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  • साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    भारत सरकार का सीईआरटी-इन नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करने की सलाह दे रहा है। जानें कैसे बचे मालवेयर और बॉटनेट से। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    आज के डिजिटल दौर में हर कोई इंटरनेट और स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हैकर्स अक्सर बॉटनेट (Botnet) और मालवेयर (Malware) के जरिए लोगों के मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिवाइस पर हमला करते हैं। ऐसे हमलों से न केवल आपकी पर्सनल जानकारी चोरी हो सकती है, बल्कि बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी जानकारियां भी खतरे में पड़ जाती हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करने वाली सीईआरटी-इन (CERT-In) यानी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने आम जनता के लिए खास पहल की है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    सीईआरटी-इन का “फ्री बॉट रिमूवल टूल”

    सीईआरटी-इन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.csk.gov.in से “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करें। यह टूल खास तौर पर ऐसे सॉफ़्टवेयर और प्रोग्राम को पहचानता है जो आपके डिवाइस को संक्रमित कर सकते हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इस टूल की मदद से –

    • आपके कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद हानिकारक बॉटनेट को हटाया जा सकता है।
    • डिवाइस की सिक्योरिटी को मजबूत बनाया जा सकता है।
    • ऑनलाइन लेन-देन और पर्सनल डाटा को चोरी होने से बचाया जा सकता है।

    बॉटनेट और मालवेयर क्या हैं?

    बॉटनेट ऐसे संक्रमित डिवाइसों का नेटवर्क होता है जिसे साइबर अपराधी कंट्रोल करते हैं। एक बार डिवाइस संक्रमित हो जाए, तो उसे रिमोटली इस्तेमाल कर स्पैम ईमेल भेजने, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने या बड़े स्तर पर साइबर अटैक करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
    मालवेयर यानी हानिकारक सॉफ़्टवेयर आपके डिवाइस में घुसकर आपकी जानकारी चुरा सकता है या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    कैसे बचें साइबर हमलों से?

    सीईआरटी-इन और दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को कुछ आसान साइबर सुरक्षा टिप्स भी दिए हैं:

    1. फ्री बॉट रिमूवल टूल ज़रूर डाउनलोड करें।
    2. अपने मोबाइल और कंप्यूटर में हमेशा एंटीवायरस अपडेट रखें।
    3. अनजान लिंक या संदिग्ध ईमेल पर क्लिक करने से बचें।
    4. डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग ऐप्स में हमेशा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
    5. समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें और स्ट्रॉन्ग पासवर्ड रखें।

    क्यों है जरूरी यह टूल?

    मुंबई जैसे बड़े शहरों में रोज़ हजारों लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं। साइबर फ्रॉड के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में कई मामलों में देखा गया कि लोगों के डिवाइस पर मालवेयर अटैक हुआ और उनकी बैंक अकाउंट डिटेल्स चोरी हो गईं। ऐसे में यह टूल हर नागरिक के लिए बेहद जरूरी है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    नतीजा

    भारत सरकार की यह पहल आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि हर कोई इस फ्री बॉट रिमूवल टूल को डाउनलोड कर लेता है और बुनियादी सावधानियां बरतता है, तो न केवल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रहेगा बल्कि देश की साइबर सुरक्षा भी मजबूत होगी। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

  • रूसी तेल से भारत को सिर्फ 2.5 अरब डॉलर का फायदा

    रूसी तेल से भारत को सिर्फ 2.5 अरब डॉलर का फायदा

    CLSA रिपोर्ट के अनुसार भारत को रूसी तेल से केवल 2.5 अरब डॉलर का वार्षिक लाभ हुआ। आयात बंद करने पर तेल \$100 तक जा सकता है। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    नई दिल्ली: रूस से आयातित सस्ते तेल को लेकर भारत की “बड़ी कमाई” की जो बातें कही जा रही थीं, वो अब गलत साबित हो रही हैं। ब्रोकरेज हाउस CLSA की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को रूसी तेल आयात से सालाना फायदा सिर्फ 2.5 अरब डॉलर (लगभग 0.6% GDP) का हुआ है, जबकि मीडिया में अनुमान 10 से 25 अरब डॉलर तक लगाए जा रहे थे। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    आयात बंद हुआ तो तेल \$100 तक जा सकता है

    रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर भारत रूसी तेल का आयात बंद करता है, तो वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और यहाँ की मांग को पूरा करने के लिए सीमित विकल्प ही उपलब्ध हैं। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    रूस से आयात 1% से बढ़कर 40%

    यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने तेल पर भारी डिस्काउंट देना शुरू किया। पश्चिमी देशों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया तो भारत और चीन ने आयात तेजी से बढ़ा दिया। भारत का रूसी तेल आयात 2021 से पहले 1% से भी कम था, जो अब कुल आयात का लगभग 36–40% हो गया है। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    भारत हर दिन लगभग 5.4 मिलियन बैरल तेल आयात करता है, जिसमें से 1.8 मिलियन बैरल रूस से आता है। इसके बाद इराक (20%), सऊदी अरब (14%), यूएई (9%) और अमेरिका (4%) भारत के बड़े सप्लायर हैं। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    असली डिस्काउंट कम हो गया

    CLSA का कहना है कि भले ही रूस का “हेडलाइन डिस्काउंट” बहुत बड़ा लगता है, लेकिन असल में भारत को मिला फायदा बेहद सीमित है। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    • FY24 में औसत डिस्काउंट \$8.5 प्रति बैरल था।
    • FY25 में यह घटकर \$3-5 प्रति बैरल रह गया।
    • हाल के महीनों में तो डिस्काउंट और घटकर सिर्फ \$1.5 प्रति बैरल तक आ गया है।

    यानी कुल मिलाकर वार्षिक फायदा अब 1 अरब डॉलर तक सीमित हो सकता है।

    रिफाइनिंग और गुणवत्ता की चुनौती

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रूसी तेल की गुणवत्ता कम होती है। इसलिए रिफाइनरियों को इसके साथ उच्च गुणवत्ता वाला महंगा तेल भी मिलाना पड़ता है। यही वजह है कि भारत के आयात डेटा में कोई बड़ा लाभ साफ तौर पर नहीं दिख रहा। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    राजनीतिक मुद्दा भी बना रूसी तेल

    भारत ने साफ किया है कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं कर रहा क्योंकि रूसी तेल पर सीधे प्रतिबंध नहीं हैं। अमेरिका और यूरोप ने केवल कुछ शर्तों के साथ मूल्य सीमा तय की है। भारत ने हमेशा कहा है कि ऊर्जा सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है और वह अपनी जरूरतों के हिसाब से निर्णय लेगा। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    वैश्विक महंगाई पर असर

    CLSA ने माना कि भारत का रूसी तेल आयात न केवल उसकी अर्थव्यवस्था को सस्ते ऊर्जा विकल्प देता है बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी तेल की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद करता है। अगर भारत आयात रोक दे, तो आपूर्ति में कमी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई और भी बढ़ सकती है। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

  • मनोज जारंगे आंदोलन को मिला विधायकों और सांसदों का समर्थन

    मनोज जारंगे आंदोलन को मिला विधायकों और सांसदों का समर्थन

    मराठा आरक्षण आंदोलन में मनोज जारंगे पाटिल को विधायकों और सांसदों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। मुंबई की ओर रैली से सरकार पर दबाव बढ़ा। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    महाराष्ट्र: मराठा आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे मनोज जारंगे पाटिल का आंदोलन अब और तेज़ हो गया है। “चलो मुंबई” के नारे के बाद पूरे महाराष्ट्र में मराठा समाज बड़ी संख्या में उनके साथ खड़ा हो रहा है। खास बात यह है कि पहले चुप रहने वाले विधायक और सांसद अब समर्थन जताने के लिए आगे आने लगे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    जारंगे की यह स्पष्ट चेतावनी कि “जो विधायक और सांसद मराठा समाज के साथ नहीं होंगे, उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी”, नेताओं पर दबाव डालने लगी है। नतीजा यह हुआ कि अब विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि खुले तौर पर जारंगे के आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    बीड जिले से बढ़ा समर्थन

    बीड के विधायक संदीप क्षीरसागर ने अंतरवली सराटी जाकर मनोज जारंगे से मुलाकात की और आंदोलन का समर्थन किया। इतना ही नहीं, वे मराठा युवकों के साथ रैली में भी शामिल हुए। बीड से ही सांसद बजरंग सोनवणे और माजलगांव के विधायक प्रकाश सोलंके ने भी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    वहीं, गेवराई विधायक विजयसिंह पंडित ने पहले ही सोशल मीडिया के जरिए “चलो मुंबई” का आह्वान कर दिया था और निर्वाचन क्षेत्र में बड़े-बड़े बैनर भी लगाए गए थे। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    धाराशिव और अन्य जिलों का रुख

    धाराशिव के विधायक कैलास पाटिल ने फेसबुक पोस्ट कर जारंगे के आंदोलन को जॉइन करने की अपील की है। ओमराजे निंबालकर ने भी सरकार से अपील की है कि मराठा समाज की मांगों को तुरंत सुलझाया जाए। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    राज्य के अन्य हिस्सों में भी नेताओं की ओर से समर्थन मिलने लगा है। एनसीपी (शरद पवार गुट), एनसीपी (अजित पवार गुट), शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और कांग्रेस—all पार्टियों ने आंदोलन को समर्थन दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने भी मराठा समाज की मांगों को जायज़ बताते हुए आंदोलन के पक्ष में आवाज़ उठाई। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    गाँवों से उमड़ा जनसैलाब

    सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, सामाजिक स्तर पर भी आंदोलन को भारी समर्थन मिल रहा है। महाराष्ट्र के अलग-अलग ज़िलों से मराठा समाज के लोग ट्रैक्टर, बस और गाड़ियों में भरकर मुंबई की ओर रवाना हो गए हैं। कई गांवों के युवा अपने गाँव के बैनर और झंडे लेकर जारंगे की रैली में शामिल हो रहे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    सरकार पर बढ़ता दबाव

    जारंगे के आंदोलन को मिल रहा राजनीतिक और सामाजिक समर्थन सरकार के लिए चुनौती बन गया है। नेताओं का झुकाव और जनता का बढ़ता दबाव यह साफ दिखा रहा है कि अगर सरकार ने जल्द ही ठोस समाधान नहीं निकाला, तो मुंबई में बड़ा जनसैलाब खड़ा हो सकता है। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

  • गणेशोत्सव 2025: BMC ने बनाए 288 कृत्रिम तालाब, पर्यावरण अनुकूल विसर्जन को बढ़ावा | मुंबई गणेश फेस्टिवल न्यूज़

    गणेशोत्सव 2025: BMC ने बनाए 288 कृत्रिम तालाब, पर्यावरण अनुकूल विसर्जन को बढ़ावा | मुंबई गणेश फेस्टिवल न्यूज़

    गणेशोत्सव 2025 की शुरुआत धूमधाम से हो चुकी है। मुंबई BMC ने इस बार 288 कृत्रिम तालाब बनवाए हैं ताकि गणपति विसर्जन पर्यावरण अनुकूल तरीके से हो सके। साथ ही मुफ्त शाडू माटी और नेचुरल पेंट भी वितरित किए गए हैं। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र और मुंबई में इस बार गणेशोत्सव 2025 बेहद खास अंदाज़ में मनाया जा रहा है। बुधवार से शुरू हुए दस दिवसीय उत्सव में भक्तों ने गली-गली और घर-घर अपने विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का स्वागत बड़े उत्साह के साथ किया। शहर के हर कोने में “गणपति बप्पा मोरया” और “मंगल मूर्ति मोरया” के जयकारे गूंज रहे हैं। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    BMC की बड़ी पहल – 288 कृत्रिम तालाब

    ब्रिहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस बार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए खास तैयारी की है। गणेश विसर्जन के लिए मुंबई शहर में 288 कृत्रिम तालाब (Artificial Lakes/Ponds) तैयार किए गए हैं। इन तालाबों की पूरी सूची बीएमसी ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट [mcgm.gov.in](https://www.mcgm.gov.in) पर उपलब्ध कराई है। साथ ही क्यूआर कोड्स के ज़रिए भी यह जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है ताकि श्रद्धालु आसानी से नज़दीकी तालाब ढूंढ सकें। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    महाराष्ट्र सरकार की गाइडलाइन

    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इस साल नया नियम लागू किया है। 6 फीट तक की प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों का विसर्जन सिर्फ कृत्रिम तालाबों में ही किया जाएगा। इस फैसले का मकसद समुद्र और नदियों में प्रदूषण रोकना है। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव को राज्य उत्सव घोषित किया

    इस बार पहली बार महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव को राज्य उत्सव (State Festival) घोषित किया है। इसका उद्देश्य है पूरे राज्य में त्योहार को भव्य तरीके से मनाना और साथ ही ईको-फ्रेंडली कल्चर को बढ़ावा देना। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    ईको-फ्रेंडली मूर्तियों को प्रोत्साहन

    पर्यावरण बचाने और प्राकृतिक संसाधनों का ध्यान रखने के लिए BMC ने इस साल बड़ी पहल की है।

    • 990 टन मुफ्त शाडू माटी मूर्तिकारों को वितरित की गई।
    • लगभग 10,800 लीटर नेचुरल पेंट प्रयोग के तौर पर दिया गया।
    • इनमें से 7800 लीटर पेंट और 3000 लीटर ईको-प्राइमर पहले ही मूर्तिकारों को उपलब्ध करा दिए गए हैं।

    बीएमसी ने अपील की है कि छोटे आकार की गणेश मूर्तियों का विसर्जन भक्त अपने घरों में बाल्टी या टब में ही करें। इससे न सिर्फ प्रदूषण घटेगा बल्कि पानी की बचत भी होगी। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    मुंबई की सड़कों पर सजावट और उत्सव का माहौल

    पूरे मुंबई में भव्य पंडाल, आकर्षक सजावट और ढोल-ताशे की गूंज हर जगह देखने को मिल रही है। गणपति बप्पा की मूर्तियों को बड़े ही स्नेह और श्रद्धा के साथ घरों और सार्वजनिक मंडपों में विराजित किया गया है। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    🔎 निष्कर्ष

    गणेशोत्सव 2025 न सिर्फ भक्ति और आस्था का पर्व है, बल्कि इस बार यह प्रकृति और पर्यावरण को बचाने का संदेश भी दे रहा है। BMC और महाराष्ट्र सरकार की पहल से यह उत्सव और भी खास बन गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबईकर कितनी बड़ी संख्या में ईको-फ्रेंडली विसर्जन को अपनाते हैं। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

  • HC का झटका: मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे अब मुंबई में बिना परमिशन प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे

    HC का झटका: मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे अब मुंबई में बिना परमिशन प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेशोत्सव को देखते हुए मनोज जरांगे को बिना अनुमति प्रदर्शन से रोका। अब सिर्फ तय जगह पर ही हो सकेगा आंदोलन।

    मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। अदालत ने साफ कहा कि अब जरांगे बिना परमिशन के मुंबई में आंदोलन या प्रदर्शन नहीं कर सकते। कोर्ट ने ये आदेश इसलिए दिया क्योंकि गणेशोत्सव के दौरान पुलिस पहले से ही शहर की सुरक्षा और भीड़ कंट्रोल में व्यस्त रहेगी।

    हाईकोर्ट की बेंच ने ये भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सबका हक है, लेकिन ये सिर्फ निर्धारित जगहों पर और सरकार की इजाजत लेकर ही किया जा सकता है। जरांगे और उनके समर्थकों को सरकार चाहे तो नवी मुंबई के खारघर में वैकल्पिक जगह भी दे सकती है, ताकि मुंबई की लाइफ और ट्रैफिक पर असर न पड़े।

    जरांगे ने हाल ही में सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि अगर मराठा समाज को OBC कोटे में 10% आरक्षण नहीं मिला, तो वह 29 अगस्त से मुंबई में अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। इसी को लेकर अदालत में एमी फाउंडेशन ने जनहित याचिका दायर की थी।

    राज्य सरकार ने भी कोर्ट में कहा कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन का विरोध नहीं करते, लेकिन गणेशोत्सव जैसे बड़े त्योहार में भीड़ और ट्रैफिक की वजह से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसी कारण कोर्ट ने परमिशन की शर्त रखी।

    अब अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी और जरांगे को इस मामले में जवाब दाखिल करना होगा।

  • मुंबई के ट्रेन टॉयलेट में मिला 3 साल के मासूम का शव, सूरत से अपहरण कर की हत्या

    मुंबई के ट्रेन टॉयलेट में मिला 3 साल के मासूम का शव, सूरत से अपहरण कर की हत्या

    सूरत से अपहरण कर 3 साल के बच्चे की हत्या, शव मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर ट्रेन टॉयलेट में मिला। आरोपी विकाश शाह गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    एक दिल दहला देने वाली घटना ने सूरत और मुंबई दोनों शहरों को हिला कर रख दिया है। सूरत से अपने तीन साल के कज़िन का अपहरण कर हत्या करने वाले युवक ने बच्चे का शव मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर खड़ी ट्रेन के टॉयलेट में छोड़ दिया। यह मामला सामने आया जब ट्रेन के सफाईकर्मी ने शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    आरोपी विकाश शाह गिरफ्तार

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान विकास शाह (25 वर्ष) के रूप में हुई है।

    • उसे मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से गिरफ्तार किया गया।
    • आरोपी मूल रूप से सूरत का रहने वाला है और वह पिछले हफ्ते अपनी मां के साथ रिश्तेदार के घर आया था।
    • बच्चे की मां से झगड़े के बाद उसने 22 अगस्त को मासूम को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया।

    सूरत क्राइम ब्रांच के DCP बी. राजिया ने पुष्टि की कि आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर सूरत ले जाया गया है और जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?

    • आरोपी ने बच्चे को सूरत रेलवे स्टेशन से उठाया और उसे लेकर ट्रेन में बैठ गया।
    • वह सौराष्ट्र एक्सप्रेस से मुंबई आया।
    • इसके बाद उसने बच्चे की हत्या की और शव को कुशीनगर एक्सप्रेस की एसी कोच B2 के टॉयलेट में छोड़ दिया।
    • फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि हत्या कहां और कैसे हुई।

    GRP अधिकारी ने बताया –
    “बच्चे की मां ने उसी दिन शाम को अमरोली पुलिस स्टेशन, सूरत में शिकायत दर्ज कराई थी। हमें सूचना मिली कि आरोपी मुंबई भाग आया है। बाद में लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर शव बरामद हुआ।” The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    बच्चे की मां और परिवार

    बच्चे की मां बिहार की रहने वाली हैं और सूरत में अपने परिवार के साथ रहती हैं।

    • पति दुबई में नौकरी करते हैं।
    • परिवार में आठ साल की बेटी और पांच साल का बेटा भी है।
    • आरोपी विकास शाह रिश्तेदार के घर ठहरा हुआ था और वारदात से पहले वह शिकायतकर्ता का मोबाइल भी ले गया था।

    पुलिस जांच जारी

    • सूरत पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर हत्या की असल वजह और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने बच्चे की हत्या किस परिस्थिति में और कहां की।
    • मुंबई और सूरत पुलिस इस मामले में संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।
  • मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 होगा ध्वस्त, नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगा विकल्प – यात्रियों पर दबाव बढ़ने की आशंका

    मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 होगा ध्वस्त, नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगा विकल्प – यात्रियों पर दबाव बढ़ने की आशंका

    मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 जल्द ध्वस्त किया जाएगा। फिलहाल इसे टाला गया है ताकि यात्रियों को दिक्कत न हो। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद ही यह कदम उठाया जाएगा। हर साल 1 करोड़ से ज्यादा यात्री टर्मिनल-1 से सफर करते हैं। Mumbai Airport’s Terminal-1 will be demolished, Navi Mumbai Airport will provide an alternative – There is a possibility of increased pressure on passengers

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) यात्रियों की बढ़ती संख्या से जूझ रहा है। इसी बीच प्रशासन ने जानकारी दी है कि मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 (T1) ध्वस्त किया जाएगा। हालांकि यह प्रक्रिया फिलहाल तुरंत नहीं होगी, बल्कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) का टर्मिनल-2 चालू होने के बाद इसे लागू किया जाएगा। Mumbai Airport’s Terminal-1 will be demolished, Navi Mumbai Airport will provide an alternative – There is a possibility of increased pressure on passengers

    क्यों होगा टर्मिनल-1 का ध्वस्तीकरण?

    यह फैसला CSMIA के बड़े रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

    • हर साल टर्मिनल-1 से ही 1 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।
    • सुरक्षा और मैनेजमेंट कारणों से टर्मिनल-1 के कुछ हिस्से पहले ही बंद किए जा चुके हैं।
    • प्रशासन का कहना है कि अगर T1 को अभी बंद किया गया, तो बाकी सिस्टम पर भारी दबाव पड़ेगा।

    एडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के सीईओ अरुण बंसल ने कहा –
    “हमने सुरक्षा कारणों से टर्मिनल-1 के कुछ हिस्से पहले ही अस्थायी रूप से बंद किए हैं। लेकिन पूरी तरह से डिमोलिशन तभी होगा जब नवी मुंबई एयरपोर्ट पर नई सुविधा उपलब्ध होगी।” Mumbai Airport’s Terminal-1 will be demolished, Navi Mumbai Airport will provide an alternative – There is a possibility of increased pressure on passengers

    नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगी राहत

    मुंबई एयरपोर्ट के मौजूदा ढांचे में अतिरिक्त यात्रियों को संभालने की क्षमता नहीं है। ऐसे में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने के बाद ही यह फैसला लागू किया जाएगा।

    • नवी मुंबई एयरपोर्ट से यात्री भार का दबाव कम होगा।
    • इसके बाद टर्मिनल-1 को हटाकर आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और नई बिल्डिंग तैयार की जाएगी।
    • प्रोजेक्ट मैनेजर्स के मुताबिक, नई इमारत बनने में कई साल लग सकते हैं।

    यात्रियों पर असर

    फिलहाल मुंबई एयरपोर्ट पर रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं।

    • टर्मिनल-1 मुख्य रूप से डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए इस्तेमाल होता है।
    • अगर इसे बिना विकल्प बंद किया गया, तो यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
    • प्रशासन का अनुमान है कि यह कदम पूरे एयरपोर्ट सिस्टम पर दबाव डाल सकता है।

    निष्कर्ष

    मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 ध्वस्त करना भविष्य की जरूरत है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर मिल सके। लेकिन फिलहाल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे टाल दिया है। नवी मुंबई एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यह बड़ा बदलाव लागू किया जाएगा। Mumbai Airport’s Terminal-1 will be demolished, Navi Mumbai Airport will provide an alternative – There is a possibility of increased pressure on passengers

  • मुंबई स्लम रीडेवलपमेंट: सुप्रीम कोर्ट ने जमीन मालिक के अधिकार को माना, सरकारी अधिग्रहण नोटिस रद्द

    मुंबई स्लम रीडेवलपमेंट: सुप्रीम कोर्ट ने जमीन मालिक के अधिकार को माना, सरकारी अधिग्रहण नोटिस रद्द

    सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के कुर्ला इलाके की जमीन पर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि स्लम रीडेवलपमेंट में जमीन मालिक का पहला अधिकार है। कोर्ट ने 2018 के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और महाराष्ट्र सरकार का भूमि अधिग्रहण रद्द कर दिया। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के कुर्ला इलाके में स्लम रीडेवलपमेंट से जुड़ा अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में जमीन मालिक का पहला अधिकार होता है, न कि सिर्फ झोपड़पट्टीवासियों या स्लम अथॉरिटी (SRA) का।
    22 अगस्त को दिए गए इस फैसले में कोर्ट ने 2018 में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस निर्णय को बरकरार रखा, जिसमें महाराष्ट्र सरकार के अधिग्रहण आदेश को रद्द किया गया था। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

    पृष्ठभूमि – 1979 से शुरू हुआ विवाद

    विवादित जमीन पर साल 1979 में झोपड़पट्टीवासियों ने कब्जा कर लिया था। इसके बाद लगभग 3,045 वर्ग मीटर जमीन को स्लम एरिया घोषित किया गया। समय के साथ बस्ती बढ़ती गई और 2002 में वहां के निवासियों ने तराबाई नगर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी (Tarabai Society) का गठन किया।
    2006 से 2008 के बीच सोसाइटी ने बार-बार स्लम सर्वे और अधिग्रहण की मांग की। अंततः 2011 में पूरी जमीन को SRA एरिया घोषित कर दिया गया। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

    जमीन मालिक का हक बनाम झोपड़पट्टीवासियों का अधिकार

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमीन मालिक को महाराष्ट्र स्लम एरिया (इम्प्रूवमेंट, क्लियरेंस और रीडेवलपमेंट) एक्ट, 1971 के तहत अधिकार तो हैं ही, लेकिन उससे भी बढ़कर संवैधानिक और संपत्ति से जुड़े मौलिक अधिकार हैं।
    जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन के सिंह की बेंच ने कहा –
    “Ordinarily, a landowner is entitled to all the incidental benefits derived from the ownership of such immovable property. Ownership rights are also constitutionally protected and can only be interfered with as a result of the operation of law.”

    “Unholy Nexus” की चेतावनी

    कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर SRA और प्राइवेट डेवलपर्स को मनमानी छूट मिल गई तो यह “Unholy Nexus” (गठजोड़) को जन्म देगा, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान स्लमवासियों को होगा।
    सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि –

    • जमीन मालिक को पहले मौका देना जरूरी है।
    • अगर जमीन मालिक रीडेवलपमेंट का प्रस्ताव समय पर नहीं लाता, तो स्लमवासी डेवलपर के साथ खुद प्रस्ताव ला सकते हैं।
    • बिना जमीन मालिक को सूचना दिए उसे अधिग्रहण का जिम्मेदार ठहराना अनुचित है।

    सरकार का नोटिफिकेशन रद्द

    2016 में महाराष्ट्र सरकार ने जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से गलत थी।
    कोर्ट ने दो टूक कहा कि –
    “सिर्फ एरिया को SR एरिया घोषित करने से यह नहीं माना जा सकता कि मालिक को स्वचालित रूप से रीडेवलपमेंट स्कीम लाना ही होगा।” Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

    नतीजा

    यह फैसला न सिर्फ जमीन मालिकों के लिए बल्कि मुंबई के स्लम रीडेवलपमेंट मॉडल के लिए भी ऐतिहासिक है। सुप्रीम कोर्ट ने जमीन मालिकों को प्राथमिक अधिकार देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि स्लमवासियों का पुनर्विकास न्यायसंगत और पारदर्शी प्रक्रिया से ही होना चाहिए। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice

  • मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का मुंबई कूच, 29 अगस्त से आज़ाद मैदान में आखिरी लड़ाई

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का मुंबई कूच, 29 अगस्त से आज़ाद मैदान में आखिरी लड़ाई

    मराठा आरक्षण के लिए मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई कूच का ऐलान किया है। 27 अगस्त से जालना से यात्रा शुरू होगी और 29 अगस्त से मुंबई के आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण आंदोलन होगा। जानिए पूरी खबर। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में एक बार फिर से मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। मराठा समाज के प्रमुख कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने साफ कर दिया है कि अब आरक्षण की लड़ाई सीधी मुंबई की सड़कों पर लड़ी जाएगी।
    उन्होंने रविवार 24 अगस्त को मराठा समाज से अपील करते हुए कहा कि 27 अगस्त को ‘चलो मुंबई’ मार्च में शामिल हों और 29 अगस्त से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    “अब मुकाबला मुंबई में होगा” – जरांगे

    बीड जिले के मंजरसुम्बा गांव में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए जरांगे ने कहा कि अगर गांव-गांव में जुटी भीड़ से सरकार को फर्क नहीं पड़ा तो असली दबाव मुंबई पहुंचने के बाद ही महसूस होगा।
    जरांगे ने कहा, “अब मुकाबला मुंबई में होगा। यह हमारी आखिरी लड़ाई है और हम मराठा आरक्षण लिए बिना पीछे नहीं हटेंगे।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    मराठा आरक्षण: ओबीसी कोटे में शामिल करने की मांग

    जरांगे और उनके समर्थकों की मुख्य मांग है कि मराठा समाज को ओबीसी आरक्षण में शामिल किया जाए, ताकि समाज के युवाओं को सरकारी नौकरी और शिक्षा में समान अवसर मिल सके।
    जरांगे 27 अगस्त को अपने पैतृक स्थान अंतरवाली सरती (जालना जिला) से मुंबई कूच करेंगे और हजारों समर्थकों के साथ आज़ाद मैदान तक पहुंचेंगे। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    सीएम फडणवीस पर गंभीर आरोप

    जरांगे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाया कि वे छोटी-छोटी अड़चनें खड़ी करके मराठा समाज को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा –
    “सीएम फडणवीस हमें पुलिस के जरिए परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। पुलिस को हमें परेशान करने की बजाय बीड के महादेव मुंडे के हत्यारों को पकड़ना चाहिए।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की अपील

    जरांगे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने मराठा समाज से अपील की कि अगर कोई आंदोलन को भटकाने की कोशिश करे तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाए।
    उन्होंने यह भी कहा कि “अगर कोई पत्थर फेंकेगा तो वह हमारा आदमी नहीं होगा, बल्कि यह सरकार की साज़िश भी हो सकती है।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    सरकार के लिए बड़ी चुनौती

    जरांगे का यह आंदोलन महाराष्ट्र सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। मराठा आरक्षण की मांग लंबे समय से चल रही है और हर बार यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गरमा जाता है। जरांगे का यह ऐलान साफ संकेत देता है कि मुंबई में मराठा आरक्षण की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ी जाएगी। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

  • पालघर फार्मास्युटिकल कंपनी हादसा: नाइट्रोजन गैस रिसाव से 4 मजदूरों की मौत, 2 ICU में भर्ती

    पालघर फार्मास्युटिकल कंपनी हादसा: नाइट्रोजन गैस रिसाव से 4 मजदूरों की मौत, 2 ICU में भर्ती

    महाराष्ट्र के पालघर जिले के तारापुर-बोईसर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक दवा कंपनी में नाइट्रोजन गैस रिसाव से बड़ा हादसा हुआ। इस घटना में 4 मजदूरों की मौत हो गई जबकि 2 मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा शुक्रवार दोपहर मेडल फार्मा कंपनी में हुआ। Palghar pharmaceutical company accident: 4 workers died due to nitrogen gas leak, 2 admitted in ICU

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने हड़कंप मचा दिया है। तारापुर-बोईसर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मेडल फार्मास्युटिकल कंपनी में शुक्रवार दोपहर नाइट्रोजन गैस रिसाव (Nitrogen Gas Leak) हो गया, जिससे वहां काम कर रहे 6 मजदूरों पर इसका सीधा असर पड़ा। इस हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई जबकि दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। Palghar pharmaceutical company accident: 4 workers died due to nitrogen gas leak, 2 admitted in ICU

    📍 हादसा कब और कहां हुआ?

    अधिकारियों के अनुसार, यह घटना शुक्रवार दोपहर 2:30 से 3:00 बजे के बीच हुई। कंपनी की यूनिट में अचानक नाइट्रोजन गैस का रिसाव शुरू हो गया। मजदूरों को कुछ समझ आता उससे पहले ही वे गैस के संपर्क में आ गए और उनकी हालत बिगड़ने लगी। कंपनी प्रबंधन ने तुरंत सभी प्रभावित मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया। Palghar pharmaceutical company accident: 4 workers died due to nitrogen gas leak, 2 admitted in ICU

    📍 अधिकारियों ने क्या जानकारी दी?

    पालघर जिला आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख विवेकानंद कदम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:
    “कंपनी में अचानक नाइट्रोजन गैस लीक हुई, जिससे 6 मजदूर प्रभावित हुए। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान शाम 6:15 बजे तक चार मजदूरों की मौत हो गई। बाकी दो मजदूर ICU में भर्ती हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।” Palghar pharmaceutical company accident: 4 workers died due to nitrogen gas leak, 2 admitted in ICU

    📍 मृतकों और घायलों की स्थिति

    हादसे में जान गंवाने वाले चारों मजदूर कंपनी के नियमित कर्मचारी बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। जबकि घायल दो मजदूरों का उपचार एक निजी अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में जारी है। Palghar pharmaceutical company accident: 4 workers died due to nitrogen gas leak, 2 admitted in ICU

    📍 पालघर और मुंबई में मचा हड़कंप

    यह घटना मुंबई से लगभग 130 किलोमीटर दूर बोईसर के औद्योगिक इलाके में हुई है। जैसे ही यह खबर फैली, पूरे पालघर और मुंबई क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बन गया। हादसे के कारण फैक्ट्री सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठने लगे हैं। Palghar pharmaceutical company accident: 4 workers died due to nitrogen gas leak, 2 admitted in ICU


    🎯 फोकस

    • स्थान: पालघर, महाराष्ट्र
    • कारण: नाइट्रोजन गैस रिसाव
    • कंपनी: मेडल फार्मा (फार्मास्युटिकल कंपनी)
    • नतीजा: 6 मजदूर प्रभावित, 4 की मौत, 2 ICU में भर्ती
    • मुख्य मुद्दा: औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा और लापरवाही