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  • Diwali-Chhath 2025: सेंट्रल रेलवे चलाएगा 1126 स्पेशल ट्रेनें

    Diwali-Chhath 2025: सेंट्रल रेलवे चलाएगा 1126 स्पेशल ट्रेनें

    सेंट्रल रेलवे ने दिवाली और छठ पूजा के लिए 1126 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। मुंबई, पुणे से यूपी, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना तक कनेक्टिविटी मिलेगी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और पुणे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। सेंट्रल रेलवे ने इस बार दिवाली और छठ पूजा की भीड़ को देखते हुए 1126 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इसमें पहले से तय 944 ट्रेनों के अलावा शुक्रवार को 182 नई स्पेशल ट्रेनें और जोड़ी गईं।

    🌍 किन-किन राज्यों तक मिलेगी सुविधा

    ये ट्रेनें मुंबई, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य शहरों को उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना जैसे राज्यों से जोड़ेंगी। सभी ट्रेनें सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच चलेंगी।

    📌 अहम रूट और सर्विस डिटेल

    • LTT – दानापुर (40 सर्विस): हर सोमवार और शनिवार
    • LTT – मऊ (40 सर्विस): हर शुक्रवार और रविवार
    • LTT – बनारस (40 सर्विस): हर बुधवार और गुरुवार
    • LTT – करीमनगर (6 सर्विस): हर मंगलवार
    • पुणे – अमरावती (16 सर्विस): हर मंगलवार
    • पुणे – सांगानेर (40 सर्विस, वीकली + बाय-वीकली)
    https://indian-fasttrack.com/2024/04/05/fake-documents-revealed-in-court-for-bail

    🎟️ टिकट बुकिंग कब से

    IRCTC वेबसाइट और रेलवे रिज़र्वेशन काउंटरों पर 14 सितंबर 2025 से बुकिंग शुरू होगी।

    • रिज़र्वेशन टिकट: www.irctc.co.in पर
    • जनरल टिकट: UTS मोबाइल ऐप और काउंटर पर

    🚉 यात्रियों के लिए फायदेमंद कदम

    त्योहारों पर भारी भीड़ को देखते हुए, रेलवे का ये कदम यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत देने और आसान यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। खासकर यूपी-बिहार लौटने वाले प्रवासी यात्रियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।

  • Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    बीएमसी ने मुंबई के एम/ईस्ट वार्ड में झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर दोबारा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। डेडलाइन 30 सितंबर तय।

    मुंबई: शहर के झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एम/ईस्ट वार्ड (मानखुर्द, देवनार और गोवंडी) इलाके में 26 स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है।

    mumbai-bmc-slum-redevelopment-projects-meast-ward-26-eoi-govandi

    🔹 पिछली बार क्यों अटका था मामला?

    बीएमसी ने 10 मई को पहली बार 64 नगर पालिका प्लॉट्स पर पुनर्विकास का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते 17 प्लॉट होल्ड पर रखे गए। बचे हुए 47 प्लॉट्स पर सिर्फ 29 प्रोजेक्ट्स को ही 100 ऑफर मिले।
    सबसे बड़ी समस्या ये रही कि 8 प्लॉट्स के लिए केवल 1-1 डेवलपर ने ही बोली लगाई थी।

    🔹 अब नया फोकस एम/ईस्ट वार्ड पर

    इस बार बीएमसी ने खास तौर पर मानखुर्द, देवनार और गोवंडी जैसे इलाकों पर फोकस किया है। ये इलाका कम आय वर्ग और भारी अतिक्रमण के लिए जाना जाता है।
    नई योजना के तहत करीब 8.37 लाख वर्गमीटर जमीन और लगभग 49,000 झोपड़ी संरचनाओं को रीडेवलपमेंट में शामिल किया जाएगा।

    🔹 डेडलाइन और प्रक्रिया

    • EOI डॉक्यूमेंट उपलब्ध होगा: 15 सितंबर से
    • अंतिम तारीख: 30 सितंबर
    • जिम्मेदारी ठेकेदारों की:
    • झोपड़ी सर्वे
    • प्लानिंग
    • परमिट्स
    • टेनेमेंट निर्माण
    • मेंटेनेंस

    सभी प्रोजेक्ट्स को DCPR-2034 की रेगुलेशन 33(10) के तहत लागू किया जाएगा।

    🔹 पश्चिमी उपनगर बनाम पूर्वी उपनगर

    पहले आए ऑफर्स ज्यादातर अंधेरी, बोरीवली और वर्ली जैसे पश्चिमी इलाकों के लिए थे। जबकि पूर्वी उपनगर जैसे मुलुंड और एम/ईस्ट वार्ड के लिए डेवलपर्स की दिलचस्पी बेहद कम रही। इसीलिए बीएमसी ने अब फिर से खास तौर पर इन इलाकों पर जोर दिया है।

  • समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां पंक्चर, MSRDC ने दिया असली कारण

    समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां पंक्चर, MSRDC ने दिया असली कारण

    समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों के टायर फटने से हड़कंप। वायरल वीडियो में “कील” दिखी, पर MSRDC ने बताया- ये नोज़ल थे, न कि कील।

    मुंबई: नागपुर और मुंबई को जोड़ने वाली हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्ग पर मंगलवार देर रात अचानक कई गाड़ियों के टायर फट गए। जैसे ही वीडियो वायरल हुए, यह खबर आग की तरह फैल गई कि किसी ने सड़क पर कीलें गाड़ दी हैं और यह सब डकैती की योजना का हिस्सा है।

    वीडियो में यात्रियों ने दावा किया कि 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही 3-4 गाड़ियों के टायर अचानक फट गए। इससे लोगों में डर फैल गया और सोशल मीडिया पर “डकैती की आशंका” की चर्चाएं तेज हो गईं।

    MSRDC ने दी सफाई – “ये कील नहीं, नोज़ल थे”

    महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली वस्तुएं “कील” नहीं, बल्कि एल्युमिनियम के नोज़ल थे।

    दरअसल, मंगलवार रात दौलताबाद (छत्रपती संभाजीनगर जिला) के पास एक्सप्रेसवे की मुंबई आने वाली लेन पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा था। सड़क में हल्की दरारों को एपॉक्सी ग्राउटिंग से भरने का काम हो रहा था। इसके लिए 15 मीटर हिस्से पर एल्युमिनियम नोज़ल लगाए गए थे।

    काम पूरा होने के बाद ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था, लेकिन रात करीब 11:30 बजे कुछ वाहन सीधे उस हिस्से से गुजर गए। नोज़ल हटाए जाने से पहले उन गाड़ियों के टायर फट गए।

    ठेकेदार पर गिरी गाज

    MSRDC ने माना कि ठेकेदार ने सुरक्षा को लेकर लापरवाही की। पर्याप्त बैरिकेडिंग और अलर्ट न होने से गाड़ियां मरम्मत वाले हिस्से में घुस गईं। इस लापरवाही के लिए ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया है।

    पुलिस के अनुसार, जहां काम हो रहा था वहां बैरिकेडिंग मौजूद थी, लेकिन एक गाड़ी ने उसे तोड़कर सीधे काम वाली जगह से गुज़रने की कोशिश की। इसी वजह से अन्य वाहन भी उसी हिस्से में फंस गए और पंक्चर हुए।

    यात्रियों की दिक्कत – घंटों फंसे रहे लोग

    घटना में कोई हादसा या गंभीर चोट की खबर नहीं है। लेकिन यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

    एक यात्री ने बताया कि उनकी कार के सभी टायर पंक्चर हो गए। उन्होंने हेल्पलाइन पर कॉल भी किया लेकिन मदद देर से पहुंची। मजबूरन उन्हें अपने परिवार (जिसमें छोटे बच्चे भी थे) को दूसरे वाहन से भेजना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स में सड़क पर नुकीली चीजें साफ दिख रही थीं, जिससे आम लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ गया।

    5 बजे तक हटाए गए नोज़ल

    MSRDC के अधिकारियों ने बताया कि रातभर काम जारी रहा और सुबह 5 बजे तक सभी नोज़ल हटा दिए गए। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सामान्य है।

    क्या सचमुच लुटेरों की साजिश थी?

    पुलिस ने साफ किया कि यह किसी भी प्रकार की डकैती या साजिश का मामला नहीं था। यह सिर्फ मेंटेनेंस वर्क में लापरवाही की वजह से हुआ।

    हालांकि, वायरल वीडियो और अफवाहों ने लोगों को डरा दिया। यही कारण है कि यह घटना महाराष्ट्र में बड़ी खबर बन गई।

    🗓️ समृद्धि एक्सप्रेसवे घटना की टाइमलाइन

    📍 9 सितंबर 2025, रात

    • दौलताबाद, छत्रपती संभाजीनगर जिले के पास कई गाड़ियों के टायर पंक्चर हुए।
    • यात्रियों ने दावा किया कि सड़क पर “कीलें” गाड़ी गई हैं।
    • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, डकैती की अफवाहें फैलीं।

    📍 9 सितंबर, रात 11:30 बजे

    • MSRDC की टीम ने बताया कि उस हिस्से पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा था।
    • दरारों को भरने के लिए एपॉक्सी ग्राउटिंग का काम हो रहा था।
    • 15 मीटर सड़क पर एल्युमिनियम नोज़ल लगे थे।

    📍 10 सितंबर, सुबह 5 बजे तक

    • सभी नोज़ल हटाए गए।
    • ट्रैफिक सामान्य हो गया।
    • कोई बड़ा हादसा या जनहानि की खबर नहीं।

    📍 बाद में

    • MSRDC ने माना कि ठेकेदार ने पर्याप्त सुरक्षा नहीं रखी।
    • जिम्मेदार ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का फैसला
    • पुलिस ने कहा कि बैरिकेडिंग तोड़कर एक वाहन मेंटेनेंस ज़ोन में घुसा था।

    समृद्धि महामार्ग पर बार-बार उठ रहे सवाल

    यह पहली बार नहीं है जब समृद्धि एक्सप्रेसवे सुर्खियों में आया हो। कभी दुर्घटनाओं की वजह से तो कभी प्रबंधन पर सवाल उठते रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सुरक्षा इंतज़ाम और भी सख्त होने चाहिए। बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड और रीयल-टाइम अलर्ट सिस्टम को और मजबूत करने की ज़रूरत है।

  • मुंबई CSMT के नीचे मिला 200 साल पुराना ब्रिटिश काल का सीक्रेट कैश वॉल्ट

    मुंबई CSMT के नीचे मिला 200 साल पुराना ब्रिटिश काल का सीक्रेट कैश वॉल्ट

    CSMT स्टेशन के नीचे ब्रिटिश काल का गुप्त कैश वॉल्ट मिला। यह वॉल्ट 2002 तक रेलवे की नकदी रखने के लिए इस्तेमाल होता था।

    मुंबई: एशिया के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के नीचे एक ऐसा रहस्य छिपा था, जिसे अब जाकर उजागर किया गया है। स्टेशन की भूमिगत सुरंग से जुड़ा यह गुप्त कैश वॉल्ट करीब 25 से 30 फीट गहराई पर बना है।

    यह वॉल्ट ब्रिटिश दौर में बना था और इसे रेलवे की नकदी रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। खास बात यह है कि इस कमरे का इस्तेमाल साल 2002 तक किया जाता रहा

    2002 तक यहां रखा जाता था रेलवे का पैसा

    यह गुप्त वॉल्ट ब्रिटिश आर्किटेक्ट फ्रेडरिक विलियम स्टीवंस की मूल डिज़ाइन का हिस्सा था, जिन्होंने 1888 में विक्टोरिया टर्मिनस (आज का CSMT) बनाया।

    करीब एक सदी तक यह कमरा रेलवे का सबसे बड़ा फाइनेंशियल स्ट्रॉन्ग रूम रहा। यहां रोज़ाना रेलवे से जुड़ी नकदी सुरक्षित रखी जाती थी और बाद में उसे रिज़र्व बैंक में जमा कराया जाता था। इस वॉल्ट में दो बड़े सेफ रखे गए थे, जिनमें करोड़ों की रकम सुरक्षित रहती थी।

    इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग और डिजिटल फाइनेंशियल सिस्टम आने के बाद इस वॉल्ट का इस्तेमाल धीरे-धीरे बंद हो गया और 2002 के बाद यह पूरी तरह से भुला दिया गया।

    मुंबई की भूमिगत कहानियां: रहस्यमयी खोजों की लिस्ट

    यह पहली बार नहीं है जब मुंबई की ज़मीन के नीचे ऐसे रहस्य सामने आए हैं। इससे पहले भी कई बार ब्रिटिश काल की छिपी हुई संरचनाएं सामने आ चुकी हैं:

    • 2010 : मुंबई के जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) के नीचे 200 साल पुरानी पत्थर की सुरंग मिली थी। माना जाता है कि इसे फ्रेंच आक्रमण की आशंका से बचने के लिए बनाया गया था।
    • 2016 : महाराष्ट्र राजभवन में प्री-World War I का 15,000 स्क्वायर फीट का विशाल बंकर मिला। इसमें 13 कमरे थे, जिनमें हथियार और जरूरी सामान रखा जाता था। 2019 में इसे म्यूज़ियम में बदल दिया गया।
    • 2018 : JJ हॉस्पिटल में 132 साल पुराना भूमिगत कक्ष मिला, जिसने शोधकर्ताओं को चौंका दिया।

    क्या मुंबई है ‘चैंबर ऑफ सीक्रेट्स’?

    इतिहासकार मानते हैं कि ब्रिटिश राज के दौरान मुंबई को सुरक्षा, व्यापार और सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भूमिगत नेटवर्क से जोड़ा गया था।

    आज जब बार-बार ऐसी खोजें हो रही हैं—CSMT का वॉल्ट, राजभवन का बंकर, JJ हॉस्पिटल का चैंबर—तो सवाल उठता है कि शायद मुंबई आज भी रहस्यों का शहर है, जिसकी असली तस्वीर अभी सामने आना बाकी है।

    विरासत और पर्यटन की संभावनाएं

    इतिहासकारों का कहना है कि अगर इन जगहों को सही तरीके से संरक्षित कर हेरिटेज टूरिज्म का हिस्सा बनाया जाए, तो मुंबई न सिर्फ इतिहास प्रेमियों के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी और ज्यादा आकर्षक बन सकती है।

    CSMT, जो पहले से ही यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है, अगर इस वॉल्ट को म्यूज़ियम के तौर पर जनता के लिए खोला जाए तो यह स्टेशन की शान को और बढ़ा सकता है।

  • मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई के नेवी नगर से INSAS राइफल और 40 कारतूस चोरी करने वाले अग्निवीर और उसके भाई को तेलंगाना से पकड़ा गया। पुलिस ने हथियार बरामद कर जांच शुरू की।

    मुंबई, 10 सितंबर 2025 – मुंबई के हाई सिक्योरिटी ज़ोन नेवी नगर से राइफल और 40 कारतूस चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनमें से एक भारतीय नौसेना का अग्निवीर है।

    क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने मंगलवार देर रात तेलंगाना के आसिफाबाद ज़िले से दोनों भाइयों को पकड़कर हिरासत में लिया है। आरोपियों की पहचान राकेश रमेश दुब्बुला (22) और उसके बड़े भाई उमेश रमेश दुब्बुला (25) के रूप में हुई है।

    कैसे हुई चोरी?

    • यह वारदात शनिवार रात (6 सितंबर) को हुई।
    • आरोपी राकेश दुब्बुला नौसेना की वर्दी पहनकर नेवी नगर के एक रिहायशी इलाके में तैनात जवान के पास पहुँचा और खुद को ड्यूटी पर आया हुआ बताया।
    • गफलत में जवान ने अपनी INSAS राइफल और दो मैगज़ीन (20-20 कारतूस वाली) उसे सौंप दीं।
    • राकेश ने हथियार और कारतूस एक बैग में रखे और दीवार के उस पार फेंक दिया, जहाँ उसका भाई उमेश इंतज़ार कर रहा था।
    • इसके बाद दोनों भाई भागकर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पहुँचे और ट्रेन से सीधे तेलंगाना चले गए।

    पुलिस ने कैसे पकड़ा?

    • पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और उनकी पहचान की।
    • इसके बाद CIU की टीम ने आसिफाबाद जिले में छापा मारकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया।
    • तलाशी में चोरी की गई राइफल, 40 जिंदा कारतूस, और एक खाली मैगज़ीन बरामद हुई।

    आरोपी का बैकग्राउंड

    • राकेश दुब्बुला – 12वीं पास, वर्तमान में नौसेना में अग्निवीर (सीमैन) के रूप में तैनात।
    • उमेश दुब्बुला – पढ़ाई बीच में छोड़ी, बेरोजगार।
    • पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश को नेवी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसने इस घटना को अंजाम दिया।

    जांच और आगे की कार्रवाई

    मुंबई पुलिस दोनों आरोपियों को अब मुंबई ला रही है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ होगी।
    अभी तक चोरी की मंशा (मोटिव) साफ नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि मामला किसी निजी लालच या हथियार बेचने की कोशिश से जुड़ा हो सकता है।

  • दहिसर टोलनाका वर्सोवा की ओर शिफ्ट – दिवाली से पहले राहत की उम्मीद

    दहिसर टोलनाका वर्सोवा की ओर शिफ्ट – दिवाली से पहले राहत की उम्मीद

    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की कि दहिसर टोलनाका वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास दिवाली से पहले स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे मीरा-भाईंदर और मुंबई के बीच यात्रा सरल होगी और पर्यावरण व समय की बचत होगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: शहर के उत्तरी दिशा में मीरा-भाईंदर की सीमा पर स्थित दहिसर टोलनाका, जो अभी टोल प्लाजा के कारण प्रतिदिन लाखों नागरिकों के लिए यातायात भयावह बना हुआ है, उसे वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय अघोषित नहीं, बल्कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने लिया है, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पर कार्यवाही के निर्देश जारी कर मंजूरी दी है।

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    नेताओं की सहमति और तकनीकी प्रक्रियाएँ

    • इस बैठक में मागाठाणे के विधायक प्रकाश सुर्वे, महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ के सह–व्यवस्थापकीय संचालक मनोज जिंदल, राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के सुहास चिटणीस, वसई-विरार कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, IRB के ठेकेदार विरेंद्र म्हैसकर, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    • मीरा-भाईंदर के इस हालात से लगभग 15 लाख स्थानीय नागरिक और मुंबई की ओर रुख करने वाले वाहनचालक प्रतिदिन जूझ रहे हैं – समय, ईंधन और प्रदूषण की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

    क्यों ये कदम आवश्यक था?

    मुख्यत: तीन प्रमुख कारणों से यह स्थानांतरण अत्यंत आवश्यक था:

    1. ज्यादा समय और ईंधन की बर्बादी – टोलनाका की वर्तमान स्थिति के कारण नागरिकों को आधा से एक घंटा अतिरिक्त यात्रा में लग जाता है। अनावश्यक फिजूल खर्च का बोझ बनता है।
    2. पर्यावरणीय प्रभाव – लंबी जामिंग और रुकावटें हवा में प्रदूषण फैलाती हैं, और यह शहरवासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
    3. स्थानीयता में बाधा – टोलनाका का मीरा-भाईंदर सीमा के भीतर होना, विस्तारित शहर यातायात का कारण बन रहा है।

    स्थानांतरण की योजना और कार्यवाही

    • उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक के तुरंत बाद महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ को आदेश दिए हैं कि प्रस्ताव को राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के पास भेजें, ताकि यह प्रस्ताव केंद्रीय वाहतुक मंत्रालय से स्वीकृत हो सके।
    • एक बार मंजूरी मिलते ही, एक से डेढ़ महीने के भीतर टोलनाका को वर्सोवा नर्सरी समीप स्थापित कर दिया जाएगा – यानी दिवाली से पहले यह कार्य पूरा हो सकता है।
    • मंत्री सरनाईक ने आश्वस्त किया कि इससे मीरा-भाईंदर क्षेत्र के नागरिकों को शिवसेना की ओर से टोलमुक्त यात्रा की सुविधा मिलेगी, और साथ ही मुंबई की ओर आवाजाही में वाहतुकी का दबाव कम होगा

    लाभ: प्रतिष्ठान से लेकर वापसी तक सबका फायदा

    • समय की बचत – प्रति यात्रा में 30–60 मिनट की कटौती।
    • ईंधन की बचत – हर दिन लाखों लीटर बच सके हैं।
    • प्रदूषण में कमी – कम जामिंग, कम इंजन आइडलिंग, बेहतर वायु गुणवत्ता।
    • सामाजिक लाभ – मीरा-भाईंदर के कामकाजी लोगों को मुंबई में समय पर पहुंचना सुविधाजनक।
    • राजनीतिक सकारात्मकता – शिवसेना की ओर से क्षेत्रीय नागरिकों के हित में कदम उठाना।

    दहिसर टोलनाका की वर्सोवा नर्सरी के पास स्थानांतरण की यह पहल सिर्फ अव्यवस्था को नहीं सुधार रही, बल्कि एक व्यापक व्यवस्थित और दीर्घकालिक सुविधा की ओर संकेत कर रही है। समय, पैसा, ऊर्जा और पर्यावरण बचाने के साथ-साथ यह कदम शिवसेना और राज्य सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत करेगा। दिवाली से पहले होने वाला यह शिफ्ट यूरोपी रोड की तरह मुंबई-मीरा रोड मार्ग पर एक नए युग की शुरुआत माना जा सकता है।

  • DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart में डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने से पहले सावधान रहें। एक्सपायरी डेट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स पर ध्यान न देने से नुकसान हो सकता है।

    डीमार्ट (DMart) आज मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए खरीदारी का सबसे लोकप्रिय सुपरमार्केट बन चुका है। यहां किराना, कपड़े, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, दवाइयाँ, घर सजावट का सामान से लेकर छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक सब कुछ एक ही जगह पर मिल जाता है।

    ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए यहां पूरे साल डिस्काउंट ऑफर चलते रहते हैं। लेकिन क्या वाकई ये डिस्काउंट हमेशा फायदे का सौदा होते हैं? अगर आप भी DMart में खरीदारी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

    डिस्काउंट ऑफर में छिपा रिस्क

    मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर डिस्काउंट देखकर खरीदारी करते हैं। लेकिन कई बार ये डिस्काउंट ऑफर पुराने स्टॉक या एक्सपायरी डेट के करीब पहुँच चुके सामान पर चलते हैं। ऐसे में अगर आपने बिना देखे सामान खरीदा तो बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।

    👉 खासकर खाद्य पदार्थ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदते समय उनकी एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक करें।

    कपड़े खरीदने से पहले तुलना ज़रूरी

    डीमार्ट में कपड़ों पर बड़ी छूट दी जाती है। लेकिन कई बार वही कपड़े आपको लोकल मार्केट या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर और भी कम कीमत में मिल सकते हैं।

    👉 इसलिए कपड़े खरीदने से पहले अन्य दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेज़न, मिंत्रा या फ्लिपकार्ट की कीमत ज़रूर चेक करें।

    इलेक्ट्रॉनिक सामान पर न करें जल्दबाज़ी

    डीमार्ट में इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स भी उपलब्ध होते हैं। लेकिन इनकी कीमत हमेशा कम हो ऐसा ज़रूरी नहीं।
    अक्सर त्योहारों के समय अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर बेहतर डील मिल जाती है।

    👉 इसलिए फ्रिज, मिक्सर, मोबाइल एक्सेसरीज़ या छोटे गैजेट्स खरीदने से पहले उनकी ऑनलाइन कीमत ज़रूर जांचें।

    त्योहारों के समय बचत का सही तरीका

    दसरा और दिवाली जैसे त्योहारों में डीमार्ट ग्राहकों से खचाखच भरा रहता है। इस दौरान बड़े-बड़े ऑफर दिए जाते हैं।
    लेकिन याद रखें, त्योहारों पर सिर्फ डीमार्ट ही नहीं बल्कि अन्य स्टोर्स और ई-कॉमर्स साइट्स पर भी डिस्काउंट चलते हैं।

    👉 समझदारी इसी में है कि खरीदारी करने से पहले अलग-अलग जगह की कीमतें और ऑफर तुलना करके फिर फैसला लिया जाए।

    आर्थिक नुकसान से कैसे बचें?

    • हमेशा एक्सपायरी डेट देखकर ही खाद्य और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदें।
    • कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमत की तुलना करें।
    • त्योहारों के सीजन में धैर्य रखें और ऑफर्स की जांच-पड़ताल करें।
    • सिर्फ डिस्काउंट देखकर सामान न खरीदें, ज़रूरत और क्वालिटी को प्राथमिकता दें।

    डीमार्ट में शॉपिंग करना वाकई सस्ता और सुविधाजनक है, लेकिन अगर आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो डिस्काउंट के चक्कर में आपका आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए अगली बार जब भी डीमार्ट जाएं, तो सावधानी से खरीदारी करें और तुलना करना न भूलें।

  • जोगेश्वरी में टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत

    जोगेश्वरी में टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत

    मुंबई के जोगेश्वरी में पानी के टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत, भतीजा घायल। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

    मुंबई; शहर में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार दोपहर जोगेश्वरी (पूर्व) इलाके में एक दर्दनाक दुर्घटना हुई, जिसमें पानी के टैंकर ने स्कूटर को टक्कर मार दी। इस हादसे में 63 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा मामूली रूप से घायल हो गया।

    हादसा कैसे हुआ?

    यह घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे जोगेश्वरी (पूर्व) के एक स्कूल गेट के पास हुई। स्कूटर चला रहा आदित्य जाधव (19) अपनी बुआ आशा दत्ताराम जाधव (63) को घर छोड़ने जा रहा था। तभी अचानक पीछे से आ रहे पानी के टैंकर ने स्कूटर को बाईं ओर से टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि आशा जाधव सड़क पर गिर गईं। हादसे में टैंकर का अगला पहिया उनके हाथ पर चढ़ गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।

    मृतका कहां की रहने वाली थीं?

    पुलिस के अनुसार, मृतका आशा जाधव अपने बेटे सूरज (21) के साथ यशवंत नगर, जोगेश्वरी (पूर्व) में रहती थीं। सोमवार को वे अपने भतीजे आदित्य के घर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद आदित्य उन्हें स्कूटर से घर छोड़ने जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया।

    टैंकर चालक पर लापरवाही का आरोप

    पीड़ित आदित्य जाधव ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि टैंकर चालक फोन पर बात कर रहा था और सड़क पर ध्यान नहीं दे रहा था। इसी लापरवाही की वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ।

    आशा जाधव को तुरंत पास के ट्रॉमा हॉस्पिटल, जोगेश्वरी ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    हादसे की जानकारी मिलते ही जोगेश्वरी पुलिस मौके पर पहुंची। टैंकर चालक अंगद कुमार को हिरासत में लिया गया और उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया।

    सीनियर इंस्पेक्टर इकबाल शिकलगर ने बताया कि “चालक को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद थाने से रिहा कर दिया गया है।”

    स्थानीय लोगों की नाराज़गी

    घटना के बाद इलाके के लोगों ने आक्रोश जताया। उनका कहना है कि जोगेश्वरी इलाके में पानी के टैंकर अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही से चलते हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।

    सड़क सुरक्षा पर सवाल

    यह हादसा एक बार फिर मुंबई में सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।

    • क्या भारी वाहन चालकों पर सख्त निगरानी हो रही है?
    • क्या मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है?

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग ज़रूरी है।

    जोगेश्वरी हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। 63 वर्षीय आशा जाधव की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। वहीं, पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • मुंबई पुलिस ने 72 लाख के सोना चोरी का आरोपी को पकड़ा

    मुंबई पुलिस ने 72 लाख के सोना चोरी का आरोपी को पकड़ा

    कामोठे, नवी मुंबई में ज्वेलरी शॉप से 72 लाख की चोरी करने वाला आरोपी बोरीवली स्टेशन पर पकड़ा गया। पुलिस ने पूरी चोरी की मालमत्ता बरामद की।

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    मुंबई: नवी मुंबई के कामोठे सेक्टर-12 स्थित पारसनाथ ज्वेलर्स में हुई बड़ी चोरी को पुलिस ने महज़ चार घंटे में सुलझा दिया। आरोपी राजस्थान भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुंबई पुलिस की सतर्कता से उसे बोरीवली स्टेशन इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चोरी किए गए 78 तोले सोने के दागिने, 18 छोटे हीरे और ₹1.39 लाख नकद सहित करीब 72 लाख रुपये की मालमत्ता बरामद किया है।

    चोरी की घटना कैसे हुई?

    घटना 6 सितंबर 2025 की दोपहर 2 से 3 बजे के बीच कामोठे, पनवेल के पारसनाथ ज्वेलर्स में हुई। आरोपी ने दुकान से सोने-हीरे के दागिने और नकदी लेकर फरार हो गया।

    चोरी की जानकारी सामने आते ही नवी मुंबई पुलिस और अपराध शाखा सक्रिय हो गई। इस बीच आरोपी बोरीवली स्टेशन के पास संदिग्ध हालचाल में पुलिस को दिखा।

    पुलिस की सतर्कता से आरोपी गिरफ्तार

    कस्तुरबा मार्ग पुलिस ठाणे की गश्त टीम को एक युवक संदिग्ध रूप से घूमता दिखाई दिया। पूछताछ में उसने टालमटोल की और बैग की जांच करने पर उसमें सोने के दागिने और नकद मिले। गहन पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने कामोठे स्थित ज्वेलरी दुकान से चोरी की और अब राजस्थान अपने गांव लौटने जा रहा था।

    नवी मुंबई पुलिस से समन्वय

    मुंबई पुलिस ने तुरंत नवी मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-3 से संपर्क साधा। जांच में पुष्टि हुई कि पारसनाथ ज्वेलर्स में उसी दिन चोरी हुई है। इसके बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर माल समेत नवी मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    आरोपी कौन है?

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान करणसिंह नाथूसिंह खारवार, निवासी केलवा, जिला राजसमंद, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपने गांव भागने की फिराक में था।

    बरामद मालमत्ता

    पुलिस ने आरोपी के पास से जब्त किया

    • 78 तोले सोने के दागिने
    • 18 छोटे हीरे
    • ₹1,39,200 नकद

    बरामद माल की कुल कीमत करीब 70-72 लाख रुपये आंकी गई है।

    पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई

    यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयराज रणवरे के नेतृत्व में हुई। पुलिस उपायुक्त परिमंडल-12 आनंद भोईटे, सहायक पुलिस आयुक्त मालोजी शिंदे और पुलिस निरीक्षक (क्राईम) सुभाष जाधव के मार्गदर्शन में टीम ने त्वरित कार्रवाई की।

    गुन्हे प्रकटीकरण पथक में शामिल थे:

    • पोउनि धिरज वायकोस
    • पोउनि अनिकेत शिंदे
    • पोह. राजेश पेडणेकर
    • पोह. करुणेश म्हात्रे
    • पोशि. महांतेश सवळी
    • पोशि. तुषार पुजारी
    • पोशि. अनिकेत सकपाळ
    • पोशि. अमोल फोपसे
    • पोशि. राहुल सांगळे
    • पोशि. विकेश शिंगटे
    • पोशि. महादेव पुरी
    • पोशि. राहुल वडर
    • पोशि. प्रविष फर्डे

    केस दर्ज

    इस चोरी के मामले में कामोठे पुलिस ठाणे में गुन्हा रजि. क्र. 0173/2025, कलम 306 भान्यासं के तहत केस दर्ज किया है। आगे की जांच नवी मुंबई पुलिस कर रही है।

    मुंबई पुलिस की तेजी और सतर्कता के चलते चोरी की यह वारदात कुछ ही घंटों में सुलझा ली गई। आरोपी को पकड़कर पूरी चोरी का माल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि पुलिस की गश्त और सतर्कता कितनी अहम है।

  • मुंबई एयरपोर्ट पर हंगामा, फ्लाइट लेट होने से यात्रियों की परेशानी

    मुंबई एयरपोर्ट पर हंगामा, फ्लाइट लेट होने से यात्रियों की परेशानी

    मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मैनेजमेंट और कर्मचारियों के विवाद से फ्लाइट लेट, यात्रियों को हुई भारी असुविधा। जानें पूरी घटना।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का आंतरराष्ट्रीय विमानतळ (मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट) मंगलवार सुबह अचानक चर्चा में आ गया, जब एयरपोर्ट मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच हुए विवाद ने यात्रियों को परेशान कर दिया। इस विवाद के कारण कुछ देर के लिए एयरपोर्ट का कामकाज बाधित हुआ और एक विमान का उड़ान समय पर नहीं हो सका।

    अचानक क्यों हुआ हंगामा?

    सुबह जैसे ही विमान उड़ान के लिए तैयार था, तभी एयरपोर्ट प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच टकराव हो गया। मामूली विवाद धीरे-धीरे बढ़ गया और कामकाज ठप्प हो गया। विमान के यात्रियों को सीटों पर इंतजार करना पड़ा और उन्हें जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इस वजह से माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।

    यात्रियों को जानकारी न देने की शिकायत

    घटना के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को हुई। कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें फ्लाइट लेट होने की वजह या अन्य जरूरी जानकारी समय पर नहीं दी गई। कई लोग जरूरी मीटिंग, मेडिकल अपॉइंटमेंट और ट्रांजिट फ्लाइट मिस होने की चिंता में परेशान नजर आए।

    एक यात्री ने कहा – “अगर हमें सही समय पर जानकारी दी जाती, तो हम अपना अगला शेड्यूल एडजस्ट कर सकते थे। लेकिन यहां घंटों बैठने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा था।”

    कामगार संघटना का बयान

    कामगार संघटना के पदाधिकारी सुहास माटे ने बताया कि, एयरपोर्ट मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच संवादहीनता के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद समस्या का समाधान कर लिया गया है और अब एयरपोर्ट पर कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया है।

    विवाद का समाधान और स्थिति नियंत्रण में

    कुछ घंटों की चर्चा और मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि अब फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य हो गया है और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा पर कोई असर नहीं पड़ा है।

    एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा

    मुंबई एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक है। यहां रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं यात्रियों के लिए चिंता का विषय हैं। हालांकि, अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

    विशेषज्ञों की राय

    एविएशन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच तालमेल जरूरी है। अगर ऐसे विवाद समय पर हल न हों तो यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

    यात्रियों की उम्मीदें

    यात्रियों का कहना है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी को पारदर्शिता के साथ यात्रियों को तुरंत अपडेट देना चाहिए। टेक्नोलॉजी के इस दौर में मोबाइल अलर्ट और ईमेल अपडेट से यात्रियों को तुरंत सूचना दी जा सकती है।

    मुंबई एयरपोर्ट पर हुआ यह विवाद भले ही कुछ घंटों में सुलझ गया हो, लेकिन इसने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर सेवा और पारदर्शिता मिले, यही सबसे बड़ी उम्मीद है।