मुंबई के मनोरी के पास फंसे एमटी अल जाफजिया जहाज में तांबा चोरी की कोशिश के दौरान चार लोगों की मौत हुई। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मुंबई: मलाड पश्चिम के मनोरी तट के पास चार लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला उस समय सामने आया जब 26-27 सितंबर की रात बिना चालक दल के समुद्र में फंसे एमटी अल जाफजिया जहाज पर कथित तौर पर तांबे के पाइप चोरी करने पहुंचे सात लोगों में से चार जहाज के अंदर मृत मिले। पुलिस के मुताबिक, पाइप काटने के दौरान गैस रिसाव के बाद विस्फोट होने की आशंका है। तीन बचे लोगों को गिरफ्तार कर 6 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
मनोरी के पास फंसे जहाज में कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, सात लोग एक छोटी नाव के जरिए 26 सितंबर की रात मनोरी के पास समुद्र में खड़े एमटी अल जाफजिया तक पहुंचे थे। उनके पास खाने-पीने का सामान और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण थे। इनमें से चार लोग जहाज के अंदर इंजन कक्ष की ओर गए और तांबे के पाइप काटने की कोशिश करने लगे।
इसी दौरान जहाज के भीतर विस्फोट हुआ। पुलिस को संदेह है कि पाइप काटते समय गैस का रिसाव हुआ, जिससे चार लोग बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई। पास में मौजूद विजय प्रेमनाथ संजीवा भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया था। बाद में उसके दो साथियों ने उसे जहाज से बाहर निकाला।
पुलिस को दो दिन बाद मिली घटना की जानकारी
घटना के तुरंत बाद चार लोगों के वापस नहीं लौटने से मामले की जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंची। सोमवार को विजय प्रेमनाथ संजीवा गोराई पुलिस के पास पहुंचा और अपने साथियों के जहाज से वापस नहीं लौटने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने समुद्र में फंसे जहाज की स्थिति का पता लगाने के लिए अन्य सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क किया।
जहाज के अंदर जाना जोखिम भरा था। स्थिति की जांच के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। बाद में नौसेना की मदद से जहाज के अंदर तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा उपकरणों के साथ जहाज की जांच करने के बाद इंजन कक्ष के आसपास से चार शव बरामद किए गए। शवों को जे.जे. अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम और आगे की जांच से मौत की सही वजह स्पष्ट की जानी है।
तीन आरोपियों की पहचान
पुलिस ने इस मामले में विजय प्रेमनाथ संजीवा, प्रतीक पंढरीनाथ पाटील और शिवेन शैलेश शुंडुल को गिरफ्तार किया है। तीनों को अदालत में पेश करने के बाद 6 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस चोरी की साजिश में और कौन लोग शामिल थे। पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और कथित चोरी के सामान को खरीदने वाले कबाड़ कारोबारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
मृतकों में तीन की पहचान
हादसे में मारे गए चार लोगों में से तीन की पहचान विनायक अंबावणे उर्फ वीनू, शंकर और रामचंद्र नेवेकर के रूप में हुई है। चौथे मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मृतकों में कुछ लोग कोलाबा और कुछ वसई-विरार क्षेत्र से जुड़े थे।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच से यह स्पष्ट किया जाएगा कि चारों की मौत गैस के कारण दम घुटने से हुई या विस्फोट में लगी चोटों की भी इसमें भूमिका थी। इसलिए पुलिस ने बताया, कि फिलहाल किसी खास गैस को मौत का अंतिम कारण बताना जल्दबाजी होगी।
जहाज पहले भी चोरी के निशाने पर था
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित चोरी की यह पहली कोशिश नहीं थी। पुलिस को संदेह है कि गिरोह ने पिछले दो महीनों में जहाज की रेकी की और इससे पहले कम से कम दो बार वहां से तांबे के तार, पाइप और पीतल के सामान चोरी किए।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में इन पुराने मामलों की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगा रही है कि चोरी का सामान किन लोगों को बेचा गया। एक पुलिस जांच में चोरी की सामग्री को कबाड़ कारोबारियों तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है, हालांकि चोरी की कुल रकम को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है और इसकी पुष्टि जांच से होनी बाकी है।
चार महीने से समुद्र में फंसा था जहाज
एमटी अल जाफजिया निकारागुआ के झंडे वाला बिना चालक दल का व्यापारी टैंकर है। जुलाई में खराब मौसम के दौरान इसकी एंकर चेन टूट गई थी और जहाज मनोरी द्वीप के पास बहकर आ गया था। जहाज समुद्र में तट से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर फंसा हुआ था।
जून में जारी आधिकारिक नौवहन चेतावनी में भी एमटी अल जाफजिया सहित तीन जहाजों को मुंबई के पास बिना चालक दल के खड़े जहाजों के रूप में दर्ज किया गया था और अन्य समुद्री जहाजों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई थी।
जहाज का पुराना मामला भी जांच के घेरे में
एमटी अल जाफजिया का नाम इससे पहले भी एक अलग समुद्री जांच में सामने आ चुका है। फरवरी 2026 में भारतीय तटरक्षक बल ने इसे दो अन्य जहाजों के साथ मुंबई से करीब 100 समुद्री मील दूर संदिग्ध गतिविधियों के मामले में रोका था।
येलो गेट पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, एमटी अल जाफजिया से जुड़े जहाज-से-जहाज ईंधन हस्तांतरण की जांच की गई थी। प्राथमिकी में 30 मीट्रिक टन भारी ईंधन तेल के हस्तांतरण का भी उल्लेख है। इस मामले में जहाज के मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ जांच शुरू की गई थी।
मई में 50 नाविकों का मामला भी सामने आया था
इसी मामले से जुड़े तीन जहाजों पर करीब 50 भारतीय नाविक लंबे समय तक फंसे रहे थे। मई में बंबई उच्च न्यायालय के सामने यह मामला पहुंचा। भारतीय तटरक्षक बल ने अदालत को बताया था कि यदि जहाजों को बिना चालक दल या निगरानी के छोड़ दिया गया तो इससे राष्ट्रीय सुरक्षा, नौवहन, पर्यावरण और समुद्री सुरक्षा से जुड़े खतरे पैदा हो सकते हैं।
अदालत के हस्तक्षेप के बाद इन नाविकों को जहाजों से उतारकर सुरक्षित रूप से वापस भेजने की कार्रवाई की गई। इसके बाद एमटी अल जाफजिया को गुजरात के अलंग ले जाने की अनुमति भी दी गई थी, जरूरी मंजूरियों के अधीन।
अब जांच का अगला फोकस क्या है
गोराई पुलिस अब इस मामले में तीन गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि जहाज पर पहले हुई कथित चोरियों में कौन-कौन शामिल था, चोरी का सामान किसे बेचा गया और 26-27 सितंबर की रात जहाज के अंदर पाइप काटने के दौरान वास्तव में क्या हुआ।
साथ ही गैस रिसाव और विस्फोट की सही वजह, चौथे मृतक की पहचान और जहाज की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद चारों मौतों का सटीक कारण और घटनाक्रम और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
