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  • मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई के खिलाफ मंत्रालय में चर्चा और ज्ञापन, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

    मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई के खिलाफ मंत्रालय में चर्चा और ज्ञापन, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

    मुंबई सहित महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में फेरीवालों पर हो रही पुलिस कार्रवाई और भारी जुर्माने के खिलाफ सामाजिक संगठनों ने मंत्रालय में अधिकारियों से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने इस मुद्दे को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठाने का भरोसा दिलाया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में फुटपाथ पर रोज़ी-रोटी कमाने वाले फेरीवालों पर बार-बार की जा रही कार्रवाई को लेकर सामाजिक संगठनों ने आवाज़ बुलंद की है। फेरीवालों का कहना है कि मुंबई पुलिस अधिनियम की धाराओं का दुरुपयोग कर उनसे हजारों रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है। इसी मुद्दे पर 18 सितंबर 2025 को मंत्रालय में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से मुलाकात की और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

    🚶‍♂️ फेरीवालों का संघर्ष और परेशानी

    मुंबई महानगर और उपनगरों में हज़ारों लोग फेरी लगाकर अपना पेट पालते हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा रोज़ाना किए जाने वाले छापों और कार्रवाई के कारण इनकी ज़िंदगी मुश्किल हो गई है।

    • एक ही फेरीवाले पर ₹1200 तक का जुर्माना लगाया जाता है।
    • कई बार दिन में दो-दो बार भी जुर्माना वसूला जाता है।
    • कई पुलिस कर्मियों पर धारा 102, 115 और 117 का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं।

    🏢 मंत्रालय में हुआ प्रतिनिधिमंडल

    इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने के लिए महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन, लाल बावटा जनरल वर्कर्स यूनियन, महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय मजदूर संघ, शहीद भगत सिंह हॉकर्स यूनियन मुंबई, महाराष्ट्र एकता हॉकर्स यूनियन सहित कई संगठन एक साथ आए।
    बैठक में उपस्थित रहे प्रमुख लोग:

    • कर्नल प्रकाश रेड्डी
    • श्री मिलिंद ताम्बड़े
    • कर्नल सुरेश सावंत
    • शांताराम जाधव
    • कर्नल अखिलेश गौड़

    इन सभी ने मिलकर फेरीवालों पर हो रहे अन्याय की विस्तृत जानकारी दी और अधिकारियों को ठोस सबूत भी दिखाए।

    📑 ज्ञापन की मुख्य बातें

    संगठनों ने मंत्रालयीन अधिकारियों को जो ज्ञापन सौंपा, उसमें मुख्य रूप से यह मुद्दे उठाए गए:

    1. पुलिस द्वारा धारा 102, 115 और 117 का दुरुपयोग।
    2. अनुचित और भारी जुर्माना, जिससे फेरीवालों की रोज़ी-रोटी पर असर।
    3. पुलिसकर्मियों द्वारा एक ही दिन में बार-बार जुर्माना लगाने की घटनाएँ।
    4. गरीब और मेहनतकश तबके पर आर्थिक बोझ।
    5. स्थायी समाधान की ज़रूरत ताकि फेरीवाले सम्मान के साथ जीवन जी सकें।

    ⚖️ अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    मंत्रालय के उप सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शिष्टमंडल की बातों को गंभीरता से सुना।

    • उन्होंने आश्वासन दिया कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में रखा जाएगा।
    • अधिकारियों ने माना कि जुर्माना लगाने की प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियाँ हो सकती हैं।
    • आगे की कार्रवाई के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया है।

    🗣️ संगठनों की मांग

    संगठनों ने साफ कहा कि:

    • फेरीवालों को रोज़ परेशान करने का सिलसिला बंद होना चाहिए।
    • मुंबई पुलिस अधिनियम में बदलाव कर फेरीवालों के लिए अलग गाइडलाइन बने।
    • पुलिस और स्थानीय निकायों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर निगरानी समिति बने।
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    📊 फेरीवालों की संख्या और अहमियत

    • सिर्फ मुंबई में अनुमानित 2.5 से 3 लाख फेरीवाले रोज़ाना काम करते हैं।
    • ये छोटे कारोबार शहर की अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं।
    • आम जनता को सस्ता सामान और रोज़मर्रा की ज़रूरतें उपलब्ध कराते हैं।

    फेरीवालों का कहना है कि अगर उनकी सुरक्षा और कामकाज सुनिश्चित हो तो वे भी टैक्स और रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार हैं।

    🛑 लगातार कार्रवाई का असर

    • फेरीवालों के परिवारों पर आर्थिक संकट।
    • बच्चों की पढ़ाई पर असर।
    • छोटे-छोटे कर्ज़ चुकाना मुश्किल।
    • रोज़ कमाने-खाने वालों की रोज़ी-रोटी खतरे में।

    🚨 नतीजा और आगे की राह

    यह मुलाकात फेरीवालों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है।
    अगर विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा होती है और ठोस कदम उठाए जाते हैं तो हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।

    ❓ FAQ – मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई और मंत्रालय को सौंपा गया ज्ञापन

    Q1. फेरीवालों पर बार-बार कार्रवाई क्यों की जा रही है?
    👉 स्थानीय निकाय और पुलिस प्रशासन मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा 102, 115 और 117 का हवाला देकर कार्रवाई करते हैं। इन धाराओं के तहत फुटपाथ अतिक्रमण और असुविधा को रोकने के लिए प्रावधान है, लेकिन सामाजिक संगठनों का आरोप है कि इन धाराओं का दुरुपयोग हो रहा है।

    Q2. एक फेरीवाले पर कितना जुर्माना लगाया जाता है?
    👉 फेरीवालों पर नियमित रूप से ₹1200 तक का जुर्माना लगाया जाता है। कुछ मामलों में तो एक ही दिन में दो-दो बार चालान काटा जाता है।

    Q3. इस मुद्दे पर मंत्रालय में किन-किन संगठनों ने ज्ञापन सौंपा?
    👉 महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन, लाल बावटा जनरल वर्कर्स यूनियन, महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय मजदूर संघ, शहीद भगत सिंह हॉकर्स यूनियन मुंबई, महाराष्ट्र एकता हॉकर्स यूनियन समेत कई संगठन शामिल रहे।

    Q4. सरकार की ओर से क्या आश्वासन मिला है?
    👉 मंत्रालयीन अधिकारियों और उप सचिव ने कहा है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाएगा और विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में इसे उठाने का प्रयास किया जाएगा।

    Q5. फेरीवालों की मुख्य मांगें क्या हैं?
    👉

    • अनुचित और बार-बार किए जा रहे जुर्माने को रोका जाए।
    • मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा 102, 115 और 117 के दुरुपयोग पर रोक लगे।
    • स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत फेरीवालों को कानूनी सुरक्षा मिले।
    • नगर पालिका और पुलिस की ओर से पारदर्शी और न्यायपूर्ण व्यवस्था बनाई जाए।
  • 📰 APPSC JE Recruitment 2025: अरुणाचल प्रदेश में जूनियर इंजीनियर की 413 वैकेंसी, सैलरी ₹1,12,400 तक – अभी करें अप्लाई

    📰 APPSC JE Recruitment 2025: अरुणाचल प्रदेश में जूनियर इंजीनियर की 413 वैकेंसी, सैलरी ₹1,12,400 तक – अभी करें अप्लाई

    अरुणाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (APPSC) ने जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती 2025 के लिए 413 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। ऑनलाइन आवेदन 18 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2025 तक चलेंगे। जानें योग्यता, सैलरी, आवेदन प्रक्रिया और एग्ज़ाम डिटेल्स।

    मुख्य बातें (Highlights)

    • भर्ती संस्था: अरुणाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (APPSC)
    • पद का नाम: जूनियर इंजीनियर (JE – Civil, Mechanical, Electrical, IT, Electronics)
    • कुल वैकेंसी: 413
    • सैलरी/पे स्केल: ₹35,400 – ₹1,12,400/- (लेवल-6 पे मैट्रिक्स)
    • जॉब लोकेशन: अरुणाचल प्रदेश
    • आवेदन शुरू: 18 सितंबर 2025
    • आवेदन की आखिरी तारीख: 10 अक्टूबर 2025
    • आवेदन मोड: ऑनलाइन (https://appsc.gov.in/)
    • लिखित परीक्षा की संभावित तारीख: 11 जनवरी 2026
    APPSC-JE-Recruitment-2025-413-Junior-Engineer-Vacancies-Salary-up-to-112400-Apply-Now

    🏗️ APPSC JE Vacancy 2025 ब्रेकडाउन

    पोस्ट का नामविभागकुल पद
    JE (Civil)PWD, RWD, UD & Housing, PHE & WS, WRD, Hydro Power301
    JE (Mech/Elect)PHE & Water Supply, Power, Hydro Power90
    JE (Computer/IT)Power, Hydro Power15
    JE (Electronics & Telecom)Power, Hydro Power07
    कुल413

    🎓 APPSC JE Recruitment 2025: योग्यता (Eligibility Criteria)

    • शैक्षणिक योग्यता (Education):
    • 3 साल का डिप्लोमा या B.E./B.Tech डिग्री मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से।
    • मान्य ब्रांच: सिविल, एग्रीकल्चर, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, कंप्यूटर, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स & टेलीकॉम।
    • फाइनल ईयर/सेमेस्टर के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते इंटरव्यू से पहले डिग्री/डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।
    • उम्र सीमा (Age Limit – 10/10/2025 तक):
    • न्यूनतम: 18 साल
    • अधिकतम: 35 साल
    • APST, PwBD और गवर्नमेंट कर्मचारियों को नियम अनुसार छूट।
    • अनुभव (Experience):
    • फ्रेशर्स भी आवेदन कर सकते हैं।

    💰 APPSC JE Salary 2025: सैलरी और बेनिफिट्स

    • बेसिक पे: ₹35,400/- से शुरुआत।
    • अधिकतम पे: ₹1,12,400/-
    • अन्य भत्ते (Allowances):
    • DA (महंगाई भत्ता)
    • HRA (हाउस रेंट अलाउंस)
    • TA (ट्रांसपोर्ट अलाउंस)
    • अतिरिक्त सुविधाएँ:
    • NPS पेंशन, मेडिकल, लीव बेनिफिट्स, जॉब सिक्योरिटी।

    👉 कुल मिलाकर इन-हैंड सैलरी ₹50,000 – ₹70,000 (पोस्टिंग पर निर्भर)।

    📚 APPSC JE Selection Process 2025

    • स्टेज 1: लिखित परीक्षा (450 Marks)
    • पेपर 1: जनरल इंग्लिश, जनरल स्टडीज़ & एप्टीट्यूड – 150 Marks
    • पेपर 2: टेक्निकल पेपर (इंजीनियरिंग डिसिप्लिन) – 300 Marks
    • नेगेटिव मार्किंग: 1/4th मार्क्स कटेगा हर गलत उत्तर पर।
    • स्टेज 2: इंटरव्यू (Viva-Voce)
    • 50 Marks
    • फाइनल मेरिट = लिखित + इंटरव्यू

    🖥️ APPSC JE Recruitment 2025: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

    1. APPSC वेबसाइट पर One Time Registration (OTR) करें।
    2. User ID और पासवर्ड से लॉगिन करें।
    3. “JUNIOR ENGINEER COMMON RECRUITMENT EXAMINATION – 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    4. आवेदन फॉर्म भरें और सही डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • सिग्नेचर
    • शैक्षणिक सर्टिफिकेट्स
    • 10वीं सर्टिफिकेट (Age Proof)
    • APST/PwBD सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
    1. ऑनलाइन फीस पेमेंट करें।
    2. सबमिट करने के बाद प्रिंटआउट निकालें।

    💵 Application Fees

    • APST उम्मीदवार: ₹150/-
    • जनरल उम्मीदवार: ₹200/-
    • PwBD उम्मीदवार: शुल्क माफ

    📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates)

    • आवेदन शुरू: 18 सितंबर 2025
    • आखिरी तारीख: 10 अक्टूबर 2025 (शाम 5 बजे तक)
    • लिखित परीक्षा: 11 जनवरी 2026 (Tentative)
  • IB Recruitment 2025: इंटेलिजेंस ब्यूरो में सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के 455 पदों पर भर्ती, देखें सैलरी, योग्यता और आवेदन की पूरी डिटेल

    IB Recruitment 2025: इंटेलिजेंस ब्यूरो में सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के 455 पदों पर भर्ती, देखें सैलरी, योग्यता और आवेदन की पूरी डिटेल

    इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के 455 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन 6 से 28 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं। जानें योग्यता, वेतनमान, एग्ज़ाम पैटर्न और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    देश भर में जो भी लोग सरकारी नौकरी की तलाश में हैं उनके लिए बड़ी खुशखबरी है। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA) के अंतर्गत आने वाला इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने 2025 के लिए सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती पूरे देश की 37 Subsidiary Intelligence Bureaux (SIBs) में होगी।

    आवेदन की प्रक्रिया 6 सितंबर 2025 से शुरू हो गई है और आखिरी तारीख 28 सितंबर 2025 है।

    कितनी वैकेंसी निकली है?

    कुल 455 पदों पर भर्ती होगी। इनमें सबसे ज़्यादा वैकेंसी दिल्ली (127 पद), श्रीनगर (20 पद), इतानगर (19 पद), लेह (18 पद) और जयपुर (16 पद) में निकली हैं।

    IB-Recruitment-2025-in-india-See-full-details-of-salary-eligibility-and-application-process

    कौन कर सकता है अप्लाई?

    👉 शैक्षणिक योग्यता

    • उम्मीदवार का 10वीं पास होना ज़रूरी है।
    • लाइट मोटर व्हीकल (LMV) चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।
    • मोटर मैकेनिज़्म की जानकारी होनी चाहिए ताकि छोटे-मोटे डिफेक्ट ठीक कर सके।
    • जिस राज्य के लिए अप्लाई कर रहे हैं उसका डोमिसाइल सर्टिफिकेट होना चाहिए।
    • कम से कम 1 साल का ड्राइविंग अनुभव होना ज़रूरी है।

    👉 उम्र सीमा

    • 18 से 27 साल तक के उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं।
    • SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और विभागीय कर्मचारियों को 40 साल तक की छूट मिलेगी।

    IB सिक्योरिटी असिस्टेंट सैलरी

    इस पोस्ट की सैलरी Pay Level-3 (₹21,700 – ₹69,100) रहेगी। इसके अलावा:

    • 20% स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस
    • DA (महंगाई भत्ता)
    • HRA (हाउस रेंट अलाउंस)
    • ट्रांसपोर्ट अलाउंस
    • छुट्टी के दिनों की ड्यूटी पर कैश कम्पनसेशन
    • पेंशन (NPS के तहत)

    यानि कुल मिलाकर हाथ में अच्छी सैलरी और स्थायी सरकारी नौकरी का फायदा मिलेगा।

    सेलेक्शन प्रोसेस कैसे होगा?

    दो स्टेज में परीक्षा होगी:

    1. Tier-1: कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (100 मार्क्स)

    •    जनरल अवेयरनेस: 20 मार्क्स
    •    बेसिक ट्रांसपोर्ट/ड्राइविंग रूल्स: 20 मार्क्स
    •    क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड: 20 मार्क्स
    •    रीजनिंग/लॉजिकल एबिलिटी: 20 मार्क्स
    •    इंग्लिश लैंग्वेज: 20 मार्क्स

       ⏱ समय: 1 घंटा | निगेटिव मार्किंग: 0.25 मार्क्स प्रति गलत उत्तर

    2. Tier-2: स्किल टेस्ट (50 मार्क्स)

    •    ड्राइविंग टेस्ट
    •    मोटर मैकेनिज़्म टेस्ट
    •    इंटरव्यू
    •      ✔️ पास होने के लिए कम से कम 40% लाना ज़रूरी है।

    आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)

    1. ऑफिशियल MHA वेबसाइट [www.mha.gov.in](http://www.mha.gov.in) या NCS पोर्टल [www.ncs.gov.in](http://www.ncs.gov.in) पर जाएं।
    2. “IB Security Assistant (Motor Transport) Examination-2025” लिंक पर क्लिक करें।
    3. सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करें।
    4. लॉगिन करके फॉर्म को भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
    5. ऑनलाइन फीस जमा करें।
    6. फॉर्म सबमिट करने से पहले एक बार अच्छे से चेक कर लें।
    7. सबमिट करने के बाद प्रिंटआउट निकाल लें।

    आवेदन शुल्क (Application Fees)

    • जनरल, EWS, OBC (पुरुष): ₹650 (₹100 Exam Fee + ₹550 Processing)
    • SC/ST, महिला, एक्स-सर्विसमेन: ₹550 (सिर्फ प्रोसेसिंग चार्ज)

    जरूरी तारीखें (Important Dates)

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 6 सितंबर 2025
    • आखिरी तारीख: 28 सितंबर 2025 (रात 11:59 तक)
    • फीस जमा करने की आखिरी तारीख (चालान): 30 सितंबर 2025

  • कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    मुंबई कांदिवली (पूर्व) ठाकुर विलेज इलाके में अवैध फेरीवालों और ऑटो रिक्शा स्टैंड के कारण ट्रैफिक जाम और गंदगी से लोग परेशान। डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा, नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जैसे महानगर में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। लेकिन यहां की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है सड़क पर कब्जा जमाए हुए अवैध फेरीवाले और ट्रैफिक जाम। कांदिवली (पूर्व) का ठाकुर विलेज और समता नगर इलाका भी इन समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है।

    यहां अप्पर आयुक्त कार्यालय से लेकर ठाकुर कॉलेज के सामने तक की सड़क पर पचासों फेरीवाले रोजाना अवैध दुकानें लगाते हैं। सड़कें पूरी तरह कब्जाई जाती हैं, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर परेशान हैं।

    गंदगी और बीमारी का खतरा

    फेरीवालों के कारण इलाके में गंदगी इतनी बढ़ गई है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
    लोगों का कहना है कि सड़क किनारे सब्ज़ियां, फल और खाने-पीने का सामान गंदगी के बीच बेचा जाता है। इससे न सिर्फ संक्रमण फैलने का खतरा है बल्कि बच्चों और बुज़ुर्गों की सेहत भी दांव पर लग रही है।

    एक स्थानीय निवासी ने बताया:
    “हर तरफ कचरा और बदबू फैली रहती है। बारिश में तो हालत और खराब हो जाती है। चारों तरफ पानी भरने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो इलाके में डेंगू और मलेरिया के केस तेजी से बढ़ेंगे।”

    ऑटो रिक्शा स्टैंड से यातायात ठप

    फेरीवालों के साथ-साथ यहां ऑटो रिक्शा वालों ने भी अपने-अपने अनधिकृत स्टैंड बना लिए हैं।

    • सड़क के दोनों ओर ऑटो खड़े रहते हैं।
    • इससे यातायात बाधित होता है और कभी-कभी तो रास्ता पूरी तरह जाम हो जाता है।
    • लोगों को ऑफिस, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में दिक्कत आती है।

    एक कॉलेज स्टूडेंट ने शिकायत करते हुए कहा:
    “सुबह-शाम ट्रैफिक इतना बढ़ जाता है कि कॉलेज पहुंचने में आधा घंटा ज्यादा लग जाता है। पुलिस और बीएमसी को रोजाना यह जाम दिखता है, लेकिन फिर भी कोई कदम नहीं उठाया जाता।”

    Kandivali-East-residents-are-worried-about-illegal-hawkers-when-will-action-be-taken-bmc-news

    शिकायतें हुईं लेकिन कार्रवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं।

    • सहायक आयुक्त, आर/दक्षिण वार्ड
    • डीएमसी संजय कुर्हाडे
    • सहायक आयुक्त मनीष सालवे

    को लिखित में शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    लोगों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ शिकायतें सुनते हैं, लेकिन कार्रवाई करने में बिल्कुल भी रुचि नहीं दिखाते।

    नागरिकों का आक्रोश – जिम्मेदार कौन?

    इलाके के लोगों का कहना है कि

    • जब तक अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या बनी रहेगी।
    • बीएमसी और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी है कि वे मिलकर इलाके को फेरीवालों और जाम से मुक्त कराएं।
    • लेकिन अधिकारियों का रवैया देखकर लगता है कि उन्हें जनता की परेशानी से कोई मतलब नहीं है।

    एक बुज़ुर्ग महिला ने कहा:
    “हमारे घर के सामने रोजाना फेरीवाले दुकान लगाते हैं। गली में चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं। आखिर हमें ही क्यों भुगतना पड़ रहा है?”

    खतरनाक हालात – कभी भी हो सकता है हादसा

    स्थानीय लोग डर के साए में जी रहे हैं।

    • जाम की वजह से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ियां भी फंस जाती हैं।
    • कहीं भी अनचाही दुर्घटना हो सकती है।
    • भीड़ और अव्यवस्था से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है।

    वरिष्ठ निरीक्षक की जिम्मेदारी

    अब लोगों की नज़रें अतिक्रमण एवं निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक नंदकुमार आवारे पर टिकी हैं।
    लोग उम्मीद कर रहे हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे और इलाके को अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों से मुक्त कराएंगे।

    मुंबई के अन्य इलाकों की कहानी भी ऐसी ही

    गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ कांदिवली ही नहीं, बल्कि मुंबई के कई हिस्सों – दहिसर, बोरीवली, मलाड और अंधेरी – में भी यही समस्या देखी जाती है।
    जहां-जहां लोकल ट्रेन स्टेशन और कॉलेज हैं, वहां अवैध फेरीवालों का कब्जा आम बात है।

    इससे साफ है कि यह समस्या सिर्फ एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे मुंबई शहर की है।

    लोगों की मांग – कड़ी कार्रवाई हो

    स्थानीय नागरिकों की मांग है कि:

    1. अवैध फेरीवालों के खिलाफ तुरंत निर्मूलन अभियान चलाया जाए।
    2. ऑटो रिक्शा वालों को सिर्फ निर्धारित स्टैंड पर खड़ा करने का आदेश दिया जाए।
    3. गंदगी साफ करने के लिए बीएमसी की सफाई टीम को रोजाना तैनात किया जाए।
    4. इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि दोबारा अवैध कब्जा न हो।

    कांदिवली (पूर्व) का यह मुद्दा आज की मुंबई की असलियत बयान करता है।

    • अवैध फेरीवाले और ऑटो वाले
    • प्रशासन की लापरवाही
    • और आम जनता की परेशानी

    यह सिर्फ एक लोकल समस्या नहीं है, बल्कि एक ऐसा सवाल है जो हर मुंबईकर के दिल में है – “जनता की शिकायतें कब सुनी जाएंगी और कार्रवाई आखिर कब होगी?”

  • मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस बनकर लोगों से पैसे और गहने ठगते थे। आरोपियों के पास से नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और 2 लाख की सोने की चेन बरामद हुई। जानें पूरी डिटेल।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में पुलिस ने ऐसे दो लोगों को पकड़ा है, जो खुद को पुलिसवाला बताकर लोगों से पैसे और गहने ऐंठते थे। दोनों आरोपियों की पहचान जाहिद जावेद अली जाफरी (42) और काबुल नौशाद अली (58) के तौर पर हुई है।

    पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    चारकोप पुलिस स्टेशन को खबर मिली थी कि इलाके में दो लोग पुलिस की वर्दी और नकली आईडी दिखाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब ₹2 लाख की सोने की चेन बरामद की है।

    कैसे करते थे ठगी?

    पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पहले खुद को पुलिस बताते और लोगों को डराते थे। फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे और गहने वसूलते थे।

    मुंबई और गुजरात में भी सक्रिय

    पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई के कई इलाकों जैसे महिम, दादर, दहिसर, धारावी, सांताक्रुज़, अंधेरी, विले पार्ले, गोरेगांव और नेहरू नगर में इस तरह की ठगी की है। यही नहीं, वे गुजरात के सूरत और बर्दोली में भी सक्रिय थे।

    पहले से दर्ज हैं 25 मामले

    पुलिस के मुताबिक, इन दोनों आरोपियों पर पहले से ही 25 ठगी और चोरी के केस दर्ज हैं। ये एक संगठित गैंग का हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र और गुजरात में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता था।

    पुलिस की अपील

    मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं और अगर कोई पुलिस बनकर पैसे मांगता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।

  • 🩺 महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    🩺 महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    IMA महाराष्ट्र ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाएं लिखने की इजाज़त देने के सरकार के फैसले पर एलोपैथिक डॉक्टर भड़क उठे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मेडिकल सेक्टर में बवाल मचा हुआ है। IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से जुड़े लगभग 1.8 लाख एलोपैथिक डॉक्टरों ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल करने का ऐलान किया है। वजह? सरकार का वो फैसला जिससे होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथी की प्रैक्टिस की इजाज़त दी जा रही है।

    📚 क्या है CCMP कोर्स और इसका मतलब?

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    प्रदर्शन की तस्वीर

    राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) को निर्देश दिया है कि वो उन होम्योपैथिक डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन शुरू करे जिन्होंने CCMP यानी Certificate Course in Modern Pharmacology को पूरा किया है। ये एक 1 साल का कोर्स है, जिसके बाद होम्योपैथिक डॉक्टर कुछ चुने हुए केसों में एलोपैथिक दवाएं लिख सकेंगे।

    😠 एलोपैथिक डॉक्टर क्यों हैं नाराज़?

    IMA महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम के मुताबिक, ये फैसला न सिर्फ मेडिकल फील्ड की क्वालिटी को गिराएगा बल्कि मरीजों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ है। उनका कहना है कि “हमने सीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सरकार 5 सितंबर को जारी GR (Government Resolution) को तुरंत वापस ले।”

    🏥 कौन-कौन हड़ताल में शामिल होगा?

    • सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर
    • मेडिकल कॉलेजों के छात्र
    • BMC और राज्य सरकार से जुड़े डॉक्टर संगठन जैसे MARDA, BMC MARDA
    • Federation of All India Medical Association (FAIMA)

    हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि मरीजों को ज़रूरी इलाज मिलता रहे।

    ⚠️ आगे क्या होगा? देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    FAIMA के अध्यक्ष डॉ. अक्षय डोंगरदिवे ने साफ किया है कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो देशभर में आंदोलन शुरू होगा। “हम जनता को इसके जोखिम समझाएंगे और ज़रूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे।”

  • मुंबई में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

    मुंबई में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

    पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत की। जानिए कैसे यह योजना महिलाओं को सेहतमंद और परिवारों को सशक्त बनाएगी।

    मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के खास मौके पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर ईस्ट स्थित रावलपाड़ा पॉलिक्लिनिक में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुंबई में महिला स्वास्थ्य और पोषण पर जोर देते हुए एक नई दिशा में कदम बढ़ाया गया।

    🎯 मुख्य उद्देश्य: महिला स्वास्थ्य और परिवार का सशक्तिकरण

    इस अभियान का मुख्य फोकस महिलाओं की सेहत सुधारने और परिवार को मजबूत बनाने पर है। इस मौके पर पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्यप्रदेश के धार जिले से इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्घाटन किया और महिलाओं से अपील की कि वो स्वास्थ्य जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

    🏥 मुंबई में खास आयोजन और सेवाएं

    इस खास अवसर पर मुंबई में बीजेपी विधायक मनीषा चौधरी, बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी, और कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।

    👉 मेडिकल कैंप और पोषण किट वितरण:

    • गर्भवती महिलाओं को लगभग 20 किलो की पोषण किट दी गई।
    • खास ध्यान कुपोषित गर्भवती महिलाओं पर दिया गया।
    • स्लम इलाकों में निःशुल्क मेडिकल कैंप्स लगाए गए।

    👉 सैनिटरी पैड वितरण:

    • मनपा स्कूलों की छात्राओं को सैनिटरी पैड दिए गए।
    • यह योजना पूरे मुंबई नगर निगम स्कूलों में चलाई जा रही है।

    🗣️ क्या बोले पीयूष गोयल?

    प्रधानमंत्री जी ने पिछले 50 सालों से देश की सेवा की है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य मिले। इस अवसर पर पूरे उत्तर मुंबई में 100 से ज्यादा सेवा कार्य चल रहे हैं – सफाई, हेल्थ कैंप्स, शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम और बहुत कुछ।

    उन्होंने यह भी बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में ‘स्टैंडर्ड क्लब’ शुरू किया जा रहा है जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलेगी।

    🗣️ विधायक मनीषा चौधरी का बयान:

    यह सिर्फ हेल्थ कैंप नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जो महिलाएं गर्भावस्था में कुपोषित हैं, उन्हें विशेष पोषण किट दी जा रही है।

  • पुजा खेड़कर केस: फरार हुआ परिवार, फोन बंद – नवी मुंबई और पुणे पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन

    पुजा खेड़कर केस: फरार हुआ परिवार, फोन बंद – नवी मुंबई और पुणे पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन

    पुजा खेड़कर केस में नया मोड़। परिवार के सभी सदस्य मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए हैं और तीन दिन से कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी नहीं किया। नवी मुंबई और पुणे पुलिस ने परिवार को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। पुलिस का मानना है कि परिवार अग्रिम जमानत लेने तक छिपा रह सकता है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: महाराष्ट्र का सबसे बड़ा मुंबई और पुणे में इस समय बर्खास्त IAS अफसर पुजा खेड़कर का केस सुर्खियों में है।
    जहां एक तरफ पुणे पुलिस ने हाल ही में खेड़कर परिवार के घर से एक ट्रक क्लीनर को रेस्क्यू किया था, वहीं अब पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं क्योंकि परिवार अचानक फरार हो गया है

    पुलिस का कहना है कि परिवार ने अपने सभी मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं और कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी नहीं किया है। यानी वह पूरी तरह “ऑफ द ग्रिड” हो चुका है। ऐसे में पुलिस अब सीसीटीवी और टोल नाका फुटेज की मदद से परिवार की लोकेशन तलाशने में जुटी है।

    ⚠️ मामला क्या है?

    • हाल ही में पुणे पुलिस ने पुजा खेड़कर के घर से एक ट्रक क्लीनर को छुड़ाया
    • इसके बाद से ही परिवार पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हुई।
    • लेकिन जांच से पहले ही परिवार अचानक गायब हो गया।

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक:
    “परिवार ने सभी डिवाइस बंद कर दिए हैं। हम अब CCTV और आसपास के इलाकों की जांच कर रहे हैं कि वे किस गाड़ी से फरार हुए।”

    🚨 पुलिस का सर्च ऑपरेशन

    नवी मुंबई और पुणे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

    • दोनों पुलिस टीमें मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
    • CCTV फुटेज, टोल नाका रिकॉर्ड, होटल और लॉज डेटा खंगाला जा रहा है।
    • पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही परिवार तक पहुंच जाएगी।

    पुलिस की चुनौतियां

    1. मोबाइल बंद – डिजिटल ट्रैकिंग असफल।
    2. UPI/ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बंद – बैंकिंग से कोई सुराग नहीं।
    3. बड़ा इलाका – संभावना है कि परिवार महाराष्ट्र से बाहर भी गया हो।

    ⚖️ कानूनी चाल – अग्रिम जमानत की तैयारी

    पुलिस सूत्रों का मानना है कि परिवार का मकसद अभी छिपकर रहना है ताकि वकीलों के जरिए अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) हासिल की जा सके।
    कानून जानने वाले एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस तरह की रणनीति अक्सर बड़े केसों में अपनाई जाती है।

    🕵️‍♂️ जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

    सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं:

    • “क्या आम आदमी के केस में भी इतनी देरी होती?”
    • “बड़े अफसर का परिवार होने के कारण पुलिस का रवैया नरम क्यों है?”

    कई यूज़र्स ने कहा कि अगर समय पर गिरफ्तारी नहीं हुई तो यह केस “कानूनी प्रक्रिया का मजाक” बन सकता है।

    📋 मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक चर्चा

    लोकल और नेशनल मीडिया दोनों जगह इस केस की लगातार कवरेज हो रही है।

    • टीवी चैनलों पर डिबेट चल रही है कि पुलिस परिवार को पकड़ क्यों नहीं पा रही।
    • विपक्षी पार्टियां सरकार पर आरोप लगा रही हैं कि “बड़े अफसरों को बचाने की कोशिश हो रही है।”
    • जबकि पुलिस का दावा है कि “किसी को भी बचाने का सवाल ही नहीं, सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हो रही है।”

    📢 पुलिस का आधिकारिक बयान

    पुलिस अधिकारियों का कहना है:
    “हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं। CCTV, गुप्त सूचना और इंफॉर्मर नेटवर्क की मदद से जल्द ही परिवार तक पहुंचेंगे।”

    📝 अब तक सामने आई अहम बातें

    • परिवार फोन और इंटरनेट से पूरी तरह गायब
    • तीन दिन से कोई बैंकिंग या डिजिटल पेमेंट नहीं।
    • पुलिस का शक कि परिवार बाहरी राज्यों में छिपा हो सकता है
    • कोर्ट में जमानत आवेदन की संभावना

    📌 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पुजा खेड़कर केस में परिवार क्यों फरार हुआ?

    👉 पुलिस का मानना है कि वे कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने तक छिपे रहना चाहते हैं।

    Q2: क्या पुलिस के पास कोई सुराग है?

    👉 हां, पुलिस CCTV और टोल नाका रिकॉर्ड खंगाल रही है।

    Q3: क्या परिवार महाराष्ट्र के बाहर भी गया हो सकता है?

    👉 संभावना है, इसलिए पुलिस ने अन्य राज्यों को भी अलर्ट किया है।

    Q4: जनता इस मामले को कैसे देख रही है?

    👉 सोशल मीडिया पर लोग नाराज हैं और इसे “VIP ट्रीटमेंट” बता रहे हैं।

  • Aksa Beach to be demolished: एनजीटी ने 2 महीने में तोड़ने का आदेश दिया

    Aksa Beach to be demolished: एनजीटी ने 2 महीने में तोड़ने का आदेश दिया

    मलाड वेस्ट के Aksa Beach पर महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) द्वारा बनाया गया 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड एनजीटी ने अवैध ठहराया। CRZ नियमों के उल्लंघन पर इसे 2 महीने में गिराने का आदेश। जानिए पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: मलाड वेस्ट में मशहूर Aksa Beach पर महाराष्ट्र सागरी मंडल (MMB) ने 2023 में करीब ₹11.83 करोड़ खर्च करके 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड और 4 मीटर चौड़ा रास्ता बना दिया था। लेकिन अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इसे पूरी तरह अवैध मानते हुए 2 महीने के अंदर तोड़ने का आदेश दे दिया है।

    📜 कैसे हुआ विवाद?

    • 2017 में MMB ने बीच पर सीफ्रंट डेवलपमेंट का प्रस्ताव रखा।
    • लेकिन Maharashtra Coastal Zone Management Authority (MCZMA) ने यह कहते हुए रिजेक्ट कर दिया कि यह एरिया Coastal Regulation Zone (CRZ) में आता है।
    • 2019 में MCZMA ने केवल एंटी-इरोशन बंड (Anti-Erosion Bund) बनाने की अनुमति दी, पर शर्त रखी कि बीच पर कॉन्क्रीट या पक्का स्ट्रक्चर नहीं बनेगा।
    • इसके बावजूद 2023 में UCR वॉल और कॉबल स्टोन पाथवे बना दिया गया।

    ⚠️ क्यों पड़ा मुद्दा गम्भीर?

    • यह प्रोमेनेड इंटर-टाइडल ज़ोन (High Tide और Low Tide के बीच का इलाका) में बना है, जो इकोलॉजिकल एरिया माना जाता है।
    • एक्टिविस्ट बांदा कुमार और ज़ोरु बाथेना ने NGT में शिकायत करते हुए कहा कि:
    • प्रोमेनेड बीच को सेडिमेंटेशन से रोक देगा
    • बीच का नैचुरल सैंड डिपॉज़िशन बंद हो जाएगा।
    • लगातार बीच इरोशन (कटाव) बढ़ेगा।
    • सबूत यह भी है कि पिछले साल और इस साल प्रोमेनेड का बड़ा हिस्सा ज्वार से टूटकर बह गया

    ⚖️ NGT का फैसला

    NGT ने माना कि MMB का इरादा लैंड को बाढ़ और कटाव से बचाने का था, लेकिन इसके लिए जो काम हुआ वह CRZ नियमों का सीधा उल्लंघन है।
    इसलिए, 2 महीने के भीतर प्रोमेनेड तोड़ने का आदेश दिया गया है।

  • 🧬 मुंबई के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज: एक और जीन मिला पुरुषों में दुर्लभ इंफर्टिलिटी की वजह

    🧬 मुंबई के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज: एक और जीन मिला पुरुषों में दुर्लभ इंफर्टिलिटी की वजह

    ICMR-NIRRCH ने पुरुषों में पाई जाने वाली दुर्लभ इंफर्टिलिटी CBAVD से जुड़ा एक नया X-लिंक्ड जीन ADGRG2 खोजा है, जो मां से बेटे में आता है। इससे इलाज और IVF प्रक्रिया से पहले जेनेटिक स्क्रीनिंग में मिलेगी नई दिशा।

    🔍 क्या है CBAVD और क्यों है ये चर्चा में?

    मुंबई के Parel स्थित ICMR-National Institute for Research in Reproductive Health (ICMR-NIRRCH) के वैज्ञानिकों ने पुरुषों की एक दुर्लभ इंफर्टिलिटी बीमारी Congenital Bilateral Absence of the Vas Deferens (CBAVD) से जुड़े नए जीन ADGRG2 की खोज की है।

    ये बीमारी तब होती है जब पुरुष के शरीर में स्पर्म ले जाने वाली दोनों नलियाँ (vas deferens) जन्म से ही नहीं होतीं। इसका इलाज संभव नहीं है और IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) ही एकमात्र उपाय माना जाता है।

    🔬 रिसर्च में क्या मिला?

    इस रिसर्च की शुरुआत 2011 में हुई थी, लेकिन असली गति 2019 से मिली। अब 2025 में प्रकाशित इस पेपर में बताया गया कि:

    • 93 पुरुषों की स्टडी में से 19 में पहले से ज्ञात CFTR जीन की कोई म्युटेशन नहीं मिली।
    • इन 19 मरीजों पर Whole Exome Sequencing तकनीक से जांच की गई।
    • इसमें 2 पुरुषों में एक नया जीन ADGRG2 की म्युटेशन पाई गई। यह जीन X-क्रोमोज़ोम से जुड़ा है और मां से बेटे को ट्रांसफर होता है।

    👉 ये भारत में पहली बार है जब इस जीन की CBAVD से कनेक्शन की पुष्टि हुई है।

    📉 भारत में CBAVD की स्थिति

    • CBAVD: भारत में पुरुषों की इंफर्टिलिटी के कुल मामलों में से 2-3% इसी से जुड़े होते हैं।
    • CUAVD: जब एक ही नली गायब होती है, तो इसे Congenital Unilateral Absence of the Vas Deferens (CUAVD) कहा जाता है, और यह बहुत ही दुर्लभ (0.04%) होता है।
    • 25% पुरुष जिनमें Obstructive Azoospermia (सीमन में स्पर्म न होना) पाया जाता है, उनमें CBAVD की पुष्टि होती है।

    🧑‍⚕️ डॉक्टरों की राय

    डॉ. प्रकाश पवार (यूरोलॉजिस्ट, सायन हॉस्पिटल) कहते हैं:

    “इंफर्टिलिटी को लेकर समाज में काफी कलंक है, और अधिकतर महिलाओं को दोष दिया जाता है, जबकि कारण पुरुषों में होता है।”

    डॉ. राहुल गजबिये (प्रमुख वैज्ञानिक, ICMR-NIRRCH) का मानना है कि:

    “अब हमें IVF से पहले CFTR, ADGRG2 और अन्य संभावित जीन की जांच करनी चाहिए। Whole Exome Sequencing अब जरूरी बन गई है।”

    🧪 इलाज में क्या होगा बदलाव?

    इस रिसर्च के बाद संभावित बदलाव:

    • IVF से पहले जेनेटिक स्क्रीनिंग का सुझाव।
    • Intracytoplasmic Sperm Injection (ICSI) से पहले जीन चेकअप का सुझाव।
    • सही कारण मिलने से बेहतर जेनेटिक काउंसलिंग और इलाज की दिशा तय होगी।