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  • मुंबई में आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का खेल, गरीबों के घर और दुकानें खतरे में

    मुंबई में आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का खेल, गरीबों के घर और दुकानें खतरे में

    मुंबई के मालाड, कांदिवली और बोरीवली में फर्जी नक्शों के जरिए आरक्षित जमीन पर गरीबों की बस्तियां और दुकानें अवैध बताई जा रही हैं। मंत्री आशीष शेलार ने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए।

    🚨 आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का खुलासा

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के पी-नॉर्थ, आर-साउथ और आर-सेंट्रल विभागों में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां बिल्डरों और मनपा अधिकारियों की मिलीभगत से आरक्षित जमीनों के फर्जी नक्शे बनाए गए और उन्हीं नक्शों के आधार पर गरीबों के घर, चॉल और दुकानें अवैध घोषित कर दिए गए।

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    🏘️ मालाड, कांदिवली और बोरीवली में 350 से ज्यादा परिसरों को नोटिस

    मंत्री आशीष शेलार ने बोरीवली स्थित आर-सेंट्रल कार्यालय में हुई बैठक में कहा कि मालाड, कांदिवली और बोरीवली इलाके के 350 से ज्यादा परिसरों को अवैध ठहराते हुए नोटिस जारी किए गए। इनमें नागरिकों के घर, इमारतें, गांवठण और चॉलें शामिल हैं।

    🛑 SIT जांच का गलत इस्तेमाल

    शेलार ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि SIT जांच सिर्फ विशेष मामलों के लिए है। लेकिन उसके नाम पर आम नागरिकों को उनके घर-दुकानों से बेदखल करना पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है।

    📝 फर्जी स्कैनिंग और जिम्मेदार अधिकारी

    मंत्री ने कहा कि अगर नक्शों की स्कैनिंग के दौरान जानबूझकर फेरबदल किया गया है, तो सिर्फ ठेकेदार ही नहीं बल्कि उन्हें नियुक्त करने वाले अधिकारियों की भी जांच होगी। बताया जा रहा है कि 950 से ज्यादा गांवठणों को नोटिस भेजी गई है, जिससे लोग परेशान हैं।

    📊 सरकार पर पुनर्विचार का दबाव

    इस मामले में पहले एक समिति बनी थी और अब SIT जांच भी चल रही है। लेकिन कई पीड़ित नागरिकों का आरोप है कि उन्हें बिना वजह परेशान किया जा रहा है।
    मंत्री शेलार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस रिपोर्ट पर दोबारा विचार किया जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी यही मांग उठाई है।

    ⚠️ आंदोलन की चेतावनी

    पीड़ित नागरिकों ने कहा है कि अगर सरकार ने जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

    📌 FAQ सेक्शन – मुंबई आरक्षित जमीन घोटाला

    1. मुंबई में आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का मामला क्या है?

    👉 मालाड, कांदिवली और बोरीवली में बीएमसी अधिकारियों और बिल्डरों की मिलीभगत से फर्जी नक्शे बनाकर गरीबों के घर, चॉल और दुकानों को अवैध ठहराने का आरोप है।

    2. किन इलाकों में फर्जी नक्शों के आधार पर नोटिस दिए गए?

    👉 पी-नॉर्थ, आर-साउथ और आर-सेंट्रल विभागों के तहत आने वाले मालाड, कांदिवली और बोरीवली में 350 से ज्यादा परिसरों को नोटिस जारी किया गया।

    3. इस घोटाले में कितनी बस्तियों और गांवठणों को नोटिस मिली?

    👉 लगभग 950 गांवठण और 350 से ज्यादा परिसरों को अवैध बताते हुए नोटिस जारी की गई हैं।

    4. आशीष शेलार ने इस मामले पर क्या कदम उठाए?

    👉 मंत्री आशीष शेलार ने बोरीवली आर-सेंट्रल कार्यालय में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि SIT रिपोर्ट का गलत इस्तेमाल न हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

    5. क्या मुंबई के लोग आंदोलन करेंगे?

    👉 हाँ, पीड़ित नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन करेंगे।

  • महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी का किराया तय: ₹15 से होगी शुरुआत

    महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी का किराया तय: ₹15 से होगी शुरुआत

    महाराष्ट्र सरकार ने बाइक टैक्सी का न्यूनतम किराया ₹15 तय किया है, जो 1.5 किमी तक लागू होगा। इसके बाद प्रति किमी ₹10.27 किराया लगेगा। नियम पूरे राज्य में लागू होंगे।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए न्यूनतम किराया ₹15 तय कर दिया है। यह किराया 1.5 किमी दूरी के लिए लागू होगा। इसके बाद प्रति किलोमीटर ₹10.27 का किराया वसूला जाएगा।

    सभी शहरों में लागू होंगे नियम

    ये नियम पूरे महाराष्ट्र में लागू होंगे। सरकार ने 4 जुलाई 2024 को जारी अधिसूचना में “महाराष्ट्र बाइक टैक्सी रूल्स 2025” के तहत बाइक टैक्सी और बाइक पूलिंग सेवाओं को मंजूरी दी थी। यह सेवाएं 1 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में शुरू की जा सकेंगी।

    किस फॉर्मूले पर तय हुआ किराया?

    किराए का निर्धारण खौटा कमेटी (Khauta Committee) की सिफारिशों पर किया गया है। यह कमेटी अक्टूबर 2016 में बनी थी, जिसका काम टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के किराए का स्ट्रक्चर तय करना था।

    बिना लाइसेंस चल रहीं सेवाओं पर एक्शन

    पिछले हफ्ते महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने बाइक टैक्सी एग्रीगेटर्स की 57 गाड़ियों पर कार्रवाई की और ₹1.5 लाख का जुर्माना वसूला।
    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बाइक टैक्सी सेवाएं बिना लाइसेंस के चल रही हैं

    बैठक में हुआ फैसला

    यह फैसला 18 अगस्त को हुई STA (स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) की बैठक में लिया गया था, जिसकी अध्यक्षता परिवहन सचिव संजय सेठी ने की थी। सोमवार को इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाई गई।

    📌 FAQ सेक्शन – महाराष्ट्र बाइक टैक्सी किराया 2025

    1. महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी का न्यूनतम किराया कितना है?

    👉 महाराष्ट्र सरकार ने न्यूनतम किराया ₹15 तय किया है, जो 1.5 किलोमीटर तक लागू होगा।

    2. बाइक टैक्सी का प्रति किलोमीटर किराया कितना होगा?

    👉 1.5 किमी के बाद प्रति किलोमीटर का किराया ₹10.27 होगा

    3. महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवा कहाँ चलेगी?

    👉 यह सेवा उन शहरों में चलेगी जहाँ आबादी 1 लाख से ज्यादा है।

    4. बाइक टैक्सी किराया किस फॉर्मूले से तय हुआ?

    👉 किराया खौटा कमेटी (2016 में बनी चार सदस्यीय पैनल) की सिफारिशों के आधार पर तय किया गया है।

    5. क्या महाराष्ट्र में बिना लाइसेंस बाइक टैक्सी चलाना गैरकानूनी है?

    👉 हाँ ✅ पिछले हफ्ते परिवहन विभाग ने 57 गाड़ियों पर एक्शन लेकर ₹1.5 लाख का जुर्माना लगाया।

    6. महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम 2025 कब लागू हुए?

    👉 महाराष्ट्र सरकार ने 4 जुलाई 2024 को “महाराष्ट्र बाइक टैक्सी रूल्स 2025” की अधिसूचना जारी की थी।

    7. महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी किराया किसने तय किया?

    👉 यह फैसला स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) की बैठक (18 अगस्त 2025) में लिया गया और इसे परिवहन सचिव संजय सेठी ने मंजूरी दी।

  • मुंबई में रेड अलर्ट, यूपी के 80 गांव डूबे, राजस्थान से मॉनसून विदा

    मुंबई में रेड अलर्ट, यूपी के 80 गांव डूबे, राजस्थान से मॉनसून विदा

    मुंबई में रेड अलर्ट के साथ तेज बारिश और 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी। यूपी के उन्नाव में 80 गांव बाढ़ से डूबे, राजस्थान से मॉनसून तय समय से पहले विदा।

    नेशनल डेस्क
    मुंबई: मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 3 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया। इस दौरान 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और भारी बारिश होने की संभावना जताई गई।

    https://indian-fasttrack.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-4_1757915237.webp

    महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अनुमान

    IMD ने बताया है कि अगले तीन दिनों तक महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश हो सकती है। इससे जनजीवन पर असर पड़ने और ट्रैफिक, ट्रेनों व हवाई सेवाओं में देरी की आशंका है।

    यूपी के उन्नाव में 80 गांव जलमग्न

    उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा नदी उफान पर है। करीब 80 गांव पानी में डूब गए हैं और अब गांवों की सड़कों पर नावें चल रही हैं।

    https://indian-fasttrack.com/2024/04/05/fake-documents-revealed-in-court-for-bail

    मणिपुर, तेलंगाना और उत्तराखंड में भी बारिश का कहर

    • मणिपुर में रविवार को हुई भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन कई जिलों में फैल गए।
    • तेलंगाना और उत्तराखंड में भी जमकर बारिश हुई।
    • हैदराबाद में तीन लोग लापता हो गए, जिनमें से दो के बह जाने की आशंका है।

    हिमाचल और पंजाब में भारी नुकसान

    • जून से अब तक हिमाचल प्रदेश में 404 लोगों की मौत बारिश और भूस्खलन की वजह से हो चुकी है।
    • पंजाब में बाढ़ से करीब ₹14,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। कांग्रेस नेता पर्गट सिंह ने SDRF फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।

    राजस्थान से तय समय से पहले मॉनसून विदा

    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान से मॉनसून रविवार को ही वापस हो गया, जो सामान्य समय से तीन दिन पहले है।

    • यह श्रीगंगानगर, नागौर, जोधपुर और बीकानेर से पीछे हट चुका है।
    • अगले 2-3 दिनों में यह पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी विदा हो जाएगा।
    • हालांकि, मध्य प्रदेश में मॉनसून करीब दो हफ्ते और रहेगा

    झारखंड में 16 जिलों में अलर्ट

    रांची और आसपास के इलाकों में रविवार दोपहर से ही बारिश हो रही है।

    • शाम 5:30 बजे तक रांची में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई।
    • 15 से 18 सितंबर के बीच राज्य के ज्यादातर जिलों में बारिश का अनुमान है।
    • 16 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

    उपग्रह से दिखे घने बादल

    मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी यूपी, कोंकण, ओडिशा, विदर्भ और उत्तर-पूर्वी राज्यों के ऊपर घने बादल छाए हुए हैं, जिससे अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश के आसार हैं।

    कश्मीर में ईंधन संकट

    जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन की वजह से तेल टैंकरों का रास्ता बंद हो गया, जिसके चलते घाटी में ईंधन संकट गहरा गया है।

    एयर ट्रेवल पर असर

    तेज तूफान और बारिश की वजह से इंडिगो की इंदौर-पुणे फ्लाइट को पहले सूरत और फिर अहमदाबाद डायवर्ट करना पड़ा। यात्रियों को पूरी रात फंसे रहना पड़ा और फ्लाइट सुबह 5 बजे जाकर लैंड कर पाई।

  • गड़चिरोली में नक्सली गिरफ्तार, तडगांव जंगल में तोड़फोड़ की साजिश नाकाम

    गड़चिरोली में नक्सली गिरफ्तार, तडगांव जंगल में तोड़फोड़ की साजिश नाकाम

    गड़चिरोली पुलिस ने भामरागढ़ इलाके से एक खूंखार नक्सली को गिरफ्तार किया। आरोपी शंकर भीमा महाका 2022 में सड़क निर्माण के 19 वाहन जलाने की वारदात में शामिल था और तडगांव जंगल में तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था।

    डिजिटल डेस्क
    गड़चिरोली: महाराष्ट्र पुलिस ने नक्सल प्रभावित भामरागढ़ उपविभाग के तिराकामेटा गांव के जंगल इलाके से एक खूंखार माओवादी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शंकर भीमा महाका (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गड़चिरोली जिले के परायणार गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।

    पुलिस के मुताबिक, यह माओवादी भामरागढ़ दलम से जुड़ा हुआ है और इलाके में तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था।

    2022 की बड़ी वारदात से जुड़ा आरोपी

    शंकर भीमा महाका कोई साधारण नक्सली नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह 21 जनवरी 2022 की उस बड़ी घटना में शामिल था जिसमें नक्सलियों ने सड़क निर्माण के लिए काम कर रहे 19 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। यह हमला गड़चिरोली में नक्सलियों की ताकत और उनके आतंकी इरादों को साफ दिखाता था।

    इस घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में थी। अब उसकी गिरफ्तारी को गड़चिरोली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

    पुलिस ने कैसे पकड़ा?

    शनिवार को पुलिस की एक टीम ने तडगांव जंगल के इलाके में पेट्रोलिंग शुरू की थी। इसी दौरान उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति जंगल में घूमता नजर आया।

    • पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की।
    • पहचान करने पर पता चला कि यह शख्स शंकर भीमा महाका है।
    • पुलिस को शक है कि वह इलाके की टोह ले रहा था और आगे किसी बड़े हमले या तोड़फोड़ की तैयारी कर रहा था।

    नक्सलियों की “तोड़फोड़ की रणनीति”

    गड़चिरोली और आसपास के इलाके लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं। नक्सली अक्सर सड़क निर्माण, पुल निर्माण, और सरकारी विकास प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाते हैं ताकि स्थानीय लोगों तक सुविधाएं न पहुंच सकें।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शंकर महाका जैसे नक्सली इलाके में सर्वे और रेकी (reconnaissance) करते हैं और फिर अपनी टीम को बुलाकर हमला कराते हैं।

    नक्सलियों का नेटवर्क और दबाव

    गड़चिरोली के भामरागढ़, एटापल्ली और कोरची इलाकों में नक्सलियों का मजबूत नेटवर्क बताया जाता है।

    • स्थानीय युवाओं को डर और लालच देकर नक्सली अपने संगठन में शामिल करते हैं।
    • विकास कार्यों का विरोध करके वे सरकार और जनता के बीच दूरी पैदा करते हैं।
    • आदिवासी इलाकों में वे अपने प्रभाव को बचाए रखने के लिए हिंसा और डर का सहारा लेते हैं।

    शंकर महाका जैसे नक्सली इस नेटवर्क का अहम हिस्सा होते हैं।

    https://indian-fasttrack.com/2023/08/18/uddhav-thackeray-dont-insist-on-ticket-but-be-prepared-uddhav-thackeray-told-the-plan-to-shiv-sainiks-in-matoshree

    पुलिस-नक्सली संघर्ष का इतिहास

    गड़चिरोली पुलिस और नक्सलियों के बीच पिछले कुछ सालों में कई मुठभेड़ें हुई हैं। पुलिस ने लगातार ऑपरेशन प्रहार जैसे अभियान चलाकर नक्सलियों पर दबाव बनाया है।

    • कई टॉप नक्सली कमांडर मुठभेड़ों में मारे गए।
    • कई बार नक्सली संगठन को भारी नुकसान भी हुआ।
    • लेकिन जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर नक्सली आज भी सक्रिय रहते हैं।

    शंकर महाका की गिरफ्तारी क्यों अहम है?

    इस गिरफ्तारी के कई मायने हैं:

    1. 2022 की वारदात का आरोपी पुलिस के हाथ लगा।
    2. उसकी गिरफ्तारी से नक्सलियों की कई साजिशें सामने आ सकती हैं।
    3. पुलिस को अब उसके नेटवर्क और संपर्कों के बारे में भी अहम सुराग मिल सकते हैं।
    4. इलाके में विकास कार्यों की सुरक्षा को लेकर राहत मिलेगी।
    https://indian-fasttrack.com/2023/03/14/funds-going-to-40-mlas-of-eknath-shinde-bjp-mlas-unhappy

    गड़चिरोली में नक्सलवाद का इतिहास

    गड़चिरोली महाराष्ट्र का सबसे नक्सल प्रभावित जिला माना जाता है। यहां का जंगल इलाका, पहाड़ी और दुर्गम भूगोल नक्सलियों को छिपने और ऑपरेशन चलाने के लिए मदद करता है।

    • 1980 के दशक में आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से नक्सलियों ने गड़चिरोली में कदम रखा।
    • धीरे-धीरे उन्होंने आदिवासी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
    • शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का फायदा उठाकर नक्सली खुद को “गरीबों और आदिवासियों के मसीहा” के तौर पर पेश करते हैं।
    • लेकिन समय के साथ यह साफ हो गया कि नक्सली सिर्फ हिंसा, खून-खराबा और विकास विरोध की राजनीति करते हैं।

    गड़चिरोली पुलिस बनाम नक्सली संघर्ष की टाइमलाइन

    • 2009: गड़चिरोली में नक्सलियों ने पुलिस की बस पर हमला किया, जिसमें 17 जवान शहीद हुए।
    • 2013: एटापल्ली इलाके में नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला किया, कई बड़े नेता मारे गए।
    • 2018: पुलिस ने एटापल्ली और भामरागढ़ में बड़ी मुठभेड़ों में दर्जनों नक्सलियों को मार गिराया।
    • 2022: शंकर महाका जैसे नक्सलियों ने सड़क निर्माण रोकने के लिए 19 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
    • 2023-24: ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने कई नक्सली कैडर को खत्म किया और दर्जनों को गिरफ्तार किया।

    गड़चिरोली की मौजूदा स्थिति

    आज भी गड़चिरोली, खासकर भामरागढ़, एटापल्ली, कोरची और धानोरा इलाकों में नक्सलियों का दबदबा है।

    • यहां नक्सली ठेकेदारों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम लोगों पर दबाव डालते हैं।
    • कई बार वे स्कूल जलाते हैं, सड़कें और पुल तोड़ते हैं ताकि सरकारी योजनाएं न पहुंच सकें।
    • लेकिन पुलिस और सरकार लगातार विकास और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर काम कर रही है।

    जनता की बदलती सोच

    जहां पहले लोग नक्सलियों से डरकर चुप रहते थे, वहीं अब धीरे-धीरे लोग पुलिस पर भरोसा करने लगे हैं।

    • शिक्षा और सड़क की पहुंच बढ़ने से लोग समझने लगे हैं कि नक्सली सिर्फ विकास के दुश्मन हैं।
    • अब कई आदिवासी परिवार अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए शहर भेज रहे हैं।
    • पुलिस भी “जनसंवाद अभियान” चलाकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश कर रही है।

    इलाके के लोगों की प्रतिक्रिया

    गांव के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जब तक नक्सली इलाके में रहेंगे, विकास रुकता रहेगा और लोग डर में जीते रहेंगे।

    पुलिस का कहना है कि शंकर महाका की गिरफ्तारी से इलाके के लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वे धीरे-धीरे नक्सलियों के खिलाफ खड़े होंगे।

    आगे क्या होगा?

    गिरफ्तार नक्सली से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। संभावना है कि वह कई और नक्सलियों के नाम और उनके ठिकानों की जानकारी दे सकता है।

    इस जानकारी के आधार पर पुलिस आने वाले दिनों में और ऑपरेशन्स चलाएगी और नक्सली नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश करेगी।

  • गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे, महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे

    गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे, महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे

    गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे। सोमवार को वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने किया स्वागत।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत रविवार दोपहर अहमदाबाद से तेजस एक्सप्रेस से मुंबई पहुंचे। उन्हें महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके साथ उनकी पत्नी दर्शनादेवी भी मौजूद थीं।

    मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री मंगल प्रभात लोढा, राज्य के मुख्य सचिव राजेश कुमार और DGP रश्मि शुक्ला ने उनका स्वागत किया।

    रेलवे स्टेशन पर खास स्वागत

    मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर आचार्य देवव्रत का स्वागत रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया। बाद में जब वे राजभवन पहुंचे तो मुंबई पुलिस ने उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

    सोमवार को शपथ ग्रहण

    आचार्य देवव्रत सोमवार सुबह 11 बजे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली जब मौजूदा राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद इस्तीफा दिया।

    आचार्य देवव्रत का परिचय

    • जन्म: 18 जनवरी 1959, समालखा, हरियाणा
    • शिक्षा: गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्रिंसिपल रहे और भारतीय पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाया।
    • 2015 से 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे।
    • गुजरात में राज्यपाल रहते हुए शिक्षा, समाज और पर्यावरण से जुड़े कई अभियान चलाए।
    • 180 एकड़ ज़मीन पर प्राकृतिक खेती का सफल प्रयोग किया और 10 लाख से ज्यादा किसानों को प्रेरित किया।
    • पद्मश्री सुभाष पालेकर के साथ मिलकर ‘जीवामृत’ खाद का प्रचार-प्रसार किया।
    • आर्य समाज के प्रवक्ता के रूप में सामाजिक सुधार, गौ संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता पर खास योगदान दिया।

    क्यों है यह नियुक्ति अहम?

    महाराष्ट्र देश का एक अहम राजनीतिक और औद्योगिक राज्य है। यहां का राज्यपाल केंद्र और राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करता है।
    आचार्य देवव्रत की पृष्ठभूमि उन्हें न सिर्फ एक अनुभवी प्रशासक बल्कि सामाजिक सुधारक के तौर पर भी स्थापित करती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे महाराष्ट्र में अपनी जिम्मेदारियों को कैसे निभाते हैं।

  • मुंबई DRT-III लोक अदालत में 122 केस सुलझे, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    मुंबई DRT-III लोक अदालत में 122 केस सुलझे, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    मुंबई DRT-III में नेशनल लोक अदालत के दौरान 122 मामले निपटाए गए और ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हुई। इस प्रक्रिया में बैंक अफसरों, वकीलों और स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई।

    मुंबई: डेब्ट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल-III (DRT-III) में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस लोक अदालत में कुल 122 मामलों का निपटारा किया गया और बैंकों को करीब ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हासिल हुई।

    ये लोक अदालत स्रीकला सुरेश, इंचार्ज प्रेसीडिंग ऑफिसर के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण माहौल में किया गया।

    पैनल और मेंबर्स की अहम भूमिका

    कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व प्रेसीडिंग ऑफिसर वी.एन. लोथे पाटिल ने की। उनके साथ पैनल में सुधांशु एस. साहू (डिप्टी जनरल मैनेजर, केनरा बैंक) और एडवोकेट सुनील हम्ब्रे मौजूद थे।

    इनके सहयोग से कई जटिल मामले आसानी से सुलझे, जिससे बैंक और उधारकर्ताओं दोनों को राहत मिली।

    122 मामले निपटाए गए, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    इस लोक अदालत में बैंकों के लंबे समय से पेंडिंग पड़े केसों का समाधान हुआ। इसमें अधिकतर मामले लोन रिकवरी और सेटलमेंट से जुड़े थे।

    122 मामलों के समाधान के बाद ₹34.69 करोड़ की राशि रिकवर हुई। इसे बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

    रजिस्ट्रार का आभार व्यक्त

    DRT-III मुंबई के रजिस्ट्रार संजय जायसवाल ने सभी अफसरों, स्टाफ और लिटिगेंट्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की।

    उन्होंने खासतौर से स्टाफ मेंबर्स का नाम लेकर आभार जताया –

    • स्नेहल तलाशीळकर (असिस्टेंट रजिस्ट्रार)
    • परवेश शर्मा, मिलिंद खाटू, सतीश बोराडे, राजन कांबले, नरेंद्र महामुंकर, पवन मीणा, प्रवीन लबडे, किशोर इंदुलकर, अमरेन्द्र और प्रियांका गुरव

    लोक अदालत का महत्व

    लोक अदालत को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये एक ऐसा मंच है, जहां लंबे समय से पेंडिंग केस जल्दी और आपसी सहमति से सुलझाए जाते हैं। इससे अदालतों पर केसों का बोझ कम होता है और आम लोगों व बैंकों दोनों को राहत मिलती है।

    मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां बैंकिंग ट्रांजैक्शन और लोन से जुड़े विवाद बहुत आम हैं, वहां इस तरह की पहल बेहद कारगर साबित होती है।

    मुंबई DRT-III की इस लोक अदालत ने दिखा दिया कि अगर सही माहौल और सहयोग मिले तो जटिल से जटिल केस भी आसानी से सुलझ सकते हैं। इस बार का नतीजा ₹34.69 करोड़ की रिकवरी के साथ काफी सकारात्मक रहा। उम्मीद है कि आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे और बैंकिंग सेक्टर में पेंडिंग केसों का बोझ कम होगा।

  • ठाणे में महिला ने दुकान मालिक को पीटा, मुंबई में कार ने चार लोगों को मारी टक्कर

    ठाणे में महिला ने दुकान मालिक को पीटा, मुंबई में कार ने चार लोगों को मारी टक्कर

    ठाणे में महिला ने उत्पीड़न से परेशान होकर दुकान मालिक को चप्पल से पीटा, वीडियो वायरल। मुंबई के घाटकोपर में तेज रफ्तार कार ने फुटपाथ पर चल रहे चार लोगों को टक्कर मारी, एक की हालत गंभीर।

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र: ठाणे में एक महिला ने अपने दुकान मालिक की हरकतों से परेशान होकर उसे बीच बाजार चप्पल से पीट दिया। बताया जा रहा है कि महिला को लंबे समय से अश्लील मैसेज भेजकर परेशान किया जा रहा था। जब हद पार हो गई तो महिला अपनी मां के साथ दुकान पहुंची और मालिक से सवाल-जवाब किया।

    महिला का गुस्सा फूटा, दुकान मालिक को चप्पल से पीटा

    गुस्से में महिला ने दुकान के अंदर ही 55 साल के दुकानदार पर हमला कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने पूरा मामला मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पुलिस को घटना की जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने कहा है कि शिकायत आने पर कार्रवाई जरूर होगी।

    वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी

    सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिला दुकानदार को लगातार चप्पल से मार रही है। वहां खड़े लोग बीच-बचाव करने की कोशिश करते नजर आते हैं, लेकिन महिला का गुस्सा थमने का नाम ही नहीं ले रहा।

    सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता ने पहले कई बार दुकानदार को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने सीधा एक्शन लिया।

    मुंबई के घाटकोपर में बड़ा हादसा

    इधर मुंबई के घाटकोपर इलाके में एलबीएस रोड पर शनिवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। तेज रफ्तार से दौड़ती एक कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और सीधे फुटपाथ पर चढ़ गई। इस दौरान वहां चल रहे चार लोगों को कार ने टक्कर मार दी।

    घटना में चारों लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    कार में शराब की बोतलें मिलीं, तीन लोग फरार

    सीसीटीवी फुटेज में हादसे के बाद कार से दो महिलाएं और एक पुरुष बाहर निकलते हुए नजर आए। जानकारी के मुताबिक, पुरुष मौके से भाग गया जबकि दोनों महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

    पुलिस को कार से शराब की बोतलें भी मिली हैं, जिससे शक है कि ड्राइवर नशे की हालत में था। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।

    लोगों में गुस्सा और चिंता

    ठाणे की घटना हो या मुंबई का हादसा – दोनों मामलों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ महिलाएं उत्पीड़न का सामना कर रही हैं तो दूसरी तरफ सड़क हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिनकी वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना और तेज रफ्तार है।

    लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।

  • मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी वाहिद शेख ने मांगा 9 करोड़ मुआवजा

    मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी वाहिद शेख ने मांगा 9 करोड़ मुआवजा

    2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी हुए वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने 9 साल की जेल और परिवार को झेली पीड़ा के लिए 9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।

    मुंबई: 2006 के मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में झूठे आरोपों में फंसे और बाद में बरी हुए डॉ. वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से 9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। शेख का कहना है कि यह सिर्फ पैसों की लड़ाई नहीं बल्कि इंसाफ़ और स्वीकार्यता की लड़ाई है।

    9 साल जेल, जिंदगी बर्बाद

    शेख ने बताया कि उन्हें एटीएस ने साल 2006 में हुए ट्रेन ब्लास्ट मामले में मकोका के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें नौ साल तक जेल में रहना पड़ा। 11 सितंबर 2015 को विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
    उन्होंने कहा – “मैं जेल से तो बाहर आ गया, लेकिन मेरी जवानी के सबसे अहम 9 साल, परिवार की खुशियां और समाज में इज्ज़त सब कुछ छिन गया।”

    9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

    वाहिद शेख ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से मुआवजे की मांग की है।
    उनका दावा है कि जेल में रहने और झूठे आरोपों से हुए सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक नुकसान की कीमत कोई चुका नहीं सकता। लेकिन, 9 करोड़ रुपये कम-से-कम उनके साथ हुए अन्याय की आंशिक भरपाई करेगा।

    “इसलिए अब तक चुप था”

    शेख ने याचिका में लिखा कि वह नैतिक कारणों से पिछले 10 साल तक चुप रहे और मुआवजे की मांग नहीं की। लेकिन, अब उन्हें लगता है कि यह मुद्दा सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि उन सब लोगों के लिए है जो बेगुनाही के बावजूद सालों जेल में कैद रहे हैं।

    परिवार पर गहरा असर

    शेख पेशे से स्कूल टीचर हैं और परिवार के इकलौते कमाने वाले हैं। जेल में रहने के दौरान उनके परिवार को सामाजिक और आर्थिक तौर पर बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
    उन्होंने बताया कि इलाज और परिवार का खर्च चलाने के लिए लगभग 30 लाख रुपये का कर्ज़ लेना पड़ा।

    सामाजिक और भावनात्मक नुकसान

    वाहिद शेख का कहना है कि उन्हें हिरासत के दौरान प्रताड़ित भी किया गया। इन हालातों ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला। उन्होंने कहा – “मैं बाहर तो आ गया हूं, लेकिन जो दाग मेरे नाम पर लगे, उनका असर अब भी मेरे परिवार और बच्चों को झेलना पड़ रहा है।”

    पूरा मामला क्या था?

    11 जुलाई 2006 को मुंबई लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया था। इन धमाकों में 187 लोगों की मौत और 600 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
    ATS ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने 2015 में वाहिद शेख को बरी कर दिया, जबकि बाकी 12 आरोपियों को फांसी या उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

    जुलाई 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया।

    वाहिद शेख का संदेश

    शेख ने कहा कि उनका संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज के लिए है। उन्होंने मांग की कि सरकार और एजेंसियां झूठे मामलों में फंसे लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए।

  • Thane: घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक से परेशान नागरिकों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

    Thane: घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक से परेशान नागरिकों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

    ठाणे की घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक जाम से परेशान नागरिकों ने शुक्रवार को आनंद नगर सिग्नल पर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गड्ढों में सिर डालकर सरकार का ध्यान खींचा।

    ठाणे: मुंबई और ठाणे के बीच सबसे व्यस्त सड़कों में से एक घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक जाम से परेशान नागरिकों ने शुक्रवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आनंद नगर सिग्नल पर हुआ, जहां लोगों ने सड़क पर बने गड्ढों में सिर डालकर और पैर ऊपर उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

    गड्ढों में सिर डालकर किया विरोध

    प्रदर्शनकारियों ने इस प्रतीकात्मक आंदोलन से यह संदेश दिया कि ठाणेकर रोजाना किस मुश्किल का सामना कर रहे हैं। गड्ढों की वजह से ट्रैफिक का बुरा हाल है, जिससे लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। नागरिकों ने मांग की कि तुरंत सड़क की मरम्मत की जाए और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किया जाए।

    रोजमर्रा की जिंदगी पर असर

    घोडबंदर रोड हजारों लोगों के लिए अहम कनेक्टिविटी रूट है। लेकिन, जगह-जगह गड्ढों और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से यहां से गुजरना खतरनाक हो गया है। यात्रियों का कहना है कि ट्रैफिक जाम और गड्ढों ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज पर सीधा असर डाला है।

    हादसों का खतरा बढ़ा

    गड्ढों और ट्रैफिक की वजह से इस रूट पर हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करेगा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

    भारी वाहन हादसा: ट्रैफिक पुलिस घायल

    इसी बीच, बुधवार को घोडबंदर रोड के गौमुख घाट इलाके में दो कंटेनर ट्रकों की टक्कर में एक बड़ा हादसा हुआ। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस अधिकारी नाइक तडवी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और पैर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    ट्रकों की टक्कर से घंटों जाम

    हादसे के बाद ट्रैफिक कई किलोमीटर तक जाम हो गया। गाड़ियों की लंबी कतारें मिरारोड के फाउंटेन हॉटेल और नवघर तक देखी गईं। यह हादसा तब हुआ जब एक ट्रक का ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा और सामने से आ रहे दूसरे कंटेनर से भिड़ गया।

    नागरिकों की नाराजगी और उम्मीदें

    प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि अब उनकी सहनशक्ति खत्म हो गई है। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ठाणेकर उम्मीद कर रहे हैं कि इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन गंभीरता से समस्या का हल निकालेगा।

  • ✈️ मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: टेकऑफ के दौरान स्पाइसजेट प्लेन का पहिया गिरा, सभी यात्री सुरक्षित

    ✈️ मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: टेकऑफ के दौरान स्पाइसजेट प्लेन का पहिया गिरा, सभी यात्री सुरक्षित

    मुंबई एयरपोर्ट पर टेकऑफ के दौरान स्पाइसजेट के विमान का पहिया गिर गया। फ्लाइट में 75 यात्री सवार थे। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर सभी को सुरक्षित उतारा।

    मुंबई: शुक्रवार को मुंबई एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब स्पाइसजेट की एक Bombardier विमान के टेकऑफ के दौरान उसका एक पहिया गिर गया। विमान में करीब 75 यात्री सवार थे और यह फ्लाइट कांडला (गुजरात) के लिए रवाना हो रही थी।

    टेकऑफ के समय जैसे ही टेक्निकल खराबी सामने आई, पायलट ने तुरंत फ्लाइट को कंट्रोल करते हुए रनवे पर रोक दिया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत फुल इमरजेंसी घोषित कर दी और रेस्क्यू टीमों को अलर्ट कर दिया।

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    🛫 पायलट की समझदारी से बची बड़ी दुर्घटना

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान का एक पहिया टूटकर नीचे गिर गया। अगर फ्लाइट हवा में पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन पायलट की फुर्ती और एयरपोर्ट स्टाफ की मदद से विमान को रनवे पर ही सुरक्षित रोक लिया गया।

    एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ है और सभी सुरक्षित हैं

    👨‍👩‍👧 यात्रियों में दहशत, लेकिन सब सुरक्षित

    फ्लाइट में बैठे यात्रियों ने बताया कि अचानक ब्रेक लगने से सभी घबरा गए। कई यात्रियों को यह डर भी सताने लगा कि कहीं विमान में आग न लग जाए। लेकिन एयरपोर्ट स्टाफ और क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को शांत कराया और सुरक्षित बाहर निकाला।

    🏢 एयरलाइन और DGCA की जांच

    स्पाइसजेट एयरलाइन ने बयान जारी करते हुए कहा कि “टेकऑफ के समय टेक्निकल खराबी आई थी, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित हैं। DGCA (Directorate General of Civil Aviation) को इस मामले की जानकारी दे दी गई है और पूरी जांच शुरू कर दी गई है।”

    ✍️ इससे पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं

    यह पहला मौका नहीं है जब मुंबई एयरपोर्ट पर ऐसी टेक्निकल गड़बड़ी सामने आई हो। इससे पहले भी कई बार फ्लाइट्स को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी है। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि एयरलाइंस को टेक्निकल चेकिंग सिस्टम और भी मजबूत करने की जरूरत है।

    🚧 यात्रियों के लिए असुविधा

    इस घटना के चलते मुंबई एयरपोर्ट पर करीब आधे घंटे तक उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। कई डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स को रनवे क्लियर होने तक रोकना पड़ा।