मुंबई के साकीनाका में स्क्रैप गोदाम की आग में 2 लोगों की मौत, 4 घायल हुए। 60–70 व्यावसायिक इकाइयों और चॉलों पर असर, जांच जारी।
मुंबई: अंधेरी पूर्व के साकीनाका में स्क्रैप गोदाम में लगी भीषण आग में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य झुलस गए। आग 20 अक्टूबर की शाम खैरानी रोड स्थित अब्दुल राशिद कंपाउंड में लगी थी और इसे बुझाने में छह घंटे से ज्यादा समय लगा। इस घटना में 60 से 70 व्यावसायिक इकाइयों और चॉलों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। मृतकों की पहचान और आग लगने के कारण की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मुंबई फायर ब्रिगेड को मंगलवार शाम 6:18 बजे आग लगने की सूचना मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आग को लेवल-II घोषित किया गया। दमकलकर्मियों ने देर रात तक आग बुझाने का अभियान चलाया और बुधवार, 21 अक्टूबर को रात करीब 12:30 बजे आग पर काबू पाया गया।
एयरोसोल कंटेनर वाले हिस्से से मिले दो शव
आग बुझाने के बाद घटनास्थल के उस हिस्से से दो जले हुए शव बरामद किए गए, जहां एयरोसोल कंटेनर रखे हुए थे। दोनों मृतकों की पहचान की पुष्टि नहीं हुई। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेजा गया।
एयरोसोल कंटेनर की मौजूदगी के कारण गोदाम में रखी सामग्री और उसकी स्टोरेज व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि आग इन्हीं कंटेनरों के कारण लगी या आग फैलने में उनकी कोई भूमिका थी।
चार घायलों में एक की हालत क्रिटिकल
इस घटना में झुलसे चार लोगों को राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की पहचान और उनकी चोटों का विवरण इस प्रकार है:
- तौफीक शादिल कुरैशी, उम्र 20 वर्ष: लगभग 80 प्रतिशत जलने के कारण हालत क्रिटिकल बताई गई।
- जाहिद अबिदुल्ला कुरैशी, उम्र 20 वर्ष: लगभग 40 प्रतिशत जलने के कारण हालत गंभीर।
- कमाल जलालुद्दीन शाह, उम्र 47 वर्ष: लगभग 40 प्रतिशत जलने के कारण हालत गंभीर।
- लालचंद रामलखन गौतम, उम्र 40 वर्ष: लगभग 10 प्रतिशत जलने के कारण हालत स्थिर और निगरानी में।
60 से 70 व्यावसायिक इकाइयों और चॉलों पर असर
आग का असर केवल स्क्रैप गोदाम तक सीमित नहीं रहा। करीब 60 से 70 व्यावसायिक इकाइयों और चॉलों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित सामान में स्क्रैप सामग्री, कपड़ों का स्टॉक, प्लास्टिक ग्रैन्यूल, लकड़ी का फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, एयरोसोल कंटेनर, LPG सिलेंडर और मशीनरी शामिल हैं। दोपहिया वाहन और एक टेम्पो भी क्षतिग्रस्त हुए।

गोदाम का आकार लगभग 16,000 वर्गफुट बताया गया है, जबकि आग से प्रभावित क्षेत्र का अनुमान करीब 4,000 वर्गफुट दिया गया।
प्रभावित कारोबारियों को कितने रुपये का नुकसान हुआ, कितनी दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं और कितने परिवारों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह जाना पड़ा, इसका स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। वास्तविक नुकसान का आकलन होने के बाद ही आर्थिक प्रभाव की सही तस्वीर सामने आएगी।
स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की
आग लगने के दौरान स्थानीय लोगों ने भी बचाव में मदद की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले कुछ लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में सहायता की और उन्हें निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया।
आग कैसे लगी? जांच में क्या सामने आया
आग लगने का कारण और उसके शुरू होने की सही जगह अभी निर्धारित नहीं हुई है। पुलिस और दमकल विभाग की जांच जारी है।
जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि परिसर में आग से बचाव के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, भंडारण की व्यवस्था नियमों के अनुरूप थी या नहीं और संबंधित परिसर के निरीक्षण या सुरक्षा रिकॉर्ड में क्या दर्ज है। ये जांच के विषय हैं; अभी किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई है।
मृतकों की पहचान, घायलों की ताजा चिकित्सा स्थिति, आग के कारण और संपत्ति के वास्तविक नुकसान पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
