मुंबई के मुलुंड में Snapchat और सोशल मीडिया के जरिए महिला को निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने के आरोप में 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार।
मुंबई: मुलुंड में सोशल मीडिया के जरिए एक महिला को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगने के मामले में पुलिस ने पंजाब से 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान Satnam Mandeep Singh के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, महिला द्वारा आगे की मांग मानने से इनकार करने के बाद आरोपी ने उसका एक वीडियो उसके रिश्तेदारों और अन्य लोगों को भेज दिया।
मुलुंड पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से महिला से संपर्क किया और धीरे-धीरे उसके साथ परिचय बढ़ाया। इसके बाद उसके पास मौजूद महिला के निजी फोटो और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसों की मांग की गई। मामला तब गंभीर हो गया जब महिला ने आरोपी की आगे की मांग पूरी करने से इनकार कर दिया और कथित तौर पर उसने वीडियो दूसरे लोगों तक पहुंचा दिया।
इसके बाद महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की पहचान और लोकेशन का पता लगाया गया, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पंजाब तक पहुंची और Satnam Mandeep Singh को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी पर BNS और IT Act की धाराएं
मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) और 351(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(E) और 67(A) के तहत कार्रवाई की गई है।
इन धाराओं में कथित जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, निजता के उल्लंघन और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील या यौन रूप से स्पष्ट सामग्री के प्रसारण से जुड़े अपराध शामिल हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी ने महिला से कुल कितनी रकम मांगी थी या अब तक कितनी रकम हासिल की गई थी। इसी तरह आरोपी ने महिला के निजी फोटो और वीडियो किस माध्यम से हासिल किए, इसकी पूरी जानकारी भी सामने नहीं आई है। इन पहलुओं की जांच का परिणाम आगे की पुलिस कार्रवाई में स्पष्ट हो सकता है।
निजी फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करने का खतरा
मुलुंड का यह मामला उस साइबर अपराध के पैटर्न को सामने लाता है जिसमें किसी व्यक्ति की निजी या संवेदनशील तस्वीरों और वीडियो को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे मामलों में आरोपी अक्सर सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे या दूसरी मांगें पूरी कराने की कोशिश करता है।
मुंबई और आसपास के इलाकों में हाल के महीनों में निजी डिजिटल सामग्री का इस्तेमाल कर कथित ब्लैकमेल और उगाही के अलग-अलग मामले सामने आए हैं। अगस्त 2026 में एक अलग मामले में मुंबई की 35 वर्षीय महिला पर ठाणे के एक व्यक्ति से निजी फोटो-वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर कथित तौर पर करीब 1.39 करोड़ रुपये की उगाही करने का मामला दर्ज हुआ था।
सितंबर 2026 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक अन्य कथित सेक्सटॉर्शन मामले में 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। उस मामले में निजी WhatsApp चैट सार्वजनिक करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर 64 लाख रुपये लेने का आरोप है। यह मुलुंड मामले से अलग घटना है और दोनों मामलों को एक ही नेटवर्क से जोड़ने की कोई पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अगर निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी मिले तो क्या करें?
ऐसी स्थिति में सबसे पहले आरोपी की धमकी के दबाव में आकर चैट या अन्य डिजिटल सबूत मिटाने से बचना चाहिए। बातचीत के स्क्रीनशॉट, आरोपी का मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया प्रोफाइल या यूजरनेम, वीडियो या फोटो, संबंधित URL और अगर कोई ऑनलाइन भुगतान हुआ है तो उसकी रसीद या बैंक रिकॉर्ड सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन अपराध की शिकायत दर्ज की जा सकती है। पोर्टल के अनुसार शिकायत के दौरान चैट, स्क्रीनशॉट, वीडियो, फोटो, URL और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड जैसे साक्ष्य उपयोगी हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर मौजूद आपत्तिजनक सामग्री को संबंधित प्लेटफॉर्म पर भी रिपोर्ट किया जा सकता है।
अगर मामला आर्थिक साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन पैसे के तत्काल ट्रांसफर से जुड़ा हो तो साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के जरिए भी सहायता ली जा सकती है।
जांच में आगे क्या सामने आ सकता है?
मुलुंड पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का अगला महत्वपूर्ण हिस्सा यह हो सकता है कि आरोपी ने महिला के निजी कंटेंट का इस्तेमाल किस तरह किया, क्या उसके पास अन्य लोगों की ऐसी सामग्री भी थी और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में ऐसे किसी अतिरिक्त आरोपी या दूसरे पीड़ित की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की जांच के साथ यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपी ने महिला से कितनी रकम की मांग की थी, कोई भुगतान हुआ था या नहीं और निजी वीडियो कितने लोगों तक भेजा गया। इन तथ्यों की पुष्टि होने के बाद मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल मुलुंड पुलिस की कार्रवाई ने एक महत्वपूर्ण बात सामने रखी है। निजी फोटो या वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर दबाव बनाने वाला व्यक्ति सोशल मीडिया के पीछे छिपा हो, तब भी तकनीकी जांच के जरिए उसकी पहचान और लोकेशन तक पहुंचा जा सकता है।
