
- हाथ से मैला ढोना एक दंडनीय अपराध है।
- बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने जारी किया शोकाज नोटिस।
इस्माईल शेख
मुंबई- मलाड पश्चिम के मालवानी इलाके में एक सेप्टिक टैंक में 18 वर्षीय सूरज केवट और 20 वर्षीय बिकास केवट नामक दो सफाई कर्मचारियों की जान चली जाने के एक दिन बाद, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित टैंक को मैन्युअल रूप से साफ करने के लिए उसमें उतरे थे। मनपा (BMC) ने टैंक से जुड़े सार्वजनिक शौचालय की देखरेख और रखरखाव में शामिल निजी एजेंसियों को भी कारण बताओ नोटिस भेजा है।
भारतीय हाथ से मैला ढोना (manual scavenging) 2013 में पारित अधिनियम के अनुसार, कोई भी व्यक्ति या एजेंसी किसी भी व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने के लिए नियुक्त नहीं कर सकती है। कोई भी व्यक्ति या एजेंसी जो एमएस अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन करके किसी भी व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने के काम में लगाती है, वह अधिनियम की धारा 8 के तहत दंडनीय है।
मालाड़ मे दो की मौत ..
गुरुवार की शाम, 18 वर्षीय सूरज केवट, 20 वर्षीय बिकास केवट और 45 वर्षीय रामलगन केवट तीन व्यक्ति टैंक से जुड़े सेप्टिक टैंक में घुस गए थे। ये तीनों शौचालय के रखरखाव के लिए ज़िम्मेदार निजी एजेंसी द्वारा नियुक्त सफ़ाई कर्मचारी थे। टैंक में गिरे तीन लोगों में से सूरज और बिकास की मौत हो गई। मनपा (BMC) अधिकारियों ने कहा कि शौचालय का निर्माण 2018 में किया गया था और रखरखाव के लिए इसे एक स्थानीय एजेंसी को सौंप दिया गया था।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की रिपोर्ट के मुताबिक, “तीन लोग सार्वजनिक शौचालय में काम कर रहे थे और शौचालय को मैन्युअल रूप से साफ करने के लिए सेप्टिक टैंक परिसर में प्रवेश किया था। सेप्टिक टैंक के अंदर अप्रिय गैसों की होने के कारण, तीन लोगों का दम घुट गया और वे बेहोश पाए गए। उन्हें सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला गया और शताब्दी अस्पताल में ले जाया गया।” रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि परिसर का निरीक्षण करते समय अधिकारियों को जहरीली गंध महसूस हुई और टैंक का ढक्कन खुला पाया गया, जिससे यह अनुमान हुआ कि तीनों पीड़ित इसे साफ करने के लिए टैंक में उतरे होंगे। रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है, कि “चेंबर के बगल में नायलॉन की मोटी रस्सी देखी गई थी जिसका इस्तेमाल पीड़ितों ने टैंक में प्रवेश करने के लिए किया होगा।”

मनपा पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त किरण शिवाजीराव दिघवकर ने शुक्रवार को इंडियन फास्ट्रैक को जानकारी देते हुए कहा, कि “मालवणी पुलिस स्टेशन को भी कारण बताओ नोटिस के बारे में सूचित किया गया है। हमने उस एजेंसी को नोटिस जारी किया है जो शौचालय की देखभाल कर रही थी। हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं और अगर हमें उनका जवाब असंतोषजनक लगता है, तो हम पुलिस विभाग में आधिकारिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फिलहाल हमने उन्हें अपनी पूछताछ के बारे में सचेत कर दिया है।”
घटना गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे की है। जिस सीवर में पीड़ित गिरे थे वह 15 फीट गहरा था और स्थानीय निवासियों और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने पीड़ितों को बाहर निकाला और कांदीवली पश्चिम के शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने सूरज केवट और बिकास केवट मृत घोषित कर दिया रामलगन केवट का इलाज चल रहा है। जिसकी स्थिति अब समान्य है।
Discover more from Indian fasttrack news
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




