मुंबई के घाटकोपर में मुफ्त पशु चिकित्सा शिविर में 110 से अधिक पशुओं का पंजीकरण हुआ। गायों के पेट से 40-50 किलो प्लास्टिक निकलने पर महापौर ने चिंता जताई।
मुंबई: घाटकोपर में बीमार और घायल पशुओं के मुफ्त इलाज के लिए दो दिवसीय शिविर शुरू हुआ है। 21 और 22 अक्टूबर को आयोजित इस शिविर में अब तक 110 से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया गया है। यहां गंभीर बीमारियों से जूझ रहे पशुओं की सर्जरी, जांच और इलाज मुफ्त किया जा रहा है। शिविर के दौरान गायों के पेट से 40 से 50 किलो तक प्लास्टिक निकलने की जानकारी सामने आने के बाद मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने लोगों से प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील की है।
यह शिविर घाटकोपर पूर्व के आराध्य भक्ति पार्क स्थित पुलिस हॉकी मैदान में आयोजित किया गया है। राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज की प्रेरणा से बृहन्मुंबई महानगरपालिका, महाराष्ट्र सरकार के पशुपालन विभाग और अरहम युवा सेवा समूह (अरहम ऑलवेज केयर) की ओर से इसका आयोजन किया जा रहा है।
गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध
शिविर में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की देखरेख में कई गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। इनमें सींग का कैंसर, हर्निया, पेट से प्लास्टिक निकालने की सर्जरी, आंखों और पूंछ का कैंसर, शरीर में गांठ, मोतियाबिंद और हड्डियों से जुड़ी जटिल समस्याएं शामिल हैं। जरूरत के मुताबिक छोटी-बड़ी सर्जरी भी मुफ्त की जा रही है।

पशुओं को अक्टूबर की तेज गर्मी से बचाने के लिए वातानुकूलित मंडप बनाया गया है। इसमें आधुनिक ऑपरेशन कक्ष, जांच की सुविधा, सर्जरी के बाद देखभाल, रहने की जगह और चारा-पानी का इंतजाम किया गया है। बीमार और कमजोर पशुओं को इलाज के दौरान गर्मी से परेशानी न हो, इसका खास ध्यान रखा गया है।
गायों के पेट में जमा हो रहा प्लास्टिक, महापौर ने जताई चिंता
शिविर का निरीक्षण करने पहुंचीं महापौर ऋतु राजेश तावड़े ने गायों और भैंसों के पेट से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक निकलने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोग कई बार पशुओं को खाना खिलाने के लिए प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, बचा हुआ खाना भी प्लास्टिक की थैलियों में बांधकर सड़क पर फेंक दिया जाता है। भूखे पशु भोजन के साथ प्लास्टिक भी निगल जाते हैं, जिससे उनकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचता है।
शिविर में सर्जरी के दौरान गायों के पेट से 40 से 50 किलो तक प्लास्टिक निकलने की बात सामने आई है। यह स्थिति बेहद दुखद है। महापौर ने नागरिकों से अपील की कि पशुओं को खाना खिलाते समय प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल न करें और खाने के साथ प्लास्टिक कचरे में न फेंकें।
उन्होंने कहा कि बेजुबान पशु अपनी तकलीफ बता नहीं सकते, इसलिए उनकी देखभाल करना इंसानों की जिम्मेदारी है। पशुओं की जान बचाने और पर्यावरण की रक्षा के लिए मुंबई, महाराष्ट्र और पूरे देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।
बीमार या घायल पशु दिखे तो यहां करें संपर्क
महापौर ने नागरिकों से अपील की कि आसपास कोई बीमार, घायल, गांठ से पीड़ित या सर्जरी की जरूरत वाला पशु दिखाई दे तो उसकी जानकारी शिविर तक पहुंचाएं। समय पर इलाज मिलने से कई पशुओं की जान बचाई जा सकती है।

पशु के इलाज के लिए animalcamp.alwayscare.org वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है। इसके अलावा 96358 39888 हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है। शिविर 22 अक्टूबर तक चलेगा।
उद्घाटन समारोह में ये लोग रहे मौजूद
शिविर के उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज, मुंबई की महापौर ऋतु राजेश तावड़े, स्थानीय विधायक पराग शाह, बृहन्मुंबई महानगरपालिका के पशु चिकित्सा सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख डॉ. कलीमपाशा पठाण, मुंबई पशु चिकित्सा महाविद्यालय के शल्य चिकित्सा एवं क्ष-किरण विभाग के प्रमुख डॉ. गजेंद्र खांडेकर, पेट प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन ऑफ मुंबई के अध्यक्ष डॉ. अनिल वडे, महाराष्ट्र सरकार के पशुपालन विभाग के क्षेत्रीय सह आयुक्त डॉ. प्रशांत कांबले और सहायक आयुक्त डॉ. एल. डी. पवार उपस्थित थे।
महानगरपालिका की ओर से शिविर के लिए जरूरी सुविधाएं और कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे और उपायुक्त (विशेष) विनायक विसपुते के निर्देश पर यह सहयोग उपलब्ध कराया गया। उद्घाटन के बाद महापौर और अन्य अतिथियों ने शिविर का निरीक्षण कर इलाज और सर्जरी की सुविधाओं का जायजा लिया।
