!
    • कैसी राजनीति बना दी गयी है भारत की..!
    • अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के…!
    • दुर्भाग्य ही है यह..! कौन कहेगा भारत…

    सुरेंद्र राजभर/ मंसूर शेख
    मुंबई-
    ए.डी.आर. की रिपोर्ट पढ़ने पर सिंगापुर के प्रधानमंत्री का संसद में दिया गया भाषण अक्षरशः सत्य प्रमाणित होता है। उन्होंने कहा था, नेहरू के देश में संसद अपराधियों का गढ़ बन गया है। कैसी राजनीति बना दी गई है भारत की जिसमें अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के होते चले आ रहे हैं। देश का दुर्भाग्य ही है यह। कौन कहेगा भारत राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर जैन और सिख गुरुओं का है? कौन कहेगा संतों, ऋषियों, महर्षियों, ज्ञानियों, विज्ञानियों का देश है यह भारत? स्वार्थलिप सत्तासुख भोग करने, देश को लूटने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल अपराधियों को टिकट देंगे। कौन कह सकता है यह वही देश है जहां वेद, शास्त्र, उपनिषद, पुराण लिखे गए? कौन कहेगा कि दुनिया को अशिक्षा के अंधकार से निकालने के लिए ज्ञान विज्ञान का परिचय देने वाला देश है भारत? कौन कहेगा कि यही वह पवित्र भारत की भूमि है जहां गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन का व्यामोह दूर कर कर्तव्य पथ पर लाने के लिए ज्ञान दिया था? कौन कहेगा कि आज का भारत ही सीता, सावित्री, अनुसूया, गार्गी जैसी सती नारियों का देश है? कौन कहेगा आजादी के लिए आंदोलन करने वाले सत्य, अहिंसा के पुजारी गांधी जैसे महात्मा का यह देश है? कौन कहेगा यह अमर क्रांतिकारियों सुभाषचंद्र बोस, शहीदे आजम भगत सिंह, लाहिरी, चंद्रशेखर आजाद, रोशन सिंह, असफाक उलाह खान और सरहदी गांधी का यह देश है? कौन कहेगा रामायण के अमर गायक महर्षि बाल्मीकि, रामचरित मानस के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास, रघुवंशम महाकाव्य के महाकवि कालीदास, मीरा, सुर जायसी, कबीर, रहीम, संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम की धरती है यह? कौन कहेगा आजादी की मशाल जलाने वाले, अंग्रेज की छाती में बंदूक की गोलियां उतारने वाले मंगल पांडेय का भारत है यह? कौन कहेगा गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर और वंदे मातरम के गायक बंकिम चंद्र की तपोभूमि है भारत?

    शर्म आती है आधुनिक राजनीति में…!

    आधुनिक राजनीति में अपराधियों के राजनीतीकरण करने पर शर्म आती है। उन्हें माननीय बनाने पर, कोफ्त होती है देश की नासमझ जनता की सोच पर जो सच्चे और झूठे, साधु और शैतान, सज्जन और दुर्जन में अंतर न कर पाने की मूढ़ स्थिति पर। कौन कहता है भारत का लोकतंत्र परिपक्व हो चुका है? देश की जनता जागरूक हो चुकी है? वह अपना हित अहित सोच ही नहीं सकती!

    गलती जनता की है जो मुट्ठीभर अन्न और चंद सिक्कों के बदले अपना अमूल्य वोट बेच देती है…! अनपढ़ जनता भेड़ की तरह झुंड, विवेकहीन होती है। तभी अपात्र नेता चुनती और भोगती है। दरअसल पार्टियों में इतना अधिक सत्तामोह है कि कोई भी दागी प्रत्याशी को खड़ा करने में परहेज नहीं करता। ऐसे में जनता का दायित्व है दलबदलु अपराधी और धनवान लोगों को वोट ही न दें।

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    ए डी आर की रिपोर्ट..

    पहले फेज का चुनाव 19 अप्रैल को है जिसमें 19 राज्यों के 102 सीटों पर चुनाव होंगे।
    ए डी आर की रिपोर्ट के अनुसार कुल 102 सीटों के लिए 1618 उम्मीदवार खड़े हैं। जिनमें 16% यानी 252 प्रत्याशियों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। जिसमें हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे संगीन मामले हैं। 19 ऐसे हैं जिन पर हत्या की कोशिश। 15 पर महिलाओं के साथ रेप और 35 पर भड़काऊ भाषण देकर देश में दंगे फैलाने की कोशिश के मामले दर्ज हैं। अपराधी मानसिकता के लोगों को टिकट देने में कोई भी दल पीछे नहीं है। क्योंकि उनकी जीत 200% पक्की मानी जाती है। जिनमे ए आई डी एम के ने 36% , बी एस पी ने 13% , आर एल डी ने 100% , टी एम सी ने 40% , कांग्रेस ने 34% , डी एम के ने 59% , एस पी ने 43% , बी जे पी ने 36% अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को टिकट दिए हैं। ऐसे कुल केवल एक फेज में 1625 लोग हैं जिनमें 28% धनवान भी शामिल हैं। 10% लोगों पर गंभीर अपराध, और 42 सीटें तो ऐसी हैं जहां तीन और इससे अधिक दागी उम्मीदवार खड़े हैं। 7 हत्या के मामले 19 हत्या की कोशिश और 15 तो ऐसे हैं जिन्हें कोर्ट दोषी करार दे चुका है।

    सांसद,

    याद हो कि सुप्रीमकोर्ट ने दागी या आपराधिक मामलों में लिप्त उम्मीदवार बनाए जाने पर रोक लगाने के लिए संसद से कानून बनाने को कहा था, लेकिन सत्ता लोलूप दलों ने कानून नहीं बनाया। जनता को सोचना और निर्णय करना होगा कि पहले फेज में जब इतने अपराधी उम्मीदवार खड़े हैं तो शेष छः में कितने होंगे और अगर ये चुनकर सांसद के तौर पर संसद में पहुंचे तो कैसा और किसके भले का कानून बनाएंगे? याद रहे कि अपराधी और धनवान जनता की समस्याओं पर सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें डर लगता रहेगा कि सवाल पूछा तो एन आई ए, आई टी, सी बी आई और ई डी जैसी सरकारी एजेंसियां उनके पीछे लगा दी जाएगी। जिससे उनकी काली कमाई का कच्चा चिट्ठा खुल जायेगा और वे संसद की जगह जेल में होंगे।

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    कैसे करें जनता अपने सांसद का चयन ?

    इन्हीं अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के माननीय बनने से ही उनसे संबंधित गुर्गों सहित लाखों केस कोर्ट में पेंडिंग पड़े रहते हैं। जिसमें दोष न्यायालयों का दिया जाता है। कारण चुनाव जीत कर वह जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला माननीय सांसद बन चुका होगा।
    आप लोगों से हम कहना चाहते हैं, कि “हे जनता जनार्दन अपना और अपने देश का भविष्य तुम्हें अपने एक वोट से लिखना है। ऐसे दागी और धनवान लोग ही नहीं दलबदलुओं की जमानत जब्त कराकर उन्हें उनकी सही जगह जेल में भेजें। इसी में जनता और राष्ट्र का भला होगा।”

  • विरार में सीवेज प्लांट की सफाई कर रहे चार लोगों की दम घुटने से मौत

    विरार में सीवेज प्लांट की सफाई कर रहे चार लोगों की दम घुटने से मौत

    महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में जहरीली गैस के कारण चार लोगों की मौत से मातम का माहौल फैल गया है। चारो सफाई कर्मचारी बीना सेफ्टी उपकरणों के सीवेज प्लांट में सफाई करने उतर गए थे।

    आसिफ अंसारी
    महाराष्ट्र/पालघर: 
    मुंबई से सटे पालघर जिले के विरार में एक आवासीय टाउनशिप के भीतर एक निजी सीवेज प्लांट की सफाई करते समय कथित तौर पर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई है। दो अन्य कर्मचारी जो उन्हें ढूंढने के लिए प्लांट के पास गए, उन्होंने बेचैनी की शिकायत पर इलाज की जरूरत पड़ी। घटना के बाद, रखरखाव एजेंसी के पर्यवेक्षक महादेव कुपाटे के लापरवाही से मौत के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मरने वालों की उम्र 24 से 30 साल के आसपास बताई जा रही है।

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    विरार में दम घुटने से 4 लोगों की मौत

    प्रारंभिक जांच से पता चला कि सभी कर्मचारी वसई के रहने वाले थे और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवेज प्लांट में प्रवेश कर गए थे। बता दें कि यहां सीवेज को साफ किया जाता है ताकि यह पर्यावरण के लिए हानिकारक या खतरनाक न हो। लेकिन सफाई के समय जहरीली गैस से चार लोगों की मौत ने इलाके मे मातम का माहौल फैल गया है।

    विरार,

    मिली जानकारी के मुताबिक, अर्नाला पुलिस और वसई-विरार नगर निगम के अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से शवों को निकाला। मृतकों की पहचान 28 वर्षीय शुभम पारकर, 27 वर्षीय अमोल गथल, 24 वर्षीय निखिल गथल और 29 वर्षीय सागर तेंदुलकर के रूप में की गई, जिन्होंने अस्पताल पहुंचने पर दम तोड़ दिया। मौके से बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है और पुलिस घटना की जांच कर रही है।

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  • सरकारी दस्तावेजों का नकली ऑनलाईन पोर्टल के साथ एक गिरफ्तार

    सरकारी दस्तावेजों का नकली ऑनलाईन पोर्टल के साथ एक गिरफ्तार

    • मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में ऑनलाईन पोर्टल के जरिए भारतीत मतदान कार्ड, पॅनकार्ड, आधारकार्ड, रेशनकार्ड बनाने वाले नकली सेंटर का खुलासा
    • बताता अपने आप को मालवनी पुलिस का खासमखास
    • सरकारी दस्तावेजों का नकली ऑनलाईन पोर्टल

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में ऑनलाइन पोर्टल के जरिए नकली सरकारी दस्तावेज तैयार किए जाने का खुलासा हुआ है। बताया जाता है कि गिरफ्तार 30 वर्षीय आरोपी मोहसीन मोहमद रफी शेख खुद को मालवनी पुलिस का खासमखास बताया करता था और मालवनी पुलिस थाने के पूर्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शेखर भालेराव के साथ अपनी तस्वीर खिंच कर दिवार पर टांग रखी थी। (Mumbai Malad Malvani Aadhar Card Center Crime News)

    मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव ने बताया, कि एम.एस. कन्सलटंट, शॉप न.381, गायकवाडनगर, मालवनी मे बनावटी सरकारी दस्तावेज बनाकर उसके एवज में पैसे लेने की सूचना मिली थी। सहायक पुलिस निरीक्षक निलेश साळुंखे की निगरानी में छापा मारा गया तो वहां ऑनलाइन पोर्टल के जरिए नकली सरकारी दस्तावेज बनाते हुए आरोपी को देखा गया। (Mumbai Malad Malvani Aadhar Card Center Crime News)

    सरकारी,
    मालवनी पुलिस स्टेशन के पूर्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शेखर भालेराव के साथ नकली सरकारी दस्तावेजों के मामले में गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर

    सरकारी दस्तावेजों का नकली ऑनलाईन पोर्टल

    पुलिस ने बताया कि पंचों के समक्ष पोर्टल की जांच की गई तो पाया गया कि आरोपी मतदान कार्ड, पेनकार्ड, आधारकार्ड, रेशनकार्ड, ड्रायव्हिंग लायसन्स, आयुशमान कार्ड आदी भारतीय नकली सरकारी दस्तावेज बनाने के लिए पेड़ एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर रहा था। उस एप्लीकेशन की जांच मे देखा गया कि एप्लीकेशन के भीतर जाकर नकली जानकारी भरकर आने वाले बारकोड स्कैन कर पैसों का पेमेंट करने पर एप्लीकेशन मे टाईप की हुई जानकारी के मुताबिक सरकारी आधार कार्ड, पेनकार्ड, राशनकार्ड, मतदान पहचान पत्र, ड्रायव्हिंग लायसन्स, आयुशमान कार्ड आदी बनकर तैयार हो जाता है। (Mumbai Malad Malvani Aadhar Card Center Crime News)

    Indian Fasttrack News Network

    मालवनी पुलिस थाने में गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 476/2024 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465, 467, 468 471 के तहत मामला दर्ज मौके से एक कम्प्यूटर, किबोर्ड, माउस, प्रिंटर, राउटर और बनावटी सरकारी दस्तावेजों के साथ मालवनी, म्हाडा के रहने वाले 30 वर्षीय आरोपी मोहसीन मोहमद रफी शेख को गिरफ्तार किया गया है। मामले और भी गिरफ्तार की आशंका के साथ मालवनी पुलिस तहकीकात कर रही है। (Mumbai Malad Malvani Aadhar Card Center Crime News)

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  • लाखों की रिश्वत से बन रहा है अवैध निर्माण

    लाखों की रिश्वत से बन रहा है अवैध निर्माण

    गोरेगांव पूर्व इलाके में लाखों रूपये की रिश्वत लेकर मनपा पी/दक्षिण विभाग के अधिकारी अवैध निर्माण करा रहे हैं। देखें पहले और अब की तस्वीर ..

    मन्सूर शेख
    मुंबई-
    गोरेगांव मनपा पी/ दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव की देखरेख में गोरेगांव मुलुंड लिंक रोड़, सहारा होटल के पास, वार्ड क्रमांक 51, गोरेगांव (पूर्व) स्थित लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट का अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसकी लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध निर्माण को नज़रंदाज़ करना मनपा अधिकारियों के भ्रष्टाचार को यहां खुले में उजागर कर रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

    लाखों रूपये की रिश्वत ..

    बता दें कि “मोबील वन कार केयर शोप” का मालिक लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट में अपने कमर्शियल गाले को मनपा की अनुमति लिए बिना और नाही किसी जानकार इंजीनियर की देखरेख में, खुद ही कडीया, बेगारी लगाकर एक महले का अवैध निर्माण कर रहा है। यहां घटिया बिल्डिंग मटेरियल की जानकारी मनपा अधिकारियों को दी जा रही है। लेकिन मनपा अधिकारियों द्वारा नज़रंदाज़ किए जाने से शिकायतकर्ताओं द्वारा रिश्वत खोरी का गुमान लगाया जा रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

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    क्या होना चाहिए?

    आप को जानकारी देते हुए बता दें, कि ऐसे अवैध निर्माणों पर मनपा नियमानुसार स्टॉप वर्क नोटिस जारी कर 24 घंटो के भीतर तोड़क कार्यवाही की जानी चाहिए और तोड़क कार्यवाही में सरकारी यंत्रणा को आए खर्च के पैसे अवैध निर्माणकर्ता से वसूले जाने चाहिए। लेकिन मनपा पी/दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव, इमारत बांध काम विभाग के सहायक अभियंता अमोल बोंमने और एरिया मुकादम जय रिश्वत के लाखों रूपये लेकर शांत बैठ गए हैं। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

    रिश्वत,
    अवैध निर्माण की तस्वीर

    क्या है कानून?

    सरकारी फरमान के मुताबिक, किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर कार्यवाही नही करने की स्थिति में वार्ड के सहायक आयुक्त को दोषी ठहराया जाने और दंडित किये जाने का प्रावधान है। तब पर भी सहायक आयुक्त संजय जाधव द्वारा द्वारा शिकायतों पर ध्यान नही देना उनके भ्रष्ट होने का सबूत पेश करती है। यह भी बता दें कि इन अवैध निर्माणों के चलते हमेशा से ही मुंबईकर हादसे का शिकार होते रहते हैं। जिसपर कार्यवाही करना इन मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है। इस कार्य के एवज़ मे जनता के पैसों से इनको पगार दिया जाता है। लेकिन भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी इमानदारी की पगार के साथ रिश्वतखोरी भी करना चाहते हैं। ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी को तुरंत पद से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

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  • आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    • मोदी कराएंगे अपनी मर्जी का चुनाव।
    • मोदी के सामने आरएसएस हुआ बौना।
    • चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?

    आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    Indian Fasttrack News Network

    एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस,
    आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)

  • इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल।

    इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल।

    • इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल सामने आते शुरू हुआ देश में राजनैतिक भूचाल।
    • कौन से दल ने कितना किया झोल?
    • रिपोर्ट अभी और बाकी है..
    • Electoral Bond Indian Government Political News

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    हम भारतीय अपने जहन में कई वर्षो से लगातार एक जटिल समस्या का हल ढूंढ रहे है और वह जटिल समस्या यह है, कि इंसान अंततः भ्रस्ट क्यों हो रहा है? जबकि हमारे भारतीय समाज में भ्रस्टाचार के वर्चस्व का एक नया स्तंभ स्थापित हो चुका है और हमने इसमें ज्ञान, दौलत और हिंसा की एक ऐसी मिसाल इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे को खड़ी कर दी है, जो भ्रस्टाचार और सत्ता के मध्य अटुट और अतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है।

    हालांकि यह सत्ता विमर्श एक गंभीर जिरह की मांग करता है, जो सामाजिक विकास कार्य में अवरुद्ध करने वाला घटक के रूप में साबित हो रहा है, जो एक भ्रस्ट आचरण की पहचान है। जिसकी हमें घोर निंदा की जानी चाहिए।
    अब ऐसे में पिछले पांच वर्षों में कंपनियों ने अपने फ़ायदे के लिए सरकार को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए कितना पैसा दिया यह पूरी तरह से अभी खुला नहीं है। घाघ लोगों का खुलासा एस बी आई ने नहीं किया। पांच वर्षों में किस कंपनी ने कितना चंदा दिया?

    Indian Fasttrack Political News

    ‘बिजनेस टाइम्स’ मैगज़ीन में छपी खबर के अनुसार भारती एयरटेल में 241 करोड़, तता स्टील ने 175 करोड़, एल एन्ड टी ने 85 करोड़, महेंद्रा एन्ड महिंद्रा ने 39 करोड़, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 23 करोड़, बजाज फाईनैंस ने 20 करोड़, मारुति सुज़ुकी ने 20 करोड़, टेक एम ने 15 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे। बीजेपी को पिछले दो वर्षों में यानी 2019 में 216.9 करोड़, 2023/24 में 296.12 करोड़ मिले। जबकि कांग्रेस को 2019 में मात्र 15.85 करोड़ और 2023/24 में 81.1 करोड़ मिले। इसके साथ ही दूसरे दलों को 2019 में 4.55 करोड़ और 2023/24 में 33 करोड़ मिले।

    किसने कितने खरीदे इलेक्टोरल बॉन्ड ?

    पिछले पांच साल इलेक्टोरल बॉन्ड में कितने पैसे मिले हैं इसपर नज़र डालें तो पता चलता है, कि 2019 में 237 करोड़ , 2020 में 46 करोड़, 2021 में 40 करोड़ रुपए मिले। जबकि 2022 में 563 करोड़ और 2023 में 347 करोड़ के साथ दो वर्षों का भारी उछाल देखने को मिला। 2024 में सिर्फ 65 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए।

    इलेक्टोरल बॉन्ड,

    कांग्रेस के चारों एकाउंट आई टी ने फ्रीज किए हैं। इसलिए सुप्रीमकोर्ट द्वारा गैरकानूनी गैरसंवैधानिक बताए जाने पर बीजेपी के भी खाते सीज करने की मांग की ज़ा रही है। यही न्याय का तकाज़ा भी है।
    प्रकाशित खबर के मुताबिक, फ्यूचर जेमिंग कंपनी द्वारा 149 करोड़ 2020 में, 324 करोड़ 2021 में, 440 करोड़ 2022 में, 321 करोड़ 2023 में और 2024 में 63 करोड़ क्षेत्रीय दलो जिसमें डी एम के, टी एम सी, वाई एस आर कांग्रेस और अन्य को दिए।

    Electoral Bond News

    जबकि 2019 में बीजेपी को 125 करोड़ 2021 में, 33 करोड़ 2022 में, 129 करोड़ और 2023 में, 297 करोड़ रुपये मेघा इंजीनियरिंग ने दिए। क्विक ने भाजपा को 325 करोड़ 2022 में, शिवसेना को 25 करोड़, 2023 में बीजेपी को 50 करोड़ दिए।
    इसके साथ ही लिस्टेड कंपनियों से बीजेपी को 2019 और 2023/24 में 216.9 करोड़ और 298.12 करोड़ रुपए मिले, जबकि कांग्रेस को 15.85 और 81.1 करोड़, अन्य दलों को 4.55 और 33 करोड़ मिले।

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    टॉप 10 डोनर्स के 9.6 करोड़ मूल्य के इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गए। जिनमे फ्यूचर जेमिंग के 3, ई सी एल के 2, पैसिफिया इंडिया के 1.25, सिलवेनस बिल्डर के 1, सी मेकर्तिच के 0.4, वेदांता लिमिटेड के 0.3, सुधा कमर्शियल के 0.3, जुपिटर के 0.25, उत्कल अलमुनियम के 0.2 करोड़ रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गया। अकेले जालान ग्रुप की कंपनी केवेंटर फूडपार्क ने बीजेपी को 144.5, कांग्रेस को 20, अकाली दल को 0.5, यस पी को 10, टी एम सी को 20 करोड़ रुपये दिए।

    जबकि मदनलाल लिमिटेड ने बीजेपी को एकमुश्त 175 करोड़, कांग्रेस को 10 करोड़ और एम के जे ने कांग्रेस को 69.35, आप को 7, टी एम सी को 18.5, बी आर एस को 10, बीजेपी को 12.5, और बी जे डी को 10 करोड़ रुपए दिए। इसके साथ ही एम के जे ने कांग्रेस को 22.25, टी एम सी को 27.4, बीजेपी को 14.07 करोड़ दिए। सस्मल इंफ्रास्ट्रक्चर ने कांग्रेस को 39 करोड़ और बीजेपी को 5 करोड़ दिए।

  • मालाड़ BMC का चाईना मुकादम मालवनी इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है।

    मालाड़ BMC का चाईना मुकादम मालवनी इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है।

    बताया जाता है कि मार खाने के बाद से मालाड़ BMC मालवनी का चाईना मुकादम इमानदार हो गया है। वार्ड क्रमांक 33 में 8 जगहों पर दिन दहाड़े अवैध निर्माण।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में अवैध निर्माणों की भरमार हो रही है। मलबे में दबकर लोगों की मौत के बाद भी यहां अवैध निर्माण को बे-रोक-टोक अंजाम दिया जा रहा है। खास कर वार्ड क्रमांक 33 में 7 जगहों पर खाली पड़ी भूखंड पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रिझवान कंपाउंड के ग्राउंड प्लस एक के अवैध निर्माण की लगातार शिकायतों के बाद भी मनपा सहायक अभियंता सागर राणे की ड्यूटी नकारात्मक साबित हो रही है।

    बताया जाता है कि मालवनी वार्ड क्रमांक 33 का मनपा चाईना मुकादम इस्तेखार और राधे यादव इन अवैध बांधकामों को पैसे लेकर संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। खबर के मुताबिक चाईना मुकादम इस्तेखार एक अवैध निर्माण की मनपा कर्मचारियों द्वारा तोड़क कार्रवाई में मार खाने के बाद से इमानदार हो गया है। यहां पैसे लेकर अवैध बांधकाम को संरक्षण देने का वादा किया गया था। लेकिन मनपा अधिकारियों को पैसे नहीं पहुंचाने की वजह से तोड़क दस्ते ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सरे आम इस्तेखार को पिटना शुरू कर दिया।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/19/malvani-police-is-cleaning

    अवैध निर्माणों की रिपोर्ट ..

    मालवनी वार्ड क्रमांक 33 आज़मी नगर संत. मेथ्यूस इंग्लिश स्कूल के पास लगभग 3 हज़ार स्क्वायर फीट की रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर महबूब द्वारा व्यवसायिक गाले का अवैध निर्माण किया जा रहा है। वहीं खारोडी इलाके के हनुमान मंदिर के पास अदालत कंपाउंड की रिक्त भूखंड पर लगभग 4 हज़ार स्क्वायर फीट में अवैध निर्माण का बांधकाम अवैध कॉन्ट्रैक्टर अदालत द्वारा किया जा रहा है। वहीं खारोडी के काल भैरव मंदिर और गावदेवी मंदिर के पीछे, साई श्रद्धा सोसायटी, फैय्याज की गली में रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर बबलू वेल्डर द्वारा ग्राउंड प्लस दो के 2 रूमों का अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही कॉन्ट्रैक्टर विजय जगताप द्वारा राठोडी के ‘अंबेवाडी रहिवासी वेल्फेयर सोसायटी’ में रिक्त भूखंड पर एक अवैध रुम का अवैध बांधकाम कर रहा है। वहीं राठोडी गांव के ओमजी कंपाउंड 16 फिट रोड़ पर पूर्णिमा इलेक्ट्रॉनिक्स के सामने कॉन्ट्रैक्टर ख़ैरियत अली द्वारा एनडी जोन वाली लगभग 600 स्क्वायर फीट जमीन पर 3 रूमों का अवैध बांधकाम कर रहा है। इसके साथ ही राठोडी गांव स्थित ओमजी रिझवान कंपाउंड के ‘ओम विनायक वेलफेयर सोसायटी’ में ग्राउंड प्लस एक महले का अवैध निर्माण किया जा रहा है।

    चाईना, मुकदमा,
    मालाड़ पी/उत्तर विभाग के दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल की अवैध निर्माण के साथ फाइल तस्वीर

    एक नही दो-दो चाईना मुकादम ..

    बता दें कि यह सारे अवैध निर्माण मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत वार्ड क्रमांक 33 में बे-रोक-टोक चाईना मुकादम के अंडरगाईडेंस में किया जा रहा है। मनपा पी/उत्तर विभाग, इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता सागर राणे से लगातार इन अवैध निर्माणों के खिलाफ शिकायतें की जा रही है। वार्ड के मनपा दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल और मुकादम हेनराय गोनसल्वीस रिश्वत खोरी के दाग से बचने के लिए, निजी स्तर पर वार्ड मे इस्तेखार और राधे यादव को चाईना मुकादम के तौर पर नियुक्त किया है। आप को यह भी बता दें कि अवैध निर्माण के इस लेन देन में लाखों रुपयों का खेल चलता है। कभी पकड़े गए तो सरकारी नौकरी गवांनी पड़ सकती है। लेकिन वार्ड में नियुक्त ये दोनों चाईना मुकादम मनपा सहायक अभियंता सागर राणे और दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल के साथ- साथ वार्ड के मुकादम हेनराय गोनसल्वीस के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

    अवैध निर्माण की शुरूआत से पूरा होने तक यहां मनपा के अधिकारी पैसों को हाथ तक नहीं लगाते, सारा लेन देन इन चाईना मुकादमों द्वारा अवैध निर्माणकर्ताओं और मकान मालिकों से किया जाता है। कुछ हफ़्तों बाद जब मामला सलट जाता है। तब, मनपा अधिकारियों द्वारा इन मुकादमों से पूराने पैसों की डिमांड की जाती है। इससे भ्रष्टाचार में उनके फसने का खतरा कम हो जाता है। ऐसे ही एक मामले में इस्तेखार द्वारा पैसे गबन किए जाने के बाद पूर्व मनपा अधिकारियों ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इससे गुस्साए पीड़ितों ने प्रशासन के सामने ही चाईना मुकादम की पिटाई कर दी। लेकिन इस घटना के बाद से इस्तेखार सुधार चुका है। मनपा अधिकारियों और कर्मचारियों के रिश्वत के पैसे अपने बैंक के खातों मे संभाल कर रखता है और समय पर पेमेंट पूरा भी करता है। इसीलिए इस्तेखार और राधे यादव द्वारा संरक्षित अवैध निर्माणों पर तोड़क कार्रवाई नही होती।

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  • मालाड़ में दो सफाई कर्मचारियों की टैंक में उतरने से मौत

    मालाड़ में दो सफाई कर्मचारियों की टैंक में उतरने से मौत

    • हाथ से मैला ढोना एक दंडनीय अपराध है।
    • बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने जारी किया शोकाज नोटिस।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मलाड पश्चिम के मालवानी इलाके में एक सेप्टिक टैंक में 18 वर्षीय सूरज केवट और 20 वर्षीय बिकास केवट नामक दो सफाई कर्मचारियों की जान चली जाने के एक दिन बाद, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित टैंक को मैन्युअल रूप से साफ करने के लिए उसमें उतरे थे। मनपा (BMC) ने टैंक से जुड़े सार्वजनिक शौचालय की देखरेख और रखरखाव में शामिल निजी एजेंसियों को भी कारण बताओ नोटिस भेजा है।

    भारतीय हाथ से मैला ढोना (manual scavenging) 2013 में पारित अधिनियम के अनुसार, कोई भी व्यक्ति या एजेंसी किसी भी व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने के लिए नियुक्त नहीं कर सकती है। कोई भी व्यक्ति या एजेंसी जो एमएस अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन करके किसी भी व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने के काम में लगाती है, वह अधिनियम की धारा 8 के तहत दंडनीय है।

    मालाड़ मे दो की मौत ..

    गुरुवार की शाम, 18 वर्षीय सूरज केवट, 20 वर्षीय बिकास केवट और 45 वर्षीय रामलगन केवट तीन व्यक्ति टैंक से जुड़े सेप्टिक टैंक में घुस गए थे। ये तीनों शौचालय के रखरखाव के लिए ज़िम्मेदार निजी एजेंसी द्वारा नियुक्त सफ़ाई कर्मचारी थे। टैंक में गिरे तीन लोगों में से सूरज और बिकास की मौत हो गई। मनपा (BMC) अधिकारियों ने कहा कि शौचालय का निर्माण 2018 में किया गया था और रखरखाव के लिए इसे एक स्थानीय एजेंसी को सौंप दिया गया था।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/20/gang-that-stole-valuables-from-mobile-tower-arrested

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की रिपोर्ट के मुताबिक, “तीन लोग सार्वजनिक शौचालय में काम कर रहे थे और शौचालय को मैन्युअल रूप से साफ करने के लिए सेप्टिक टैंक परिसर में प्रवेश किया था। सेप्टिक टैंक के अंदर अप्रिय गैसों की होने के कारण, तीन लोगों का दम घुट गया और वे बेहोश पाए गए। उन्हें सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला गया और शताब्दी अस्पताल में ले जाया गया।” रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि परिसर का निरीक्षण करते समय अधिकारियों को जहरीली गंध महसूस हुई और टैंक का ढक्कन खुला पाया गया, जिससे यह अनुमान हुआ कि तीनों पीड़ित इसे साफ करने के लिए टैंक में उतरे होंगे। रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है, कि “चेंबर के बगल में नायलॉन की मोटी रस्सी देखी गई थी जिसका इस्तेमाल पीड़ितों ने टैंक में प्रवेश करने के लिए किया होगा।”

    मालाड़,
    मालाड़ मनपा पी/उत्तर विभाग की फाइल तस्वीर

    मनपा पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त किरण शिवाजीराव दिघवकर ने शुक्रवार को इंडियन फास्ट्रैक को जानकारी देते हुए कहा, कि “मालवणी पुलिस स्टेशन को भी कारण बताओ नोटिस के बारे में सूचित किया गया है। हमने उस एजेंसी को नोटिस जारी किया है जो शौचालय की देखभाल कर रही थी। हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं और अगर हमें उनका जवाब असंतोषजनक लगता है, तो हम पुलिस विभाग में आधिकारिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फिलहाल हमने उन्हें अपनी पूछताछ के बारे में सचेत कर दिया है।”

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    घटना गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे की है। जिस सीवर में पीड़ित गिरे थे वह 15 फीट गहरा था और स्थानीय निवासियों और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने पीड़ितों को बाहर निकाला और कांदीवली पश्चिम के शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने सूरज केवट और बिकास केवट मृत घोषित कर दिया रामलगन केवट का इलाज चल रहा है। जिसकी स्थिति अब समान्य है।

  • कॉरपोरेट देता क्यों है चंदा। धंधा है, पर गंदा है।

    कॉरपोरेट देता क्यों है चंदा। धंधा है, पर गंदा है।

    • कॉरपोरेट सत्तारुढ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों है?
    • चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भृस्टाचार का मूल है।
    • Electoral Bond ADR Report

    सुरेंद्र राय
    मुंबई:
    अपने देश में चंदा लेना और देना धंधा है पर बहुत ही गंदा है। कॉरपोरेट का काम है अपना बिजनेस ढंग से चलाना। उसे आगे बढ़ाना। फिर प्रश्न उठता है, कि आखिर कॉरपोरेट राजनीतिक दल विशेष रूप से सत्तारूढ़ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों हैं? क्या सरकार उनपर दबाव डालती है? जैसे तीस कंपनियों के पीछे सी बी आई के छापे डलवाकर दबाव बनाया और साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की प्रोटेक्शन मनी ली गई। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है और साथ ही सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)

    चंदा देश में गंदा काम ..

    चंदा दो। गलत तरीके से काम करते रहो। टैक्स चोरी करते रहों। बस ध्यान रखना चंदा देते रहो। दूसरा पक्ष है सरकार को चंदा दो और सरकार चंदे से कई गुना लाभ कमाने का अवसर देगी। कॉरपोरेट सेक्टर की लगभग पच्चीस लाख करोड़ की बैंक ऋण माफी इसी चंदे के गंदे धंधे का ही परिणाम थी। सुप्रीमकोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को गैर संवैधानिक बताकर गंदे खेल की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। (Electoral Bond ADR Report)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/17/the-first-phase-of-maharashtra-elections-will-be-held-on-april-19-mumbai-on-may-20
    Member of Parliament Election 2024 India

    एस बी आई जो सरकारी बैंक ने चंदे के गंदे धंधे को छुपाने की कोशिश की लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने गर्दन ही मड़ोड दी। कॉर्पोरेट और धनी कर्णवीर जैसा दानी तो होते नहीं। चैरिटी के नाम पर लाल पाई न देने वाले धनवान राजनीतिक दलों को चंदा देते हैं तो वह बिज़नेस में उतनी ही पूंजी लगाते हैं जिसका कई गुना सरकार उन्हें फ़ायदा करती है। यह चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भ्रष्टाचार का मूल है। (Electoral Bond ADR Report)

    किसने कितना दिया चंदा ?

    चंदा देने की बात करें तो फार्मा से 78.7% , खनन से 18.5% , स्टील से 10.0% , टेलिकॉम से 9% , और सिमेंट उद्योग से 6.1% , प्लास्टिक उद्योग से 0.12% , ऑटो सेक्टर से 0.11% , पेट्रोकेमिकल से 0.02% , पेपर से 0.02% , और ई एम जी सी से 0.01% डोनेशन दिए गए। अकेले फ़रवरी 2024 की बात करें तो बीजेपी को 90%, क्षेत्रीय दलों को 58.2% और कांग्रेस को मात्र 24.2% चंदा मिला। अकेले कोलकाता के संस्थानों में हल्दिया एनर्जी ने 337 करोड़, इसेल माइनिंग एंड इंड्रस्ट्रीज ने 224.5 करोड़ , केवेंटर फुडपार्क इन्फ्रा ने 195 करोड़ , मदनलाल ने 185 करोड़ , और एम के जे इंटरप्राइज में 128 करोड़ रुपए चंदा दिया है। (Electoral Bond ADR Report)

    Electoral Bond ADR Report

    चंदा, Electoral Bond,

    चंदा देने के तरीके भी मजेदार हैं। जैसा कि बॉन्ड खरीदने वालों ने अपने यहां इंट्री की है। वेदांता लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 123 करोड़ और फ़रवरी 24 में 155 करोड़ दिए। भारतीय एयरटेल ने दूसरे व्यय दिखाकर फ़रवरी 23 में 102.5 करोड़ और फ़रवरी 24 में मात्र 30 करोड़ दिए। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 13 करोड़ और फ़रवरी 24 में 25 करोड़ दिए। सिप्ला लिमिटेड ने मिसलेनियस खर्च दिखाकर फ़रवरी 23 में कुछ नहीं तो फ़रवरी 24 में 24.2 करोड़ चंदा दिया। (Electoral Bond ADR Report)

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    टोरेंट पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 27.5 और फ़रवरी 24 में 23 करोड़ दिए। अरबिंदो फार्मा लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 5.5 करोड़ जबकि फ़रवरी 24 में 21.5 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। द रामको सिमेंट ने सीधे सीधे डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 24 में 20 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड ने बॉन्ड नहीं लेकर लिगल तरीके से अंडर सेक्सन 182 ऑफ कंपनीज एक्ट 2023 के अनुसार फ़रवरी 24 में 20 करोड़ सीधे सीधे डोनेशन दिया। कॉमेंट सेल्टर से 233 करोड़ के बॉन्ड लिए गए जिसमें वेदान्त और आदित्य बिरला ग्रुप टॉप पर रहा। (Electoral Bond ADR Report)

    सोचने की बात यह है कि सत्ता दल को करोड़ों रूपए बॉन्ड के द्वारा देने पर फ़रवरी 23 और फ़रवरी 24 में उनकी बैलेंस सीट में कितनी वृद्धि और फ़ायदा मिला। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत के अलावा सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)