फ्लाईदुबई की उड़ान में हमले के बाद घायल कैप्टन स्मित मच्छर की ताबुक में सर्जरी हुई और अब उन्हें आगे के इलाज के लिए दुबई लाया गया है।
मुंबई: घाटकोपर से ताल्लुक रखने वाले फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छर को उड़ान के दौरान सह-पायलट के हमले में गंभीर चोट लगने के बाद ताबुक में आपात शल्य-चिकित्सा कराई गई। अब उन्हें आगे के इलाज के लिए दुबई ले जाया गया है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई गई थी। परिवार भी दुबई पहुंच चुका है और भारतीय राजनयिक अधिकारी लगातार उनके संपर्क में हैं।
यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई। विमान में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने विमान को बचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कैसे बची सैकड़ों यात्रियों की जान
हमले के बाद विमान में अचानक गंभीर आपात स्थिति पैदा हो गई। विमान तेजी से लगभग 14 हजार फुट नीचे आया। इसी दौरान आपातकालीन संकेत जारी किए गए और विमान का मार्ग बदलकर सऊदी अरब के ताबुक हवाई अड्डे की ओर किया गया।
हमले में घायल कैप्टन स्मित ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट में प्रवेश कर हमलावर सह-पायलट को काबू किया।
विमान में मौजूद कुछ अन्य पायलटों ने भी स्थिति संभालने में मदद की। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से ताबुक हवाई अड्डे पर उतारा गया। इस घटनाक्रम में कैप्टन स्मित की भूमिका को यात्रियों की जान बचाने में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैप्टन स्मित को पहले ताबुक में इलाज मिला
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित को ताबुक के अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी आपात शल्य-चिकित्सा की गई। इसके बाद उनकी बेहतर चिकित्सा के लिए उन्हें दुबई ले जाया गया है।
भारतीय दूतावास और सऊदी अरब में भारतीय अधिकारियों ने उनके परिवार के साथ संपर्क बनाए रखा। भारतीय राजदूत दीपक मित्तल और महावाणिज्यदूत विष्णु वर्धन रेड्डी ने भी परिवार से मुलाकात की।
मुंबई में परिवार और पड़ोसियों की नजर अस्पताल पर
कैप्टन स्मित का परिवार मुंबई के घाटकोपर में रहता है। उनके परिवार के लोग और पुराने परिचित इस घटना के बाद लगातार उनकी सेहत की जानकारी ले रहे हैं।
उनके पड़ोसियों डॉ. जिनित शाह, अशोक मकवाना और लक्ष्मीकांत जोशी ने स्मित को शांत और जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में याद किया। उनके बचपन के मित्र प्रतीक गांधी भी परिवार के संपर्क में रहे। अक्षय दोशी समेत परिचितों ने परिवार को हवाई अड्डे तक पहुंचाने में मदद की।

घाटकोपर स्थित उनके घर के बाहर भी स्थानीय लोगों ने उनके लिए प्रार्थना की। कई लोगों ने भारतीय तिरंगे और उनकी तस्वीरों के साथ उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छर
स्मित मच्छर का संबंध मुंबई के घाटकोपर से है। उन्होंने न्यूजीलैंड में विमान उड़ाने का प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद उन्होंने स्पाइसजेट में करीब एक दशक तक काम किया। वर्ष 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े।
वह बोइंग 737 विमान उड़ाते हैं और उनके पास हजारों घंटे का उड़ान अनुभव है। अलग-अलग उपलब्ध जानकारियों में उनके उड़ान अनुभव को करीब 9,750 घंटे से लेकर लगभग 10 हजार घंटे तक बताया गया है।
परिवार के मुताबिक, कम उम्र में एक विमानन संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद स्मित ने विमान चालक बनने का फैसला किया था। शुरुआत में उनके परिवार को इस पेशे को लेकर चिंता थी, लेकिन उन्होंने विमानन क्षेत्र में अपना करियर बनाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया ‘हीरो’
कैप्टन स्मित की बहादुरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्मित को ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके साहस और दृढ़ संकल्प ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी स्मित के लिए ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ देने और 25 लाख रुपये की सम्मान राशि की घोषणा की है।
सिर्फ कैप्टन स्मित ही नहीं, यात्रियों ने भी संभाला मोर्चा
इस घटना में कैप्टन स्मित के साथ विमान में मौजूद कई यात्रियों ने भी अहम भूमिका निभाई। कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने वाले कुछ यात्रियों को इजरायल में नागरिक वीरता सम्मान के लिए नामित किए जाने की बात सामने आई है।
यानी विमान को सुरक्षित उतारने की पूरी प्रक्रिया में केवल चालक दल ही नहीं, बल्कि यात्रियों और अन्य प्रशिक्षित पायलटों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
जांच में अभी कई सवालों के जवाब बाकी
संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने इस घटना को सुरक्षा संबंधी घटना बताया है। उसके अनुसार कुछ चालक दल के सदस्य घायल हुए और उन्हें सऊदी अरब के अस्पताल ले जाया गया।
संयुक्त अरब अमीरात के लोक अभियोजन ने घटना की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। जांच में हमले के कारण, उद्देश्य, संभावित पूर्व योजना और किसी आतंकी गतिविधि से संबंध जैसे पहलुओं को देखा जा रहा है। इन बिंदुओं पर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
अधिकारियों ने बिना पुष्टि वाली जानकारी फैलाने और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की है।
फ्लाईदुबई और तेल अवीव उड़ानों पर भी असर
घटना के बाद इजरायल से जुड़ी फ्लाईदुबई की उड़ानों पर भी असर पड़ा है। अमीरात ने फ्लाईदुबई के साथ तेल अवीव आने-जाने वाली कोडशेयर सेवाओं को अगले आदेश तक रोक दिया है। इससे इस मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी प्रभावित होना पड़ा है।
सोशल मीडिया पर भी सावधानी जरूरी
घटना के बाद कैप्टन स्मित के नाम से सोशल मीडिया पर कुछ खाते और संदेश सामने आए हैं। इनमें से किसी खाते को कैप्टन स्मित द्वारा संचालित किए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए ऐसे संदेशों को उनके आधिकारिक बयान के रूप में मानना उचित नहीं होगा।
फिलहाल सबसे अहम जानकारी यही है कि कैप्टन स्मित ताबुक में आपात इलाज के बाद दुबई पहुंच चुके हैं और आगे का उपचार जारी है। उनके परिवार और भारतीय अधिकारी उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं विमान में हुए हमले के कारण और सह-पायलट के उद्देश्य को लेकर जांच जारी है।
