तुलजापुर में समीर पटेल की बेरहमी से हत्या के मामले में पूर्व नगराध्यक्ष संतोष कदम गिरफ्तार। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मकोका और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग तेज।
महाराष्ट्र: धाराशिव जिले के तुलजापुर में कॉलेज छात्र समीर जब्बार पटेल की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और सत्ताधारी दल से जुड़े पूर्व नगराध्यक्ष संतोष देवीदास कदम उर्फ परमेश्वर को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों और विपक्षी नेताओं में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार और जनसंगठनों ने आरोपियों पर मकोका (MCOCA) के तहत कार्रवाई करने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग तेज कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में संतोष कदम के साथ संजय विलास जाधव को भी गिरफ्तार किया गया है। वारदात में शामिल कुल 8 नामजद आरोपियों में से अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। धाराशिव की पुलिस अधीक्षक (SP) रितु खोकर कल्याण के नेतृत्व में मामले की जांच जारी है।
अपहरण और क्रूरता की पूरी वारदात
पुलिस जांच और चश्मदीदों के बयानों के अनुसार, वारदात की शुरुआत 3 और 4 नवंबर की दरमियानी रात को हुई। आरोपी सबसे पहले समीर के दोस्त अरबाज अफसर सय्यद को एक चाय की टपरी से जबरन गाड़ी में बिठाकर ले गए। आरोपियों ने अरबाज का मोबाइल छीनकर उसकी चैट्स खंगालीं और उसकी जेब से 10,000 रुपये भी लूट लिए। इसके बाद समीर को फोन करके भारती बुआ मठ (शिंदे महाराज के आश्रम) के पार्किंग कंपाउंड में बुलाया गया।

वहां 15 से 20 लोगों के झुंड ने समीर पर लाठियों, बेल्ट और लोहे के रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बरता का आरोपियों ने वीडियो भी बनाया। गंभीर रूप से घायल समीर को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हमले में घायल अरबाज का इलाज जिला सरकारी अस्पताल में चल रहा है।
पुराने विवाद और संशय में मर्डर
तुलजापुर पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, इस खौफनाक वारदात के पीछे प्रेम प्रसंग का संशय और पुराना विवाद है। आरोपी संतोष कदम ने करीब तीन महीने पहले समीर पर अपनी एक रिश्तेदार की लड़की का पीछा करने का आरोप लगाया था। उस वक्त समीर के माता-पिता से भी इसकी शिकायत की गई थी। इसी रंजिश के चलते इस पूरी साजिश को अंजाम दिया गया।
राजनीतिक रसूख के दुरुपयोग पर आक्रोश
मुख्य आरोपी के सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पूर्व सांसद इम्तियाज जलील सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा की है और तुलजापुर में एक बड़े मोर्चे की चेतावनी दी है। जनता का आरोप है कि आरोपियों ने एक संगठित गिरोह की तरह इस वारदात को अंजाम दिया, इसलिए उन पर मकोका जैसी सख्त धाराएं लगाई जाएं ताकि कोई भी राजनीतिक रसूख का फायदा उठाकर कानून से बच न सके।
तुलजापुर और धाराशिव के संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और फरार आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का भरोसा दिया है।
