Category: National News

  • मुंबई के लादी पाव पर संकट, लकड़ी से जलने वाले भट्टी बैन से बढ़ेगी कीमत

    मुंबई के लादी पाव पर संकट, लकड़ी से जलने वाले भट्टी बैन से बढ़ेगी कीमत

    BMC ने मुंबई में वुड और कोयले से चलने वाले भट्टी पर बैन लगा दिया है। जानें कैसे इससे वड़ा पाव, पाव भाजी और मिसळ पाव महंगे हो सकते हैं और बेकरी वालों पर कैसा संकट आने वाला है। Mumbai’s Ladi Pav is in trouble, the ban on wood-fired ovens will increase the price

    मुंबई और वड़ा पाव का रिश्ता इतना गहरा है कि इसे “गरीबों का बर्गर” भी कहा जाता है। ऑफिस जाते कर्मचारी हों या कॉलेज के विद्यार्थी, हर किसी के लिए लादी पाव से बनी स्नैक्स जैसे वड़ा पाव, पाव भाजी और मिसळ पाव रोज़ की ज़िंदगी का हिस्सा हैं। लेकिन अब यह स्वाद बदल सकता है। Mumbai’s Ladi Pav is in trouble, the ban on wood-fired ovens will increase the price

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहर की लगभग 1,000 बेकरीयों को नोटिस जारी कर कहा है कि वे लकड़ी से जलने वाले और कोयला भट्टी का इस्तेमाल बंद करें। इसके बजाय उन्हें इको-फ्रेंडली पीएनजी (पाइप्ड नैचरल गैस) ओवन लगाना होगा। Mumbai’s Ladi Pav is in trouble, the ban on wood-fired ovens will increase the price

    
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    क्यों लगाया बैन?

    BMC का कहना है कि लकड़ी और कोयले से चलने वाले भट्टी से PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक निकलते हैं। ये प्रदूषक न सिर्फ़ बेकरी के भीतर काम करने वालों की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि शहर की हवा भी खराब करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ़ ये बेकरी ही मुंबई के 3.5% प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार हैं। Mumbai’s Ladi Pav is in trouble, the ban on wood-fired ovens will increase the price

    बेकरीवालों की मुश्किलें

    1. लागत में इज़ाफा

    इंडियन बेकर्स असोसिएशन के अध्यक्ष खोदादाद ईरानी ने बताया कि पीएनजी आधारित ओवन लगाना लकड़ी और कोयला भट्टी से 3 से 4 गुना महंगा है। छोटे बेकरी वाले इतने बड़े खर्च को कैसे उठाएंगे, यह सबसे बड़ा सवाल है।

    2. फ्लेवर का संकट

    लकड़ी से चलने वाले भट्टी से पकाई गई लादी पाव को जो खास स्मोकी टेस्ट मिलता है, वह गैस ओवन में गायब हो जाएगा। यानी, मुंबईकरों का ऑथेंटिक वड़ा पाव टेस्ट बदल सकता है।

    3. रोज़गार पर असर

    गैस या इलेक्ट्रिक ओवन लगाने पर मशीनों पर निर्भरता बढ़ेगी। इससे कर्मचारियों की ज़रूरत कम होगी, और हज़ारों कामगारों की नौकरियां दांव पर लग सकती हैं।

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    कीमतें होंगी दोगुनी?

    अगर पीएनजी ओवन का इस्तेमाल शुरू हुआ तो एक साधारण वड़ा पाव जिसकी कीमत अभी ₹15–₹20 है, वह ₹30–₹40 तक पहुंच सकता है। इसी तरह पाव भाजी और मिसळ पाव जैसे आइटम भी महंगे होंगे।

    मुंबई की गलियों का स्वाद बदल जाएगा?

    मुंबई की गलियों में बिकने वाले वड़ा पाव का स्वाद सिर्फ़ आलू और मसाले से नहीं बल्कि लादी पाव की सॉफ्टनेस और सुगंध से पूरा होता है। अगर ओवन बदल गए तो यह सुगंध और टेक्सचर बदल जाएगा। Mumbai’s Ladi Pav is in trouble, the ban on wood-fired ovens will increase the price

    सवाल उठता है: क्या सिर्फ़ बेकरीज़ ही ज़िम्मेदार?

    मुंबई में प्रदूषण के बड़े कारण हैं –

    • वाहनों से निकलने वाला धुआं
    • निर्माण कार्यों से धूल
    • औद्योगिक प्रदूषण

    ऐसे में केवल बेकरीज़ को टारगेट करना कई विशेषज्ञों के अनुसार एकतरफ़ा फैसला है।

    आगे का रास्ता

    सरकार और BMC को चाहिए कि –

    1. छोटे बेकरी वालों को सब्सिडी या आर्थिक मदद दे।
    2. नई टेक्नोलॉजी के साथ ऐसा ओवन लाए जो सुरक्षित भी हो और फ्लेवर भी बनाए रखे
    3. प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित कदम उठाए।

    मुंबई के लिए लादी पाव सिर्फ़ एक ब्रेड नहीं, बल्कि संस्कृति और पहचान है। अगर लकड़ी की आग से चलने वाली भट्टी पूरी तरह बंद हो जाते हैं तो यह परंपरा टूट जाएगा और वड़ा पाव खाने का असली मज़ा बदल जाएगा। सवाल यह है कि – क्या मुंबई अपनी हवा साफ़ करने के नाम पर अपनी सबसे प्यारी डिश का स्वाद कुर्बान कर पाएगी? Mumbai’s Ladi Pav is in trouble, the ban on wood-fired ovens will increase the price

  • मराठा आरक्षण: मर भी जाऊंगा तो नहीं हटूंगा- मनोज जरांगे

    मराठा आरक्षण: मर भी जाऊंगा तो नहीं हटूंगा- मनोज जरांगे

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का ऐलान, “मर भी जाऊं तो भी नहीं हटूंगा”। पांच दिन से भूख हड़ताल, सरकार पर दबाव। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    मुंबई: मराठा आरक्षण की माँग को लेकर आज़ाद मैदान में बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने आंदोलन को और सख्त करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि चाहे उनकी जान भी क्यों न चली जाए, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। पाटिल पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    जरांगे का सख्त ऐलान

    मनोज जरांगे ने मुख्यमंत्री और सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सरकार उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “अगर मैं मर भी जाऊं, तो भी इस ज़मीन से नहीं उठूंगा। सोमवार को होने वाले जनआक्रोश का सामना करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।” Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    हाईकोर्ट और पुलिस की सख्ती

    मुंबई पुलिस ने आंदोलन को जारी रखने की अनुमति नहीं दी और प्रदर्शनकारियों को आज़ाद मैदान खाली करने का आदेश दिया है।
    बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि आंदोलनकारियों ने अपने वादे पूरे नहीं किए और इसके चलते शहर ठप पड़ा, जिससे आम जनता को परेशानी हुई। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    कोर्ट ने साफ आदेश दिया कि:

    • आंदोलनकारियों को आज़ाद मैदान से हटाया जाए।
    • मुंबई की सड़कों से ट्रैफ़िक जाम हटाया जाए।
    • नए प्रदर्शनकारियों को शहर में एंट्री न दी जाए।
    • जरांगे पाटिल और समर्थकों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

    पाटिल का पलटवार

    मनोज जरांगे पाटिल ने कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि उन्होंने कानून का उल्लंघन नहीं किया है और वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला रहे हैं।

    उन्होंने दावा किया कि जैसे ही अदालत का आदेश मिला, प्रदर्शनकारियों ने अपनी गाड़ियाँ सड़कों से हटा दीं ताकि ट्रैफ़िक में कोई दिक्कत न हो। पाटिल का कहना है कि वे पिछले दो सालों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और अब जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, वे मुंबई नहीं छोड़ेंगे। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    मराठा आरक्षण की मुख्य मांग

    पाटिल और उनके समर्थकों की मुख्य मांग है कि मराठा समाज को सरकारी नौकरी और शिक्षा में ओबीसी कोटे के तहत 10% आरक्षण मिले।
    उनका कहना है कि जब तक “हैदराबाद राजपत्र” लागू नहीं होता और लिखित आदेश नहीं आता, तब तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    सरकार पर बढ़ा दबाव

    इस आंदोलन के चलते महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है। सरकार ने बातचीत के लिए राधाकृष्ण विखे पाटिल की अगुवाई में 10 मंत्रियों की समिति बनाई है। समिति आंदोलनकारियों से बातचीत करने और समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    आज़ाद मैदान में भीड़ और माहौल

    मुंबई के आज़ाद मैदान में हजारों की संख्या में मराठा समाज के लोग जुटे हुए हैं। आंदोलन के शुरुआती दिनों में शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम हुआ था, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है।

    हालांकि, मनोज जरांगे पाटिल की सेहत लगातार गिर रही है। मेडिकल टीम समय-समय पर उनकी जांच कर रही है। इसके बावजूद उन्होंने भूख हड़ताल तोड़ने से साफ इनकार कर दिया है।

    निर्णायक मोड़ पर आंदोलन

    मराठा आरक्षण का यह संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। एक तरफ सरकार और अदालत कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मनोज जरांगे पाटिल साफ कह रहे हैं कि वे “न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे, चाहे जान भी क्यों न चली जाए।”

    यह आंदोलन अब महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की स्थिरता पर भी पड़ सकता है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

  • मुंबई में MHADA फ्लैट घोटाला: 1 फ्लैट 8 लोगों के नाम

    मुंबई में MHADA फ्लैट घोटाला: 1 फ्लैट 8 लोगों के नाम

    मुंबई में MHADA फ्लैट घोटाला उजागर, एक ही फ्लैट 8 लोगों को बेचकर 1.47 करोड़ की ठगी। तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    मुंबई : शहर में रियल एस्टेट से जुड़े घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं। ताज़ा मामला गोरेगांव इलाके से जुड़ा है, जहां एक ही MHADA फ्लैट को आठ अलग-अलग लोगों को दिखाकर करीब 1.47 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    आरोपियों के नाम तुषार साटम उर्फ राजू, किरण बोडके और अशोक इंगोले बताए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इन तीनों ने इसी तरह और भी कई लोगों को ठगा हो सकता है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    शिकायतकर्ता महिला के साथ 34 लाख की ठगी

    पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता महिला मालाड इलाके की रहने वाली हैं। उन्हें गोरेगांव के पहाड़ी इलाके में स्थित MHADA इमारत का एक फ्लैट दिखाया गया। आरोपियों ने बताया कि यह फ्लैट अक्षय चव्हाण नाम के शख्स के नाम पर है और इसे 47 लाख रुपए में बेचना है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    महिला को झांसा देकर उनसे किस्तों में 34 लाख रुपए ले लिए गए। लेकिन तय समय पर न तो फ्लैट का कब्जा दिया गया और न ही किसी तरह के कागज़ात सौंपे गए। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    एक फ्लैट बेचा आठ लोगों को

    जब महिला ने दबाव बनाया तो आरोपियों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। बाद में महिला ने जानकारी निकाली तो पता चला कि यह फ्लैट सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि सात और लोगों को बेचा गया था। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    यानि कि एक ही फ्लैट का आठ अलग-अलग खरीदारों से सौदा कर लिया गया। यह मामला सामने आने के बाद महिला ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    कुल ठगी 1.47 करोड़ रुपए तक पहुंची

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने केवल महिला से ही नहीं बल्कि अन्य सात लोगों से भी पैसे लिए थे। कुल मिलाकर इन तीनों ने आठ लोगों से 1 करोड़ 47 लाख 75 हजार रुपए वसूले थे। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    लेकिन किसी को भी फ्लैट का कब्जा नहीं मिला और न ही कोई कानूनी दस्तावेज़। इस तरह सभी पीड़ितों के साथ खुली ठगी की गई। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    पुलिस की कार्रवाई और जांच

    फिलहाल, गोरेगांव पुलिस ने इस मामले में तुषार साटम, किरण बोडके और अशोक इंगोले के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को शक है कि इन तीनों ने इस तरह के और भी सौदे किए होंगे। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    जांच अधिकारी ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से लोगों को फ्लैट दिखाकर और फर्जी सौदे करके पैसे ठग रहा था। इस मामले में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    रियल एस्टेट घोटालों पर सवाल

    मुंबई जैसे शहर में जहां घर लेना पहले ही आम आदमी के लिए मुश्किल है, वहां इस तरह की ठगी घटनाएं लोगों के लिए और भी परेशानी बढ़ा रही हैं। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    MHADA फ्लैट आम तौर पर आम जनता के लिए किफायती दामों में उपलब्ध कराए जाते हैं। लेकिन फर्जी दलाल और ठग गैंग इस पर भी कब्जा जमाकर लोगों से करोड़ों वसूल रहे हैं। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    पुलिस ने लोगों को किया आगाह

    इस घटना के बाद पुलिस ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी फ्लैट या प्रॉपर्टी का सौदा करने से पहले उसके कानूनी दस्तावेज़, ओनरशिप और MHADA की ऑथेंटिकेशन ज़रूर जांच लें। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    साथ ही किसी भी तरह के कैश ट्रांजेक्शन से बचें और पेमेंट केवल आधिकारिक चैनल से ही करें। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

  • HC का अल्टीमेटम: 3 बजे तक जरांगे को आजाद मैदान खाली करना होगा

    HC का अल्टीमेटम: 3 बजे तक जरांगे को आजाद मैदान खाली करना होगा

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे और उनके समर्थकों को दोपहर 3 बजे तक आजाद मैदान खाली करने का आदेश दिया है। पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब कोर्ट की सख्ती की वजह से चर्चा में है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अहम सुनवाई में मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे और उनके समर्थकों को स्पष्ट आदेश दिया कि उन्हें दोपहर 3 बजे तक मुंबई के आजाद मैदान को खाली करना होगा। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    हाईकोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी। इसमें आंदोलनकारियों पर एक्सेम्प्लरी कॉस्ट (भारी जुर्माना) और यहां तक कि कॉन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट (अवमानना) की कार्रवाई भी की जा सकती है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    कोर्ट ने क्यों दिया अल्टीमेटम?

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    आजाद मैदान मुंबई का ऐतिहासिक और संवेदनशील इलाका है, जहां अक्सर बड़े आंदोलन और प्रदर्शन होते रहते हैं। लेकिन गणेशोत्सव जैसे त्योहार और शहर की भीड़भाड़ को देखते हुए प्रशासन ने कोर्ट से अपील की थी कि आंदोलनकारियों को वहां से हटाया जाए। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय तक कब्जा करना उचित नहीं है। कोर्ट ने आंदोलनकारियों से कहा कि वे अपनी बात रखने के लिए वैधानिक तरीके अपनाएं, लेकिन शहर की सामान्य व्यवस्था को बाधित नहीं कर सकते। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    जरांगे का आंदोलन और उसका असर

    मनोज जरांगे पिछले कई महीनों से मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सक्रिय हैं। महाराष्ट्र में यह मुद्दा लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है। जरांगे और उनके समर्थक यह मांग कर रहे हैं कि मराठा समुदाय को स्थायी रूप से शिक्षा और नौकरी में आरक्षण दिया जाए। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    जरांगे का कहना है कि मराठा समाज के साथ वर्षों से अन्याय हुआ है और अब सरकार को इसका हल निकालना ही होगा। लेकिन उनकी आंदोलन शैली—चाहे वह अनशन हो या रैली—ने कई बार प्रशासन और अदालत की चिंता बढ़ा दी है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा –
    “हमारे आदेश का पालन न करने पर आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगर आप समय पर आजाद मैदान खाली नहीं करते तो अवमानना की कार्रवाई होगी और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।”

    कोर्ट की यह टिप्पणी साफ संकेत देती है कि अब न्यायपालिका इस आंदोलन को सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ मान रही है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    आंदोलनकारियों में बेचैनी

    जरांगे समर्थकों में कोर्ट के आदेश के बाद हलचल तेज हो गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांग जायज़ है और वे इसे छोड़ने वाले नहीं हैं। लेकिन कोर्ट के सख्त रुख ने उन्हें दोराहे पर खड़ा कर दिया है।

    कुछ आंदोलनकारी मानते हैं कि जरांगे को अब आंदोलन की नई रणनीति बनानी होगी, वरना कानूनी कार्रवाई से आंदोलन कमजोर पड़ सकता है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    राजनीति में गरमाहट

    इस फैसले का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर भी साफ दिख रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने जानबूझकर आंदोलन को कोर्ट तक पहुंचाया, ताकि जरांगे की ताकत को कम किया जा सके। वहीं, सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन हर किसी को करना ही होगा। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    मराठा आरक्षण का मुद्दा वैसे भी राज्य की राजनीति में लंबे समय से अहम भूमिका निभाता रहा है। अब कोर्ट की सख्ती के बाद इस पर नया राजनीतिक संग्राम छिड़ सकता है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    जनता की प्रतिक्रिया

    मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों का कहना है कि आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अगर इससे आम जनता की जिंदगी प्रभावित होती है तो सरकार और कोर्ट को कदम उठाना ही चाहिए। वहीं, मराठा समाज से जुड़े लोग मानते हैं कि जरांगे की लड़ाई वैध है और कोर्ट को आंदोलनकारियों के साथ थोड़ा नरमी बरतनी चाहिए। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    आगे क्या होगा?

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जरांगे और उनके समर्थक कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे या टकराव का रास्ता अपनाएंगे। अगर उन्होंने आदेश मानकर आजाद मैदान खाली किया, तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। और अगर आदेश का उल्लंघन किया, तो कोर्ट की कार्रवाई से आंदोलन को बड़ा झटका लग सकता है।

    बॉम्बे हाईकोर्ट का यह अल्टीमेटम मराठा आंदोलन के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। एक ओर जरांगे और उनके समर्थकों के सामने आरक्षण की मांग का सवाल है, तो दूसरी ओर अदालत और प्रशासन की सख्ती है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में मराठा आंदोलन किस दिशा में जाता है। लेकिन इतना तय है कि कोर्ट का यह आदेश महाराष्ट्र की राजनीति और समाज दोनों पर गहरा असर छोड़ने वाला है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

  • जरांगे पाटील आंदोलन में महिला पत्रकारों से बदसलूकी, मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी

    जरांगे पाटील आंदोलन में महिला पत्रकारों से बदसलूकी, मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी

    मुंबई प्रेस क्लब और टीवीजेए ने जरांगे पाटील समर्थकों पर महिला पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप लगाया, कार्रवाई नहीं हुई तो मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    मुंबई | मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच मुंबई प्रेस क्लब और टीवी जर्नलिस्ट एसोसिएशन (TVJA) ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि आज़ाद मैदान पर मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ लगातार बदसलूकी और छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं से नाराज़ मीडिया संगठनों ने जरांगे पाटील को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो मीडिया संस्थान आंदोलन की कवरेज का बॉयकॉट कर सकते हैं। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    📌 प्रेस क्लब और टीवीजेए का कड़ा बयान

    मुंबई प्रेस क्लब ने अपने आधिकारिक बयान में कहा,
    “हम महिला पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों के साथ हो रही बदसलूकी, धमकी और अपमानजनक व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं। प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    टीवी जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने भी जरांगे पाटील को लिखे पत्र में गहरी नाराज़गी जताते हुए कहा कि रिपोर्टरों और कैमरामैन को लगातार अपशब्द, धक्कामुक्की और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    📌 जरांगे पाटील का रुख और विवादित बयान

    टीवीजेए के अध्यक्ष उदय जाधव ने बताया कि जब संगठन ने यह शिकायत जरांगे पाटील के सामने रखी तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था।
    जरांगे पाटील ने कहा, “आप लोग यहां मेहमान हैं, कुछ दिन एडजस्ट कर लीजिए।”

    इस बयान पर पत्रकार संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाया कि आखिर महिला पत्रकारों को “एडजस्ट” क्यों करना चाहिए, जब आंदोलन में शामिल लोग ही उनकी सुरक्षा और सम्मान को चुनौती दे रहे हैं। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

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    आंदोलन की ताज़ा तस्वीर

    📌 आंदोलन की पृष्ठभूमि

    मनोज जरांगे पाटील पिछले कई महीनों से मराठा समाज को ओबीसी कोटा दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका प्रमुख आग्रह है कि मराठवाड़ा क्षेत्र के सभी मराठाओं को “कुनबी” दर्जा दिया जाए ताकि उन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ मिल सके।

    जरांगे पाटील ने राज्य सरकार से मांग की है कि हैदराबाद और सतारा गैजेट्स में दर्ज मराठाओं को तुरंत कुनबी प्रमाणपत्र जारी किया जाए। साथ ही उन्होंने औंध और बॉम्बे गैजेट्स में दर्ज नामों को भी इस श्रेणी में शामिल करने की बात कही है।

    📌 मीडिया का अल्टीमेटम

    पत्रकार संगठनों ने साफ कहा है कि अगर जरांगे पाटील और उनकी टीम ने आंदोलन स्थल पर अनुशासन नहीं बनाए रखा और पत्रकारों, खासकर महिला रिपोर्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की, तो मजबूरन मीडिया संस्थान कवरेज से पीछे हट जाएंगे।

    मुंबई प्रेस क्लब ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा है कि “प्रेस की आज़ादी और महिला पत्रकारों की सुरक्षा पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

  • ₹500 नोट को लेकर RBI का बड़ा अपडेट, जानें नया नियम

    ₹500 नोट को लेकर RBI का बड़ा अपडेट, जानें नया नियम

    आरबीआई ने ₹500 के नोट को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। नोट बंद होने की अफवाह गलत है, नए नियम और गाइडलाइंस जानना सभी के लिए जरूरी है। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    मुंबई: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और आम बातचीत में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि ₹500 के नोट बंद होने वाले हैं। कई लोग तो अब ₹500 के नोट लेने से भी कतराने लगे हैं। लेकिन इन सब अफवाहों पर अब रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने साफ-साफ बयान दिया है। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    🚫 ₹500 नोट बंद नहीं होंगे

    आरबीआई ने कहा है कि ₹500 का नोट चलन में बना रहेगा और इसे लेकर किसी भी तरह की बंदी की अफवाह पूरी तरह गलत है। कुछ समय पहले ₹2000 के नोट चलन से बाहर कर दिए गए थे, जिसके बाद से ही बाजार में ₹500 के नोट की सबसे ज्यादा मांग है। चूंकि एटीएम और बैंकों से ₹500 के नोट की उपलब्धता कम हो रही है, इस वजह से लोगों ने कयास लगाना शुरू कर दिया था कि यह भी जल्द बंद हो जाएगा। लेकिन आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ₹500 के नोट को बंद करने की कोई योजना नहीं है।

    🏦 बैंक से नोट बदलने का नियम

    आरबीआई ने यह भी कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को एटीएम से या लेन-देन के दौरान फटा हुआ, गंदा या कट हुआ ₹500 का नोट मिलता है, तो वह इसे सीधे अपने बैंक में जाकर बदल सकता है। बैंक की जिम्मेदारी होगी कि ग्राहक को खराब नोट के बदले सही और फिट नोट उपलब्ध कराए। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    🔍 ₹500 नोट की पहचान कैसे करें?

    बाजार में नकली नोट की घटनाओं को देखते हुए आरबीआई ने ₹500 नोट पहचानने के लिए कुछ गाइडलाइंस भी जारी की हैं।

    1. दाहिनी तरफ अशोक स्तंभ का प्रतीक साफ नजर आना चाहिए।
    2. नोट पर स्वच्छ भारत अभियान का लोगो और स्लोगन मौजूद होता है।
    3. पीछे की तरफ लाल किले की आकृति और छपाई का साल लिखा होता है।
    4. नोट पर छूने पर उभरी हुई छपाई महसूस होनी चाहिए।
    5. सिक्योरिटी थ्रेड में रंग बदलने का असर नजर आता है।

    🚮 कौन से नोट माने जाएंगे “अनफिट”?

    आरबीआई के अनुसार कुछ नोट ऐसे होते हैं जिन्हें “अनफिट” माना जाता है और जिन्हें बदलवाना जरूरी है:

    • अगर नोट बहुत ज्यादा गंदा है या उस पर मिट्टी जम गई है।
    • अगर नोट का रंग फीका पड़ गया है।
    • अगर नोट किनारे से 20% तक फटा हुआ है।
    • अगर नोट पर इंक फैल गई है और पहचान मुश्किल है।

    ऐसे नोट बैंक में आसानी से बदलवाए जा सकते हैं।

    🤔 लोग क्यों कर रहे थे अफवाहों पर भरोसा?

    दरअसल, ₹2000 का नोट बंद होने के बाद से ही लोग आशंकित हो गए थे कि ₹500 का नोट भी जल्द बंद हो जाएगा। खासकर मुंबई और आसपास के इलाकों में कई दुकानदार ग्राहकों से ₹500 का नोट लेने से बचने लगे। इसका असर यह हुआ कि आम जनता में डर और भ्रम की स्थिति बन गई। इसी वजह से आरबीआई को आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    ✅ निष्कर्ष

    • ₹500 के नोट बंद नहीं होंगे।
    • खराब या फटे नोट बैंक में बदल सकते हैं।
    • नकली नोट की पहचान के लिए आरबीआई की गाइडलाइन को समझना जरूरी है।
    • अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर ध्यान दें।

    मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां रोज़ाना करोड़ों का लेन-देन होता है, वहां ₹500 का नोट सबसे बड़ा सहारा है। ऐसे में आरबीआई का यह बयान आम जनता और व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

  • स्मार्ट कैमरे चालान काट सकते हैं, तो गड्ढे क्यों नहीं दिखते?

    स्मार्ट कैमरे चालान काट सकते हैं, तो गड्ढे क्यों नहीं दिखते?

    मुंबई की सड़कों पर स्मार्ट कैमरे चालान काटने में तेज हैं, लेकिन गड्ढों और टूटी सड़कों की हकीकत नहीं पकड़ते। असली सुरक्षा सड़क मरम्मत में है। If smart cameras can issue challans, then why can’t they see the potholes?

    मुंबई शहर में ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए स्मार्ट कैमरे अब हर जगह लगाए गए हैं। ये कैमरे हेलमेट न पहनने वाले बाइक सवारों से लेकर सिग्नल तोड़ने वाली गाड़ियों तक, हर गलती को रिकॉर्ड करते हैं और तुरंत चालान जेनरेट कर देते हैं। लेकिन हैरानी की बात ये है कि यही कैमरे शहर की सड़कों पर मौजूद गड्ढों और खतरनाक हालात को बिल्कुल नहीं पकड़ते। सवाल उठता है – क्या सड़क सुरक्षा सिर्फ चालान काटने तक सीमित है, या फिर उन गड्ढों को भरना भी उतना ही जरूरी है जिनसे रोज़ाना हजारों लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं?

    Challan-System-Mumbai

    🚦 चालान में तेजी, मरम्मत में देरी

    मुंबई में रोज़ाना हजारों गाड़ियों पर चालान काटे जाते हैं। सरकार और ट्रैफिक पुलिस दावा करती है कि इससे सड़क पर अनुशासन और सुरक्षा बनी रहती है। लेकिन दूसरी तरफ हकीकत ये है कि सड़कों पर मौजूद गहरे गड्ढे और टूटी सड़कों के कारण दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। गड्ढों से गिरकर बाइक सवारों की मौत की खबरें आए दिन अखबारों में छपती हैं। If smart cameras can issue challans, then why can’t they see the potholes?

    🛑 गड्ढों का खतरा चालान से बड़ा

    अगर देखा जाए तो बिना हेलमेट बाइक चलाना या लालबत्ती पार करना खतरनाक है, लेकिन उससे भी ज्यादा खतरनाक है सड़क पर मौजूद गड्ढे। बरसात में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं और गाड़ी चलाते वक्त बिल्कुल भी नजर नहीं आते। नतीजा – हादसा। कई बार तो चालान भरकर घर लौटते वक्त ही लोग इन गड्ढों की वजह से अस्पताल पहुंच जाते हैं। If smart cameras can issue challans, then why can’t they see the potholes?

    🤔 स्मार्ट कैमरे क्यों नहीं पकड़ते गड्ढे?

    तकनीक इतनी विकसित है कि नंबर प्लेट पहचानने से लेकर ओवरस्पीड पकड़ने तक सबकुछ संभव है। तो फिर गड्ढों और टूटी सड़कों को पहचानने की टेक्नोलॉजी क्यों इस्तेमाल नहीं होती? अगर कैमरे इन गड्ढों का डेटा कलेक्ट करके BMC या संबंधित विभाग तक पहुंचा सकें तो सड़क मरम्मत जल्दी हो सकती है। If smart cameras can issue challans, then why can’t they see the potholes?

    📉 सिर्फ चालान से नहीं बढ़ेगी सुरक्षा

    ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी है, लेकिन असली सुरक्षा तभी मिलेगी जब सड़कें भी सुरक्षित होंगी। सिर्फ चालान काटने से जनता की सुरक्षा नहीं होगी। जरूरी है कि सरकार और नगर निगम मिलकर कैमरों को सड़क सर्वे के लिए भी इस्तेमाल करें। If smart cameras can issue challans, then why can’t they see the potholes?

    💡 समाधान क्या है?

    • स्मार्ट कैमरों को AI सिस्टम से जोड़कर गड्ढों की पहचान करना।
    • चालान के साथ-साथ गड्ढों की रिपोर्टिंग का सिस्टम बनाना।
    • सड़क मरम्मत के लिए समयबद्ध प्लान बनाना।
    • ट्रैफिक सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को बराबर महत्व देना।
  • मराठा आरक्षण आंदोलन से मुंबई कारोबारियों को भारी नुकसान

    मराठा आरक्षण आंदोलन से मुंबई कारोबारियों को भारी नुकसान

    मराठा आरक्षण आंदोलन से दक्षिण मुंबई में यातायात ठप हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि भीड़ और अफरा-तफरी से व्यापार पर गहरा असर पड़ा है, सरकार से हस्तक्षेप की मांग। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का असर अब व्यापारियों और कारोबार पर गहराई से दिखाई देने लगा है। दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान में मनोज जरांगे के नेतृत्व में हो रहे आंदोलन के कारण सड़कों पर भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम ने कारोबारी गतिविधियों को ठप कर दिया है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन (FRTWA) के अध्यक्ष वीरन शाह ने कहा कि “आज़ाद मैदान के आसपास का इलाका पूरी तरह से अव्यवस्थित हो चुका है। सड़कों पर जाम, पुलिस की नाकाबंदी और बढ़ती भीड़ के चलते कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही तो व्यापार पर गहरा संकट खड़ा हो सकता है।” Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    आंदोलन से शहर की रफ्तार थमी

    पिछले दो दिनों से मुंबई लगातार बारिश और मराठा आंदोलन की वजह से जाम की मार झेल रही है। खासकर CST, फोर्ट, मरीन लाइन्स और कोलाबा जैसे इलाकों में ट्रैफिक जाम और दुकानों पर कम ग्राहकों की आवक ने कारोबारियों को चिंता में डाल दिया है। छोटे व्यापारियों का कहना है कि भीड़ और अव्यवस्था के कारण लोग खरीदारी के लिए बाजार तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    व्यापारियों का सरकार से निवेदन

    FRTWA समेत कई व्यापारी संगठनों ने सरकार से अपील की है कि स्थिति को सामान्य करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया जाए। उनका कहना है कि आंदोलनकारियों की मांगें जायज़ हो सकती हैं लेकिन इस दौरान दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों को ठप होने से रोकना भी ज़रूरी है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    वीरन शाह ने साफ कहा कि “हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि आंदोलन को संवाद और चर्चा के ज़रिए हल किया जाए। व्यापारी और आम जनता रोज़ाना लाखों का नुकसान झेल रही है। सिर्फ यातायात ही नहीं बल्कि होटलों, रेस्टोरेंट्स और रिटेल दुकानों की बिक्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।” Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या

    आज़ाद मैदान और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के आसपास रोज़ाना हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं। इससे न सिर्फ ट्रैफिक ठप हो रहा है बल्कि सुरक्षा कारणों से कई दुकानों को बंद रखने की नौबत भी आ गई है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    प्रदर्शनकारियों ने यहां डेरा जमा लिया है और कई लोग सड़क किनारे खाना बना रहे हैं। इससे इलाके का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    पुलिस और प्रशासन की चुनौती

    मुंबई पुलिस और BMC के लिए भीड़ को नियंत्रित करना और व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस लगातार ट्रैफिक डायवर्ट कर रही है लेकिन इसके बावजूद दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    आंदोलन और आर्थिक नुकसान

    व्यापारियों का कहना है कि इस आंदोलन से रोज़ाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। कई व्यापारी संगठनों ने अंदेशा जताया है कि अगर आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज़ हुआ तो दक्षिण मुंबई की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    नतीजा

    मराठा आरक्षण आंदोलन जहां एक तरफ समुदाय के अधिकारों की लड़ाई है, वहीं दूसरी ओर इसका असर मुंबई के आम नागरिकों और व्यापार पर भी साफ देखा जा रहा है। सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक तरफ आंदोलनकारियों की मांगों को पूरा करना और दूसरी ओर शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखना। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

  • मराठा आरक्षण आंदोलन: मुंबई में प्रदर्शनकारियों को पानी-भोजन की कमी

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मुंबई में प्रदर्शनकारियों को पानी-भोजन की कमी

    मुंबई के आज़ाद मैदान में मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारियों को बारिश, भोजन और पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है, जबकि BMC सुविधाओं का दावा कर रही है। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food

    मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आज़ाद मैदान में चल रहा आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन उपवास शुरू किया है। उनका मुख्य आग्रह है कि मराठा समुदाय को OBC श्रेणी में 10% आरक्षण दिया जाए। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food

    तेज़ बारिश और खराब मौसम ने प्रदर्शनकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। कई लोग ट्रेन और बस से मुंबई पहुँचे हैं, लेकिन उन्हें भोजन, पानी और रहने की जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रदर्शनकारी छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के आसपास सड़क किनारे डेरा जमाए बैठे हैं और खुद ही खाना पकाने को मजबूर हैं। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food

    प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आंदोलन स्थल के आसपास की दुकानें और होटल बंद करा दिए गए हैं। उनका कहना है कि सरकार और BMC ने जानबूझकर भोजन और पानी की आपूर्ति रोक दी है। वहीं दूसरी तरफ, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने दावा किया है कि सभी जरूरी इंतज़ाम किए गए हैं। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food

    BMC के अनुसार –

    • 11 पानी के टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं।
    • 29 मुफ्त शौचालय मैदान में खोले गए हैं।
    • मोबाइल और पोर्टेबल टॉयलेट्स आसपास लगाए गए हैं।
    • गड्ढों में भरे पानी को सुखाने के लिए दो ट्रक बजरी मैदान में डाली गई है।
    • चिकित्सा सहायता केंद्र, चार मेडिकल टीम और दो एम्बुलेंस 24 घंटे तैनात हैं।
    • मैदान में अंधेरा न रहे, इसके लिए हाई इंटेंसिटी फ्लडलाइट्स लगाई गई हैं।

    इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हालात ज़मीनी स्तर पर अलग हैं। भोजन-पानी की वास्तविक कमी और शौचालयों की बदहाल स्थिति के चलते आंदोलनकारियों में गुस्सा है। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food

    मनोज जरांगे ने मीडिया से बात करते हुए कहा –
    “BMC प्रशासन मुख्यमंत्री के दबाव में काम कर रहा है और उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पानी रोक दिया है। गरीब मराठाओं को परेशान किया जा रहा है, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।”

    मुंबई पुलिस और प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, आंदोलन और तेज़ होने की संभावना जताई जा रही है।

  • कांदिवली ईस्ट में सोसायटी ने अवैध दीवार खड़ी कर बंद किया पदमार्ग, रहवासी भड़के

    कांदिवली ईस्ट में सोसायटी ने अवैध दीवार खड़ी कर बंद किया पदमार्ग, रहवासी भड़के

    मुंबई के कांदिवली ईस्ट में आम्रपाली सोसायटी के पदमार्ग पर अवैध दीवार बनाकर बंद कर दिया गया है। जिससे छात्रों, बुजुर्गों और भक्तों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। Society in Kandivali East blocked the footpath by building an illegal wall, residents got angry

    मुंबई: कांदिवली पूर्व इलाके में रहने वाले आम्रपाली और निलकंठ सोसायटी के नागरिक पिछले एक महीने से बड़ी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। वजह यह है कि उनकी रोजमर्रा की पायवाट, जो नवरंगवाड़ी मोहन बावडी और आस-पास के इलाकों को जोड़ती थी, उसे हनुमान नगर और समर्थनगर एसआरए इमारत के कुछ लोगों ने अवैध तरीके से बंद कर दिया है। Society in Kandivali East blocked the footpath by building an illegal wall, residents got angry

    लगभग 100 साल पूराना यह पदमार्ग इलाके के हजारों नागरिकों के लिए एकमात्र शॉर्टकट रास्ता था। लेकिन अब यहां ८ से १० फुट ऊंची दीवार खड़ी कर दी गई है, जिससे लोगों को लंबा चक्कर मारकर अपने गंतव्य तक जाना पड़ रहा है। Society in Kandivali East blocked the footpath by building an illegal wall, residents got angry

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    ✦ सबसे ज्यादा असर आम जनता पर

    इस बंद पदमार्ग का सबसे ज्यादा असर छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों पर पड़ा है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे रोज लेट हो रहे हैं। वहीं बुजुर्ग और महिलाएं मंदिर दर्शन या खरीदारी के लिए जाने में दिक्कत झेल रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह दीवार पूरी तरह गैरकानूनी है और इसे तुरंत हटाना चाहिए। नागरिकों ने पहले ही बीएमसी आर. दक्षिण विभाग, समता नगर पुलिस स्टेशन और लोकल कॉर्पोरेटर को लिखित शिकायत दी है। मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। Society in Kandivali East blocked the footpath by building an illegal wall, residents got angry

    ✦ धार्मिक स्थल तक पहुंच भी बाधित

    इस पदमार्ग के रास्ते में हनुमान मंदिर, महादेव मंदिर, साईं बाबा मंदिर और माताजी मंदिर आने जाने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए जाते थे। लेकिन दीवार खड़ी होने के बाद मंदिर जाने का रास्ता लंबा और असुविधाजनक हो गया है। Society in Kandivali East blocked the footpath by building an illegal wall, residents got angry

    ✦ गणेशोत्सव पर भारी असर

    नागरिकों ने बताया कि इस विवाद का असर गणेशोत्सव पर भी पड़ा। आम्रपाली और निलकंठ सोसायटी के गणेश मंडलों को गणपति की स्थापना और पूजा के दौरान लंबे फेर से जाना पड़ा। अब विसर्जन के वक्त भी यही समस्या बनी रहेगी।
    स्थानीय निवासी मंगेश आंबुलकर ने कहा कि “गणेशोत्सव मुंबई का सबसे बड़ा त्योहार है और इस मौके पर नागरिकों को परेशान करना बिल्कुल गलत है। पालिका को तुरंत रास्ता खुलवाना चाहिए।” Society in Kandivali East blocked the footpath by building an illegal wall, residents got angry

    ✦ बीएमसी का रुख

    आर. दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त मनीष साळवे का कहना है कि परिरक्षण विभाग से अधिकारी भेजकर मौके की जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन नागरिकों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है, जमीनी कार्रवाई नहीं। जब हमने कांदीवली बीएमसी मेंटेनस विभाग के कनिष्ठ अभियंता अनिरुद्ध पिंजरकर से बात की तो उन्होंने गणेशोत्सव का हवाला देकर अपना हाथ झटक लिया। जबकि पिछले एक महिने से रहिवासी बीएमसी का चक्कर काट रहे हैं। Society in Kandivali East blocked the footpath by building an illegal wall, residents got angry

    ✦ नागरिकों में गुस्सा

    लोगों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई से अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। अगर पालिका और पुलिस ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो भविष्य में बड़े विवाद खड़े हो सकते हैं। Society in Kandivali East blocked the footpath by building an illegal wall, residents got angry