गुजरात के अरावली में करीब 500 किलो पोशडोडा (अफीम की भूसी) और दो माउजर पिस्तौल बरामद हुईं। फायरिंग में एक आरोपी घायल हुआ, जबकि तीन पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए।
गुजरात: अरावली जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और संदिग्ध तस्करों के बीच फायरिंग हो गई। मालपुर क्षेत्र के मोरडूंगरी के पास तड़के करीब तीन बजे हुई कार्रवाई में करीब 500 किलो पोशडोडा (अफीम की भूसी) और दो माउजर पिस्तौल बरामद की गईं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए भेजा गया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
वाहन रोकने पर शुरू हुई फायरिंग
स्थानीय क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से राजस्थान की ओर पोशडोडा (अफीम की भूसी) की खेप ले जाई जा रही है। निगरानी के दौरान संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, वाहन में सवार लोगों ने इस दौरान दो राउंड फायर किए, जिसके बाद टीम ने जवाबी कार्रवाई की।
घायल आरोपी की पहचान राजाराम बिश्नोई के रूप में हुई है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस ने मौके से दो माउजर पिस्तौल और अन्य सामग्री जब्त की है।
कार्रवाई में LCB PI एम.एच. झाला, PSI पी.पी. सोलंकी और ASI कल्पेश सिंह घायल हुए। उनकी चोटों की विस्तृत स्थिति की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
10 दिन में दूसरी बार ड्रग तस्करी के दौरान फायरिंग
अरावली में यह घटना करीब 10 दिन के भीतर ऐसी दूसरी कार्रवाई है, जिसमें मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के दौरान पुलिस को फायरिंग का सामना करना पड़ा।
22 सितंबर को धंसूरा तालुका के शिनोल के पास पुलिस ने एक स्कॉर्पियो से 278.77 किलो पोशडोडा बरामद किया था। उस मामले में दो संदिग्ध फरार हो गए थे। वाहन से मोबाइल फोन, मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और अलग-अलग नंबर प्लेट भी मिली थीं। जब्त सामग्री और वाहन की कुल अनुमानित कीमत करीब 50.10 लाख रुपये बताई गई थी।
उस जांच में पुलिस को मंदसौर, मध्य प्रदेश से सांचौर, राजस्थान तक पोशडोडा पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जानकारी मिली थी। 2 अक्टूबर की कार्रवाई में भी खेप के स्रोत और संभावित गंतव्य की जांच इसी वजह से महत्वपूर्ण हो गई है।
2025 में भी सामने आया था ऐसा मामला
अरावली के मालपुर क्षेत्र में इससे पहले अगस्त 2025 में करीब 437 किलो पोशडोडा पकड़ा गया था। उस कार्रवाई में भी पुलिस के पीछा करने के दौरान फायरिंग हुई थी। एक आरोपी गिरफ्तार हुआ था, जबकि दूसरा भाग निकला था। जांच में मंदसौर से गुजरात होते हुए राजस्थान तक खेप पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
500 किलो की बरामदगी का कानूनी महत्व
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अनुसार पोशडोडा की छोटी मात्रा एक किलोग्राम और कॉमर्शियल मात्रा 50 किलोग्राम है। ऐसे में करीब 500 किलो की बरामदगी कॉमर्शियल मात्रा की सीमा से लगभग दस गुना है।
NDPS Act की धारा 15 के तहत कमर्शियल मात्रा वाले पोशडोडा के अपराध में 10 से 20 वर्ष तक के कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में बरामदगी और अन्य साक्ष्यों की पुष्टि पर निर्भर करेगी।
अब जांच में किन कड़ियों की तलाश
पुलिस की जांच अब फरार आरोपी की तलाश के साथ हथियारों के स्रोत और पोशडोडा की सप्लाई चेन तक पहुंचने पर केंद्रित है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि खेप मध्य प्रदेश में कहां से चली, गुजरात के रास्ते किस नेटवर्क ने इसे आगे बढ़ाया और राजस्थान में इसका अंतिम प्राप्तकर्ता कौन था।
जांच में 22 सितंबर की बरामदगी और पुराने मामलों से कोई सीधा संबंध सामने आता है या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल एक आरोपी गिरफ्तार है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
