मुंबई में नवरात्रि पर वाहन रजिस्ट्रेशन 9% गिरा, कारों की मांग पर सवाल

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मुंबई के चार RTO में नवरात्रि के दौरान 11,090 वाहन रजिस्टर हुए, जो पिछले साल से 1,126 कम हैं। जानें दोपहिया, कारों और EV बाजार का हाल।

मुंबई: नवरात्रि के दौरान मुंबई में नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन में करीब 9.2% की गिरावट दर्ज हुई है। 13 से 20 अक्टूबर 2026 के बीच Mumbai Central, Wadala, Borivali और Andheri के चार RTO में कुल 11,090 वाहन रजिस्टर हुए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 12,216 थी। यानी इस बार 1,126 कम वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ।

हालांकि, वाहन बाजार की तस्वीर सभी कैटेगरी में एक जैसी नहीं है। दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही, जबकि कारों की मांग और त्योहारों के दौरान खरीदारी के रुझान को लेकर कुछ अहम सवाल सामने आए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी नवरात्रि के दौरान कुल वाहन रिटेल में गिरावट दर्ज हुई, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिली।

मुंबई में किस तरह के कितने वाहन रजिस्टर हुए?

चारों RTO के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 13 से 20 अक्टूबर के बीच 7,895 दोपहिया, 2,734 चारपहिया और 461 अन्य वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। अन्य वाहनों में ऑटो रिक्शा, बस, क्रेन और एम्बुलेंस जैसी कैटेगरी शामिल हैं।

इस अवधि में कुल रजिस्ट्रेशन में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी करीब 71.2% रही। चारपहिया वाहनों का हिस्सा लगभग 24.7% और अन्य वाहनों का करीब 4.2% था।

दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन में Mumbai Central सबसे आगे रहा, जहां 2,403 वाहन रजिस्टर हुए। Wadala में 2,164, Borivali में 1,862 और Andheri में 1,466 दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया गया।

चारपहिया वाहनों में भी Mumbai Central पहले स्थान पर रहा। यहां 924 कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ। Borivali में 644, Andheri में 611 और Wadala में 555 चारपहिया वाहन रजिस्टर हुए।

क्या कारों की मांग में ज्यादा गिरावट आई?

मुंबई के वाहन बाजार से उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि इस साल दोपहिया वाहनों का कुल रजिस्ट्रेशन चारपहिया वाहनों से काफी ज्यादा रहा। हालांकि, केवल इस साल की संख्या के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि पिछले साल के मुकाबले किस कैटेगरी में कितनी गिरावट आई।

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देशभर में भी वाहन रिटेल में गिरावट, EV की बिक्री बढ़ी

मुंबई के आंकड़ों के साथ राष्ट्रीय वाहन बाजार का रुझान भी महत्वपूर्ण है। FADA के प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार, 11 से 20 अक्टूबर 2026 के दौरान देशभर में करीब 11.23 लाख वाहन रिटेल हुए। यह पिछले साल की समान त्योहार अवधि के मुकाबले 6.52% कम है।

राष्ट्रीय स्तर पर दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री में 2.79% की गिरावट दर्ज हुई, जबकि यात्री वाहनों की बिक्री 21.91% कम रही। कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 1.12% की बढ़ोतरी हुई।

इसके उलट, इलेक्ट्रिक वाहनों की रिटेल बिक्री 26.78% बढ़कर 1,17,437 यूनिट पहुंच गई। इससे पता चलता है कि कुल वाहन बाजार में गिरावट के बावजूद EV सेगमेंट का रुझान अलग रहा।

पिछले साल से तुलना में त्योहारों की अवधि भी अहम

वाहन बाजार में सालाना बदलाव को समझने के लिए त्योहारों की अवधि और पिछले साल की बिक्री का आधार भी महत्वपूर्ण है। 2025 में नवरात्रि की अवधि 11 दिन थी, जबकि 2026 में संबंधित राष्ट्रीय तुलना 10 दिनों की है। पिछले साल GST 2.0 लागू होने के आसपास खरीदारी के समय में भी बदलाव आया था।

राष्ट्रीय बाजार में सितंबर 2026 के दौरान वाहन रिटेल में मजबूत सालाना बढ़ोतरी की जानकारी भी सामने आई थी। इससे स्पष्ट होता है कि किसी एक त्योहार की अवधि में आई गिरावट को पूरे साल के वाहन बाजार की कमजोरी नहीं माना जा सकता।

वाहन कंपनियों की तरफ से भी त्योहारों के दौरान बुकिंग और डिलीवरी को लेकर सकारात्मक आंकड़े सामने आए हैं। Maruti Suzuki ने गणेश चतुर्थी से दशहरे तक रिटेल बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 35% बढ़ोतरी बताई, जबकि Hyundai Motor India ने श्राद्ध और नवरात्रि के दौरान लगभग 41,000 रजिस्ट्रेशन और 30% सालाना वृद्धि की जानकारी दी। Tata Motors Passenger Vehicles ने नवरात्रि में 50,000 से अधिक वाहनों की डिलीवरी होने की बात कही।

क्या महंगाई के कारण वाहन खरीदने से बच रहे हैं लोग?

मुंबई में रजिस्ट्रेशन घटने के पीछे महंगाई को एक संभावित कारण माना जा रहा है। लेकिन उपलब्ध आंकड़ों से यह साबित नहीं होता कि ग्राहकों ने सिर्फ बढ़ती कीमतों या EMI के कारण वाहन खरीदना कम किया है।

इसके लिए वाहन ऋण की ब्याज दरों, ग्राहकों की बुकिंग, डिलीवरी में देरी, कैंसिलेशन और डीलरशिप पर मिलने वाले डिस्काउंट की जानकारी भी जरूरी होगी। त्योहारों के दौरान बुकिंग, वास्तविक डिलीवरी और RTO रजिस्ट्रेशन एक ही समय पर नहीं होते, इसलिए इन तीनों के बीच अंतर भी बिक्री के आंकड़ों को प्रभावित कर सकता है।

वाहन डीलरों के स्टॉक और छूट का राष्ट्रीय डेटा भी बाजार को समझने में मदद करता है, लेकिन उससे मुंबई की डीलरशिप की स्थिति तय नहीं की जा सकती।

फिलहाल उपलब्ध डेटा इतना जरूर बताता है कि नवरात्रि के दौरान मुंबई के चार RTO में कुल वाहन रजिस्ट्रेशन घटे, जबकि दोपहिया वाहन कुल रजिस्ट्रेशन में सबसे बड़ी कैटेगरी बने रहे। लेकिन गिरावट का सटीक कारण और कारों की मांग में वास्तविक बदलाव जानने के लिए श्रेणीवार तुलनीय आंकड़ों की जरूरत बनी हुई है।

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